एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में कई बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया है। अब कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं मानने लगी हैं कि भारत का यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI न सिर्फ सफल है, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया है कि एक सरकारी मॉडल दुनिया के बड़े प्राइवेट नेटवर्क्स को चुनौती दे सकता है।
इंटरेस्ट.को.एनजेड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जहां अमेरिका के Visa और Mastercard जैसे पेमेंट नेटवर्क प्रीमियम प्राइवेट सेवाओं के तौर पर काम करते हैं, वहीं भारत ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम को पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित किया है।
यूपीआई की खास बात यह है कि यह आम लोगों के लिए लगभग मुफ्त सेवा है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापारियों तक, हर कोई इसका इस्तेमाल कर सकता है। इससे डिजिटल लेनदेन आसान, तेज और सुरक्षित हुआ है।
रिपोर्ट में RBI के आंकड़ों का जिक्र किया गया है। इनके अनुसार, भारत के कुल डिजिटल भुगतानों में यूपीआई की हिस्सेदारी 80 फीसदी से ज्यादा हो चुकी है। साल 2017 में जहां यूपीआई के यूजर्स करीब 3 करोड़ थे।
वहीं 2024 तक यह संख्या 4 करोड़ से ज्यादा हो गई। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत में हर साल 170 अरब (170 बिलियन) से ज्यादा यूपीआई ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। एक अरब से अधिक आबादी वाले देश में यह आंकड़ा डिजिटल क्रांति की बड़ी मिसाल माना जा रहा है।
रिपोर्ट में भारत के यूपीआई की तुलना चीन के Alipay और WeChat Pay से की गई है। चीन के ये सिस्टम क्लोज्ड वॉल मॉडल पर आधारित हैं, यानी वे सीमित दायरे में काम करते हैं।
जबकि भारत का यूपीआई एक ओपन प्लेटफॉर्म है। इसका मतलब है कि कोई भी बैंक या फिनटेक कंपनी इससे जुड़ सकती है और अपने ग्राहकों को सेवा दे सकती है। इसी खुले और सरल मॉडल की वजह से यूपीआई तेजी से लोकप्रिय हुआ है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि AI समिट में कांग्रेस ने नंगी राजनीति की, सारी मर्यादाएं तोड़ दी। AI Global Summit ये भाजपा का समारोह नहीं था, ये देश का कार्यक्रम था, देश के सम्मान का कार्यक्रम था।
लेकिन कांग्रेस ने परसों सारी मर्यादाएं तोड़ दी। आज पूरे देश में कांग्रेस की इस रीति-नीति पर थू-थू हो रही है, लेकिन दुर्भाग्य देखिए... इतनी पुरानी पार्टी के नेता लाजने के बजाय बेशर्मी के साथ गाजते हैं। और ये मामला कांग्रेस की हरकतों का लगातार चल रहा है।
पीएम ने कहा कि एक तरफ देशवासी भारत को विकसित बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन देश में ही कुछ राजनीतिक दल हैं जो भारत की सफलता को पचा नहीं पा रहे हैं। अभी आपने देखा कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI Impact Summit हुआ। दुनिया भर के 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि दिल्ली आए।
दुनिया के विकासशील देशों में ऐसा सम्मेलन आज तक कभी नहीं हुआ। लेकिन कांग्रेस और इसके इकोसिस्टम ने भारत के एक वैश्विक आयोजन को अपनी नंगी और गंदी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतार कर पहुंच गए।
मैं कांग्रेस वालों से पूछता हूं कि देश तो जानता है कि आप पहले से ही नंगे हो, फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्या पड़ी? महिला सांसदों को भेज करके सीट पर कब्जा करके आप प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हो। क्या आपलोग इतने खोखले हो गए हो कि माताओं-बहनों को इसके लिए आगे कर रहे हो।
कांग्रेस देश के लिए बोझ बन गई है। एक बात मुझे संतोष है कि दिल्ली में जो घटना घटी, कांग्रेस के सभी साथी दलों ने कांग्रेस की भरपूर आलोचना करने की हिम्मत दिखाई है। मैं इसके लिए उनका सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त करता हूं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 131वें एपिसोड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर बात की। पीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी प्रगति के बारे में कहा कि यह बदलते विश्व की पहचान है।
दिल्ली में आयोजित एआई समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता और इनोवेशन की ताकत दुनिया के सामने मजबूती से उभरकर आई है। यह अब तक की सबसे बड़ी एआई समिट थी, जिसमें युवाओं की जबरदस्त भागीदारी और उत्साह दिखा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि एआई अब केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के दौरान वैश्विक नेताओं और टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों को इसकी मिसाल भी दिखाई गई। दुनिया ने देखा कि एआई के जरिए पशुओं की बीमारियों की पहचान और उपचार में मदद मिल रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसान अब 24x7 एआई आधारित सिस्टम से अपने डेयरी फार्म और पशुधन की निगरानी कर पा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ टेक्नोलॉजी और साइंस तक सीमित नहीं है। यह हम सबकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है।
पीएम ने कहा, किसान और डेयरी उत्पादक एआई का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे उत्पादन और प्रबंधन दोनों में सुधार हो रहा है। इस संदर्भ में अमूल के बूथ का खास तौर पर जिक्र होता है। अमूल ने एआई आधारित डेयरी प्रबंधन मॉडल से दुनिया भर के एक्सपर्ट्स को प्रभावित किया है।
प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक क्षेत्र में एआई के उपयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राचीन ग्रंथों, पांडुलिपियों और पारंपरिक ज्ञान को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखने की पहल ने कई देशों का ध्यान खींचा है।
एआई तकनीक के माध्यम से विरासत को नई पीढ़ी के लिए सुलभ और उपयोगी बनाया जा रहा है। पीएम ने कहा कि यह तकनीक संस्कृति और लोक कलाओं के संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभा रही है।
मन की बात कार्यक्रम में पीएम अक्सर ही खेलों और खिलाड़ियों की चर्चा करते हैं। प्रधानमंत्री ने ICC T20 World Cup का जिक्र करते हुए कहा कि इस टूर्नामेंट में भारतीय मूल के खिलाड़ियों का प्रदर्शन खासा प्रभावशाली रहा है।
खासकर कनाडा की टीम में कई भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं, जो अपने खेल से वैश्विक मंच पर पहचान बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारतीय प्रतिभा के वैश्विक पहचान का संकेत है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात के 131वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने एआई और तकनीकी विकास पर बात की। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। आइए विस्तार से जानते हैं पीएम मोदी ने मन की बात में क्या कुछ कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जब बैंक से केवाईसी अपडेट या री-केवाईसी कराने का संदेश आता है, तो कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि पहले ही केवाईसी करा चुके हैं तो दोबारा क्यों। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे संदेशों पर झुंझलाएं नहीं। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया ग्राहकों के पैसे और बैंक खातों की सुरक्षा के लिए होती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में सतर्कता बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात के 131वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने एआई और तकनीकी विकास पर बात की। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। आइए विस्तार से जानते हैं पीएम मोदी ने मन की बात में क्या कुछ कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के तिरुनावाया में भारतप्पुझा नदी के किनारे सदियों पुरानी मामंगम परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल स्नान का पर्व नहीं, बल्कि संस्कृति और स्मृति का जागरण है।
उन्होंने बताया कि यह आयोजन करीब ढाई सौ वर्षों तक अपनी भव्यता में नहीं हो पाया था, लेकिन अब देश अपनी विरासत को फिर से पहचान रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि महाकुंभ हो या केरला कुम्भ, नदियां अलग हो सकती हैं, लेकिन आस्था की धारा एक है, यही भारत की ताकत है।
पीएम मोदी ने ओडिशा के हिरोद पटेल नाम के युवा किसान की कहानी आज ग्रामीण नवाचार का उदाहरण बन रही है। करीब आठ साल पहले तक वह अपने पिता शिव शंकर पटेल के साथ पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते थे।
लेकिन उन्होंने खेती को नए नजरिये से देखने का फैसला किया और जमीन के बेहतर उपयोग पर काम शुरू किया। हिरोद ने अपने खेत में मौजूद तालाब के ऊपर मजबूत जालीदार ढांचा तैयार किया। इस ढांचे पर उन्होंने बेल वाली सब्जियां उगाईं। तालाब के चारों ओर केले, अमरूद और नारियल के पेड़ लगाए।
साथ ही तालाब में मछली पालन भी शुरू किया। अब एक ही जगह धान की खेती, सब्जी उत्पादन, फल और मछली पालन हो रहा है। इससे जमीन और पानी का बेहतर उपयोग हुआ है। परिवार की आमदनी भी बढ़ी है और जोखिम कम हुआ है। हिरोद की यह बहु-स्तरीय खेती आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जब बैंक से केवाईसी अपडेट या री-केवाईसी कराने का संदेश आता है, तो कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि पहले ही केवाईसी करा चुके हैं तो दोबारा क्यों। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे संदेशों पर झुंझलाएं नहीं। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया ग्राहकों के पैसे और बैंक खातों की सुरक्षा के लिए होती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में सतर्कता बेहद जरूरी है।
