टीम एबीएन, रांची। भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश कल 2 अक्टूबर को गांधी एवं शास्त्री जयंती पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित करेगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश, नेता विधायक दल एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी रांची मोरहाबादी मैदान एवं तिरिल आश्रम में गांधी एवं शास्त्री जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए नमन करेंगे। प्रदेश महामंत्री एवम सांसद आदित्य साहू ने आज बताया कि श्रद्धांजलि के साथ पूरे प्रदेश में कार्यकर्ता खादी उत्सव मनायेंगे। श्री साहू ने बताया कि पूरे प्रदेश में खादी वस्त्र को बढ़ावा देने केलिए प्रधानमंत्री जी की भावनाओं एवम राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं हजारों कार्यकर्ता अपने अपने जिलों में खादी स्टॉल एवम दुकानों पर खादी वस्त्र को खरीदेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जन से भी आग्रह करती है कि गांधी एवम शास्त्री जयंती पर खादी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए, ग्रामीण कारीगरों कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए, आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने के लिए अवश्य खरीदें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 4,777 नये मामले सामने आये हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रविवार को जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,45,68,114 हो गई, जबकि सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 43,994 हो गई। वहीं, कोरोना से 5,196 लोग ठीक हुए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, 23 लोगों की मौत के साथ मरने वालों की संख्या 5,28,510 पहुंच गई है। पिछले 24 घण्टे में हुई 23 में से अकेले 11 मौत केरल राज्य में हुई है। मंत्रालय ने कहा कि सक्रिय मामलों में कुल संक्रमण का 0.10 प्रतिशत शामिल है, जबकि देश में कोविड-19 से ठीक हुए मरीजों की दर बढ़कर 98.72 प्रतिशत हो गयी है। भारत में कोविड -19 टैली 7 अगस्त 2020 को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख, 5 सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख को पार कर गया था। यह 28 सितंबर 2021 को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख को पार कर गया था। 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ का आंकड़ा पार किया। देश में 4 मई को दो करोड़ और पिछले साल 23 जून को तीन करोड़ के आंकड़े को पार किया था, जबकि इस साल 25 जनवरी 2022 को चार करोड़ का आंकड़ा पार किया है। देश में कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट हो रही हैं। रविवार को देश में देश में कोविड-19 के कुल 4,777 नये मामले सामने आए हैं। इससे पहले शनिवार यानी 24 सितंबर को कोरोना के 4,912 मामले दर्ज किए गये थे। 24 सितंबर को एक्टिव मरीजों की संख्या 44,436 थी। वहीं, 20.20 करोड़ से ज्यादा लोगों को अब तक प्रीकाशन डोज भी दी जा चुकी है। कोविन एप पर मिली जानकारी के मुताबिक, 24 घंटे में 15,63,151 लोगों को वैक्सीन लगाई गई हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोरोना के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। शनिवार सुबह आठ बजे बीते 24 घंटे में देश में 3805 नये कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, 26 और मौतें दर्ज की गईं। इनमें केरल में पूर्व में हुई 11 मौतें शामिल हैं, जिन्हें अब जोड़ा गया है। केरल के मौत के आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नए संक्रमितों को मिलाकर देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 4,45,91,112 हो गई है। वहीं, सक्रिय केस घटकर 38,293 रह गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार सुबह अपडेट किए गए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। कोरोना से मौतों के आंकड़े में 26 का इजाफ हुआ है। इसके साथ ही कुल मौतें बढ़कर 5,28,655 हो गई है। इन 26 मौतों में केरल की 13 मौतें शामिल हैं। बचे 13 लोगों ने बीते 24 घंटे में दम तोड़ा है। इनमें 13 में से पांच महाराष्ट्र में और दो