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Published / 2023-01-08 14:09:07
महाराष्ट्र : हिंगोली जिले में भूकंप के झटके से हिली 50 गांवों की धरती

एबीएन सेंट्रल डेस्क। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में रविवार तड़के भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गये। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गयी। जिला प्रशासन का कहना है कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। जिला प्रशासन की आपदा प्रबंधन इकाई के मुताबिक हिंगोली जिले के वसमत, औंधा नागनाथ और कलमनुरी तहसील के करीब 40 से 50 गांवों में तड़के साढ़े 4 बजे भूकंप के झटके महसूस किये। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि भूकंप का केंद्र हिंगोली में पांच किलोमीटर गहराई में था।

जानकारी के अनुसार ग्रामीण गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक जमीन से आवाजें आने लगीं। भूकंप के झटके लगते ही भयभीत ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आये। पिंपलदारी के बापूराव घोंगड़े ने कहा कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में आज सबसे तेज आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों के अनुसार हिंगोली जिले में विशेष रूप से वासमत, कलननुरी और औंधा नागनाथ तहसीलों के गांवों में पिछले आठ-दस वर्ष से जमीन से आवाजें आ रही हैं। प्रशासन का कहना है कि यह आवाजें सूक्ष्म भूमिगत हलचल के कारण आ रही हैं। हिंगोली भूकंप के लिहाज से कम खतरे वाले क्षेत्र जोन-2 में वर्गीकृत है।

Published / 2023-01-08 11:52:06
यूपी के पूर्व स्पीकर व बंगाल के पूर्व राज्यपाल केएन त्रिपाठी का निधन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूपी विधानसभा के पूर्व स्पीकर और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। जानकारी के मुताबिक उन्होंने 8 जनवरी सुबह करीब 5 बजे अंतिम सांस ली। उनका घर पर चल ही इलाज चल रहा था। वह तीन बार विधानसभा अध्य्क्ष भी रहे।

Published / 2023-01-08 10:29:56
तेजी से आगे बढ़ रहा है भारत, लेकिन यह ग्रोथ का गुब्बारा कभी नहीं फटने वाला : गौतम अडानी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनिया के तीसरे सबसे अमीर उद्योगपति गौतम अडानी ने इंडिया टीवी के कार्यक्रम आप की अदालत में भारत के विकास और अडानी ग्रुप की ग्रोथ पर भी बात की। उन्होंने अडानी के विकास का गुब्बारा फूटने को लेकर किये गये प्रश्न के जवाब में प्रतिक्रिया भी दी। अडानी ने कहा कि जब तक भारत आगे बढ़ता रहेगा, यह गुब्बारा भी आगे-आगे चलता रहेगा। 

मेरे मुताबिक भारत जिस पॉजिशन में है, वर्ष 2050 तक देश की अर्थव्यवस्था 30 ट्रिलियन डॉलर को छू लेगी। उन्होंने कहा कि आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। आजादी के बाद भारत को एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने में 58 साल का समय लगा है। लेकिन अगले 12 सालों में देश की अर्थव्यवस्था 2 ट्रिलियन की हो जायेगी। जबकि अगले पांच सालों में हमारी अर्थव्यवस्था 3 ट्रिलियन की हो सकती है। अडानी ने आगे कहा कि देश के विकास करने के साथ ही लोगों की आय भी बढ़ेगी, जो कि एक स्वाभाविक सी बात है। 

अर्थव्यवस्था के बढ़ते ही देश में रोजगार के नये अवसर बनेंगे। मेरा मानना है कि भारत को आने वाले सालों में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। 60 वर्षीय गौतम अडानी (जो लुई वुइटन के बर्नार्ड अरनॉल्ट और टेस्ला के प्रमुख एलोन मस्क के बाद दुनिया के तीसरे सबसे अमीर इंसान हैं) ने अपने समूह को भारत में अधिकांश क्षेत्रों में शीर्ष पर पहुंचाया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा समूह के बाद अडानी समूह देश का तीसरा सबसे बड़ा समूह है।

गौतम अडानी के समूह में ऊर्जा, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, खनन- संसाधन, गैस, रक्षा- एयरोस्पेस और हवाई अड्डों में फैले व्यवसायों के साथ सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध सात व्यवसाय शामिल हैं। पिछले पांच वर्षों में, प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज ने नये विकास क्षेत्रों में भारी निवेश किया है। इसमें हवाई अड्डे, सीमेंट, कॉपर रिफाइनिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन, पेट्रोकेमिकल रिफाइनिंग, सड़कें और सौर सेल निर्माण जैसे क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं। 

भविष्य को देखते हुए गौतम अडानी टेलीकॉम स्पेस में प्रवेश करने की योजना बना रहे हैं और उनकी योजना है कि ग्रीन हाइड्रोजन और हवाई अड्डों के कारोबार को और व्यापक स्तर पर बढ़ाया जाये।

Published / 2023-01-08 08:24:10
विकसित भारत बनाने के लिए बुनियादी ढांचा, निवेश और नवाचार पर है ध्यान : मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए बुनियादी ढांचा, निवेश, नवाचार, समावेशन के चार स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। मोदी ने मुख्य सचिवों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में स्थिरता लाने के लिए पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। इस दौरान उन्होंने एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम की शुरुआत की और राज्यों से ब्लॉक स्तर पर चल रहे एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम का अनुसरण करने की सलाह दी। 

इससे पहले, मोदी ने आज दिन में मुख्य सचिवों से अपील की कि वे लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और भारत के विकास पथ को मजबूत करने के लिए काम करें। 
उन्होंने ट्वीट कर कहा, "पिछले दो दिनों से, हम दिल्ली में मुख्य सचिवों के सम्मेलन में व्यापक चर्चा देख रहे हैं। आज की मेरी टिप्पणी के दौरान, उन विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला पर जोर दिया गया, जो लोगों के जीवन को बेहतर बना सकते हैं और भारत के विकास पथ को मजबूत कर सकते हैं।

इधर, सरकार ने कहा है कि पांच जनवरी से शुरू हुए मुख्य सचिवों के सम्मेलन का उद्देश्य राज्यों के साथ समन्वय में तेजी से और निरंतर आर्थिक विकास करना था। मुख्य सचिवों का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन आज संपन्न हुआ। मोदी ने अंतिम दो दिन सम्मेलन की अध्यक्षता की।

Published / 2023-01-07 18:26:25
ज्ञान एवं विज्ञान का अक्षय उद्गम स्थल है एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग रांची : प्राचार्य

टीम एबीएन, रांची। सीबीएसई द्वारा आयोजित क्षेत्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग के विद्यार्थियों ने शानदार तरीके से अपने मॉडल की प्रस्तुति दी, जिसमें अभिनव कुमार प्रसाद एवं अमन राज के मॉडल का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया गया, जो फरवरी माह में गुड़गांव में आयोजित की जायेगी। 

प्रारूप के मद्दे नजर यह बताया गया है कि वर्तमान परिदृश्य में पर्याप्त स्थान के अभाव के कारण एक दूसरे के सन्निकट मकान का निर्माण किया जा रहा है, जिस कारण मकान के प्रत्येक कमरों में पर्याप्त मात्रा में सूर्य की रौशनी एवं हवा नहीं पहुंच पाती है। 

इन विद्यार्थियों ने अपने द्वारा तैयार मॉडल के माध्यम से इन विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया है। इसके साथ ही इस तकनीकी के माध्यम से प्राप्त होने वाली सूर्य की रौशनी  का सौर ऊर्जा के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है। 

इसके साथ ही इस पूरे तकनीक को घर से दूर रहकर भी मोबाइल के माध्यम से संचालित किया जा सकता है। समस्त परियोजना विद्यालय के  विज्ञान विभाग के शिक्षकों  के मार्गदर्शन में तैयार की गई थी। 

