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Published / 2026-04-19 20:29:42
बंगाल-सिक्किम सीमा पर कांग्रेस का चुनाव प्रचार तेज, धीरज साहू ने संभाला मोर्चा

  • सिक्किम सीमा पर कांग्रेस का चुनाव प्रचार तेज, धीरज साहू ने संभाला मोर्चा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कालिंगपोंग (पश्चिम बंगाल)। कालिंगपोंग जिला में पश्चिम बंगाल और सिक्किम की सीमा पर कांग्रेस ने अपने चुनाव प्रचार को तेज कर दिया है। इसी क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू और पूर्व सांसद प्रदीप बलमुचू ने सीमा क्षेत्र का दौरा कर पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान दोनों नेताओं का कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में सभाएं आयोजित की गईं, जहां बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक और आम नागरिक मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नेताओं का स्वागत किया और कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। सभा को संबोधित करते हुए धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि देश और राज्य की वर्तमान स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो जनता के हितों की रक्षा कर सकती है।

उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें इन मुद्दों पर गंभीर नहीं हैं। कांग्रेस हमेशा से गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं की आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आगामी चुनाव में कांग्रेस को समर्थन दें, ताकि एक मजबूत और जनहितैषी सरकार का गठन हो सके।

वहीं पूर्व सांसद प्रदीप बलमुचू ने अपने संबोधन में कहा कि सीमा क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से इन क्षेत्रों की अनदेखी की गई है, जिससे यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जाएंगे।

बलमुचू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास विकास और समावेशी नीति का रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव में पूरी ताकत झोंकने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करें और कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएं।

इस मौके पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया और पार्टी की उपलब्धियों तथा आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में हैं और जनता का समर्थन लगातार मिल रहा है।

कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की और उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही जीत की कुंजी है और सभी को मिलकर पार्टी के लिए काम करना होगा।

कुल मिलाकर, बंगाल-सिक्किम सीमा पर कांग्रेस का यह चुनाव प्रचार कार्यक्रम पार्टी के लिए उत्साहजनक साबित हुआ। नेताओं ने जिस तरह से जनता के बीच जाकर अपनी बात रखी, उससे यह साफ है कि कांग्रेस इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। आने वाले दिनों में इस तरह के और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गर्माने की उम्मीद है।

Published / 2026-04-19 20:13:15
जेएलकेएम नेता देवेन्द्र नाथ महतो जयपुर विधान सभा कोटशिला क्षेत्र के विभिन्न गांवों में किया तूफानी दौरा

  • जेएलकेएम नेता देवेन्द्र नाथ महतो जयपुर विधान सभा कोटशिला क्षेत्र के विभिन्न गांवों में किया तूफानी दौरा
  • जगल महल से टीएमसी - बीजेपी की जकड़न को तोड़ने का वक्त है : देवेन्द्र नाथ महतो
  • जयपुर के माताओं द्वारा माड़ भात खिलाना जेएलकेएम के साथ जड़ से जुड़ाव का प्रतीक है : देवेन्द्र नाथ महतो

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिम बंगाल। विधान सभा प्रथम चरण चुनाव प्रचार और दो दिन शेष बचें हैं, सभी पार्टी अपना अपना ताकत लगा दिए हैं, जेएलकेएम पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष जयराम महतो और केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो समेत कई दिग्गज नेता पश्चिम बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में जमे हुए हैं।

केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो जयपुर विधान सभा क्षेत्र कोटशिला थाना अंतर्गत विभिन्न गांवों में तूफानी रफ्तार से जनसंपर्क अभियान चलाया, विभिन्न नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया।

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि जयपुर विधान सभा की जनता ने आज यह साफ़ दिखा दिया है कि वह टीएमसी और बीजेपी की जकड़न और जंगल राज एवं डर राज से मुक्त होना चाहती है, जेएलकेएम समर्थित प्रत्याशी दिव्यज्योति सिंह देव जी जंगल महल की धरती से उठने वाली असली आवाज हैं, जो बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचारी के खिलाफ मजबूती से लड़ेंगे।

