एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को एक दिवसीय यात्रा पर जयपुर पहुंची। द्रौपदी मुर्मू सीकर रोड़ स्थित नींदड़ में 1008 कुण्डीय हनुमान महायज्ञ और श्रीराम कथा में शामिल हुई। उन्होंने जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ विश्वकल्याण के लिए हवन में पूर्णाहुति दी। इस दौरान राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे।
इस दौरान राष्ट्रपति ने महायज्ञ में पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके बाद राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने यज्ञशाला की परिक्रमा लगाई। इस दौरान राष्ट्रपति ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी से मुलाकात कर उनका अभिनंदन भी किया।
इससे पहले राष्ट्रपति के जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनकी अगवानी की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा, सांसद मदन राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली)। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने करीब 58000 टन बिटुमिनस कंक्रीट पेविंग से सड़कों का पक्कीकरण कर लगातार दो नये रिकार्ड बनाये हैं और नया इतिहास रचा हैं।
श्री गड़करी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा राजमार्ग इंजीनियरिंग में नये वैश्विक मानक स्थापित करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने निरंतर बिटुमिनस कंक्रीट पेविंग में दो और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल करके इतिहास रचा है। लगातार 156 लेन-किमी पक्कीकरण और 57,500 टन बिटुमिनस कंक्रीट का रिकॉर्ड बनाया गया जो 84.4 लेन-किमी के पिछले विश्व रिकॉर्ड को पार कर गया।
पुट्टपर्थी के पास 6-लेन बेंगलुरु-कडपा-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे के पैकेज-2 और पैकेज-3 में हासिल किया गया, यह मील का पत्थर आईआईटी बॉम्बे जैसे प्रमुख संस्थानों के समर्थन से उन्नत मशीनरी, मजबूत लॉजिस्टिक्स और कड़े गुणवत्ता नियंत्रण द्वारा सक्षम किया गया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बिहार एनडीए की जीत को सुशासन और नेतृत्व की जीत बताया। उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान कहा कि 10,000 रुपये की स्कीम से नहीं, विचारधारा से वोट तय होता है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक टीवी प्रोग्राम के दौरान बिहार में एनडीए की जीत के कारणों पर विस्तार से बात की। इस दौरान उन्होंने मुस्लिम वोटिंग पैटर्न और स्टूडेंट्स के लिए प्रोग्राम पर भी चर्चा की। सरमा ने कहा कि कुछ मुसलमानों ने उनसे कहा कि उन्होंने उनकी बहुत मदद की है और जरूरत पड़ने पर वे अपनी किडनी डोनेट कर देंगे, लेकिन उन्हें वोट नहीं देंगे।
नीतीश कुमार की 10,000 रुपये वाली स्कीम पर सवाल पूछे जाने पर सरमा ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक कारक था, निर्णायक नहीं। उनके अनुसार, वोट अंतत: योजनाओं से नहीं, बल्कि विचारधारा और राजनीतिक भरोसे से तय होते हैं। उन्होंने कहा कि अगर पैसे से वोट खरीदे जा सकते, तो चुनावों के नतीजे हर बार बिल्कुल अलग दिखायी देते।
चर्चा के दौरान सरमा ने मुस्लिम वोटिंग पैटर्न को लेकर एक व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति, जिसे उन्होंने कई बार मदद की, बाद में उनसे बोला, जरूरत पड़े तो आपकी किडनी दे दूंगा, लेकिन वोट नहीं दूंगा। सरमा का कहना है कि मुस्लिम समाज आर्थिक लाभ या व्यक्तिगत सहायता से प्रभावित होकर वोट नहीं देता, बल्कि अपनी विचारधारा के आधार पर मतदान करता है।
श्री सरमा ने कहा कि तेजस्वी यादव का राजनीतिक आधार गरीब तबके में गहरा है, इसलिए अगर वोटर सिर्फ आर्थिक सहायता देखकर मतदान करते, तो परिणाम एनडीए के पक्ष में नहीं आते। उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि जब सभी लोगों को 10,000 रुपये की राशि मिली ही नहीं, तब भी एनडीए को व्यापक समर्थन कैसे मिला? उनके अनुसार, इसका साफ संकेत है कि लोगों ने सुशासन, स्थिरता और नेतृत्व को प्राथमिकता दी।
