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Published / 2022-04-29 12:40:10
657 पैसेंजर ट्रेनों को रद कर बिजली संकट से मुक्ति पाने की तैयारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देशभर में गर्मी का कहर जारी है। शुक्रवार को देश के विभिन्न हिस्सों में पारा 45 डिग्री के पार जा पहुंचा। ऐसे में बिजली कटौती जनता के लिए परेशानी का सबब बन गई है। देश के 16 राज्यों में बिजली संकट गहराया हुआ है। 8-10 घंटे के कट लग रहे हैं। यूपी, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु समेत कई राज्यों को कोयले की कमी के चलते भारी बिजली संकट से भी गुजरना पड़ रहा है। इसी बीच यूपी में बिजली आपूर्ति बनाए रखने में मदद के लिए केंद्र सरकार ने 657 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि इन गाड़ियों को इसलिए रद्द किया गया, ताकि थर्मल पावर स्टेशनों के लिए सप्लाई किए जा रहे कोयले से लदी माल गाड़ियों को आसानी से रास्ता प्रदान किया जा सके और समय से कोयला पहुंच सके। दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत देश के 13 राज्य बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके अलावा कोयले की कमी के चलते भी कई राज्यों में बिजली संकट पैदा हुआ है। उधर, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, झारखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान में भी बिजली कटौती के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोयला संकट पर क्या बोले मंत्री प्रह्लाद जोशी : देश के बिजली संकट पर केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, रूस से गैस की आपूर्ति ठप हो गई है। हालांकि, थर्मल पावर प्लांट में 21 मिलियन टन कोयले का स्टॉक है। जो दस दिन के लिए काफी है। कोल इंडिया को मिलाकर भारत के पास कुल 30 लाख टन का स्टॉक है। ये 70 से 80 दिन का स्टॉक है। हालांकि, वर्तमान स्थिति स्थिर है। उन्होंने कहा, वर्तमान में, 2.5 बिलियन यूनिट की दैनिक खपत के मुकाबले लगभग 3.5 बिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। हालांकि, पिछले दिनों में गर्मी के साथ साथ बिजली की मांग भी बढ़ी है। हमारे पास 10-12 दिनों का कोयला स्टॉक है। हालांकि, उसके बाद भी पावर प्लांट बंद होने की कोई संभावना नहीं है।

Published / 2022-04-28 15:42:53
असम दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी ने AFSPA को लेकर किया आकर्षक ऐलान

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र से आफस्पा को पूरी तरह हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां एक शांति, एकता और विकास रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में पिछले आठ वर्षों में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में सुधार आने के बाद हटाया जा सका है। उन्होंने कहा, क्षेत्र में हिंसा में 75 फीसदी की कमी आने के साथ कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में सुधार आने पर कानूनों को लागू करने में बदलाव आया है। आफस्पा सबसे पहले त्रिपुरा में और फिर मेघालय में हटाया गया। मोदी ने कहा कि असम में पिछली सरकारों ने गत तीन दशकों में इसे बार-बार बढ़ाया क्योंकि कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया था। उन्होंने कहा, पिछले आठ वर्षों में स्थिति पर उचित नियंत्रण के कारण आफस्पा को राज्य के ज्यादातर हिस्सों से हटा दिया गया है। हम बाकी के हिस्सों से भी इसे हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, यह कानून नगालैंड और मणिपुर के कुछ इलाकों में लागू है और हम इसे पूरी तरह हटाने पर तेजी से काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि केंद्र ने नगालैंड, असम और मणिपुर में आफस्पा के तहत आने वाले प्रभावित इलाकों को दशकों बाद एक अप्रैल से कम करने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की "डबल इंजन" सरकार का प्रभाव असम में स्थायी शांति और तेज गति से विकास के लौटने से दिखायी देता है। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता "डबल इंजन" शब्द का इस्तेमाल पार्टी के केंद्र के साथ ही राज्य में भी सत्ता में रहने पर करते हैं। मोदी ने कहा कि सरकार ने असम के कार्बी आंगलोंग और त्रिपुरा में शांति समझौते किए हैं जबकि पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति लाने एवं तेज गति से विकास करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, कार्बी आंगलोंग के कई संगठन शांति एवं विकास के रास्ते पर आगे चलने के लिए मुख्यधारा में लौट आए हैं। 2020 में बोडो समझौते ने क्षेत्र अैर त्रिपुरा में शांति का मार्ग प्रशस्त किया, एनएलएफटी भी शांति के लिए आगे आया है जबकि ढाई दशक पुराना ब्रु-रियांग मुद्दा हल कर लिया गया है।

