एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में कोरोना अपनी पीक पर है। बता दें कि पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 3,17,532 नए कोरोना मरीज मिले हैं, इसके साथ ही ओमिक्रॉन के मरीजों की संख्या बढ़कर 9,287 हो गई है। कल के मुकाबले नए मामले 12 प्रतिशत अधिक हैं। वहीं संक्रमण दर भी 15.13 प्रतिशत से ऊपर उठकर 16.41 प्रतिशत हो गया है। इस बीच पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना से 491 लोगों की मौत भी हुई है। वहीं देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 87 हजार 693 हो गई है। एक्टिव मामले 19 लाख से ऊपर पहुंच गए हैं। देश में अबतक कोरोना की 159.67 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि 19 जनवरी तक देश में 70,93,56,830 कोविड सैंपल की जांच की गई है। इनमें से 19,35,180 सैंपल की जांच देश में कल की गई थी।
नयी दिल्ली। दिलीप संघानी को भारतीय किसान उर्वरक सहकारी (इफको) संस्था का चेयरमैन चुना गया है। इफको ने एक बयान में कहा कि चुनाव बुधवार को हुआ था। 11 अक्टूबर, 2021 को इफको के चेयरमैन बलविंदर सिंह नकई का निधन हो गया था, जिसकी वजह से ये चुनाव कराने पड़े हैं। इफको के निर्वाचित निदेशक मंडल ने सर्वसम्मति से दिलीप संघानी को सहकारिता का 17वां अध्यक्ष चुना। वह पहले इफको के वाइस-चेयरमैन के रूप में कार्यरत थे। संघानी को वर्ष 2019 में इफको का वाइस-चेयरमैन चुना गया था। निर्वाचित होने के बाद संघानी ने कहा कि इफको किसानों और सहकारिता के लिए प्रतिबद्ध है और हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकार से समृद्धि के दृष्टिकोण की तर्ज पर किसानों के लिए काम करना जारी रखेंगे। इफको के प्रबंध निदेशक यू एस अवस्थी ने कहा, ह्यह्यकिसानों की आय दोगुनी करने के सपने को पूरा करने के लिए हम प्रधानमंत्री के आत्मानिर्भर कृषि और आत्मानिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप प्रदर्शन करना जारी रखे हैं। दिलीप भाई संघानी गुजरात राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (गुजकोमासोल) के अध्यक्ष भी हैं। वह इस पद पर 2017 से हैं। वह गुजरात सरकार के मंत्रिमंडल में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य पालन, गाय-प्रजनन, जेल, उत्पाद शुल्क कानून और न्याय, विधायी और संसदीय मामलों के पूर्व मंत्री रहे हैं। वर्ष 2021 में, संघानी को भारत में सहकारी समितियों के शीर्ष निकाय, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) के अध्यक्ष के पद के लिए चुना गया था। इफको देश की प्रमुख उर्वरक कंपनियों में से एक है। इसने नैनो यूरिया को लिक्विड (तरल) रूप में भी देश में पेश किया है।
एबीएन डेस्क। देश के किसानों को आठ माह तक आलू भंडारण में अब दिक्कत नहीं आएगी। केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) के वैज्ञानिकों ने खाद्य तेलों से छिड़काव की नई कारगर विधि ईजाद कर ली है। अब आलू में आठ माह तक अंकुर नहीं आएंगे और न ही आलू का स्वाद बिगड़ेगा। संस्थान ने इस विधि का पेटेंट कराने को आवेदन भी कर लिया है। वैज्ञानिक स्प्रे को लेकर कई अन्य पहलुओं का अध्ययन करे रहे हैं। इसके बाद यह नई विधि आलू उत्पादकों के लिए उपलब्ध कर दी जाएगी। अभी तक आलू भंडारण के लिए उपयोग में लाए जा रहे पुराने स्प्रे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माने गए हैं। विश्व के कई देशों ने पुरानी विधि से आलू भंडारण के लिए छिड़काव पर प्रतिबंध लगाया है। इस कारण से सीपीआरआई के वैज्ञानिकों ने आलू को अधिक समय तक भंडारण के लिए स्वास्थ्य के दृष्टिगत नई विधि से स्प्रे तैयार किए हैं। संस्थान के वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक 40 दिन तक आलू को सही तरीके से भंडारित किया जा सकता था। नई विधि से सिर्फ एक बार ही स्प्रे करके भोज्य (खाने योग्य) और बीज आलू को आठ माह तक कोल्ड स्टोर में सुरक्षित रखा जा सकेगा। सीपीआरआई के स्प्रे की विधि में भले ही खर्चा ज्यादा है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधित खतरे नहीं हैं। पुरानी स्प्रे की विधि में खर्चा तो कम है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधित जोखिम ज्यादा है। नई विधि से स्प्रे का खर्चा डेढ़ रुपये प्रति किलो आता है, जबकि पुरानी विधि में 20 पैसे प्रति किलो खर्चा आता है। नया स्प्रे एक बार और पुराना स्प्रे दो बार करना पड़ता है। संस्थान के वैज्ञानिक डॉ अरविंद जायसवाल कहते हैं कि वैज्ञानिकों ने खाद्य तेलों से स्प्रे तैयार किया है और यह आलू को आठ माह तक भंडारण करने में मदद करेगा। अभी तक जो स्प्रे आलू भंडारण के लिए किया जाता है, उसे विदेशों में प्रतिबंध किया है। इस स्प्रे से आलू का स्वाद भी नहीं बदलेगा और न ही लंबे समय तक अंकुर आएंगे।
एबीएन डेस्क। यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव को बड़ा झटका देते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गईं। भाजपा के दिल्ली स्थित मुख्यालय में यूपी के डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और यूपी बीजेपी चीफ स्वतंत्र देव सिंह ने अपर्णा को पार्टी की सदस्यता दिलाई। अपर्णा मंगलवार देर शाम ही लखनऊ से दिल्ली आ गई थीं। समझा जाता है कि भाजपा, अपर्णा को लखनऊ कैंट सीट से पार्टी का उम्मीदवार बना सकती है। वह इस सीट पर सपा उम्मीदवार के रूप में पिछला चुनाव लड़ चुकी हैं। उन्हें भाजपा उम्मीदवार के रूप में रीता बहुगुणा जोशी ने हराया था। त्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव से पहले राज्य के दोनों प्रतद्विंद्वी दलों सपा और भाजपा के बीच नेताओं के दलबदल के इस दौर में अपर्णा के भाजपा में शामिल होने को चुनावी राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हाल ही में भाजपा की योगी सरकार के तमाम मंत्रियों और विधायकों के सपा में शामिल होने से हुए सियासी नुकसान की भरपाई के लिए भाजपा ने सपा प्रमुख के घर में सेंधमारी करने की कोशिश के तहत अपर्णा को पार्टी में शामिल करने की पहल की है। अपर्णा, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र प्रतीक की पत्नी हैं।
एबीएन डेस्क। देश में लगातार चार दिनों की राहत के बाद आज अचानक कोरोना के मामलों में भारी उछाल देखा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बुधवार के आंकड़े के अनुसार देश में बीते 24 घंटे में दो लाख 82 हजार 970 ( 2,82,970 ) नए मामले सामने आए हैं जो कि मंगलवार की तुलना में 45 हजार अधिक है। वहीं बीते 24 घंटे में 441 लोगों की कोरोना से मौत हुई हैं। सबसे अधिक चिंता करने वाली बात यह है कि देश में अब भी 18 लाख से अधिक लोग (18,31,000) संक्रमित हैं। हालांकि इस दौरान एक लाख 88 हजार 157 लोग (1, 88,157) लोग स्वस्थ भी हुए। देश में दैनिक पॉजिटिविटी रेट बढ़कर अब 15.13 फीसदी हो गई है। देश में लोगों के स्वस्थ होने की दर 95 फीसदी से अधिक है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण के तहत अब तक 159 करोड़ टीके दिए जा चुके हैं। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। देश में अब तक ओमिक्रॉन के कुल 8,961 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले 24 घंटे में ओमिक्रॉन केस में लगभग एक फीसदी फीसदी की वृद्धि हुई है।कोरोना के सबसे अधिक मामले दर्ज करने वाले टॉप पांच राज्यों में कर्नाटक सबसे ऊपर है। यहां बीते 24 घंटे में 41,457 मामले दर्ज किए गए। जबकि इसके बाद महाराष्ट्र में 39,207 मामले, केरल में 28,481 मामले, तमिलनाडु में 23,888 मामले और गुजरात में 17,119 मामले सामने आए हैं। दैनिक पॉजिटिविटी दर बढ़कर 15.13 फीसदी हो गई जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 15.53 फीसदी हो गई है। अब तक कुल 70.74 करोड़ कोविड टेस्ट हुए जिसमें पिछले 24 घंटे में हुए 18,69,642 टेस्ट भी शामिल हैं। वैक्सीनेशन की बात करें, तो अब तक कुल 158.88 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। 50 फीसदी किशोर-किशोरियों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगने पर पीएम मोदी ने बधाई दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि राह दिखा रहा युवा और युवा भारत! यह उत्साहवर्धक खबर है। आइए गति बनाए रखें। सभी COVID- 19 संबंधित प्रोटोकॉल का टीकाकरण और पालन करना महत्वपूर्ण है। हम सब मिलकर इस महामारी से लड़ेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुंबई स्थित नौसेना डॉकयार्ड पर मंगलवार को हादसा हो गया। जिसमें तीन नौसेना के जवान शहीद हो गये। यह हादसा INS Ranvir के आंतरिक कंपार्टमेंट में विस्फोट के कारण हुआ। जानकारी के अनुसार विस्फोट होते ही जहाज के कर्मचारियों ने स्थिति को काबू में लाने की कोशिश शुरू कर दी। जिससे बड़ा हादसा टल गया। अधिकारियों ने बताया कि आज नौसेना डॉकयार्ड पर दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया।आईएनएस के एक इंटर्नल कंपार्टमेंट में विस्फोट होने से 3 जवानों की मौत हो गई। नौसेना अधिकारियों ने बताया कि आईएनएस रणवीर पूर्वी नौसेना कमांड से क्रॉस कोस्ट ऑपरेशनल तैनाती पर था और यह जल्द ही बेस पोर्ट पर पहुंचने वाला था। नौसेना ने विस्फोट के कारणों की जांच के लिए एक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश जारी कर दिया है। इस हादसे में 11 कर्मियों के घायल होने की भी खबर है, जिनका स्थानीय नेवी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं शहीद हुए नौसेना कर्मियों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि राज्यों की झांकियों का चयन एक स्थापित प्रक्रिया के तहत पारदर्शी तरीके से होता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की झांकियों को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल नहीं किये जाने पर हुए विवाद पर यह कहा। राजनाथ ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को खत लिखकर बताया कि अंतिम समय में उनकी झांकियों को शामिल किए जाने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इसकी एक निर्धारित प्रक्रिया है।रक्षा मंत्री ने कहा कि परेड में भाग लेने वाली झांकियों की चयन प्रक्रिया बहुत पारदर्शी है। कला, संस्कृति संगीत और नृत्य विधाओं के प्रख्यात विद्वानों की समिति राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ओर से भेजे गए प्रस्तावों के कई दौर के मूल्यांकन के बाद निर्णय लिया जाता है। उन्होंने ममता बनर्जी से कहा कि सीपीडब्ल्यूडी ने अपनी झांकी में नेताजी सुभाषचंद्र बोस को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी है। चूंकि सीपीडब्ल्यूडी की झांकी पहले से ही नेताजी को समर्पित रही है, इसलिए पश्चिम बंगाल की झांकी को इसमें शामिल नहीं किया गया। राजनाथ सिंह ने चिट्ठी में लिखा है, हमारी सरकार ने ही 1943 में नेताजी के नेतृत्व में बनी भारत की निर्वासित सरकार की 75वीं वर्षगांठ 2018 में भव्य रूप से मनाई थी और गणतंत्र दिवस परेड में आजाद हिंद फौज के जीवित सेनानियों को शामिल कर सम्मानित किया था। उधर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने राज्य की झांकी को शामिल न किए जाने फैसले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यह आहत करने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य की खारिज की गई झांकी को चेन्नई में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में शामिल किया जाएगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र ने गणतंत्र दिवस से पहले सरकारी संगठनों, एजेंसियों और लोगों में राष्ट्रीय ध्वज को फहराने संबंधी नियमों एवं परंपराओं के बारे में "जागरुकता के स्पष्ट अभाव" को रेखांकित किया है और राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि तिरंगे का अपमान नहीं हो। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे एक संवाद में कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए कि लोग सांस्कृतिक एवं खेल कार्यक्रमों में भाग लेते समय केवल कागज के झंडों का इस्तेमाल करें और इन झंडों को जमीन पर फेंकने के बजाय गरिमा के अनुरूप निजी तौर पर इनका निस्तारण किया जाए। भारत की ध्वज संहिता के अनुसार, आमजन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सामाजिक एवं खेल समारोहों में कागज का बना राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश के लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को दर्शाता है और इसलिए इसका एक सम्मानजनक स्थान होता है तथा ध्वज के प्रति सार्वभौमिक प्रेम एवं सम्मान तथा वफादारी होती है। उसने कहा, इसके बावजूद राष्ट्रीय ध्वज को फहराने पर लागू होने वाले कानूनों एवं परंपराओं के संबंध में लोगों के साथ-साथ सरकार के संगठनों या एजेंसियों में अक्सर जागरुकता की स्पष्ट कमी देखी जाती है। गृह मंत्रालय ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि वे इस संबंध में जागरुकता अभियान चलाएं और इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों के जरिए इसका व्यापक प्रचार करें। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 और राष्ट्रीय ध्वज को फहराने संबंधी नियमों से जुड़ी एवं 2021 में संशोधित "भारतीय ध्वज संहिता, 2002" की प्रति मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse