एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज देश अपनी आजादी का 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। आज के ही दिन 1947 में देश को गुलामी की जंजीरों से आजादी मिली थी। देश की आजादी के इस पर्व को पूरा देश जश्न के साथ मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर देशवासियों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके लिखा, देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं, जय हिंद। बता दें कि प्रधानमंत्री आज लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर भारत सरकार हर घर तिरंगा अभियान चला रही है। जिसमे देशवासी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा किप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के 75 साल के बाद जिस आवाज को सुनने के लिए हमारे कान तरस रहे हैं, 75 साल के बाद वह आवाज सुनाई दी है। पहली बार लाल किले पर हिंदुस्तानी तोपों ने सलामी दी है। मैं आज मेरे देश की सेना के जवानों का हृदय से अभिनंदन करना चाहता हूं। मेरी सेना के जवानों ने जिस जिम्मेदारी के साथ इन तोपों को कंधों पर उठाया है, उसे मैं जितना सम्मान करूं उतना कम है। सेना का जवान मौत को मुट्ठी में लेकर चलता है। फिर भी वह डटकर खड़ा होता है। मेरी सेना का जवान तय करे कि 300 ऐसी चीजें लिस्ट करे कि हम इन्हें विदेश से नहीं लाएंगे। मोदी ने कहा कि 5 साल के, 7 साल के बालकों को सैल्यूट करना चाहता हूं। जब देश के सामने चेतना जगी तो मैंने सैकड़ों परिवारों से सुना है कि ये बच्चे कह रहे हैं कि हम अब विदेशी खिलौनों से नहीं खेलेंगे। घर में पांच साल का बच्चा कहता है कि हम विदेशी खिलौने से नहीं खेलेंगे, जब यह संकल्प करता है तब आत्म निर्भर भारत उसकी रगों में दौड़ता है। दुनिया के लोग हिंदुस्तान में अपना नसीब आजमाने आ रहे हैं, तकनीक लेकर आ रहे हैं, रोजगार के नये अवसर लेकर आ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद बन रही है। आज देश बहुत तेजी से प्रगति कर रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आजादी की 75वीं वर्षगांठ से एक दिन पहले आज देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार देश को संबोधित कर रही हैं। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले प्रत्येक साल राष्ट्रपति देश को संबोधित करते हैं। राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन हिंदी में प्रसारित किया जा रहा है, जिसका अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में दूरदर्शन और आॅल इंडिया रेडियो पर प्रसारण हो रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आज का संबोधन बेहद खास इसलिए भी है, क्योंकि देश ‘अमृतकाल’ में है और भारत को अंग्रेजों से मिली आजादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम मार्च 2021 में लॉन्च किया गया था जिसका 15 अगस्त 2023 को समापन होगा : 1. 15 अगस्त 1947 के दिन हमने औपनिवेशिक शासन की बेड़ियों को काट दिया था। उस शुभ-दिवस की वर्षगांठ मनाते हुए हम लोग सभी स्वाधीनता सेनानियों को सादर नमन करते हैं। उन्होंने अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया ताकि हम सब एक स्वाधीन भारत में सांस ले सकें। 2. 14 अगस्त के दिन को विभाजन-विभीषिका स्मृति-दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस स्मृति दिवस को मनाने का उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, मानव सशक्तीकरण और एकता को बढ़ावा देना है। 3. अधिकांश लोकतान्त्रिक देशों में वोट देने का अधिकार प्राप्त करने के लिए महिलाओं को लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन हमारे गणतंत्र की शुरुआत से ही भारत ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को अपनाया। 4. आजादी का अमृत महोत्सव मार्च 2021 में दांडी यात्रा की स्मृति को फिर से जीवंत रूप देकर शुरू किया गया। उस युगांतरकारी आंदोलन ने हमारे संघर्ष को विश्व-पटल पर स्थापित किया। उसे सम्मान देकर हमारे इस महोत्सव की शुरुआत की गई। यह महोत्सव भारत की जनता को समर्पित है। 5. पिछले वर्ष से हर 15 नवंबर को जन-जातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का सरकार का निर्णय स्वागत-योग्य है। हमारे जन-जातीय महानायक केवल स्थानीय या क्षेत्रीय प्रतीक नहीं हैं बल्कि वे पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। 6. हमारा संकल्प है कि वर्ष 2047 तक हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों को पूरी तरह साकार कर लेंगे। 7. आजादी का अमृत महोत्सव मार्च 2021 में दांडी यात्रा की स्मृति को फिर से जीवंत रूप देकर शुरू किया गया। उस युगांतरकारी आंदोलन ने हमारे संघर्ष को विश्व-पटल पर स्थापित किया। उसे सम्मान देकर हमारे इस महोत्सव की शुरुआत की गई। यह महोत्सव भारत की जनता को समर्पित है। 8. हमने देश में ही निर्मित वैक्सीन के साथ मानव इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया। पिछले महीने हमने दो सौ करोड़ वैक्सीन कवरेज का आंकड़ा पार कर लिया है। इस महामारी का सामना करने में हमारी उपलब्धियां विश्व के अनेक विकसित देशों से अधिक रही हैं। 9. जब दुनिया कोरोना महामारी के गंभीर संकट के आर्थिक परिणामों से जूझ रही थी तब भारत ने स्वयं को संभाला और अब पुन: तीव्र गति से आगे बढ़ने लगा है। इस समय भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही प्रमुख अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक है। 10. भारत में आज संवेदनशीलता व करुणा के जीवन-मूल्यों को प्रमुखता दी जा रही है। इन जीवन-मूल्यों का मुख्य उद्देश्य हमारे वंचित, जरूरतमंद तथा समाज के हाशिये पर रहने वाले लोगों के कल्याण हेतु कार्य करना है। 11. देश के प्रत्येक नागरिक से मेरा अनुरोध है कि वे अपने मूल कर्तव्यों के बारे में जानें, उनका पालन करें, जिससे हमारा राष्ट्र नई ऊंचाइयों को छू सके। भारत के नए आत्म-विश्वास का स्रोत देश के युवा, किसान और सबसे बढ़कर देश की महिलाएं हैं। 12. महिलाएं अनेक रूढ़ियों और बाधाओं को पार करते हुए आगे बढ़ रही हैं। समाजिक और राजनीतिक प्रक्रियाओं में उनकी बढ़ती भागीदारी निर्णायक साबित होगी। आज हमारी पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की संख्या चौदह लाख से कहीं अधिक है। 13. हमारे देश की बहुत सी उम्मीदें हमारी बेटियों पर टिकी हुई हैं। समुचित अवसर मिलने पर वे शानदार सफलता हासिल कर सकती हैं। हमारी बेटियां फाइटर पायलट से लेकर स्पेस साइंटिस्ट होने तक हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। 14. आज देश में स्वास्थ्य, शिक्षा और अर्थ-व्यवस्था तथा इनके साथ जुड़े अन्य क्षेत्रों में जो अच्छे बदलाव दिखाई दे रहे हैं उनके मूल में सुशासन पर विशेष बल दिए जाने की प्रमुख भूमिका है। 15. आज जब हमारे पर्यावरण के सम्मुख नई-नई चुनौतियां आ रही हैं तब हमें भारत की सुंदरता से जुड़ी हर चीज का दृढ़तापूर्वक संरक्षण करना चाहिए। जल, मिट्टी और जैविक विविधता का संरक्षण हमारी भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने रविवार को विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। वहीं कांग्रेस ने सत्तारूढ़ पार्टी पर अपनी राजनीतिक लड़ाई के लड़ाई दर्दनाक घटनाओं को ‘चारे’ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर यहां जंतर-मंतर पर एक मौन जुलूस का नेतृत्व किया। इसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अनुराग ठाकुर सहित पार्टी के कई नेता शामिल हुए। पीएम मोदी ने किया ट्वीट : एक ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाई। प्रधानमंत्री ने त्रासदी के दौरान पीड़ित लोगों के धैर्य और दृढ़ता की सराहना की। प्रधानमंत्री ने ही पिछले साल घोषणा की थी कि लोगों के संघर्षों और बलिदानों की याद में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जायेगा। शाह बोले- शांति और सद्भावना के लिए प्रेरित करेगा दिवस : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत के इतिहास के अमानवीय अध्याय को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। शाह ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस युवा पीढ़ी को देशवासियों द्वारा झेली गई यातना और दर्द की याद दिलायेगा और नागरिकों को हमेशा शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, 1947 में देश का विभाजन भारतीय इतिहास का वह अमानवीय अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। हिंसा और नफरत ने लाखों लोगों की जान ली और असंख्य लोगों को विस्थापित किया। उन्होंने कहा कि आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर, मैं उन लाखों लोगों को नमन करता हूं, जिन्हें विभाजन का खामियाजा भुगतना पड़ा। पीएम मोदी ने विभाजन विभीषिका दिवस मनाने की घोषणा करते हुए कहा था कि लाखों लोग विस्थापित हुए और नफरत और हिंसा के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान ली गई। नड्डा बोले- स्वार्थ और व्यक्तिगत हितों की राजनीति ने विभाजन को दिया जन्म : भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन लोगों को याद किया जिन्होंने विभाजन के दौरान असहनीय कीमत चुकाई थी। उन्होंने कहा, हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि कैसे स्वार्थ और व्यक्तिगत हितों की राजनीति ने विभाजन और दर्द को जन्म दिया। त्रासदी को चारे के रूप में इस्तेमाल कर रही भाजपा : कांग्रेस- वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में चिह्नित करने के लिए पीएम मोदी का असली इरादा वर्तमान राजनीतिक लड़ाई के लिए दर्दनाक घटनाओं को चारे के रूप में इस्तेमाल करना है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि विभाजन की त्रासदी का दुरुपयोग नफरत और पूर्वाग्रह को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, विभाजन की त्रासदी का दुरुपयोग नफरत और पूर्वाग्रह को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जा सकता है। सच्चाई यह है कि सावरकर ने द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को जन्म दिया और जिन्ना ने इसे सिद्ध किया। सरदार पटेल ने लिखा था, मुझे लगा कि अगर हमने विभाजन को स्वीकार नहीं किया तो भारत कई टुकड़ों में विभाजित हो जायेगा और पूरी तरह से बर्बाद हो जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। स्वतंत्रता दिवस को लेकर लाल किले पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं जहां से सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करेंगे। समारोह में लगभग 7,000 लोग शामिल होंगे। अधिकारियों ने शनिवार को कहा है कि लाल किले में प्रवेश वाले स्थान से लेकर अंदर तक कई स्तर पर सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए हैं। इसमें चेहरे की पहचान के लिए विशेष फेस रिकोग्निशन कैमरे लगाए गए हैं। सोमवार को स्मारक के आसपास 10,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया जायेगा। पुलिस अधिकारी के अनुसार, तिरंगा फहराए जाने तक लाल किले के आसपास के 5 किलोमीटर के क्षेत्र को नो काइट फ्लाइंग जोन के रूप में चिह्नित किया गया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के ड्रोन रोधी सिस्टम भी लगाए जा रहे हैं। 13 से 15 अगस्त तक लाल किले पर कार्यक्रम के अंत तक पतंग, ड्रोन, गुब्बारे, चीनी लालटेन और मानव रहित उड़ने वाली वस्तु को उड़ाने की अनुमति नहीं है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को लगातार 9वीं बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इस साल 15 अगस्त को होने वाला समारोह खास है। क्योंकि यह भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर हो रहा है और सरकार इस मौके पर कई कार्यक्रम शुरू कर रही है। सरकार ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर ‘हर घर तिरंगा’ समेत कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। मोदी अक्सर इस अवसर पर अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के अहम नतीजों पर बात करते हैं और कई बार महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हैं। उन्होंने पिछले साल अपने भाषण में राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन, गति शक्ति मास्टर प्लान और 75 सप्ताह में 75 वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणाएं की थीं। इससे पहले 2020 में प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की थी कि छह लाख से अधिक गांवों को आॅप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने का काम 1000 दिन में पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को डिजिटल स्वास्थ्य पहचान पत्र देने की सरकार की योजना का भी जिक्र किया था। उन्होंने 2019 में स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष का पद बनाने की अहम घोषणा की थी। पाकिस्तान आज मना रहा 75वां स्वतंत्रता दिवस : गौरतलब है कि पाकिस्तान आज 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। पाकिस्तान के लिए यह गौरवपूर्ण दिन है। लेकिन भारत के इतिहास में 14 अगस्त की तारीख आंसुओं से लिखी गई है। यही वह दिन था जब भारत दो टुकड़ों में विभाजित हुआ। और 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान तथा 15 अगस्त 1947 को भारत को एक पृथक राष्ट्र घोषित कर दिया गया। साल 1947 में भारत के विभाजन के दौरान हुए सांप्रदायिक दंगों में लाखों लोग विस्थापित हुए थे और बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। सदियों तक रिसता रहेगा विभाजन का जख्म : इस विभाजन में न केवल भारतीय उप-महाद्वीप के दो टुकड़े किए गए बल्कि बंगाल का भी विभाजन किया गया और बंगाल के पूर्वी हिस्से को भारत से अलग कर पूर्वी पाकिस्तान बना दिया गया, जो 1971 के युद्ध के बाद बांग्लादेश बना। कहने को तो यह एक देश का बंटवारा था, लेकिन दरअसल यह दिलों का, परिवारों का, रिश्तों का और भावनाओं का बंटवारा रहा। भारत मां के सीने पर बंटवारे का यह जख्म सदियों तक रिसता रहेगा और आने वाली नस्लें तारीख के इस सबसे दर्दनाक और रक्तरंजित दिन की टीस महसूस करती रहेंगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 14,092 नए मामले दर्ज किए है। इस दौरान 41 लोगों ने कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गंवाई है और 16454 लोक संक्रमण से मुक्त हुए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में महामारी शुरू होने के बाद से लेकर अब तक कुल 4,42,53,464 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं, इनमें से 4,36,09,566 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं 5,27,037 लोगों की मौत हुई है। देश में कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। कल के 1,19,264 के मुकाबले आज एक्टिव केस घटकर 1,16,861 रह गए हैं। इससे पहले शनिवार को देश में कोरोनावायरस संक्रमण के 15,815 नए मामले दर्ज किए गए थे। इस दौरान 68 मौतें हुई थीं और 20,018 लोग संक्रमण मुक्त हुए थे। दो दिनों में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामलों में करीब 6000 अंकों की कमी दर्ज की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सक्रिय मामले कुल संक्रमण का 0.26 प्रतिशत हैं, जबकि कोरोना वायरस संक्रमण रिकवरी रेट 98.54 प्रतिशत है। दैनिक सकारात्मकता दर 3.69 प्रतिशत और साप्ताहिक सकारात्मकता दर 4.57 प्रतिशत है। देश में कोरोना मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत दर्ज की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रव्यापी कोविड19 टीकाकरण अभियान के तहत अब तक देश में आज सुबह 8 बजे तक कोविड वैक्सीन की 207.99 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय खिलाड़ियों ने बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मानित किए जाने पर खुशी और आभार व्यक्त किया, जिसमें निकहत जरीन ने उन्हें मुक्केबाजी ग्लव्ज और स्प्रिंटर हिमा दास ने पारपंरिक असमी गमछा उपहार में दिया। पीएम मोदी ने शनिवार को अपने निवास पर भारतीय दल की मेजबानी की और खिलाड़ियों को सम्मानित किया। भारतीय खिलाड़ियों ने बर्मिंघम में शानदार प्रदर्शन करते हुए 61 पदक हासिल किए जिसमें 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य पदक शामिल हैं। मुक्केबाज निकहत ने ट्वीट किया, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर को सभी मुक्केबाजों के हस्ताक्षर किए हुए मुक्केबाजी ग्लव्ज उपहार में देने से सम्मानित महसूस कर रही हूं। इस शानदार मौके के लिए आपका शुक्रिया। देश को गौरवान्वित करने वाले अपने साथी खिलाड़ियों के साथ शानदार दिन बिताया। विश्व चैम्पियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता स्टार मुक्केबाज निकहत ने बर्मिंघम में अपने वजन वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। हिमा ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, राष्ट्रमंडल खेल 2022 की बदौलत हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आशीर्वाद प्राप्त करके उत्साहित हूं। भाग्यशाली हूं कि उन्हें हमारा पारपंरिक गमछा उपहार में पेश किया जो पूरे असम की कृतज्ञता से भरा है। टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक रजत पदक जीतने के एक साल बाद राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली चैम्पियन भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने प्रधानमंत्री को उनकी प्रोत्साहन भरी बातों के लिए धन्यवाद कहा। चानू ने कहा, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर से मिलने और बातचीत करने के बाद सम्मानित महसूस कर रही हूं। आपके समर्थन और प्रोत्साहन के लिए शुक्रिया सर। जय हिंद...। प्रधानमंत्री ने भारतीय दल का अभिनंदन करते हुए शनिवार को कहा कि भारतीय खेलों का स्वर्णिम काल दस्तक दे रहा है और अच्छे प्रदर्शन पर संतोष करके चुप नहीं बैठना है। बैडमिंटन खिलाड़ी चिराग शेट्टी ने माइक्रोब्लागिंग साइट पर लिखा, अपना कीमती वक्त निकालने और हमें अपने निवास पर आमंत्रित करने के लिये धन्यवाद सर। आपके साथ बात करना हमेशा ही शानदार रहता है। उनके युवा बैडमिंटन साथी लक्ष्य सेन ने भी प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया, सभी खिलाड़ियों के लिये कितना शानदार दिन रहा, आभार। हमारी कड़ी मेहनत की प्रशंसा करने और प्रोत्साहन भरे शब्दों के लिये आपका बहुत बहुत धन्यवाद। हम सभी आपके समर्थन के आभारी हैं। अपने देश को गौरवान्वित करना जारी रखेंगे। जय हिंद...। स्टार पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल ने कहा, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक बार फिर मिलना, उनसे बातचीत करना और उनका आशीर्वाद लेना हमेशा की तरह प्रेरणादायी रहा। हमारे प्रदर्शन में उनकी दिलचस्पी और इसके बारे में विस्तृत बातचीत बहुत ही संतुष्टि देती है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रसिद्ध उपन्यासकार सलमान रुश्दी के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और शनिवार को उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया। वह अब बात करने में भी सक्षम हैं। सलमान रुश्दी पर शुक्रवार को न्यूयॉर्क में एक लेक्चर के दौरान एक शख्स ने चाकू से हमला कर दिया था। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, रुश्दी के एजेंट एंड्रयू विली ने पुष्टि की है कि उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और वह बात करने में सक्षम होंगे। रुश्दी पर चाकू से हमला करने के आरोपी हदी मतार ने शनिवार को अपना अपराध स्वीकार नहीं किया है। न्यू जर्सी निवासी 24 साल के मतार पर हत्या का प्रयास और हमला करने के आरोप लगाए गए हैं। न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस के प्राधिकारियों ने बताया कि मतार ने अपना अपराध स्वीकार नहीं किया है और उसे चौटाउक्वा काउंटी जेल में रखा गया है। न्यूयॉर्क राज्य पुलिस ने कहा कि आपराधिक जांच ब्यूरो ने शुक्रवार को मतार को हत्या का प्रयास और हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया। मतार को पुलिस कार्यालय ले जाने के बाद चौटाउक्वा काउंटी जेल भेजा गया है। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान अंग्रेजी भाषा के प्रख्यात लेखक सलमान रुश्दी पर हमला हुआ था। मुंबई में एक कश्मीरी मुसलमान परिवार में जन्मे और बुकर पुरस्कार से सम्मानित रुश्दी (75) पश्चिमी न्यूयॉर्क के चौटाउक्वा संस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान अपना व्याख्यान शुरू करने वाले ही थे कि तभी आरोपी मंच पर चढ़ा और रुश्दी को घूंसे मारे और चाकू से हमला कर दिया। पहले ये जानकारी सामने आई थी कि रुश्दी वेंटिलेटर पर हैं और उनकी एक आंख खोने की आशंका है। चाकू से हमले के बाद उनका लीवर भी क्षतिग्रस्त हो गया है। ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता और देश के विभाजन तक के भारत के सफर की पृष्ठभूमि पर आधारित मिडनाइट्स चिल्ड्रन के लिए उन्हें 1981 में प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हालांकि 1988 में प्रकाशित द सैनेटिक वर्सेस के कारण वह सबसे ज्यादा चर्चा में आये।
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