एबीएन सेंटल डेस्क। देश में कोरोना महामारी फिलहाल काबू में है, ऐसे में सरकार का कोविड टीकाकरण कार्यक्रम भी अपने अंतिम चरण में है। इस बीच, केंद्र सरकार ने भी कोरोना टीकों की और खरीद को लेकर बड़ा फैसला किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंत्रालय ने 2022-23 के बजट में टीकाकरण के लिए आवंटित बजट में से 4,237 करोड़ रुपये वित्त मंत्रालय को वापस कर दिया है। जानकारी के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारों के पास कोरोना वैक्सीन की 1.8 करोड़ से ज्यादा खुराक अभी भी उपलब्ध हैं। सूत्रों ने कहा कि चूंकि कोविड के मामलों में लगातार गिरावट हो रही है ऐसे में टीकों की खपत भी कम हो चुकी है। ऐसे में मौजूदा स्टॉक लगभग छह महीने तक टीकाकरण अभियान को जारी रखने के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा सरकार का स्टॉक खत्म होने पर भी बाजार में कोविड के टीके उपलब्ध रहेंगे। सरकारी माध्यम से कोविड के टीके की खुराक खरीदने के लिए छह महीने के बाद (ताजा) बजट आवंटन प्राप्त करने का कोई भी निर्णय उस समय देश में व्याप्त कोरोनोवायरस स्थिति पर निर्भर करेगा। पिछले साल 16 जनवरी को शुरू हुए राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में, भारत सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त में कोरोना टीके उपलब्ध करा रही है। आज आए आंकड़ों के मुताबिक, अब तक देश में कोविड वैक्सीन की खुराक 219.32 करोड़ को पार कर गई है। देश की 98 प्रतिशत वयस्क आबादी ने कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक खुराक लगवा ली है, जबकि 92 प्रतिशत आबादी ने दोनों डोज लगवा ली हैं। गौरतलब है कि देश में टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था। इसके तहत पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया था। इसके बाद, कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण पिछले साल 1 मार्च को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए शुरू किया गया था। वहीं, 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण पिछले साल 1 अप्रैल से शुरू हुआ था। इसके अगले चरण (जो कि 1 मई से शुरू हुआ था) में 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को कोविड के खिलाफ टीका लगाने की अनुमति दी गई थी। वहीं, 15-18 वर्ष की आयु के किशोरों का टीकाकरण 3 जनवरी को शुरू हुआ था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन रविवार को यहां सेना के रिसर्च एवं रेफरल अस्पताल में हुआ। राष्ट्रपति भवन के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि ऑपरेशन सफल रहा और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। चौसठ वर्षीय मुर्मू ने 25 जुलाई, 2022 को भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। बयान में कहा गया है, मुर्मू का आज मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन सफल रहा और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सर्जरी ब्रिगेडियर एसके मिश्रा व उनकी टीम ने की। सेना अस्पताल ने बताया कि राष्ट्रपति को आराम करने की सलाह दी गई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विपक्ष के कई नेताओं पर जांच एजेंसी ईडी की कार्रवाई के बाद सरकार पर तरह-तरह के आरोप लगे और कहा गया कि सरकार ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का इस्तेमाल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कर रही है। हालांकि केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार पर लगे इस आरोप को नकार दिया और कहा कि ईडी अपना काम करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है और वो किसी के कंट्रोल में रहकर कार्य नहीं करती। सीतारमण ने जांच एजेंसी का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किये जाने की बात से भी साफ इनकार किया। अमेरिका में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा, ईडी अपने कार्य करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है। यह एक ऐसी एजेंसी है, जो विधेय अपराधों का पालन करती है। वित्त मंत्री ने कहा, कोई मामला पहले से ही किसी अन्य एजेंसी द्वारा उठाया गया होता है, फिर चाहे वह सीबीआई हो या कोई और एजेंसी हो। ईडी पहली बार में सामने नहीं आती। ईडी अगर कहीं जांच के लिए जाती है, तो उसके पास पहले से सबूत होते हैं और इसी के मुताबिक एजेंसी को अपना काम करना होता है। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट को लेकर उन्होंने कहा कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण मूल्यांकन में बदलाव का आना है। सीतारमण ने अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक वित्त समिति (आईएमएफसी) को शुक्रवार को संबोधित करते हुए कहा, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 23 सितंबर 2022 तक 537.5 अरब डॉलर था जो बाकी समकक्ष अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से मूल्यांकन में आये ए बदलाव ने इस भंडार में आई गिरावट में दो-तिहाई योगदान दिया है.’ भारत की अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘विश्व स्तर पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था वृद्धि के पथ पर बढ़ती रहेगी और इसके सात फीसदी की दर से वृद्धि करने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने आईएमएफसी के सदस्यों से कहा कि भारत सरकार ने मुद्रास्फीति प्रबंधन को जारी रखते हुए वृद्धि की रक्षा करने के लिए कदम उठाए हैं। सरकार ने बीते 25 महीनों से 80 करोड़ से अधिक संवदेनशील परिवारों के लिए नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्धता सुनिश्चित की है। वहीं, विश्व बैंक विकास समिति की बैठक में शुक्रवार को सीतारमण ने भारत सरकार की तरफ से दी जाने वाली सब्सिडी को एकआयामी दृष्टिकोण से नहीं देखने का विश्व बैंक से अनुरोध करते हुए कहा कि नुकसानदायक सब्सिडी और संवदेनशील परिवारों को दिए जाने वाले समर्थन में अंतर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के कई अहम मानकों पर भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में सब्सिडी का बड़ा योगदान रहा है। मंत्री ने कहा, हमारी विश्व बैंक से अपील है कि सब्सिडी को एकआयामी नजरिये से देखना बंद किया जाये। नुकसानदायक सब्सिडी और संवेदनशील परिवारों को टारगेट करके दिए जाने वाले समर्थन के बीच अंतर करना जरूरी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष और सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक मनोज सिंह मंडावी का दिल का दौरा पड़ने के कारण रविवार को निधन हो गया। पार्टी के नेताओं ने यह जानकारी दी। कांग्रेस की संचार इकाई के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि मंडावी (58) को दिल का दौरा पड़ने के बाद पड़ोसी धमतरी शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सुबह उनका निधन हो गया। कांकेर जिले में भानुप्रतापपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मंडावी शनिवार रात को जिले के चरामा इलाके में अपने पैतृक गांव नथिया नवागांव में थे। शुक्ला ने बताया कि उन्होंने बेचैनी होने की शिकायत की थी जिसके बाद उन्हें चरामा में एक अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की। उन्होंने बताया कि इसके बाद मंडावी को धमतरी शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका निधन हो गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,401 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,46,28,828 पर पहुंच गई जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 26,625 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार देश में संक्रमण से 21 और लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,28,895 पर पहुंच गई है। इन 21 मामलों में वे 16 लोग भी शामिल हैं जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 26,625 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.06 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में सात मामलों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.76 प्रतिशत हो गई है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार दैनिक संक्रमण दर 1.04 प्रतिशत, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 1.05 प्रतिशत है। देश में अभी तक कुल 4,40,73,308 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। वहीं राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 219.32 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के मामले चार करोड़ के पार हो गए थे। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मौत के पांच मामले सामने आए, जिनमें से छत्तीसगढ़ के दो और झारखंड, ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के एक-एक मरीज थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कानून मंत्रियों और कानून सचिवों के अखिल भारतीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी सुबह करीब साढ़े 10 बजे कानून मंत्रियों और कानून सचिवों के इस अखिल भारतीय सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करेंगे। इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन गुजरात के एकता नगर में कानून और न्याय मंत्रालय की मेजबानी में किया जा रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य नीति निर्माताओं को भारतीय कानूनी और न्यायिक प्रणाली से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक साझा मंच मुहैया करना है। इस सम्मेलन के माध्यम से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी सर्वोत्तम कार्य परंपराओं को साझा करने, नए विचारों का आदान-प्रदान करने और अपने आपसी सहयोग में सुधार करने में सक्षम होंगे। इस कार्यक्रम में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कानून मंत्री और सचिव शामिल होंगे। इस सम्मेलन में तत्काल और किफायती न्याय के लिए विवादों के वैकल्पिक समाधान के तंत्र जैसे मध्यस्थता और पंचाट फैसले, समग्र कानूनी बुनियादी ढांचे का उन्नयन, अप्रचलित कानूनों को हटाना, न्याय तक पहुंच में सुधार, लंबित मामलों को कम करना और तेजी से मुकदमों का निपटान सुनिश्चित करना, बेहतर केंद्र-राज्य समन्वय के लिए राज्य के विधेयकों से संबंधित प्रस्तावों में एकरूपता लाना और अन्य विषयों के साथ-साथ राज्य कानूनी प्रणाली को मजबूत करना जैसे विषयों पर चर्चा होगी। गौरतलब है कि देश में करीब 5 करोड़ मुकदमे पेंडिंग पड़े हुए हैं। इन मुकदमों को निपटाने के लिए न्यायपालिका में जरूरी जजों और कर्मचारियों की कमी है। एक आंकड़े के मुताबिक देश में 10 लाख की आबादी पर जजों की संख्या केवल 20 है, जो कि इतनी बड़ी संख्या में लंबित मामलों को निपटाने के लिए काफी नहीं है। भारत में निचली अदालतों में जजों और कर्मचारियों की सही समय पर भर्ती नहीं होने से हजारों पद खाली पड़े हैं, जिससे न्याय प्रणाली पर बोझ बढ़ा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू-कश्मीर में एक बड़ी आतंकी साजिश नाकम हुई। सुरक्षा बलों ने बांदीपोरा रोड के पास अहस्टिंगो इलाके में एक आईईडी बरामद किया। जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए आतंकियों ने आईईडी को पुल के नीचे प्लांट किया था। फिलहाल, आईईडी को डिफ्यूज करने और नष्ट करने के लिए बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच चुका है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इन दिनों नशे के काले कारोबार में लगातार महिलाओं की भी एंट्री देखने को मिल रही है। नशे के सौदागर महिलाओं को अपना सॉफ्ट टारगेट बना रहे हैं और फिर उन्हीं की मदद से ड्रग्स का धंधा कर रहे हैं। दरअसल, रांची में इन दिनों ड्रग्स सप्लायर कुछ ज्यादा ही एक्टिव हैं। नशे के इन सौदागरों द्वारा महिलाओं का इस्तेमाल करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। हाल के दिनों में रांची में नशे के कारोबार में महिलाओं की सांठगांठ देखने को मिली है। इस मामलों में कुछ महिलाओं की गिरफ्तारी भी हुई है। इन महिलाओं में ज्योति भारद्वाज उर्फ ज्योति शर्मा भी शामिल है। वह सुखदेव नगर इलाके की रहनेवाली है, पेश से पहले वह मॉडल रही है। ज्योति दिल्ली में रहकर मॉडलिंग किया करती थी। इस दौरान उसकी जान-पहचान कई लोगों से हुई। वहीं उसका क्लब और डिस्को भी जाना होता था। हालांकि कोरोना काल के दौरान वह रांची पहुंची और लॉकडाउन के दरम्यान उसने नशे की दुनिया में कदम रखा। वह कुछ लड़कों के साथ मिलकर ब्राउन शुगर का धंधा करने लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन, जेल से निकलने के बाद ज्योति फिर से इस धंधे में लिप्त हो गई और अपनी मां मोनी देवी को भी इस अवैध कारोबार में शामिल कर लिया।
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