एबीएन सेंट्रल डेस्क। NEET पेपर लीक मामले और छात्रों के हितों को लेकर आज कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन के समक्ष काली शर्ट पहनकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन में लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद सुखदेव भगत भी उपस्थित हुए।
सांसद सुखदेव भगत ने इस मौके पर कहा, NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में बार-बार पेपर लीक होना इस बात का सबूत है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। लाखों छात्र मेहनत करके परीक्षा देते हैं और कुछ लोगों की लापरवाही के कारण उनका भविष्य दांव पर लग जाता है। उन्होंने कहा, हम मांग करते हैं कि शिक्षा मंत्री नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो।
दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि आगे से कोई छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके। कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ है और सड़क से लेकर संसद तक उनकी आवाज़ उठाती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पेपर लीक बंद करो, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो, छात्र विरोधी सरकार नहीं चलेगी के नारे लगाए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। NEET पेपर लीक मामले और छात्रों के हितों को लेकर आज कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन के समक्ष काली शर्ट पहनकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन में लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद सुखदेव भगत भी उपस्थित हुए।
सांसद सुखदेव भगत ने इस मौके पर कहा, NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में बार-बार पेपर लीक होना इस बात का सबूत है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। लाखों छात्र मेहनत करके परीक्षा देते हैं और कुछ लोगों की लापरवाही के कारण उनका भविष्य दांव पर लग जाता है। उन्होंने कहा, हम मांग करते हैं कि शिक्षा मंत्री नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो।
दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि आगे से कोई छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके। कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ है और सड़क से लेकर संसद तक उनकी आवाज़ उठाती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पेपर लीक बंद करो, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो, छात्र विरोधी सरकार नहीं चलेगी के नारे लगाए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है। हमारे देश की सबसे बड़ी पूंजी न सोना है, न चांदी, न प्राकृतिक संसाधन बल्कि हमारे करोड़ों युवा हैं। यही युवा आने वाले भारत के वैज्ञानिक, चिकित्सक, शिक्षक, न्यायाधीश, सैनिक और प्रशासक बनेंगे। योगाचार्य महेश पाल ने बताया कि यदि इन्हीं युवाओं का विश्वास व्यवस्था से उठने लगे, तो यह किसी भी राष्ट्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। आज देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, फर्जीवाड़े, मंदिरों में चोरी और अन्य अनियमितताओं की खबरें समय-समय पर सामने आती रहती हैं।
जिस तरह से दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों द्वारा धरना प्रदर्शन दिया जा रहा है नीट पेपर के मामले यह परीक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है, जिस तरह से दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों पर पुलिस प्रशासन द्वारा लाठी चार्ज किया गया जिसमें कई छात्रों को गंभीर चोटे आई यह कहा तक उचित है, इन घटनाओं का सबसे बड़ा नुकसान केवल परीक्षा रद्द होना नहीं है, बल्कि लाखों करोड़ों देशवासियों ओर मेहनती विद्यार्थियों के आत्मविश्वास का टूटना है।
वर्षों की कठिन मेहनत के बाद जब किसी छात्र को यह महसूस होता है कि उसकी ईमानदारी पर बेईमानी भारी पड़ रही है, तब उसके मन में निराशा, असुरक्षा और व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा होना स्वाभाविक है। एक योगाचार्य होने के नाते मैं प्रतिदिन बच्चों ओर युवाओं के बीच रहता हूं। मैं देखता हूं कि आज का युवा शारीरिक से अधिक मानसिक संघर्ष से लड़ रहा है। प्रतियोगिता का दबाव, परिवार की अपेक्षाएं, आर्थिक चुनौतियां और भविष्य की चिंता पहले से ही उसे मानसिक रूप से थका देती हैं।
यदि इसके ऊपर परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्न उठ जाएं, तो उसका मनोबल और अधिक कमजोर हो जाता है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ विद्यार्थी निराशा में ऐसे कदम उठा लेते हैं, जिनकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। मैं देश के प्रत्येक युवा से कहना चाहता हूं कि कोई भी परीक्षा आपके जीवन से बड़ी नहीं है। परिस्थितियां कठिन हो सकती हैं, लेकिन आपका जीवन अनमोल है। संघर्ष करने वाला व्यक्ति देर से सही, लेकिन सफलता अवश्य प्राप्त करता है।
भारत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति संवाद, संवेदनशीलता और न्याय है। यदि विद्यार्थी शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखते हैं, तो सरकार को उनकी बात को गंभीरता से सुनना चाहिए और निष्पक्ष समाधान की दिशा में कार्य करना चाहिए यह लोकतंत्र को और मजबूत बनाता है। वहीं विद्यार्थियों की भी जिम्मेदारी है कि वे हमेशा शांति, संयम और कानून का सम्मान करते हुए अपनी बात रखें।
आज आवश्यकता केवल कठोर कानून बनाने की नहीं, बल्कि उन्हें पूरी ईमानदारी से लागू करने की है। यदि किसी भी स्तर पर पेपर लीक, भ्रष्टाचार या फर्जीवाड़े में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। कानून का सम्मान तभी बढ़ता है जब न्याय समय पर और बिना किसी भेदभाव के दिखाई देता है।
लेकिन समाधान केवल सरकार से नहीं आएगा। समाज, परिवार, विद्यालय, शिक्षक और स्वयं विद्यार्थियों को भी नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाना होगा। जिस दिन हम ईमानदारी को सबसे बड़ी उपलब्धि मानने लगेंगे, उसी दिन पेपर लीक जैसी घटनाएं भी कम होने लगेंगी। योग हमें केवल शरीर को स्वस्थ रखना नहीं सिखाता, बल्कि सत्य, अनुशासन, धैर्य और आत्मसंयम का मार्ग भी दिखाता है।
आज समय युवाओं का विश्वास लौटाने का है। एक ऐसी परीक्षा व्यवस्था बनानी होगी जहां किसी विद्यार्थी को यह डर न हो कि उसकी मेहनत किसी बेईमानी के कारण व्यर्थ हो जाएगी। आइए, हम सब मिलकर ऐसा भारत बनाने का संकल्प लें, जहां हर परीक्षा निष्पक्ष हो, हर मेहनत का सम्मान हो, हर युवा आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों की ओर बढ़े और हर नागरिक ईमानदारी को अपनी सबसे बड़ी पहचान बनाए।
याद रखिए पेपर लीक केवल प्रश्नपत्र की चोरी नहीं है, यह देश के भविष्य, युवाओं के विश्वास और राष्ट्र की प्रतिभा की चोरी है। इसे रोकना होगा यह कार्य सरकार के साथ समाज को भी करना होगा क्योंकि जब युवा मजबूत होगा, तभी राष्ट्र मजबूत होगा; और जब व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा, तभी भारत विश्व का सच्चा नेतृत्व कर सकेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा है कि आज राहुल गांधी का आचरण पूरी तरह से अशोभनीय और निंदनीय रहा। नेता प्रतिपक्ष जैसा गरिमामय पद होने के बावजूद राहुल गांधी उसे गंभीरता से नहीं लेते हैं, यह आज उनके व्यवहार से स्पष्ट हुआ है।
लोकतंत्र में विरोध और अराजकता अलग-अलग बातें हैं। विरोध जब मर्यादा की सीमाओं को पार कर जाता है, तो वह अराजकता का रूप ले लेता है। आज प्रधानमंत्री जी के आवास पर जाकर जिस प्रकार राहुल गांधी और उनकी टीम ने अराजकता फैलाने का प्रयास किया, वह स्पष्ट संदेश देता है कि वे विरोध की राजनीति नहीं, बल्कि अराजकतावादी राजनीति के परिचायक बनते जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने जिन मुद्दों पर चर्चा की शर्त रखी, उन्हें भी स्वीकार किया गया। लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि नेता प्रतिपक्ष जैसे पद पर बैठा व्यक्ति अपने ही उठाए हुए विषयों से पीछे हट गया। इससे उनकी अपरिपक्वता स्पष्ट रूप से झलकती है। विपक्ष के साथ संसद के पटल पर हर प्रकार का संवाद स्वीकार्य है, लेकिन इस प्रकार का व्यवहार देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज कांग्रेस पार्टी के द्वारा नीट एवं छात्रों के अधिकार को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद सुखदेव भगत भी शामिल हुए और छात्रों के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए राजभवन का घेराव किया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जन्मदिन के अवसर पर लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने नयी दिल्ली में उनसे शिष्टाचार मुलाकात कर जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने श्री खरगे को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे का नेतृत्व कांग्रेस पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके अनुभवी नेतृत्व, संगठन क्षमता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने पार्टी को नई दिशा और नयी ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि खरगे जी का लंबा राजनीतिक अनुभव और जनहित के मुद्दों पर उनकी स्पष्ट सोच कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है।
सांसद ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि कांग्रेस पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा भरने वाले, कुशल संगठनकर्ता एवं आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे सदैव स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों और देश व समाज की सेवा के अपने संकल्प को इसी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाते रहें।
इस अवसर पर सांसद सुखदेव भगत ने विश्वास व्यक्त किया कि खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी जनहित, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के अपने संकल्प को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ायेगी तथा देशभर के कार्यकर्ताओं को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली)। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक 19-20 जुलाई 2026 को तेरापंथ भवन, छतरपुर, नयी दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से केंद्रीय पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने भाग लिया। समसामयिक राष्ट्रीय एवं सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किये गये।
बैठक में भारतीय समाज की मूल शक्ति परिवार व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि भारतीय परिवार व्यवस्था ने सदियों से समाज को संस्कारित, संगठित एवं आत्मीय बनाए रखा है। वर्तमान समय की चुनौतियों का समाज एवं शासन दोनों स्तरों पर गंभीर समाधान आवश्यक है।
कुछ न्यायिक निर्णयों ने पारंपरिक सुदृढ़ कुटुंब व्यवस्था को ठेस पहुंचायी है,जैसे विवाहेत्तर संबंधों को मान्यता,लिव इन रिलेशन को वैधानिकता, समलैंगिकता को मान्यता आदि, इन पर व्यापक चर्च कराकर कानून बनाना ताकि पारिवारिक क्षति को रोका जा सके। परिषद ने परिवार प्रबोधन तथा पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण हेतु व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया।
पूज्य स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जी की कंधमाल (ओडिशा) में हुई निर्मम हत्या की जांच हेतु गठित आयोग की रिपोर्ट गायब होने तथा सार्वजनिक न किये जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की गयी। केंद्रीय प्रबंध समिति ने मांग की है कि सी.बी.आई द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। परिषद ने कहा कि इस राष्ट्रीय महत्व के विषय पर सत्य सामने लाना न्याय एवं जनविश्वास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उड़ीसा में मतान्तरण पर पूर्ण प्रतिबन्ध का आह्वान किया गया।
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्मशती के अवसर पर विशेष वक्तव्य पारित किया गया। परिषद ने कहा कि संत रविदास जी द्वारा दिये गये सामाजिक समरसता, समानता, आध्यात्मिक चेतना एवं मानव मयार्दा के संदेश आज भी पूरे भारतीय समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। परिषद पूरे देश में विविध कार्यक्रम आयोजित कर उनके संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लेती है।
27 सितंबर 2026 को श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के प्रणेता श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जयंती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे वर्ष उनके द्वारा हिंदू समाज के लिए किये गये अतुलनीय कार्यों को समाज के मध्य ले जाया जायेगा। उनकी शताब्दी वर्ष में विश्व हिंदू परिषद संगठनात्मक विस्तार पर विशेष ध्यान देगी। अशोक सिंघल जी ने राम मंदिर आंदोलन को मजबूत नेतृत्व प्रदान किया।
हिंदू जागरण अभियान चलाये, सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया, गौआधारित कृषि के माध्यम से गौरक्षा एवं उनके संवर्धन के कार्य को बढ़ाया जायेगा। प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा की पुनर्स्थापना का केन्द्र बनेंगे वेद विद्यालय। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद को एक शक्तिशाली संगठन के रूप में स्थापित किया। उनके दूरदर्शी विचारों एवं अथक प्रयासों ने हिंदू समाज में नयी चेतना का संचार किया। 1 करोड़ हितचिंतक बनाने का संकल्प किया गया।
बैठक का समापन हिंदू समाज को संगठित करने, सनातन मूल्यों की रक्षा करने तथा राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ। जय श्री राम! उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय प्रचार प्रसार विभाग के विजय शंकर तिवारी ने दी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत और मालदीव के रिश्तों को नई मजबूती देते हुए भारत ने मालदीव के 42 द्वीपों पर आधुनिक फिटनेस और मनोरंजन केंद्र विकसित करने के लिए अनुदान सहायता प्रदान की है। इस परियोजना का उद्देश्य द्वीपीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं, लड़कियों और युवाओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य और फिटनेस सुविधाएं उपलब्ध कराना है। रविवार को राजधानी माले में आयोजित एक विशेष समारोह में दोनों देशों के बीच इस परियोजना से जुड़े समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गये।
मौके पर मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम, भारत के उच्चायुक्त जी. बालासुब्रमण्यन तथा मालदीव के युवा सशक्तीकरण, खेल एवं फिटनेस मंत्री अब्दुल्ला राफियू मौजूद रहे। समझौते के तहत भारत मालदीव के 42 द्वीपों में फिटनेस और मनोरंजन केंद्रों के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध करायेगा। इन केंद्रों का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और स्थानीय समुदायों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाना है।
परियोजना में महिलाओं, युवाओं और लड़कियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी ताकि उन्हें खेल और फिटनेस से जुड़ने के बेहतर अवसर मिल सकें। यह परियोजना भारत की उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना के तहत संचालित की जा रही है। समय के साथ इस योजना का कुल बजट बढ़ाकर 35.5 करोड़ मालदीवी रूफिया (करीब 2.29 करोड़ अमेरिकी डॉलर) कर दिया गया है। मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम ने इस पहल को द्वीपीय समुदायों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निवेश बताया।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से महिलाओं के सशक्तीकरण, सामाजिक समावेशन और समान अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उन्होंने भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का लगातार सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया। भारत लंबे समय से मालदीव का प्रमुख विकास साझेदार रहा है। दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, परिवहन, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा विकास जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग जारी है।
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