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Published / 2021-05-22 06:35:20
ब्लैक फंगस : हरियाणा-राजस्थान के बाद मप्र में भी महामारी घोषित

एबीएन डेस्क। कोरोना संक्रमण के बीच ब्लैक फंगस विकराल रूप धारण करता जा रहा है। देश के बड़े हिस्सों में यह तेजी से पैर पसार रहा है। रोजाना सैकड़ों लोग इसके शिकार हो रहे हैं। कई राज्यों ने इसे महामारी घोषित कर रखा है। अब मध्यप्रदेश सरकार ने भी इसे महामारी घोषित किया है। अब सरकार इस बीमारी के मरीज़ों और मृतकों का इलाज का कोरोना की तरह ही रिकॉर्ड रखेगी। बता दें कि मध्यप्रदेश में यह इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। राज्य में अभी तक 10 लोगों की मौत हो चुकी। वहीं कई मरीज अब भी इस बीमारी से जंग लड़ रहे हैं। ब्लैक फंगस से सबसे ज्यादा वह मरीज हैं, जो हाल ही में कोरोना से ठीक होकर घर लौटे हैं. लेकिन फिर से उन्हें अस्पताल जाना पड़ रहा है। महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस से सबसे ज्यादा मौत : देशभर में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए पिछले दिनों केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को पत्र लिखकर इसे महामारी घोषित करने की मांग की थी, जिसके बाद राजस्थान हरियाणा, उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे महामारी घोषित की। इन राज्यों में ब्लैक फंगस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। कोविड से ठीक हुए मरीज फिर से इस बीमारी को लेकर अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। इस खतरनाक इंफेक्शन से देश में अब तक 100 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र और राजस्थान में ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। जिसमें महाराष्ट्र में सबसे अधिक 90 लोगों ने दम तोड़ा। वहीं हरियाणा में14 की जान गई। हालांकि म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस की दवा बाजार में उपलब्ध हो गई है। फार्मा कंपनी एमएसएन ने ब्लैक फंगस की दवा पॉसाकोनाजोल को बाजार में उतारा है। दवा आने से मरीजों को राहत मिलेगी। हालांकि दवा मार्केट में सभी जगह उपलब्ध नहीं है, लेकिन कंपनी जल्द ही देशभर में सप्लाई बढ़ाने की बात कह रही है। ।

Published / 2021-05-21 15:42:25
छत्तीसगढ़ : डेढ़ घंटे के मुठभेड़ में 13 नक्सली ढेर

गढ़चिरौली। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बार्डर से लगे गढ़चिरौली जिले में शुक्रवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच शुक्रवार को जमकर फायरिंग हुई है। पुलिस की सी-60 यूनिट कमांडो ने गढ़चिरौली के एटापल्ली के जंगली इलाके में 13 नक्सलियों को मार गिराया। मारे गये नक्सलियों में 7 महिलाएं भी शामिल हैं। सभी के शव जवानों ने बरामद कर लिये हैं। इस हमले में 4-5 नक्सलियों के घायल होने की भी खबर है। मुठभेड़ स्थल से भारी संख्या में हथियार भी मिले हैं। मुठभेड़ में मरे नक्सलियों की पहचान नहीं हो सकी है। इस संबंध में गढ़चिरौली के डीआइजी संदीप पाटिल ने पत्रकरों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुबह गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली के जंगली क्षेत्र से 13 नक्सलियों के शव बरामद किये गये हैं। महाराष्ट्र पुलिस की सी-60 इकाई और नक्सलियों के बीच फायरिंग जारी है। उन्होंने बताया कि आॅपरेशन महाराष्ट्र पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है और संभावना है कि मुठभेड़ में और नक्सलियों का सफाया हुआ है। डीआइजी ने बताया कि जिस समय पुलिस ने कार्रवाई की, उस वक्त नक्सली एक बैठक के लिए एकत्र हुए थे। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस के दल और सी-60 कमांडो ने जंगल में खोज अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने पुलिस दल को देखा और गोलीबारी शुरू कर दी। सी-60 कमांडो ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 13 नक्सली मारे गये हैं। कई नक्सली भागने में सफल रहे। मुठभेड़ के बाद जवानों ने सर्चिंग शुरू की तो शवों के अलावा खून के निशान भी मिले हैं। ऐसे में संभावना है कि मुठभेड़ में 4 से 5 नक्सली गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, इसलिए मृतकों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। जवानों ने मौके से एके -47,राइफल, 303 राइफल, करबाइन, 12 बोर की राइफल और बड़ी मात्रा में विस्फोटक, तार का बंडल और अन्य सामान बरामद किया है। बढ़ती नक्सली गतिविधियों इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए तत्कालीन एसपी केपी रघुवंशी ने 1 दिसंबर 1990 को सी-60 की स्थापना की। उस वक्त इस फोर्स में सिर्फ 60 विशेष कमांडो की भर्ती हुई थी, जिससे इसे यह नाम मिला। नक्सली गतिविधियों को रोकने के लिए गढ़चिरौली जिले को दो भागों में बांटा गया। पहला उत्तर विभाग, दूसरा दक्षिण विभाग। ??????इन कमांडो को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें दिन-रात किसी भी समय कार्रवाई करने के लिए ट्रेंड किया जाता है। इनकी ट्रेनिंग हैदराबाद, मनेसर, कांकेर, हजारीबाग में होती है। नक्सल विरोधी अभियान के अलावा ये जवान नक्सलियों के परिवार, नाते-रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें सरकार की योजनाओं के बारे में बताकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का काम भी करते हैं। नक्सली इलाकों में ये प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी भी जुटाते हैं।

