एबीएन डेस्क। गुजरात के भरूच में कल देर रात एक निजी अस्पताल के आईसीयू में आग लग जाने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गयी। मरने वालों में कम से कम दो अस्पताल कर्मी भी शामिल बताए गए हैं। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। पुलिस ने बताया कि भरूच- जंबुसर बायपास रोड पर स्थित पटेल वेल्फ़ेयर हॉस्पिटल में यह घटना हुई। मध्यरात्रि के बाद लगभग साढ़े 12 बजे इसके दो में से एक आईसीयू में आग की सूचना मिलते ही स्थानीय फ़ायर ब्रिगेड की टीम तुरंत हरकत में आ गयी। कई मरीज़ों को अन्य अस्पतालों में स्थांतरित किया गया। उनमें से कई की हालत नाज़ुक बताई जाती है। आग लगने का कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है पर समझा जाता है कि सम्भवतः शॉर्ट सर्किट के चलते ऐसा हुआ होगा। सूत्रों ने बताया कि कुछ मरीज़ों की मौत स्थानांतरण के दौरान हुई हो सकती है। इससे पहले भी कोरोना संकट के दौरान गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट में ऐसी घटनाओं में कई मरीज़ों की मौत हो गयी थी।
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 प्रबंधन को लेकर सेना की ओर से उठाये गये कदमों और अन्य तैयारियों की समीक्षा की। सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर सेना द्वारा कोविड-19 के प्रबंधन को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक नरवणे ने प्रधानमंत्री को बताया कि विभिन्न राज्य सरकारों को सेना के चिकित्साकर्मी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में सेना की ओर से अस्थायी अस्पतालों का भी निर्माण किया जा रहा है। नरवणे ने प्रधानमंत्री को बताया कि जहां संभव हो रहा है वहां सेना के अस्पतालों में आम जनता की सेवा में इस्तेमाल किया जा रहा है और इसके लिए आम नागरिक चाहें तो पास के सेना के अस्पताल से संपर्क साध सकते हैं। नरवने ने कहा कि लोगों की जान बचाने को जवानों ने सारी ताकत झोंक दी है। सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री को इस बात से भी अवगत कराया कि आयात किए गए आॅक्सीजन टैंकरों और गाडि?ों के प्रबंधन में जहां विशेषज्ञ कौशल की जरूरत पड़ रही है वहां सेना के श्रमबल की ओर से मदद पहुंचाई जा रही है। देश में तेजी से बढ़ते कोविड-19 के मामलों के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और वायुसेना अध्यक्ष आर के एस भदौरिया से मुलाकात कर सेना के विभिन्न अंगों द्वारा इस महामारी से लड?े के मद्देनजर उठाए गए कदमों की तैयारियों का जायजा लिया था। ज्ञात हो कि बृहस्पतिवार को देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड 3,79,257 मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही देश में संक्रमण के कुल मामले 1,83,76,524 हो गए हैं। सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक एक दिन में 3,645 लोगों की मौत होने के बाद इस घातक बीमारी के मृतकों की संख्या 2,04,832 हो गई है।
रांची। उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से झारखंड के 11 श्रमिकों की मौत हो गयी है। यह हृदय विदारक घटना बीते 23 अप्रैल की है। अब से थोड़ी देर पहले हादसे में मारे गये मजदूरों की शिनाख्त हुई है। सभी मृतक मजदूर झारखंड के रहने वाले थे। इस हादसे में घायल हुए सात अन्य मजदूर भी झारखंड के रहने वाले हैं। चमोली के जिलाधिकारी ने झारखंड के आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव को लिखे पत्र में इस हादसे के बारे में जानकारी दी है। पत्र में बताया गया है कि ये सभी मजदूर चमोली जिले के जोशीमठ अंतर्गत सुमना के निकट सीमा सड़क संगठन के कैंप में कार्य कर रहे थे। 23 अप्रैल को अचानक ग्लेशियर टूटने से कैंप में रह रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गये। 11 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि सात अन्य घायल हो गये। घायलों में पांच का इलाज जोशीमठ के स्थानीय चिकित्सालय में चल रहा है, जबकि दो अन्य मजदूरों का इलाज देहरादून में कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घटना की जानकारी ट्विटर पर देते हुए मजदूरों के निधन पर शोक जताया है।
एबीएन डेस्क। भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को यहां की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। इसके बाद भारत से अमेरिका जाने वाली उड़ानों के किराये में भारी वृद्धि देखने को मिली है। उड्डयन उद्योग के सूत्रों ने रविवार को बताया कि भारत से अमेरिका जाने वाली उड़ान में इकनॉमी श्रेणी के एक टिकट का औसत किराया 50 हजार रुपये था, जो अब बढ़कर 1.50 लाख रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को परामर्श जारी होने के बाद भारत-अमेरिका की उड़ानों की टिकटों की मांग बढ़ी है। उड़ानों पर रोक की आशंका : एक सूत्र ने बताया कि कई यात्री तत्काल अमेरिका जाना चाहते हैं क्योंकि वे भारत-अमेरिका उड़ानों पर लगने वाली संभावित पाबंदी की वजह से फंसना नहीं चाहते। जर्मनी, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात सहित कुछ और देशों ने भी भारत से हवाई यात्रा पर रोक लगाई है। संयुक्त अरब अमीरात ने कोविड-19 की खराब होती स्थिति के मद्देनजर रविवार से अगले 10 दिनों के लिए भारत से हवाई यात्रा पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि अमेरिकी सरकार ने बृहस्पतिवार को भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और मालदीव को श्रेणी चार के यात्रा परामर्श में शामिल कर दिया जिसका अभिप्राय है अमेरिकी नागरिकों को इन देशों की यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है। देश में निजी चार्टर विमान की भी मांग बढ़ी, किराया दोगुना : इस बीच देश के भीतर निजी चार्टर विमानों की मांग भी बढ़ी है खासतौर पर कोविड-19 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए छोटे शहरों से बड़े शहरों में ले जाने के लिए। मुंबई के चार्टर विमान ऑपरेटर के एक अधिकारी ने बताया कि उसके विमान पिछले कई दिनों से व्यस्त हैं क्योंकि वे अमीर लोगों के लिए एयर एंबुलेंस की तरह काम कर रहे हैं। दिल्ली के जनरल एविएशन कंपनी के अधिकारी ने बताया कि निजी चार्टर विमानों के किराए में दोगुनी वृद्धि हुई है।
एबीएन डेस्क। भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ती जा रही है। देश में कई जगहों पर ऑक्सीजन की भारी किल्लत हो गई है। ऑक्सीजन कमी दूर करने के लिए टाटा समूह आगे आया है। टाटा समूह तरल ऑक्सीजन के परिवहन के लिए 24 क्रायोजेनिक कंटेनरों का आयात करने का फैसला किया है। दरअसल, लिक्विड ऑक्सीजन को प्लांट से दूसरी जगह ले जाने के लिए कंटेनरों की जरूरत पड़ रही है। देश में ऐसे कंटेनर्स की कमी है। ऐसे में टाटा समूह ने कंटेनरों का आयात कर देश में ऑक्सीजन सप्लाई करने का बीड़ा उठाया है। इससे देश में ऑक्सीजन की किल्लत भी दूर होगी। टाटा समूह ने बताया कि चार्टर्ड उड़ानों के जरिए क्रायोजेनिक कंटेनरों का आयात किया जा रहा है। यह देश में ऑक्सीजन की कमी को कम करने में मदद कर रहा है। पहली लहर में भी टाटा समूह ने की थी मदद : बता दें कि पिछले दिनों पीएम मोदी ने राष्ट्र संबोधन के दौरान ऑक्सीजन संकट को दूर करने के लिए दवा कंपनियों और बड़े घरानों से मदद की अपील की थी। मोदी के भाषण की तारीफ करते हुए समूह ने कहा कि वह कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए हरसंभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें कि पिछले साल भी टाटा समूह ने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट, वेंटिलेटर, मास्क, परीक्षण किट का इंतजाम किया था। गौरतलब है कि देश में रोजाना 7500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। इसमें से 6600 मीट्रिक टन ऑक्सीजन राज्यों को चिकित्सकीय उपयोग के लिए आवंटित की जा रही है।
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कोहराम अब बढ़ता जा रहा है। चारों ओर से मदद की गुहार लग रही है औऱ जनता अपने स्तर से ही जनता की मदद कर रही है। देश में बीते 24 घंटे में 3.32 लाख से ज्यादा मामले सामने आए तो वहीं 2,263 मरीजों ने अपनी गंवाई है। भारत को ऑक्सीन और रेमडेसिविर मुहैया कराएगा रूस। वहीं प्रधानमंत्री मोदी उन 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं, जहां हाल ही में कोरोना के मामलों में तेजी देखी गई है। इसके साथ ही डीजीसीआई ने कोरोना के कम गंभीर मरीजों के इलाज के लिए जायडस कैडिला की विराफिन के आपात उपयोग की मंजूरी दे दी। माउंट एवरेस्ट पर कोरोना संक्रमण का पहला मामला कोरोना वायरस संक्रमण का प्रकोप दुनिया की सबसे ऊंची जगह एवरेस्ट की चोटी पर भी पहुंच गया है। यहां माउंट एवरेस्ट के आधार शिविर में ठहरे नॉर्वे के एक पर्वतारोही के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उसे हेलीकॉप्टर से काठमांडू के एक अस्पताल ले जाया गया है। पर्वतारोही एर्लेंड नेस्ट ने शुक्रवार को को बताया कि उनके 15 अप्रैल को संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। उसके बाद गुरुवार को हुई जांच में उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है और वह फिलहाल नेपाल में एक स्थानीय परिवार के साथ रह रहे हैं।
पटना। बिहार में पटना जिले के अकीलपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह पिकअप वैन के गंगा नदी में पलट जाने से नौ लोगों की डूबकर मौत हो गयी तथा कई अन्य लापता हैं। पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि पिकअप वैन पर सवार लोग जा रहे थे तभी पीपा पुल से वाहन गंगा नदी में गिर गया। नौ लोगों के शव बरामद कर लिये गये हैं जबकि कई अन्य लापता हैं। सूत्रों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर कैंप कर रहे हैं। गोताखोरों की भी मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए इस बात की ओर इशारा साफ- साफ कर दिया कि सरकार की कोई मंशा लॉकडाउन लगाने की नहीं है। पीएम मोदी ने राज्यों से भी अपील करते हुए कहा कि वो लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें। लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है। पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें- पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर तूफान बनकर आ गई है। जो पीड़ा आप सह रहे हैं उसका पूरा एहसास है। -जैसे ही कोरोना के केस बढ़े, देश के फार्मा सेक्टर ने दवाइयों का उत्पादन बढ़ा दिया है। इसको और अधिक तेज किया जा रहा है। -ऑक्सीजन प्रॉडक्शन और सप्लाई को बढ़ाने के लिए भी कई स्तरों पर उपाय किए जा रहे हैं। राज्यों में नए ऑक्सीजन प्लांट्स हों, एक लाख नए सिलेंडर पहुंचाने हों, ऑक्सीजन रेल हो, हर प्रयास किया जा रहा है। - जो श्रमिक जहां हैं वहीं रहें, मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें। अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा। आज की स्थिति में हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है। मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वो लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें। लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है। -वैक्सीनेशन को 18 वर्ष की आयु के ऊपर के लोगों के लिए शुरू करने से शहरों में जो हमारी वर्कफोर्स है, उसे तेजी से वैक्सीन उपलब्ध होगी। देश में रोजाना रेकॉर्ड संख्या में कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सुबह से ही मैराथन बैठक करते रहे। कोरोना की लगातार विकराल होती दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए रणनीति पर मंथन का दौर चलता रहा। वैक्सीनेशन, टेस्ट, दवाइयां, ऑक्सीजन...कहां क्या करना है, कहां चूक है, यह तय करने में लगे रहे। कभी डॉक्टरों के साथ मीटिंग की तो कभी टॉप फार्मा कंपनियों के साथ।
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