एबीएन डेस्क। देश में कोरोना की तीसरी लहर का कहर देश की राजधानी दिल्ली में तेज हो गया है। शुक्रवार को यहां 17,335 नए कोरोना मामले सामने आए। साथ ही कोरोना से पिछले 24 घंटे में 9 लोगों की मौत हुई। राजधानी दिल्ली में कोरोना मामलों की वृद्धि सरकार के लिए चिंता बनती जा रही है। दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 17.73 प्रतिशत हो गई है। दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 6912 हो गई। दिल्ली और मुंबई में कोरोना केसों में आई वृद्धि के कारण देश में भी कोरोना मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को दिल्ली में कोरोना के 17335 नए मामले सामने आए और 9 लोगों की मौत हुई। शुक्रवार को रात 10 बजे से दिल्ली में सोमवार शाम 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा और इन 55 घंटों के दौरान दुकानें, मॉल और बाजार बड़े पैमाने पर बंद रहेंगे। लॉकडाउन के दौरान केवल आवश्यक दुकानों, सेवाओं को ही काम करने की अनुमति होगी। सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने प्रसूति और चिकित्सा अवकाश को छोड़कर शहर के सभी सरकारी अस्पतालों को अवकाश रद्द करने को कहा है।
एबीएन डेस्क। देशभर में एक बार फिर से कोरोना महामारी की लहर वापस आ गई है। बीते 24 घंटों में विभिन्न राज्यों से संक्रमण के एक लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के भी मामले तेजी से बढ़त जा रहे हैं। इस प्रकोप का असर आम जन जीवन पर तेजी से पड़ रहा है और इससे देश भर के स्कूल-कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान भी अछूते नहीं हैं। संक्रमण के प्रकोप को देखते हुए देश के कई राज्यों ने स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया है। आइए जानते हैं उन राज्यों के बारे में जिन्होंने कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला किया है... उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश में भी सरकार ने कोरोना के प्रकोप को देखते हुए 10वीं तक की कक्षाओं को 31 दिसंबर, 2021 से 16 जनवरी, 2022 तक बंद रखने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते दिन राज्य में संक्रमण के 3 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। बिहार : बिहार में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी स्कूलों को 21 जनवरी, 2022 तक के लिए बंद कर दिया है। इससे पहले राजधानी पटना में भी स्कूलों को एक हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया था। अब सभी स्कूल 21 जनवरी के बाद कोरोना संक्रमण के हालात देखते हुए खोले जाएंगे। हालांकि, ऑनलाइन कक्षाएं चलती रहेंगी और परीक्षा भी समय पर होंगी। पंजाब : पंजाब सरकार ने भी कोरोना के मामलों को देखते हुए तत्काल प्रभाव से राज्य के सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया है। फिलहाल यह बंदी कब तक रहेगी, इसके लिए कोई आधिकारिक सूचना नहीं जारी की गई है। छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ की सरकार ने कोरोना पर काबू पाने के लिए राज्य के उन क्षेत्रों में स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है, जहां कोरोना संक्रमण की दर 4 फीसदी से अधिक है। पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल सरकार ने कोरोना के खतरे को देखते हुए राज्य के सभी स्कूल-कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों को सोमवार, 03 जनवरी, 2022 से बंद करने का फैसला किया है। इन्हें वापस खोलने का फैसला संक्रमण के हालात पर निर्भर करेगा। हरियाणा : कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने राज्य में सभी स्कूल और कॉलेजों को 12 जनवरी 2022 तक बंद करने का फैसला किया है। आगे भी संस्थानों का शुरू होना कोरोना के हालात पर ही निर्भर होगा। सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि राज्य में सभी स्कूल, कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटी, कोचिंग संस्थान, पुस्तकालय और प्रशिक्षण संस्थान (चाहे सरकारी हो या निजी), आंगनवाड़ी केंद्र आदि बंद रहेंगे। झारखंड : झारखंड सरकार ने भी राज्य में सभी स्कूल-कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों को 15 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया है। इस बीच कोई भी ऑफलाइन कक्षाएं नहीं लगेंगी। ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। तमिलनाडु : कोरोना के मामलों में तेजी को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने 10 जनवरी 2022 तक पहली से 8वीं तक की कक्षाओं को ऑफलाइन न आयोजित करने का फैसला किया है। सरकार ने 31 दिसंबर 2021 को ही इस बात की घोषणा कर दी थी। ओडिशा : ओडिशा में भी कोरोना संक्रमण के मामलों मे आई तेजी को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को 10 जनवरी से बंद रखने का फैसला किया है। इससे पहले सरकार ने 12वीं कक्षा तक के लिए ऑफलाइन कक्षाओं पर रोक लगा दी है। कुछ दिनों पहले ही सरकार ने पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं के लिए स्कूलों को न शुरू करने का निर्णय लिया था। यह कक्षाएं सोमवार 3 जनवरी, 2022 से शुरू होनी थी। गोवा : गोवा में भी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूल और कॉलेजों को 26 जनवरी 2022 तक के लिए बंद करने का फैसला किया है। राज्य के सीएम प्रमोद सावंत ने बताया कि सरकार ने राज्य में रात्रि कर्फ्यू लगाने का भी फैसला किया है। तेलंगाना : तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों को 8 जनवरी से 16 जनवरी तक छुट्टी घोषित करने का निर्देश दिया है। कर्नाटक : राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने भी प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को 15 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया है। नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते चले जा रहे हैं। इस समय दिल्ली में यलो अलर्ट के कारण सभी स्कूलो को अगले आदेश तक बंद रखा गया है। कोरोना के मामलों को देखते हुए ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि स्कूल और अधिक समय तक बंद रखे जा सकते हैं। महाराष्ट्र : कोरोना महामारी के कारण देशभर के विभिन्न राज्यों में स्कूल-कॉलेजों के बंद होने का सिलसिला जारी है। अब इन राज्यों की सूची में नया नाम महाराष्ट्र का भी जुड़ गया है। राज्य में सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में ऑफलाइन कक्षाओं को 15 फरवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। यह नियम राज्य, डीम्ड, निजी विश्वविद्यालयों के साथ-साथ तकनीकी संस्थान और इनसे संबद्ध कॉलेजों पर भी प्रभावी होंगे। हालांकि, ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोरोना वायरस महामारी का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है, पिछले 24 घंटों के दौरान इस जानलेवा वायरस के एक लाख 17 हजार 100 नए मामले सामने आए हैं। इस बीच गुरुवार को 94 लाख 47 हजार 056 कोविड टीके लगाये गये हैं और शुक्रवार सुबह सात बजे तक के प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक एक अरब 49 करोड़ 66 लाख 81 हजार 156 लोगों को टीके दिये जा चुके हैं। देश में कोरोना के मामले अभी और बढ़ेंगे। जनवरी के आखिरी हफ्ते और फरवरी में हर रोज कोरोना के 10 लाख मामले सामने आ सकते हैं। ये स्टडी प्रोफेसर शिव अथरेया, प्रोफेसर राजेश सुंदरसन, ककरू और करक बेंगलुरु की टीम ने किया है। एक्सपर्ट के मुताबिक ये अनुमान ओमिक्रॉन के संक्रमण को ध्यान में रख कर लगाया गया है। स्टडी में कहा गया है कि जनवरी के आखिरी हफ्ते में कोरोना के सबसे ज्यादा केस आएंगे और इसका असर फरवरी में दिखेगा। हालांकि इसमें ये भी कहा गया है कि अलग-अलग राज्यों की अलग-पीक होगी। कोरोना के सबसे ज्यादा केस जनवरी मध्य से लेकर फरवरी के दूसरे हफ्ते तक दिखेगी। साथ ही मार्च से कोरोना के केस कम होने शुरू होंगे। नए मॉडलिंग स्टडी कहती है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के चलते भारत में आई कोरोना की तीसरी लहर जनवरी के अंत और फरवरी में अपने पीक पर हो सकती है। इस दौरान देश में हर रोज 10 लाख के करीब मामले सामने आएंगे। जिस तरह देश में कोरोना केसों की सख्यां में इजाफा हो रहा है यह स्टडी काफी डराने वाली है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आज जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में एक लाख 17 हजार 100 नये मामले सामने आने से संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर तीन करोड़ 52 लाख 26 हजार 386 हो गयी है। नये मामलों में बढ़ोतरी के साथ सक्रिय मामले बढ़कर तीन लाख 71 हजार 36 हो गये हैं। इसी अवधि में 302 और मरीजों की मौत होने के साथ मृतकों का कुल आंकड़ा बढ़कर चार लाख 83 हजार 178 हो गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान 30,836 मरीज स्वस्थ होने से इस महामारी से निजात पाने वालों की कुल संख्या बढ़कर तीन करोड़ 43 लाख 71 हजार 845 हो चुके हैं। इसी अवधि में 15 लाख 13 हजार 377 कोविड परीक्षण किए गये हैं और देश में अभी तक कुल 68 करोड़ 68 लाख 19 हजार 128 कोविड परीक्षण किया जा चुका है। देश में सक्रिय मामलों की दर 1.05 और रिकवरी दर 97.57 प्रतिशत है जबकि मृत्यु दर 1.37 फीसदी है। दूसरी तरफ कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट से 27 राज्यों में 3007 व्यक्ति संक्रमित पाये गये हैं, जिनमें महाराष्ट्र में सर्वाधिक 876, दिल्ली में 465 और राजस्थान में 333 मामले हैं। ओमिक्रॉन के संक्रमण से 1199 व्यक्ति उबर चुके हैं। वर्तमान में देश में सबसे ज्यादा सक्रिय मामले महाराष्ट्र में हैं। जहां पिछले 24 घंटों में सक्रिय मामले 27,345 बढ़ने से इनकी कुल संख्या बढ़कर 118549 हो गयी है और इस अवधि में 13 मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 141594 तक पहुंच गया है। राज्य में 8970 मरीजों के स्वस्थ होने से कोरोनामुक्त होने वालों की तादाद बढ़कर 6533154 हो गयी है। महाराष्ट्र के बाद कुल सक्रिय मामलों में पश्चिम बंगाल दूसरे और दिल्ली तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल में उक्त अवधि में कोरोना के सक्रिय मामले 8059 बढ़ने से इनकी कुल संख्या बढ़कर 41101 हो गयी हैं। राज्य में इस महामारी से 19 और लोगों की मौत होने के बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 19846 हो गया है, जबकि राज्य में अभी तक 1632797 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना सक्रिय मामले 8191 बढ़ने से इनकी कुल संख्या बढ़कर 31498 हो गयी है, जबकि 6900 मरीजों के स्वस्थ्य होने के बाद इस महामारी से मुक्त होने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1432838 हो गयी है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में छह लोगों की मौत से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 25127 हो गया है। केरल में पिछले 24 घंटों में कोरोना सक्रिय मामले 2248 बढ़ने से इनकी कुल संख्या बढ़कर 25855 हो गयी हैं। राज्य में 2180 मरीजों के स्वस्थ होने से कोरोनामुक्त होने वालों की तादाद बढ़कर 5193093 हो गयी है। इस अवधि में 221 और मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 49116 हो गया है। देश में पिछले 24 घंटों में केरल में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या सबसे अधिक रही है।
टीम एबीएन, गया। कोरोना की मार से एक बार फिर जिले के धार्मिक स्थल बंद हो गए। अनलॉक में 135 दिनों तक खुले रहने के बाद गुरुवार से मंदिर-मस्जिदों में ताले लटक गए। गुरुद्वारा व चर्च आदि के भी प्रवेश दरवाजे श्रद्धालुओं के बंद हो गए। सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सन्नाटा पसर गया है। राज्य सरकार के अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। गया के प्रसिद्व विष्णुपद और मां मंगलागौरी मंदिर में लटके ताले गया के प्रसिद्ध महाबोधि, विष्णुपद और मां मंगलागौरी, बगला स्थान सहित अन्य मंदिर गुरुवार से बंद हो गए। मंदिरों में पुजारी ने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर भोग लगाए। श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन पर आगे अगले तक रोक रहेगी। इसी तरह जामा मस्जिद, छत्ता मस्जिद, मुन्नी मस्जिद, पीरमंसूर, खानकाह मुनामिया सहित मस्जिद बंद हो गए। गुरुद्वारा और चर्चों में भी ताले लटक गए। सभी जगह सन्नाटा पसर गया। श्री विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शंभू लाल विट्ठल व सचिव गजाधर लाल पाठक ने बताया कि कोरोना को प्रशासनिक आदेश के अनुसार गुरुवार से श्रद्धालुओं और पिंडदानियों के लिए मंदिर के प्रवेश दरवाजे बंद कर दिए गए। समिति की ओर से प्रतिदिन नित्य पूजा, भोग और शृंगार आदि कार्यक्रम होंगे। जय मां मंगलागौरी प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंकर प्रसाद व सलाहकार बंटी सिंह ने बताया कि गुरुवार से मंदिर के गर्भगृह बंद कर दिए। कुछ लोग आए तो बाहर से मत्था टेक लौट गए। अगले आदेश तक सिर्फ पुजारी ही तीनों पहर की पूजा करेंगे।पौष पितृपक्ष को लेकर गंगा सागर जाने वाले तीर्थयात्री पिंडदान के लिए गयााधाम आए हुए हैं। अगले दो-तीन दिनों में इन पिंडदानियों के यहां लौट जाने के बाद विष्णुपद इलाके में सन्नाटा पसर जाएगा। विष्णुपद मंदिर बंद हो जाने के बाद संभावना है कि पिंडदानियों का जत्था गयाधाम नहीं आएगा। मां मंगलागौरी, बगला स्थान सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में गुरुवार से सन्नाटा पसर गया। इधर, विष्णुपद बंद हो जाने से सैकड़ों गयापाल, दुकानदार और आचार्य चिंतित हो गए हैं। पिंडदानियों के नहीं आने के बाद सभी की आमदनी रुक जाएगी। कोरोना के कारण कई बार धार्मिक स्थल बंद हुए। इस बार की बंदी से पहले 2021 के अप्रैल के पहले पखवारे में मंदिर-मस्जिदों में ताले लटके थे। करीब चार माह बंद रहे। कोरोना के कारण 136 दिन बंद रहने के बाद 26 अगस्त 2021 को अनलॉक-6 में धार्मिक स्थल खुले। अब 135 दिन खुले रहने के बाद 6 जनवरी 2022 से एक बार फिर मंदिर, मस्जिद, चर्च व गुरुद्वारे आदि में ताले लटक गए।
टीम एबीएन, गया। गया जंक्शन पर आरपीएफ की टीम ने गुरुवार को चतरा जिला निवासी एक उचक्का को चोरी के तीन मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया है। तीनों मोबाइल रेल यात्रियों से उड़ाया गया है। इस संबंध में रेल थाना में मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार उचक्का को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया। रेल सूत्रों ने बताया कि इंस्पेक्टर अजय प्रकाश के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर सुभाष राम और जवानों ने प्लेटफार्म संख्या 2-3 पर गश्त व निगरानी के दौरान एक युवक को संदिग्ध अवस्था में देखा। पूछताछ करने पर अपना नाम रंजन पासवान, ग्राम : जोगियारा, थाना : प्रतापपुर, जिला : चतरा (झारखंड) बताया। मौके पर उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से तीन मोबाइल बरामद हुए। तीनों मोबाइल फोन के संबंध में उक्त युवक कोई वैध कागजात नहीं दिख स्का तथा अंत में स्वीकार किया कि अंबाला से गया तक की ट्रेन में यात्रा के दौरान विभिन्न यात्रियों के पास से चुराया है। साथ ही सिम कार्ड को निकाल कर फेंक दिया है। उसके अपराध स्वीकार करने पर मौके पर ही उपस्थित गवाहों के समक्ष जब्ती सूची बनाई गई। रेल थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि इस सम्बंध में रेल थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। उचक्का को जेल भेज दिया गया।
टीम एबीएन, गया। गया में कोरोना के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसी स्थिति के बीच गयाधाम में भारी संख्या में पिंडदानी बगैर मास्क और सोशल डिस्टेंस के बीच पिंडदान कर रहे हैं। तीर्थयात्रियों के साथ कुछ ब्राह्मण भी बिना मास्क के ही पिंडदान करवा रहे हैं। गुरुवार की दोपहर फल्गु नदी में सर्द पछुआ के बीच कई जत्था बालू पर बैठकर पितरों के लिए कर्मकांड करते नजर आए। देवघाट से नीचे उतर केर दायीं ओर उत्तर प्रदेश के हरदोई, लखीमपुर आदि स्थानों के पिंडदानी जत्थे में पिंडदान करते मिले। सभी बिना मास्क और बिना दूरी के आराम से बैठे। पिंडदान कर रहे तीर्थयात्री बहादुर सिंह और सतीश चंद ने बताया कि वे तीन दिनी पिंडदान के लिए आए हैं। गया के बाद गंगा दशहरा में शामिल होने के लिए जाएंगे। इस जत्था से थोड़ा आगे मध्य प्रदेश के देवास का लंबा जत्था भी बिना मास्क के बैठे मिले। आचार्य राम अवधेश पांडेय भी बिना मास्क के। जत्थे की हेड इंद्रेन टोपो ने बताया कि गया के बाद बंगाल (गंगा दशहरा) जाना है। उसके बाद जगन्नाथपुरी, तिरूपति, कन्या कुमारी आदि तीर्थस्थल होते हुए देवास लौट जाना है। इसी वक्त गुजरात का भी जत्था पिडदान करते मिला। मालूम हो कि पौष पितृपक्ष (मिनी पितृपक्ष) को लेकर गयाधाम में कई प्रदेशों के पिंडदानी आए हुए हैं। अधिकतर पितरों के लिए कर्मकांड के बाद गंगा दशहरा मेला जाएंगे। कोरोना की सख्ती से पहले 20 जनवरी तक पिंडदानियों की आवाजाही लगी रहती है। लेकिन, अब विष्णुपद मंदिर के बंद हो जाने से पिंडदानियों के आने की उम्मीद नहीं है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने भारत और नेपाल के बीच आवागमन सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड के धारचूला में महाकाली नदी पर पुल निर्माण की योजना को मंजूरी दी है। सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह जानकारी दी। ठाकुर ने बताया कि भारत नेपाल सीमा पर धारचूला में महाकाली नदी पर पुल के निर्माण के लिए भारत और नेपाल के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी है। ठाकुर ने कहा कि पुल निर्माण को लेकर हुए इस समझौते को मंजूरी मिलने से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध और मजबूत होंगे तथा दोनों देशों के लोगों के लिए इस पुल के बनने के बाद आवाजाही आसान हो जाएगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। विधानसभा चुनावों को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। ऐसे में चुनाव आयोग किसी भी समय चुनावी तारीखों की घोषणा कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग गुरुवार को या फिर आने वाले कुछ दिनों के भीतर चुनावी कार्यक्रम का ऐलान कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग ने सभी चुनावी राज्यों की समीक्षा बैठक करने के बाद तारीखें करीब-करीब फाइनल कर ली हैं और वह जल्द ही इसकी घोषणा भी कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 8 चरणों में मतदान कराए जा सकते हैं जबकि पंजाब में 3 चरणों में मतदान होने की संभावना है। इसके अलावा मणिपुर में दो चरणों में, गोवा और उत्तराखंड में एक-एक चरण में मतदान कराए जा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक इस बार भी फरवरी और मार्च के पहले हफ्ते तक चुनाव खत्म हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल मई 2022 में समाप्त हो रहा है, जबकि अन्य चार राज्यों की विधानसभाओं का समय मार्च 2022 में अलग-अलग तिथियों पर खत्म हो रहा है। विधानसभा चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब देश में कोरोना की तीसरी लहर का संकट मंडरा रहा है। वहीं देश में लगातार ओमिक्रॉन के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में चुनाव आयोग इस पर भी नजर बनाए हुए है और मतदान के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाएगा, इसके अलावा आयोग चुनावी रैलियों के नियम भी और कड़े कर सकता है। इसको लेकर भी चुनाव आयोग गाइडलाइंस जारी कर सकता है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse