एबीएन सेंट्रल डेस्क। टाटा सन्स के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री की रविवार को मुंबई के पास एक सड़क हादसे में हुई मृत्यु हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब मिस्त्री की कार एक डिवाइडर से टकरा गई। उस समय मिस्त्री मर्सिडीज कार में अहमदाबाद से मुंबई लौट रहे थे। वहीं, मामले में अब पुलिस हादसे की वजह की जांच कर रही है। जांच में पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि साइरस मिस्त्री और उनके एक सह-यात्री ने सीट बेल्ट नहीं बांधी हुई थी इतना ही नहीं वाहन बहुत तेज गति में भी था। पुलिस के मुताबिक लग्जरी कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि केवल 9 मिनट में 20 किमी की दूरी तय की। इस दौरान मिस्त्री और उनके एक सह-यात्री ने भी सीट बेल्ट नहीं बांधी हुई थी। जांच में पता चला है कि ड्राइवर के निर्णय की त्रुटि के कारण दुर्घटना हुई। पालघर के पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल के अनुसार, कार में 4 लोग सवार थे, जिनमें से एक महिला थी और कार महिला ही चला रही थी। फिलहाल, वह घायल है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। वहीं, साइरस मिस्त्री का पोस्टमार्टम रात को पूरा कर लिया गया है। अफसरों और डॉक्टरों का कहना है कि जब उनका परिवार आकर दावा पेश करेगा तो उन्हें उनका शव सौंप दिश जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि उनका अंतिम संस्कार आज ही किया जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि साइरस मिस्त्री का असामयिक निधन स्तब्ध करने वाला है। बकौल पीएम, वह एक उत्तम बिजनेस लीडर थे जिन्हें भारत के आर्थिक कौशल पर भरोसा था। उनका चले जाना वाणिज्य एवं उद्योग जगत के लिए बड़ी हानि है। उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी संवेदनाएं...। प्रधानमंत्री के अलावा कई बड़ी हस्तियों ने साइरस मिस्त्री के देहांत पर शोक प्रकट किया है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि वह बहुत तेज और प्रभावशाली उद्यमी थे। पवार ने उन्हें उद्योग जगत के सबसे चमकीले सितारों में से एक बताते हुए कहा कि उनके जाने से भारतीय उद्योग को अपूरणीय क्षति हुई है। एनसीपी नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने ट्वीट किया कि उन्हें इस खबर पर विश्वास नहीं हो रहा है। सुले ने लिखा, बेहद निराशाजनक खबर, मेरे भाई सारइस मिस्त्री का निधन हो गया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और उद्योगपति सायरस मिस्त्री का निधन हो गया है। एक सड़क हादसे के चलते उनका निधन हुआ है। मुंबई के पास पालघर में यह सड़क हादसा हुआ है। दुर्घटना के बाद मिस्त्री को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष सायरस मिस्त्री की रविवार को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जब उनकी कार महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक डिवाइडर से टकरा गई। उन्होंने बताया कि हादसा दोपहर करीब 3.15 बजे हुआ जब मिस्त्री मर्सिडीज कार में अहमदाबाद से मुंबई जा रहे थे। घटना सूर्या नदी पर बने पुल की है। कार चालक समेत उनके साथ यात्रा कर रहे अन्य दो लोग घायल हो गए। सभी घायलों को गुजरात के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि 2012 में रतन टाटा के इस्तीफे के बाद सायरस मिस्त्री को टाटा सन्स का चैयरमैन पद सौंपा गया था। हालांकि 4 साल के भीतर ही उन्हें इस पद से हटा दिया गया। सायरस मिस्त्री एक खरबपति परिवार से ताल्लुक रखने वाले देश के जाने-माने व्यापारी और उद्योगपति थे। वे टाटा ग्रुप के प्रमुख रतन टाटा के रिश्तेदार भी हैं। उनकी एक बहन की शादी रतन टाटा के भाई नोएल टाटा से हुई थी। दिसंबर 2012 को रतन टाटा ने टाटा सन्स के चेयरमैन पद से रिटायरमेंट ले लिया था। उसके बाद सायरस मिस्त्री को टाटा सन्स का चेयरमैन बनाया गया। मिस्त्री टाटा सन्स के सबसे युवा चेयरमैन थे। मिस्त्री परिवार की टाटा सन्स में 18.4% की हिस्सेदारी है। वो टाटा ट्रस्ट के बाद टाटा सन्स में दूसरे बड़े शेयर होल्डर्स थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पार्टी छोड़ चुके कद्दावर कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने नया बिगुल फूंक दिया है। गुलाम नबी आजाद ने अपनी पार्टी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि मेरी पार्टी का नाम हिंदुस्तानी होगा जो हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सभी समझें। उन्होंने कहा, जो नई पार्टी बनेगी उसको लोग नाम दे रहे हैं जो गलत है। मेरी पार्टी का नाम और झंडा वही होगा जो जम्मू कश्मीर के लोग तय करेंगे। उन्होंने कहा, मैं अब दिल्ली में बैठकर आपके