Published / 2022-04-28 15:38:19
देश में कोयला संकट नहीं, अर्थव्यवस्था पटरी पर आने से बढ़ी बिजली की मांग : प्रह्लाद जोशी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड मंत्रालय में केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, खान सचिव, कोल कंपनी के अधिकारी शामिल रहे। बैठक के बाद केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि देश में कोयला का संकट नहीं है। अर्थव्यवस्था पटरी पर आने से बिजली की डिमांड बढ़ गयी है। उन्होंने बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि राजमहल और हुर्रासी परियोजना के लंबित मामलों पर चर्चा हुई है। विस्थापन-पुनर्वास और भूमि अधिग्रहण सहित अन्य समस्याओं पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। राज्य सरकार ने इस दौरान कई मांग रखी, जिसे मान लिया गया। बैठक में सकारात्मक चर्चा के बाद ये उम्मीद है कि दोनों माइंस से बहुत जल्द उत्पादन शुरू हो जाएगा। केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि राज्य सरकार से जो भी वायदा किया था, उसे पूरा किया है। इससे पहले राज्य सरकार के साथ जो बैठक हुई थी वो भी सकारात्मक थी। कई तरह की परेशानियां होती है, एक दिन में इसका समाधान संभव नहीं है। पेड़ काटे जाने जैसी कुछ छोटी समस्याएं हैं, जिसका रास्ता निकाल लिया गया है। केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के आधार पर काम हो रहा है। बिजली संकट को लेकर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि गैस से संचालित पॉवर प्लांट भी बंद हो गए है। देश और राज्य की डिमांड भी इस वक्त बढ़ गयी है। पहले प्रति दिन 3.2 बिलियन या 3.3 बिलियन प्रति यूनिट तक बिजली का उत्पादन होता था। इस वक्त प्रति दिन 3.5 बिलियन प्रति यूनिट तक बिजली का उत्पादन हो रहा है। आज के दिन भी 21 से 22 मिलियन टन तक कोयला थर्मल पॉवर प्लांट के पास है। जबकि 72 मिलियन टन कोयला कोल इंडिया सहित दूसरे के पास है। अगले 10 दिन का कोयला होने की बात कही जा रही है, पर प्रति दिन कोयला का उत्पादन होने से कहीं कोई कमी नहीं होने जा रही है।

Published / 2022-04-28 14:02:37
कोरोना प्रतिबंध हटने पर अब अगले 6 माह में विदेश यात्रा की तैयारी में ज्यादातर भारतीय

एबीएन सेंट्रल डेस्क। वैश्विक स्तर पर हाल के महीनों में कोविड-19 महामारी से संबंधित प्रतिबंध धीरे-धीरे हटाएं जा रहे हैं। ऐसे में भारतीय अब अपनी अगली विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं। किराये पर आवास बुकिंग की ऑनलाइन सुविधा प्रदान करने वाले मंच एयर बीएनबी के सर्वे के अनुसार अधिकांश भारतीय निकट भविष्य में विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं। एयर बीएनबी ने एक बयान में कहा कि सर्वेक्षण में शामिल भारतीयों में से 75 प्रतिशत ने बताया कि निकट भविष्य में उनकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना है। उनमें से एक-तिहाई से अधिक यानी लगभग 34 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वे अगले छह महीनों में विदेश यात्रा पर जा सकते हैं। यह सर्वे 13-21 अप्रैल, 2022 के बीच किया गया। इसमें 1,019 भारतीयों ने हिस्सा लिया। सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग 50 प्रतिशत भारतीयों की एशिया प्रशांत के स्थलों की यात्रा करने की योजना है। ऑस्ट्रेलिया, थाइलैंड और इंडोनेशिया भारतीयों के लिए सबसे पसंदीदा स्थलों में उभरे हैं। एयर बीएनबी ने कहा, महामारी के करीब दो साल बाद अब भारतीय अपनी अगली अंतरराष्ट्रीय यात्रा के बारे विचार रहे हैं और 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय इस बात को लेकर काफी खुश हैं कि अब वे विदेश जा सकते हैं। सर्वे के मुताबिक, लगभग तीन-चौथाई भारतीयों का कहना है कि विदेश यात्रा के दौरान वे काम भी जारी रखना चाहेंगे। एयरबीएनबी के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, हांगकांग के महाप्रबंधक अमनप्रीत बजाज ने कहा, कोविड-19 महामारी से संबंधित प्रतिबंधों के चलते लंबे समय तक विदेश यात्रा नहीं कर पाए लोग अब काफी उत्साहित हैं। वे लंबे समय से विदेश जाने का इंतजार कर रहे थे।

