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Published / 2026-04-12 15:09:44
डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती 14 अप्रैल को

  • डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती 14 अप्रैल को
  • सामाजिक न्याय और समानता के महानायक डॉ अंबेडकर भारतीय संविधान के थे प्रमुख शिल्पकार : संजय सर्राफ

टीम एबीएन, रांची । हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत के महान विधिवेत्ता, समाज सुधारक और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है। 

यह दिन न केवल उनके जन्मदिवस का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समानता, न्याय और मानव अधिकारों के प्रति उनकी अविस्मरणीय संघर्षगाथा को भी स्मरण कराता है। डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू (अब डॉ. अंबेडकर नगर) में हुआ था। वे एक साधारण परिवार से थे, लेकिन बचपन से ही उन्हें जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। 

विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना हथियार बनाया और देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कानून, अर्थशास्त्र और राजनीति में गहन अध्ययन कर अपने ज्ञान से समाज में नई चेतना का संचार किया। डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

उनके प्रयासों से संविधान में समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय जैसे मूल्यों को प्रमुख स्थान मिला। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों, विशेषकर दलितों और पिछड़ों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान सुनिश्चित किए।उनके सामाजिक कार्यों की बात करें तो डॉ. अंबेडकर ने छुआछूत और जातिगत भेदभाव के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। 

उन्होंने शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो, का संदेश देकर समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाई और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए कई कानूनों का समर्थन किया।राजनीतिक क्षेत्र में भी उनका योगदान अतुलनीय रहा। 

वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री बने और उन्होंने देश की न्याय व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया। इसके अलावा, उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाकर सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया, जिससे लाखों लोगों को नई दिशा मिली। डॉ. अंबेडकर जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 

उनके विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संगोष्ठियां, रैलियां और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दिन लोग उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद करते हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा, संघर्ष और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है।

वे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जो आज भी समाज को समानता और न्याय के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है।उनकी जयंती हमें उनके आदर्शों को अपनाने और एक समतामूलक समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश देती है। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

Published / 2026-04-12 14:59:52
आशा भोसले के निधन से इंडस्ट्री में शोक, अंतिम संस्कार कल

आशा ताई के निधन से इंडस्ट्री में शोक

अक्षय बोले- आवाज अमर रहेगी; अंतिम संस्कार कल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। तमाम फिल्मी गानों को अपनी मखमली आवाज से सजाने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले नहीं रहीं। उन्होंने 92 साल की उम्र में आज रविवार 12 अप्रैल को दुनिया को अलविदा कह दिया है। 

बातचीत में आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने इस खबर की पुष्टि की है। गायिका का जाना सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। फैंस गमगीन हैं। सिनेमाई दुनिया में शोक है। उनका अंतिम संस्कार कल सोमवार को होगा।

Published / 2026-04-11 22:38:50
हार्ट अटैक के बाद मशहूर सिंगर आशा भोसले अस्पताल में भर्ती

  • मशहूर सिंगर आशा भोसले को आया हार्ट अटैक, अस्पताल में भर्ती

एबीएन सेंट्रल डेस्क । मशहूर सिंगर आशा भोसले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि सिंगर को हार्ट अटैक आया है। फिलहाल मिली जानकारी में बताया जा रहा है कि उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। 

अस्पताल से सिंगर की स्थिति को लेकर कोई भी अपडेट सामने नहीं आया है। फिल्मी दुनिया में अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाली दिग्गज सिंगर आशा भोसले को लेकर हैरान करने वाली खबर सामने आई है। 

11 अप्रैल को हार्ट अटैक आने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के डॉक्टर मने इस खबर की पुष्टि की है। लेकिन, इससे ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

Published / 2026-04-10 19:47:28
कूचबिहार (पश्चिम बंगाल) की जनता को लुभा रहे धीरज साहू

  • कूचबिहार (पश्चिम बंगाल) की जनता को लुभा रहे धीरज साहू
  • कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में गूंजा परिवर्तन का संकल्प, धीरज प्रसाद साहू बोले– जनता की आवाज है कांग्रेस

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का प्रचार-प्रसार अब अपने चरम पर पहुंच गया है। इसी कड़ी में कूचबिहार में कांग्रेस पार्टी द्वारा एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत कर कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह भरने का काम किया। 

सम्मेलन में बंगाल के प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर, कूचबिहार के पर्यवेक्षक धीरज प्रसाद साहू, प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार, एआईसीसी के सेक्रेटरी बीपी सिंह, जलपाईगुड़ी के पर्यवेक्षक प्रदीप बलमुचू तथा कूचबिहार जिला अध्यक्ष विश्वजीत सरकार समेत कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे।

कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद एवं कूचबिहार के पर्यवेक्षक धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि राज्य में लोकतंत्र, विकास और जनहित की नीतियों को पुनः स्थापित करने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से आम जनता की आवाज रही है और आज भी पार्टी का मुख्य उद्देश्य गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं के अधिकारों की रक्षा करना है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता ही उसकी असली ताकत है और उनकी मेहनत एवं समर्पण से ही आने वाले चुनाव में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। 

उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरने की अपील की। धीरज प्रसाद साहू ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान शासन में आम जनता कई समस्याओं से जूझ रही है, जिनमें बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार प्रमुख हैं। 

कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रही है और लोगों का समर्थन लगातार मिल रहा है। सम्मेलन के दौरान अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखते हुए संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया। 

सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करें, तो आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस निश्चित रूप से बेहतर प्रदर्शन करेगी। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने पार्टी के प्रति उनके उत्साह और प्रतिबद्धता को दर्शाया।

Published / 2026-04-10 17:48:23
हरिवंश ने फिर ली राज्यसभा की सदस्यता

हरिवंश ने राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राज्यसभा के निवर्तमान उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने शुक्रवार को सदन की सदस्यता की शपथ ली। जनता दल यू के वरिष्ठ नेता श्री हरिवंश का राज्यसभा में दूसरा कार्यकाल गुरुवार को ही समाप्त हुआ था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें आज ही उच्च सदन के लिए मनोनीत किया था। उन्हें उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और राज्यसभा के मनोनीत सदस्य रंजन गोगोई के सेवा निवृत होने से रिक्त हुई सीट पर मनोनीत किया गया है। यह श्री हरिवंश का राज्यसभा में तीसरा कार्यकाल होगा।

राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने श्री हरिवंश को मनोनीत सदस्य के रूप में शपथ दिलायी। उन्होंने हिन्दी भाषा में शपथ ली। श्री हरिवंश राजनीति में आने से पहले पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री हरिवंश को उच्च सदन में उनके अगले कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा- हरिवंश जी ने पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन में अमूल्य योगदान दिया है। वे एक सम्मानित बुद्धिजीवी और विचारक हैं।

उन्होंने अपने गहन विचारों और अंतर्दृष्टि से पिछले कुछ वर्षों में सदन की कार्यवाही को समृद्ध किया है। मुझे प्रसन्नता है कि राष्ट्रपति जी ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। आगामी संसदीय कार्यकाल के लिए उन्हें मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

यह कयास लगाये जा रहे हैं कि उन्हें एक बार फिर से सदन में उप सभापति बनाया जा सकता है। उनके शपथ लेने के अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राज्यसभा में सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा, विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदी और राज्यसभा सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Published / 2026-04-08 23:26:50
असम, केरल और पुड्डुचेरी में कल मतदान

  • असम, केरल और पुड्डुचेरी में कल मतदान 
  • असम, केरल और पुड्डुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान की तैयारियां पूरी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में 296 विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए गुरुवार को होने वाले मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गयी है।

असम की 126, केरल की 140 और पुड्डुचेरी की 30 सीटों के लिए कल वोट डाले जायेंगे। मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम पांच बजे तक चलेगा। चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध कर लिये गये हैं और आयोग मतदान-केंद्रो पर मतदाताओं का स्वागत करने के लिए तैयार है।

चुनाव आयोग के मुताबिक औसतन प्रत्येक मतदान केंद्र पर 750 से 850 मतदाता होंगे, लेकिन किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से ज्यादा मतदाता नहीं होंगे। असम में 2,50,21,408 मतदाताओं के लिए कुल 28,205 मतदान केंद्र स्थापित किये गये हैं। केरल में 2,71,06,059 मतदाता हैं जिनके लिए 30,471 मतदान केंद्र बनाये गये हैं।

वहीं पुड्डुचेरी में 9,44,539 मतदाता 1,099 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर छाया और पेयजल के समुचित प्रबंध किये गये हैं। आयोग ने इस बार 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं के लिए घर पर मतदान करने की सुविधा प्रदान की है तथा उनके लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गयी है।

असम में कुल 722 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया, एआईयूडीएफ के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई और असम जातीय परिषद अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई शामिल हैं। राज्य में कुल 2.5 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 343 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।

केरल विधानसभा चुनाव के लिए 140 सीटों पर 890 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं। राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 2.71 करोड़ हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 ट्रांसजेंडर हैं। केरल में मुख्य मुकाबला सत्तारुढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच हैं हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी यहां जोर आजमाइश कर रही है।

पुड्डुचेरी में कुल 9.44 लाख मतदाता हैं, जिनमें लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। राज्य में मतदान के दौरान सुरक्षा के लिए करीब 3,000 पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं, जिनमें पुड्डुचेरी पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरफीएफ) और कर्नाटक पुलिस की विशेष टीम शामिल है।

पुड्डुचेरी में कुल 294 प्रत्याशी चुनाव लड् रहे हैं। यहां भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और कांग्रेस कीअपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यह चुनाव बीजेपी की अगुवाई वाले सत्तारुढ़ राजग और कांग्रेस की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन के बीच सीधी टक्कर हैं।

Published / 2026-04-07 19:30:30
खाड़ी देशों में युद्ध से इंडियन एयरलाइंस की करीब 10,000 से ज्यादा उड़ानें रद

पश्चिम एशिया युद्ध का असर: भारतीय एयरलाइंस की अब तक 10,000 से ज्यादा उड़ानें रद 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम एशिया में जारी तनाव का सीधा असर हवाई यात्रा पर पड़ा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को इस बारे में एक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब से पश्चिम एशिया क्षेत्र में युद्ध शुरू हुआ है, तब से भारतीय विमानन कंपनियों की 10,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। 

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव असंगबा चुबा आओ ने मीडिया से बातचीत में ये आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि पहले भारतीय एयरलाइंस पश्चिम एशिया के लिए हर दिन 300 से 350 उड़ानें संचालित करती थीं। लेकिन मौजूदा हालातों की वजह से अब यह संख्या बहुत कम हो गयी है। अब रोजाना केवल 80 से 90 उड़ानें ही उड़ान भर पा रही हैं। 

यह संकट 28 फरवरी को शुरू हुआ था। उस समय अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने भी पलटवार किया। इस सैन्य टकराव ने पूरे इलाके में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरलाइंस ने अपनी सेवाओं में भारी कटौती की है। उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

साथ ही विमानन कंपनियों को भी बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस तनाव के चलते कई अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग अब असुरक्षित हो गये हैं। इस वजह से विमानों को या तो लंबे रास्तों से जाना पड़ रहा है या फिर उड़ानें पूरी तरह रद्द करनी पड़ रही हैं। फिलहाल मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

Published / 2026-04-06 20:30:04
असम का आदिवासी अब हिसाब लेकर वोट देगा : सुखदेव भगत

चाय बागान का पसीना बोलेगा, आदिवासी अब हिसाब लेगा! असम में सांसद सुखदेव भगत का बीजेपी पर सीधा वार 

70 हमारा वोट, 5 उनका... अब तय करेगा जनता ढेकियाजुली का राजा कौन 

वादों का हिसाब दो, नहीं तो सत्ता छोड़ो! चाय बागान से उठी आवाज, दिल्ली तक गूंजेगी 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, असम/लोहरदगा। असम के चाय बागानों में इस बार चुनावी माहौल सिर्फ वोट तक सीमित नहीं, बल्कि अधिकार, पहचान और सम्मान की लड़ाई में बदलता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखदेव भगत ने ढेकियाजुली विधानसभा क्षेत्र में महागठबंधन प्रत्याशी बटाश ओरंग के समर्थन में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। 

सभा में हजारों की संख्या में चाय बागान के मजदूर, आदिवासी समुदाय के लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अपने संबोधन में सुखदेव भगत ने सीधे तौर पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब आदिवासी समाज जाग चुका है और वह अपने अधिकारों का हिसाब लेने के लिए तैयार है। उन्होंने जोशपूर्ण अंदाज में नारा दिया कि चाय बागान का पसीना बोलेगा, आदिवासी अब हिसाब लेगा! जिस पर सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार समर्थन जताया।

भगत ने जनसभा में लोकतंत्र की वास्तविक ताकत पर जोर देते हुए कहा कि हमें यह सोचना होगा कि जब हमारा 70 वोट है और उनका सिर्फ 5 वोट, तो फिर राजा कौन बनता है? अब समय आ गया है कि बहुसंख्यक समाज अपनी ताकत पहचाने और सत्ता पर अपना अधिकार स्थापित करे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने वोट की शक्ति को समझें और इसे सही दिशा में इस्तेमाल करें। 

उन्होंने झारखंड, असम और पश्चिम बंगाल के आदिवासी समाज को एकजुट बताते हुए कहा कि हर जगह एसटी समाज अपने हक और पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है। भगत ने कहा हम झारखंड से आए हैं, लेकिन हमारा मकसद सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के हक-अधिकार की रक्षा करना है। हम किसी से दुश्मनी नहीं रखते, लेकिन अन्याय के खिलाफ आवाज जरूर उठाएंगे। 

सुखदेव भगत ने बीजेपी पर चुनावी वादों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चाय बागान के मजदूरों और आदिवासियों को अब तक कोई ठोस लाभ नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि ये लोग सिर्फ चुनाव में घुसपैठियों की बात करते हैं, लेकिन उसका समाधान नहीं देते। केंद्र में भी इनकी सरकार है, राज्य में भी प्रभाव है, फिर भी आदिवासी समाज की समस्याएं जस की तस हैं। 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड से भेजी गयी आदिवासी मुद्दों की रिपोर्ट को केंद्र सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया और उसे रोकने का काम भी भाजपा ने ही किया। भगत ने अपने भाषण में संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि आदिवासी समाज बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिये गये संविधान पर विश्वास करता है और उसी के तहत अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेगा। 

उन्होंने दृढ़ता से कहा कि हमारा जो फंडामेंटल राइट है, उसे कोई छीन नहीं सकता। हम अपने संवैधानिक अधिकार लेकर रहेंगे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देश पर वे असम आए हैं, ताकि चाय बागान के आदिवासियों की आवाज को मजबूत किया जा सके। भगत ने कहा कि हमारे नेता ने कहा है कि जाओ और आदिवासी भाइयों-बहनों की आवाज बुलंद करो, उनके हक और पहचान की लड़ाई को संसद तक पहुंचाओ। अपने संबोधन के अंत में सुखदेव भगत ने इस चुनाव को आदिवासी समाज के लिए अग्नि परीक्षा बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि आने वाले भविष्य की दिशा तय करेगा। 

उन्होंने लोगों से महागठबंधन प्रत्याशी बटाश ओरंग को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। इस जनसभा में जिला अध्यक्ष अमरधाई सक्या, महिला कांग्रेस की ओमनी, यूथ कांग्रेस के कलींदर, एनएसयूआई के निसान सहित कई स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में आम जनता मौजूद रही। कुल मिलाकर, यह जनसभा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, अधिकार और सम्मान की लड़ाई का बड़ा मंच बनकर उभरी, जहां से सत्ता के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की गयी।

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