केरल में हुईं। सक्रिय केस की बात करें तो ये कुल केस के 0.09 फीसदी हैं। कोविड रिकवरी रेट 98.73 फीसदी दर्ज की गई। बीते 24 घंटे में सक्रिय केस में 1290 की कमी आई। देश में दैनिक कोरेाना संक्रमण दर 1.29 फीसदी है, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 1.39 फीसदी है। देश में अब तक 4,40,24,164 लोग कोरोना से उबर चुके हैं। वहीं, मृत्यु दर 1.19 फीसदी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में जारी कोरोना रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 218.68 खुराक दी जा चुकी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर का 10 दिनों का मैराथन यूएस दौरा खत्म होते ही अमेरिका ने भारत के खिलाफ पहली बड़ी कार्रवाई की है और एक भारतीय तेल कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिये हैं। अमेरिका ने मुंबई स्थित फर्म तिबालाजी पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड पर प्रतिबंधों की घोषणा कर दी है, क्योंकि इस तेल कंपनी ने शुक्रवार को ईरान के साथ तेल व्यापार करने की बात कही थी। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका ऐसे दंडात्मक कार्रवाइयों में तेजी से इजाफा करेगा, यानि आने वाले दिनों में कई और भारतीय कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंधों का ऐलान किया जा सकता है। अमेरिका का ये प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किसी भारतीय कंपनी के खिलाफ इस तरह का पहला प्रतिबंध है और यह विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमेरिका यात्रा खत्म होने के फौरन बात किया गया है। यानि, बहुत साफ संकेत मिल रहे हैं, कि भारतीय विदेश मंत्री ने अमेरिका को जो आइना दिखाया है, वो उसे पसंद नहीं आया है। भारतीय विदेश मंत्री ने अमेरिका दौरे के दौरान बाइडेन प्रशासन के सामने ईरान और वेनेजुएला से तेल आयात नहीं करने देने को लेकर शिकायत की थी और जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा था कि तेल की भारी कीमत भारत की पीठ तोड़ रही है। बता दें कि, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने साल 2019 में ईरान के खिलाफ सख्त प्रतिबंधों की घोषणा की थी और उसके बाद से ही भारत को ईरान से तेल खरीदारी बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। अमेरिकी प्रतिबंध से पहले भारत, ईरानी तेल का चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा खरीदार था। आधिकारिक सूत्रों ने द प्रिंट को बताया कि तिबालाजी पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर लगाये गये प्रतिबंधों को लेकर भारत सरकार सतर्क है और सरकार इस पूरे मामले पर ध्यान दे रही है। बता दें कि, तिबालाजी पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड एक वाणिज्यिक इकाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कंपनी पर सेकेंड्री प्रतिबंध लगाये गये हैं। इस कंपनी की स्थापना 2018 में की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कंपनी ने ईरानी ट्रिलियंस पेट्रोकेमिकल कंपनी लिमिटेड से लाखों अमेरिकी डॉलर्स के तेल और पेट्रोकेमिकल्स प्रोडक्ट्स खरीदे हैं। वहीं, यूएस ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने भारतीय कंपनी पर लगाए गये प्रतिबंधों के बाद कहा है कि भारत स्थित पेट्रोकेमिकल कंपनी तिबालाजी पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड ने ईरानी ट्रिलियंस पेट्रोकेमिकल से लाखों डॉलर के तेल खरीदकर उसे चीन भेज दिया। अमेरिका ने भारतीय कंपनी के अलावा सात और कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाये हैं, जो संयुक्त अरब अमीरात, हांगकांग और चीन की हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है और वो जेसीपीओए का उल्लंघन कर रहा है, लिहाजा हम ईरानी तेल व्यापार पर प्रतिबंधों में और तेजी लायेंगे। वहीं, अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर अभी तक भारत सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि, अमेरिकी प्रतिबंध चिंताजनक है और प्रतिबंध लगाने की टाइमिंग भी सही नहीं है, क्योंकि भारतीय विदेश मंत्री अभी अपना दौरा खत्म कर अमेरिका से लौटे ही हैं। उन्होंने अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात की थी, जिनमें अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन भी शामिल थे। एस जयशंकर ने अमेरिकी एनएसए जैक सुलिवन और वाणिज्य मंत्री जीएम रेमंडो से भी मुलाकात की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने 5जी को डिजिटल कामधेनु बताते हुए आज घोषणा कि की रिलायंस जियो दिसंबर 2023 के अंत तक पूरे देश में 5जी सेवा पहुंचा देगी और 5जी के 5 लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ ही यह देश को बदल सकता है। अंबानी ने आज यहां शुरु हुए चार दिवसीय इण्डिया मोबाइल कांग्रेस और देश में 5 जी सेवा की शुरुआत के अवसर पर यह बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5जी सेवा लॉन्च किए जाने से पहले अंबानी ने कहा कि भारत के 5जी युग में तेजी से आगे बढ़ने के लिए उठाए गए कदम प्रधानमंत्री के द्दढ़ संकल्प का परिणाम हैं। यह खुशी की बात है क्योंकि 5जी अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी तकनीक से कहीं बढ़कर है। यह एक मूलभूत तकनीक है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, ब्लॉकचैन और मेटावर्स जैसी अन्य परिवर्तनकारी तकनीकों की पूरी क्षमता को अनलॉक करती है। उन्होंने कहा कि भारत में 5जी का रोलआउट भारत के दूरसंचार इतिहास में कोई सामान्य घटना नहीं है। यह 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों और उच्च आकांक्षाओं को अपने कंधे पर उठाए हुए है। 5जी के साथ, भारत सब का डिजिटल साथ और सब का डिजिटल विकास की दिशा में मजबूत कदम उठायेगा। भारत ने भले ही थोड़ी देर से शुरुआत की हो, लेकिन हम दुनिया की तुलना में उच्च गुणवत्ता वाली और अधिक किफायती 5जी सेवाओं को शुरू करेंगे। अंबानी ने दिसंबर 2023 तक देश के हर शहर, हर तालुका और हर तहसील में 5जी पहुंचाने की जियो की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि जियो की अधिकांश 5जी भारत में विकसित की गई है, इसलिए आत्मनिर्भर भारत की मुहर इस पर लगी है। उन्होंने कहा कि 5जी के 5 लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ ही यह राष्ट्र को बदल सकता है। 5 जी डिजिटल सॉल्युशन्स, आम भारतीयों तक सस्ती और उच्ची गुणवत्ता वाली शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट को पहुंचा सकते हैं। यह युवा भारतीयों को विश्व स्तरीय क्षमताओं और दक्षताओं से लैस करके उनकी पूरी क्षमता को उभारने में मदद करेगा, ताकि वे अधिक कमा सकें और भारत को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना सकें।
एबीएन बिजनेस डेस्क। इस साल का फेस्टिवल सेल ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए काफी लाभदायक रहा। 22 सितंबर को शुरू हुए सेल में कंपनियां पहले चार दिन में ही 24,500 करोड़ रुपये (करीब 3.5 अरब डॉलर) से अधिक की कमाई कर चुकी है। इस बात की जानकारी मंगलवार को आई वेबसाइट इंडिया टीवी पर छपी रिपोर्ट से मिली। ई-कॉमर्स कंपनियां मालामाल : समाचार के अनुसार सेल के पहले चार दिन में ही 5.5 करोड़ दुकानदारों ने ऑनलाइन खरीदारी की। इसके कारण सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) बढ़कर 5.4 गुणा हो गया। जानकारों के मुताबिक पहले सप्ताह में लगभग 41,000 करोड़ के जीएमवी का अनुमान लगाया गया था और उम्मीद के मुताबिक कंपनियां उस आंकड़े तक पहुचने के करीब है। खूब बिके मोबाइल फोन : फेस्टिव सेल में ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा खूब मोबाइल फोन बेचे गए। रिपोर्ट के मुताबिक हर मिनट लगभग 1,100 फोन बेचे गये। पिछले चार दिनों में लगभग 60-70 लाख मोबाइल फोन बिक गए हैं। अगर इसके कुल मूल्य की बात करें तो यह लगभग 11,000 करोड़ हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केएन त्रिपाठी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को लेकर केएन त्रिपाठी ने खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने का अधिकार किसी को भी है और उसी के तहत मैं नामांकन करूंगा। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर न तो सोनिया गांधी से कोई बात हुई है और न ही राहुल और प्रियंका गांधी से। केएन त्रिपाठी ने कहा कि सोनिया राहुल और प्रियंका हमारे नेता हैं, उनका जो निर्देश होगा उसका पालन भी होगा और चुनाव को लेकर बात भी होगी। त्रिपाठी ने कहा कि उनका (सोनिया-राहुल) निर्देश था कि पार्टी का कोई भी नेता चुनाव लड़ सकता है उसी के तहत मैंने फैसला किया। केएन त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव को लेकर पार्टी किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर रही है। पार्टी न तो किसी को चुनाव लड़ने को कह रही है और न ही रोक रही है। झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर के बयान को लेकर केएन त्रिपाठी ने कहा कि नामांकन के बाद सभी को जानकारी हो जायेगी। पहले इसको लेकर पार्टी हाईकमान से बात होगी फिर अन्य लोगों से भी इस पर चर्चा होगी। केएन त्रिपाठी ने कहा कि सोनिया गांधी की वजह से मुझे विधानसभा में उपनेता और मंत्री बनने का अवसर मिला है। ऐसे में उनका जो भी निर्देश होगा, उसका पालन करेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि गांधी परिवार के त्याग और बलिदान को देश जानता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में 5जी तकनीक की क्षमता दिखाने के लिए देश के 3 प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर प्रधानमंत्री के सामने एक-एक यूज केस का प्रदर्शन करेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो मुंबई के एक स्कूल के शिक्षक को महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा में तीन अलग-अलग स्थानों के छात्रों से जोड़ेगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह प्रदर्शित करेगा कि कैसे 5G शिक्षकों को छात्रों के करीब लाकर, उनके बीच की शारीरिक दूरी को मिटाकर शिक्षा की सुविधा प्रदान करेगा। आज नये युग में प्रवेश करेगा भारत : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 1 अक्टूबर को देश में पहली 5जी सेवा का शुभारंभ और इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2022 के छठे संस्करण का भी उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नयी दिल्ली में प्रगति मैदान में अब से थोड़ी देर बाद भारतीय मोबाइल सम्मेलन (आईएमसी) के चार दिनों के कार्यक्रमों का उद्धाटन करेंगे और देश में 5जी मोबाइल सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। आईएमसी का यह छठा संस्करण है इसका विषय है नया डिजीटल संसार। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार 5जी दूरसंचार नेटवर्क से मोबाइल डाटा का प्रवाह कई गुना तेज होगा और लोगों को विश्वस्तरीय विश्वसनीय संचार सुविधाएं मिलेगी। 5जी प्रौद्योगिकी से ऊर्जा दक्षता और स्पेक्ट्रम तथा नेटवर्क का उपयोग बेहतर होगा। प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर कुछ देर पहले कहा, थोड़ी देर बाद इंडियन मोबाइल कांग्रेस शुरु होने जा रही है जहां भारत में 5जी क्रांति की शुरुआत करने की तैयारी है। उन्होंने प्रौद्योगिकी जगत के लोगों, युवा मित्रों और स्टाटर्अप इकाइयों के प्रतिनिधियों को इस कार्यक्रम में जोड़ने का आह्वान किया। 5 जी तकनीकी के जरिए बिना किसी रुकावट के हाई स्पीड इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा सकेगा। नई दिल्ली के प्रगति मैदान एक से चार अक्टूबर तक 4 दिवसीय इंडिया मोबाइल कांग्रेस कार्यक्रम आयोजित होगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी आयोजित की गई थी और 1,50,173 करोड़ रूपये के सकल राजस्व के साथ दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को 51,236 मेगाहर्ट्ज आवंटित किया गया था। यह भारत के लिए खास पल होगा और देश टेक्नोलॉजी के एक नए युग में प्रवेश कर जाएगा। यह सम्मेलन प्रमुख विचारकों, उद्यमियों, इनोवेटर्स और सरकारी अधिकारियों को एक साथ लाते हुए डिजिटल टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने, इसके प्रसार से होने वाले अद्वितीय अवसरों पर विचार-विमर्श करने और विभिन्न प्रस्तुतियों के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। बता दें कि 4G की तुलना में 5G नेटवर्क कई गुना तेज गति देता है और बाधा रहित संपर्क मुहैया कराता है, साथ ही अरबों जुड़े डिवाइसों को वास्तविक समय में डेटा साझा करने में सक्षम बनाता है।
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