Published / 2021-05-12 07:26:03
वैक्सीनेशन पर 8 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक : डॉ. हर्षवर्धन

एबीएन डेस्क। कोरोना वायरस के चलते देश में हालात काफी खराब हो रहे हैं। कहीं ऑक्सीजन नहीं मिल रही तो कहीं बेड्स और दवाएं नहीं हैं। कोरोना संकट के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन आज वैक्सीनेशन को लेकर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक बैठक करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री कोरोना पर भी राज्यों से चर्चा करेंगे। कोरोना का कहर देश में इस कद्र है कि यह महामारी दिनों-दिन बेकाबू होती जा रही है। कोरोना वायरस के चलते देश में हालात काफी खराब हो रहे हैं। कहीं ऑक्सीजन नहीं मिल रही तो कहीं बेड्स और दवाएं नहीं हैं। कोरोना संकट के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन आज वैक्सीनेशन को लेकर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक बैठक करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री कोरोना पर भी राज्यों से चर्चा करेंगे। कोरोना का कहर देश में इस कद्र है कि यह महामारी दिनों-दिन बेकाबू होती जा रही है।

Published / 2021-05-12 07:09:44
खुशखबर: जल्द बच्चों को भी लग सकेगा कोरोना का टीका, 2-18 आयुवर्ग पर ट्रायल की भारत बायोटेक को मिली मंजूरी

एबीएन डेस्क। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की तबाही जारी है। इस बीच, महामारी की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जिसमें सबसे अधिक बच्चों के संक्रमित होने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए बड़ा कदम उठाया गया है। एक विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को 2 से 18 आयुवर्ग के लिए भारत बायोटेक के कोविड वैक्सीन के दूसरे/तीसरे चरण के लिए परीक्षण की सिफारिश की थी, जिसे भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। कोरोना वैक्सीन से जुड़ी सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (एसईसी) ने मंगलवार को सिफारिश की थी कि भारत बायाटेक की कोवैक्सीन के दूससे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी देनी चाहिए, जोकि 2 से 18 साल तक के बच्चों पर किया जाएगा।उन्होंने बताया कि यह परीक्षण दिल्ली व पटना के एम्स और नागपुर स्थित मेडिट्रिना चिकित्सा विज्ञान संस्थान समेत विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा। कंपनी ने मांगी थी अनुमति : बता दें कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 विषय विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को भारत बायोटेक द्वारा किए गए उस आवेदन पर विचार-विमर्श किया, जिसमें उसके कोवैक्सीन टीके की दो साल से 18 साल के बच्चों में सुरक्षा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने समेत अन्य चीजों का आकलन करने के लिए परीक्षण के दूसरे/तीसरे चरण की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था। एक सूत्र ने कहा कि कंपनी के आवेदन पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद समिति ने प्रस्तावित दूसरे/तीसरे चरण के परीक्षण की अनुमति दिए जाने की सिफारिश की थी। बता दें कि भारत में अभी तक जिन दो कोविड वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। दोनों का 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को पर ही इनका क्लीनिकल ट्रायल किया गया है। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को लोगों को लगाई जा रही हैं। ऐसे में तीसरी लहर की चेतावनी से पहले बच्चों पर ट्रायल को मंजूरी देना बड़ा फैसला माना जा रहा है।

Published / 2021-05-08 11:52:30
2-डीजी दवा के आपात इस्तेमाल को डीसीजीआई की मंजूरी, कोरोना मरीजों को मिलेगी राहत

कोरोना के बढ़ते खतरे और रेमडेसिविर जैसी दवाओं की कालाबाजारी को देखते हुए भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने 2-डीजी दवा (2-deoxy-D-glucose) के चिकित्सीय अनुप्रयोग के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। ऐसा माना जा रहा है कि इससे कोरोना के मरीजों को हल्की राहत मिलेगी। मध्यम से गंभीर लक्षण वाले कोरोना मरीजों के इलाज के लिए इस दवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। डीआरडीओ ने कहा कि एक सामान्य अणु और ग्लूकोज का एनालॉग होने की वजह से यह आसानी से उत्पादित और उपलब्ध कराया जा सकता है। इस दवा को डीआरडीओ लैब इंस्टीट्यूट और डॉक्टर रेड्डी लैब ने मिलकर बनाया है। इस दवा के ट्रायल परीक्षण बताते हैं कि दवा में अणु अस्पताल में भर्ती मरीजों की तेजी से रिकवरी करने में मदद करता है और ऑक्सीजन निर्भरता को कम करता है। 2-डीजी दवा के ज्यादा उपयोग से आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव देखी गई है। डीआरडीओ ने इस बात की जानकारी दी। यह दवा पाउडर के रूप में आती है और इस पानी के साथ या पानी में घोलकर लिया जा सकता है। यह दवा वायरस संक्रमित कोशिकाओं में जमा हो जाती है और वायरस के विकास को रोकता है।

Published / 2021-05-02 15:45:30
कोरोना संक्रमण रोकने भारतीय सेना ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

कोरोना की दूसरी लहर में बढ़ते मामलों को देखते हुए संक्रमण को रोकने के लिए भारतीय सेना भी प्रयास कर रही है. इसी क्रम में 31 मई तक के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, सेना मुख्यालय सहित सभी मुख्यालयों / प्रतिष्ठानों के कार्यालयों में अधिकारियों की उपस्थिति कम की जाएगी. साथ ही किसी भी तरह की बैठकें नहीं की जाएंगी. वहीं, जो अधिकारी और जवान राहत कार्यों चिकित्सा प्रबंधन और आवश्यक सेवाओं में लगे हुए वे अपनी ड्यूटी जारी रखेंगे.

Published / 2021-05-02 15:41:21
पश्चिम बंगाल चुनाव : पीएम मोदी ने दी ममता बनर्जी को जीत की बधाई

पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की धमाकेदार जीत पर पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को बधाई दी है | पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की धमाकेदार जीत पर पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को बधाई दी है | पीएम मोदी ने आगे ट्वीट करते हुए लिखा कि मैं पश्चिम बंगाल की अपनी बहनों और भाइयों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने हमारी पार्टी को आशीर्वाद दिया है. पहले की नगण्य उपस्थिति से, भाजपा की उपस्थिति में काफी वृद्धि हुई है. भाजपा जनता की सेवा करती रहेगी. मैं चुनावों में उनके उत्साही प्रयास के लिए प्रत्येक और हर कारीगर की सराहना करता हूं. बता दें, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है. टीएमसी अब तक 172 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, जबकि 46 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, भाजपा 51 सीटें जीत चुकी है और 21 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.

Published / 2021-05-02 15:19:10
खेला होबे: नंदीग्राम में बड़ा ट्विस्ट, सुवेंदु पहले 1200 वोटों से हारे, फिर 1900 मतों से मिली जीत

पश्चिम बंगाल का चुनावी रण तो ममता बनर्जी बहुमत के साथ जीतती नजर आ रही हैं। हालांकि, नंदीग्राम सीट में कांटे की कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। एक बार फिर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को पीछे छोड़ दिया है। शुभेंदु अधिकारी, ममता बनर्जी से आगे चल रहे हैं। बता दें कि नंदीग्राम, अधिकारी परिवार का मजबूत गढ़ माना जा रहा है। आखिरी राउंड तक सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच मुकाबला बेहद रोचक रहा। कभी ममता बनर्जी बढ़त बना ले रहीं थीं, तो कभी सुवेंदु अधिकारी आगे निकल जा रहे थे। आखिरकार 1953 वोटों से सुवेंदु अधिकारी ने ममता को मात दी है। बता दें कि बंगाल में आज सुबह से ही सबकी निगाहें नंदीग्राम सीट पर लगी थीं। इसकी सबसे बड़ी वजह थी कि यहां से प्रदेश के दो सबसे कद्दावर नेता ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने मैदान में उतरे हुए थे। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में आने वाली नंदीग्राम विधानसभा सीट पर एक दशक से ज्यादा समय तक टीएमसी का कब्जा रहा है। वर्ष 2016 में नंदीग्राम में कुल 87 प्रतिशत वोट पड़े। 2016 में तृणमूल कांग्रेस से सुवेंदु अधिकारी ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अब्दुल कबीर सेख को 81230 वोटों के मार्जिन से हराया था। नंदीग्राम सीट पर ये उम्मीदवार थे मैदान में : नंदीग्राम सीट पर इस बार 8 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इनमें सुवेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सीपीआईएम की उम्मीदवार मीनाक्षी मुखर्जी, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) के मनोज कुमार दास और निर्दलीय उम्मीदवारों में दीपक कुमार गायेन, सुब्रत बोस, एसके सद्दाम हुसैन और स्वपन पुरुआ शामिल थे।

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