लिए फरमान नहीं जारी करूंगा कि मेरे झंडा यह है और यह मेरा नाम है। मेरे पास कई नाम आये। कुछ में उर्दू ज्यादा थी कुछ में संस्कृत ज्यादा थी, मेरी पार्टी का नाम हिंदुस्तानी होगा जो हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सभी समझे। गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के एजेंडे के बारे में बात करते हुए कहा, मेरी विधानसभा में लेफ्टिनेंट गवर्नर नहीं बल्कि गवर्नर होगा। मेरा पहला काम होगा रेस्टोरेशन ऑफ फुल स्टेटहुड राइट टू लैंड, डोमिसाइल एंड टू एम्प्लॉयमेंट। जम्मू कश्मीर में युवा को ही रोजगार मिले। बिहार से किसी को जम्मू कश्मीर में नौकरी ना मिले। मेरे एजेंडा में कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी में वापस बसाना भी है। कश्मीर पंडितों को वापस लाने का वादा : गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के एजेंडे के बारे में बात करते हुए कहा, मेरी विधानसभा में लेफ्टिनेंट गवर्नर नहीं बल्कि गवर्नर होगा। मेरा पहला काम होगा रेस्टोरेशन ऑफ फुल स्टेटहुड राइट टू लैंड, डोमिसाइल एंड टू एम्प्लॉयमेंट। जम्मू कश्मीर में युवा को ही रोजगार मिले। बिहार से किसी को जम्मू कश्मीर में नौकरी ना मिले। मेरे एजेंडा में कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी में वापस बसाना भी है। गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के एजेंडे के बारे में बात करते हुए कहा, मेरी विधानसभा में लेफ्टिनेंट गवर्नर नहीं बल्कि गवर्नर होगा। मेरा पहला काम होगा रेस्टोरेशन ऑफ फुल स्टेटहुड राइट टू लैंड, डोमिसाइल एंड टू एम्प्लॉयमेंट। जम्मू कश्मीर में युवा को ही रोजगार मिले। बिहार से किसी को जम्मू कश्मीर में नौकरी ना मिले। मेरे एजेंडा में कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी में वापस बसाना भी है। उन्होंने कहा, कश्मीर में जो हाल ही में कश्मीरी पंडितों की किलिंग हुई वह बंद होनी चाहिए। नये रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए मेरे पास भंडार है। जम्मू कश्मीर की एक-एक पहाड़ी, कश्मीर में पर्यटन के अवसर है, जम्मू में भी पर्यटन स्थल है लेकिन वहां तक सड़के बनाने की जरूरत है। गुलाम नबी आजाद ने कहा, जितने भी नेता कार्यकर्ता आज यहां पर आए हैं मुझसे पूछ कर नहीं आए हैं और ना मुझे इस्तीफा दिया। इस्तीफा देने के बाद मुझे बताया मैं इनका तहे दिल से शुक्रिया करता हूं। जम्मू कश्मीर में रोजगार युवाओं को देना और क्रिएट करना यह भी हमारी पार्टी का एजेंडा होगा। उन्होंने कहा, मैं जब यहां मुख्यमंत्री था तो जो कर सकता था किया, जो नहीं कर सकता वह दिल्ली से करवाया। मैंने अपने ढाई साल की कार्यकाल में काफी काम जम्मू कश्मीर में किया। डबल और ट्रिपल शिफ्ट, टयूलिप गार्डन मेरे ही वक़्त में बनाया। मुझे फकर है। यात्री निवास हज हाउस और भी कई काम मैंने जम्मू कश्मीर में किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण में गिरावट का दौर लगातार जारी है। बीते 24 घंटे के दौरान 6809 नए केस आए हैं। जबकि एक दिन पहले 7,219 नए मामले आए थे। खास बात ये है कि अब एक्टिव मरीजों की संख्या 60 हजार से कम हो गई है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक देश भर में फिलहाल कोरोना के 55114 मरीज़ जिनका इलाज चल रहा है। दिल्ली और महाराष्ट्र में लगातार मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 5,27,991 हो गई है। वहीं, एक्टिव मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.13 प्रतिशत है। कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले मरीजों की दर बढ़कर 98.68 प्रतिशत हो गई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने हाल ही में कांग्रेस से अपना दशकों पुराना नाता तोड़ लिया था। कांग्रेस पार्टी से नाता तोड़ने के बाद गुलाम नबी आजद आज 04 सितंबर जम्मू में अपनी पहली रैली करने जा रहे हैं। यह रैली कई मायनो में अहम है, क्योंकि आजाद अपनी नई पार्टी की घोषणा भी इस रैला में कर सकते हैं। पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद रविवार सुबह दिल्ली स्थित अपने आवास से जम्मू के लिए रवाना हो गए, जहां वो सैनिक कॉलोनी में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। वहीं, इस रैली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि इस जनसभा स्थल पर 20,000 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। तो वहीं, इस रैली में आजाद के साथ कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और बड़ी संख्या में पंचायती राज संस्थान के सदस्यों, नगर निकाय पार्षदों के भी मौजूद रहने की उम्मीद है। जम्मू में आज होने वाली रैली के बारे में जानकारी देते हुए