कैंची छाप पर वोट देकर जयपुर की जनता न केवल अपना विकास चाहती है बल्कि पूरे जंगल महल की पहचान भी बदलना चाहती है, जयपुर को नई ऊँचाई तक ले जाना चाहती है। साथ ही उन्होंने कहा कि कड़कती धूप में माड़ भात खिलाने वालों का यह प्यार बताता है कि जनता का जेएलकेएम के साथ जड़ से जुड़ाव है।

मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो के साथ माण्डू के रवि कुमार, कोडरमा के प्रेम नायक, जयपुर कोटशिला के जेएलकेएम नेता बीनाधर कुमार, अवध कुमार, मजनू अंसारी, तापस महतो, विप्लव महतो के अलावा अन्य लोग उपस्थित रहे।

Published / 2026-04-18 21:00:25
आयुष्मान भारत : राष्ट्रीय रोल मॉडल रांची सदर अस्पताल को पुणे में मिला प्रथम स्थान

  • आयुष्मान भारत में झारखंड का उत्कर्ष : रांची सदर अस्पताल बना राष्ट्रीय रोल मॉडल, पुणे में मिला प्रथम स्थान 
  • पुणे में झारखंड का जलवा: आयुष्मान भारत में टॉप, देशभर में बजा डंका 
  • मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की मेहनत लायी रंग: आयुष्मान भारत में झारखंड बना देश का सरताज 
  • स्वास्थ्य क्रांति का असर: झारखंड को मिला राष्ट्रीय सम्मान, रांची सदर अस्पताल ने रचा इतिहास 

टीम एबीएन, रांची/पुणे। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत झारखंड ने पूरे देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल कर एक नया इतिहास रच दिया है। पुणे में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के चिंतन शिविर में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राज्य को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। 

यह सम्मान झारखंड को गुणवत्ता पूर्ण दावों के सफल निष्पादन, पारदर्शिता और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए प्रदान किया गया, जो राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलाव का स्पष्ट प्रमाण है। इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह सफलता निरंतर मेहनत, प्रतिबद्धता और टीमवर्क का परिणाम है। 

उन्होंने कहा, जब मेहनत रंग लाती है तो मनोबल कई गुना बढ़ जाता है। हमने जो वादा किया था, उसे निभाकर दिखाया है और आगे भी जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री ने विशेष रूप से सदर अस्पताल रांची की सराहना करते हुए कहा कि यह अस्पताल आज देशभर में आयुष्मान भारत योजना के तहत नंबर वन बनकर एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरा है। 

उन्होंने इसे पूरे झारखंड के स्वास्थ्य तंत्र की सामूहिक सफलता बताया। उन्होंने आगे कहा, मैंने पहले ही कहा था कि मुझे थोड़ा समय दीजिए, मैं व्यवस्था बदलकर दिखाऊंगा। आज मिला यह राष्ट्रीय सम्मान उसी संकल्प और ठोस कार्यों का परिणाम है। 

इस दो दिवसीय कार्यक्रम (17-18 अप्रैल) में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए जसास (झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी) की टीम छवि रंजन, सीमा सिंह, वैभव राय, डॉ अखिलेश झा एवं आशीष रंजन ने सक्रिय भागीदारी निभायी। इस दौरान रांची सदर अस्पताल के उत्कृष्ट कार्यों को देशभर के प्रतिनिधियों के समक्ष रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। 

राज्य को मिला यह सम्मान न केवल झारखंड का गौरव बढ़ाने वाला है, बल्कि स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों के मनोबल को भी नयी ऊर्जा प्रदान करेगा। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि झारखंड स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन के नये मानक स्थापित कर रहा है। 

अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने पूरी टीम को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि झारखंड आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहेगा और देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बनेगा। 

अपर मुख्य सचिव ने बतायी शानदार उपलब्धि 

स्वास्थ्य विभाग, झारखंड के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा है कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त होना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि राज्य की बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था, पारदर्शिता एवं टीमवर्क का परिणाम है। 

मैं जसास की पूरी टीम, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को इस सफलता के लिए हार्दिक बधाई देता हूं। हमें विश्वास है कि झारखंड आगे भी स्वास्थ्य सेवाओं में नये कीर्तिमान स्थापित करेगा।

Published / 2026-04-17 20:57:06
लोकतंत्र में वोट की ताकत सबसे शक्तिशाली : टाइगर जयराम महतो