पीएम मोदी इस दौरान केरल की 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम की भी बात कही। उन्होंने बताया कि असमय मृत्यु ने सभी को भावुक कर दिया है। इतनी कम उम्र में उसका जीवन खत्म हो जाना परिवार के लिए गहरा आघात है।
उसके माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन जिस पीड़ा से गुजर रहे हैं, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। एक मासूम बच्ची, जिसके आगे पूरा जीवन पड़ा था, अचानक इस दुनिया से चली गई। लेकिन इस गहरे दुख के बीच उसके माता-पिता ने जो फैसला लिया, उसने पूरे देश का दिल छू लिया।
उन्होंने आलिन के अंग दान करने का निर्णय किया। यह कदम न सिर्फ साहस का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी है। इस निर्णय से कई जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद जगी है। उनके इस मानवीय कदम की हर ओर सराहना हो रही है।
पीएम ने आगे कहा कि टी20 विश्व कप में सिर्फ कनाडा ही नहीं, बल्कि अमेरिका और ओमान की टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ियों का प्रभाव साफ दिख रहा है। अमेरिकी टीम के कप्तान मोनांक पटेल गुजरात की अंडर-16 और अंडर-18 टीमों के लिए खेल चुके हैं।
मुंबई के सौरभ, हरमीत सिंह और दिल्ली के मिलिंद कुमार भी अमेरिकी टीम की शान हैं। ओमान की टीम में भी जतिंदर सिंह, विनायक शुक्ला, करण, जय और आशीष जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने भारत के अलग-अलग राज्यों में क्रिकेट खेला है।
न्यूजीलैंड, यूएई और इटली की टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ रहे हैं। ये खिलाड़ी अपने-अपने देशों के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं और वैश्विक क्रिकेट में भारतीय प्रतिभा की पहचान मजबूत कर रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में अहम भूमिका निभा रहा है और फिलहाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ एआई क्रांति में भाग नहीं ले रहा, बल्कि इसे आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान एएनआई से बातचीत में ऑल्टमैन ने भारत के डिजिटल विकास को लेकर आशावाद जताया और कहा कि देश के टेक इकोसिस्टम में हो रहा काम अद्भुत है और वैश्विक गति तय कर रहा है। उन्होंने भारत को भविष्य के नवाचार का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि एआई के वैश्विक विकास पर भारत का बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
रोजगार पर एआई के प्रभाव को लेकर उठ रही चिंताओं पर उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलाव नौकरी बाजार को जरूर प्रभावित करेंगे, लेकिन इतिहास बताता है कि नई तकनीकें नए और अधिक सार्थक रोजगार के अवसर भी पैदा करती हैं। उन्होंने मानव क्षमता और अनुकूलन की शक्ति पर भरोसा जताया।
समिट के प्लेनरी सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एआई के वास्तविक प्रभाव को समझने के लिए सही समय पर सही फैसले लेना और एक साझा वैश्विक रोडमैप बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की भूमि है और बुद्ध ने भी कहा था कि सही समझ से ही सही कर्म उत्पन्न होते हैं।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एआई का सच्चा प्रभाव तभी सामने आएगा जब देश मिलकर सहयोग की भावना से काम करेंगे। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया ने देखा है कि जब देश एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
उन्होंने कहा कि वैक्सीन विकास से लेकर सप्लाई चेन, डेटा साझाकरण और लोगों की जान बचाने तक, महामारी के दौरान वैश्विक सहयोग ने ही समाधान प्रदान किया। पीएम मोदी ने इस अनुभव के आधार पर एआई के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आवश्यक बताया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत को एआई पावरहाउस बनाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों के सिलेबस में बदलाव किया जायेगा। एआई शिखर सम्मेलन के दौरान एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हमारे स्कूलों और कॉलेजों को एआई तकनीक पर आधारित उपकरण उपलब्ध कराए जायेंगे ताकि वे समाधान तैयार कर सकें और इस तकनीक को सीख सकें।
आईटी मंत्री वैष्णव ने कहा कि सरकार का मानना है कि भारत की असली ताकत यहां की तकनीकी प्रतिभा है। निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर से भी ज्यादा जरूरी इस हुनर को निखारना है। उन्होंने आगे कहा कि पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित न रखकर प्रैक्टिकल नॉलेज पर केंद्रित किया जायेगा ताकि छात्र नई तकनीकी चीजों के लिए तैयार रहें। सरकार के शिखर सम्मेलन के संदेश में भी यही दृष्टिकोण झलकता है।
वैष्णव ने इंडियन इंस्टीट्यूट आफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी जैसे संस्थानों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ये संस्थान छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का खास लक्ष्य गांवों के युवाओं और शहरों के बीच के अंतर को खत्म करना है। इसका मकसद यह है कि ग्रामीण युवा अक टूल्स का इस्तेमाल करना सीखें, ताकि वे अपने गांवों में रहकर भी दुनिया स्तर के स्टार्टअप खड़े कर सकें।
आईटी मंत्री ने कहा कि भारत में टैलेंट की कमी नहीं है और आने वाले समय में यह और बढ़ेगी। युवाओं को बस अपनी स्किल्स को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से ढालना होगा। वैष्णव ने कहा कि एआई शिखर सम्मेलन के बाद सरकार एआई मिशन के अगले चरण पर तेजी से काम शुरू करेगी। यह मिशन ठीक वैसे ही चलेगा जैसे भारत ने सेमीकंडक्टर और टेलीकॉम के क्षेत्र में काम किया है। सरकार का लक्ष्य छात्रों को ऐसे एआई टूल्स और समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ खुद की नयी तकनीक और समाधान विकसित कर सकें।
बता दें कि पीएम मोदी ने सोमवार यानी 16 फरवरी को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया था। यह सम्मेलन 20 फरवरी तक चलेगा। ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला यह पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है, जिसकी मेजबानी भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय कर रहा है। इस समिट की थीम सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय है। इस सम्मेलन में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुई 5 दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस मुलाकात के दौरान गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भविष्य की तकनीकों और एआई के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की।
समिट में भाग लेने पहुंचे सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा- भारत वापस आकर अच्छा लग रहा है। यहां हमेशा की तरह गर्मजोशी से स्वागत हुआ। पिचाई 20 फरवरी को समिट के समापन सत्र को संबोधित करेंगे, जहां वे गूगल के भविष्य के एआई रोडमैप और भारत के साथ साझेदारी पर अपने विचार साझा करेंगे।
16 फरवरी से शुरू हुआ यह 5 दिवसीय सम्मेलन कई मायनों में ऐतिहासिक है। यह ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) का पहला और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन किया था, जिसे उन्होंने विचारों, नवाचार और इरादों का संगम बताया।
इस प्रदर्शनी में भारत के 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले एआई स्टार्टअप भाग ले रहे हैं। समिट में 13 देशों ने अपने विशेष मंडप स्थापित किये हैं। सुंदर पिचाई के अलावा दुनिया के कई दिग्गज टेक लीडर और जनप्रतिनिधि इस आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय मीडिया, गेमिंग और रचनात्मक प्रौद्योगिकियों में स्टार्टअप-आधारित एआई नवाचारों का प्रदर्शन कर रहा है वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर रचनात्मक क्षेत्रों में बाजार के लिए निर्मित एआई समाधानों और संस्थापक-नेतृत्व वाले नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए प्राथमिक मंच के तौर पर कार्य करता है।
एवीजीसी-एक्सआर और मीडिया टेक सेक्टर्स के 51 स्टार्टअप की भागीदारी भारत के एआई स्टार्टअप इकोसिस्टम की गहराई और कार्यान्वयन में परिपक्वता को दशार्ती है। एमआईबी-अडोब की साझेदारी नए स्तर पर ले जाने लायक एआई-योग्य रचनात्मक वर्कफ्लो, फिल्ममेकिंग में नवाचार और मौलिक बौद्धिक संपदा निर्माण को उजागर करती है। एआई से चलने वाले गेमिंग और इमर्सिव मीडिया स्टार्टअप क्रिएटिव प्रोडक्शन, लाइव स्पोर्ट्स में सहभागिता, अनुकूलक गेमप्ले और उद्यम के इस्तेमाल के विषयों में अनुप्रयोगों को प्रदर्शित करते हैं।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का शुभारंभ 16 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ। यह ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर पहला अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन है। यह ऐतिहासिक आयोजन भारत को वैश्विक एआई संवाद में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हिस्सेदार के तौर पर स्थापित करता है, जो एआई-आधारित प्रगति पर जोर देता है और पीपुल (लोग), प्रोग्रेस (विकास) और प्लेनेट (ग्रह) को प्राथमिकता देता है। नवाचार और व्यापक तैनाती में अग्रणी स्टार्टअप्स के साथ, यह सम्मेलन समावेशी और संपोषित विकास को प्रोत्साहन देते हुए जिम्मेदार, स्वदेशी एआई क्षमताओं के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है।
इसका एक प्रमुख आकर्षण सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का समर्पित एमआईबी पवेलियन है, जो मीडिया, मनोरंजन, गेमिंग और रचनात्मक प्रौद्योगिकियों के संगम पर भारत के फलते-फूलते एआई स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रदर्शित करता है। वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर के माध्यम से, पवेलियन लाइव परफॉर्मेंस, पैनल चर्चा, मास्टरक्लास, अनौपचारिक बातचीत और स्टार्टअप के प्रदर्शन के लिए एक गतिशील मंच प्रदान करता है, जिससे संस्थापकों, नीति निमार्ताओं, निवेशकों, रचनाकारों और अंतर्राष्ट्रीय हितधारकों के बीच सीधा संवाद संभव हो पाता है।
इस प्रदर्शनी में मुख्य तौर पर एवीजीसी-एक्सआर (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) और मीडिया टेक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जहां 51 स्टार्टअप कंटेंट निर्माण, गहन अनुभव, बहुभाषी टूल्स, अनुकूलक गेमप्ले और डिजिटल स्टोरीटेलिंग जैसे क्षेत्रों में बाजार के लिए तैयार, एआई से कार्यान्वित होने वाले समाधानों का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह फैलाव भारत सरकार की ओर से रचनात्मक अर्थव्यवस्था को विकास, रोजगार और नवाचार के एक रणनीतिक कार्यवाहक के तौर पर मान्यता देने को दर्शाता है।
रचनात्मक अर्थव्यवस्था में वे उद्योग शामिल हैं, जहां रचनात्मकता, संस्कृति, प्रौद्योगिकी और बौद्धिक संपदा से मूल्य निर्माण होता है। इसमें मीडिया और मनोरंजन, एनिमेशन और वीएफएक्स, गेमिंग, लाइव इवेंट और डिजिटल कंटेंट प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जो वैश्विक बाजारों में काम करते हैं और जीडीपी, रोजगार और निर्यात में योगदान देते हैं। आरेंज इकोनॉमी की व्यापक परिकल्पना के अंतर्गत, संस्कृति और रचनात्मकता को रणनीतिक आर्थिक संपत्तियों के तौर पर देखा जाता है - विरासत और प्रतिभा को नवाचार, बाजार पहुंच और वैश्विक साझेदारी से जोड़कर आय और अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव तैयार किया जाता है।
वर्ल्ड आडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (वेव्स) और एआई इम्पैक्ट समिट 2026 जैसे प्लेटफॉर्म रचनाकारों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और नीति निमार्ताओं को जोड़कर सह-निर्माण, आईपी मार्केटप्लेस लिंकेज, इनक्यूबेशन और सीमा पार सहयोग को योग्य बनाकर इस विचार को वास्तविक बनाते हैं।
केंद्रीय बजट 2026-27 इस दिशा को और मजबूत करता है, जिसमें रचनात्मक (आॅरेंज) अर्थव्यवस्था को विकास, रोजगार और नवाचार के कार्यवाहक के तौर पर मान्यता दी गयी है, खास तौर पर एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) सेक्टर पर जोर दिया गया है, जो डिजिटल और एआई-आधारित निर्माण से जुड़ा हुआ है।
यह बजट इंडियन इंस्टीट्यूट आफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (आईआईसीटी), मुंबई को देश भर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में मदद करता है, जिससे कुशल प्रतिभाओं का एक मजबूत स्रोत तैयार हो सके। एवीजीसी क्षेत्र में 2030 तक लगभग 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता का अनुमान है, जो रचनात्मक अर्थव्यवस्था को डिजिटल पीढ़ी के लिए रोजगार का एक प्रमुख स्रोत बनाता है।
एमआईबी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में मीडिया, मनोरंजन, गेमिंग और रचनात्मक प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत की एआई स्टार्टअप क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए एक समर्पित पवेलियन तैयार किया है। यह पवेलियन एक ऐसे सेक्टर में काम करता है, जो सांस्कृतिक महत्व से आर्थिक केंद्र में परिवर्तित हो चुका है।
भारत के मीडिया और मनोरंजन सेक्टर का वैल्यूएशन 2024 में लगभग 2.5 ट्रिलियन था, और अनुमान है कि 2027 तक इसका कुल राजस्व 3.067 ट्रिलियन तक पहुंच जाएगा, जो लगभग 7 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ेगा। अकेले डिजिटल मीडिया का इस क्षेत्र के राजस्व में लगभग एक तिहाई हिस्सा है, जो प्लेटफॉर्म-आधारित प्रोडक्शन और वितरण मॉडल की ओर तेजी से हो रहे बदलाव को प्रतिबिंबित करता है।
बड़ा इकोसिस्टम प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 10 मिलियन से अधिक लोगों की आजीविका में सहयोग करता है और लगभग ?3 लाख करोड़ का वार्षिक उत्पादन करता है। इस विस्तृत कार्यक्रम में, पवेलियन तीन प्रमुख क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी निमार्ताओं, कंटेंट निर्माताओं, निवेशकों, नीति निमार्ताओं और वैश्विक हितधारकों को एक साथ लाता है।
