एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा के गायब होने पर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने धरना-प्रदर्शन किया। सांसदों ने उस जगह पर विरोध प्रदर्शन किया, जहां पहले अमर जवान ज्योति हुआ करती थी और अब जिसके स्थान पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा को रखा गया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में प्ले कार्ड ले रखा था, जिसमें लिखा था, डोंट ब्लैकआउट नेताज, लेट देयर बी लाइट , नेताजी को अंधेरे में क्यों रखा गया है।गुरुवार शाम लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, मैं नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा को देखने के लिए इंडिया गेट गया था। हमने देखा कि कोई होलोग्राम प्रतिमा है ही नहीं। इस सरकार ने उनकी होलोग्राम प्रतिमा केवल एक दिन के लिए लगाई। सरकार ने कहा था कि इंडिया गेट में छतरी के नीचे महान स्वतंत्रता सेनानी बोस की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों ने पहले कहा था कि तेज हवा चलने के कारण यहां होलोग्राम पेश करने वाला उपकरण नीचे गिर गया था। एक बार इसे ठीक किया गया, लेकिन फिर तेज गति हवा की वजह से इसका स्टैंड गिर गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में दो और आर्द्रभूमि को "रामसर स्थल" घोषित किये जाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को सराहना की। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में ऐसे स्थलों का सबसे बड़ा नेटवर्क देश में है और इससे जंतुओं तथा वनस्पति के संरक्षण के प्रति हमारे नागरिकों की प्रतिबद्धता का पता चलता है। गुजरात के खिजडिया वन्यजीव अभयारण्य और उत्तर प्रदेश के बखिरा वन्यजीव अभयारण्य को "रामसर समझौते" के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के तौर पर मान्यता दी गई है। मोदी ने ट्वीट किया, बहुत अच्छी खबर। दक्षिण एशिया में रामसर स्थलों का सबसे बड़ा नेटवर्क भारत में है और इससे जंतुओं तथा वनस्पति के संरक्षण के प्रति हमारे नागरिकों की प्रतिबद्धता का पता चलता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के 37 अस्पतालों ने पहली बार डेल्टा बनाम ओमिक्रॉन स्वरूप के असर पर किया गया चिकित्सीय अध्ययन पूरा हो गया। इसके अनुसार टीका न लेने वाले संक्रमित मरीजों में 22 फीसदी की मौत हुई है जिनमें से 83 फीसदी संक्रमण की चपेट में आने से पहले किसी न किसी बीमारी से पीड़ित थे। इसके अलावा टीके की दोनों खुराक लेने वालों में मृत्युदर 10 फीसदी दर्ज की गई। हालांकि इनमें 91 फीसदी में पहले से ही कोई न कोई बीमारी थी। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने बृहस्पतिवार को प्रेस कान्फ्रेंस में बताया, टीकाकरण के बाद इस तीसरी लहर में कोरोना की चपेट में आए मरीजों को जब अस्पतालों में भर्ती किया गया तो उपचार के दौरान 10.20 फीसदी की मौत हुई। इनकी केस हिस्ट्री देखी गई तो पता चला कि 91 फीसदी मृतकों को संक्रमण से पहले कोई न कोई बीमारी थी। वहीं अस्पतालों में 21.80 फीसदी मौतें टीकाकरण न कराने वालों की हुई हैं। जिनमें 83 फीसदी को पहले से कोई न कोई बीमारी थी। इस अध्ययन को जल्द ही मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया जाएगा। ओमिक्रॉन का कम आयु वालों पर अधिक असर : ओमिक्रॉन का कम आयु वालों पर अधिक असर देखने को मिला है। पिछले साल 15 नवंबर से 15 दिसंबर और 16 दिसंबर से 17 जनवरी 2022 के बीच 37 अस्पतालों में डेल्टा और ओमिक्रॉन का असर जानने के लिए यह अध्ययन हुआ है। 15 नवंबर से 15 दिसंबर 2021 के बीच इन अस्पतालों में 564 मरीज भर्ती हुए थे। जबकि 16 दिसंबर 2021 से 17 जनवरी 2022 के बीच 956 मरीज भर्ती हुए। इन दोनों के बीच अंतर देखें तो डेल्टा संक्रमित मरीजों की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच देखी गई। वहीं ओमिक्रॉन में 20 से 43 वर्ष के बीच मरीजों की आयु मिली। इसके अलावा डेल्टा संक्रमित मरीजों में से 66.1 फीसदी में सह रोग पहले से थे लेकिन ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित मरीजों में 45.80 फीसदी में सहायक रोग पहले से मिले। इसी तरह डेल्टा की वजह से बुखार, कफ सबसे आम लक्षण थे लेकिन ओमिक्रॉन की लहर में सबसे अधिक गले में खराश, दर्द लक्षण देखने को मिला। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने दिल्ली एम्स के चिकित्सीय अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि देश में अब कोरोना संक्रमित मरीजों में ऑपरेशन का जोखिम कम हुआ है। लव अग्रवाल ने बताया कि साल 2020 में जब कोरोना महामारी आई तो उस दौरान संक्रमित रोगियों के ऑपरेशन रोकने पड़े थे। उसके बाद यह भी देखने को मिला कि ऑपरेशन के सात सप्ताह बाद मरीज का जोखिम भी बढ़ा है लेकिन हाल ही में दिल्ली एम्स ने अध्ययन पूरा किया है जिसमें पता चला है कि 20 दिसंबर 2021 से 20 जनवरी 2022 के बीच 53 मरीजों का ऑपरेशन किया गया और इनमें से किसी में भी जोखिम नहीं मिला है। ऐसे में अब यह कहा जा सकता है कि कोरोना संक्रमित के ऑपरेशन को टालने की आवश्यकता नहीं है। जरूरत पड़ने पर इन रोगियों की सर्जरी की जा सकती है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बजट एयरलाइन कंपनी इंडिगो कोरोना वैक्सीन लगवाए हुए ग्राहकों को एक स्पेशल डिस्काउंट दे रही है। ग्राहकों को ये डिस्काउंट फ्लाइट टिकट के बेस फेयर पर मिलेगा। एयरलाइन कंपनी ने "वैक्सी फेयर" स्कीम की शुरुआत की है। इस स्कीम के तहत अगर किसी ने अपना टीकाकरण करवा लिया है तो इसे हर रूट पर किराए में 10 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। जानें कंपनी ने क्या कहा? - इंडिगो की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक Vaxi Fare का लाभ केवल उन लोगों को मिलेगा जो कम से कम वैक्सीन की पहली डोज ले चुके हैं। यात्रियों को चेक-इन करने के दौरान कोविड 19 का टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाना होगा। यात्री आरोग्य सेतु ऐप की मदद से भी अपने वैक्सीनेशन के स्टेटस को दिखा सकते हैं। ऑफर तभी मान्य होगा जब यात्री इंडिगो की वेबसाइट पर टिकट बुक करेगा। ये हैं शर्तें : यात्रियों को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी आपका COVID-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र ले जाना आवश्यक है। या फिर एयरपोर्ट के चेक-इन काउंटर / बोर्डिंग गेट पर आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप पर वक्सीनेशन प्रूव दिखाना पड़ेगा। ऐसा न करने पर बोर्डिंग से इनकार किया जा सकता है। बता दें कि बुकिंग की तारीख से 15 दिनों से अधिक की ट्रेवल डेट के लिए यह छूट लागू है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए जहां दुनिया भर में लगातार अध्ययन किए जा रहे हैं, वहीं मेयो क्लिनिक के वैज्ञानिक ने एक ऐसी जानकारी दी है जो कि चिंताजनक है। दरअसल, डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार मेयो क्लिनिक के महामारी विज्ञानी ग्रेगरी पोलैंड ने महामारी को लंबे समय तक चलने को लेकर चेताया है। उन्होंने कहा कि हम अभी तक किसी ऐसे चरण में नहीं हैं जिससे कि हम इसकी स्थानिकता की भविष्यवाणी कर सकें। फिलहाल इसके खत्म होने की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि वायरस ने जानवरों तक को संक्रमित करने की क्षमता दिखाई है, जिसका अर्थ है कि यह संभावित रूप से अनिश्चित काल तक फैल सकता है। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1.72 लाख मामले, 1008 की मौत : भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1.72 लाख (1,72,433) नए मामले सामने आए हैं और 1008 लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान 2,59,107 लोग स्वस्थ भी हो गए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी का प्रकोप रोकने के लिए कोविड टीकाकरण पर जोर देते हुए बुधवार को कहा कि किशोरों को दूसरा टीका लगाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों के प्रधान सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों को लिखे एक पत्र में कहा कि तीन जनवरी को 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग की आबादी में कोविड टीकाकरण आरंभ किया गया था। किशोरों को कोवैक्सिन का टीका दिया जा रहा है जिसमें 28 दिन के अंतराल पर दूसरे टीके की आवश्यकता पड़ती है। इसके अनुसार 31 जनवरी से किशोरों को दूसरा कोविड टीका दिया जाना चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि यदि 8 से 9 प्रतिशत की सतत वृद्धि जारी रहती है तो भारत वित्त वर्ष 2025-26 तक या इसके अगले वित्त वर्ष में पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मीडिया से बातचीत के दौरान नागेश्वरन ने कहा कि डॉलर के लिहाज से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पहले ही तीन हजार अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। उन्होंने कहा, यदि हम आठ से नौ फीसदी वास्तविक जीडीपी को कायम रख पाते हैं तो यह डॉलर के आधार पर आठ फीसदी जीडीपी वृद्धि होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया। खेती और किसानी के लिए कई घोषणाएं करते हुए वित्त मंत्री ने गंगा किनारे चलाई जाने वाली एक ऐसी योजना का भी ऐलान किया, जिससे उत्तराखंड, यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को फायदा होगा। केंद्र सरकार ने गंगा किनारे नेचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई है। बजट पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने भी इसकी तारीफ की। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और रसायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से गंगा नदी के किनारे रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढावा देगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में कहा कि रसायनों का उपयोग न करके प्राकृतिक खेती पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा, देशभर में रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा जिसके प्रथम चरण में गंगा नदी से सटे पांच किमी के दायरे में आने वाली किसानों की जमीनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बजट में फसल के बाद मूल्य संवर्धन, घरेलू खपत को बढ़ाने और उत्पादों की घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड्रिंग करने के लिए प्रावधान किया गया है। पीएम मोदी ने कहा, भारत के कोटि-कोटि जनों की आस्था, मां गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तराखंड, यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, इन राज्यों मे गंगा किनारे नेचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे मां गंगा की सफाई का जो अभियान है, उसमें गंगा को केमिकल मुक्त करने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि बजट के प्रावधान यह सुनिश्चित करने वाले हैं कि कृषि लाभप्रद हो। इसमें नए अवसर हों। नए एग्रीकल्चर स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष फंड हो या फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए पैकेज, इससे किसानों की आय बढ़ाने में बहुत मदद मिलेगी।
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