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के जनादेश में नीतीश कुमार की सुशासन वाली छवि और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता का विश्वास निर्णायक भूमिका में रहा। उन्होंने कहा कि योजनाएं केवल एक सहायक तत्व होती हैं, लेकिन जनता का मन विचारधारा और विश्वास से बनता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद (पलामू)। स्थानीय पुलिस ने प्रेमजाल में फंसाकर शारीरिक संबंध बनाने, जान मारने की धमकी देने व अश्लील वीडियो, फोटो को वायरल करने वाला आरोपित को उड़ीसा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये जानकारी गुरुवार को हुसैनाबाद एसडीपीओ एस मोहम्मद याकूब ने दी। वे संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
कहा कि हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र की एक पीड़िता ने हुसैनाबाद थाना में उड़ीसा के रहने वाले युवक के विरुद्ध अपहरण, बलात्कार व जान मारने की धमकी देने संबंधित प्राथमिकी 9 दिसंबर 2025 को दर्ज करायी थी। वह तेलंगना में काम कर रही थी। इसी दौरान उड़ीसा के थाना मोरीबहाल जिला बोलागीर गांव करलापीटा निवासी विजय धारूआ नामक युवक के संपर्क में आ गयी।
उसने उसे अपने प्रेमजाल में फंसाकर अपहरण कर बलात्कार किया। महिला वहां से जब अपने घर लौटी तो उसने वीडियो, फोटो वायरल करने की धमकी देने लगा। जान मारने की भी धमकी दी। उसका अश्लील वीडियो फोटो शेयर कर दिया।
कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर कांड अनुसंधान के क्रम में एसआईटी टीम गठित कर तकनीकी शाखा को तेलांगना राज्य के महबूबनगर में उसका ट्रेस मिला। टीम वहां पहुंची तो वह वहां से फरार हो गया। पुन: उसका ट्रेस उड़ीसा में हुआ।
स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे उसकी बहन के घर से गिरफ्तार किया गया। उसे विधिवत करवाई करते हुए स्थानीय न्यायालय में उपस्थित करा कर उसे हुसैनाबाद लाया गया। उसने अपना अपराध स्वीकार किया। गुरुवार को उसे न्यायिक हिरासत मेदिनीनगर भेज दिया गया।
छापेमारी टीम में थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी, एसआई रमण यादव, महिला थाना प्रभारी पार्वती कुमारी, आरक्षी विकास राम, सुरेंद्र पाल व पलामू तकनीकी शाखा के लोग शामिल थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (हरियाणा)। दिनांक 7 जनवरी 2026 को हरियाणा के चरखी दादरी में मानवता और सेवा का एक अनुपम उदाहरण देखने को मिला। संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में चल रही अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत उनके अनुयायियों द्वारा एक व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान में सैकड़ों अनुयायियों ने स्वयं आगे बढ़कर सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई की।
सफेद वस्त्रों में अनुशासनबद्ध ढंग से कार्य करते हुए ये अनुयायी समाज को यह संदेश दे रहे थे कि स्वच्छता केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाएं केवल उपदेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे व्यवहारिक सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रही हैं।
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत जहां एक ओर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है, वहीं दूसरी ओर स्वच्छ वातावरण का निर्माण भी किया जा रहा है। चरखी दादरी में आयोजित यह सफाई अभियान समाज को प्रेरणा देता है कि सेवा, सहयोग और स्वच्छता से ही एक सशक्त और स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत आने वाली मासिक वेतन सीमा (वेज कैप) को मौजूदा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये से 30,000 रुपये करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह सीमा आखिरी बार सितंबर 2014 में तय की गयी थी।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने श्रम मंत्रालय से ईपीएफओ की वेज कैप की समीक्षा करने को कहा है। इसके बाद सरकार के स्तर पर यह प्रस्ताव फिर से चर्चा में आ गया है और आने वाले चार महीनों में इस पर फैसला हो सकता है।
वेज कैप वह अधिकतम मासिक वेतन सीमा है, जिसके तहत किसी कर्मचारी के लिए ईपीएफओ में योगदान करना अनिवार्य होता है। अभी 15,000 रुपये से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए ईपीएफ में शामिल होना वैकल्पिक है।
2014 के बाद से देश में वेतन स्तर में बड़ा इजाफा हुआ है। कई राज्यों में न्यूनतम मजदूरी भी 15,000 रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है। ऐसे में मौजूदा सीमा को अव्यावहारिक माना जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर रह जाते हैं।
वेज कैप बढ़ने से ईपीएफओ का दायरा और बड़ा होगा। कर्मचारियों की भविष्य निधि में ज्यादा योगदान जमा होगा, जिससे रिटायरमेंट के समय उन्हें बड़ा फंड मिलेगा। चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ भी लंबे समय में काफी अहम साबित होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (गुना)। जिले में वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर वन विभाग की टीम पूरी तरह एक्टिव हो गई है। बड़े-बड़े अतिक्रमण माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए वन विभाग ने व्यापक अभियान की शुरुआत कर दी है।
इस अभियान का नेतृत्व एसडीओ इंदर सिंह धाकड़ एवं रेंजर धर्मेंद्र शर्मा कर रहे हैं। वन विभाग की टीम ने गुना जिले के मधुसूदनगढ़ क्षेत्र में लगभग 10 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले के कई क्षेत्रों में वन भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही हैं। इसी क्रम में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और जहां-जहां अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां वन विभाग की टीम पहुंचकर उसे हटाएगी।
वन विभाग के अनुसार यह अतिक्रमण हटाओ अभियान लगभग 15 से 20 दिनों तक चल सकता है, जिसमें जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत अब सिर्फ इतिहास पढ़ने वाला नहीं, बल्कि भविष्य गढ़ने वाला देश बन चुका है। साल 2026 की शुरुआत भारतीय रेलवे के लिए क्रांतिकारी साबित होने जा रही है। दरअसल देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अपनी पटरियों पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो न केवल पर्यावरण का ध्यान रखेगी, बल्कि आम आदमी की जेब पर भी भारी नहीं पड़ेगी।
26 जनवरी 2026 को भारत दुनिया को अपनी ग्रीन एनर्जी की ताकत दिखाएगा। इस दिन देश की पहली हाइड्रोजन पावर्ड ट्रेन का ट्रायल रन शुरू होगा। यह ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
सबसे चौंकाने वाली और राहत भरी खबर इस ट्रेन के किराए को लेकर है। जहां आज के समय में स्पीड और फैसिलिटी के नाम पर भारी किराया वसूला जाता है, वहीं रिपोर्ट्स हैं कि इस हाई-टेक ट्रेन का किराया कम से कम 5 रुपये और ज्यादा से ज्यादा सिर्फ 25 रुपये हो सकता है। यह स्टूडेंट्स, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना ट्रेवल करने वाले लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा।
खासियत की बात करें तो यह ट्रेन न धुआं छोड़ेगी और न ही शोर करेगी। यह इलेक्ट्रोकेमिकल तकनीक पर आधारित है, जिसमें 9 किलो पानी से हाइड्रोजन बनाकर ट्रेन को चलाया जाता है। इसकी डिजाइन स्पीड 150 किमी प्रति घंटा है। ऑपरेशन के समय यह 110 से 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जिससे जींद से सोनीपत का सफर 2 घंटे से घटकर सिर्फ 1 घंटे से भी कम का रह जाएगा।
इसमें 8 पैसेंजर कोच होंगे जिनमें ऑटोमेटिक दरवाजे, एयर कंडीशनिंग, डिजिटल डिस्प्ले और मॉडर्न डिजाइन जैसी फैसिलिटी होगी।
इस प्रोजेक्ट को आरडीएसओ (RDSO) और स्पेनिश कंपनी ग्रीन एच ने मिलकर तैयार किया है। साथ ही इसके लिए जींद में देश का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट भी लगाया गया है।
अभी तक डीजल ट्रेनें पॉल्यूशन फैलाती थीं और इलेक्ट्रिक ट्रेनें इलेक्ट्रिसिटी पर डिपेंड थीं, लेकिन ये हाइड्रोजन ट्रेन फ्यूचर का फ्यूल है। साथ ही मेक इन इंडिया और ग्रीन इंडिया के संगम का सबसे बड़ा उदाहरण है। 26 जनवरी 2026 का दिन भारतीय ट्रांसपोर्ट के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा, जब ट्रेन पानी से चलेगी और किराया आम आदमी के बस में होगा।
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