एबीएन बिजनेस डेस्क। साख निर्धारित करने वाली इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा आयकर में कटौती जैसे प्रमुख सुधार और व्यापार समझौते, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के रूप में काम करेंगे।
साथ ही अर्थव्यवस्था को वैश्विक उथल-पुथल से बचायेंगे। इंडिया रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा कि अर्थव्यवस्था में अगले वित्त वर्ष में भी उच्च वृद्धि दर और कम महंगाई दर (औसतन 3.8 प्रतिशत खुदरा मुद्रास्फीति) की स्थिति बनी रहेगी।
कम शुल्क वाले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि के आंकड़ों में और इजाफा होगा। एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष में आधार वर्ष 2011-12 पर आधारित जीडीपी वृद्धि 7.4 प्रतिशत और बाजार मूल्य पर जीडीपी नौ प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
इंडिया रेटिंग्स को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय रुपया औसतन 92.26 प्रति डॉलर रहेगा जो मौजूदा वित्त वर्ष में 88.64 प्रति डॉलर से अधिक है। एजेंसी ने साथ ही कहा कि सरकार के विशेष रूप से न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) विदेशी निवेश को बढ़ावा देंगे और अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करके चालू खाता घाटा (सीए) को कम रखने में मदद करेंगे।
पंत ने कहा कि सीमा शुल्क को युक्तिसंगत बनाना एवं विकसित भारत-राम-जी अधिनियम के तहत आवंटन एक फरवरी को निर्धारित 2026-27 के केंद्रीय बजट में अपेक्षित प्रमुख घोषणाएं होंगी। इसके अलावा, 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को भी एक फरवरी को सार्वजनिक किया जायेगा।
इसमें एक अप्रैल से शुरू होने वाले पांच वर्षों के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर हस्तांतरण के अनुपात का सुझाव दिया गया है। रेटिंग एजेंसी के अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में कर राजस्व में दो लाख करोड़ रुपये की कमी आयेगी जिसकी भरपाई गैर-कर राजस्व संग्रह और पूंजीगत व्यय में मामूली कमी से की जायेगी।
चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट में अनुमानित 4.4 प्रतिशत और वास्तविक रूप से 15.69 लाख करोड़ रुपये रहेगा। एजेंसी के अनुसार, संशोधित अनुमानों (आरई) में निरपेक्ष रूप से आंकड़ा बढ़ सकता है, हालांकि प्रतिशत के रूप में 4.4 प्रतिशत ही रहेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। हर साल की तरह इस बार भी देश को बजट का बेसब्री से इंतजार है, लेकिन इस बार तारीख को लेकर थोड़ा असमंजस बना हुआ है। वजह है कैलेंडर का एक पन्ना, जिस पर 1 फरवरी के दिन रविवार लिखा है। आमतौर पर रविवार को सरकारी कामकाज बंद रहते हैं, लेकिन क्या देश का बही-खाता पेश करने के लिए छुट्टी का दिन चुना जायेगा?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने के लिए तैयार हैं। सरकारी गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, सरकार इस बार भी 1 फरवरी को ही बजट पेश करने की योजना बना रही है, भले ही उस दिन रविवार क्यों न हो। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है।
इस सस्पेंस को खत्म करने के लिए बुधवार को एक बेहद अहम बैठक होने जा रही है। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की इस बैठक में संसद के बजट सत्र की तारीखों के साथ-साथ बजट पेश करने के दिन पर भी अंतिम मुहर लगेगी।
अगर समिति रजामंदी देती है, तो यह देश के इतिहास में उन चुनिंदा मौकों में से एक होगा जब छुट्टी के दिन संसद चलेगी और बजट पेश किया जाएगा। इससे पहले भी विशेष परिस्थितियों में सरकारें रविवार को बजट पेश करती रही हैं, इसलिए यह कोई असंभव बात नहीं है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को मंगलवार को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है और उन्हें एक छाती रोग विशेषज्ञ की निगरानी में रखा गया है।
यह एक नियमित भर्ती बताई जा रही है, लेकिन अस्पताल के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि सोनिया गांधी को पुरानी खांसी की समस्या है और वे शहर में प्रदूषण को देखते हुए नियमित जांच के लिए आती रहती हैं। उन्हें सोमवार शाम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी की स्वास्थ्य स्थिति ठीक है। उन्हें विशेष रूप से छाती से संबंधित समस्याओं के लिए चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है। उन्हें पहले से ही पुरानी खांसी की शिकायत रही है, जिसके कारण वे नियमित अंतराल पर अस्पताल आकर अपनी जांच करवाती हैं। गांधी दिसंबर 2025 में 79 साल की हो गयी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (गुना)। आज दिनांक 04 01/2026 को गुना जिले की बमोरी तहसील के ग्राम बिशनवाड़ा में संत रामपाल जी महाराज का सत्संग संपूर्ण हुआ। सत्संग में हजारों की संख्या में श्रद्धालु सत्संग देखने के लिए उपस्थित रहे।
