एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए साल के पहले दिन एक जनवरी को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों को 20,000 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ की 10वीं किस्त जारी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री एक जनवरी को दोपहर 12.30 बजे वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से 10वीं किस्त जारी करेंगे और साथ ही करीब 351 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए 14 करोड़ रुपये से अधिक का इक्विटी ग्रांट भी जारी करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी उपस्थित रहेंगे। पीएम-किसान योजना के तहत प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि को 2,000 रुपये की तीन मासिक किस्तों में प्रत्येक चौथे माह किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित किया जाता है। मोदी ने इस योजना की औपचारिक रूप से शुरुआत 24 फरवरी, 2019 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक समारोह में की थी। इस योजना की शुरुआत देश भर के सभी खेतिहर किसानों के परिवारों को आय सहायता प्रदान करके किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था, ताकि उनकी कृषि और संबद्ध गतिविधियों के साथ-साथ घरेलू व्यय की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। पीएमओ ने कहा कि इस योजना के तहत अब तक किसानों के खातों में 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। पीएमओ ने कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री करीब 351 किसान उत्पादक संगठनों के लिए 14 करोड़ रुपये से अधिक का इक्विटी ग्रांट भी जारी करेंगे। पीएमओ ने कहा कि इससे 1.24 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान उत्पादक संगठनों से संवाद करेंगे और फिर वह उन्हें संबोधित भी करेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए और 351 रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया। इन उपकरणों में कई उप प्रणालियां और रक्षा उत्पादन के घटक शामिल हैं। अगले साल दिसंबर से शुरू होने वाली समय सीमा के तहत इन उपकरणों के आयात की अनुमति नहीं होगी। पिछले 16 महीनों में रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी की गई यह तीसरी सूची है। यह कदम भारत को सैन्य प्लेटफॉर्म और उपकरणों के उत्पादन का केंद्र बनाने के लक्ष्य के तहत उठाया गया है। इसके साथ ही मंत्रालय 2500 वस्तुओं की एक और सूची भी जारी कि जिनका पहले ही स्वदेशीकरण किया जा चुका है। मंत्रालय के अनुसार इन कदमों से आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य की ओर देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। रक्षा उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद : मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सैन्य साजो-सामान स्वदेशी हो चुके हैं। रक्षा उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए मंत्रालय की ओर से लगातार सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। बयान के अनुसार अगले तीन वर्षों में अभी तक आयात की जाने वाली इन 351 वस्तुओं का स्वदेशीकरण किया जाएगा। 251 उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध की यह है योजना : इसे लेकर रक्षा मंत्रालय की ओर से अधिसूचना सोमवार को जारी की गई ती। मंत्रालय के अनुसार 351 उपकरणों में से 172 वस्तुओं के पहले सेट पर अगले साल दिसंबर से प्रतिबंध लागू कर दिया जाएगा। 89 उपकरणों के दूसरे सेट पर प्रतिबंध दिसंबर 2023 तक लागू किए जाएंगे। वहीं, 90 उपकरणों के तीसरे सेट के आयात पर दिसंबर 2014 तक प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य में कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है। बता दें कि राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 47 नए मामले सामने आए हैं। भारत में बढ़ते ओमिक्रॉन के मामलों ने केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक की चिंता बढ़ा दी है। खतरे को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने नाइट कर्फ्यू के साथ-साथ प्रतिबंधो का एलान कर दिया है। वहीं ओमिक्रॉन के सबसे अधिक 238 मामले राजधानी दिल्ली में हैं जबकि महाराष्ट्र 167 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं गुजरात 78 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके अलावा अन्य राज्यों की बात करें तो तेलंगाना (62), तमिलनाडु (45) में मामले हैं। यानी अब देश में ओमिक्रॉन संक्रमितों की कुल संख्या 781 हो गई है।
एबीएन डेस्क। भारत में बढ़ते ओमिक्रॉन के मामलों ने केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक की चिंता बढ़ा दी है। खतरे को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने नाइट कर्फ्यू के साथ-साथ प्रतिबंधो का एलान कर दिया है। वहीं ओमिक्रॉन के सबसे अधिक 167 मामले महाराष्ट्र में हैं जबकि दिल्ली 165 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं गुजरात 78 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके अलावा अन्य राज्यों की बात करें तो तेलंगाना (62), तमिलनाडु(45) में मामले हैं। यानी अब देश में ओमिक्रॉन संक्रमितों की कुल संख्या 717 हो गई है।
एबीएन डेस्क। कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंत्रिपरिषद के साथ अहम बैठक करेंगे। यह बैठक शाम चार बजे होने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, बैठक में सभी मंत्री शामिल होंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान पीएम आगामी साल में उत्तर प्रदेश व पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों पर चर्चा करेंगे और ओमिक्रॉन संक्रमण की स्थिति का जायजा लेंगे। इससे पहले भी पीएम मोदी पिछले गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक कर चुके हैं। इस बैठक में पीएम ने अधिकारियों को अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी थी। पीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि डेल्टा के मुकाबले तीन गुना ज्यादा संक्रमण वाले ओमिक्रॉन से निपटने के लिए उचित कदम उठाए जाएं और जिला व तहसील स्तर पर भी सतर्कता बरती जाए।
एबीएन डेस्क। नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को एक दिन के दौरे पर उत्तराखण्ड का दौरा करेंगे और बुनियादी आर्थिक एवं सामाजिक ढांचा क्षेत्र की हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान में मुताबिक मोदी उस दिन वहां कुल 17,500 करोड़ रुपए की 23 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री जिन परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे, उनमें 5,750 करोड़ रुपए की लखवार बहु-उद्देशीय परियोजना भी है। यह परियोजना 1976 में तय की गयी थी और वर्षों से लंबित है। इस परियोजना से 300 मेगावट बिजली और 34,000 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र के लिए सिंचाई का पानी और छह राज्यों को पेयजल का लाभ होगा। बयान के मुताबिक मोदी गुरुवार को वहां 8700 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इससे ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्र में आवागमन आसान होगा तथा कैलाश-मानसरोवर तीर्थ के मार्ग में भी सुधार होगा। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आवास, पेयजल और जल-मल निकासी की कई परियोजनाओं के शिलान्यास का भी कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री इस दौरान जिन 17 परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे उनकी कुल अनुमानित लागत 14,100 करोड़ रुपए है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पूर्व विचार-विमर्श के तहत राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बृहस्पतिवार को बैठक करेंगी। सूत्रों ने बताया कि बैठक 30 दिसंबर को दिल्ली के विज्ञान भवन में होगी। पिछली बैठकों के विपरीत यह बैठक आमने-सामने की होगी। वित्त मंत्री बजट तैयारियों के सिलसिले में विभिन्न पक्षों के साथ बैठकें कर रही हैं। यह बैठक उसी कड़ी का हिस्सा है। सीतारमण 2022-23 का बजट संभवत: एक फरवरी को पेश करेंगी। यह नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल और सीतारमण का चौथा बजट होगा।सीतारमण अबतक उद्योग, वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों, श्रमिक संगठनों, कृषि विशेषज्ञों और प्रमुख अर्थशास्त्रियों के साथ बैठकें कर चुकी हैं। इन बैठकों में आयकर स्लैब को युक्तिसंगत बनाने, डिजिटल सेवाओं को बुनियादी ढांचा का दर्जा दिये जाने तथा हाइड्रोजन भंडारण को प्रोत्साहन देने जैसे सुझाव दिये गये हैं। पिछले सप्ताह जारी वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार इस प्रकार की आठ बैठकें 15 दिसंबर से 22 दिसंबर के बीच हो चुकी हैं।
एबीएन डेस्क। बात जब सफल भारतीय बिजनेसमैन की होती है, तो रतन टाटा का नाम सबसे ऊपर आता है। रतन टाटा सिर्फ उद्योग जगत में ही अपनी सफलता के लिए नहीं जाने जाते बल्कि उन्होंने अपने व्यक्तित्व से भी अलग पहचान बनाई है। दुनिया के प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा का आज जन्मदिन है, वे आज 84 साल के हो गए हैं। आज रतन टाटा लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को सूरत में हुआ था। रतन टाटा नवल टाटा के बेटे हैं, जिन्हे नवजबाई टाटा ने अपने पति रतनजी टाटा की मृत्यु के बाद गोद लिया था। रतन टाटा की शुरुआती शिक्षा मुंबई के कैंपियन स्कूल से हुई और कैथेड्रल में ही अपनी माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने जॉन केनौन कॉलेज से वास्तुकला में बीएससी की। फिर कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से 1962 में संचारात्मक इंजीनियरिंग और 1975 में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एडवांस मैनेजमेंट प्रोग्राम किया। रतन टाटा साल 1991 से लेकर 2012 तक टाटा ग्रुप के अध्यक्ष रहे। 28 दिसंबर 2012 को उन्होंने टाटा ग्रुप के अध्यक्ष पद को छोड़ दिया मगर वे अभी भी टाटा समूह के चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। अपने कार्यकाल में वे टाटा ग्रुप के सभी प्रमुख कम्पनियों जैसे टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा टी, टाटा केमिकल्स, इंडियन होटल्स और टाटा टेलीसर्विसेज के भी अध्यक्ष थे। उनके नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने नई ऊंचाइयों का हासिल किया। टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा को साल 2008 में पद्म विभूषण और साल 2000 में पद्म भूषण अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। रतन टाटा को उनकी अध्यक्षता में टाटा समूह को आसमान की बुलंदियों तक पहुंचाने में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। आंकड़ों के अनुसार, उनके नेतृत्व में टाटा समूह के राजस्व में 40 गुना से अधिक और लाभ में 50 गुना से अधिक की वृद्धि हुई। रतन टाटा के अद्भुत विचारों में सफलता का मंत्र • मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता। मैं निर्णय लेता हूं और फिर उन्हें सही बनाता हूं। • जो पत्थर लोग तुम पर फेंकते हैं। उनका इस्तेमाल स्मारक बनाने में करो। • ऐसी कई चीजें हैं जो अगर मुझे दोबारा जीने का मौका मिले तो शायद मैं अलग तरीके से करूंगा लेकिन मैं पीछे मुड़कर यह नहीं देखना चाहूंगा कि मैं क्या नहीं कर पाया। • अगर आप तेजी से चलना चाहते हैं तो अकेले चलिए लेकिन अगर दूर तक चलना चाहते हैं तो साथ मिलकर चलिए। • वो इंसान जो दूसरों की नकल करता है, थोड़े वक्त के लिए सफल हो सकता है लेकिन जीवन में बहुत आगे नहीं बढ़ सकता। • लोहे को कोई नष्ट नहीं कर सकता, उसका अपना ही जंग उसे नष्ट कर सकता है। इसी तरह कोई भी व्यक्ति को नष्ट नहीं कर सकता लेकिन उसकी अपनी मानसिकता कर सकती है। • जीवन में आगे बढ़ने के लिए उत्तार चढ़ाव जरूरी है, क्योंकि ईसीजी में भी एक सीधी लाइन का मतलब होता है कि हम जिंदा नहीं है।
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