मीडिया और मनोरंजन: कंटेंट निर्माण, उत्पादन और वितरण के लिए एआई-संचालित समाधान पवेलियन के प्रदर्शन का केंद्र बिंदु हैं। यह खंड, एक ऐसी मीडिया इंडस्ट्री में काम करता है, जहां: डिजिटल मीडिया राजस्व 2024 में 802 बिलियन था, जिसके 2027 तक ?1,104 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। फिल्म मनोरंजन से 2024 में 187 बिलियन की आय हुई, जिसमें स्थिर प्रगति का अनुमान है। एनिमेशन और वीएफएक्स का योगदान 2024 में लगभग 103 बिलियन रहा, जिसके 2027 तक बढ़कर 147 बिलियन होने की उम्मीद है।
स्टार्टअप एआई-सहायता से फिल्म निर्माण, वर्चुअल प्रोडक्शन, स्वचालित संपादन, बहुभाषी डबिंग, वॉइस सिंथेसिस, एआई अवतार और डिजिटल स्टोरीटेलिंग टूल्स का प्रदर्शन कर रहे हैं। ये एप्लिकेशन प्रोडक्शन प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ाते हैं और विविध भाषाई बाजारों वाले देश में बहुभाषी पहुंच का विस्तार करते हैं। जैसे-जैसे डिजिटल राजस्व पारंपरिक प्रारूपों से आगे निकल रहा है, एआई एकीकरण कंटेंट वर्कफ्लो में मापनीयता और लागत अनुकूलन को मजबूत कर रहा है।
गेमिंग और इमर्सिव टेक्नोलॉजीज: गेमिंग भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है। आनलाइन गेमिंग ने 2024 में ?232 बिलियन का राजस्व अर्जित किया, जिसके 2027 तक ?316 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। यह क्षेत्र एवीजीसी-एक्सआर इकोसिस्टम के सबसे गतिशील घटकों में से एक है। मोबाइल की बढ़ती पहुंच और डिजिटल तौर पर जागरूक आबादी के कारण भारत यूजर्स बेस के आधार पर दुनिया के सबसे बड़े गेमिंग बाजारों में शुमार है।
बढ़ते मुद्रीकरण, घरेलू स्टूडियो का विस्तार और वैश्विक प्लेटफार्मों के साथ एकीकरण से गेमिंग का स्वरूप लोगों के प्लेटफॉर्म पर भागीदारी से बदलकर एक सुनियोजित डिजिटल उद्योग प्रगति में तब्दील हो रहा है। एमआईबी पवेलियन में प्रदर्शित की गई चीजों में गेम एसेट डेवलपमेंट के लिए जेनेरेटिव एआई, रियल-टाइम कमेंट्री सिस्टम, एडाप्टिव गेमप्ले इंजन, इमर्सिव वातावरण और इंटरैक्टिव स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
ये नवाचार गेमिंग के उपभोग से एआई-आधारित गेम्स का निर्माण और इमर्सिव प्लेटफॉर्म निर्माण की ओर बदलाव को दिखाते हैं। रचनात्मक और सामग्री प्रौद्योगिकियां: एनिमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियल्टी से जुड़ा व्यापक एवीजीसी-एक्सआर इकोसिस्टम, रचनात्मक अर्थव्यवस्था का सबसे अधिक प्रौद्योगिकी-प्रधान क्षेत्र है।
भारत का एनिमेशन और वीएफएक्स क्षेत्र एक वैश्विक स्तर पर एकीकृत उत्पादन केंद्र के रूप में कार्य करता है, जो अंतरराष्ट्रीय फिल्मों, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, विज्ञापन अभियानों और इमर्सिव एक्सपीरियंस में योगदान देता है। बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, पुणे, चेन्नई और तिरुवनंतपुरम में स्थापित रचनात्मक केंद्र इस इकोसिस्टम को आधार प्रदान करते हैं, जिन्हें मध्य-स्तरीय और वरिष्ठ प्रतिभाओं के बढ़ते आधार का सहयोग प्राप्त है।
एमआईबी पवेलियन में पॉडकास्ट, वर्चुअल स्टूडियो, इमर्सिव थिएटर, अनुभवात्मक मीडिया और निर्माता उपकरणों के लिए एआई अनुप्रयोग प्रदर्शित किये गये हैं, जो इन उत्पादन प्रक्रियाओं में एकीकृत होते हैं। एवीजीसी सेक्टर में अगले दशक में लगभग 20 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों के निर्माण के अनुमान के साथ, एआई-योग्य क्रिएटिव टेक्नोलॉजी आर्थिक और रोजगार दोनों के गुणक के रूप में उभर रही हैं।
एमआईबी पवेलियन के भीतर स्थित वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर, पैनल चचार्ओं, मास्टरक्लास, अनौपचारिक विचार-विमर्श और स्टार्टअप प्रदर्शनियों के लिए एक सुव्यवस्थित मंच प्रदान करता है। भारत के एवीजीसी-एक्सआर और मीडिया टेक क्षेत्र के 51 स्टार्टअप इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में एआई-आधारित नवाचारों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
एमआईबी के साथ साझेदारी में अडोब, इंडिया एआई के दौरान भारत के एआई-योग्य क्रिएटिव इकोसिस्टम का प्रदर्शन कर रहा है। इसमें एक प्रमुख आकर्षण कथावतार है, जो भारत में निर्मित पांच एआई शॉर्ट फिल्मों - लैंग्वेज आफ बर्ड्स, मिगोई, उत्तरायण, द बार्बर्स सीक्रेट और यप्पासौरस - का एक सुनियोजित प्रदर्शन है, जिसे वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर के एआई थिएटर में प्रदर्शित किया गया।
अडोब ह्लफिल्म का भविष्य: एआई, रचनात्मकता और शिल्पह्व शीर्षक से एक विशेष सत्र का आयोजन कर रहा है, साथ ही एक कंटेंट क्रिएशन हब भी है, जो एआई-आधारित वीडियो प्रोडक्शन वर्कफ्लो का प्रदर्शन करेगा, जिससे तेज, बड़े स्तर पर और नया कंटेंट निर्माण संभव होगा।
प्रख्यात फिल्म निर्देशक शेखर कपूर एआई-संचालित कहानी कहने और सिनेमाई प्रथाओं के विकास पर एक मास्टरक्लास का नेतृत्व करेंगे। प्रमुख प्रौद्योगिकी प्रदर्शनों में जीरो-टच आटोनॉमस न्यूजरूम, बहुभाषी डबिंग और एआई सांकेतिक भाषा अवतारों के साथ भाषा-वॉल, संवाद सेतु, द डायरेक्टर्स चेयर, एआई पॉडकास्ट स्टूडियो, संवादात्मक ह्यूमेनॉइड रोबोट और वॉयस क्लोनिंग समाधान शामिल हैं।
भाषासेतु और कलासेतु चैलेंज के विजेता सांस्कृतिक संरक्षण और भाषाई सुलभता के लिए एआई उपकरण प्रस्तुत करेंगे। 270-डिग्री प्रोजेक्शन और आकाशीय डिजाइन वाला एआई इमर्सिव थिएटर, चुनिंदा एआई फिल्में और इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आॅफ इंडिया के सिनेमाएआई हैकेथॉन के फाइनलिस्ट प्रदर्शित किए जाएंगे।
एमआईबी पवेलियन में निर्धारित सत्रों में एलटीएम ब्लूवर्स, एडब्ल्यूएस, गूगल विद एवरजेंट, सोनी रिसर्च इंडिया, पर्पलटॉक, डैशवर्स, पॉकेट एफएम, कूकू एफएम और लुमिकाई के नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो जानकारी के आदान-प्रदान, नीतिगत संवाद और जिम्मेदार एआई रचनात्मक सेवाओं में भारत के नेतृत्व को प्रोत्साहन देंगे।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एमआईबी पवेलियन भारत की बढ़ती रचनात्मक अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख आकर्षण है, जहां वेव्स क्रिएटर्स कॉर्नर के अंतर्गत 51 एआई-आधारित स्टार्टअप, उद्योग जगत के अग्रणी और वैश्विक साझेदार एक साथ आये हैं। इमर्सिव थिएटर अनुभवों, एडवांस न्यूज रूम और गेमिंग तकनीकों जैसे प्रदर्शनों के जरिए, एमआईबी पवेलियन कंटेंट निर्माण और डिजिटल प्लेटफॉर्म में एआई के व्यावहारिक एकीकरण को प्रदर्शित करता है। ये सभी आकर्षण मिलकर एक ऐसे क्षेत्र को दशार्ते हैं जो मूल्य, क्षमता और वैश्विक प्रासंगिकता के मामले में तेजी से विकसित हो रहा है।
एआई-संचालित गेमिंग और इमर्सिव मीडिया भारत के बढ़ते एवीजीसी इकोसिस्टम में एक रणनीतिक स्तंभ के रूप में उभर रहे हैं। यह सम्मेलन इस विषय पर प्रकाश डालता है कि एआई किस प्रकार प्रोडक्शन पाइपलाइन को गति देता है, इंटरैक्टिव स्टोरीटेलिंग को बेहतर बनाता है और मौलिक आईपी निर्माण को प्रोत्साहन देता है। गेमिंग और इंटरैक्टिव टेक्नोलॉजी श्रेणी के अंतर्गत, पांच अग्रणी भारतीय स्टार्टअप अत्याधुनिक एआई-संचालित समाधानों का प्रदर्शन करेंगे, जो एआई, गेमिंग, इमर्सिव मीडिया और उद्यम परिवर्तन के क्षेत्र में भारत के बढ़ते नेतृत्व को उजागर करेंगे।
रचनात्मक उत्पादन के लिए जेनेरेटिव एआई: यसग्नोम गेम स्टूडियो और क्रिएटिव टीमों के लिए तैयार किया गया एक एडवांस कला-उत्पादन मंच, स्केटली एआई प्रस्तुत करेगा। उत्पादन के लिए तैयार एसेट जेनेरेशन, मालिकाना स्टाइल ट्रेनिंग, तेज पुनरावृति और स्केलेबल वर्कफ्लो को सक्षम करके, यह मंच दर्शाता है कि कैसे एआई कंटेंट पाइपलाइन को बदल रहा है, कलात्मक सामंजस्य और स्टूडियो पहचान को बनाए रखते हुए बाधाओं को कम कर रहा है।
स्पोर्ट्स गेमिंग में रियल-टाइम जनरेटिव एआई: मेटास्पोर्ट्स (हिटविकेट) अपने मल्टीप्लेयर क्रिकेट प्लेटफॉर्म में एकीकृत जनरेटिव एआई-संचालित लाइव कमेंट्री इंजन का प्रदर्शन करेगा। गेमप्ले का त्वरित समय पर विश्लेषण करके और प्रासंगिक, आवाज-योग्य कमेंट्री प्रदान करके, यह सिस्टम खेल में तल्लीनता और वैयक्तिकरण को बढ़ाता है, यह दशार्ता है कि एआई के माध्यम से कहानी कहने की कला इंटरैक्टिव स्पोर्ट्स मनोरंजन को कैसे बेहतर बनाती है।
कंसोल-स्तरीय मोबाइल गेमिंग इकोसिस्टम: कोयोजो अपने एकीकृत हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम का प्रदर्शन करेगा, जो स्मार्टफोन को कंसोल-स्तरीय गेमिंग डिवाइस में बदल देता है। इंटेलिजेंट बटन मैपिंग, रिमोट प्ले इंटिग्रेशन, परफॉर्मेंस एनालिटिक्स और मॉड्यूलर हार्डवेयर इनोवेशन के माध्यम से, यह प्लेटफॉर्म भारत के मोबाइल गेमिंग इकोसिस्टम में फैले हुए बिखराव को दूर करते हुए उच्च-प्रदर्शन प्रतिस्पर्धी गेमप्ले को सक्षम बनाता है।
मानव बनाम एआई इंटरैक्टिव एक्सपीरियंस: यूथ बज (आॅर्केडियम) मैन वर्सेस जीपीटी प्रस्तुत करेगा, जो एक लाइव, अनुकूलनीय गेमप्ले प्रारूप है, जिसमें मानव प्रतिभागी त्वरित समय में सीखने और विकसित होने वाले एआई एजेंटों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करते हैं। यह शोकेस जटिल एआई तंत्रों को सरल बनाकर दर्शकों के लिए आकर्षक अनुभव प्रदान करता है, जो इंटरैक्टिव मनोरंजन में मौलिक बौद्धिक संपदा की दिशा में भारत के प्रयासों को उजागर करता है।
एंटरप्राइज कॉग्निटिव एआई रेडीनेस: इवाविव अपने न्यूरोसाइंस-आधारित एएफईआरआर मॉडल पर आधारित एंटरप्राइज कॉग्निटिव एआई रेडीनेस टूल का अनावरण करेगा। सम्मेलन में एक लाइव डायग्नोस्टिक लैब के रूप में काम करते हुए, यह टूल एआई को अपनाने के लिए नेतृत्व और संगठनात्मक तैयारियों का मूल्यांकन करता है, तकनीकी मापदंडों से आगे बढ़कर संज्ञानात्मक अनुकूलन क्षमता और बुद्धिमान प्रणालियों के साथ निर्णय लेने की क्षमता के संरेखण का आकलन करता है।
गेम डेवलपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया के सहयोग से आयोजित नया स्वर्णिम युग: भारत के एआई-संचालित गेमिंग भविष्य में निवेश शीर्षक से एक विशेष पैनल चर्चा में वैश्विक निवेशक और उद्योग जगत के नेता भारत के एआई-संचालित गेम विकास और इंटरैक्टिव मीडिया में बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करने के लिए एकत्रित होंगे।
इस सत्र में निवेश के बदलते रुझानों, एआई-सक्षम उत्पादन मॉडलों, कौशल विकास पहलों और उन नीतिगत ढांचों का विश्लेषण किया जाएगा, जो एआई-संचालित गेमिंग नवाचार में भारत को वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभरने में तेजी लाने के लिए आवश्यक हैं।
ये स्टार्टअप मिलकर यह दशार्ते हैं कि एआई किस प्रकार प्रयोग के दायरे से आगे बढ़कर गेमिंग उत्पादन, इमर्सिव एक्सपीरियंस और उद्यम परिवर्तन फ्रेमवर्क में मिल हो रहा है। इनके समाधान एक परिपक्व इकोसिस्टम को प्रतिबिंबित करते हैं, जो रचनात्मक नवाचार को स्केलेबल प्रौद्योगिकी तैनाती के साथ जोड़ता है। सामूहिक आधार पर, ये भारत को केवल उपभोक्ता बाजार के बजाय एआई-आधारित गेमिंग प्लेटफॉर्म के विकासकर्ता के रूप में उभरने का संकेत देते हैं।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारतीय एआई स्टार्टअप्स और रचनात्मक पेशेवरों के लिए वैश्विक नवाचार, पूंजी और नीति नेटवर्क से जुड़ने के नए रास्ते खोले हैं। 300 से अधिक चुनिंदा पवेलियन और लाइव प्रदर्शनों के साथ, इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में 600 से अधिक स्टार्टअप और 13 देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहे हैं, जो मीडिया और मनोरंजन, एवीजीसी-एक्सआर, गेमिंग, इमर्सिव टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान को प्रोत्साहन दे रहे हैं।
100 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाली अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों, अनुसंधान निकायों और सार्वजनिक संस्थानों की भागीदारी अंतरराष्ट्रीय उत्पादन प्रणालियों और नियामक परिदृश्यों की जानकारी प्रदान करती है। इस तरह के आदान-प्रदान रचनात्मक एआई, एनिमेशन, गेमिंग और आईपी-आधारित सामग्री में मानक निर्माण में सहयोग करते हैं, साथ ही सह-निर्माण, निवेश और नए बाजार अवसरों के दरवाजे खोलते हैं।
नवाचार चुनौतियां और रणनीतिक संवाद एआई मानकों और डिजिटल व्यापार फ्रेमवर्क को आकार देने वाले प्रभावशाली वैश्विक मंचों में भारतीय उद्यमों की स्थिति को और मजबूत करते हैं। ये सभी सहभागिताएं मिलकर भारत की रचनात्मक और एआई-संचालित उद्योगों को विश्व स्तर पर विस्तारित करने की क्षमता को मजबूत करती हैं, साथ ही एक जिम्मेदार, समावेशी और विस्तार योग्य वैश्विक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देती हैं।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एमआईबी पवेलियन यह दर्शाता है कि भारत किस प्रकार स्टार्टअप्स, क्रिएटर्स और नवाचारियों के नेतृत्व में अपने एआई विजन को मूर्त और बाजार के लिए तैयार परिणामों में परिवर्तित कर रहा है। मीडिया, गेमिंग, इमर्सिव और क्रिएटिव तकनीकों के मिलकर किये गये प्रदर्शन के माध्यम से, एमआईबी पवेलियन भारत की एआई क्षमताओं की गहराई और प्रौद्योगिकी, संस्कृति और उद्यम के बढ़ते फैलाव को उजागर करता है।
पांच दिनों के सुनियोजित कार्यक्रम के माध्यम से, पवेलियन स्टार्टअप्स, नीति निर्माताओं, निवेशकों, क्रिएटर्स और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के बीच निरंतर जुड़ाव को सक्षम बनाएगा। संस्थापक-नेतृत्व वाली कहानियों, नीतिगत संवाद और उद्योग सहयोग ने मिलकर भारतीय एआई नवाचार को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और स्थानीय स्तर पर मजबूत स्थिति में स्थापित किया है।
स्टार्टअप प्रदर्शनियों, रचनात्मक प्रयोगों, शासन संबंधी चचार्ओं और वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के मेल से, यह पवेलियन भारत के जिम्मेदार, समावेशी और विस्तार योग्य एआई विकास के दृष्टिकोण को भी मजबूत करेगा। यह एआई-आधारित प्लेटफॉर्म बनाने, रचनात्मक अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने और वैश्विक दक्षिण से भारत को वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में एक अग्रणी योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करने की व्यापक राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा को प्रत्यक्ष तौर पर प्रतिबिंबित करता है।
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