Published / 2022-04-28 13:38:09
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहा कोरोना, लेकिन लोगों में बीमारी गंभीर नहीं : सत्येंद्र जैन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में कोविड-19 के मामले बढ़ गए हैं लेकिन लोग गंभीर रूप से बीमार नहीं हो रहे हैं और अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की दर कम है। उन्होंने अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने की दर के पीछे टीकाकरण और स्वाभाविक रूप से हासिल रोग प्रतिरोधक क्षमता को जिम्मेदार बताया। जैन ने यहां पत्रकारों से कहा, दिल्ली में कोविड के मामले बढ़ गए हैं लेकिन लोग गंभीर रूप से बीमार नहीं हो रहे हैं और अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की दर कम है। ऐसा इसलिए क्योंकि हमारी आबादी ने पूरी तरह से टीके की खुराक ले ली है और बड़ी संख्या में लोग पहले संक्रमित हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों में कोविड संक्रमण के मामलों को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कई सीरो सर्वे से यह पता चलता है कि हालांकि, बच्चों और वयस्कों में संक्रमण दर लगभग समान है लेकिन बच्चों में बीमारी की गंभीरता बहुत कम है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही बुधवार को उपचाराधीन मरीजों की संख्या 4,832 पर पहुंच गयी, जबकि 11 अप्रैल को यह 601 थी। स्वास्थ्य विभाग के बुधवार को जारी बुलेटिन में कहा गया है कि अस्पताल में भर्ती होने की दर अभी तक कम रही है और यह संक्रमण के कुल मामलों के तीन प्रतिशत से भी कम है। इसमें कहा गया कि दिल्ली के अस्पतालों में कोविड-19 के 129 मरीज भर्ती हैं जबकि 3,336 घर पर पृथक वास कर रहे हैं। जैन ने कहा कि इससे पहले जब दिल्ली में 5,000 उपचाराधीन मरीज होते थे तो 1,000 लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत होती थी। विभिन्न अस्पतालों में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए 9,390 बिस्तर उपलब्ध हैं और इनमें से केवल 148 बिस्तरों पर ही मरीज भर्ती हैं। मंत्री ने कहा, हमारे पास अभी करीब 1,000 बिस्तर हैं। जरूरत पड़ने पर हम उनकी संख्या बढ़ाते हैं।

Published / 2022-04-26 14:43:25
प्राकृतिक खेती पर जोर दे रही है सरकार : नरेंद्र सिंह तोमर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा कि सरकार उन कृषि प्रथाओं को प्रोत्साहित कर रही है जो प्रकृति के अनुरूप काम करती हैं, उत्पादन की लागत को कम करती हैं और किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाली उपज और लाभ सुनिश्चित करती हैं। श्री तोमर ने यहां अभिनव कृषि पर एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व पर भी जोर दे रही है।

Published / 2022-04-25 17:51:13
कर्नाटक में फिर पाबंदियां शुरू, मास्क हुआ अनिवार्य, सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर भी जुर्माना

