एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड में राजनीतिक कड़वाहट के बीच सीएम हेमंत सोरेन ने हैदराबाद से लोगों को स्वीट संदेश दिया है। मां रूपी सोरेन के इलाज के लिए बीते दिनों हैदराबाद आए मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां एक अस्पताल में इलाजरत मुख्य विपक्षी दल भाजपा के नेता और रांची सांसद संजय सेठ से भी मुलाकात की। सीएम हेमंत सोरेन ने रांची सांसद को गले लगाया और उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए शुभकामना दी। उन्हें प्रोत्साहित भी किया। बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को हैदराबाद में Asian Institute Of Gastroenterology (AIG) में इलाजरत रांची के सांसद संजय सेठ से मुलाकात की और मुख्यमंत्री ने सांसद संजय सेठ के स्वास्थ्य की जानकारी ली और कुशल क्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री की मां रूपी सोरेन का भी इलाज इन दिनों हैदराबाद के इसी अस्पताल में चल रहा है। उन्हें यहां के एआईजी (एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरालॉजी) अस्पताल में ही भर्ती कराया गया है। इससे पहले उन्हें 20 अप्रैल रांची के हिल व्यू अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए यहां लाया गया था। जहां प्रख्यात डॉक्टर नागेश्वर रेड्डी उनका इलाज कर रहे हैं। इधर झारखंड में राजनीतिक हलचल तेज है। झारखंड में मुख्य विपक्षी दल भाजपा खनन पट्टा आवंटन मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन पर हमलावर है। पार्टी इस मामले में सीएम पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की शिकायत के बाद निर्वाचन आयोग ने इस मामले में रिपोर्ट मांगा है। वहीं जेएमएम भी भाजपा नेताओं पर पलटवार कर रही है। जेएमएम पत्थर खदान लीज मामले में किसी गड़बड़ी से इंकार कर रही है। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास पर उल्टे भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है। दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर निजी हमलों से भी बाज नहीं आ रहे हैं। इस बीच विपक्षी दल भाजपा के नेता से हैदराबाद के अस्पताल में सीएम की मुलाकात को राजनीतिक गलियारे में अच्छा संदेश माना जा रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में गहराए बिजली संकट को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में कोयला मंत्री, उर्जा मत्री और रेल मंत्री भी मौजूद हैं। ये बैठक गृहमंत्री के घर पर हो रही है। बता दें कि इससे पहले अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री के बयान आए थे कि उनके राज्यों को कोयला नहीं मिल पा रहा है जिसकी वजह से बिजली संकट खड़ा हो रहा है, जिसे देखते हुए गृहमंत्री ने ये आपात बैठक बुलाई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विमानन नियामक डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) ने सोमवार को कहा कि उसने मुंबई-दुर्गापुर उड़ान मामले की जांच के लिए एक बहुआयामी टीम गठित की है। दरअसल, स्पाइसजेट की मुंबई-दुर्गापुर उड़ान को हवाईअड्डे पर उतरते समय रविवार को गंभीर वायुमंडलीय विक्षोभ का सामना करना पड़ा, जिस दौरान उसमें सवार 15 लोग घायल हो गए। स्पाइसजेट ने सोमवार को कहा कि मुंबई-दुर्गापुर उड़ान में रविवार को हादसे के समय सीट बेल्ट साइन चालू था और चालक दल के सदस्यों की ओर से यात्रियों को बैठने के लिए कई घोषणाएं की गईं थीं। डीजीसीए के अधिकारियों ने कहा कि इस उड़ान में 12 यात्री और चालक दल के तीन सदस्यों समेत कुल 15 लोग घायल हो गए थे। डीजीसीए प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि हमने इस घटना की नियामकीय जांच करने के लिए एक बहुआयामी टीम गठित की है। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि एक मई को मुंबई से दुर्गापुर जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान एसजी-945 पर यात्रा करने वाले 11 यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिन्हें उतरने के दौरान गंभीर वायुमंडलीय विक्षोभ का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप कुछ यात्रियों को चोटें आईं। स्पाइसजेट प्रवक्ता के मुताबिक अस्पताल में भर्ती आठ लोगों को छुट्टी दे दी गयी है। कंपनी घायल लोगों की हर संभव मदद कर रही है। प्रवक्ता ने बताया कि विमान के दुर्गापुर में उतरने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करायी गयी। उन्होंने कहा कि स्पाइसजेट इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर खेद व्यक्त करता है और वह घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को समीक्षा बैठक में अधिकारियों को त्यौहार पर बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने का निर्देश दिया है। सीएम योगी प्रदेश में बिजली की मांग और आपूर्ति में भी समन्वय बनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती और ईद के अवसर पर प्रदेश में बिजली आपूर्ति सुचारू रखें। कहीं पर भी अनावश्यक कटौती न हो। इसके साथ ही सीएम ने सभी धर्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता, पेयजल आदि के प्रबंध किए जाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी ने बैठक में कहा कि बीते दिनों की दिल्ली यात्रा के दौरान उनकी गृह मंत्री अमित शाह के साथ ही ऊर्जा मंत्री और रेल मंत्री के साथ बिजली आपूर्ति के संबंध में सकारात्मक बातचीत हुई। तीनों मंत्रियों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। कोयले की ढुलाई के लिए रेलवे हमें अतिरिक्त रैक देने जा जा रहा है तो भारत सरकार से अतिरिक्त बिजली भी प्राप्त होगी। इस दौरान भी रोस्टर के अनुरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए समुचित प्रबंध किए जाएं। सीएम ने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है और रोस्टर के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराएं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नवनियुक्त थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने रविवार को कहा कि देश के समूचे क्षेत्र में वर्तमान, समकालीन और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहद उच्च मानक की संचालन संबंधी तैयारियां सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च व सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होगी। जनरल पांडे ने यह भी कहा कि वह थलसेना की संचालन और कार्यात्मक दक्षता को बढ़ाने के लिए जारी सुधारों, पुनर्गठन और परिवर्तन के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। जनरल पांडे थलसेना प्रमुख का पदभार संभालने के एक दिन बाद साउथ ब्लॉक के लॉन में औपचारिक "गार्ड ऑफ ऑनर" दिए जाने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति तेजी से बदल रही है, जिसके परिणामस्वरूप हमारे सामने कई चुनौतियां हैं। थलसेना प्रमुख ने कहा कि मेरी सर्वोच्च व सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता देश के समूचे क्षेत्र में वर्तमान, समकालीन और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहद उच्च मानक की संचालन संबंधी तैयारियां सुनिश्चित करना होगी। उन्होंने कहा कि थलसेना भारतीय वायुसेना और नौसेना के समन्वय से राष्ट्र के सामने आने वाली सभी संभावित सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटेगी। जनरल पांडे ने कहा कि थलसेना के आधुनिकीकरण एवं क्षमता विकास के मामले में मेरा प्रयास स्वदेशीकरण के माध्यम से नई तकनीक का लाभ उठाने का होगा। जनरल मनोज पांडे ने जनरल एमएम नरवणे के सेवानिवृत्त होने के बाद शनिवार को 29वें थलसेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था। इससे पहले, वह थलसेना के उप प्रमुख थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विज्ञान भवन में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरन रिजिजू और भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना शामिल हुए। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू, मेघालय के सीएम कोनराड संगमा और पंजाब के सीएम भगवंत मान के साथ राज्यों के सीएम और हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस भी शामिल हुए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत सरकार न्यायिक प्रणाली में प्रौद्योगिकी को डिजिटल इंडिया मिशन का एक अनिवार्य हिस्सा मानती है। ई-कोर्ट परियोजना आज मिशन मोड में लागू की जा रही है। पीएम मोदी दिल्ली में विज्ञान भवन में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि हम न्यायिक व्यवस्था में सुधार के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हम न्यायिक बुनियादी ढांचे में सुधार और उन्नयन के लिए भी काम कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमें अदालतों में स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहिए। इससे देश के आम नागरिकों का न्याय व्यवस्था में विश्वास बढ़ेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोयले की कमी की बीच एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत में 10 फीसदी या उससे कम कोयला बचा है। दरअसल, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) की डेली कोल स्टॉक रिपोर्ट में कहा गया है कि 165 थर्मल पावर प्लांट्स में से 56 में 10 फीसदी या उससे कम कोयला बचा है और कम से कम 26 के पास 5 फीसदी से कम स्टॉक बचा है। आपको बता दें कि भारत की 70 फीसदी बिजली की आपुर्ति कोयले से पूरी होती है। डेटा के अनुसार, रेलवे ने कोयले की लोडिंग बढ़ा दी है, जो औसतन एक दिन में 400 है। यह पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि नेशनल ट्रांसपोर्टर ने एक दिन में कोयला के लिए 533 रैक लगाए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 53 अधिक है। गुरुवार को 427 रैक में 1.62 मिलियन टन कोयला लोड किया गया था। वहीं, देश में कोयला संकट के बीच कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया। उनका कहना है कि मोदी सरकार देश भर में बिजली प्लांट्स को कोयला उपलब्ध नहीं करा रही है जिससे बिजली संकट पैदा हो रहा है। कांग्रेस नेता का कहना है कि केंद्र सरकार के कुशासन और कुप्रबंधन के कारण भीषण गर्मी में यह संकट पैदा हुआ है। देश के 16 राज्य रोजाना 10 घंटे तक बिजली कटौती करने को मजबूर हैं और 72,074 मेगावाट क्षमता वाले बिजलीघर कोयले की कमी के चलते काम नहीं कर रहे हैं। 22 लाख टन कोयले की दैनिक मांग के बावजूद केवल 16 लाख टन की आपूर्ति क्यों की जा रही है। उन्होंने सवाल किया है कि बिजली आपूर्ति की मांग और मौजूदा बिजली संकट को हल करने के लिए सरकार की क्या योजना है?
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में पिछले साल आई कोविड महामारी के कारण हुए नुकसान से उबरने में भारत को 13 साल लगेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 2020-21 के लिए (-) 6.6 प्रतिशत की वास्तविक विकास दर, 2021-22 के लिए 8.9 प्रतिशत और 2022-23 के लिए 7.2 प्रतिशत की विकास दर और उससे आगे 7.5 प्रतिशत की वृद्धि को मानते हुए, भारत के 2034-35 में कोविड -19 घाटे से उबरने की उम्मीद है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, 2020-21, 2021-22 और 2022-23 के लिए अलग-अलग वर्षों के लिए उत्पादन घाटा क्रमशः 19.1 लाख करोड़ रुपए, 17.1 लाख करोड़ रुपये और 16.4 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। आरबीआई का कहना है कि अभी भी देश में महामारी खत्म नहीं हुई है। चीन, दक्षिण कोरिया और यूरोप के कई हिस्सों में कोविड की एक ताजा लहर आई है। वहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के साथ, वैश्विक और घरेलू विकास के घाटे का जोखिम वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों के जरिए बढ़ रहा है।
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