एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की वकालत करते हुए शनिवार को कहा कि कृषि और निर्माण क्षेत्र के उपकरणों में इथेनॉल का उपयोग शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि ऊर्जा और बिजली के क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए देश हर साल 10 लाख करोड़ रुपये मूल्य के पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करता है और अगले पांच वर्षों में यह मांग बढ़कर 25 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जिससे अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। गडकरी पुणे के वसंत दादा चीनी संस्थान द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित चीनी सम्मेलन-2022 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, वैकल्पिक ईंधन ही भविष्य है। इलेक्ट्रिक स्कूटर, कार और बसों के बाद अब हमारे पास जल्दी ही इलेक्ट्रॉनिक ट्रैक्टर और ट्रक भी आ जाएंगे। मैं शीघ्र ही इन्हें सामने लाना जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि डीजल से संचालित होने वाले कृषि उपकरणों को अब पेट्रोल इंजन में बदलना चाहिए और फ्लेक्स इंजनों को इथेनॉल इंजनों में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि निर्माण उपकरणों में भी इथेनॉल इंजन के प्रयास किये जा रहे हैं। चीनी उत्पादन से इथेनॉल की ओर बढ़ने की जरूरत पर बल देते हुए मंत्री ने कहा, दुनिया में चीनी की मांग में वृद्धि अस्थायी है। जब कच्चे तेल का दाम 140 डॉलर प्रति बैरल हो जाता है ब्राजील गन्ने से इथेनॉल का उत्पादन करने लगता है और भारत से चीनी की मांग बढ़ जाती है । लेकिन जब कच्चे तेल का दाम घटकर 70-80 डॉलर हो जाता है तब ब्राजील चीनी का उत्पादन करने लगता है। गडकरी ने कहा, हमने अपने देश में पेट्रोल में 20 फीसद इथेनॉल मिलाने का फैसला किया है। उस हिसाब से हमें 1000 करोड़ लीटर इथेनॉल की जरूरत होगी। हमारी चीनी फैक्टरियों की इतना ईंधन उत्पादन करने की क्षमता नहीं है। निकट भविष्य में गन्ने के दाम नहीं घटेंगे बल्कि चीनी का भाव घट सकता है। इसलिए यही समय है कि चीनी उद्योग इथेनॉल की ओर रूख करे। हमें पेट्रोलियम मंत्री से बात कर मार्ग ढूंढ़ना होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने अमेरिकी वार्षिक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट में अपनी आलोचनाओं को खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को महत्व देता है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में वोट बैंक की राजनीति की जा रही है। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी वार्षिक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट के संबंध में मीडिया के सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अपने बयान में यह बात कही। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने गुरुवार को यह रिपोर्ट जारी की थी। बागची ने कहा कि हमने अमेरिकी विदेश विभाग की वार्षिक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट 2021 और कुछ वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों की गलत सूचना पर आधारित टिप्पणियों को देखा है। उन्होंने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में वोट बैंक की राजनीति की जा रही है। हम आग्रह करेंगे कि प्रेरित जानकारी और पक्षपातपूर्ण विचारों के आधार पर मूल्यांकन से बचा जाना चाहिए। भारत धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को महत्व देता है विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि एक स्वाभाविक बहुलतावादी समाज होने के नाते भारत धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को महत्व देता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ हमारी चर्चाओं में हमने वहां ऐसे मुद्दों पर चिंताओं को रेखांकित किया है, जिसमें जातीय एवं नस्लीय प्रेरित हमले, घृणा अपराध और बंदूक आधारित हिंसा शामिल है। भारत में बढ़ रहे धार्मिक स्थलों पर हमले : गौरतलब है कि अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने गुरुवार को वार्षिक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट जारी करने के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनियाभर में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकार कैसे खतरे में हैं। उन्होंने कहा था कि उदाहरण के तौर पर भारत में जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और जहां कई धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं, वहां हम लोगों और धार्मिक स्थलों पर हमले बढ़ते देख रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में एक बार फिर कोरोना केसों को लेकर केंद्र सरकार ने 5 राज्यों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इन राज्यों में अचानक से कोरोना केसों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को अलर्ट रहने, उभरते समूहों की बारीकी से निगरानी करने और सभी जरूरी सुरक्षा उपायों को लागू करने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार ने तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों को टेस्टिंग की गति बनाए रखने को कहा है, साथ ही जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए नमूने भेजने को कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा है कि उभरते केसों की रोकथाम जरूरी है। ऐसे में जरूरत हो तो राज्य सरकारें सख्त कदम