एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में शुक्रवार की देर रात आग लगने के कारण सात लोगों की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आग लगने की वजह से 60 से ज्यादा झुग्गियां जलकर खाक हो गयी हैं। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। इस हादसे में कई लोग जख्मी भी हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उत्तर- पूर्व दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) देवाश कुमार पांडे ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। दमकल विभाग ने सात शव बरामद किए हैं। दमकल विभाग ने बताया कि रात करीब एक बजे आग लगने की सूचना मिली थी और तड़के करीब चार बजे आग पर काबू पा लिया गया। आग की 7 लोगों की मृत्यु हुई है। मैं हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ा हूं : वहीं इस दर्दनाक घटना पर उत्तर- पूर्व दिल्ली से सांसद एवं भाजपा मनोज तिवारी ने गहरा दुख जताया है और दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की है। तिवारी ने शनिवार को कहा कि घटना दर्दनाक और हृदय को झकझोर देने वाली है और सांसद होने के नाते मैं हर पीड़ति परिवार के साथ खड़ा हूं। उन्होंने कहा कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता दुख की इस घड़ी में पीड़तिों के दुख का भागीदार है। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मांग की है कि घटना की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए तथा मृतकों के परिजनों को तुरंत एक करोड रुपये की सहायता की घोषणा की जाए। वहीं घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाए । उन्होंने कहा है कि मैंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर राहत एवं बचाव कार्यों की उचित व्यवस्था का निर्देश दिया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में गत 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 3,614 नए मामले सामने आए जो 12 मई 2020 के बाद एक दिन में सामने आए सबसे कम मामले हैं। इसके साथ ही देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,29,87,875 हो गई है जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 40,559 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार सुबह आठ बजे किए गए अद्यतन आंकड़ों में यह जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक गत 24 घंटे के दौरान 89 और मरीजों की मौत होने से देश में कोविड-19 महामारी से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 5,15,803 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक कुल संक्रमितों के मुकाबले उपचाराधीन मरीजों की संख्या केवल 0.09 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर कोविड-19 से ठीक होने की दर में भी और सुधार हुआ है और यह 98.71 प्रतिशत तक पहुंच गयी है। मंत्रालय ने बताया कि गत 24 घंटे के दौरान उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 1,660 की कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक 12 मई 2020 को 3,604 नए मामले सामने आए थे,उसके बाद ये एक दिन में सबसे कम मामले हैं। मंत्रालय ने बताया कि अबतक 4,24,31,513 मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि मृत्युदर 1.2 प्रतिशत है। इस बीच, देश में अबतक कोविड-19 टीके की 179.91 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि देश में सात अगस्त 2020 को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ के पार हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ के पार और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 26 जनवरी को मामले चार करोड़ के पार पहुंच गए थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शानदार जीत के बाद यूपी के कार्यकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को दिल्ली जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। इस बीच जानकारी मिली है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होली के बाद तक टल सकता है। इसके होली के बाद आयोजित होने की संभावना है। इससे पहले 10 मार्च को हुई मतगणना में भाजपा गठबंधन ने 273 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को इस्तीफा दे दिया था। मत परिणाम जारी होने के बाद योगी आदित्यनाथ की पीएम मोदी से यह पहली मुलाकात होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू-कश्मीर में तीन अलग-अलग मुठभेड़ों में शनिवार सुबह चार आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। तीन अलग-अलग अभियानों में मारे गए चार आतंकवादियों में से दो लश्कर से और दो जैश से हैं। इनमें से दो पुलवामा में, एक हंदवाड़ा में और एक गांदरबल में मारा गया। कश्मीर पुलिस ने अभी भी जारी इन मुठभेड़ों के बारे में जानकारी दी है। कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि पुलवामा मुठभेड़ में पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद के 2 आतंकवादी ढेर हो गए। दो आतंकवादी अभी भी फंसे हुए हैं और मुठभेड़ अभी भी जारी है। पुलवामा के चेवाकलां इलाके में शुक्रवार देर शाम सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई थी। हंदवाड़ा में शनिवार तड़के रजवाड़ा क्षेत्र के नेचामा में मुठभेड़ शुरू हो गई थी। इस मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। इसकी सूचना जम्मू-कश्मीर पुलिस को दी, जबकि गांदरबल एनकाउंटर में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एक आतंकी ढेर हो गए। गांदरबल के सेरच इलाके में मुठभेड़ चल रही है। इस बीच शुक्रवार को कुलगाम जिले के औडोरा इलाके में एक सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सरपंच की पहचान शब्बीर अहमद मीर के रूप में हुई। उसको कुलगाम के जिला अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई सरकार के गठन से पहले परंपराओं को निभाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार की दोपहर मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद योगी आदित्यनाथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने राजभवन पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंपा। नई सरकार के गठन से पहले तक योगी कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर काम करेंगे। माना जा रहा है कि होली से पहले वह शपथ ले लेंगे। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लड़े गए चुनाव में मिली जीत से उनके नाम पर पहले ही मुहर लग चुकी है। अब विधायक दल की बैठक में नेता चुनने की औपचारिकता पूरी की जाएगी। माना जा रहा है कि दिल्ली में अन्य मंत्रियों के नाम पर मुहर लगेगी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 15 मार्च को नई सरकार का गठन हो सकता है। यूपी में बीजेपी गठबंधन ने प्रचंड जीत हासिल की है। बीजेपी ने अकेले 255 सीटों पर जीत दर्ज की है। उसके गठबंधन सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) को 12 और निषाद पार्टी को छह सीटें मिली हैं। 37 साल बाद प्रदेश में कोई सरकार रिपीट हुई और योगी दोबारा मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। यूपी की 403 विधानसभा सीटों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने 275 सीटें जीती हैं, जबकि प्रमुख प्रतिद्वन्द्वी समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के गठबंधन को 124 सीटें मिली हैं। बहुजन समाज पार्टी महज एक सीट पर सिमट गई है और कांग्रेस के खाते में दो सीटें आई हैं जबकि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक को दो सीटें मिली हैं। इस विधानसभा चुनाव की जीत से न सिर्फ योगी का कद बढ़ा बल्कि वे एक ऐसे नायक के रूप में उभरे, जिसने तमाम विषम परिस्थितियों पर काबू पाते हुए जीत का तोहफा भाजपा की झोली में डाल दिया। यूपी के चुनावी नतीजों ने न सिर्फ योगी की बुलडोजर बाबा की छवि और उनके सुशासन मॉडल पर मुहर लगा दी बल्कि विरोधियों के मंसूबे भी ध्वस्त कर दिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कहा कि उन्होंने अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक में 15वीं विधानसभा को भंग करने की सिफारिश राज्यपाल से कर दी है और राज्यपाल ने शपथ ग्रहण तक उन्हें अपने पदों पर कंटिन्यू रहने के लिए कहा है। चन्नी ने कहा कि आखिरी कैबिनेट में प्रस्ताव पास किया गया है कि जो नई सरकार अब काम का संभालेगी वो पुरानी कांग्रेस सरकार के वक्त जनहित में किए गए फैसलों को कंटिन्यू करें और जनता का फैसला उन्हें सिर आंखों पर है। चंडीगढ़ में निवर्तमान पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, मैंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को दे दिया है। उन्होंने मुझे और कैबिनेट को नई सरकार के शपथ ग्रहण तक बने रहने के लिए कहा। मैं लोगों के जनादेश को स्वीकार करता हूं। भगवंत मान 16 मार्च को लेंगे शपथ! चरणजीत चन्नी ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मनोनीत मुख्यमंत्री भगवंत मान 16 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। गोरखपुर जिले में विधानसभा चुनाव में मोदी-योगी की डबल इंजन की सरकार का जादू मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला है। जनता ने सरकार की योजनाओं को सराहा है, इस कारण राशन से शासन का रास्ता साफ हो पाया है। वहीं, सीएम योगी के बुलडोजर ने जातीय समीकरण ध्वस्त कर दिए। भाजपा ने जरूरतमंदों को मुफ्त राशन देकर और अपराधियों के घर पर बुलडोजर चलाकर अपनी जीत की पटकथा पहले ही लिख दी थी। कोरोना संक्रमण के दौरान बड़ी संख्या में जब लोग घरों में कैद हो गए थे, तब मोदी और योगी सरकार ने जरूरतमंदों को मुफ्त राशन देकर बड़ी राहत पहुंचाई थी। चुनाव प्रचार के दौरान भले ही मतदाता खामोश थे, लेकिन बातचीत में वे राशन मिलने की बात को मजबूती से रखते थे। यह मतदाताओं का भाजपा के पक्ष में खामोशी से बड़ा संदेश था। वहीं, चुनाव में सुरक्षा बड़ा मुद्दा रहा। योगी का बुलडोजर खूब दौड़ा। महिला वोटरों ने सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा को पसंद किया। अन्य मुद्दे गौण हो गए। गोरखपुर मंडल में इस समीकरण का असर साफ देखने को मिला है। चुनावी परिणाम बताते हैं कि छह विधानसभा क्षेत्रों में बसपा लड़ाई में ही नहीं दिखी। पहले चक्र की गणना से ही पार्टी के प्रत्याशी बहुत पीछे थे। आंकड़े गवाह हैं कि बसपा के कैडर वोटरों ने भी भाजपा के पक्ष में मतदान किया है। चिल्लूपार, खजनी और सहजनवां में ही बसपा कुछ हद तक मतदाताओं को सहेजने में कामयाब रही। लेकिन, यहां भी वर्ष 2017 में जितने वोट बसपा को मिले थे, इस बार उतने नहीं मिले। चिल्लूपार से तीन बार से बसपा चुनाव जीतती रही। इस बार बसपा तीसरे स्थान पर खिसक गई। गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण, चौरीचौरा, पिपराइच और कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी लड़ाई में ही नहीं रहे। जाहिर है कि बसपा के कैटर वोट बैंक में भाजपा सेंधमारी करने में कामयाब रही। ओबीसी और ब्राह्मण समाज के ज्यादातर लोगों के वोट भी भाजपा के खाते में आए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश चुनाव में निराशजनक प्रदर्शन कर महज एक सीट पर सिमटनी वाली बहुजन समाज पार्टी ने की अध्यक्ष मायावती ने नतीजों के बाद शुक्रवार को पहली प्रतिक्रिया दी। चुनाव में मिली करारी हार पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव में मुस्लिमों से भारी भूल हुई है क्योंकि उन्होंने भाजपा को रोकने के लिए सपा को वोट कर दिया और इसकी सजा बसपा को मिल गई। ठीक उसी तरह विभिन्न समाज का कास्ट का वोटर इसलिए भाजपा की तरफ शिफ्ट हो गया कि कहीं सपा की सरकार ना आ जाए और फिर से जंगलराज कायम ना हो जाए। इस सभी को समझना चाहिए था कि भाजपा की सरकार आने से यूपी में केवल बसपा ही रोक सकती है। मायावती ने लखनऊ में कहा कि अपर कास्ट और ओबीसी में भी यह डर था कि सपा के सत्ता में आते ही पूरी तरह से यहां अव्यवस्था हावी हो जाएगी। जंगलराज फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम जो बसपा पर भरोसा करते रहे हैं इस बार उनसे भूल हो गई। बसपा से भी भूल हुई। बसपा आगे अपनी रणनीति बदलेगी।
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