जयपुर और बाघमुंडी की जनता वोट की ताकत से ममता के जंगलराज और भाजपा के डर राज को जड़ से उखाड़ फेंकेगी : देवेन्द्र नाथ महतो 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बंगाल विधान सभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहा है। चुनावी प्रचार प्रसार तेज हो रहा है। सभी पार्टी अपना अपना दम लगाये हुए हैं। झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष टाइगर जयराम महतो, केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो समेत कई दिग्गज नेता बंगाल में दस्तक दे दिये हैं। 

आज पुरुलिया जिला जयपुर विधानसभा के झलदा टाली सेंटर मैदान में चुनावी सभा आयोजित की गयी। मौके पर हजारों की संख्या में लोग पहुंचे।  सभा को संबोधित करते हुए जेएलकेएम सुप्रीमो टाईगर जयराम महतो ने कहा कि जयपुर विधान सभा और बाघमुंडी विधान सभा क्षेत्र जेएलकेएम पार्टी मजबूती से चुनाव लड़ रही हैं। 

जयराम महतो ने जयपुर और बाघमुंडी के जनता से अपील किया कि इस बार वोट बंगाल के बेहतर शिक्षा के लिए, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए करें। लोकतंत्र में सबसे मजबूत और शक्तिशाली ताकत आपका वोट का अधिकार है, आप अपना बहुमूल्य वोट का सद्पयोग कर जयपुर के सेवक दिव्यज्योति सिंह देव और बाघमुंडी के सेवक मनोज कुमार महतो को भारी वोट से विजयी बनायें। 

मौके पर केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि बंगाल के जयपुर और बाघमुंडी विधान सभा के जनता इस बार ममता के जंगल राज और भाजपा के डर राज को जड़ से उखाड़ फेंकेगी। जनता के आशीर्वाद से जेएलकेएम समर्थित उम्मीदवार जयपुर से दिव्यज्योति सिंह देव और बाघमुंडी से मनोज कुमार महतो चुनाव जीतते ही क्षेत्र के मूलभूत सुविधा शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।

रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जायेगा। इसके अलावा सभा को जयपुर प्रत्याशी दिवज्योति सिंह देव, बाघमुंडी प्रत्याशी मनोज महतो, रामदास मुर्मू, बेबी के अलावा अन्य नेता संबोधन किया।

Published / 2026-04-16 18:34:13
वोटिंग संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इतरा रही दीदी

मतदान से दो दिन पहले भी मिली क्लीन चिट तो दे पायेंगे वोट; ममता बोलीं- मुझे सुप्रीम कोर्ट पर गर्व 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल में चल रही मतदाता सूची के पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 का उपयोग करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि चुनाव से ठीक पहले तक अपीलीय ट्रिब्यूनल से मंजूरी पाने वाले लोगों को मतदान का अधिकार दिया जायेगा। 

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के नाम अपीलीय ट्रिब्यूनल द्वारा चुनाव से दो दिन पहले तक मंजूर किये जायेंगे, उन्हें आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वोट डालने की अनुमति होगी। कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि 21 अप्रैल या 27 अप्रैल 2026 तक अपीलीय आदेशों को लागू करते हुए एक पूरक संशोधित मतदाता सूची जारी की जाये, ताकि योग्य नागरिकों को मतदान से वंचित न होना पड़े। 

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों की अपील लंबित है, उन्हें केवल इसी आधार पर मतदान का अधिकार वापस नहीं दिया जायेगा। यानी अपील प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक होगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि न्यायिक अधिकारियों द्वारा की गई यह पूरी जांच प्रक्रिया बेहद चुनौतीपूर्ण रही है, जिसे कम समय में पूरा करना एक वास्तविक रूप से कठिन कार्य था। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि अपीलीय स्तर पर आपत्तियों के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को दोबारा खोलने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए, ताकि चुनावी प्रक्रिया बाधित न हो। 

सीएम ममता बोलीं- मुझे सुप्रीम कोर्ट पर गर्व 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी लोगों को अपने अधिकारों की पुन: प्राप्ति के लिए ट्रिब्यूनल में आवेदन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार पहले चरण के लिए एक पूरक मतदाता सूची 21 अप्रैल को जारी की जायेगी। इसी आधार पर उनके कार्यकर्ता रात तक फॉर्म भरकर यह सुनिश्चित करेंगे कि योग्य लोग मतदान से वंचित न रहें। 