तहसील कोआॅर्डिनेटर रामप्रसाद दास का कहना है कि संत रामपाल जी महाराज का कार्यक्रम हर रविवार को होता है। पूरे जिले भर में होता है। स्थानीय सेवादार मानसिंह दास और कमलेश दास इनका कहना है कि संत रामपाल जी महाराज का सपना है नशा मुक्त हो भारत।
अपना और जैसे रिश्वतखोरी देश जैसी कुरीतियों को जड़ से खत्म करना। रामप्रसाद दास का कहना है कि हर रविवार को संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग इसी तरह हर तहसील में और पूरे मध्य प्रदेश में इसी तरह चलता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वाराणसी में 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह डॉ संपूर्णानंद खेल स्टेडियम में होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को बताया कि यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 4 से 11 जनवरी तक होगी और इसमें देशभर के प्रतिभागी भाग लेंगे।
प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों और संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाली 58 टीमों के एक हजार से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह टूर्नामेंट भारतीय वॉलीबॉल में उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा, खेल भावना और प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
वाराणसी में 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन शहर में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और खेल प्रतिभाओं के विकास को बढ़ावा देने पर बढ़ते जोर को दर्शाता है।
यह आयोजन वाराणसी को प्रमुख राष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों की मेजबानी में इसकी बढ़ती भूमिका के अनुरूप है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बुलेट ट्रेन कब तक चलेगी, नए साल के मौके पर रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने जानकारी दे दी है। उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 तक तैयार हो जाएगी। यह ट्रेन सबसे पहले गुजरात के सूरत से बापी के बीच दौड़ेगी। ट्रेन सेवा पहले सूरत से बिलिमोरा के बीच सेवा शुरू होगी।
इसके बाद वापी से सूरत का सेक्शन खुलेगा। फिर वापी से बुलेट ट्रेन अहमदाबाद तक चलेगी। इसके बाद ठाणे से अहमदाबाद का सेक्शन शुरू होगा। अंत में मुंबई से अहमदाबाद तक पूरी बुलेट ट्रेन सेवा शुरू हो जाएगी।
भारतीय रेलवे के इतिहास में जल्द ही एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को घोषणा करते हुए कहा कि 15 अगस्त 2027 को देश को पहली बुलेट ट्रेन मिल जाएगी। अश्विनी वैष्णव ने मजाकिया लहजे में कहा कि आप अभी से बुलेट ट्रेन की टिकट खरीद लीजिए, अगले साल बुलेट ट्रेन भी आ जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
गुजरात में बुलेट ट्रेन का काम काफी हद तक आगे बढ़ चुका है। अश्विनी वैष्णव के की तरफ से बताई गई तारीख के मुताबिक, बुलेट ट्रेन गुजरात में अगले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले दौड़ने लगेगी। रेल मंत्री कई बार गुजरात में बुलेट ट्रेन के काम की प्रगति जांच चुके हैं।
पीएम मोदी भी बुलेट ट्रेन के काम की प्रगति को देख चुके हैं। पिछले साल नवंबर में ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति का भी जायजा लिया था। इसके लिए पीएम मोदी सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने काम में लगे इंजीनियरों और कर्मचारियों से बातचीत भी की थी।
इससे जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें पीएम मोदी सूरत स्टेशन पर काम की बारीकी से जांच करते हुए नजर आये। इस दौरान उन्होंने इंजीनियरों और कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि काम में किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है और प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए किस तरह से काम किए जा रहे हैं? इस दौरान कर्मचारियों ने बताया कि हर स्तर पर पूरी मेहनत और बारीकी के साथ काम किया जा रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (गुना)। नये साल पर लोग एक दूसरे को शुभकामनाएं और बधाई दे रहे। वही दूसरी तरफ हरियाणा के हांसी में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज को उनके द्वारा समाज हित में किये जा रहे निस्वार्थ कार्यों के लिए जन सेवक रत्न की उपाधि से विभूषित किया गया। जिसका लाइव प्रसारण गुना जिले के दो जगह आरोन के क्योपुर तथा चाचोड़ा के बीनागंज में किया गया।
इस गौरवमयी कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर किसान प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संत रामपाल जी महाराज द्वारा समाज में फैले अंधविश्वास, नशाखोरी और कुरीतियों के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान की सराहना करना और उन्हें सम्मानित करना था।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने संत रामपाल जी महाराज को किसानों का मसीहा बताते हुए कहा कि उनके आध्यात्मिक ज्ञान ने न केवल लोगों को मानसिक शांति दी है, बल्कि उन्हें एक नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा भी प्रदान की है। उपस्थित जनसमूह ने उनके द्वारा स्थापित सतलोक आश्रमों के माध्यम से किये जा रहे परोपकारी कार्यों, जैसे रक्तदान शिविरों का आयोजन और दहेज मुक्त विवाह, को क्रांतिकारी कदम बताया।
इस अवसर पर यह रेखांकित किया गया कि उनके मार्गदर्शन में लाखों परिवारों ने नशे जैसी घातक बुराइयों को त्याग कर एक खुशहाल जीवन की शुरुआत की है। यह सम्मान समारोह इस बात का प्रमाण है कि संत रामपाल जी महाराज का जीवन मानवता की सेवा के लिए पूर्णत: समर्पित है।
उनके अनुयायियों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, समाज में व्याप्त अनैतिकता को समाप्त करने और आध्यात्मिक जागृति लाने का जो बीड़ा महाराज जी ने उठाया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। जन सेवक रत्न सम्मान केवल एक उपाधि नहीं, बल्कि उनके द्वारा किए गए सामाजिक उत्थान और मानवीय कल्याण के उन महान कार्यों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है, जिनका पूरा श्रेय सीधे संत रामपाल जी महाराज को जाता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (नरसिंहपुर)। श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित तत्वज्ञान और मनुष्य जीवन के परम लक्ष्य पूर्ण मोक्ष को लेकर रविवार को जिला नरसिंहपुर के आमगांव छोटा में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में एक विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में गीता, वेद और सूक्ष्मवेद के प्रमाणों के माध्यम से बताया गया कि चौरासी लाख योनियों में मनुष्य जीवन ही ऐसा अवसर है, जिसमें जन्म-मृत्यु के चक्र से सदा के लिए मुक्ति संभव है।
संत रामपाल जी महाराज ने गीता अध्याय 18 श्लोक 62 व 66 का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि साधक को सर्वभाव से उस परमेश्वर की शरण में जाना चाहिए, जिसकी कृपा से परम शांति और सनातन परमधाम सत्यलोक की प्राप्ति होती है। साथ ही गीता अध्याय 15 श्लोक 4 और अध्याय 4 श्लोक 34 के आधार पर यह बताया गया कि तत्वदर्शी संत से ही तत्वज्ञान प्राप्त होता है, जो अज्ञान रूपी बंधन को काटकर पूर्ण मोक्ष का मार्ग दिखाता है।
सत्संग में गीता अध्याय 17 श्लोक 23 के अनुसार ॐ, तत्सत तीन मंत्रों के रहस्य पर भी प्रकाश डाला गया और बताया गया कि तत्वदर्शी संत तीन प्रकार के नाम उपदेश द्वारा साधक को काल और पूर्ण परमात्मा के भेद से परिचित कराते हैं। संत रामपाल जी महाराज ने कबीर साहेब व संत गरीबदास जी की वाणियों के प्रमाण देते हुए तत्वदर्शी संत की पहचान, शास्त्रानुकूल भक्ति और पूर्ण गुरु की आवश्यकता को सरल भाषा में समझाया।
कार्यक्रम में गांव के भगत जीवन दास, चंद्र कांत, दिनेश प्रजापति, चंदू वर्मा, नीलेश वर्मा, शालक वर्मा, महेद्र शर्मा, जगमोहन शर्मा आदि भगतआत्माएं मौजूद रही। कार्यक्रम के अंत में संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान को समझकर अनेक श्रद्धालुओं ने उनसे नाम दीक्षा ग्रहण की।
श्रद्धालुओं को यह भी जानकारी दी गई कि वे संत रामपाल जी महाराज का सत्संग प्रतिदिन साधना चैनल पर शाम 7:30 बजे से 8:30 बजे तक देख-सुन सकते हैं तथा यू ट्यूब और संत रामपाल जी महाराज सर्च कर उनके प्रवचन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। श्रद्धालुओं ने इस सत्संग को अपने जीवन का निर्णायक मोड़ बताया।
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