एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आयुर्वेद चिकित्सक राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम/ एनएचएम) योजना के तहत एलोपैथिक मेडिकल और दंत चिकित्सा अधिकारियों के बराबर वेतन के हकदार हैं। उत्तराखंड हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए 24 मार्च को जस्टिस विनीत सरन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों और एलोपैथिक, दंत चिकित्सा अधिकारियों के बीच फर्क करने के लिए कोई स्पष्ट अंतर नहीं है। एक जैसे पद वाले अधिकारियों के बीच भेदभाव का कोई औचित्य नहीं है। गौरतलब हो कि उत्तराखंड सरकार ने एनआरएचएम के तहत एलोपैथिक, डेंटल, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया था। उनके वेतन में काफी अंतर था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। गोवा के मनोनीत मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत कल यानी सोमवार को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले रविवार को सावंत ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्रियों समेत भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में पहली बार धर्म गुरू भी मौजूद होंगे। बता दें कि शनिवार को प्रमोद सावंत ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह 28 मार्च को पणजी के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में सुबह 11 बजे शुरू होगा। उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपने सुना होगा कि भारत ने पिछले सप्ताह 400 बिलियन डॉलर यानि 30 लाख करोड़ रुपये की एक्सपोर्ट का टारगेट हासिल किया है। पहली बार सुनने में लगता है कि ये अर्थव्यवस्था से जुड़ी बात है, लेकिन यह अर्थव्यवस्था से भी ज्यादा, भारत के सामर्थ्य, भारत के potential से जुड़ी बात है। मन की बात कार्यक्रम में देश की जनता से रू-ब-रू होते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश, विराट कदम तब उठाता है जब सपनों से बड़े संकल्प होते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब संकल्पों के लिये दिन-रात ईमानदारी से प्रयास होता है, तो वो संकल्प, सिद्ध भी होते हैं, और आप देखिये, किसी व्यक्ति के जीवन में भी तो ऐसा ही होता है। पीएम मोदी ने कहा कि एक समय में भारत से एक्सपोर्ट का आंकड़ा कभी 100 बिलियन, कभी डेढ़-सौ बिलियन, कभी 200 बिलियन तक हुआ करता था, अब आज, भारत 400 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। भारत के आयुष स्टाटर्अप जल्द ही दुनिया भर में छा जाएंगे : प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि देश के आयुष स्टाटर्अप बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद के साथ जल्द ही दुनिया भर में छा जाएंगे। पीएम मोदी ने आकाशवाणी पर मन की बात कार्यक्रम में कहा कि आयुष स्टाटर्अप में एक स्टाटर्अप है, कपिवा। यह स्टाटर्अप हमारी परम्पराओं के मुताबिक हेल्थी ईिंटग हैबिट पर आधारित है। एक और स्टाटर्अप, निरोग-स्ट्रीट भी है। इसका तकनीक आधारित प्लेटफार्म, दुनिया-भर के आयुर्वेदिक डॉक्टर को सीधे लोगों से जोड़ता है। पचास हजार से अधिक प्रैक्टिशनर इससे जुड़े हुए हैं। इसी तरह, इक्जोरियल ने न केवल अश्वगंधा के उपयोग को लेकर जागरूकता फैलाई है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पर भी बड़ी मात्रा में निवेश किया है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा उद्यमियों और भारत में बन रही नई संभावनाओं का प्रतीक है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार को अपने सभी कर्मचारियों को 28 और 29 मार्च को 48 घंटे की देशव्यापी हड़ताल के दौरान ड्यूटी पर आने को कहा और ऐसा नहीं किये जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार (जो अपनी आधिकारिक नीति के रूप में बंद का विरोध करती रही है) ने कहा कि बीमारी या परिवार में मृत्यु जैसी आपात स्थितियों को छोड़कर कर्मचारियों को कोई आकस्मिक अवकाश नहीं दिया जाएगा। वाममोर्चा, कांग्रेस से संबंधित श्रमिक संघों समेत कई संघों ने केंद्र की आर्थिक नीतियों के खिलाफ दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। हालांकि इनमें भारतीय जनता पार्टी और टीएमसी से संबंधित श्रमिक संघ शामिल नहीं है। राज्य सचिवालय से जारी अधिसूचना में प्रमुख सचिव मनोज पंत ने कहा कि कोई भी कर्मचारी बिना अनुमति के इन दो दिनों या किसी अन्य दिन अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सभी