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि दूसरे चरण के चुनाव के लिए 27 अप्रैल को एक और पूरक सूची जारी की जायेगी, जिसके आधार पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। मुख्यमंत्री ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह इस फैसले से बेहद संतुष्ट और गौरवान्वित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं इस मामले में लड़ाई लड़ी और आज आये फैसले से वह बेहद खुश हैं। उनके अनुसार, आज वह सबसे अधिक प्रसन्न हैं क्योंकि यह निर्णय लोकतांत्रिक अधिकारों को मजबूत करता है। 

Published / 2026-04-15 20:55:03
खाड़ी देशों में युद्ध के संकट से इंटरनेशनल उड़ानों में भारी गिरावट

पश्चिम एशिया संकट का असर: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 7.9% गिरावट, एयरलाइन कंपनियों ने भी टाली प्लानिंग 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अप्रैल महीने की हवाई यात्रा पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में  व्यवधान देखने को मिला। जबकि  वैश्विक व्यापार भी इससे प्रभावित हुआ है, जिससे कई देशों की आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। 

ओएजी के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल महीने में देश की कुल विमानन क्षमता जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय में हल्की गिरावट दर्ज की गयी है। यह कमी करीब 0.2 प्रतिशत रही। इस गिरावट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की क्षमता में आयी तेज कमी है, जो लगभग 7.9 प्रतिशत तक पहुंच गयी। 

इसके पीछे पश्चिम एशिया में कमजोर मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि घरेलू उड़ानों की क्षमता में 3.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी जरूर हुई, लेकिन यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई कमी की भरपाई नहीं कर पायी। लेकिन इसी दौरान एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में इजाफा होने से घरेलू हवाई किराये भी बढ़ गये हैं। 

किराये में इस तेजी का असर यात्रियों की मांग पर पड़ सकता है। भविष्य में में यात्रा की संख्या प्रभावित होने की आशंका जतायी जा रही है। अप्रैल महीने में एयरलाइंस की कुल सीट क्षमता में गिरावट दर्ज की गयी है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को मिलाकर इस दौरान कुल 73.6 लाख सीटें उपलब्ध रहीं। जो पिछले साल अप्रैल में 79 लाख सीटों के मुकाबले कम हैं। 

आंकड़ों के मुताबिक, इस बार कुल सीट क्षमता में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की हिस्सेदारी घटकर 30 प्रतिशत रह गयी है। जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह हिस्सा 32 प्रतिशत था। जिससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय सेगमेंट में कमी का असर कुल क्षमता पर पड़ा है। 

अप्रैल में एयरलाइंस की कुल सीट क्षमता घटकर 73.6 लाख रह गई, जो पिछले साल इसी महीने के 79 लाख से कम है। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की हिस्सेदारी भी घटकर 30फीसदी रह गयी, जबकि पिछले साल यह 32 फीसदी थी। 

कंपनियां टाल रही विस्तार योजना 

  • वैश्विक संकट का असर विमानन कंपनियों पर साफ दिख रहा है, जिसके चलते वे सीट क्षमता घटा रही हैं और विस्तार योजनाएं टाल रही हैं। 
  • इंडिगो ने अप्रैल में 1.25 करोड़ सीटें आॅफर कीं, जो पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 1% ज्यादा है। 
  • एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अप्रैल में अपनी सीट क्षमता में 10.90% की बड़ी कटौती की, जो घटकर 25 लाख सीट रह गयी। 
  • एयर इंडिया ने भी अपनी कुल सीट क्षमता में 6.20% की कमी की है। 
  • इन दोनों कंपनियों की भारत की कुल विमानन क्षमता में 24% हिस्सेदारी है, लेकिन अप्रैल में इन्होंने मिलकर करीब 5 लाख सीट कम कर दी, जो सालाना आधार पर 8% गिरावट है। 
  • दूसरी ओर, अकासा ने अपनी सीट क्षमता में 2.6% की बढ़ोतरी की है। 
  • एमिरेट्स ने भी मामूली 0.30% की वृद्धि की, जिससे उसकी कुल सीट क्षमता 5.31 लाख (531,572) हो गयी। 
  • भारत-यूएई रूट वैश्विक स्तर पर टॉप-20 में 11वें स्थान पर है, लेकिन अप्रैल में इस रूट पर सीट क्षमता 20% घट गयी। 
  • इस रूट पर पिछले साल के मुकाबले 4.73 लाख सीटों की कमी दर्ज की गयी है।