एबीएन सेंटल डेस्क। कर्नाटक में कोरोना की वजह से पाबंदियों का दौर फिर से लौट आया है। सरकार ने बढ़ते मामलों की वजह से सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही लोगों को अब सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर भी जुर्माना भरना होगा। देश में बढ़ रहे कोरोना मामलों और महामारी की संभावित चौथी लहर की आशंका के बीच कर्नाटक सरकार ने यह फैसला लिया है। इससे पहले कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ के सुधाकर ने कोरोना को लेकर नई एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि लोगों को अनावश्यक सभाओं से बचना चाहिए और सामाजिक दूरी बनाए रखना चाहिए। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में वरिष्ठ मंत्रियों, स्वास्थ्य अधिकारियों और कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति के साथ एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है। कर्नाटक ने इससे पहले 28 फरवरी को कोरोना की वजह से लगाए गए प्रतिबंध को हटा लिया था। हालांकि कर्नाटक सरकार ने यह नहीं बताया है कि लोगों को नियमों का उल्लंघन करने पर कितना जुर्माना भरना पड़ेगा। कोरोना के चलते मास्क फिर से अनिवार्य करने में दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल का नाम भी शामिल है। कर्नाटक में रविवार को कोविड-19 के 60 नए मामले सामने आए, जिससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 39,46,934 हो गई। यह जानकारी राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने दी। कर्नाटक राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एक बुलेटिन में कहा कि लगभग एक महीने से मृतक संख्या 40,057 पर स्थिर है, क्योंकि इस दौरान किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई। बुलेटिन के अनुसार, 63 लोगों को संक्रमणमुक्त होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जिससे अब तक ठीक हुए मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 39,05,159 हो गई। इलाज करा रहे मामलों की संख्या इस समय 1,676 है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि आज 7,208 लोगों को कोविड रोधी टीके लगाए गए, जिससे अब तक हुए कुल टीकाकरण की संख्या 10.57 करोड़ हो गई है।

Published / 2022-04-25 17:39:13
हम सिर्फ कागजों पर नहीं बनाते नीतियां, देश में बेहतर और सस्ती हो रही हेल्थकेयर : मांडविया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवा सुलभ और सस्ती होती जा रही है, क्योंकि सरकार एमबीबीएस सीट की संख्या दोगुनी करने सहित समग्र बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को व्यावसायिक पहलू से नहीं, बल्कि सभी के लिए एक सेवा पहल के रूप में देखती है। देश एक नए भारत का उदय देख रहा है और सभी हितधारकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि फार्मा क्षेत्र भी इस विकास का हिस्सा बने। सरकार स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र हील बाई इंडिया और हील इन इंडिया के लिए एक योजना पर काम कर रही है, जो भारत में सस्ती स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने के साथ-साथ दुनिया को इलाज के लिए जनशक्ति प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। मांडविया ने भारतीय औषधि और चिकित्सा उपकरण सम्मेलन 2022 (इंडिया फार्मास्युटिकल एंड मेडिकल डिवाइसेज कॉन्फ्रेंस) में कहा, इसलिए हमें अपनी और दुनिया की जरूरतों का भी खयाल रखना चाहिए। पच्चीस से 27 अप्रैल तक चलने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम में सरकार, उद्योग और शिक्षाविद एक साथ आएंगे और अगले 25 वर्षों के वास्ते इस क्षेत्र के लिए एक योजना पर विचार-मंथन करेंगे। मांडविया ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवा को किफायती और सुलभ बनाने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी हो गई हैं। एमबीबीएस सीट की संख्या जो 55,000 के आसपास हुआ करती थीं, इस साल एक लाख हो जाएंगी… इसी तरह देशभर में 1.17 लाख स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्र स्थापित किए गए हैं… जिला अस्पतालों को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में दवा उत्पादों को बेचने की क्षमता है। उन्होंने कहा, हम समग्र और व्यापक तरीके से इसका खयाल रख सकते हैं... हम इसके लिए विचार-मंथन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मुहैया कराने में सफल रही है। मांडविया ने कहा कि सरकार गरीबों और किसानों के हित में रहकर उद्योग का समर्थन करती है। उन्होंने कहा, हम सिर्फ कागजों पर नीतियां नहीं बनाते हंं या सिर्फ व्याख्यान नहीं देते हैं, हम नीति को लागू करने के प्रयास करते हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान उठाए गए कदमों के लिए फार्मा उद्योग की प्रशंसा करते हुए कहा कि दुनियाभर में इस बात को लेकर आशंकाएं थीं कि भारत इस संकट का प्रबंधन कैसे करेगा। उन्होंने कहा, हमने दुनिया को दिखाया कि यह कैसे किया जा सकता है। हमने एक सफल टीकाकरण कार्यक्रम चलाकर इसे फिर से साबित भी कर दिया।

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