कर्मचारी ड्यूटी पर आयेंगे : अधिसूचना में कहा गया है, 28 और 29 मार्च, 2022 को 48 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए विभिन्न ट्रेड यूनियनों और अन्य लोगों द्वारा दिए गए आह्वान के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है कि सभी राज्य सरकार के कार्यालय खुले रहेंगे और सभी कर्मचारी उन दिनों ड्यूटी पर आयेंगे। इसमें कहा गया है, यह निर्णय लिया गया है कि उपरोक्त तारीखों पर किसी भी कर्मचारी को कोई आकस्मिक छुट्टी या कोई अन्य कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी। अधिसूचना में कहा गया है कि कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें कहा गया है कि इस आदेश के संबंध में सभी कार्रवाई 13 अप्रैल तक पूरी की जानी चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसके पांच शहरों में मेट्रो ट्रेन दौड़ रही है। सूबे को जल्द ही बुलेट ट्रेन की सौगात भी मिल सकती है। दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के 2029 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। 11 फरवरी को राज्यसभा में रेल मंत्री ने बताया कि दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर समेत देशभर में 7 कॉरिडोर पर सर्वे कराकर और डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराया जाएगा। सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि दिल्ली-वाराणसी रूट पर कुल 13 स्टेशन होंगे। इनमें से 12 स्टेशन उत्तर प्रदेश में होंगे, जबकि 13वां दिल्ली में अंडरग्राउंड होगा। क्या होगी स्पीड : 813 किलोमीटर लंबे रूट पर 330 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन दोड़ेगी। वाराणसी से दिल्ली के बीच जहां अभी ट्रेनों को लगभग 10-12 घंटे लग जाते हैं, वहीं बुलेट ट्रेन से यह सफर महज 3 घंटे 33 मिनट में पूरा हो जाएगा। अंडरग्राउंड स्टेशन के लिए 15 किलोमीटर का सुरंग भी बनाया जाएगा। कहां-कहां स्टेशन : सफर की शुरूआत दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन से शुरू होगी तो पहला स्टेशन नोएडा सेक्टर 146 में होगा। इसके बाद ट्रेन जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, भदोही होते हुए मंडुवाडीह (वाराणसी) पहुंचेगी। लखनऊ में अवध क्रॉसिंग स्टेशन से एयरपोर्ट 4.5 किलोमीटर दूर और चारबाग रेलवे स्टेशन 5 किलोमीटर दूर होगा। हर दिन कितनी ट्रेनें प्लान के मुताबिक, इस रूट पर वाराणसी से हर 47 मिनट पर एक ट्रेन दिल्ली के लिए रवाना होगी। दिनभर में कुल 18 ट्रेनें यहां से रवाना होंगी। सुबह 6 बजे से आधी रात तक बुलेट ट्रेन मिलेगी। अवध कॉसिंग पर हर दिन करीब 43 ट्रेनें पहुंचेंगी, जिनके बीच औसतन 22 मिनट का गैप होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आने वाले दो सालों में कोरोना का एक और वैरिएंट सामने आ सकता है। यह वैरिएंट ओमिक्रॉन से भी ज्यादा खतरनाक होगा और भारी तबाही मचा सकता है। इंग्लैंड के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और महामारी एक्सपर्ट क्रिस व्हिटी ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस हमें चौंका सकता है। क्रिस व्हिटी ने एक इंटरव्यू में कहा कि, कोरोना के खिलाफ जंग में हम सभी को अभी एक लंबा सफर तय करना है। क्योंकि आने वाले समय में यह वायरस हमें अपने वैरिएंट को लेकर लगातार चौंकाता रहेगा। उन्होंने कहा कि, कोरोना वायरस जिंदगी भर बना रह सकता है और आने वाले समय में यह एक सामान्य फ्लू की तरह हो सकता है। नया वैरिएंट बन सकता है मुसीबत : व्हिटी ने कहा कि, आने वाले दो सालों में नया वैरिएंट ओमिक्रॉन से भी ज्यादा मुसीबत पैदा कर सकता है। यह वैरिएंट किभी भी मुकाबले में कमजोर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि, यह बात पूरी तरह गलत है कि कोरोना वायरस अपने अंत की ओर है और दुनिया में यह अब सामान्य स्थिति की ओर पहुंच रहा है। क्योंकि नया वैरिएंट कभी भी आ सकता है और हमें इसके जोखिम के बारे में दोबारा सोचना पड़ेगा। तीन में से एक की हो सकती है मौत : ब्रिटेन के एक्सपर्ट का कहना है कि नया वैरिएंट तीन में से एक मौत का जिम्मेदार हो सकता है। ऐसा इसलिए है कि ओमिक्रॉन वायरस वंश के एक अलग हिस्से से विकसित हुआ था, लेकिन इस बात की संभावना बिल्कुल नहीं है कि अगला वैरिएंट ओमिक्रॉन से ही विकसित होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चार महीने तक ईंधन की कीमतें स्थिर रहने के बाद मंगलवार को कीमतों में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी होनी शुरू हुई। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस लगातार बढ़ती हुई कीमतों की वजह क्या है? यह सवाल केंद्रीय सड़क परिवहन और महामार्ग मंत्री नितिन से पूछा गया। नितिन गडकरी ने इसका जवाब दिया। ईंधन की दर दिन-ब-दिन आउट ऑफ कंट्रोल होता जा रहा है। लगातार पांचवे दिन पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं। इन पांच दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम चार बार बढ़ाए गए हैं। शनिवार (26 मार्च) को भी ईंधन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की है। शनिवार को पेट्रोल-डीजल के दामों में 80 पैसों की बढ़ोत्तरी हई है। इस तरह पिछले पांच दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम करीब 3 रुपए 20 पैसे तक दाम बढ़ चुके हैं। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की बात करें तो यहां पेट्रोल के दाम 84 पैसे तो डीजल के दाम 85 पैसे बढ़े। इस तरह मुंबई में शनिवार को पेट्रोल की कीमत 112.51 रुपए प्रति लीटर से बढ़ कर 113.35 रुपए प्रति लीटर हो गई। इसी तरह डीजल की कीमत 96.70 रुपए से बढ़ कर 97.55 रुपए प्रति लीटर हो गया। इस तरह दिल्ली की बात छोड़ दें तो लगभग सभी महानगरों में पेट्रोल का दाम 100 रुपए को क्रॉस कर चुका है। दिल्ली में शनिवार को पेट्रोल की कीमत 98.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल की दर 89.87 रुपए प्रति लीटर हो गई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस बेतहाशा होती हुई बढ़ोत्तरी की वजह से आम आदमी की जेब पर काफी बोझ बढ़ा है। चार महीने तक ईंधन की कीमतें स्थिर रहने के बाद मंगलवार को कीमतों में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी होनी शुरू हुई। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस लगातार बढ़ती हुई कीमतों की वजह क्या है? यह सवाल केंद्रीय सड़क परिवहन और महामार्ग मंत्री नितिन गडकरी से पूछा गया। नितिन गडकरी ने इसका जवाब दिया। पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोज क्यों बढ़ रही? इस सवाल के जवाब में बोले गडकरी : नितिन गडकरी ने कहा, भारत में 80 फीसदी तेल आयात किया जाता है। इस वक्त रशिया और यूक्रेन का युद्ध शुरू है। इस युद्ध का असर कई देशों पर हो रहा है। युद्ध के काल में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से हम कुछ नहीं कर सकते। ईंधन की कीमतें बढ़ने का टेंशन होगा कम, हर पांच किलोमीटर पर बन रहे हैं चार्जिंग स्टेशन : 19 मार्च 2022 तक देश में 10 लाख 60 हजार 707 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। यह जानकारी सड़क परिवहन और हाइवे मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में दी। एक सवाल के जवाब में नितिन गडकरी ने कहा, ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियंसी के मुताबिक 21 मार्च 2022 तक देश में 1742 सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन कार्यरत हो चुके हैं। देश के अहम महामार्गों पर 5 किलोमीटर के अंतर पर चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम किया जा रहा है। जब ज्यादातर लोग इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने शुरू कर देंगे तो बहुत हद तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी का असर कम हो जाएगा। यह वजह है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता दिखाई जा रही है। सरकार की ओर से इसे बढ़ावा देने के लिए जोर दिया जा रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने तीन राष्ट्रीय सचिवों उमंग सिंघार, वीरेंद्र सिंह राठौर और बीएम संदीप को उनके उत्तरदायित्व से मुक्त करके गुजरात की जिम्मेदारी सौंप दी है। पार्टी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ये तीनों सचिव अब कांग्रेस के गुजरात प्रभारी रघु शर्मा के साथ काम करेंगे। सिंघार अब तक झारखंड, राठौर बिहार और संदीप महाराष्ट्र में पार्टी प्रभारियों के साथ काम कर रहे थे। कांग्रेस ने गुजरात के लिए रामकिशन ओझा के तौर पर एक और सचिव की नियुक्ति की है। वह भी रघु शर्मा के साथ प्रदेश में काम करेंगे। पार्टी ने गुजरात में काम कर रहे अपने दो सचिवों जितेंद्र बघेल और बिश्वरंजन मोहंती को उनके उत्तरदायित्व से मुक्त किया है। गुजरात में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होना है।
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