Published / 2026-04-14 21:13:14
छत्तीसगढ़ : वेदांता पावर प्लांट में धमाके से पांच की मौत

वेदांता पावर प्लांट में धमाका, पांच की मौत और 15 घायल; बढ़ सकती है मरने वालों की संख्या 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को एक भीषण हादसा हो गया। प्लांट में लगे बॉयलर के अचानक फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गयी। इस दर्दनाक घटना में अब तक छह मजदूरों की मौत हो गयी है और 18 लोग घायल हुए हैं। 

जिंदल अस्पताल में मिली जानकारी 

घायलों को तत्काल रायगढ़ के जिंदल अस्पताल ले जाया गया है। वहां अभी तक 18 लोगों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। गंभीर रूप से झुलसे लोगों में से अब छह की मौत रायगढ़ के निजी अस्पताल में हो गयी है। शुरुआती जानकारी में 7 से 10 लोगों के मरने की आशंका थी और 30 से 40 मजदूरों के झुलसने की खबर मिली थी। 

दूर तक सुनायी दी धमाके की आवाज 

विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनायी दी। इससे आसपास के ग्रामीण भी दहशत में आ गये। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंच गये। घायलों को एंबुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उनका इलाज लगातार जारी है और कुछ घायलों की हालत नाजुक बतायी जा रही है। 

हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है, साथ ही घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दे दिये गये हैं। फिलहाल, मृतकों और घायलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है।

Published / 2026-04-14 21:04:22
परिसीमन के बाद लोकसभा में होंगी 850 सीटें!

महिला आरक्षण के बाद कैसी होगी संसद; आ गई पूरी डिटेल 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। संशोधित बिल के अनुसार 2029 के आम चुनाव में ही महिला आरक्षण को लागू करने की तैयारी है। इसके अलावा सीटों का परिसीमन 2011 की जनगणना के अनुसार किया जायेगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार सीटों का अनुपात लगभग समान ही रहेगा, लेकिन दक्षिणी राज्यों की ओर से मांग उठ रही है कि इसकी गारंटी सरकार की ओर से दी जाये। 

लोकसभा में होंगी 850 सीटें, महिला आरक्षण के बाद कैसी होगी संसद 

महिला आरक्षण लागू होने के बाद लोकसभा के सांसदों की कुल संख्या बढ़कर 850 हो जायेगी। अब तक आयी जानकारी के अनुसार यह संख्या 816 तक रहने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब यह आंकड़ा 850 होने की चर्चा है। इसके तहत 815 सीटें राज्यों में होंगी। वहीं 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों से आयेंगी, जिनमें से अकेले 11 सीट राजधानी दिल्ली में होंगी।

वहीं महिलाओं के लिए कम से कम 273 सीटें यानी रिजर्व रखी जायेंगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके अलावा सभी विधानसभाओं में भी ऐसा होगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग की सीटें 84 से बढ़कर 136 हो जायेंगी। वहीं एसटी सीटों की संख्या 47 से बढ़कर 70 हो सकती है। 

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महिला आरक्षण के संशोधन बिल के ड्राफ्ट में 850 सीटों का प्रस्ताव रखा गया है। यह बिल आज ही सांसदों को दिया जायेगा ताकि वे रिव्यू कर सकें। इस बीच गुरुवार से संसद का विशेष सत्र भी शुरू हो रहा है, जो तीन दिनों तक चलेगा। इस सत्र में महिला आरक्षण में संशोधन बिल रखा जायेगा। 

इसके तहत 2029 के आम चुनाव में ही महिला आरक्षण को लागू करने की तैयारी है। इसके अलावा सीटों का परिसीमन 2011 की जनगणना के अनुसार किया जायेगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार सीटों का अनुपात लगभग समान ही रहेगा, लेकिन दक्षिणी राज्यों की ओर से मांग उठ रही है कि इसकी गारंटी सरकार की ओर से दी जाये।

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