एबीएन डेस्क। 31 जनवरी से दो चरणों में शुरू होने जा रहे बजट सत्र पर संकट के बादल छाए हुए हैं। दरअसल, कोरोना की तीसरी लहर के बीच होने जा रहे इस बजट सत्र से पहले संसद के 700 कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। सूत्रों की मानें तो चार जनवरी तक संसद परिसर के 718 कर्मचारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिसमें अकेले 204 कर्मचारी तो राज्यसभा सचिवालय के ही हैं। बाकी कर्मचारी भी संसद से ही जुड़े हुए हैं। इस बीच विशेषज्ञों का कहना है कि जब से संसद सत्र शुरू होगा, कोरोना की तीसरी लहर अपने पीक पर होगी। ऐसे में बजट सत्र के दौरान संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा रहेगा। बजट सत्र की हो चुकी है घोषणा : इधर, बढ़ते संक्रमण की चिंता के बीच लोकसभा सचिवालय की ओर से शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में बजट सत्र की घोषणा कर दी गई है। लोकसभा का आठवां सत्र 31 जनवरी 2022 से शुरू होगा। इसके आठ अप्रैल को संपन्न होने की संभावना है। विज्ञप्ति में कहा गया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) को एक साथ 31 जनवरी की सुबह संबोधित करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय बजट एक फरवरी 2022 को प्रस्तुत किया जाएगा। स्थायी समितियों को मंत्रालयों व विभागों की मांगों पर विचार करने और अपनी रिपोर्ट तैयार करने का समय देने के लिए सदन 11 फरवरी को स्थगित होगा और 14 मार्च को फिर आयोजित होगा।
एबीएन डेस्क। जम्मू कश्मीर में शुक्रवार को 5.3 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि भूकंप का केन्द्र अफगानिस्तान के हिन्दुकुश पर्वतों में था। अधिकारियों ने बताया कि रात 9:43 बजे आए 5.3 तीव्रता के भूकंप के झटके को जम्मू-कश्मीर में भी महसूस किया गया। उन्होंने बताया कि अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
एबीएन डेस्क। देश में पहली बार ओमिक्रॉन का सामुदायिक प्रसार मिला है। राष्ट्रीय राजधानी में हाइब्रिड इम्युनिटी भी बननी शुरू हो गई है। अभी तक सरकारें सामुदायिक प्रसार का अनुमान लगा रही थीं, लेकिन अब चिकित्सीय अध्ययन में इस बात के सुबूत भी मिल चुके हैं। दिल्ली पहला ऐसा राज्य है जहां समुदाय में 60 फीसदी से भी ज्यादा ओमिक्रॉन का प्रसार हुआ है। 22 दिन पहले यह प्रसार शुरू हुआ जो अब वैक्सीन की दोनों खुराक लेने वालों में भी मिल रहा है। साल 2020 में वुहान, फिर 2021 में डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित होने के बाद लोगों ने टीका भी लिया लेकिन अब ओमिक्रॉन की चपेट में आने के बाद फिर से इनके शरीर में इम्युनिटी बन रही है। चिकित्सा विज्ञान में यह हाइब्रिड इम्युनिटी माना जाता है। दिल्ली में अभी कुछ मरीज ऐसे भी मिले हैं जिनमें चार-चार स्रोत के जरिये इम्युनिटी विकसित हुई है। जन स्वास्थ्य के लिहाज से ओमिक्रॉन के सामुदायिक प्रसार से बन रही हाइब्रिड इम्युनिटी को बेहतर संकेत भी माना जा रहा है। साथ ही सामुदायिक प्रसार घोषित होने की वजह से सरकारी रणनीतियों में निगरानी से लेकर जांच तक को लेकर बदलाव भी किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार नई दिल्ली के बसंत कुंज स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंस (आईएलबीएस) ने अध्ययन के जरिये दिल्ली में ओमिक्रॉन वैरिएंट के सामुदायिक प्रसार की पुष्टि की है। अध्ययन मेडिकल जर्नल मेडरेक्सिव में प्रकाशन से पूर्व समीक्षा की स्थिति में है। अध्ययन के दौरान पता चला है कि दिल्ली में बीते 23 दिसंबर, 2021 से यह सामुदायिक प्रसार शुरू हो चुका है। पिछले सप्ताह दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी सामुदायिक प्रसार की पुष्टि की थी। ऐसे मिला ओमिक्रॉन का सामुदायिक प्रसार : डॉ. गुप्ता बताती हैं कि अध्ययन में यह भी पता चला कि ओमिक्रॉन के 72 (87.8 फीसदी) मरीज पूरी तरह से टीकाकरण करवा चुके थे। 32 (39.1 फीसदी) मरीजों में हमें ट्रेवल हिस्ट्री या फिर क्लोज कॉन्टेक्ट संक्रमण का कारण मिला। जबकि 50 (60.9 फीसदी) में संक्रमण के स्रोत का पता नहीं चल पाया। फिर हर दिन सैंपल में ओमिक्रॉन की मौजूदगी मिलती चली गई और 1.84 से 54 फीसदी तक सैंपल की संख्या बढ़ती चली गई। किसी भी महामारी के सामुदायिक प्रसार का आकलन करने के लिए यह आंकड़े पर्याप्त हैं। 60%समुदाय में मिला वैरिएंट : डिपार्टमेंट ऑफ क्लीनिकल वायरोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. एकता गुप्ता ने बताया कि देश में पहली बार ओमिक्रॉन वैरिएंट पर इस तरह का अध्ययन हुआ है और उसमें सामुदायिक प्रसार की पुष्टि भी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले साल 25 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच 264 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग में 182 (68.9 फीसदी) में डेल्टा और दूसरे वैरिएंट मिले थे। जबकि 82 (31.06 फीसदी) में ओमिक्रॉन वैरिएंट की मौजूदगी मिली। इनमें 50 (61 फीसदी) रोगियों में हल्के लक्षण मिले थे। एम्स को मिली हाइब्रिड इम्युनिटी : नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों को दिल्ली में हाइब्रिड इम्युनिटी भी मिली। डॉक्टरों ने बताया कि दिल्ली में अब कुछ मामले ऐसे देखने को मिल रहे हैं जो पिछले साल डेल्टा की चपेट में आए और ठीक होने के बाद उन्होंने वैक्सीन लिया। इसके बाद अब वे ओमिक्रॉन संक्रमित हुए हैं। इनमें एम्स के ही स्वास्थ्य कर्मचारियों की संख्या शामिल है। वहीं कुछ मरीजों में यह भी पता चला है कि उन्हें साल 2020, फिर 2021 और अब ओमिक्रॉन का संक्रमण हुआ। इनका टीकाकरण भी हुआ है और अब एहतियात खुराक भी मिलेगी। एम्स ने इस पर चिकित्सीय अध्ययन शुरू कर दिया है। डॉ. एकता गुप्ता ने बताया कि हाइब्रिड इम्युनिटी दिल्ली में बनना शुरू हुई है। इसे फिलहाल सकारात्मक दृष्टिकोण से ही देखा जा रहा है कि लोगों में एंटीबॉडी का स्तर काफी मजबूत हो रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोरोना की रफ्तार दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। बता दें कि पिछले 24 घंटों में भारत में कोविड-19 के 2,64,202 नए मामले आए। वहीं, कोरोना के रोजाना मामलों में हो रही बढ़ोतरी के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने उम्मीद जताई है कि राजधानी में आज 25,000 से कम कोरोना केस आ सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अस्पतालों के करीब 88% बेड खाली पड़े हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना से मरने वाले करीब 75 फीसदी मरीजों को वैक्सीन नहीं लगी हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में गुरुवार को कोविड के 28,867 मामले दर्ज किए गए थे। जब से महामारी शुरू हुई है तब से यह राज्य में एक दिन में सामने आने वाले सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके साथ ही गुरुवार को राज्य में कोविड से 31 लोगों की मौत भी हुई, जबकि सकारात्मकता दर 29.21 प्रतिशत है।
एबीएन डेस्क। दक्षिणी चीन सागर में अपनी दादागिरी दिखा रहे चीन को बड़ा झटका लगा है। चीन के आक्रामक रवैये को झेल रहे फिलीपींस ने भारत के साथ दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक एंटी शिप क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की खरीद को मंजूरी दे दी है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, फिलीपींस के राष्ट्रीय रक्षा विभाग द्वारा ब्रह्मोस के अधिकारियों को इसकी सूचना भेज दी गई है। ब्रह्मोस मिसाइल के लिए यह पहला विदेशी ऑर्डर है। यह सौदा 374.9 मिलियन अमरीकी डॉलर का है। चीन के खिलाफ भारत पर भरोसा : इस सौदे में सबसे अहम बात यह है कि अमेरिकी सहयोगी देश फिलीपींस ने चीन के खिलाफ अपनी सैन्य तैयारी के लिए भारत-रूस द्वारा मिलकर बनाई गई ब्रह्मोस मिसाइल पर भरोसा जताया है। ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल ध्वनि की रफ्तार से तीन गुना तेज गति यानी 4321 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से मार करने में सक्षम है। चीन के खिलाफ तटीय इलाकों को सुरक्षित करेगा फिलीपींस : फिलीपींस को आंखे दिखा रहे चीन को इस सौदे से बड़ा झटका लगा है। दरअसल, दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ फिलीपींस का अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे में ब्रह्मोस मिसाइल को फिलीपींस अपने तटीय इलाकों में तैनात कर सकता है। और देशों से भी जल्द मिल सकते हैं खरीद के ऑर्डर : सूत्रों का कहना है कि डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) और ब्रह्मोस एयरोस्पेस इस मिसाइल का मित्र देशों को निर्यात करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। डीआरडीओ ने हाल ही में अमेरिका के साथ मेड इन इंडिया रडार का सौदा भी किया था। भारत को अन्य मित्र देशों से भी मिसाइल प्रणाली के ऑर्डर जल्द मिलने की उम्मीद है क्योंकि कुछ और देशों के साथ भी इसे लेकर सौदेबादी अपने अंतिम दौर में है। इस मिसाइल की क्षमताओं में वृद्धि हुई है और कई आधुनिक विशेषताओं से लैस किया गया है। चीन का एक और पड़ोसी देश वियतनाम भी भारत से यह मिसाइल सिस्टम खरीद सकता है।
एबीएन डेस्क। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अप्रैल और जून 2021 के बीच covid-19 के डेल्टा वैरिएंट की घातक लहर में 2,40,000 लोगों की मौत हो गई थी तथा आर्थिक सुधार बाधित हुआ था और निकट समय में भी इसी तरह के हालात उत्पन्न हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएं 2022 रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि covid-19 के अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन स्वरूप के संक्रमण की नई लहरों के कारण मृतकों की संख्या और आर्थिक नुकसान में फिर से वृद्धि होने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में, डेल्टा स्वरूप के संक्रमण की एक घातक लहर ने अप्रैल और जून के बीच 2,40,000 लोगों की जान ले ली थी और आर्थिक सुधार बाधित हुआ था, निकट समय में इसी तरह के हालात पैदा हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग के अवर महासचिव लियु जेनमिन ने कहा कि covid-19 को नियंत्रित करने के लिए एक समन्वित और निरंतर वैश्विक दृष्टिकोण के बिना यह महामारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के समावेशी और स्थायी उभार के लिये सबसे बड़ी जोखिम बनी रहेगी।
एबीएन डेस्क। पूरे उत्तर भारत में जहां ठंड का प्रकोप जारी है वहीं भारतीय मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में ठंड के बढ़ने और बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आज बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में 14 और 15 जनवरी को बारिश होने भी संभावना है। असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, करईकल, केरल और माहे में आने वाले दिनों में गरज के साथ बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में शीतलहर जारी रहेगा और इससे इन इलाकों में ठंड भी बहुत पडे़गी। वहीं आने वाले दो दिनों में गुजरात, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर राजस्थान में सर्दी के बढ़ने के भी आसार हैं। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिम हिमालयी क्षेत्र, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बेहद घने कोहरे के छाए जाने की आशंका जताई है। वहीं आज जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली में बीते चार दिनों में कोरोना संक्रमण के कारण 97 लोगों की मौत हुई है। इनमें 70 ऐसे थे जिन्होंने कोविड टीके की एक भी डोज नहीं ली थी। जिन 27 लोगों ने कोविड का टीका लगवाया था, उनमें 19 ऐसे थे जिन्होंने सिर्फ एक डोज ही ली थी। राजधानी में बीते कुछ दिनों से संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। बुधवार को दिल्ली में 40 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने नौ से 12 जनवरी के बीच मरने वाले लोगों को लेकर एक अध्ययन किया। अध्ययन में पाया गया कि मरने वालों में से 50 फीसदी लोग ऐसे थे जो किसी न किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित थे। उसमें 70 लोग ऐसे थे जिन्होंने कोविड टीके की एक भी डोज नहीं लगवाई थी। पांच दिनों में सात ऐसे लोगों की मौत भी दर्ज की गई है जिनकी उम्र 18 साल से कम थी। स्वास्थ्य विभाग ने पाया कि लोग अस्पताल पहुंचने में देरी कर रहे हैं। कुल मौतों में करीब 40 फीसदी लोगों की अस्पताल पहुंचने के अगले 48 घंटे के भीतर मौत हो गई। दीपचंद बंधू अस्पताल में एक महिला की मौत के अगले दिन कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसी तरह डीडीयू अस्पताल में एक 13 वर्ष के बच्चे की मौत 24 घंटे के अंदर हो गई।
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