भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भले ही गोल्ड मेडल नहीं जीत पाई हैं। लेकिन Bronze Medal जीतने में सफल हो गई हैं। सिंधु ने दोनों सेटों में चीन की शटलर हे बिंगजिआओ (He Bing Jiao) को 21-13 और दूसरा सेट 21-15 से जीतकर इतिहास रच दिया है। दोनों के बीच ब्रॉन्ज मेडल जीत ने की लड़ाई शुरू हो गई है। सिंधु ने लगातार चीनी शटलर के खिलाफ आक्रमक अंदाज दिखाया है और पहला गेम सेट जीतने में सफल रहीं। दोनों के बीच गेम के दौरान लंबी रैलियां हो रही हैं। दूसरा सेट: पहला सेट जीतने के बाद दूसरे सेट में भी सिंधु आगे सिंधु आज सटीक और जोरदार स्मैश लगा रही हैं 10 मिनट के खेल में भारतीय खिलाड़ी 7-5 से आगे पहला सेट: सिंधु ने 21-13 से जीता पहला सेट सिंधु ने ली शुरूआती बढ़त 10 मिनट के खेल में दोनों में कड़ी टक्कर, हालांकि सिंधु के पास 8-6 की बढ़त 20 मिनट के खेल में सिंधु 16-11 से आगे
नयी दिल्ली। देश के कुछ राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार ने कहा है कि जिन जिलों में 10 फीसदी से अधिक संक्रमण दर है वहां सख्त प्रतिबंधों पर विचार करने की आवश्यकता है। केंद्र ने कहा कि 10 राज्यों में कोरोना संक्रमण दर में तेजी देखी जा रही है और यहां नियमों का पालन करवाने की सख्त जरूरत है। केंद्र ने कहा कि 46 जिलों में 10 फीसदी से अधिक संक्रमण है। जबकि अन्य 53 जिलों में पांच से 10 फीसदी के बीच है, इसलिए राज्यों को एक बार फिर कोरोना जांच में तेजी लाने की जरूरत है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि किसी भी तरह की ढिलाई से इन जिलों में स्थिति और खराब होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, मिजोरम, मेघालय, आंध्र प्रदेश और मणिपुर में कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की गई। उन्होंने कहा कि इस बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा कोविड-19 की निगरानी, नियंत्रण और प्रबंधन के लिए किए गए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की भी समीक्षा की गई। ये राज्य या तो दैनिक कोरोना मामलों में वृद्धि या संक्रमण दर में वृद्धि की रिपोर्ट कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में 10 फीसदी से अधिक की संक्रमण दर की रिपोर्ट करने वाले सभी जिलों में लोगों की आवाजाही को रोकने / कम करने, भीड़ को और लोगों के आपस में मिलने से रोकने के लिए सख्त प्रतिबंधों पर विचार करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित राज्यों में 80 फीसदी से अधिक सक्रिय मामले होम आइसोलेशन में बताए गए हैं और इन मामलों की कड़ाई से निगरानी करने की आवश्यकता है ताकि वे अन्य लोगों से न मिलें और न संक्रमण फैलाएं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से यह भी कहा कि वे जिलेवार कोरोना के आंकड़ों के लिए अपने स्वयं के सिरो सर्वे करें, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह का सर्वेक्षण थोड़ा कठिन है। रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि भारत में रूस की कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी का प्रोडक्शन सितंबर में पूरी तरह से शुरू होने की उम्मीद है। बयान में विभिन्न भारतीय फार्मास्युटिकल फर्मों का भी उल्लेख किया गया है जिनके साथ आरडीआईएफ ने भारत में वैक्सीन उत्पादन के लिए करार किया है। इनमें सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (एसआईआई), हेटेरो बायोफार्मा, ग्लैंड फार्मा, पैनासिया बायोटेक, स्टेलिस बायोफार्मा, विरचो बायोटेक और मोरपेन लेबोरेटरीज हैं।
एबीएन डेस्क। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के शोकबाबा जंगलों में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया। जवानों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ के दौरान यह कामयाबी मिली। इस दौरान सेना के तीन जवान भी घायल हुए हैं। सुरक्षाबलों का अभियान अभी भी जारी है। मारे गए आतंकियों की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है। घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एहतियात के तौर पर इलाके में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। जंगल में और आतंकियों के छुपे होने की संभावना है।
एबीएन डेस्क, रांची। कोरोना संकट के बीच संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया। संसद पहुंच कर पीएम मोदी ने कहा कि धारदार सवाल पूछें, लेकिन सरकार को जवाब देने का मौका भी दें। संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही कोरोना की दूसरी लहर, महंगाई और चीन से जुड़े मामले और पत्रकारों-नेताओं की जासूसी को लेकर हंगामा शुरू हो गया। लोकसभा की कार्यवाही दोबारा दोपहर 3:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उच्च सदन में भी अपने मंत्रिपरिषद का परिचय नहीं दे पाये। इससे पहले, पीएम अपने मंत्रिपरिषद का परिचय दे रहे थे, तब जमकर हंगामा हुआ, जिस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई। कोरोना टीकाकरण नीति पर चर्चा के लिए पीएम नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम छह बजे लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
एबीएन डेस्क, रांची। संसद को मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, विपक्ष ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश भर में व्याप्त अव्यवस्था और भ्रष्टाचार, पेट्रोलियम पदार्थों एवं रोजमर्रा की वस्तुओं की महंगाई, किसान आंदोलन, कोरोना के टीकों की कमी, उत्तर प्रदेश के प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण कानून, राष्ट्रीय सुरक्षा आदि मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनायी है जबकि सरकार ने 19 दिनों में सघन एजेंडा बनाकर 23 विधेयकों को पारित कराने की योजना बनाई है। 19 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में 19 बैठक होनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के पुनर्गठन के बाद हो रहा यह सत्र इस मायने में विशेष होने वाला है क्योंकि इस बार श्री मोदी एक प्रकार से कोविड पश्चात नयी सरकार का संदेश देने की कोशिश करेंगे। पहले दिन प्रधानमंत्री दोनों सदनों में अपने मंत्रिमंडल के नये सहयोगियों का परिचय करायेंगे। संसद का यह सत्र भी कोरोना के प्रोटोकॉल के अंतर्गत ही चलेगा। सत्र के पहले रस्मी तौर पर राज्यसभा के सभापति और लोकसभा के अध्यक्ष ने क्रमशः शनिवार और रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई हैं। सरकार द्वारा भी रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। इन बैठकों में विपक्षी नेताओं से सदन के सुचारू संचालन में सहयोग की अपील की जाएगी। इस सत्र के आयोजन से पहले कोरोना महामारी को लेकर पर्याप्त प्रबंध किये गये हैं। लोकसभा में 411 सांसद टीका लगवा चुके हैं। 23 सांसद विभिन्न कारणों से टीका नहीं लगवा पाये हैं। लोकसभा एवं राज्यसभा सचिवालयों के अधिकतर कर्मचारियों अधिकारियों को भी टीका लगवाया जा चुका है। लोकसभा सचिवालय ने हालांकि इस बार भी आरटीपीसीआर परीक्षण की व्यवस्था की है। इस बार भी मीडिया पास सीमित संख्या में जारी किए गए हैं और दर्शकों के लिए संसद देखने की अनुमति नहीं दी गई है। दोनों सदनों में सदस्यों को कोविड प्रोटोकॉल के साथ सदन और दर्शक दीर्घा में बैठाया जाएगा। सरकार मानसून सत्र में कुल 23 विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करेगी जिनमें तीन विधेयक अध्यादेशों के स्थान पर लाये जाएंगे जो दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक 2021, आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक 2021 और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन विधेयक 2021 हैं। इन तीन अध्यादेशों के अलावा केंद्र सरकार द्वारा जिन विधेयकों को पारित कराना है, उनमें डीएनए टेक्नोलॉजी विधेयक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, कोल बियरिंग एरिया विधेयक, चार्टर्ड अकाउंटेंट विधेयक, लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप, कंटेनटमेंट विधेयक, सेंट्रल यूनिवर्सिटी विधेयक, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट विधेयक समेत अन्य कई विधेयक शामिल हैं। विपक्ष की ओर से कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश भर में व्याप्त अव्यवस्था और भ्रष्टाचार, बेतहाशा बढ़ती महंगाई और पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते दाम पर फोकस किया जाएगा। किसानों का आंदोलन, कृषि कानून में बदलाव और उत्तर प्रदेश के प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर भी विपक्ष सरकार पर प्रहार करने का मौका नहीं गंवायेगा।
महाराष्ट्र। मोदी सरकार में महाराष्ट्र में BJP की नेता प्रीतम मुंडे को जगह नहीं मिलने से स्थानीय नेताओं की नाराजगी सामने आई है। प्रीतम मुंडे को कैबिनेट में जगह मिलने से नाराज बीड जिले में BJP के 20 पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। एक स्थानीय नेता ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीड जिला परिषद और पंचायत समिति के साथ अंबाजोगाई के भाजपा पार्षद, इस्तीफा सौंपने के लिए मुंबई निकल पड़े हैं। नेता ने कहा कि पिछले दो दिन में जिन्होंने इस्तीफा दिया है, उनमें बीड जिला परिषद का एक सदस्य और पंचायत समिति का एक सदस्य शामिल है। इसके अलावा भाजपा जिला महासचिव, युवा इकाई के अध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष और भाजपा युवा इकाई के जिला उपाध्यक्ष ने भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र मास्के को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। बीजेपी बीड जिला महासचिव सरजेराव टांडले ने कहा कि प्रीतम मुंडे को कैबिनेट में जगह मिलने वाली थी, लेकिन अंतिम समय में उनका नाम हटा दिया गया। भाजपा के हजारों कार्यकर्ता प्रीतम मुंडे को मंत्रिमंडल में शामिल होते देखना चाहते थे। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव पंकजा मुंडे ने अपनी बहन और सांसद प्रीतम मुंडे को मंत्रिपरिषद में शामिल न किए जाने से नाराज होने की खबरों का खंडन किया है। इससे पहले पंकजा ने यह भी कहा था कि उन्हें विश्वास है कि प्रीतम को मंत्रिमंडल में स्थान दिया जाएगा।पंकजा ने स्पष्ट किया था कि पार्टी द्वारा लिया गया कोई भी निर्णय उन्हें और उनकी बहन को स्वीकार्य होगा क्योंकि वे पार्टी की समर्पित कार्यकर्ता हैं। इस बीच, सूत्रों से पता चला है कि पंकजा मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगी और उन्हें इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाएंगी।
एबीएन डेस्क, रांची। कोरोना की थर्ड वेव यानी तीसरी लहर से निपटने के लिए इंडिया गंभीरता से तैसारी में जुट गया है। देश में मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर शुक्रवार को PM नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक की। देशभर में 1,500 ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने का ऑर्डर दिया। मीटिंग में पीएम मोदी ने हॉस्पिटल स्टाफ को ऑक्सीजन प्लांट के संचालन और रख-रखाव के लिए जरूरी ट्रेनिंग देने पर जोर दिया। इन ऑक्सीजन प्लांट्स की फंडिंग PM केयर्स फंड से की जाएगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस अहम मीटिंग में कहा कि हर जिले में ऐसे कुछ लोग होने चाहिए, जिन्हें ऑक्सीजन प्लांट्स के संचालन और रखरखाव के लिहाज से ट्रेनिंग दी जाए। पीएम मोदी ने इस मीटिंग में कहा कि केंद्र सरकार के अधिकारियों को राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करना चाहिए और यह तय करना चाहिए कि अस्पतालों के स्टाफ की सही ट्रेनिंग हो सके।
पानागढ़। पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध तारापीठ मंदिर से पूजा करके बोकारो लौट रही एक कार रामपुरहाट थाना क्षेत्र में दुर्घनाग्रस्त हो गयी। इसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। सभी लोग झारखंड के बोकारो जिला के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि बोकारो जिला के जलंगी से कुछ लोग कार से तारापीठ पूजा करने आये थे। लौटते समय उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गयी। बोकारो निवासी अखिल सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। कार में सवार और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। सूचना मिलने के बाद रामपुरहाट थाना की पुलिस तथा दमकल विभाग के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। घायलों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला गया और उन्हें रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में दो की हालत बेहद गंभीर बतायी जा रही है। दुर्घटना के बाद करीब एक घंटा तक इस मार्ग को स्थानीय लोगों ने अवरुद्ध कर दिया। लगातार हो रही दुर्घटना को रोकने की मांग की और अपने गुस्से का इजहार किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया है। गुस्साये लोगों को समझा-बुझाकर सड़क जाम को भी खत्म कराया गया। इसके बाद आवागमन शुरू हो गया। पुलिस तथा स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्घटना सोमवार सुबह 8:00 बजे के करीब हुई। तारापीठ मंदिर में सुबह ही पूजा करने के बाद बोकारो के जलंगी से आये 6 लोग वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान चालक कार पर नियंत्रण नहीं रख सका और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराया।
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