एबीएन सेंट्रल डेस्क। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका देने वाले हार्दिक पटेल ज्लद ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल 2 जून को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं। बीजेपी से जुड़े सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। बता दें कि हार्दिक पटेल कांग्रेस पार्टी से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। अब गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 से पहले वह भाजपा का दामन थाम सकते हैं। इससे पहले कांग्रेस पार्टी छोड़ने पर हार्दिक ने बताया था कि कांग्रेस में मुझे काम करने का मौका नहीं मिला, इस पार्टी में मेरी सुनवाई नहीं हुई। मैंने राहुल गांधी के चलते कांग्रेस ज्वाइन की थी, वो मेरा कांग्रेस में बचाव नहीं कर सके, ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने से क्या फायदा। मैंने अपने इस्तीफे में कहीं भी राहुल गांधी का जिक्र नहीं किया था। मैंने सोनिया गांधी को इस्तीफा भेजा था उनसे मेरी कोई नाराजगी नहीं है। हार्दिक पटेल ने आगे बताया, मेरा राजनीति में कोई गॉडफादर नहीं था, मेरे पिता विधायक या मंत्री नहीं थे, मैं युवा नेता के तौर पर कांग्रेस छोड़ रहा हूं इसमें मुझे चिंता करने की बात नहीं है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हजारीबाग के किसानों से सीधे बात करेंगे। इसकी तैयारी हजारीबाग होली क्रॉस कृषि विज्ञान केंद्र में पूरी कर ली गयी है। हजारीबाग के किसानों के लिए आज का दिन बेहद खास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग 500 किसानों के साथ संवाद स्थापित करेंगे। इसको लेकर हजारीबाग कैनरी रोड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में तैयारी पूरी है। किसानों से सीधे बातचीत करने को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। यह जानकारी निदेशक सिस्टर साजिटा ने दी है। उन्होंने बताया है कि आईसीएमआर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार होली क्रॉस में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 500 किसान हिस्सा लेंगे, इसके लिए तैयारी कर ली गयी है। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सदर विधायक मनीष जायसवाल और उपायुक्त नैंसी सहाय होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शिमला में गरीब कल्याण कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहीं से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 11वीं किस्त जारी करेंगे। इस किस्त में कुल 21 हजार करोड़ रुपये किसानों के खाते में खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान लाभार्थियों से संवाद करेंगे।
एबीएन एडिटोरियल डेस्क (विनय उमरजी)। रक्षा एवं एयरोनॉटिक्स क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ाते हुए अदाणी डिफेंस सिस्टम्स ऐंड टेक्नोलॉजिज लिमिटेड ने वाणिज्यिक तौर पर ड्रोन बनाने वाली बेंगलूरु की कंपनी जनरल एयरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड में 50 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने की घोषणा की है। अदाणी डिफेंस सिस्टम्स ऐंड टेक्नोलॉजिज लिमिटेड अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई है। दोनों पक्षों में से किसी ने भी सौदे की रकम का खुलासा नहीं किया है। जनरल एयरोनॉटिक्स में 50 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण से अदाणी डिफेंस सिस्टम्स ऐंड टेक्नोलॉजिज को अपना सैन्य ड्रोन तैयार करने और घरेलू कृषि क्षेत्र में विस्तारित कार्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग दक्षता हासिल करने में मदद मिलेगी। जनरल एयरोनॉटिक्स एंड-टु-एंड कृषि प्लेटफॉर्म समाधान उपलब्ध कराती है। वह कृषि क्षेत्र के लिए फसल सुरक्षा सेवा, फसल स्वास्थ्य, कीमती फसलों की खेती और उपज की निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग के साथ ड्रोन एवं ड्रोन आधारित समाधान उपलब्ध कराती है। यह अधिग्रहण सौदा 31 जुलाई 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। बीएसई पर अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर आज 1.58 फीसदी बढ़त के साथ 2,080.10 रुपये पर बंद हुआ।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजकोट के एटकोट में नवनिर्मित माटुश्री केडीपी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे। बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने शनिवार सुबह ट्वीट करते हुए लिखा, आज गुजरात में रहूंगा, जहां राजकोट और गांधीनगर में कार्यक्रमों में शिरकत करूंगा। इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य सेवा, सहकारिता और किसान कल्याण जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजकोट के एटकोट में नवनिर्मित माटुश्री केडीपी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे। गुजरात के राजकोट के एटकोट में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि आज यहां माटुश्री केडीपी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ हुआ। ये अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनायेगा। जब सरकार के प्रयास में जनता का प्रयास जुड़ जाता है तो सेवा की हमारी शक्ति भी बढ़ जाती है, राजकोट में बना ये अस्पताल इसका बड़ा उदाहरण है। पीएम ने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार राष्ट्रीय सेवा के 8 साल पूरे कर रही है। इन वर्षों में हमने गरीब की सेवा, सुशासन और गरीब के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चलते हुए हमने देश के विकास को नई गति दी है। आज जब गुजरात की धरती पर आया हूं तो मैं सिर झुकाकर गुजरात के सभी नागरिकों का आदर करना चाहता हूं। आपने मुझे जो संस्कार और शिक्षा दी, समाज के लिए जीने की बातें सिखाई, उसकी की बदौलत मैंने मातृभूमि की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास इस मंत्र पर चल कर हमने देश के विकास को एक नई गति दी है। इन 8 सालों में हमने पूज्य बापू और सरदार पटेल के सपनों का भारत बनाने के लिए ईमानदार प्रयास किए हैं। गरीबों की सरकार होती है तो कैसे उसकी सेवा करती है, उन्हें सशक्त करने के लिए काम करती है, ये आज पूरा देश देख रहा है। 100 साल के सबसे बड़े संकट काल में भी देश ने ये लगातार अनुभव किया है। महामारी शुरू हुई तो गरीब के सामने खाने-पीने की समस्या हुई, तो हमने देश के अन्न भंडार खोल दिए। पीएम ने कहा कि हमारी माताएं-बहनें सम्मान से जी सके इसके लिए हमने उनके जन धन बैंक खाते में सीधे पैसे जमा किए। किसानों और मजदूरों के बैंक खाते में पैसे जमा किए। हमने मुफ्त गैस सिलेंडरों की भी व्यवस्था की ताकि गरीब के घर की रसोई हमेशा चलती रहे। जब हर नागरिक तक सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य होता है तो भेदभाव भी खत्म होता है, भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी नहीं रहती, न भाई-भतीजावाद रहता है ना जात-पात का भेद रहता है, इसलिए हमारी सरकार मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को नागरिकों तक पहुंचाने में जी जान से जुटी हुई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात दौरे पर पहुंचे। उन्होंने राजकोट के अटकोट में नवनिर्मित मातुश्री केडीपी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल उद्घाटन किया। यह अस्पताल 40 करोड़ की लागत से बना है। एयरपोर्ट पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी की आगवानी की। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भी गुजरात में हैं। वह जामनगर में कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। पटेल सेवा समाज की ओर से इस मल्टीस्पेशिलिटी अस्पताल का निर्माण कराया गया है। पीएम मोदी ने अस्पताल के उद्घाटन के बाद पाटीदार समाज की जनसभा को भी संबोधित किया। मौके पर प्रधानमंत्री के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल, केंद्रीय मंत्री परसोत्तमभाई रूपला मौजूद रहे। पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ये आप के ही संस्कार हैं, पूज्य बापू और सरदार पटेल की इस पवित्र धरती के संस्कार हैं कि 8 साल में गलती से भी ऐसा कुछ नहीं किया है, जिसके कारण आपको या देश के किसी नागरिक को अपना सिर झुकाना पड़े। आज जब गुजरात की धरती पर आया हूं तो मैं सिर झुकाकर गुजरात के सभी नागरिकों का आदर करना चाहता हूं। उन्होंने कहा, आपने मुझे जो संस्कार और शिक्षा दी, समाज के लिए जीने की बातें सिखाई, उसकी बदौलत मैंने मातृभूमि की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार राष्ट्रसेवा के 8 साल पूरे कर रही है। इन वर्षों में हमने गरीब की सेवा, सुशासन और गरीब के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चलते हुए हमने देश के विकास को नई गति दी है। हमारी माता-बहनों के जनधन बैंक खाते में सीधे पैसे जमा किए। किसानों और मज़दूरों के बैंक खाते में पैसा जमा किया। हमने मुफ्त गैस सिलेंडरों की भी व्यवस्था की ताकि गरीब की रसोई चलती रहे। आज गरीबों की सरकार उनकी सेवा कर रही है : PM मोदी- पीएम मोदी ने कहा, गरीबों की सरकार होती है तो कैसे उसकी सेवा करती है, उन्हें सशक्त करने के लिए काम करती है, ये आज पूरा देश देख रहा है। 100 साल के सबसे बड़े संकट काल में भी देश ने ये लगातार अनुभव किया है। महामारी शुरू हुई तो, गरीब के सामने खाने-पीने की समस्या हुई, तो हमने देश के अन्न भंडार खोल दिए। हमारी सरकार सुविधाओं को शत प्रतिशत नागरिकों तक पहुंचाने के लिए अभियान चला रही है। जब हर नागरिक तक सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य होता है तो भेदभाव भी खत्म होता है, भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी नहीं होती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा सौराष्ट्र की राजनीति के लिए खास माना जा रहा है। गुजरात में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। बीते चुनाव में पाटीदारों की नारजागी के कारण भाजपा 100 का आंकड़ा पार नहीं कर पाई थी। इसका सबसे ज्यादा असर सौराष्ट्र क्षेत्र में ही देखने मिला था। यहां की 56 सीटों में 32 सीटें कांग्रेस को मिली थीं, जबकि भाजपा के खाते में सिर्फ 22 सीटें आई थीं। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा पाटीदारों को साधने में जुटी है। पिछले चुनाव में पाटीदार आरक्षण आंदोलन का असर भाजपा के प्रदर्शन पर दिखा था और उसे कांग्रेस से कड़ी चुनौती मिली थी। बीजेपी इस बार चुनाव में फूल प्रूफ प्लानिंग के साथ उतरने की तैयारी में है।
टीम एबीएन, रायपुर। इसाई मिशनरियों, वामपंथियों व उनके इशारों पर कार्य करने वाले लोगों द्वारा जनजातीय समाज के अधिकारों पर कुठाराघात, पूज्य संतों के अपमान तथा हिंसा के सहारे छत्तीसगड़िया समाज को डराने धमकाने के प्रयासों की विश्व हिन्दू परिषद ने घोर निंदा की है। दो दिन पूर्व गुंडरदेही में हुई हिंसा, तोड़फोड़, एवं मारपीट की घटना पर छोभ व्यक्त करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय महा-मंत्री मिलिंद परांडे ने आज कहा कि यह कोई एक-मेव घटना नहीं है। इससे पूर्व भी गत एक मई को बलोदा जिले के ग्राम तुएगोंदी में भी उन्हीं लोगों द्वारा हिंसा का सहारा लेकर स्थानीय समाज को डराने धमकाने का कुत्सित प्रयास किया गया। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि ये घटनाएं माओवादी व ईसाई मिशनरियों द्वारा प्रेरित हैं। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल द्वारा अपने भाषण में अल्पसंख्यक व अहिंसक जैन समाज के साधु संतों पर की गई अशोभनीय टिप्पणी से सम्पूर्ण हिन्दू समाज की धार्मिक भावनायें आहत हुई हैं। राज्य सरकार को इस विषय में कठोर कदम उठाते हुए हिंसक व समाज कंटकों के विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए। आपस में लड़ाकर हिंदू समाज को तोड़ने की मिशनरी और माओवादियों के षड्यन्त्र किसी से छुपे नहीं हैं। हिन्दू समाज को इन्हें समझकर सचेत रहना होगा। विश्व हिन्दू परिषद ऐसी शक्तियों के कुत्सित मंसूबों को अच्छी तरह जानती है। उन्होंने मांग की है कि 1) गत 25 मई को गुण्डरदेही में हुई हिंसा के उपद्रवियों और उनके नेता अमित बघेल पर हिंसा, धार्मिक भावनाएं भड़काने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के साथ-साथ विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई कर गिरफ्तार किया जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति राज्य की शांति व्यवस्था और हिन्दू समाज की एकता को खंडित न कर सके। 2) जनजाति समाज के जो लोग मतांतरित होकर ईसाई या मुसलमान बन गए हैं, उन्हें जनजाति आरक्षण के लाभ से वंचित किया जाए तथा; 3) हिंसा से प्रभावित व्यापारी तथा अन्य नागरिकों के नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करे। 4) जनबली की धमकी के मध्य नजर, संतों, मंदिरों व उनके आश्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित करे राज्य सरकार। उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद् (छत्तीसगढ़ प्रांत, रायपुर) के प्रांत मंत्री विभूतिभूषण पांडे ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केयर्न से लेकर हचिसन, हार्र्ली डेविडसन, जनरल मोटर्स, फोर्ड, होल्सिम, सिटीबैंक, बार्कलेज, आरबीएस और अब मेट्रो कैश ऐंड कैरी तक बड़ी वैश्विक कंपनियों के भारत से बाहर जाने अथवा यहां अपने कारोबार का आकार छोटा करने की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। गत वर्ष दिसंबर में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संसद को बताया था कि 2014 से नवंबर 2021 के बीच भारत में पंजीकृत कार्यालय या अनुषंगी कंपनी रखने वाली 2,783 विदेशी कंपनियों ने अपना कामकाज बंद कर दिया। यह आंकड़ा बहुत बड़ा है क्योंकि गोयल के जवाब के मुताबिक देश में केवल 12,458 विदेशी अनुषंगी कंपनियां सक्रिय हैं। ऐसी कंपनियों ने देश से बाहर जाने के लिए विशिष्ट कारण भी गिनाए हैं। बाजार में पैठ नहीं बना पाना (जीएम, फोर्ड), पर्यावरण के अनुकूल कारोबार में बदलाव (होल्सिम) और आंतरिक पुनर्गठन (सिटी) जैसे कारण बताए गए। परंतु कई कंपनियों ने नियामकीय अनिश्चितता (केयर्न, मेट्रो, 19 वर्ष बाद) या ऊंचे शुल्क की बाधाओं (हार्ली) के कारण भी यहां कारोबार समेटा। ये निर्गम आंतरिक रणनीतिक कारणों से हों या बाहरी कारणों यानी नीतिगत या नियामकीय अस्पष्टता के कारण, तथ्य यही है कि इन विदेशी कंपनियों को भारत में कारोबार करना उचित नहीं लगता और यह चिंता का विषय होना चाहिए। यानी उन्हें इस कथानक पर यकीन नहीं है कि भारत दुनिया के सबसे तेज विकसित होते बाजारों में से एक है। अमेरिका के साथ कारोबारी युद्ध के बाद चीन ने जो दबाव बनाया है उसने भी भारत को एक वैकल्पिक केंद्र बनने का अवसर दिया। चीन के मौजूदा कठोर कोविड-19 लॉकडाउन ने इन अवसरों में और इजाफा किया है। हालांकि भारत ने कहा कि वित्त वर्ष 2022 में उसने रिकॉर्ड 83.57 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल किया लेकिन इसमें से ज्यादातर पैसा यूनिकॉर्न स्टार्टअप को गया। दबाव में चल रहे चीन में वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में ही 74.47 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आ गया है। भारत के नीति निर्माता ऐपल के वेंडर्स मसलन फॉक्सकॉन और विस्ट्रॉन की मौजूदगी और उनके उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के अधीन संयंत्र स्थापित करने को रेखांकित कर सकते हैं। वास्तव में यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। लेकिन ऐपल ने वियतनाम और इंडोनेशिया में भी काफी निवेश करने की घोषणा की है। इससे यही संकेत निकलता है कि भारत निवेश के लिए अनिवार्य केंद्र नहीं है। यहां तक कि पीएलआई योजना भी दूरसंचार क्षेत्र के अलावा उपक्रमों को बहुत लुभा नहीं पाई है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र की बात करें तो सरकार की इच्छा भारत को हाईटेक केंद्र बनाने की है लेकिन अब तक कोई बड़ी कंपनी आगे नहीं आयी है। फोर्ड ने पहले भारत से कारोबार समेटने की बात कही थी लेकिन बाद में वह पीएलआई योजना के तहत कार बनाने को तैयार हो गई थी लेकिन अब उसने इससे भी किनारा कर लिया है। कंपनियों के इस प्रकार अलग-अलग होने से संकट में अधिक इजाफा भले न हो लेकिन इससे भारत की रोजगार निर्माण करने वाले विनिर्माण केंद्र की छवि को धक्का पहुंचेगा। इस संदर्भ में आर्थिक नीति निमार्ता शायद राष्ट्रवादी विचारधारा के ढांचे से इतर कई मुद्दों को हल करना चाहें। पहली बात तो यह कि उच्च संरक्षण वाले शुल्क की रणनीति जो आत्मनिर्भरता की नीति के मूल में है वह उन कंपनियों के लिए कारगर है जो वैश्विक आपूर्ति शृंखला के तहत संचालित हैं। दूसरा, ऐसे नियामकीय माहौल में जहां घरेलू कंपनियां और सरकार अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अवार्ड को अपनी मर्जी से अनदेखा कर देती हैं, क्या सही संकेत जाता है। हालांकि सरकार ने केयर्न एनर्जी के मामले में शर्मनाक हालात में कदम वापस खींच लिए लेकिन मौजूदा फ्यूचर-एमेजॉन मामला भी भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम नहीं करेगा। कुल मिलाकर स्थिर निवेश केंद्र के रूप में भारत के लिए परिदृश्य बहुत अच्छा नहीं है और इसका अर्थ यह है कि हम बड़ा अवसर गंवा रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने वित्त मंत्रालय से स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ क्रूज जहाज से मादक द्रव्य की बरामदगी मामले की कथित तौर पर लचर जांच करने को लेकर कार्रवाई करने को कहा है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस मामले में पिछले साल फिल्म अभिनेता शाहरूख खान के बेटे आर्यन की भी गिरफ्तारी हुई थी। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर फर्जी जाति प्रमाण-पत्र देने के मामले में भी वानखेड़े के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है। अक्टूबर 2021 में क्रूज जहाज से मादक द्रव्य की बरामदगी मामले में शुक्रवार को आर्यन खान को स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने क्लीन चिट दे दी। वानखेड़े भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए वित्त मंत्रालय नोडल प्राधिकरण है। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने सक्षम प्राधिकारी से क्रूज जहाज से मादक द्रव्य की बरामदगी मामले में कथित लचर जांच के लिए वानखेड़े के खिलाफ उचित कार्रवाई करने को कहा है। गौरतलब है एनसीबी ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को क्रूज जहाज पर मादक पदार्थ मिलने के मामले में शुक्रवार को क्लीन चिट दे दी। इस मामले में पिछले साल उन्हें गिरफ्तार किया गया था। एनसीबी प्रमुख एसएन प्रधान ने कहा, हमने सबूत के सिद्धांत के आधार पर जांच की। प्रधान ने दिल्ली में कहा, हमें 14 लोगों के खिलाफ भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मिले और छह के खिलाफ सबूत अपर्याप्त थे।
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