पूर्व मंत्री जीएम सरूरी ने बातचीत में बताया कि गुलाम नबी आजाद के रविवार सुबह दिल्ली से पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा और उनके साथ सैनिक कॉलोनी में जनसभा स्थल तक एक जुलूस भी निकाला जायेगा। आपको बता दें कि सरूरी उन दो दर्जन से ज्यादा विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने आजाद के समर्थन में कांग्रेस से इस्तीफा दिया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के दहाई अंकों में बने रहने की उम्मीद जताते हुए शनिवार को कहा कि अन्य देशों की तुलना में भारत मजबूत स्थिति में है और जरूरतमंद वर्गों को मदद देने के लिहाज से जिम्मेदार भी है। सीतारमण ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में जीडीपी वृद्धि को लेकर सकारात्मक रुख दर्शाया। इस दौरान उन्होंने उन खबरों का हवाला भी दिया जिनमें कहा गया था कि देश में मंदी का खतरा नहीं है। देश की अर्थव्यवस्था 13.5 फीसदी की दर से बढ़ी : सीतारमण ने इस वर्ष जीडीपी वृद्धि के दहाई अंकों में रहने की उम्मीद के बारे में पूछे जाने पर कहा, कहा, मुझे ऐसा होने की उम्मीद है। हम इसके लिए काम करेंगे। यदि आप मंदी की कगार पर नहीं खड़े हैं तो इससे भरोसा मिलता है। जरूरतमंद वर्गों की मदद करने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिहाज से आप लगातार कदम उठा रहे हैं...। कुछ दिन पहले जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था 13.5 फीसदी की दर से बढ़ी है। वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ लोग इस उच्च वृद्धि के लिए पिछले साल के निम्न आधार को जिम्मेदार बताने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, हम जिन अर्थव्यवस्थाओं की बात कर रहे हैं उनकी तुलना में हम मजबूत स्थिति में हैं। हम वास्तव में सबसे तेजी से वृद्धि करती हुई अर्थव्यवस्था हैं। उन्होंने विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि भारत से कहीं अधिक विकसित मानी जाने वाली अर्थव्यवस्थाएं इस समय मंदी की कगार पर हैं। मुफ्त उपहारों को लेकर दी ये सलाह : सरकारों की तरफ से बांटे जाने वाले मुफ्त उपहारों से जुड़े एक सवाल पर सीतारमण ने कहा, हमें इस चर्चा में हिस्सा जरूर लेना चाहिए क्योंकि अगर आप किसी को कुछ नि:शुल्क दे रहे हैं तो इसका मतलब है कि उसका बोझ कोई और उठा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि सत्ता में आने वाली किसी भी सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन करने के बाद मुफ्त उपहारों के लिए वित्तीय प्रावधान करना चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड को डिजिटल बनाने के लिए योजना शुरू की है। इसके लिए केंद्रीय बैंक ने मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के डिजिटलीकरण की पायलट परियोजना शुरू करने का फैसला किया है। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि इस पायलट परियोजना से हासिल सबक को ध्यान में रखते हुए देशभर में किसान क्रेडिट कार्ड के डिजिटलीकरण का अभियान चलाया जायेगा। मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में शुरू की गई पायलट परियोजना के तहत बैंकों के भीतर विभिन्न प्रक्रियाओं के आॅटोमेशन और सर्विस प्रोवाइडर के साथ उनकी प्रणालियों के इंटीग्रेशन पर जोर दिया जाएगा। किसान क्रेडिट कार्ड के डिजिटलीकरण से कर्ज देने की प्रक्रिया अधिक कारगर बनाने और कर्जदारों की लागत घटाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा आरबीआई का कहना है कि कर्ज के आवेदन करने से लेकर इसके वितरण में लगने वाले समय में भी खासी कमी आयेगी। चार सप्ताह के इस समय को घटाकर दो सप्ताह किया जा सकता है। आरबीआई के मुताबिक, ग्रामीण ऋण किसानों के आर्थिक समावेशन के लिए काफी अहम है क्योंकि इससे कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्रों और संबद्ध उद्योगों की वित्तीय जरूरतें पूरी की जा सकती हैं। पायलट परियोजना मध्य प्रदेश और तमिलनाडु के चुनिंदा जिलों में क्रमश: यूनियन बैंक आॅफ इंडिया और फेडरल बैंक के साथ चलाई जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकारें भी इसमें पूरा सहयोग देंगी। किसानों को आसानी से वित्त मुहैया कराने के मकसद से वर्ष 1998 में केसीसी योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत बीज, उर्वरक, कीटनाशक जैसे कृषि उत्पादों की खरीद के लिए किसानों को कर्ज मुहैया कराया जाता हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर, 2020 में संशोधित केसीसी योजना शुरू की थी जिसमें किसानों को समय पर समुचित ऋण समर्थन मुहैया कराए जाने का प्रावधान किया गया है।
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