एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सपा सांसद आजम खान को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री आजम खान की चुनाव प्रचार में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत देने की गुहार वाली याचिका खारिज कर दी। श्री खान ने अपनी याचिका में राज्य की भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया था कि वह उनसे संबंधित अदालती मामलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में जानबूझकर देरी कर रही है। इसी वजह से उन्हे अंतरिम जमानत के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। श्री खान ने आरोप लगाया कि राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार का मुकदमों की कानूनी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाने के पीछे का मकसद उन्हें आगामी विधानसभा चुनावों में भाग लेने से रोकना है। खान ने जनवरी में अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। उन पर राज्य में कई आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं तथा वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए मंगलवार को कहा कि विपक्षी पार्टी एक तरह से शहरी नक्सलियों के नियंत्रण में आ गयी है तथा लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा परिवारवादी पार्टियों से है। उन्होंने विपक्षी पार्टी को सुझाव दिया कि वह अपना नाम इंडियन नेशनल कांग्रेस से बदलकर फेडरेशन आॅफ कांग्रेस कर ले। प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिये बिना उनके इस बात पर प्रहार करते हुए कही कि भारत राष्ट्र नहीं है और यह राज्यों का संघ है। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने लोकतंत्र पर खतरे की बात कही लेकिन वह यह भूल गए कि यह लोकतंत्र उनकी मेहरबानी से नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरह से शहरी (अर्बन) नक्सलियों के कब्जे में है और वे उसके विचारों एवं विचारधारा को नियंत्रित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री की बातों का कांग्रेस ने कड़ा प्रतिकार किया और फिर सदन से बहिर्गमन किया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि देश में आपातकाल थोंपने वालों को और लोकतंत्र का गला घोटने वाले को लोकतंत्र पर उपदेश देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और दुनिया में इसकी चर्चा होती है लेकिन कांग्रेस की कठिनाई है कि परिवारवाद के आगे उन्होंने कुछ सोचा ही नहीं...भारत के लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा परिवारवादी पार्टियों से है, यह मानना पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसी पार्टी में कोई एक परिवार सर्वोपरि हो जाता है तो इसका सबसे पहला नुकसान प्रतिभा का होती है। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपने-अपने राजनीतिक दलों में लोकतांत्रिक आदर्शों व मूल्यों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की सबसे पुरानी पार्टी के रूप में कांग्रेस को तो इसकी जिम्मेवारी जरूर उठानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस को विलुप्त करने की बात कही थी और ऐसा हो गया होता तो दशकों तक देश को विभिन्न समस्याओं से दो-चार ना होना पड़ता। उन्होंने कहा कि अगर महात्मा गांधी की इच्छा के अनुसार कांग्रेस ना होती तो लोकतंत्र परिवारवाद से मुक्त होता है और भारत विदेशी के बजाए स्वदेशी संकल्पों के रास्ते पर चलता। आपालकाल को लेकर किया तंज : उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ना होती तो आपातकाल का कलंक ना होता...अगर कांग्रेस ना होती तो दशकों तक भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाकर नहीं रखा जाता... अगर कांग्रेस ना होती तो जातिवाद और क्षेत्रवाद की खाई इतनी गहरी ना होती... अगर कांग्रेस ना होती तो सिखों का नरसंहार ना होता... सालों साल पंजाब आतंकवाद की आग में जलता...कश्मीर के पंडितों को कश्मीर छोड़ने की नौबत ना आती है... अगर कांग्रेस ना होती तो बेटियों को तंदूर में जलाने की घटनाएं ना होती... अगर कांग्रेस ना होती देश के सामान्य जन को सड़क, बिजली, पानी और शौचालय की मूलभूत सुविधाओं के लिए इतने सालों तक इंतजार करना पड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस जब तक सत्ता में रही तो उसने देश का विकास नहीं होने दिया और आज जब विपक्ष में है तो वह देश के विकास में बाधा डाल रही है।
टीम एबीएन, रांची। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने सोमवार को कहा है कि लोगों को वित्तीय सेवाओं तक अधिक और आसान पहुंच मिलने से भारत में डिजिटलीकरण बढ़ रहा है, जिससे उपभोक्ताओं के वित्तीय व्यवहार में बदलाव आया और वे नकद की जगह ई-वॉलेट तथा यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुमार ने "नीति आयोग के फिनटेक मुक्त शिखर सम्मेलन" को संबोधित करते हुए कहा कि फिनटेक के उदय ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि अधिक न्यायसंगत, समृद्ध और वित्तीय रूप से समावेशी भारत बनाने के लिए डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। कुमार ने कहा, भारत में डिजिटलीकरण बढ़ रहा है और लोगों की वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच हो रही है। इससे उपभोक्ताओं के वित्तीय व्यवहार में बदलाव आया है। अब वे नकद की जगह ई-वॉलेट और यूपीआई को अपना रहे हैं। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक और अन्य क्षेत्रों के लिए कोविन और यूपीआई जैसे खुले मंच बनाने में भरोसा करती हैं। वैष्णव ने कहा कि सार्वजनिक निवेश के जरिये एक खुला मंच बनाया गया है, जिससे कई निजी उद्यमी, स्टार्टअप और डेवलपर्स नए समाधान बनाने के लिए जुड़ सकते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन पर उनकी छोटी बहन आशा भोंसले बेहद भावुक है। लता मंगेशकर के निधन के बाद लोग उनकी पुरानी यादों को ताजा कर रहे हैं।लता मंगेशकर की छोटी बहन आशा भोसले उनको यादकर भावुक हो गई हैं। आशा भोसले ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर शेयर की है। आशा भोसले ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक थ्रोबैक फोटो शेयर किया है। इस ब्लैक एंड वाइट फोटो में आशा भोसले और लता मंगेशकर कैमरे के सामने देख रहे हैं। जहां आशा भोसले बैठी हैं तो लता मंगेशकर खड़ी हुई नजर आ रही हैं। दोनों बहनों के चेहरे पर मासूमियत झलक दिख रही है। आशा भोसले ने कैप्शन में लिखा है, बचपन के दिन भी क्या दिन थे। दीदी और मैं। इसके साथ उन्होंने हार्ट इमोजी भी बनाया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। महान गायिका लता मंगेशकर ने दुनिया से रुखसत हो चुकी हैं। 92 वर्षीय लता जी का रविवार सुबह मुंबई के ब्रीचकैंडी अस्पताल में निधन हो गया था। मुंबई के शिवाजी पार्क में लता जी को उनके भाई ने नम आंखों से मुखाग्नि दी। इस दौरान राजनीति, खेल, मनोरंजन जगत सहित कई क्षेत्र के लोग लता जी की इस अंतिम यात्रा में शामिल हुए। स्वर कोकिला लता मंगेशकर रविवार की अपनी अंतिम यात्रा पर रवाना हो गईं। मुंबई के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान उनकी बहनें उषा, आशा, मीना मौजूद थीं। अनंत विलीन हुईं स्वर कोकिला देशभर के लोगों की आंखे नम कर भारत रत्न लता मंगेशकर हमेशा के लिए अनंत में विलीन हो गईं हैं। लता जी के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने उन्हें मुखाग्नि दी। पंचतत्व में विलीन हुईं लता मंगेशकर : पंचतत्व में विलीन हुईं लता मंगेशकर, मुंबई के शिवाजी पार्क में लता जी को उनके भाई ने मुखाग्नि दी।
एबीएन डेस्क। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने कहा कि स्वर कोकिला "भारत रत्न" लता मंगेशकर का निधन देश और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। मुंडा ने रविवार को कहा कि लता जी के निधन से भारत ने अपनी आवाज खो दी है, जिन्होंने कई दशकों तक अपनी मधुर और उदात्त आवाज से भारत और दुनिया भर में संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। वह वास्तव में एक संगीत रत्न थीं और उन्होंने कई दशकों तक एक रानी की तरह हिंदी सिनेमा सहित कई भाषाओं में संगीत के माध्यम से राज किया। उनके निधन से एक खालीपन आया है जिसे भरा नहीं जा सकता। मुंडा ने कहा कि लता जी अपनी सदाबहार धुनों के माध्यम से करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में जीवित रहेंगी। उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना...
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज पूरा देश रो रहा है क्योंकि आज हमने देश की जानी मानी दिग्गज गायिका लता मंगेशकर को खो दिया। रविवार की सुबह उनके निधन सुन लोगों को बड़ा झटका लगा और सोशल मीडिया पर भी आंसुओं का सैलाब उमड़ आया। केंद्र सरकार ने सिंगर के सम्मान में दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। देश की कई राज्य सरकारों ने अपने-अपने राज्य में राजकीय शोक की घोषणा की है। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दीदी को अलग तरीके से श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने स्वर कोकिला के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए अपने राज्य में अगले 15 दिनों तक लता मंगेशकर के गाने बजाने की घोषणा की है। ममता बनर्जी ने लता मंगेशकर के निधन पर दुख जाहिर करते हुए कहा, पश्चिम बंगाल में अगले 15 दिनों तक सार्वजनिक जगहों, सरकारी इमारतों और ट्रैफिक सिग्नल्स पर लता मंगेशकर के गाने बजाए जाएंगे। इसके अलावा लता दीदी के सम्मान में सोमवार को पश्चिम बंगाल में आधे दिन की छुट्टी की घोषणा भी की गई है। ममता ने कहा कि वह मंगेशकर की आवाज से मंत्रमुग्ध थीं। उन्होंने इस बात का आभार व्यक्त किया कि मंगेशकर ने बंगाल और पूर्वी भारत के कलाकारों को स्नेह दिया। ममता बनर्जी ने ट्वीट करते हुए लिखा, मैं देश की महान शख्सियत भारत रत्न लता मंगेशकर को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। उनके परिवार और दुनियाभर में उनके अरबों प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। वह सचमुच भारत की सुर कोकिला थीं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, दुनियाभर में उनके सभी प्रशंसकों और शुभचिंतकों की तरह, मैं भी उनकी आवाज और प्रस्तुतिकरण से मंत्रमुग्ध थी और मैं आभारी महसूस करती हूं कि उन्होंने बंगाल और पूर्वी भारत के कलाकारों को स्नेह दिया और संगीत की अपनी शानदार दुनिया के लिए अभिन्न माना।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं रहीं। लता मंगेशकर को 8 जनवरी को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। इसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पातल में भर्ती करवाया गया। लता लगभग एक महीने से अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। आज लता मंगेशकर दुनिया को अलविदा कह गई हैं। उनका अंतिम संस्कार आज शाम मुंबई के शिवाजी पार्क में होना है। लता के अंतिम सफर की तैयारी शुरू हो गई। लता मंगेशकर के पार्थिव शरीर को उनके घर प्रभुकुंज से शिवाजी पार्क लेकर जाया जाने वाला है। शिवाजी पार्क में ही लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। ऐसे में लता दीदी के पार्थिव शरीर को ले जाने की तैयारी हो रही है। एक ट्रक को व्हाइट फूलों से सजाया गया है। इस ट्रक पर लता मंगेशकर की एक बड़ी तस्वीर को लगाया गया है। इसपर लिखा है - भावपूर्ण श्रद्धांजलि लता मंगेशकर का पार्थिव शरीर वैन में रख दिया गया है। उनकी बहन आशा भोसले और परिवार के अन्य सदस्य भी इसी वैन में जा रहे हैं। वैन में लता मंगेशकर के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लिपेटा गया है। पूरे राजकीय सम्मान के लिए लता दीदी के पार्थिव शरीर को ले जाया जा रहा है। लता मंगेशकर को आखिरी अलविदा कहने के लिए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन उनके घर प्रभुकुंज पहुंच गए हैं। अमिताभ बच्चन के साथ उनके बेटी श्वेता बच्चन भी प्रभुकुंज पहुंची है। उनके अलावा डायरेक्टर संजय लीला भंसाली भी लता दीदी के अंतिम दर्शन को पहुंचे हैं।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse