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Published / 2021-11-01 15:56:44
अयोध्या दिव्य दीपोत्सव 2021 : 14000 सहयोगी जलाएंगे साढ़े नौ लाख दीये, विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी!

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छोटी दीपावली (तीन नवंबर) के दिन अयोध्या के राम की पैड़ी घाट पर नौ लाख 51 हजार दीपक जलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को सफल बनाने के लिए राम की पैड़ी घाट पर तेजी से तैयारियां चल रही हैं। इसके लिए अयोध्या शहर के सभी कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को इसमें सहयोग करने के लिए बुलाया गया है। इनके अलावा 49 संस्थाएं अपने 14000 वॉलिंटियर्स के साथ इस समय राम की पैड़ी घाट पर दीपक सजाने का काम कर रही हैं। ये दीपक सोमवार और मंगलवार दो दिन आकर्षक क्रम में रखे जाएंगे। इसके बाद छोटी दीपावली यानी बुधवार के दिन इन्हें प्रज्वलित किया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि इतनी संख्या में दीपक जलाने का एक विश्व रिकार्ड कायम किया जाएगा। इसके लिए गिनीज बुक के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है। वे मंगलवार को घाट पर उपस्थित रहकर दीयों की गणना करेंगे। अयोध्या में सरयू नदी के घाट पर दीये जलाने की यह परंपरा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से शुरू की थी। इस प्रकार इस वर्ष यह पांचवा दीपोत्सव मनाया जा रहा है। इसे एक परंपरा का रूप देने की कोशिश की जा रही है। अयोध्यावासियों से बातचीत करें तो पता चलता है कि इस दीपोत्सव कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साही हैं। अयोध्यावासी अपने परिवार के लोगों के साथ भी दीपोत्सव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राम की पैड़ी घाट पर इस समय पहुंचे हुए हैं। दीपोत्सव के दिन भव्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। लेजर शो के जरिए भगवान राम और माता सीता के जीवन से जुड़े रामायण के अनेक प्रसंगों को लेजर लाइट शो के जरिए दिखाया जाएगा। इसके लिए पांच कंपनियां इस समय तैयारियों में जुट गई हैं। इसके अलावा विभिन्न मंच तैयार कर यहां पर भगवान राम से जुड़े दृश्यों को सजीव रूप से प्रस्तुत करते हुए कलाकार बुधवार की शाम यहां दिखाई पड़ेंगे। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई हैं। शत्रुघ्न घाट पर दीयों का संयोजन कर रहे विजेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि उनकी संस्था सपना फाउंडेशन के जैसे 49 संस्थाओं के आयोजक यहां दीपक लगाने के कार्यक्रम में जुटे हुए हैं। हम सब मिलकर 10 लाख से ज्यादा दीपक लगाएंगे जिससे कुछ दीपक कम जलें तो भी कम से कम 9,51,000 दीपक जलते रहें और रिकॉर्ड दीपक जलाने का उनका उद्देश्य आसानी से पूरा हो सके। महाराजा कॉलेज की छात्रा श्वेता तिवारी ने अमर उजाला को बताया कि पिछले दो वर्ष कोरोना वायरस के कारण दीपावली का उत्सव मनाने का त्यौहार बिल्कुल फीका पड़ गया था, लेकिन इस वर्ष सरकार ने एक बार फिर से दीपोत्सव को भव्य तरीके से मनाने की तैयारी की गई है। इसमें वे अपने दोस्तों के साथ दीपक जलाने के लिए आई हुई हैं और ऐसा करके बहुत आनंदित महसूस कर रही हैं। आईआईटी की पढ़ाई करने के लिए अपने परिवार से दूर रह रही आनंदिता गुप्ता ने बताया कि परिवार से दूर रहकर दीपावली का त्यौहार बहुत सुना महसूस हो रहा था, लेकिन यह उनके जीवन का पहला अनुभव है कि वह इस दीपोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हो रही हैं। अपने मित्रों के साथ दीपक सजाने के कार्यक्रम में अपनी सहभागिता देकर वे बेहद भाग्यशाली महसूस कर रही हैं। एक अन्य छात्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदैव लड़कियों को आगे बढ़ाने की कोशिश करते रहते हैं। इसके लिए वे विशेष बधाई के पात्र हैं क्योंकि जब समाज में लड़कियों की शिक्षा बढ़ेगी, उनका सशक्तिकरण होगा तो समाज में एक बड़ा बदलाव आएगा। इसको लेकर छात्राओं में बहुत उत्साह है। कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति को देखकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद चुस्त दुरुस्त कर दी गई है। अयोध्या के मुख्य प्रवेश द्वार के पास से ही राम की पैड़ी घाट तक और प्रमुख मंदिरों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रमुख लोगों की सुरक्षा निश्चित की गई है। आने वाले किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है जिससे पूरे कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था ना उत्पन्न हो सके। कार्यक्रम से जुड़े लोगों का अनुमान है कि बुधवार के दिन यहां पर बहुत भारी संख्या में लोग देश-विदेश और स्थानीय स्तर पर आएंगे जिसके कारण घाट और उसके आसपास बहुत भारी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठी हो सकती है। सभी अतिथियों के बैठने और उन्हें उन्हें सुरक्षा देने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।

Published / 2021-11-01 12:18:04
गांधी मैदान बम ब्लास्ट केस : रांची के इम्तियाज समेत 4 आतंकियों को फांसी की सजा, 2 को उम्रकैद, दो को 10 साल की सजा

पटना। राजधानी के गांधी मैदान में हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में एनआइए कोर्ट ने अपना फैसला सोमवार को सुना दिया है। इस दौरान कोर्ट की ओर से जज गुरविंदर सिंह ने बंद कमरे में फैसला पढ़ा। इसमें 4 आरोपियों को फांसी की सजा दी गयी। 2 को उम्रकैद, 2 को दस साल और 1 आरोपी को 7 साल की सजा सुनायी गयी है। गौरतलब है तत्कालीन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली में हुए बम ब्लास्ट मामले में सभी को सजा दी गयी है। 27 अक्टूबर 2013 को पटना के गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली थी। इस रैली में उस वक्त के प्रधानमंत्री उम्मीदवार और वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे। प्रतिबंधित संगठन सिमी के आतंकवादियों के निशाने पर नरेंद्र मोदी ही थे। यह एनआइए की जांच और कोर्ट में पेश किये गये सबूतों से स्पष्ट हो चुका है। आतंकवादियों की साजिश पहले मानव बम के जरिए सीधे नरेंद्र मोदी को ही टारगेट करने की थी। इसके लिए झारखंड में रांची के धुर्वा डैम के पास आतंकियों ने मानव का ट्रायल भी किया था, जो विफल रहा था। इन आतंकियों को मिली सजा : नोमान अंसारी – फांसी, हैदर अली उर्फ अब्दुल्लाह उर्फ ब्लैक ब्यूटी – फांसी, मो मोजिबुल्लाह अंसारी – फांसी, इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम – फांसी, उमर सिद्दकी – उम्रकैद, अजहरूद्दीन – उम्रकैद, अहमद हुसैन – 10 साल, फिरोज आलम उर्फ पप्पू – 10 साल, इफ्तिखार आलम – 7 साल। बचाव पक्ष की ये थी दलील : बचाव पक्ष के वकील सैयद इमरान गनी ने कोर्ट के बाहर कहा कि उन्होंने दोषियों के लिए पुनर्वास की मांग की है। क्योंकि, सरकारी वकील इस बात को साबित करने में विफल रहे हैं कि इनका पुनर्वास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कई ऐसे फैसले हैं, जिनमें कहा गया है कि जिन अभियुक्तों के पुनर्वास के चांसेज हैं, उनके साथ सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार किया जाये।

Published / 2021-11-01 06:47:25
छत्तीसगढ़ : दंतेवाड़ा में मुठभेड़, तीन हार्डकोर महिला नक्सली ढेर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में रविवार को सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में जवानों ने तीन नक्सलियों को मार गिराया है। तीनों महिला नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि यह मुठभेड़ रविवार शाम करीब छह बजे कातेकल्याण पुलिस थाने के अंतर्गत अदवाल और कुंजेरात गांवों के बीच जंगल में तब हुई जब डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवान तलाशी अभियान चला रहे थे। तभी नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। कई घंटे की मुठभेड़ के बाद जवानों को भारी पड़ता देख अन्य नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग गए। एसपी ने बताया कि मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की सर्चिंग करने पर तीन महिला नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से तीन हार्डकोर महिला नक्सलियों के शव मिले हैं। पल्लव ने बताया कि मारी गई महिला नक्सलियों की पहचान राजे मुचकी, गीता मरकाम और ज्योति उर्फ भीमे नुप्पो के तौर पर की गई है। तीनों कातेकल्याण एरिया कमेटी ऑफ माओइस्ट की सक्रिय सदस्य थीं। उन्होंने बताया कि तीनों पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना स्थल से एक 12 बोर की बंदूक, दो देसी रिवाल्वर, एक मज्जल लोडिंग गन, दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), तार, दवाएं, माओवादी साहित्य और दैनिक इस्तेमाल की अन्य वस्तुएं जब्त की गई हैं।

Published / 2021-11-01 03:34:22
राष्ट्रीय एकता दिवस पर बोले पीएम मोदी, हम एक रहेंगे तभी आगे बढ़ पाएंगे

एबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान स्वतंत्रता सेनानी और देश के पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन किया। साथ ही पीएम ने देशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की बधाई दी। एक रिकॉर्डेड वीडियो संदेश में पीएम ने कहा, सरदार पटेल सिर्फ इतिहास में ही नहीं, बल्कि हम देशवासियों के हृदय में भी हैं। आज देशभर में एकता का संदेश लेकर आगे बढ़ रहे हमारे ऊर्जावान साथी, भारत की अखंडता के प्रति, अखंड भाव के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये भावना देश के कोने-कोने में हो रही, राष्ट्रीय एकता परेड में, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर हो रहे आयोजनों में भली भांति देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटेल ने देशहित को हमेशा सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि धरती के जिस भूभाग पर हम 130 करोड़ भारतीय रहते हैं, वह हमारी आत्मा, सपनों, आकांक्षाओं का अखंड हिस्सा है. सैकड़ों वर्षों से भारत के समाज, परंपराओं से लोकतंत्र की जो मजबूत बुनियाद विकसित हुई उसने एक भारत की भावना को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि हमें ये याद रखना है कि नाव में बैठे हर मुसाफिर को नाव का ध्यान रखना ही होता है। हम एक रहेंगे तभी आगे बढ़ पाएंगे, देश अपने लक्ष्यों को तभी प्राप्त कर पाएगा। पिछले 7 वर्षों में देश ने दशकों पुराने अवांछित कानूनों से मुक्ति पाई है। राष्ट्रीय एकता को संजोने वाले आदर्शों को नई ऊंचाई दी है।जम्मू-कश्मीर हो, पूर्वोत्तर हो या हिमालय का कोई गांव आज सभी प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में जो अनेक रिफॉर्म किए गए हैं उनका सामूहिक परिणाम है कि भारत निवेश का एक आकर्षक डेस्टिनेशन बन गया है। उन्होंने कहा कि आजाद भारत के निर्माण में सबका प्रयास जितना तब प्रासंगिक था, उससे कहीं अधिक आज़ादी के इस अमृतकाल में होने वाला है। आजादी का ये अमृतकाल, विकास की अभूतपूर्व गति का है, कठिन लक्ष्यों को हासिल करने का है। ये अमृतकाल सरदार साहब के सपनों के भारत के नवनिर्माण का है।

Published / 2021-10-31 10:30:49
देहरादून : खाई में गिरी गाड़ी, 13 की मौत

देहरादून। रविवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया। यात्रियों से भरी एक गाड़ी गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। आसपास के लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। हादसा उत्तराखंड के देहरादून जिले के चकराता में सुदूरवर्ती इलाके त्यूनी रोड पर सुबह करीब दस बजे घटी। जानकारी के अनुसार चकराता के भरम खत के बायला गांव से विकासनगर जा रही गाड़ी बायला-पिंगुवा मार्ग पर गांव से आगे अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में जा गिरी। गाड़ी में कुल 16 लोग सवार थे। हादसे में 13 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं 3 गंभीर हैं। 13 मृतकों के शव को खाई से निकाला गया। सूचना पाकर देहरादून से एसडीआरएफ, जिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों की मदद से शवों को और घायलों को खाई से निकाला जा रहा है।

Published / 2021-10-29 17:16:19
राजनाथ सिंह ने की पीएम की तारीफ, कहा- 24 कैरेट का सोना हैं मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 24 कैरेट का सोना बताते हुए शुक्रवार को कहा कि सरकार के प्रमुख के तौर पर उनके पिछले दो दशकों के राजनीतिक सफर को प्रबंधन स्कूलों में प्रभावी नेतृत्व और कुशल शासन पर एक केस स्टडी के तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए। मोदी की राजनीतिक यात्रा के पिछले दो दशकों के बारे में सिंह ने कहा, एक सच्चे नेतृत्व की पहचान उसके इरादे और सत्यनिष्ठा से होती है और दोनों ही मामलों में, प्रधानमंत्री मोदी 24 कैरेट सोने के हैं। बीस साल तक सरकार का प्रमुख रहने के बाद भी उन पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं है। लोकतंत्र प्रदान करना : नरेन्द्र मोदी के दो दशकों की सरकार के प्रमुख के रूप में समीक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में सिंह ने कहा कि मोदी केवल एक व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने कहा, अगर हम पिछले दो दशकों की उनकी राजनीतिक यात्रा को देखें, तो हम पाएंगे कि उनके सामने नई चुनौतियां आती रहीं। लेकिन जिस तरह से उन्होंने उन चुनौतियों का सामना किया, उन्हें प्रबंधन स्कूलों में प्रभावी नेतृत्व और कुशल शासन पर एक केस स्टडी के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी के कार्यकाल के बारे में बात करते हुए, सिंह ने कहा कि वह गुजरात को समग्र विकास के रास्ते पर ले गये और उन्होंने समाज के हर वर्ग की प्रगति के लिए काम किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि मोदी ने सबका साथ, सबका विकास का मंत्र दिया और फिर प्रधानमंत्री के रूप में इसमें सबका विश्वास, सबका प्रयास जोड़ा। सिंह ने कहा, ये नारा सबका साथ, सबका विकास देते हुए नरेन्द्र भाई मोदी ने गुजरात में पंथ निरपेक्षता की एक नई इबारत लिख दी। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी द्वारा शुरू किए गए विभिन्न सुधारों और योजनाओं का भी हवाला दिया। विकास के प्रति मोदी की प्रतिबद्धता पर चर्चा करते हुए सिंह ने कहा कि लंबे समय से इस देश में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने से बचा गया है। सिंह ने कहा, यह माना जाता था कि यदि आप व्यापार और उद्योग के साथ खड़े हैं तो आपकी सामाजिक प्रतिबद्धता कमजोर है। इस भ्रांति को मोदी ने कड़ी चुनौती दी। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में उद्योग और उद्यमियों को पहचाना और उनका सम्मान किया। मोदी के साथ अपने लंबे जुड़ाव का विवरण साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रमुख ने कहा कि मोदी की अद्भुत निर्णय लेने की क्षमता और उनकी कल्पना शक्ति ने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया। मोदी 2001 से 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में अपना निर्वाचन होने तक गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहे थे।

Published / 2021-10-28 19:35:53
29 से 31 अक्टूबर तक रोम के दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से पांच दिनी विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। वे 29 से 31 अक्तूबर तक रोम में रहेंगे। इस दौरान वे इटली में आयोजित जी 20 शिखर बैठक में भाग लेंगे। इटली के पीएम के न्योते पर वह रोम जा रहे हैं। 1 नवंबर को पीएम ब्रिटेन के ग्लासगो शहर में कोप 26 बैठक में भारत का पक्ष रखेंगे। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने गुरुवार को बताया कि यह आठवीं जी 20 बैठक है, जिसमें पीएम शामिल होंगे। पिछले साल संगठन की शिखर बैठक कोरोना महामारी के कारण वर्चुअल हुई थी। उसकी मेजबानी सऊदी अरब ने की थी। इससे पहले जून 2019 में जापान के ओसाका में हुई जी-20 बैठक में पीएम मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर भाग लिया था। इटली की मेजबानी में होने वाली इस साल की बैठक का विषय जनता, पृथ्वी और समृद्धि (पीपल, प्लेनेट, प्रास्पैरिटी) है। यह विषय यूएन के टिकाऊ विकास के एजेंडा 2030 पर आधारित है। इटली बैठक का फोकस कोरोना महामारी से अर्थव्यवस्थाओं को उबारना, वैश्विक स्वास्थ्य सुशासन, जलवायु परिवर्तन, टिकाउ विकास और खाद्य सुरक्षा। श्रृंगला ने कहा कि भारत इटली द्वारा चुने गए प्राथमिकता क्षेत्रों का पूरी तरह समर्थन करता है। हम इनमें से प्रत्येक विषय पर इटली के साथ हैं और इसी के आधार पर बैठक में विचार विमर्श होगा। विदेश सचिव ने कहा कि जी-20 शिखर बैठक विचार विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसमें नए नीतिगत मसलों, जिनका नागरिकों के जीवन पर असर होता है, पर विचार किया जाता है। ये मसले वैश्विक वित्तीय स्थिरता, टिकाऊ वित्त, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा आदि हैं। प्रधानमंत्री मोदी रोम बैठक में वैश्विक चुनौतियों पर भारत का रुख सामने रख सकते हैं। वे अफगानिस्तान की स्थिति पर समग्र रूप से वैश्विक दृष्टिकोण की पैरवी करने के साथ ही जलवायु परिवर्तन और कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुटता की भी बात कर सकते हैं। श्रृंगला ने कहा कि हम अफगानिस्तान को मानवीय मदद उपलब्ध कराने के पक्ष में हैं। यदि मौजूदा परिस्थितियां जारी रहीं तो हम इसके लिए तैयार हैं। उनसे पूछा गया था कि क्या भारत अफगानिस्तान को खाद्यान्न भेजेगा? विदेश सचिव ने बताया कि जी-20 देशों के बीच महामारी से उबरकर पुन: खड़े होने को लेकर सर्वसम्मति है। इसमें मुख्य फोकस रोजगार सृजन और कौशल विकास है। यह समग्र विचार विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। विदेश सचिव ने कहा कि एक-दूसरे की वैक्सीन व वैक्सीन दस्तावेजों को मान्यता देकर इंटरनेशनल ट्रैवल फिर शुरू करने का हमारा प्रस्ताव है। जी 20 में शामिल उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों को इसे मजबूत समर्थन है। पीएम मोदी एक नवंबर को ब्रिटेन के ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन पर आयोजित 26वें सम्मेलन (कोप 26) की बैठक में भाग लेंगे। श्रृंगला ने बताया कि कोप 26 में भारत पेरिस समझौते की गाइडलाइंस को अमल में लाने, जलवायु वित्त जुटाने, जलवायु संरक्षण करने वाली प्रौद्योगिकी अपनाने और वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी को सीमित करने पर जोर देगा।

Published / 2021-10-26 16:31:57
भारत में मिला कोविड का नया स्ट्रेन, तीसरी लहर का खतरा बढ़ा

एबीएन डेस्क। कर्नाटक में सात लोग नए AY 4.2 कोविड-19 संस्करण से संक्रमित पाए गए हैं। यह नया वेरिएंट ब्रिटेन, रूस और चीन में तबाही मचा रहा है। चूंकि ताजा मामलों में कमी के बाद राज्य में कोविड प्रतिबंधों में ढील दी गई है, अधिकारी अब नए संस्करण के प्रसार को रोकने के लिए कार्य योजना बनाने में जुट गए हैं। अधिकारियों द्वारा जुलाई में एकत्र किए गए स्वाब के नमूनों ने जीनोमिक अनुक्रमण के माध्यम से AY 4.2 स्ट्रेन पॉजिटिव पाया गया है। पाए गए सात मामलों में से तीन बेंगलुरु के हैं और चार अन्य राज्य के विभिन्न जिलों के हैं। अधिकारियों ने कोई जोखिम न लेते हुए संक्रमित व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी है। एक टीम उनके प्राथमिक और माध्यमिक संपर्कों में कोविड परीक्षण करने के लिए उनके घरों का दौरा करेगी। कहा जाता है कि नया स्ट्रेन अत्यधिक पारगम्य है लेकिन घातक है। विशेषज्ञों की राय है कि भारतीयों की तुलना में रूस, ब्रिटेन और चीन में लोगों की जलवायु और प्रतिरोधक क्षमता अलग है। लेकिन 130 करोड़ आबादी वाला भारत संक्रमण को फैलने नहीं दे सकता क्योंकि यह विनाशकारी प्रभाव पैदा कर सकता है। इस बीच राज्य के सात जिलों ने लक्षित आबादी के 50 प्रतिशत को कोविड टीके की दूसरी खुराक लगाई है। बेंगलुरु शहरी में 68 प्रतिशत लोगों को दूसरी खुराक दी गई है। इसके बाद रामनगर (54%), कोलार (51%) और उडुपी, कोडागु और चिक्काबल्लापुर (50%) हैं। विशेषज्ञों ने कहा है कि टीकाकरण नए वेरिएंट के खिलाफ सबसे प्रभावी निवारक है और जिन लोगों को केवल एक खुराक मिली है, वे वायरस की चपेट में आ सकते हैं। टीकाकरण के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना और मास्क पहनना समय की मांग है। अगर लोग इसकी उपेक्षा करते हैं तो वे खतरे में पड़ जाएंगे। कर्नाटक सरकार ने कोविड प्रतिबंधों के अधिकांश कड़े नियमों में ढील दी है और राज्य में जनजीवन फिर से सामान्य हो गया है। साथ ही मॉल, थिएटर और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि वह पहले ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के साथ नए कोविड स्ट्रेन के बारे में चर्चा कर चुके हैं। कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा है कि कोविड-19 के नए संस्करण और पुराने में कोई अंतर नहीं है और घबराने की जरूरत नहीं है। राज्य ने सोमवार से प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए कक्षाएं फिर से शुरू की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग आयुक्त रणदीप ने कहा कि बेंगलुरू में प्रसार दर में कमी आई है. यदि यहां नये स्ट्रेन के अधिक मामले मिलते हैं तो विभाग अलगाव, परीक्षण और नियंत्रण के लिए त्वरित कार्रवाई करेगा। संक्रमण की दर में भी कमी आई है लेकिन हमें हमेशा की तरह नियमों का पालन करना चाहिए।

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