एबीएन सेंट्रल डेस्क। जनसंख्या के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। उन्होंने यूपी के उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ नई दिल्ली में पीएम मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। यूपी में फिर से बीजेपी सरकार बनने के बाद यह पहला मौका है, जब दोनों डिप्टी को एक साथ लेकर सीएम योगी दिल्ली पहुंचे हैं। पीएम मोदी और अमित शाह से मुलाकात के बाद सीएम योगी और दोनों डिप्टी सीएम पार्टी के अन्य बड़े नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के बाद सीएम योगी ने एक ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने लिखा, नए भारत के शिल्पकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट कर उनका पाथेय प्राप्त किया। आपका मार्गदर्शन सदैव ही एक सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। अपना बहुमूल्य समय प्रदान करने हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीय प्रधानमंत्री जी। इससे पहले सीएम योगी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उनके दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी उनके साथ मौजूद थे। राष्ट्रपति भवन ने अपने ट्वीट में यह जानकारी देते हुए इन नेताओं की भेंट के चित्र भी साझा किए। इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं राज्य के दो उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। बीजेपी की संसदीय बोर्ड के सदस्य बन सकते हैं सीएम योगी : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार सीएम बनने में सफल रहे हैं। बताया जा रहा है कि सीएम योगी को भाजपा संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया जा सकता है। दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं के साथ इस पर मंथन होगा। माना जा रहा है कि इस बार 4 नए सदस्यों को संसदीय बोर्ड में शामिल कराया जाएगा। फिलहाल पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान और बीएल संतोष संसदीय बोर्ड के सदस्य हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनी इंडिगो यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने वाली दुनियां की छठी सबसे बड़ी एयरलाइंस बन गई है। मार्च 2022 के लिए ओएजी फ्रीक्वेंसी एंड कैपेसिटी स्टैटिस्टिक्स की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है। रिपोर्ट के अनुसार 28 मार्च 2022 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इंडिगो ने 20.2 लाख से अधिक यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाया था जो कि एशिया में किसी भी एयरलाइंस के लिए सबसे अधिक है। ओएजी ने इंडिगो को दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली एयरलाइन बताया। जिसमें यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने में 41.3 फीसदी वृद्धि हुई। इस वर्ष 28 मार्च तक उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर कंपनी ने 20.1 लाख यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया। यात्रियों के लिए उपलब्ध सीटों के हिसाब से इंडिगो दुनिया की दस सबसे बड़ी एयरलाइनों में भी शामिल है। इंडिगो के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोनोजॉय दत्ता ने कहा, दुनिया की बड़ी एयरलाइनों में इंडिगो का शामिल होना सुखद अनुभव है। भारत के लिए यह गौरव की बात है और इस क्षेत्र में महामारी के बाद देश का मजबूत के साथ उभरना अच्छा संकेत है। दुनिया भर में कोरोना प्रतिबंधों में ढिलाई के चलते हम नए मार्गों पर सेवा प्रदान करने और उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडिगो ने अप्रैल में देश के विभिन्न हवाई अड्डों से 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के निर्धारित संचालन को फिर से शुरू करने की घोषणा की है। कंपनी ने अपने घरेलू नेटवर्क में कई नए मार्गों पर सेवा शुरू की है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अंडमान-निकोबार द्वीप पर रविवार शाम को फिर से भूकंप के झटके महससू किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम को सवा 4 बजे के करीब अंडमान निकोबार के कैंपबेल बे टाउन में भूकंप के झटके लगे हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है। रविवार तड़के भी अंडमान निकोबार द्वीप पर भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर उन झटकों की तीव्रता 4.9 मापी गई थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने दावा किया है कि कुतुब मीनार पहले "विष्णु स्तंभ" था। मीनार का निर्माण 27 हिंदू-जैन मंदिरों को तोड़कर प्राप्त सामग्री से किया गया था। हिंदू समुदाय को परेशान करने के लिए इसका निर्माण किया गया। विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि हम मांग करते हैं कि उन सभी 27 मंदिरों का पुनर्निर्माण किया जाए, जिन्हें पूर्व में गिराया गया था। इसके साथ ही हिंदुओं को कुतुब मीनार में पूजा करने की अनुमति दी जाए। पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय भी उठा चुके हैं सवाल इससे पहले पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने कुतुब मीनार परिसर में एक जगह भगवान गणेश की उल्टी प्रतिमा और एक जगह उनकी प्रतिमा को पिंजरे में बंद कर हिंदू भावनाओं को अपमानित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के महानिदेशक को पत्र लिख कर इन प्रतिमाओं को राष्ट्रीय संग्रहालय में रखवाने की मांग की है। प्रतिमाओं की फोटो एएसआई के महानिदेशक को भेजी 25 मार्च को लिखे पत्र में कहा कि अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान उन्हें बुद्धिजीवियों, प्रतिनिधिमंडलों से जूते उतारने की जगह गणेश की उल्टी प्रतिमा रखने और एक जगह पर पिंजरे में बंद रखने की शिकायत मिली। इसे भारत के संविधान की समानता और न्याय की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए उन्होंने लिखा कि इन प्रतिमाओं को सम्मान के साथ राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा जा सकता है। पत्र के साथ उन्होंने दोनों प्रतिमाओं की फोटो भी एएसआई के महानिदेशक को भेजी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि उन्हें खुशी है कि पीएम किसान सम्मान निधि और कृषि से जुड़ी अन्य योजनाएं देश के करोड़ों किसानों को नई ताकत दे रही हैं। पीएम मोदी ने ट्वीट किया- हमारे किसान भाई-बहनों पर देश को गर्व है। ये जितना सशक्त होंगे, नया भारत भी उतना ही समृद्ध होगा। मुझे खुशी है कि पीएम किसान सम्मान निधि और कृषि से जुड़ी अन्य योजनाएं देश के करोड़ों किसानों को नई ताकत दे रही हैं। उन्होंने ट्वीट के साथ पीएम किसान सम्मान निधि का पोस्टर भी साझा किया है। उसमें लिखा है कि किसान की मेहनत को दे रही एक मजबूत आधार, पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त हर बार। ट्विटर के अनुसार पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए 11.3 करोड़ किसानों के खाते में 1.82 लाख करोड़ पहुंचे है। इस निधि के जरिए सभी किसानों को सालाना छह हजार रूपए की मदद दी जाती हैं। महामारी के दौरान 1.30 लाख करोड़ रूपये की राशि हस्तांतरित की गई। इससे विशेषकर छोटे किसानों को लाभ पहुंचा है। कृषि इंफ्रास्ट्रचर फंड के जरिए कृषि संबंधित आधारभूत ढांचे के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपए के ऋण की सुविधा हैं। 11632 प्रोजेक्टों के लिए 8585 करोड़ रुपए के ऋण की मंजूरी। वहीं ई नाम के जरिए देशभर की मंडियों का डिजिटल एकीकरण किया गया है। अबतक 1.73 करोड़ इसमें पंजीकरण करा चुके हैं। ई नाम प्लेटफार्म पर अब तक 1.87 लाख करोड़ रुपए का व्यापार हुआ हैं। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि भारत के किसानों का बहुत बड़ा सबल बनी है। हर बार हर किस्त के समय से, साल हजारों करोड़ रुपए ट्रांसफर, बिना किसी बिचौलिए के, बिना किसी कमीशन के, पहले कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि भारत में ऐसा भी हो सकता है। छोटे किसान इस राशि में से अच्छी क्वालिटी के बीज खरीद रहे हैं, अच्छी खाद और उपकरण का इस्तेमाल कर रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना के नए वैरिएंट एक्सई के खतरे के बीच केंद्र सरकार ने 18+ आयु वर्ग के लोगों को एहतियाती या बूस्टर खुराक देने का फैसला कर लिया है। यह खुराक रविवार से लगनी शुरू होगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर तैयारी की है। 18 से 59 साल आयु वर्ग के लोगों को तीसरी खुराक लगवाने के लिए किसी प्रकार के पंजीयन की आवश्यकता नहीं होगी। क्योंकि, लाभार्थी पहले से ही को-विन एप पर पंजीकृत होगा। इसके अलावा तीसरी खुराक के रूप में सिर्फ उसी वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाएगा, जो पहली और दूसरी डोज के रूप में लगा होगा। बूस्टर खुराक के लिए लोगों को 150 रुपये तक खर्च करना होगे। केंद्र सरकार के इस कदम का मकसद टीका निर्माता कंपनियों के पास तैयार खुराकों को खपाना है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) और भारत बायोटेक ने कम मांग और बढ़ते स्टॉक की वजह से कोविड-19 टीकों का उत्पादन बंद कर दिया है। भारत में बूस्टर खुराक को मंजूरी मिलने पर सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि हम बूस्टर के बारे में भारत सरकार की घोषणा से खुश है। यह फैसला लंबी अवधि की सुरक्षा मुहैया कराएगा। 