एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल में कोरोना थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोज हजारों की संख्या में संक्रमित मिल रहे हैं। वहीं बंगाल के एक शख्स ने अपना शरीर मानवता के लिए दान कर दिया। अब उसके शरीर पर कोरोना का शोध होगा। देश में ऐसा मामला पहली बार सामने आया है। देश में लगातार कोरोना वायरस पर शोध चल रहे हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक शरीर दान करने वाले शख्स का नाम निर्मल दास था। उसकी उम्र 89 साल की थी और वह न्यू टाउन इलाके का रहने वाला था। निर्मल दास एक कैंसर रोगी था जो अपनी मृत्यु से पहले कोरोना पॉजिटिव हो गया था। शुक्रवार को उसने चिकित्सा अनुसंधान के लिए अपना शरीर दान कर दिया। शनिवार को मेडिकल कॉलेज को दे दिया जाएगा शरीर : एक अधिकारी ने बताया कि कहा कि निर्मलबाबू का पार्थिव शरीर शनिवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभाग को दान कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 3805 नए मामले सामने आए हैं। ताजा मामलों के साथ राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 19,86,667 हो गई है।
एबीएन डेस्क। ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि स्थानीय लोगों की आजीविका और राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति में मामूली सुधार को ध्यान में रखते हुए एक फरवरी से भक्तों के लिए यहां श्री जगन्नाथ मंदिर को फिर से खोला जाएगा। पुरी के जिला कलेक्टर समर्थ वर्मा ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) और छतीसा निजोग (मंदिर सेवा निकाय) के सदस्यों की एक बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि बारहवीं शताब्दी का मंदिर रविवार को सैनिटाइजेश के लिए बंद रहेगा। उन्होंने कहा, स्थानीय अर्थव्यवस्था ज्यादातर मंदिर पर निर्भर है। इसके अलावा लोगों की भावनाओं और कोविड-19 के मामलों में मामूली गिरावट को ध्यान में रखते हुए एक फरवरी से जनता के लिए मंदिर को फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड में राष्ट्रीय कैडेट कोर की रैली में कहा कि बीते दो सालों में सीमावर्ती इलाकों में ठउउ में एक लाख से अधिक नए कैडेट जोड़े गए। उन्होंने कहा कि सैन्य बलों में महिलाओं को अधिक जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि ठउउ में भी अधिक महिलाओं को शामिल करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति देश की स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 के भव्य भारत (ग्रैंड इंडिया) का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि ठउउ को मजबूत बनाने के लिए उच्च स्तरीय निकाय का गठन, सीमावर्ती क्षेत्रों के एक लाख कैडेट एनसीसी में शामिल हुए। साथ ही प्रधानमंत्री ने एनसीसी कैडेटों से झूठी खबरों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले वीर सपूतों को आदर पूर्वक नमन करता हूं। आज जब देश नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। तब एनसीसी को मजबूत करने के लिए भी प्रयास जारी हैं। इसके लिए हाईलेवल कमेटी भी बनाई गई है। पीएम ने कहा कि आज इस समय जितने भी युवक-युवतियां एनसीसी व एनएसएस में हैं, उसमें से ज्यादातर इस शताब्दी में ही पैदा हुए हैं। आपको ही भारत को 2047 तक लेकर जाना है। इसलिए आपकी कोशिशें, आपके संकल्प, उन संकल्पों की सिद्धि, भारत की सिद्धि होगी, भारत की सफलता होगी। पीएम ने इस दौरान देश के प्रसिद्ध कवि माखनलाल चतुर्वेदी की कविता पढ़ी। कहा कि- भूखंड बिछा, आकाश ओढ़, नयनोदक ले, मोदक प्रहार, ब्रह्मांड हथेली पर उछाल, अपने जीवन-धन को निहार। ये पंक्तियां सामर्थ्य की पराकाष्ठा का वर्णन करती हैं। आज मां भारती युवाओं से आह्वान कर रही है - भूखंड बिछा, आकाश ओढ़, नयनोदक ले, मोदक प्रहार, ब्रह्मांड हथेली पर उछाल। पीएम मोदी ने कहा कि आज खेल के मैदान में खिलाड़ी की सफलता का बहुत महत्व है। उसकी हार जीत के साथ 130 करोड़ देशवासी जुड़ जाते हैं। भारत का युवा अगर किसी से टक्कर ले रहा है तो पूरा देश उसके पीछे खड़ा हो जाता है। भारतीय खिलाड़ी अब पुरस्कार के लिए नहीं देश के लिए खेलता है। इससे पहले एनसीसी कैडेट्स ने पीएम मोदी को गार्ड आॅफ आॅनर दिया। उन्होंने मार्च पास्ट का निरीक्षण भी किया।
एबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजधानी दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की रैली को संबोधित करेंगे। PMO ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 जनवरी को दोपहर 12 बजे दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड में NCC की पीएम रैली को संबोधित करेंगे। देश के 17 प्रदेश महानिदेशालयों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 380 लड़कियों एवं 500 सहायक स्टॉफ सदस्यों समेत लगभग 1000 कैडेट्स करियप्पा ग्राउंड स्थित NCC कैम्प में भाग ले रहे हैं। इसका समापन शुक्रवार को रैली के साथ होगा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण और मार्च पास्ट की समीक्षा करेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बॉलीवुड की जानी-मानी सिंगर लता मंगेशकर पिछले कुछ समय से अस्पताल में भर्ती हैं। कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद से उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें तुरंत मुंबई के ब्रीच कैंड अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। आए दिन लता मंगेशकर के परिवार की ओर से उनकी हेल्थ से जुड़ी जानकारी सामने आ रही है क्योंकि कई लोग उनके निधन की अफवाह सुनकर परेशान हैं। लता मंगेशकर का परिवार उनकी हालत से जुड़ी लेटेस्ट अपडेट लगातार दे रहा है ताकि उनके फैंस राहत की सांस ले सकें। ताजा जानकारी की मानें तो 92 साल की लता मंगेशकर की हालत में अब और भी सुधार आने लगा है और उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। लता की देखरेख में स्पेशल टीम : लता मंगेशकर की देखभाल के लिए अस्पताल में डॉक्टर्स की एक स्पेशल टीम बनाई गई है जो समय-समय पर उनका चेकअप कर रही है। लता मंगेशकर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर परिवार ने उनकी हेल्थ अपडेट दी है। लेटेस्ट पोस्ट में लिखा गया है, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के आईसीयू में लता दीदी का ट्रीटमेंट चल रहा है। आज की सुबह ही उन्हें वेंटिलेटर से हटाकर ट्रायल करवाया गया था और अब उनकी हालत में सुधार भी आ रहा है। कुछ दिन के लिए वो डॉक्टर प्रतीत समदानी की निगरानी में रहने वाली हैं। आप लोगों की प्रार्थना के लिए तहेदिल से शुक्रिया...
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केरल में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कहा कि राज्य में ओमिक्रॉन संक्रमण की लहर चल रही है, क्योंकि कोरोना के इस उच्च संक्रमण वाले मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि केरल में तीसरी लहर ओमिक्रॉन की लहर है। मंत्री ने कहा कि राज्य में निगरानी के लिए कोविड-19 के जितने संक्रमित रोगियों के नमूनों की जांच की गयी है, उनमें से 94 प्रतिशत रोगी ओमिक्रॉन स्वरूप के संक्रमण वाले पाये गए हैं, जबकि छह प्रतिशत रोगियों में डेल्टा स्ट्रेन पाया गया है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को राज्य में कोरोनावायरस के 51,739 मामले दर्ज किये गए हैं और अन्य स्थानों से केरल पहुंचने वाले कोरोना संक्रमित रोगियों के नमूनों के अनुक्रमण से पता चलता है कि उनमें से 80 प्रतिशत ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित थे, जबकि 20 प्रतिशत डेल्टा स्वरूप से। केरल में बृहस्पतिवार को दर्ज किये गये 51,739 मामलों के साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 58.26 लाख तक पहुंच गयी है। जॉर्ज ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में विभिन्न विभागों की गतिविधियों में तालमेल के लिए उनके कार्यालय में कोविड निगरानी प्रकोष्ठ शुरू किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने गुरुवार को कहा कि हमारा उद्देश्य एक ही है कि कृषि उन्नत और लाभप्रद हो, उत्पादकता बढ़े व किसानों के जीवन स्तर में बदलाव आएं, जिसके लिए नई ईजाद किस्मों का उपयोग भी राज्यों को योजनाबद्ध तरीके से करना चाहिए। ग्रीष्मकालीन अभियान के लिए राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन तोमर की अध्यक्षता में हुआ। इसमें तोमर ने कहा कि ग्रीष्मकालीन फसलें न केवल अतिरिक्त आय प्रदान करती हैं बल्कि रबी से खरीफ तक किसानों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करती हैं और फसल की तीव्रता में भी वृद्धि होती है। सरकार ने दलहन, तिलहन व पोषक-अनाज जैसी ग्रीष्मकालीन फसलों की खेती के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये नई पहल की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे देश की विविध भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियां है, जिन्हें ध्यान में रखते हुए ग्रीष्म ऋतु की फसलें ज्यादा से ज्यादा ली जाना चाहिए। ये किसानों को कम लागत तथा कम समय में अतिरिक्त आमदनी देने वाली होती है, राज्यों और किसानों के सहयोग से जायद फसलों का रकबा बढ़ रहा है। किसानों के सहयोग व सरकारी प्रयासों से चावल सहित जायद फसलों का रकबा 2017-18 में 29.71 लाख हेक्टेयर से 2.7 गुना बढ़कर 2020-21 में 80.46 लाख हेक्टेयर हो गया है। तोमर ने कहा कि देश में कृषि व किसान कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है और राज्यों के साथ पूरी गंभीरता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि गत सीजन में उवरर्कों के मामले में कुछ जगह एकाएक परिस्थितियां पैदा हुई और कुछ लोगों ने अनावश्यक तूल दिया पर केंद्र और राज्य सरकारें पहले से सजग थी, इसलिए सबने मिलकर सूझबूझ से समस्या पर नियंत्रण पाने में सफलता हासिल की। कृषि मंत्री ने कहा कि देश को जितने फटिर्लाइजर की आवश्यकता थी, वह पूरी मात्रा केंद्र सरकार ने उपलब्ध कराने का भरपूर प्रयत्न किया है, आगामी सीजन के लिए भी राज्य सरकारें आवश्यक कार्यवाही कर एडवांस में पर्याप्त उर्वरक ले लें। किसानों को फटिर्लाइजर की कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। सम्मेलन में उर्वरक सचिव यह बात स्पष्ट कर चुके हैं। तोमर ने फटिर्लाइजर के अन्य विकल्पों का अधिकाधिक उपयोग करने पर जोर देते हुए कहा कि केमिकल फटिर्लाइजर का इस्तेमाल कम होना चाहिए, जिसके लिए एडवांस प्लानिंग की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड की विषम परिस्थितियों के बावजूद किसानों ने अथक परिश्रम किया, जिससे वर्ष 2020-21 में 3086.47 लाख टन खाद्यान्न (चौथे अग्रिम अनुमान अनुसार) का उत्पादन हुआ, जो एक सर्वकालिक रिकॉडर् है। दलहन व तिलहन का उत्पादन क्रमश: 257.19 और 361.01 लाख टन के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। कपास का उत्पादन 353.84 लाख गांठ होने का अनुमान है जिसके कारण भारत का विश्व में पहले स्थान पर पहुंचना तय है। उत्पादन और उत्पादकता के मोर्चे पर, बागवानी क्षेत्र ने पारंपरिक खाद्यान्न फसलों से भी बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने प्राकृतिक खेती पद्धति अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने इस पर फोकस किया है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ योजनाबद्ध ढंग से लक्ष्य तय करते हुए निचले स्तर तक किसानों को ट्रेनिंग देने की भी बात कही। उन्होंने, प्रधानमंत्री की संकल्पना के अनुसार, किसानों के डाटाबेस को पूर्ण करने में राज्यों से विशेष रूचि लेने का आग्रह किया, ताकि इससे किसान लाभान्वित हों।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। एयर इंडिया की कमान पूरी तरह से टाटा समूह को सौंप दी गई। इसके साथ ही एयर इंडिया के विनिवेश की प्रक्रिया पूरी हो गई यानी 69 साल बाद एयर इंडिया की घर वापसी हो गई। इसके साथ ही एयर इंडिया के विनिवेश की प्रक्रिया पूरी हो गई। दीपम सचिव तुहीन कांत पांडेय ने कहा कि एयर इंडिया में सरकार की पूरी हिस्सेदारी टाटा संस की सब्सिडियरी कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर कर दी गई है। अब से एयर इंडिया का नया मालिक टाटा ग्रुप है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले एन चंद्रशेखरन : इस आधिकारिक हैंडओवर से पहले टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद चंद्रशेखरन सीधे नई दिल्ली में एयर इंडिया के आॅफिस पहुंचे। इस मौके पर टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी हो गई है। एयर इंडिया की घर वापसी से हम काफी खुश हैं। अब हमारी कोशिश इस एयरलाइन को वर्ल्ड क्लास बनाने की है। गौरतलब है कि सरकार ने प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद आठ अक्तूबर को 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया को टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया था। बता दें कि यह टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी की अनुषंगी इकाई है। टाइम मैनेजमेंट पर होगा विशेष ध्यान: इससे पहले गुरुवार को मुंबई से संचालित होने वाली चार उड़ानों में उन्नत भोजन सेवा शुरू करके एयर इंडिया में अपना पहला कदम उठाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चार उड़ानों एआइ864 (मुंबई-दिल्ली), एआइ687 (मुंबई-दिल्ली), एआइ945 (मुंबई-अबू धाबी) और एआइ639 (मुंबई-बेंगलुरु) में उन्नत भोजन सेवा दी गई। नई सेवाओं के संबंध में टाटा समूह की ओर से केबिन क्रू के सदस्यों को एक मेल भी भेजा गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कमान संभालने के बाद ही टाटा समूह सबसे पहले एयर इंडिया के लेट लतीफी वाले दाग को साफ करेगा। टाटा समूह की पहली कोशिश होगी कि एयर इंडिया की फ्लाइट का संचालन समय पर हो सके। आने वाले सात दिन बेहद महत्वपूर्ण : केबिन क्रू सदस्यों को भेजे गए मेल में कहा गया है कि अगले सात दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि हम अपनी छवि, दृष्टिकोण और धारणा को बदल देंगे। टाटा के संदीप वर्मा और मेघा सिंघानिया द्वारा कहा गया कि केबिन क्रू सदस्य ब्रांड/छवि निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले महत्वपूर्ण ब्रांड एंबेसडर हैं। वे यात्रियों का स्वागत करेंगे, मेहमानों को संबोधित करेंगे और उनकी सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि चालक दल नियमों का पालन करते हुए स्मार्ट ड्रेस पहने नजर आएंगे। इसके साथ ही ग्रूमिंग सहयोगी चालक दल का निरीक्षण करेंगे। 1932 में भरी थी एयर इंडिया ने पहली उड़ान : एयर इंडिया के इतिहास की बात करें तो इसकी शुरुआत अप्रैल 1932 में हुई थी। इसकी स्थापना उद्योगपति जेआरडी टाटा ने की थी। उस समय एयरलाइन का नाम टाटा एयरलाइंस था। इसके साथ ही आपको बता दें कि एयरलाइन की पहली कॉमर्शियल उड़ान 15 अक्तूबर 1932 को भरी गई थी। तब सिर्फ सिंगल इंजन वाला हैवीलैंड पस मोथ हवाई जहाज था, जो अहमदाबाद-कराची के रास्ते मुंबई गया था। प्लेन में उस वक्त एक भी यात्री नहीं था बल्कि 25 किलो चिट्ठियां रखी गई थीं।
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