रायपुर। रायपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में ब्लास्ट हुआ है, जिसकी चपेट में CRPF के चार जवान आ गए। एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल जवान को रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि डेटोनेटर फटने से ब्लास्ट हुआ है। CRPF की 211 बटालियन के जवान स्पेशल ट्रेन से जम्मू जा रहे थे। ट्रेन रायपुर में रुकने के बाद ग्रेनेड डमी कारतूस बॉक्स में रखा जा रहा था। इसी दौरान ब्लास्ट हो गया, जिसमें चार जवान घायल हो गए। हवलदार विकास चौहान को ज्यादा चोटें आने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल जवानों के नाम चवन विकास लक्ष्मण, रमेश लाल, रविंद्र कर, सुशील, दिनेश कुमार पैकरा हैं। CRPF के आला अधिकारी निजी अस्पताल पहुंच गए हैं। GRP मामले की जांच में जुट गई है।रायपुर पुलिस ने बताया कि सुबह CRPF की स्पेशल ट्रेन झारसुगुड़ा से जम्मू तवी जा रही थी। इसी दौरान रायपुर पहुंचने के बाद ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर खड़ी थी। इस दौरान तीन कंपनी की शिफ्टिंग हो रही थी। सामान लोडिंग के दौरान इगनाइटर सेट और SD कार्तिज (ट्यूब लॉन्चिंग में यूज) का एक बॉक्स ट्रेन के बोगी नंबर 9 के पास हाथ से छूट गया, जिससे ब्लास्ट हो गया और चार जवान घायल हो गए। निजी अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ नीरज पांडे ने बताया कि ब्लास्ट में घायल जवान के हाथ, पैर और सिर में चोट लगी है. सिर में लगी चोट गंभीर है। फ्रंटल साइनस का फैक्चर हो गया है, जिसका असर ब्रेन में दिख रहा है। हालांकि जवान की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जम्मू। गुरुवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जमकर मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में एक JCO शहीद हो गए, जबकि दो जवान घायल हो गए हैं। सेना के सूत्रों ने जेसीओ के शहीद होने की पुष्टि की है। आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच में शाम से ही एनकाउंटर जारी है। इसके साथ ही राजौरी-पुंछ पर गाड़ियों के आवागमन को भी रोक दिया गया है। घटना जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में हुआ है।
नयी दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आज दिल्ली के एम्स में भरती हुए हैं। उनके एम्स में भरती होने पर कांग्रेस की ओर से बयान आया है कि वे रुटीन चेकअप के लिए अस्पताल में भरती हुए हैं। उनकी स्थिति स्थिर है। आॅल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रणव झा ने ट्वीट किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्वास्थ्य को लेकर कुछ अफवाहें फैलायी जा रही हैं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है वे रुटीन चेकअप के लिए अस्पताल में भरती हुए हैं। आॅल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सेक्रेटरी प्रणव झा ने ट्?वीट किया कि उनके स्वास्थ्य को लेकर कुछ अफवाहें फैल गयी हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है वे रुटीन चेकअप के लिए अस्पताल में भरती हुए हैं। अगर जरूरत होगी तो हम उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देंगे। उनके स्वास्थ्य को लेकर मीडिया ने जो चिंता जतायी है हम उसके लिए उनका धन्यवाद कहते हैं। डॉ मनमोहन सिंह कांग्रेस के शासनकाल में दो बार यूपीए सरकार में देश के प्रधानमंत्री रहे हैं। वे चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचे हैं और वरिष्ठ डॉक्टर उनकी जांच कर रहे हैं। उनकी स्थिति अभी स्थिर है।
नालंदा। बिहार में नालंदा जिले के हादसा सरमेरा थाना क्षेत्र के काजीचक धनावां गांव के पास मंगलवार को धनायन नदी में डूब कर 4 बच्चियों ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर बीडीओ राजीव कुमार और थानाध्यक्ष विवेक राज मौके पर पहुंचे। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। मृत बच्चियों में सीता कुमारी (13), सरिता कुमारी (11), सोनम कुमारी (12) और राखी कुमारी (13) शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, चारों बच्चियां कपड़े धोने नदी के किनारे गई थीं। इसी दौरान एक बच्ची का पैर फिसला और वह गहरे पानी में गिर गई। बाकी तीन बच्चियां उसे बचाने के लिए दौड़ीं, पर वे तीनों भी गहरे पानी में डूब गईं। लोगों की मदद से चारों का शव नदी से बाहर निकाला गया।
एबीएन टीम, मोतिहारी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के आचार्य भरत मुनि संचार शोध केंद्र का समन्वयक, मीडिया अध्ययन विभाग के सहायक आचार्य व मीडिया गुरु डॉ.साकेत रमण को बनाया गया है। यह शोध केंद्र मीडिया एवं भारतीय संचार परम्परा केंद्रित उत्तर भारत का प्रथम संचार शोध केंद्र है। शोध केंद्र की स्थापना इसी वर्ष फरवरी माह में विश्वविद्यालय ने की थी। डॉ रमण को शोध केंद्र के समन्वयक बनाए जाने पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो संजीव कुमार शर्मा ने अपनी शुभकामनाएं एवं शुभाशीष प्रदान किया। डॉ रमण ने बताया कि यह शोध केंद्र माननीय कुलपति प्रो संजीव कुमार शर्मा की प्रेरणा से भारतीय संचार परंपरा के महत्तम व्यक्तित्वों पर केंद्रित वैयक्तिक अध्ययन कर संचार क्षेत्र में उनके अवदानों को रेखांकित करने को कटिबद्ध है। भारतीय संचार मीमांसा को केंद्र, पुस्तक एवं शोध आलेखों के रूप में भी प्रकाशित करायेगा तथा बिहार एवं चंपारण केंद्रित पुरातन संचार उपयोगी अध्ययन कार्य के संपादन के साथ-साथ दो शोधार्थियों को पीएचडी भी करायेगा। विवि प्रशासन ने शोध केंद्र के पूर्व समन्वयक, मीडिया अध्ययन विभाग के डॉ अंजनी कुमार झा के स्थान पर डॉ साकेत रमण को यह दायित्व सौंपा है। विवि के ओएसडी एडमिन प्रो राजीव कुमार, प्रॉक्टर प्रो प्रणवीर सिंह, डॉ नरेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी शेफालिका मिश्रा, कुलपति की निज सचिव कविता जोशी, अनुभाग अधिकारी दिनेश हुड्डा एवं मीडिया अध्ययन विभाग के डॉ अंजनी कुमार झा, डॉ परमात्मा कुमार मिश्र, डॉ सुनील घोडके, डॉ उमा यादव ने शुभकामनाएं दी। साथ मीडिया अध्ययन विभाग के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के बीच खुशी की लहर है।
एबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री 13 अक्टूबर को पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का अनावरण करेंगे। इसके तहत 2025 तक सभी बुनियादी ढांचा कनेक्टिविटी परियोजनाओं की योजना बनाने के लिए केंद्र सरकार के 16 विभागों को एक साथ लाया जाएगा। सूचना मंत्रालय के तहत भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान ने पूरे देश के जीआईएस मैपिंग की 200 परतों के साथ मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान तैयार किया है। राज्य सरकारों से भी सभी बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी परियोजनाओं की योजना के लिए भागीदार के रूप में मंच से जुड़ने के लिए संपर्क किया जा रहा है. इस योजना में 2020-21 तक निर्मित सभी परियोजनाओं का विवरण है। इसके अलावा वर्ष 2025 तक की कल्पना की गई 16 विभागों की सभी केंद्रीय परियोजनाओं को शामिल किया गया है। पीएम ने इस साल अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में गति शक्ति योजना की घोषणा की थी। इसमें रेलवे, सड़क और राजमार्ग, पेट्रोलियम और गैस, बिजली, दूरसंचार, नौवहन, विमानन और औद्योगिक पार्क बनाने वाले उपयोगकर्ता विभागों सहित सोलह केंद्र सरकार के विभागों को शामिल किया गया है। इस योजना के माध्यम से देश के युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना का कुल बजट 100 लाख करोड़ निर्धारित किया गया है। केंद्र सरकार योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए केंद्र के सभी 16 विभागों के शीर्ष नौकरशाहों का नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप गठित कर रही है। एक सूत्र ने बताया, ‘देश के सर्वोत्तम हित में देश के संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का विचार है। राज्य सरकारों की भी मंच तक पहुंच होगी और हम राज्यों को भागीदार के रूप में शामिल कर रहे हैं। पीएम ये सुनिश्चित करने के लिए बहुत उत्सुक हैं कि इस परियोजना का फायदा आम आदमी को हो। सभी राज्यों को 13 अक्टूबर को इस योजना के लॉन्च कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहा गया है। पीएम के समारोह के बाद, केंद्रीय और राज्य के नौकरशाह पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर एक और दिन के लिए एक राष्ट्रीय सम्मेलन में निजी हितधारकों और विभिन्न विषयों पर डोमेन विशेषज्ञों के साथ बातचीत करेंगे। सरकार द्वारा तैयार किए गए डिजिटल टूल में प्लॉट स्तर तक पूरे देश की 3डी डिजिटल मैपिंग है और ये प्रोजेक्ट प्लानिंग के साथ-साथ निर्णय लेने के लिए एक विश्लेषणात्मक उपकरण के लिए महत्वपूर्ण होगा। एक सूत्र ने कहा बेहतर डेटा बेहतर निर्णय लेता है। 16 विभागों और राज्यों में से प्रत्येक को पता होगा कि किसी विशिष्ट क्षेत्र में कौन सी परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है।
एबीएन डेस्क। देश के कई राज्यों में विद्युत उत्पादक संयंत्रों में कोयले की कमी के चलते बिजली का संकट बढ़ता जा रहा है। झारखंड में आपूर्ति में कमी के कारण 285 मेगावाट से लेकर 430 मेगावाट तक की लोड शेडिंग करनी पड़ी। इसके चलते दिन में गांवों में आठ से दस घंटे तक की बिजली कटौती हुई। वहीं, बिहार में पांच गुना अधिक कीमत पर भी विद्युत कंपनियां पूरी बिजली नहीं दे पा रही है। ऊर्जा विकास निगम के मुताबिक राज्यों को डिमांड के मुकाबले काफी कम बिजली सेंट्रल पूल से मिल रही है। नेशनल पावर एक्सचेंज में भी बिजली की किल्लत है। पूरे भारत में लगभग 10 हजार मेगावाट बिजली की कमी बताई जा रही है। इसकी वजह से नेशनल पावर एक्सचेंज में बिजली की प्रति यूनिट दर में चौतरफा वृद्धि हो गई है। सामान्य तौर पर पांच रुपये प्रति यूनिट मिलती है लेकिन आज यह बिजली दर प्रति यूनिट 20 रुपये हो गई है। बिजली संकट की बड़ी वजह विद्युत उत्पादक संयंत्रों को कोयले की घोर किल्लत है। झारखंड के बिजली उत्पादक संयंत्रों के पास भी सीमित कोयले का भंडार है। राज्य सरकार ने बढ़ी दर पर नेशनल पावर एक्सचेंज से बिजली खरीदने की पहल की है, लेकिन इसकी उपलब्धता नहीं है। त्योहार के कारण आने वाले दिनों में यह संकट और और भी ज्यादा बढ़ सकता है। झारखंड में मांग के मुकाबले कम बिजली उपलब्ध : आज झारखंड में बिजली की मांग लगभग 2200 मेगावाट की है। लेकिन राज्य के विद्युत उत्पादक संयंत्रों से अधिकतम 500 मेगावाट तक की ही बिजली उपलब्ध हो रही है। बाकी की डिमांड सेंट्रल पूल के जरिये उपलब्ध कराई जाने वाली बिजली से होती है। इसमें डीवीसी और एनटीपीसी की इकाइयों के जरिये बिजली आती है। इसका एक बड़ा हिस्सा रेलवे को भी जाता है।
एबीएन डेस्क। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बाॅलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बड़े बेटे आर्यन खान को ग्स लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 7 अक्टूबर यानी गुरुवार को कोर्ट ने एक बार फिर ड्रग्स केस में गिरफ्तार किए गए आर्यन सहित सभी 8 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया लेकिन कोर्ट का फैसला शाम 7 बजे के आने के बाद आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया है। दरअसल शाम 7 बजे के बाद जेल बंद हो जाती है, इसलिए सभी को गुरुवार की रात तक के लिए एनसीबी ऑफिस में रखा गया है। वहीं अब 8 अक्टूबर को कोर्ट में इस केस की सुनवाई हो रही है। जहां आर्यन खान के वकील जमानत याचिका के लिए लड़ रहे हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि एनसीबी आर्यन को लेकर सीधा आर्थर जेल पहुंच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने जमानत की सुनवाई पूरी होने तक इंतजार नहीं करने का फैसला किया । इस घटना की शुरुआत 2 अक्टूबर यानी शुक्रवार को हुई थी. मुंबई पुलिस के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के पास ये सूचना थी कि एक पार्टी में कुछ लोग ड्रग्स की सप्लाई और ड्रग्स का सेवन कर सकते हैं। इसकी जांच करने के लिए एनसीबी के करीब 22 अधिकारी पार्टी में पहुंच गए, लेकिन जब पार्टी शुरू हुई तो इनमें से 8 लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया गया और बाकी सबको जाने दिया गया। इन 8 लोगों में शाहरुख खान के बेटा आर्यन खान भी शामिल थे हालांकि ऐसा कहा जा रहा है कि किंग खान के लाडले के पास ड्रग्स बरामद नहीं हुआ है।
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