15 साल से अधिक उम्र के करीब 96 फीसदी बच्चों को कोविड-19 टीके की कम से कम एक खुराक लग गई है, जबकि 15 साल से अधिक उम्र की करीब 83 फीसदी आबादी को दोनों खुराक लग चुकी है। कोविन डैशबोर्ड के मुताबिक देश में अब तक कोविड-19 टीकों की 1.85 अरब खुराक लग चुकी हैं। भारत में कुल खुराकों में 83.3 फीसदी कोविशील्ड टीके की लगी हैं, जबकि कुल खुराकों में कोवैक्सीन का हिस्सा करीब 16 फीसदी रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों को करीब 2.28 बूस्टर खुराक लगी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हर घर में जल परियोजना को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया है। उन्होंने इस योजना को लेकर कहा कि जल जीवन मिशन देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे देश के विकास को नई गति मिल रही है। शनिवार को उन्होंने ट्वीट करके कहा कि आज जल जीवन मिशन देश के विकास को एक नई गति दे रहा है। पिछले 3 वर्षों से भी कम समय में देश के करोड़ों घरों में नल से जल पहुंचा है। यह जन आकांक्षाओं और जन भागीदारी की एक बड़ी मिसाल है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का विजन लोगों के घरों में पानी पहुचाने का तो है ही इसके साथ ही यह विकेंद्रीकरण का भी बहुत बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह मिशन ग्राम संचालित और नारीशक्ति द्वारा संचालित है। इसका मुख्य आधार जन आंदोलन और जन भागीदारी है। केंद्र सरकार के मुताबिक, 2019 तक सिर्फ 3.23 करोड़ घर पानी की आपूर्ति से जुड़े थे। वहीं, 2019 में जल जीवन मिशन की शुरुआत से अब तक 9.40 करोड़ घरों को जल की आपूर्ति सुविधा से जोड़ा जा चुका है। जल जीवन मिशन से देश के 107 जिलों के लगभग 1.5 लाख गांव लाभान्वित हुए हैं। 17.39 लाख स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र पेयजल आपूर्ति से जुड़े हुए हैं। केंद्र सरकार के मुताबिक, गांवों में पेयजल प्रबंधन के लिए 4.82 लाख जल समितियों का गठन किया गया है। गांवों में लगभग 9.69 लाख महिलाओं को पानी की गुणवत्ता की जांच करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। 4 लाख से अधिक गांवों में स्थानीय स्तर पर पानी की गुणवत्ता की जांच करने की सुविधा है। पीएम मोदी करेंगे संबोधित : वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है कि रामनवमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को गुजरात के जूनागढ़ में स्थित उमिया माता मंदिर के 14वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि उमिया माता मंदिर जूनागढ़ के गठिला गांव में स्थित है और माता उमिया, पटेल समुदाय की कुलदेवी मानी जाती हैं। पीएमओ कार्यालय ने पीएम के संबोधन को लेकर जानकारी दी है कि पीएम मोदी दोपहर एक बजे इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। पीएमओ ने इस मौके पर ज्यादा से ज्यादा लोगों से समारोह में आने की अपील की है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में भले ही कमी आ रही हो, लेकिन सरकार की ओर से अब 18 साल से 59 साल तक के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने का फैसला लिया गया है। 10 अप्रैल यानी कल से बूस्टर डोज लगनी शुरू होगी। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने शनिवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों से बातचीत की है। उन्होंने इस दौरान कई अहम निर्देश दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों से कहा है कि कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने के दौरान निजी टीकाकरण केंद्र 150 रुपये से अधिक फीस नहीं वसूल पाएं। यह 150 रुपये की अधिकतम फीस कोरोना वैक्सीन के दाम से अलग होगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी है कि व्यक्ति को जिस वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज लगी होगी, उसे बूस्टर डोज भी उसी वैक्सीन की ही लगेगी। बूस्टर डोज लगवाने के लिए कोई नया रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा। कोविन एप पर पहले से ही किए गए रजिस्ट्रेशन के जरिये बूस्टर डोज लगाई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि कोविड-19 की बूस्टर डोज निजी टीकाकरण केंद्रों में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा सभी निजी टीकाकरण केंद्रों में होगी। वहीं वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा है कि उसकी कोविशील्ड वैक्सीन की बूस्टर डोज की कीमत पात्र लोगों के लिए 600 रुपये प्रति खुराक होगी। मौजूदा समय में किसी व्यक्ति को कोविड के अलग-अलग टीकों की डोज देने की देश में अनुमति नहीं है, जिसका मतलब है कि बूस्टर डोज उसी टीके की होगी जिसकी पहली व दूसरी खुराक दी गई थी। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्विटर पर कहा था, कोरोना के ख़िलाफ लड़ाई अब और मज़बूत होगी। अब 18 वर्ष की आयु से अधिक के नागरिक 10 अप्रैल से प्राइवेट सेंटर (निजी टीकाकरण केंद्र) में बूस्टर लगवा सकेंगे। जिन नागरिकों को टीके की दूसरी खुराक लगे 9 महीने हो चुके है वे इसके लिए पात्र होंगे।
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