एबीएन सेंट्रल डेस्क। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद देश को संबोधित कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व का अनुभव होता है कि हमने कोरोना वायरस के खिलाफ असाधारण दृढ़संकल्प और कार्य-क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि अनगिनत परिवार, भयानक विपदा के दौर से गुजरे हैं। हमारी सामूहिक पीड़ा को व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। लेकिन एकमात्र सांत्वना इस बात की है कि बहुत से लोगों की जान बचाई जा सकी है। राष्ट्रपति ने कहा कि कोविड महामारी का प्रभाव अभी भी व्यापक स्तर पर बना हुआ है, अतः हमें सतर्क रहना चाहिए और अपने बचाव में तनिक भी ढील नहीं देनी चाहिए। हमने अब तक जो सावधानियां बरती हैं, उन्हें जारी रखना है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा बताई गई सावधानियों का पालन करना आज हर देशवासी का राष्ट्रधर्म बन गया है। यह राष्ट्रधर्म हमें तब तक निभाना ही है, जब तक यह संकट दूर नहीं हो जाता। रामनाथ कोविंद ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में लंबे समय तक काम करके, यहां तक कि मरीजों की देखभाल के लिए अपनी जान जोखिम में डाल कर भी डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स ने मानवता की सेवा की है। रामनाथ कोविंद ने कहा कि लोगों को रोजगार देने तथा अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने में छोटे और मझोले उद्यमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारे इनोवेटिव युवा उद्यमियों ने स्टार्ट अप ईको सिस्टम का प्रभावी उपयोग करते हुए सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। जन-संसाधन से लाभ उठाने यानि डेमोग्राफिक डिविडेंड प्राप्त करने के लिए, हमारे पारंपरिक जीवन-मूल्यों एवं आधुनिक कौशल के आदर्श संगम से युक्त राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिये सरकार ने समुचित वातावरण उपलब्ध कराया है। राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि विश्व में सबसे ऊपर की 50 इनोवेटिव इकॉनोमीज़ में भारत अपना स्थान बना चुका है। यह उपलब्धि और भी संतोषजनक है कि हम व्यापक समावेश पर जोर देने के साथ-साथ योग्यता को बढ़ावा देने में सक्षम हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्ष ओलंपिक खेलों में हमारे खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। उन युवा विजेताओं का आत्मविश्वास आज लाखों देशवासियों को प्रेरित कर रहा है। हाल के महीनों में, हमारे देशवासियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिबद्धता और कर्मठता से राष्ट्र और समाज को मजबूती प्रदान करनेवाले अनेक उल्लेखनीय उदाहरण मुझे देखने को मिले हैं। उनमें से मैं केवल दो उदाहरणों का उल्लेख करूंगा।रक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय नौसेना और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड की समर्पित टीमों ने स्वदेशी व अत्याधुनिक विमानवाहक पोत आईएसी-विक्रांत का निर्माण किया है जिसे नौसेना में शामिल किया जाना है। ऐसी आधुनिक सैन्य क्षमताओं के बल पर, अब भारत की गणना विश्व के प्रमुख नौसेना-शक्ति-सम्पन्न देशों में की जाती है। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे उदाहरण से मेरा यह विश्वास दृढ़ होता है कि एक नया भारत उभर रहा है - सशक्त भारत और संवेदनशील भारत। मुझे विश्वास है कि इस उदाहरण से प्रेरणा लेकर अन्य सक्षम देशवासी भी अपने-अपने गांव एवं नगर के विकास के लिए योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा के भिवानी जिले के सुई गांव में उस गांव से निकले कुछ प्रबुद्ध नागरिकों ने संवेदनशीलता और कर्मठता का परिचय देते हुए स्व-प्रेरित आदर्श ग्राम योजना के तहत अपने गांव का कायाकल्प कर दिया है। अपने गांव यानि अपनी मातृभूमि के प्रति लगाव और कृतज्ञता का यह एक अनुकरणीय उदाहरण है। भारत के जो लोग अपने परिश्रम और प्रतिभा से जीवन की दौड़ में आगे निकल सके हैं उनसे मेरा अनुरोध है कि अपनी जड़ों को, अपने गांव-कस्बे-शहर को और अपनी माटी को हमेशा याद रखिए।राष्ट्रपति ने कहा कि आज, हमारे सैनिक और सुरक्षाकर्मी देशाभिमान की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे सशस्त्र बल तथा पुलिसकर्मी देश की सीमाओं की रक्षा करने तथा आंतरिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात-दिन चौकसी रखते हैं ताकि अन्य सभी देशवासी चैन की नींद सो सकें। रामनाथ कोविंद ने जब कभी किसी वीर सैनिक का निधन होता है तो सारा देश शोक-संतप्त हो जाता है। पिछले महीने एक दुर्घटना में देश के सबसे बहादुर कमांडरों में से एक - जनरल बिपिन रावत - उनकी धर्मपत्नी तथा अनेक वीर योद्धाओं को हमने खो दिया। इस हादसे से सभी देशवासियों को गहरा दुख पहुंचा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों-शोरों पर हैं। जहां कई नेता एक पार्टी को छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। वहीं ग्लैमर की दुनिया से भी कई स्टार्स राजनीति में हाथ आजमा रहे हैं। भोजपुरी सिनेमा में अपने अभिनय और खूबसूरती से सभी को दीवाना बनाने वाली एक्ट्रेस रानी चटर्जी भी कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। रानी ने सोशल मीडिया पर खुद इसकी जानकारी दी। रानी चटर्जी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की है जिसमें वह प्रियंका गांधी के साथ खड़ी नजर आ रही है। फोटो के साथ रानी ने कैप्शन लिखा, एक और लड़की लड़ने के लिए तैयार है, प्रियंका जी के अभियान लड़की हूं लड़ सकती है के साथ जुड़ कर मैं एक नया अध्याय शुरू कर रही हूं। आज प्रियंका गांधी जी से दिल्ली में मुलाकात हुई साथ में मुंबई कांग्रेस के युवा नेता मेरे मित्र सूरज सिंह ठाकुर। रानी चटर्जी के इस खबर को शेयर करने के साथ ही उन्हें बधाइयां मिलनी शुरू हो गई हैं। एक फैन ने लिखा कि वैरी गुड। वहीं एक अन्य शख्स ने लिखा- स्वागत है कांग्रेस में। बता दें कि प्रियंका ने यूपी में लड़की हूं लड़ सकती हूं अभियान शुरू किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज 73वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति भवन ने एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। यह संबोधन शाम सात बजे से आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय नेटवर्क और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर हिंदी में प्रसारित किया जाएगा। इसके बाद इसका अंग्रेजी में प्रसारण होगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि हिंदी और अंग्रेजी में संबोधन के प्रसारण के बाद दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों द्वारा इसका प्रसारण क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाएगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि आकाशवाणी अपने संबंधित क्षेत्रीय नेटवर्क पर रात 9.30 बजे से क्षेत्रीय भाषा में इसका प्रसारण करेगा। मंत्रालय ने कहा कि समावेशी कवरेज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीडी न्यूज आखों देखा हाल (कमेंट्री) को सांकेतिक भाषा में भी प्रसारित करेगा। मंत्रालय ने कहा, अब जबकि भारत अपनी आजादी के 75वें वर्ष के उत्सव के रूप में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, दूरदर्शन द्वारा इस साल के गणतंत्र दिवस का प्रसारण न केवल बड़े पैमाने पर होगा, बल्कि अनूठी विशेषताओं से लैस भी होगा। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह की कवरेज के लिए 160 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के कारण इस बार बजट सत्र के लिए फिर से राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही अलग अलग समय में होगी। लोकसभा के आज यहां जारी बुलेटिन के अनुसार, बजट सत्र के लिए लोकसभा की कार्यवाही शाम चार बजे से रात नौ बजे तक चलेगी। राज्यसभा की कार्यवाही सुबह नौ बजे से शुरू होगी। यही नहीं कोविड-19 दिशा निर्देश दो फरवरी से लागू होगा। राष्ट्रपति का अभिभाषण 31 जनवरी को होगा जबकि पहली फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। कुछ दिन पहले राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दोनों सदनों के महासचिवों को कोरोना महामारी के बीच आगामी बजट सत्र के सुरक्षित संचालन के लिए प्रभावी उपाय सुझाने का निर्देश जारी किए थे। लाला लाजपत राय की जयंती पर 28 जनवरी को संसद के केन्द्रीय कक्ष मंए विशेष कार्यक्रम होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP 2022) के विजेताओं को डिजिटल सर्टिफिकेट देंगे। पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए PMRBP विजेताओं के साथ संवाद भी करेंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत में रहने वाले बच्चों को मान्यता के रूप में दिया जाता है। इन पुरस्कारों के तहत नवाचार, खेल, कला और संस्कृति, सामाजिक सेवा, स्कूली क्षेत्र और बहादुरी के क्षेत्र में असाधारण क्षमताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों वाले बच्चों को सम्मानित किया जाता है। इस साल पुरस्कार के लिए 29 बच्चों को चुना गया है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक मेडल, एक लाख रुपए कैश और सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में राष्ट्रपति द्वारा दिए जाते हैं। पिछले साल के बाल पुरस्कार के विजेता, जिन्हें covid-19 के कारण समारोह को ऑनलाइन मोड में आयोजित करने के बाद सर्टिफिकेट नहीं मिल सका, उन्हें भी इस बार डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त होगा। बता दें पिछले साल 32 बच्चों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया था। प्रधानमंत्री हर साल इन पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत करते हैं। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और राज्य मंत्री डॉ मुंजपारा महेंद्रभाई भी मौजूद रहेंगे। बच्चे अपने माता-पिता और अपने संबंधित जिले के डीएम के साथ जिला मुख्यालय से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। PMRBP विजेता गणतंत्र दिवस परेड में भी हिस्सा लेते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। एक पखवाड़े से समय-समय पर हो रही बर्फबारी के कारण केदारनाथ में 14 फीट से अधिक बर्फ जम गई है। वहीं बदरीनाथ धाम में लगभग पांच और हेमकुंड साहिब में छह फीट तक बर्फ जम गई है। केदारनाथ क्षेत्र मंर संचार सेवा ठप होने से संपर्क नहीं हो पा रहा है। केदारनाथ में इन दिनों कुछ साधु रह रहे हैं। उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्र भी बर्फ से लकदक हैं। निचले इलाकों में दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही। रविवार को केदारनाथ में सुबह से देर शाम तक रुक-रुककर बर्फबारी होती रही। इस दौरान लगभग एक फीट तक नई बर्फ जम गई थी। पिछले एक पखवाड़े के दौरान हुई बर्फबारी के चलते केदारनाथ में करीब 14 फीट बर्फ जमा हो गई है। उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ में भी चार से पांच फीट तक बर्फ जमा हो गई है। वहीं, हरियाली कांठा, द्यूली खरक, कालशिला, चिरबटिया व गौरीकुंड के ऊपरी क्षेत्रों में भी काफी बर्फ गिर चुकी है। बर्फबारी के कारण रुद्रप्रयाग जनपद के गौंडार, तोषी, त्रियुगीनारायण, चिलौंड, चौमासी सहित 30 से अधिक गांवों में लोगों के खेतीबाड़ी, पशुपालन सहित अन्य कार्य प्रभावित हो चुके हैं। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, ऊखीमठ, मयाली, जखोली, बसुकेदार में दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही। यहां बाजारों में लोगों की चहलकदमी कम रही। लगातार तीसरे दिन भी चमोली जिले में मौसम खराब रहा और बर्फबारी हुई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों के गांवों में हुई बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में काफी बर्फ जम गई है। जबकि बर्फबारी से जोशीमठ-औली, बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे और गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ हाईवे जगह-जगह बंद हो गए हैं। रविवार को भी दिनभर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुककर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। देर शाम तक भी बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहा। मौसम खराब होने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड बढ़ने से बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। इधर, औली में जमकर बर्फबारी होने से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। जोशीमठ-औली मार्ग बंद होने से पर्यटक रोपवे से औली पहुंच रहे हैं। औली सड़क को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से नमक का छिड़काव किया जा रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती वाले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया। बता दें कि इस वर्ष से, भारत का गणतंत्र दिवस समारोह 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी से मनाया जा रहा है। पीएम मोदी ने रविवार शाम करीब साढ़े 6 बजे प्रतिमा के डिजिटल वर्जन का अनावरण किया। प्रतिमा के अनावरण के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, भारत मां के वीर सपूत, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जन्मजयंती पर पूरे देश की तरफ से कोटि-कोटि नमन। उन्होंने कहा, जिन्होंने भारत की धरती पर पहली आज़ाद सरकार को स्थापित किया था, हमारे उन नेताजी की भव्य प्रतिमा आज डिजिटल स्वरूप में इंडिया गेट के समीप स्थापित हो रही है। जल्द ही इस होलोग्राम प्रतिमा के स्थान पर ग्रेनाइट की विशाल प्रतिमा भी लगेगी। ग्रेनाइट की प्रतिमा का आयाम 28 फीट लंबा और छह फीट चौड़ा होगा। प्रतिमा को उसी स्थान पर रखा जाएगा जहां 1968 तक जॉर्ज पंचम की प्रतिमा थी। पीएम ने कहा, हमारे देश में वर्षों तक आपदा का विषय एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के पास रहा था। इसका मूल कारण ये था कि बाढ़, अतिवृष्टि, ओले गिरना, इनसे बनी स्थितियों से निपटने का जिम्मा कृषि मंत्रालय के पास था। देश में आपदा प्रबंधन ऐसे ही चल रहा था। लेकिन 2001 में गुजरात में भूकंप आने के बाद जो कुछ हुआ, उसने आपदा प्रबंधन के मायने बदल दिए। हमने तमाम विभागों और मंत्रालयों को राहत और बचाव के काम में झोंक दिया। उस समय के जो अनुभव थे, उनसे सीखते हुए ही 2003 में Gujarat State Disaster Management Act बनाया गया। इससे पहले पीएम मोदी ने शुक्रवार को ऐलान किया था कि वह देश के महान सपूत सुभाषचंद्र बोस के प्रति आभार के प्रतीक के रूप में इंडिया गेट पर उनकी ग्रेनाइट की एक प्रतिमा का अनावरण करेंगे। उन्होंने कहा था कि जब तक नेताजी की ग्रेनाइट की प्रतिमा बनकर तैयार नहीं हो जाती, तब तक उस जगह पर उनकी एक होलोग्राम प्रतिमा लगाई जाएगी। सरकार ने आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी बोस की जयंती को "पराक्रम दिवस" के रूप में मनाने की घोषणा की है।
एबीएन डेस्क। झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम में हुए बदलाव की वजह से पूरा राज्य कोहरे की चादर में लिपटा है। इससे विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है, जिससे ट्रेनों की स्पीड पर ब्रेक लग गई है। स्थिति यह है कि कई ट्रेनें घंटों की देरी से रांची स्टेशन पहुंच रही है। झारखंड के कई जिलों में रविवार को हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश भी हुई है। हालांकि पिछले दो-तीन दिनों से मौसम बदला है, जिससे सुबह में घना कोहरा छाया रहता था। इस घने कोहरे की वजह से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला जिले को छोड़कर अन्य सभी जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट भी जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 26 जनवरी से मौसम साफ होने की संभावना है। झारखंड के रांची, बोकारो, धनबाद और जसीडीह जैसे बड़े स्टेशनों से होकर चलने वाली सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस घंटों लेट चल रही है। वहीं, दक्षिण भारत जाने वाली कई ट्रेनें लेटलतीफी का शिकार है। इसके साथ ही रांची से पटना, रांची से हावड़ा और रांची से अन्य जगहों से आने-जाने वाली ट्रेनों घंटों विलंब से चल रही है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse