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Published / 2022-03-18 12:45:48
...द कश्मीर फाइल्स नहीं देखने पर दो साल जेल, बुराई करने पर हो उम्रकैद : यशवंत सिन्हा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। द कश्मीर फाइल्स फिल्म हो रही आलोचना पर तृणमूल कांग्रेस नेता यशवंत सिन्हा ने कटाक्ष करते हुए ट्वीट कर कहा कि संसद से कानून पारित करवाकर फिल्म नहीं देखने वालों को जेल की सजा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि द कश्मीर फाइल्स को पूरे भारत में टैक्स फ्री कर देना ही पर्याप्त नहीं है। संसद को चाहिए कि वो सभी भारतीयों के लिए यह फिल्म देखना अनिवार्य बनाए। यशवंत ने चुटकी लेते हुए कहा है कि संसद ऐसा कानून बनाए कि फिल्म की आलोचना करने वालों को आजीवन कारावास मिले। उन्होंने लिखा, जो लोग फिल्म नहीं देख पाते हैं, उन्हें दो साल की जबकि जो इसकी आलोचना करें, उन्हें ताउम्र कैद की सजा हो। पीएम मोदी कर चुके हैं तारीफ : इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर फाइल्स की सराहना की और अभिव्यक्ति की आजादी के झंडादरबार होने का दावा करने वालों को इसे बदनाम करने के बाबत चलाए जा रहे अभियान के लिए आड़े हाथों लिया। फिल्म की पटकथा को एक तरह से अनुमोदन करते हुए उन्होंने कहा, उनको हैरानी हो रही है कि इस सत्य को इतने सालों तक दबा कर रखा गया जो अब तथ्यों के आधार पर बाहर लाया जा रहा है। वहीं कांग्रेस ने कश्मीर फाइल्स फिल्म पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा और कहा कि जब कश्मीरी पंडितों का कश्मीर घाटी से पलायन हो रहा था तो सिर्फ उस समय के विपक्षी नेता राजीव गांधी ने आवाज उठाई थी और संसद का घेराव किया था, लेकिन तत्कालीन वीपी सिंह सरकार को समर्थन दे रही भाजपा के नेता लालकृष्ण आडवाणी और नरेंद्र मोदी "रथयात्रा" निकालने में व्यस्त थे। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह बताना चाहिए कि वह कश्मीरी पंडितों का कब तक पुनर्वास करेंगे? उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मार्टिन लूथर किंग, नेल्सन मंडेला और कई अन्य महान व्यक्तियों के प्रेरणास्रोत महात्मा गांधी जी थे। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण कि इस देश के प्रधानमंत्री को फिल्म देखकर महात्मा गांधी के बारे में ज्ञान हुआ। अब लगता है कि उन्हें फिल्म देखकर ही कश्मीरी पंडित भाई-बहनों के बारे में ज्ञान हुआ।

Published / 2022-03-18 10:16:08
सावधान... फिर आ सकता है कोरोना का कहर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर लगभग खत्म होने के कगार पर और लोग अब फिर से बेपरवाह होकर कर कोविड के जरूरी नियमों से गुरेज करने लगे हैं। मास्क पहनना भी लोगों ने लगभग छोड़ ही दिया है। जबकि यह वैज्ञानिक पहले ही सावधान कर चुके हैं कि यह खत्म नहीं होगा और हमें इसका सामना नए नए रूप में करना पड़ेगा। कोविड-19 मामलों में वैश्विक स्तर पर हो रही बढ़ोतरी के आंकड़े बहुत बड़ी समस्या पैदा कर सकते हैं क्योंकि कुछ देशों में टेस्टिंग में भी कमी आई है। डब्ल्यूएचओ ने विश्वभर के देशों को वायरस के खिलाफ सतर्क रहने की चेतावनी दी। एक महीने से ज्यादा की गिरावट के बाद पिछले हफ्ते दुनिया भर में कोविड के मामले बढ़ने लगे हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि एशिया और चीन के जिलिन प्रांत में इसी के चलते लॉकडाउन लगाया गया है। बीए.2 वेरिएंट तेजी से फैलने वाला वेरिएंट : डब्ल्यूएचओ की मारिया वान केरखोव ने ब्रीफिंग में कहा कि बीए.2 अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला वेरिएंट प्रतीत होता है, हालांकि इस बात के कोई संकेत नहीं हैं कि यह ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। इस बात का भी कोई सबूत नहीं है कि कोई अन्य नए प्रकार के मामलों में वृद्धि हो रही है। यूरोप की तस्वीर भी पूरी दुनिया के जैसी नहीं है। उदाहरण के लिए, डेनमार्क ने फरवरी की पहली छमाही में मामलों में संक्षिप्त पीक देखी गई, जिसकी वजह बीए.2 वेरिएंट था, जो जल्द ही कम भी हो गया। क्या हैं नए मामलों के बढ़ने के कारण : इस बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिसमें तेजी से फैलने वाला ओमिक्रॉन, बीए.2 सबलाइनेज और सार्वजनिक तौर पर स्वास्थ्य और सामाजिक नियमों में कमी भी शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अधनोम गेब्रियेसुस ने संवाददाताओं से कहा कि यह वृद्धि कुछ देशों में परीक्षण में कमी के कारण हो रही है। अधिकारियों ने कहा कि कुछ देशों में कम टीकाकरण दर व आंशिक रूप से फैल रही गलत सूचना के चलते मामले बढ़ रहे हैं। सप्ताह भर में हुई 4300 मौतें : पिछले सप्ताह की तुलना में वैश्विक स्तर पर नए संक्रमणों में 8 फीसदी की वृद्धि हुई, जिसमंर 11 मिलियन नए मामले और 7-13 मार्च तक 43,000 से अधिक नई मौतें हुईं है। जनवरी के अंत के बाद पहली बार इतनी बढ़ोतरी देखी गई है। सबसे बड़ी छलांग डब्ल्यूएचओ के पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में थी, जिसमें दक्षिण कोरिया और चीन शामिल हैं, जहां मामलों में 25 फीसदी और मौतों में 27 फीसदी की वृद्धि हुई।

Published / 2022-03-18 03:31:21
पीएम ने दी होली की शुभकामनाएं, बोले- रंगोत्सव सबके जीवन में खुशियों का रंग लाये

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को होली के मौके पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह त्योहार उनके जीवन में खुशियों के हर रंग लाए। अमित शाह, राजनाथ सिंह और मुख्तार अब्बास नकवी समेत कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने भी लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं। आपसी प्रेम, स्नेह और भाईचारे का प्रतीक यह रंगोत्सव आप सभी के जीवन में खुशियों का हर रंग लेकर आए।

Published / 2022-03-17 13:51:03
बंगाल को मिला था पेगासस सॉफ्टवेयर खरीदने का प्रस्ताव : ममता बनर्जी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि मुझे पेगासस खरीदने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन मैंने पेशकश ठुकरा दी थी। पेगासस मुद्दे पर केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए बनर्जी ने दावा किया कि उनका फोन भी टैप किया जा रहा है और उन्हें भी स्पाइवेयर खरीदने का प्रस्ताव मिला था लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा फोन टैप किया जा रहा है। अगर हम कुछ भी बात करें तो उन्हें पता चल जाएगा। तीन साल पहले मुझे पेगासस को खरीदने का आॅफर भी आया था। लेकिन मैंने इसे नहीं खरीदा। मैं निजता में दखल देने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने में विश्वास नहीं करती। लेकिन कई भाजपा शासित राज्यों ने पेगासस को खरीद लिया था। अगले लोकसभा चुनावों में भाजपा खेमे को टक्कर देने के लिए भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहीं बनर्जी ने कहा कि देश केंद्र में सत्ताधारी पार्टी से लड़ने की तैयारी कर रहा है। बजट चर्चा पर बोलते हुए, टीएमसी प्रमुख बनर्जी ने राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य पुलिस की सराहना की और राजनीतिक हिंसा के आरोपों को विपक्ष द्वारा फैलाई गई अफवाह के रूप में खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा फोन टैप किया जा रहा है। अगर हम कुछ भी बात करें तो उन्हें पता चल जाएगा। तीन साल पहले मुझे पेगासस को खरीदने का आॅफर भी आया था। लेकिन मैंने इसे नहीं खरीदा। मैं निजता में दखल देने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने में विश्वास नहीं करती। लेकिन कई भाजपा शासित राज्यों ने पेगासस को खरीद लिया था। अगले लोकसभा चुनावों में भाजपा खेमे को टक्कर देने के लिए भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहीं बनर्जी ने कहा कि देश केंद्र में सत्ताधारी पार्टी से लड़ने की तैयारी कर रहा है। बजट चर्चा पर बोलते हुए, टीएमसी प्रमुख बनर्जी ने राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य पुलिस की सराहना की और राजनीतिक हिंसा के आरोपों को विपक्ष द्वारा फैलाई गई अफवाह के रूप में खारिज कर दिया।

Published / 2022-03-17 13:50:39
यूपी में बनेगा छह धन्वंतरि मेगा हेल्थ पार्क

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रदेश में छह धन्वंतरि मेगा हेल्थ पार्क बनाए जाएंगे। इसमें स्वास्थ्य व सर्जिकल उपकरणों और दवाओं के उत्पादन का आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इस योजना को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की बात कही है। इसी के तहत करीब 30 हजार करोड़ के निवेश के साथ छह धन्वंतरि मेगा हेल्थ पार्क स्थापित किए जाने हैं। इस पार्क के क्रियांवयन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हलचल शुरू हो गई है। इस पार्क के जरिए प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र का आधारभूत ढांचा सुधारने की तैयारी है। इसी तरह प्रदेश में 10 हजार करोड़ की लागत के साथ महर्षि सुश्रुत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन की भी तैयारी चल रही है। अत्याधुनिक लाइफ सपोर्ट सुविधा से लैस एम्बुलेंस की संख्या को दोगुन करने, हर जिले में डायलिसिस केंद्र और वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त प्रदेश बनाने, जन औषधि केंद्र के नेटवर्क का विस्तार करने की भी कार्ययोजना है। प्रदेश में सभी मेडिकल कॉलेजों को शुरू कर एमबीबीएस कीसीटों को बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।

Published / 2022-03-17 13:50:14
भारत का प्रमुख लक्ष्य आत्मनिर्भर और आधुनिक बनना : मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का उल्लेख तो नहीं किया लेकिन कहा कि आज दुनिया की नजर भारत पर टिकी है और कोविड महामारी के बाद जो नयी वैश्विक व्यवस्था उभर रही है, उसमें भारत को अपनी भूमिका बढ़ानी है और साथ ही तेज गति से अपना विकास भी सुनिश्चित करना है। उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के 96वें सामान्य बुनियादी पाठ्यक्रम के समापन समारोह को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि 21वीं सदी के भारत का सबसे बड़ा लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत का है और किसी भी सूरत में इस अवसर को खोना नहीं है। उन्होंने कहा, 21वीं सदी के जिस मुकाम पर आज भारत है, पूरी दुनिया की नजरें हम पर टिकी हुई हैं। कोविड ने जो परिस्थितियां पैदा की हैं, उसमें एक नया वर्ल्ड आॅर्डर (वैश्विक व्यवस्था) उभर रहा है। इस नए वर्ल्ड आॅर्डर में भारत को अपनी भूमिका बढ़ानी है और तेज गति से अपना विकास भी करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षुओं को एक चीज का हमेशा ध्यान रखना है कि 21वीं सदी के भारत का सबसे बड़ा लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत और ह्यह्यआधुनिक भारत का है। उन्होंने कहा, इस समय को हमें खोना नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा और कर्तव्य भाव का महत्व प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण का अभिन्न हिस्सा रहा है और उन्हें इस भाव को अपनी सेवा के दौरान भी बनाए रखना होगा तभी वह समाज व देश के लिए एक सकारात्मक परिवर्तन का हिस्सा बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने में 25 साल बचे हैं और इसमें देश कितना विकास करेगा, उसमें इन प्रशिक्षुओं की बहुत बड़ी भूमिका होगी। मोदी ने कहा, ह्यह्यबीते 75 वर्षों में हमने जिस गति से प्रगति की है, अब उससे कई गुना तेजी से आगे बढ़ने का समय है। इसलिए आपको फाइलों और फील्ड के कामकाज के अंतर को समझना है। फाइलों में आपको असली चीज नहीं मिलेगी, फील्ड के लिए आपको उससे जुड़ा रहना ही पड़ेगा। फाइलों में जो आंकड़े होते हैं, वह सिर्फ नंबर नहीं होते हैं। हर एक आंकड़ा... हर एक नंबर एक जीवन होता है और हमें इसके महत्व को समझना होगा। उन्होंने कहा जीवन में हर एक व्यक्ति के कुछ सपने होते हैं और उनकी कुछ आकांक्षाएं होती हैं। आपको उनकी कठिनाइयों और चुनौतियों के लिए काम करना है। ज्ञात हो कि 96वां बुनियादी पाठ्यक्रम एलबीएसएनएए का पहला सामान्य बुनियादी पाठ्यक्रम है, जिसमें नई शिक्षा और पाठ्यक्रम प्रारूप मिशन कर्मयोगी के सिद्धांतों पर आधारित है। इस बैच में 16 सेवाओं के 488 अधिकारी प्रशिक्षु और 3 रॉयल भूटान सर्विसेज (प्रशासनिक, पुलिस और वन) के प्रशिक्षु शामिल हैं।

Published / 2022-03-17 07:50:22
कोरोना : चीन में बढ़ रहे मामले, भारत में 24 घंटे में 60 की मौत, 2539 नये संक्रमित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में एक दिन में कोरोना के 2,539 नए मामले सामने आने के बाद देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 4,30,01,477 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 30,799 रह गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार को सुबह 8 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में 60 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,16,132 हो गई। देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 30,799 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.07 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 2,012 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.73 प्रतिशत हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 78,12,24,304 करोड़ नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 7,17,330 नमूनों की जांच पिछले 24 घंटे में की गई। संक्रमण की दैनिक दर 0.35 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 0.42 प्रतिशत दर्ज की गई। देश में अभी तक कुल 4,24,54,546 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.20 प्रतिशत है। वहीं, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोरोना रोधी टीकों की 180.80 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मौत के 60 मामले सामने आए, जिनमें से 50 मामले केरल के थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।

Published / 2022-03-16 13:52:29
सावधान : जलवायु परिवर्तन देश में मचा सकती है तबाही

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनिया इस समय कई संकटों का सामना कर रही है। अब इस बीच भारत पर एक नया खतरा मंडरा रहा है। एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भारत में जलवायु परिवर्तन की वजह से तबाही मच सकती है। संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन पर इंटर गवर्मेंटल पैनल आॅन क्लाइमेट चेंज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को लेकर कई चिंताजनक तथ्यों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन से भारत सबसे अधिक आर्थिक तौर पर प्रभावित है। इसके साथ ही सदी के आखिरी तक करीब 5 करोड़ लोग खतरे में होंगे। इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि मुंबई, चेन्नई और गोवा जैसे स्थानों पर तटीय इलाकों के समुद्र में डूबने का खतरा है। आईपीसीसी की रिपोर्ट में बताया गया है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से समुद्र के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। आइए जानते हैं कि इस रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया है? तीन तरफ से भारत समुद्र से घिरा है। 7516.6 किलोमीटर भारतीय समु्द्र की लंबाई है। भारत की जनसंख्या अधिक है जिसकी वजह से समुद्र में पानी बढ़ने से भारत पर सबसे बुरा प्रभाव पड़ रहा है। भारत में साढ़े तीन करोड़ लोगों पर जलवायु परिवर्तन की वजह से हर साल तटीय बाढ़ का खतरा हो सकता है। भारी बारिश का सामना कर रहे हैं तटीय शहर : भारत के तटीय शहरों में शामिल मुंबई, चेन्नई, गोवा, विशाखापट्टनम, ओडिशा में बढ़ रहे समुद्री जलस्तर की वजह से निचले इलाकों में पानी भर जाएगा। इन शहरों में समुद्र 0.8 डिग्री गर्म हो जाएगा जिसके कारण चक्रवातों की संख्या बढ़ जाएगी। तीव्रता बढ़ने से चक्रवात बार-बार आएंगे। इन शहरों में गर्म हवाएं चल रही हैं और भारी बारिश हो रही है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि उन इलाकों में भारत शामिल हैं जिन्हें जलवायु परिवर्तन के कारण असहनीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। भारत के मैदानी शहरों दिल्ली, बिहार, पटना, लखनऊ, हैदराबाद में लोगों को जलवायु परिवर्तन की वजह से असहनीय तापमान और भयानक सर्दी जैसी मौसमी स्थितियां हैं। इन राज्यों पर जलवायु परिवर्तन का खतरा : उत्तरी और भारत के कई इलाकों में सदी के आखिरी तक लोग बेहद खतरनाक वेट-बल्ब तापमान को महसूस करेंगे। अगर उत्सर्जन बढ़ता रहा है, तो लखनऊ और पटना में 35 डिग्री सेल्सियस वेट बल्ब तापमान पहुंच जाएगा जबकि भुवनेश्वर, चेन्नई, मुंबई, इंदौर और अहमदाबाद में वेट बल्ब तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कुल मिलाकर देखा जाए, तो असम, मेघालय, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।

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