एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री देश के ऐसे प्रधानमंत्री रहे जिन्होंने नौजवान, जवान और किसान सबकी चिंता की। लेकिन दुर्भाग्य है कि अपने प्रधानमंत्रित्व काल में पाकिस्तान के हुक्मरान से बात करते हुए तब के सोवियत संघ (रूस) और आज के उजबेकिस्तान के ताशकंद में उनकी रहस्यमयी मौत हो गई। यह बातें कायस्थ संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाजपा पार्षद पवन श्रीवास्तव ने सिविल लाइन स्थित एक होटल में शास्त्री की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा।
उन्होंने आगे कहा कि उस वक्त कांग्रेस की केंद्र में सरकार थी, उनकी मौत की गुत्थी आज तक सुलझ नहीं पायी है। उनकी निडरता और देश के प्रति बेपनाह मुहब्बत का ही प्रमाण है कि उन्होंने आजादी के जंग में नारा दिया था-मरो नहीं, मारो। उनकी साफ सुथरी छवि के कारण ही उन्हें 1964 में देश का प्रधानमन्त्री बनाया गया।
पवन श्रीवास्तव ने आगे कहा कि उन्होंने अपने प्रथम संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उनकी शीर्ष प्राथमिकता खाद्यान्न मूल्यों को बढ़ने से रोकना है और वे ऐसा करने में सफल भी रहे। उनके क्रिया-कलाप सैद्धान्तिक न होकर पूर्णतः व्यावहारिक और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप थे। 1965 में अचानक पाकिस्तान ने भारत पर सायं 7.30 बजे हवाई हमला कर दिया।
सेना के तीनों प्रमुखों ने उनसे सारी वस्तुस्थिति समझाते हुए पूछाः सर! क्या हुक्म है? शास्त्री ने एक वाक्य में तत्काल उत्तर दिया : आप देश की रक्षा कीजिये और मुझे बताइये कि हमें क्या करना है? शास्त्री ने इस युद्ध में नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया। इससे भारत की जनता का मनोबल बढ़ा और सारा देश एकजुट हो गया। इसकी कल्पना पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं की थी। उन्होंने उनकी मृत्यु को रहस्यमयी मृत्यु बताया।
श्रद्धाजंलि सभा में शैलेन्द्र श्रीवास्तव, आलोक, कुशाग्र श्रीवास्तव, सतीश श्रीवास्तव, शुभेन्दु श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव आदि शामिल थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सर्दियों के मौसम में भारत के विभिन्न इलाकों में धुंध होना आम बात है लेकिन यह धुंध हजारों लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। दरअसल, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 में ही देश में धुंध के चलते हुए सड़क हादसों में 13,372 लोगों की जान गई थी। इतना ही नहीं इन हादसों में 25,360 लोग घायल भी हुए। इनमें से आधे गंभीर रूप से घायल हुए थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, धुंध के चलते हुए सड़क हादसों में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 में उत्तर प्रदेश में कोहरे के चलते हुए सड़क हादसों में 3782 लोगों की जान गयी। उत्तर प्रदेश के बाद बिहार (1800), मध्य प्रदेश (1233) में सबसे ज्यादा लोगों की जान गई। उल्लेखनीय है कि गोवा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में धुंध के चलते एक भी सड़क हादसा रिपोर्ट नहीं किया गया।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने "रोड एक्सीडेंट इन इंडिया" नाम से ताजा रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट में 10 लाख से ज्यादा निवासियों वाले शहरों में सभी टॉप 6 शहर उत्तर प्रदेश के हैं। इनमें सबसे आगे कानपुर (173), आगरा (108), प्रयागराज (97), गाजियाबाद (91) और लखनऊ (67), वाराणसी (56) का नाम आता है। बिहार की राजधानी पटना में भी कोहरे के चलते हुए सड़क हादसों में साल 2021 के दौरान 56 लोगों की मौत हुई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों में ऐसे हादसों को लेकर जागरुकता लाने की जरूरत है। देश में जैसे जैसे हाइवे और रोड नेटवर्क का जाल बिछ रहा है, ऐसे में कुछ ऐसे उपाय करने की जरूरत है जिससे लोगों को सड़क दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अलर्ट किया जाये। गौरतलब है कि देश में हर साल करीब साढ़े चार लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है। इन मौतों में से करीब 9 फीसदी धुंध के चलते हुए हादसों की वजह से होती है। धुंध के अलावा बारिश के मौसम में भी देश में सड़क हादसों की संख्या में इजाफा देखा जाता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कश्मीर के माछल सेक्टर में आज एक बड़े हादसे की खबर समने आयी है। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास गश्त के दौरान गहरी खाई में गिरने से एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) सहित तीन सैनिकों की मौत हो गयी। सेना ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि जेसीओ और दो अन्य जवान माछिल सेक्टर में नियमित गश्त पर थे, तभी तीनों फिसलकर खाई में गिर गये। दरअसल, ट्रैक पर अचानक से बर्फ गिर आयी जिससे सेना के तीनों जवान फिसलकर गहरी खाई में गिर गये। तीनों के शव को बरामद कर लिया गया है। ये तीनों जवान भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स के सैनिक थे। इनमें 1 जेसीओ (जूनियर कमीशंड ऑफिसर) और 2 ओआर (अन्य रैंक) का एक दल रेगुलर ऑपरेशन के लिए निकला था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित 171 नए मरीज सामने आये हैं। इस अवधि में 148 लोग स्वस्थ हुए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना वायरस के कुल एक्टिव मामले 2,342 हैं। इसके साथ देश में अबतक 4,41,47,322 लोग कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं।
पिछले 24 घंटे में देशभर में 1.80 लाख नमूनों की जांच की गयी। अबतक कुल 91.25 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है। देश का मौजूदा रिकवरी रेट 98.8 है और दैनिक संक्रमण की दर 0.09 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में कोरोना वैक्सीन की 44,397 खुराक दी गयी। इसके साथ देश में अबतक कुल 220.15 करोड़ वैक्सीन दी जा चुकी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जबरन धर्मांतरण को सुप्रीम कोर्ट ने देश के लिये बड़ी समस्या बताया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद केन्द्र में बैठी मोदी सरकार का यह कर्तव्य बन जाता है कि जबरन धर्मांतरण के खिलाफ वह पूरे देश में एक कानून बनाये।
मंगलवार को जारी कांग्रेस के प्रेस-नोट में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी धर्मांतरण को लेकर देश भर में अफवाह फैलाने और राजनीति करने का काम करती है। लेकिन जब इस मामले में ठोस पहल करने या कानून बनाने की बात आती है तब भाजपा की नीयत में खोट साफ नजर आता है। भारतीय जनता पार्टी धर्मांतरण और सांप्रदायिकता पर सिर्फ राजनीति करना चाहती है। वह नही चाहती इस समस्या का कोई ठोस निदान हो। सुप्रीम कोर्ट धर्मांतरण पर चिंतित है वह देश में धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनने की वकालत कर रही है।
ऐसे में मोदी सरकार इस मामले पहल कर शीघ्र कानून बनाना चाहिए। अलग-अलग राज्य धर्मांतरण के मामले में कानून बना रहे है। लेकिन जब यह समस्या पूरे देश की है तब एक राष्ट्र एक कानून के सिद्धांत का पालन धर्मांतरण में भी होना चाहिये।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा अपने राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में धर्मांतरण को लेकर चिंता व्यक्त करती है, लेकिन अपनी ही केन्द्र सरकार को कानून बनाने के लिके उसने कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया। आरएसएस, भाजपा धर्मांतरण को लेकर ईसाईयों के उपर आरोप लगाती है, लेकिन आरएसएस स्वंय ईसाई समुदाय के लिये क्रिसमस का भोज आयोजित करवाती है। संघ का यह दोहरा चरित्र यह बताने के लिये पर्याप्त है कि संघ के लिये धर्मांतरण और सांप्रदायिकता ऐसा राजनैतिक एजेंडा है जो वह समय-समय पर भाजपा की राजनैतिक जरूरतों के अनुसार बदलती रहती है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ विशेषकर बस्तर में धर्मांतरण को लेकर जो विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है उसके पीछे भाजपा का षड़यंत्र और पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की अदूरदर्शिता है। भारतीय जनता पार्टी के 15 सालों में छत्तीसगढ़ धर्मांतरण का केंद्र बन गया था। बस्तर के कुछ क्षेत्रों में जो स्थितियां पैदा हुई है उसके पीछे 15 सालो तक चली गतिविधियां जिम्मेदार है। जिसको रोकने की दिशा में भाजपा की रमन सरकार ने कभी ध्यान नहीं दिया। तब धर्मांतरण की गतिविधियों को संचालित करने वालों का दखल तत्कालीन सीएम हाउस तक था। राज्य सरकार उनके प्रति नर्म सख्त अख्तियार किये हुये थी। 2004 से 2018 तक बस्तर में अधिकांश चर्च बने। भाजपा के नेता मंत्री प्रार्थना सभाओं में शामिल हुआ करते थे। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 98 प्रतिशत चर्च भाजपा के रमन राज में बने।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूरे उत्तर भारत में ठंड का कहर जारी है। दिल्ली में मंगलवार सुबह घना कोहरा छाया रहा जिससे दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गई और सड़क तथा रेल यातायात प्रभावित हुआ। ऐसे में भारी कोहरे के कारण करीब आज 277 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। बता दें कि मौसम विभाग के अनुसार पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार के कई हिस्सों में भीषण ठंड और घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। अगले 2-3 दिनों तक लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।
वहीं, रेलवे की वेबसाइट के मुताबिक 277 ट्रेनों को पूरी तरह से कैंसिल किया गया है तो वहीं 50 ट्रेनों को आंशिक तौर पर रद्द कर दिया गया है। साथ ही 38 ट्रेनों को रिशेड्यूल किया गया है और 17 ट्रेनों के रूटों में बदलाव किया गया है। रेलवे के मुताबिक, की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन ट्रेनों में ज्यादातर ट्रेनों को कोहरे के कारण कैंसिल किया गया है और बाकी के ट्रेनों को परिचालन और मरम्मत कार्य के कारण रद्द किया गया है। वहीं इसके साथ ही खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब 40 उड़ानें देरी से चल रही हैं। सुबह 7 बजे तक किसी फ्लाइट के डायवर्जन की सूचना नहीं थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित 121 नये मरीज सामने आये हैं। इस अवधि में 172 लोग स्वस्थ हुए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना वायरस के कुल एक्टिव मामले 2,319 हैं। इसके साथ देश में अबतक 4,41,47,174 लोग कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं।
पिछले 24 घंटे में देशभर में 1.69 लाख नमूनों की जांच की गयी। अबतक कुल 91.23 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है। देश का मौजूदा रिकवरी रेट 98.8 है और दैनिक संक्रमण की दर 0.07 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में कोरोना वैक्सीन की 56,829 खुराक दी गयी। इसके साथ देश में अबतक कुल 220.14 करोड़ वैक्सीन दी जा चुकी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की नदियों में जम रही गाद के कारण सिर्फ बाढ़ का ही खतरा नहीं बढ़ा है, बल्कि इससे बांधों (डैम) की जल संग्रह क्षमता भी प्रभावित हो रही है। संयुक्त राष्ट्र ने इस गंभीर खतरे के प्रति सतर्क करते हुए अपने एक हालिया अध्ययन में दावा किया है कि अगर स्थितियां नहीं सुधरीं, तो वर्ष 2050 तक भारत के 3,700 डैम की जल संग्रह क्षमता 26 फीसदी कम हो जायेगी। केंद्रीय जल आयोग ने वर्ष 2015 में रिपोर्ट दी थी कि देश के 141 बड़े डैमों में से एक चौथाई की कम से कम 30 फीसदी जल संग्रह क्षमता कम हो चुकी है।
गाद के कारण विश्व के 50 हजार से ज्यादा बड़े डैम की जल संग्रह क्षमता 13-19 प्रतिशत कम हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के जल, पर्यावरण व स्वास्थ्य से संबंधित संस्थान यूएनयू-आइएनडब्ल्यूईएच ने अध्ययन के हवाले से अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि वर्ष 2050 तक 150 देशों के 47,403 बड़े डैम की सम्मिलित जल संग्रह क्षमता 6,316 से घटकर 4,665 अरब घन मीटर रह जायेगी।
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