एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सैन्य कार्रवाई रोकने के दावे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गोल मोल जवाब दे रहे हैं क्योंकि वह जानते हैं कि यदि सच बोल दिया तो श्री ट्रम्प पूरी सच्चाई सामने रख देंगे। उन्होंने संसद भवन परिसर में पत्रकारों के सवालों पर कहा कि श्री ट्रम्प के मामले में श्री मोदी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं।
श्री मोदी जानते हैं कि यदि श्री ट्रम्प को लेकर कुछ बोलेंगे तो व्यापार समझौते में वह मनमानी पर उतर आयेंगे इसलिए इस संकट से बचने के लिए प्रधानमंत्री गोल मोल जवाब दे रहे हैं। श्री गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया।
ये सबको मालूम है क्या हुआ है और प्रधानमंत्री बोल नहीं पा रहे हैं। अगर प्रधानमंत्री ने बोल दिया, तो ट्रम्प खुलकर बोलेंगे और पूरी सच्चाई रख देंगे, इसलिए प्रधानमंत्री बोल नहीं पा रहे हैं। ट्रम्प बार-बार एक ही बात को इसलिए दोहरा रहे हैं, क्योंकि वो व्यापार समझौते में श्री मोदी को दबायेंगे।
आप देखना कैसा व्यापार समझौता होता है। श्रीमती वाड्रा ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री गोल-मोल बातें कर रहे हैं। श्री मोदी साफ कहें कि अमेरिकी राष्ट्रपति झूठ बोल रहे हैं।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दिव्या देशमुख को फिडे महिला विश्व शतरंज चैंपियन 2025 बनने पर बधाई दी है। श्री मोदी ने कहा, कोनेरू हम्पी ने भी चैंपियनशिप के दौरान जबरदस्त कौशल का प्रदर्शन किया है।
दोनों खिलाड़ियों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया: दो उत्कृष्ट भारतीय शतरंज खिलाड़ियों का एक ऐतिहासिक फाइनल! युवा दिव्या देशमुख के 2025 में फिडे महिला विश्व शतरंज चैंपियन बनने पर गर्व है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई, जो कई युवाओं को प्रेरित करेगी। कोनेरू हम्पी ने भी पूरे चैंपियनशिप में जबरदस्त कौशल का प्रदर्शन किया है। दोनों खिलाड़ियों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। उत्तराखंड की पवित्र नगरी हरिद्वार में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। श्रद्धालुओं से खचाखच भरे मनसा देवी मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई, जिससे मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। प्रशासन और पुलिस की टीम ने तत्परता से राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा सुबह के समय हुआ, जब मंदिर परिसर में दर्शन के लिए भारी भीड़ जमा हो चुकी थी। अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया और कुछ श्रद्धालु संतुलन खो बैठे। फिसलकर गिरने से कई लोग नीचे दब गए और उनके ऊपर अन्य लोग चढ़ते चले गए। इस भगदड़ में कई लोग बुरी तरह घायल हो गए।
हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। कुछ श्रद्धालु अपनों को खोजते दिखे तो कुछ मदद के लिए चिल्ला रहे थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए।
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस हादसे में 6 लोगों की मौत हुई है जबकि 25 से 30 लोग घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल 4 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन द्वारा घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनका इलाज कर रही है।
कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि हादसे की मुख्य वजह अत्यधिक भीड़ और भीड़ प्रबंधन की कमी है। मंदिर में हर रविवार और विशेष दिनों पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। आज सुबह भी हजारों की संख्या में लोग मंदिर में पहुंचे थे, जिससे स्थिति संभालना मुश्किल हो गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। गहन जांच कर मतदाता सूचियों को शुद्ध करना चुनाव आयोग का न सिर्फ अधिकार बल्कि कर्तव्य भी है। जो लोग इस राष्ट्रीय कार्य में अवरोध बन रहे हैं उनकी मानसिकता को देश भली भांति समझ रहा है। वे सभी वही हैं जो विदेशियों और घुसपैठियों के बल पर अभी तक राज्य सत्ता या राजनीति पर अनधिकृत तरीके से कब्जा जमाए बैठे हैं।
आंख मूंदकर विदेशियों और अवैध घुसपैठियों को मतदाता सूची में शामिल करने या उन्हें जारी रखने से भारतीय लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक स्थिति बनती जा रही थी, जिसका निदान चुनाव आयोग ने किया है। अब इस शुद्धि आंदोलन के विरोधियों को यह डर सता रहा है कि घुसपैठिए गए तो वे भी गये।
किंतु बिहार ही नहीं, संपूर्ण भारत की मतदाता सूचियों को विशुद्ध रूप से भारतीय बनाया जाना बहुत आवश्यक है। हमें आशा है कि @ईसीआई स्वीप @स्पोक्सपर्सन ईसीआई इस पावन राष्ट्रीय कार्य को द्रुत गति प्रदान विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को घुसपैठियों से मुक्त करेगा।
कुछ लोकतंत्र विरोधी दल ये यह तो राग अलाप रहे हैं कि बिहार की नयी वोटर लिस्ट से इतने लाख वोटर निकल गए किंतु वे यह क्यों नहीं बता रहे कि खदेड़े गए सभी लोग या तो फर्जी वोटर थे, या डुप्लीकेट और या फिर विदेशी घुसपैठिए। यदि कोई वास्तविक वोटर किसी भूलवश आउट हुआ भी हो, तो उसे आसानी से पुन: मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।
आज सभी राजनैतिक दलों की यह जिम्मेदारी है कि वे चुनाव आयोग के इस कदम में सहयोगी बनकर नई सूचियों की जांचकर उसमें यदि कोई न्यूनता हो तो उसे समय से ठीक कराएं, ना कि संवैधानिक संस्था पर हमला कर जनता की परेशानी का कारक बनें। भारतीय लोकतंत्र के शुद्धिकरण हेतु चुनाव आयोग को साधुवाद। उक्त जानकारी विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने दी।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपना लोहा मनवाया है। वह एक बार फिर विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं।
अमेरिकी बिजनेस इंटेलिजेंस कंपनी मॉर्निंग कंसल्ट ने जुलाई 2025 के अपने ताजा सर्वे की रिपोर्ट जारी की है जिसमें पीएम मोदी को 75% लोगों की अप्रूवल रेटिंग मिली है। यह सर्वे 4 से 10 जुलाई के बीच हुआ जिसमें 20 देशों के नेताओं की रेटिंग शामिल की गई थी।
इस लिस्ट में पीएम मोदी के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग 59% अप्रूवल रेटिंग के साथ दूसरे स्थान पर रहे। यह ली जे म्युंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि दक्षिण कोरिया में सर्वोच्च पद पर आसीन हुए उन्हें अभी सिर्फ एक ही महीना हुआ है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 45% से भी कम अप्रूवल रेटिंग के साथ 8वें स्थान पर खिसक गए हैं।
मॉर्निंग कंसल्ट सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी का कद देश के अंदर और बाहर दोनों जगह और बढ़ गया है। सर्वे में शामिल 75% लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी को एक लोकतांत्रिक वैश्विक नेता के रूप में स्वीकार किया है। इस पर 7% लोग कोई निर्णय नहीं ले पाए जबकि 18% लोगों की राय इससे अलग थी।
दक्षिणपंथी माने जाने वाले अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर रहे उनके पक्ष में 57% वोट पड़े। 6% लोगों ने कोई राय नहीं दी और 37% प्रतिभागियों ने उन्हें अस्वीकार कर दिया।
सबसे कम लोकप्रिय नेताओं में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और चेक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री पेट्र फिआला शामिल हैं जिन्हें केवल 18% लोगों का समर्थन मिला है जबकि 74% लोग उनसे असंतुष्ट हैं। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी 10वें स्थान पर हैं। यह सर्वे रिपोर्ट एक बार फिर दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत और ब्रिटेन ने जोर देकर कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंडों की कोई जगह नहीं है और उग्रवादी विचारधारा वाली शक्तियों को लोकतांत्रिक आजादी का दुरूपयोग नहीं करने दिया जायेगा। ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा पर आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को लंदन में अपने समकक्ष कीर स्टार्मर के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रेस वक्तव्य में कहा कि लोकतांत्रिक आजादी का दुरूपयोग कर लोकतंत्र को ही कमजोर करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। श्री मोदी ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करने के लिए ब्रिटेन के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा।
हम एकमत हैं कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंडों का कोई स्थान नहीं है। हम इस बात पर भी सहमत हैं कि उग्रवादी विचारधारा वाली शक्तियों को लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करने दिया जा सकता। लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरूपयोग कर लोकतंत्र को ही कमजोर करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों की अर्थव्यवस्थाओं को इससे बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा, आज हमारे संबंधों में एक एतिहासिक दिन है। मुझे प्रसन्नता है कि कई वर्षों की मेहनत के बाद आज दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता संपन्न हुआ है। भारतीय टेक्सटाइल्स, फुटवियर, आभूषणों , समुद्री खाद्य उत्पादों और इंजीनियरिंग उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। भारत के ऐग्रिकल्चर उत्पाद और प्रोसेस्ड फूड उद्योग के लिए ब्रिटिश मार्किट में नए अवसर बनेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता देश के युवाओं और लघु , सूक्ष्म और मझोले उद्योंगो के लिए खास तौर पर फायदेमंद रहेगा। उन्होंने कहा, भारत के युवाओं, किसानों, मछुआरों और एमएसएमई सेक्टर के लिए यह समझौता विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा। वहीं दूसरी ओर भारत के लोगों और इंडस्ट्री के लिए ब्रिटेन में बने उत्पाद जैसे मेडिकल डिवाइसेज और एयरोस्पेस कलपुर्जे सुलभ और किफायती दरों पर उपलब्ध हो सकेंगे।
श्री मोदी ने कहा कि दोनों देश व्यापक सामरिक साझेदारी को नयी दिशा देने के लिए विजन 2035 पर भी बात करेंगे। उन्होंने कहा, अगले दशक में हमारी व्यापक सामरिक साझेदारी को नयी गति और ऊर्जा देने के लिए आज हम विजन 2035 पर भी बात करेंगे। यह टेक्नोलॉजी, डिफेंस, क्लाइमेट, एजुकेशन और पीपल-टू-पीपल कनेक्ट के क्षेत्रों में एक मजबूत, भरोसेमंद और महत्वाकांक्षी साझेदारी का रोडमैप होगा।
विभिन्न देशों के बीच चल रहे संघर्ष और टकरावों पर उन्होंने कहा कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा, इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता, यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति पर हम विचार साझा करते रहे हैं। सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान अनिवार्य है। आज के युग की मांग, विस्तारवाद नहीं, विकासवाद है। प्रधानमंत्री ने पिछले महीने अहमदाबाद में हवाई दुर्घटना में मारे गए ब्रिटिश नागरिकों के परिजनों के प्रति संवेदना भी प्रकट की।
श्री मोदी ने क्रिकेट को दोनों देशों के बीच साझेदारी का शानदार उदाहरण बताते हुए कहा कि भारत और ब्रिटेन उच्च स्कोर वाली साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, हम दोनों के लिए क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जुनून है। और साथ ही यह हमारी साझेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण भी है। कभी-कभी स्विंग और चूक हो सकती है, लेकिन हम हमेशा सीधे बल्ले से खेलते हैं! हम एक मजबूत और उच्च स्कोर वाली साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफ़े में स्वास्थ्य कारणों को वज़ह बताया है। लेकिन राज्यसभा में जिस तरह कुछ विपक्षी सांसदों ने उनका अपमान किया, उसके बाद आहत होकर इस्तीफ़ा देने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता।
बड़ा अजीब दौर है, प्रधानमंत्री या सत्ता पक्ष को घेरने की बजाय संवैधानिक संस्थाओं और पदों पर सीधा अटैक किया जा रहा है। चुनाव आयोग, संसद के स्पीकर, राज्यसभा के सभापति, सेना, CJI आदि कोई भी संस्था को नहीं छोड़ा गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक को राष्ट्रपत्नी कह अपमानित किया गया।
इमरजेंसी के दौरान विपक्ष के तमाम नेता जेल गए, सत्ता के दुरुपयोग की पराकाष्ठा थी, अखबारों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, इसके बावजूद विपक्ष ने कभी संवैधानिक संस्थाओं को निशाने पर नहीं लिया। उस वक्त राष्ट्रपति कैसे बने, सबको पता है। इंदिरा गांधी के कार का दरवाज़ा खोलने राष्ट्रपति बढ़े थे, तब इंदिरा गांधी ने डांट दिया था, अब आप राष्ट्रपति पद पर हैं।
देश ने राम मंदिर आंदोलन, 1962 का पराजय, घेराव, संतों पर गोलीबारी सब देखा, लेकिन किसी ने स्पीकर पर सवाल नहीं उठाया। लेकिन आज वो दौर भी है, जब देश का नेता प्रतिपक्ष उप राष्ट्रपति के चाल की नक़ल करता दिखा। राष्ट्र जगदीप धनखड़ को न्यायपालिका की कमियों और उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ़ खुलकर बोलने वाले उप राष्ट्रपति के रूप में याद करेगा।
टीम एबीएन, रांची। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आज 17 जुलाई को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 का परिणाम घोषित किया गया। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करनेवाले शहरों को सम्मानित भी किया गया। इसमें 3-10 लाख तक की आबादी वाले स्वच्छ शहरों में झारखंड के जमशेदपुर जिले को तीसरा स्थान मिला।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पदाधिकारियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। वहीं बुंडू को झारखंड के प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर के रूप में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सम्मानित किया। इस खास मौके पर राज्य सरकार की ओर से नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक सूरज कुमार और जमशेदपुर अधीसूचित क्षेत्र समिति के विशेष पदाधिकारी कृष्ण कुमार और बुंडू नगर पंचायत के पदाधिकारियों ने सम्मान प्राप्त किया।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के कुछ अन्य श्रेणियों में भी झारखंड के विभिन्न शहरों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। स्वच्छता के क्षेत्र में जमशेदपुर को पांच सितारा शहरों की सूची में शामिल किया गया है। वहीं देवघर, जुगसलाई और चाकुलिया को वन स्टार रैंकिंग प्राप्त हुआ है। वाटर प्लस शहरों की सूची में भी जमशेदपुर को जगह मिली है। बुंडू, चिरकुंडा, राजमहल, साहिबगंज और देवघर को ओडीएफ ++ (खुले में शौच मुक्त प्लस प्लस) श्रेणी में रखा गया है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में विभाग और निकायों द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 से पहले सभी निकायों में बैठक, कार्यशाला और कैंपेन आयोजित किये गये। समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्रम भी चलाये गये। डोर टू डोरकचरा उठाव सुनिश्चित कराया गया। कैरी बैग को बैन किया गया। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल में कमी लायी गयी। स्वच्छता ऐप के माध्यम से सफाई से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निदान किया गया।
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