विद्यार्थियों की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य श्री एस के मिश्रा ने  दोनों चयनित विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं मार्गदर्शक शिक्षक की भूरि- भूरि प्रशंसा की एवं अपने आशीर्वचन में कहा कि विद्यार्थी अपने   नवाचार, कौशल एवं रचनात्मकता के आधार पर नये आविष्कार  कर मानव जीवन को सुगम बनाने की दिशा में सार्थक पहल करते रहें। आगामी राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले प्रतियोगिता के लिए प्राचार्य ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं भी दी।

Published / 2023-01-07 12:05:48
देश में कोरोना : 24 घंटे में मिले 214 नये संक्रमित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित 214 नए मरीज सामने आये हैं। इस अवधि में 204 लोग स्वस्थ हुए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना वायरस के कुल एक्टिव मामले 2,509 हैं। 

इसके साथ देश में अबतक 4,41,46,534 लोग कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में देशभर में 1.88 लाख नमूनों की जांच की गयी। अबतक कुल 91.19 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है। देश का मौजूदा रिकवरी रेट 98.8 है और दैनिक संक्रमण की दर 0.11 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में कोरोना वैक्सीन की 56,997 खुराक दी गयी। इसके साथ देश में अबतक कुल 220.13 करोड़ वैक्सीन दी जा चुकी है।

Published / 2023-01-06 22:49:05
आंध्र प्रदेश सरकार ने लगायी सड़क पर रैली-प्रदर्शन पर रोक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आंध्र प्रदेश सरकार ने जन सुरक्षा का हवाला देते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग समेत विभिन्न सड़कों पर जन सभाएं तथा रैलियां आयोजित करने पर रोक लगा दी है। दरअसल, पिछले सप्ताह कंदुकुरु में राज्य की मुख्य विपक्षी दल तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) की एक रैली में भगदड़ मचने से आठ लोगों की मौत हो गयी थी। पुलिस के अनुसार लोग बड़ी संख्या में सभास्थल पर पहुंच गये थे और लोगों में आगे जाने की आपाधापी होने लगी थी, इससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी। इसके बाद गुंटूर में एक तारीख को तेदेपा के संक्रांति उपहार कार्यक्रम में फिर से भगदड़ मच गई और फिर तीन लोगों की जान चली गयी। इस तरह की दुर्घटनाएं और इनमें निर्दोष लोगों की मौत, दोनों ही दुखद और चिंतनीय है। लेकिन इस वजह की आड़ में अगर जनसभा और रैली करने के लोकतांत्रिक अधिकार को खत्म करने की कोशिश की जाये, तो यह भी बड़ी चिंता का विषय है।

कुछ दिनों के भीतर तेदेपा की दो रैलियों में एक जैसी दुर्घटनाएं हुईं, तो निश्चित ही इसमें कहीं न कहीं प्रशासनिक व्यवस्था की चूक है। राज्य के एक पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन ने न यह अनुमान लगाया कि सभा में कितने लोग पहुंच सकते हैं, न किसी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी थी। कायदे से राज्य सरकार को इस लापरवाह इंतजाम की समीक्षा करनी चाहिए। लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसका उपाय करने के लिए जगनमोहन रेड्डी की सरकार ने इस सोमवार को पुलिस कानून, 1861 के प्रावधानों के तहत निषेधाज्ञा जारी कर दी है।

आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक सड़कों पर जनसभा करने का अधिकार पुलिस कानून, 1861 की धारा 30 के तहत नियमन का विषय है। सरकारी आदेश में संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र से ऐसे स्थानों की पहचान करने के लिए कहा है जो जन सभाओं के लिए सार्वजनिक सड़कों से दूर हों, ताकि यातायात, लोगों की आवाजाही, आपात सेवाओं, आवश्यक सामान की आवाजाही आदि बाधित न हो। आंध्र प्रदेश के प्रधान सचिव ने कहा है कि प्राधिकारियों को सार्वजनिक सड़कों पर जनसभाओं की अनुमति देने से बचना चाहिए। केवल दुर्लभ और असाधारण परिस्थितियों में ही सार्वजनिक सभाओं की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है और इसकी वजहें लिखित में दर्ज होनी चाहिए।

देश में लोकतंत्र के लिए घटते स्थान पर चिंता करने का अब एक और कारण बढ़ गया है। दो साल पहले नीति आयोग के अमिताभ कांत ने भारत में टू मच डेमोक्रेसी यानी जरूरत से अधिक लोकतंत्र का फिकरा कसा था। अब आंध्र प्रदेश के प्रधान सचिव दुर्लभ और असाधारण परिस्थितियों में सार्वजनिक सभा की अनुमति देने की बात कह रहे हैं। अगर भारत में राजशाही या किसी और किस्म का शासन तंत्र होता, तब तो इन शब्दों की व्याख्या की जा सकती थी, लेकिन लोकतंत्र में टू मच या असाधारण परिस्थिति जैसे शब्द ही अलोकतांत्रिक भावना के परिचायक लगते हैं। यह अंग्रेजों का गुलाम भारत नहीं है, जहां गांधीजी को मजबूर होकर सविनय अवज्ञा आंदोलन करना पड़े। यह आजाद भारत है, जिसमें हरेक नागरिक को अपनी बात कहने, सरकार से विरोध प्रकट करने का संवैधानिक अधिकार है। याद दिला दें कि खुद जगन मोहन रेड्डी ने साल 2018 में प्रजा संकल्प यात्रा निकाली थी। इस दौरान जगन मोहन रेड्डी ने 125 निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया। आंध्र प्रदेश का एक भी तटीय इलाका नहीं बचा था जहां जगन ना पहुंचे हों।

उन्होंने लोगों के बीच जाकर उन्हें एक मौका देने की अपील की थी। इसका फायदा उन्हें 2019 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मिला। राज्य की 175 विधानसभा सीटों में से जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाय एस आर कांग्रेस ने 151 सीटों पर जीत दर्ज की और राज्य की 22 लोकसभा सीटों में से सभी पर जीत मिली थी। अगर जगन मोहन रेड्डी की यात्रा पर जनसुरक्षा या किसी और बहाने की आड़ देकर रोक लगाई जाती तो ऐसी बड़ी जीत वे शायद ही दर्ज कर पाते।

रहा सवाल लोगों की हिफाजत या यातायात में आने वाली बाधाओं का, तो इससे निपटने के दूसरे उपायों पर विचार करना चाहिए। भगदड़ केवल जनसभाओं में नहीं मचती, धार्मिक स्थलों, मेलों या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी भगदड़ की दुर्घटनाएं हुई हैं। लेकिन सरकार ऐसी जगहों पर होने वाली उमड़ने वाली भीड़ को न रोक सकती है, न इन्हें गैरकानूनी करार दे सकती है। इसी तरह जनसभाओं और रैलियों पर भी रोक नहीं लगना चाहिए। भगदड़ या अन्य किस्म की अव्यवस्था पर रोक लगाने का एक ही तरीका है कि भीड़ को धैर्य से संभाला जाये, जगह के अनुपात में ही लोगों को प्रवेश की अनुमति दी जाये, प्रवेश और निकासी के वक्त सख्ती से लोगों को निर्देश दिये जायें। इस तरह दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। विपक्ष तो इस आदेश का विरोध कर रहा है, लेकिन भाजपा सांसद जीवी एल नरसिम्हा राव ने सरकार के इस फैसले का सशर्त समर्थन किया है।

गौरतलब है कि पांच साल पहले 2018 में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने जंतर मंतर के आसपास सभी तरह के प्रदर्शन और धरने आयोजित करने पर प्रतिबंध लगा दिया था और कहा था कि ऐसी गतिविधियां पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करती हैं। इस प्रतिबंध को मजदूर किसान शक्ति संगठन, पूर्व कर्मचारी आंदोलन और अन्य ने चुनौती देते हुए कहा था कि प्रदर्शन करना उनका मौलिक अधिकार है। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने भी आदेश दिया था कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने या धरना देने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लग सकता है। अदालत ने कहा था कि नागरिकों के प्रदर्शन करने और शांत जीवन जीने के दोनों परस्पर विरोधी अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता है। आज ऐसा ही संतुलन आंध्र प्रदेश सरकार को भी बरतने की जरूरत है।

Published / 2023-01-06 22:45:04
एएसआई से संरक्षित 3,693 ऐतिहासिक स्मारकों में से 50 गायब

एबीएन सेंट्रल डेस्क। संस्कृति मंत्रालय ने हाल ही में संसद की एक समिति को बताया कि पूरे देश में पुरातत्व विभाग (एएसआई) द्वारा संरक्षित 3,693 ऐतिहासिक स्मारकों में से 50 गायब हो गये हैं। सवाल लाजमी है कि स्मारक गायब कैसे हो सकते हैं? आखिर क्या मतलब है स्मारकों के गायब होने का? जवाब मंत्रालय द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी में है। मंत्रालय के मुताबिक इन 50 स्मारकों में से 14 शहरीकरण की भेंट चढ़ गये, 12 जलाशयों/बांधों के नीचे डूब गये और 24 का पता नहीं लग पा रहा है।

92 स्मारक थे लापता, 42 मिले
मंत्रालय का कहना है कि इस विषय पर पिछले 10 सालों में दरअसल, कुछ सुधार हुआ है। 2013 में सीएजी ने एक रिपोर्ट दी थी जिसके मुताबिक उस समय देश में 92 स्मारक लापता थे। उसके बाद इन स्मारकों का पता लगाने की कई कोशिशें की गईं जिनकी वजह से कुछ का पता लगाया जा सका।

इन 92 स्मारकों में से 42 का पता लगा लिया गया है और बाकी 50 अलग-अलग कारणों से खो गये। इन 50 में से जिन 24 स्मारकों का बिल्कुल पता नहीं चल पा रहा है उनमें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बीचोंबीच स्थित बाराखंबा कब्रिस्तान और इंचला वाली गुमटी भी शामिल हैं।

इनमें कुछ प्राचीन मंदिर, शैल शिलालेख और पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में एक किले के खंडहर भी शामिल हैं। लेकिन मंत्रालय ने 2013 के बाद यह मालूम करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया है कि जो कुल 3,693 स्मारकें एएसआई द्वारा संरक्षित हैं वो सभी सुरक्षित हैं या नहीं।

संसदीय समिति ने भी इस बात पर चिंता जतायी है और अनुशंसा की है कि एएसआई तुरंत इस दिशा में कदम उठाये। एएसआई के पास संसाधनों की कमी होना इन स्मारकों के गायब हो जाने के बड़े कारणों में से एक है।

संसाधनों की कमी : सभी संरक्षित स्मारकों की निगरानी के लिए करीब 7,000 सुरक्षाकर्मियों की जरूरत है, लेकिन बजट की कमी की वजह से विभाग सिर्फ 2,578 सुरक्षाकर्मी तैनात कर पाया और ये सुरक्षाकर्मी भी कुल 3,693 स्मारकों में से सिर्फ 248 (6.7 प्रतिशत) पर तैनात हैं। अगर स्मारकों पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं होगी तो उनका संरक्षण कैसे हो पायेगा, यह स्मारकों के भविष्य के लिए एक बड़ा सवाल है।

सरकार ने 2022-23 में संरक्षित स्मारकों के रखरखाव के लिए एएसआई को सिर्फ 3.33 करोड़ रुपये दिये थे। समिति ने सरकार से कहा है कि यह धनराशि बेहद अपर्याप्त है और इस काम के लिए आबंटन को बढ़ाया जाये।

इसके अलावा स्मारक अटेंडेंट के पद पर 2,500 लोगों की भर्ती लंबित है। इस वजह से भी इमारतों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है। समिति ने रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए भी कहा है।

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