भी उठा सकती हैं। कोरोना वायरस संक्रमण मामले में सख्त निगरानी करनी चाहिए। दरअसल सरकार कोरोना की चौथी लहर को रोकने की कोशिश में जुटी हुई है। सरकार का कहना है कि देश ने कोरोना की लहरों को देखा है, जिसमें दूसरी लहर सबसे ज्यादा घातक साबित हुई थी। इसके बाद बड़ी संख्या में हुए टीकाकरण और जागरुकताा के कारण तीसरी लहर में मौतों की संख्या ज्यादा नहीं बढ़ी और अब कोशिश की जा रही है कि चौथी लहर न आ पाए। महाराष्ट्र-केरल में कोरोना केस का आंकड़ा 1000 के पार पहुंचा : महाराष्ट्र में गुरुवार को कोरोना केस का आंकड़ा 1000 के पार पहुंच गया और मुंबई में 700 से अधिक केस सामने आए। यहां भी राज्य सरकार ने कोरोना टास्क फोर्स की बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की है। इसके बाद केरल में भी 1000 से अधिक कोरोना केस सामने आए हैं और कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी कोरोना पॉजिटव पाई गई हैं। बता दें कि इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सोनिया गांधी के अलावा कई कांग्रेसी नेता भी कोरोना पॉजिटिव आए हैं। प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि मैं कोविड संक्रमित हो गई हूं, मुझे कोरोना के हल्के लक्षण हैं। सभी प्रोटोकॉल्स का ध्यान रखते हुए मैंने खुद को घर में क्वारंटाइन कर लिया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार "पीएम श्री स्कूल" स्थापित करने की प्रक्रिया में है जो छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति की प्रयोगशाला होंगे। गुजरात के गांधीनगर में देशभर के शिक्षा मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधान ने यह बात कही। प्रधान ने कहा कि जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं तब राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021 ने पठन-पाठन के स्तर एवं सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने तथा शिक्षा की गुणवत्ता के मूल्यांकन को मजबूत बनाने में हमारे सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के गंभीर प्रयासों के प्रति विश्वास जगाया है। उन्होंने कहा कि जब हम 21वीं सदी के अवसरों एवं चुनौतियों के लिये तैयारी कर रहे हैं तो ऐसे में हमें शिक्षा एवं कौशल से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिये प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना चाहिए। शिक्षा मंत्री ने कहा, हम नई पीढ़ी को 21वीं सदी के ज्ञान एवं कौशल से वंचित नहीं रख सकते हैं। उन्होंने कहा, हम पीएम श्री स्कूल स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं जो छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने को लेकर पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे। ये अत्याधुनिक स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की प्रयोगशाला होंगे। धर्मेन्द्र प्रधान ने भविष्योन्मुखी मानक मॉडल सृजित करने के लिये "पीएम श्री स्कूल" के लिये सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों एवं सम्पूर्ण शैक्षणिक तंत्र से सुझाव एवं राय देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, मैं सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा सम्पूर्ण शिक्षा जगत से "पीएम श्री स्कूल" के रूप एक भविष्योन्मुखी मानक मॉडल सृजित करने के लिये सुझाव एवं राय मांगता हूं। प्रधान ने कहा कि अगले 25 वर्ष भारत को ज्ञान आधारित ऐसी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने के लिये महत्वपूर्ण होंगे जो वैश्विक कल्याण के लिये प्रतिबद्ध हो। विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की उपस्थिति में उन्होंने कहा, हम सभी को मिलकर काम करना है, एक दूसरे के अनुभवों और सफलताओं से सीखना है तथा भारत को और ऊंचाइयों पर ले जाना है। प्रधान ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा के महत्व के विषय को रेखांकित करते हुए कहा कि देश की सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं और कोई हिन्दी या अंग्रेजी से कमतर नहीं है। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि कई राज्य नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति से सहमत नहीं हैं और केंद्र सरकार को इस पर कोई एतराज नहीं है क्योंकि हमें पता है कि आप जो भी सोचते हैं, वह लोगों के हित में होगा और हम इसे भी स्वीकार करेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में वर्णित प्रारंभिक शिक्षा से माध्यमिक शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण एवं प्रौढ़ शिक्षा, स्कूली शिक्षा के साथ कौशल विकास के संयोजन, मातृभाषा में पठन पाठन जैसे विषयों का उल्लेख किया और कहा कि ये 21वीं सदी के लिये विश्व नागरिक तैयार करने की दिशा में उठाए जाने वाले कदम हैं। प्रधान ने कहा कि कर्नाटक, ओडिशा, दिल्ली, मेघालय, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा के मॉडल से शैक्षिक समुदाय काफी लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा कि वे सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों एवं सभी पक्षकारों से राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा तैयार करने एवं गुणवत्तापूर्ण ई सामग्री विकसित करने में सक्रिय हिस्सेदारी करने का आग्रह करते हैं। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान शुरू किये गए सर्व शिक्षा अभियान से आगे बढ़ते हुए समग्र शिक्षा एवं अन्य सुधारों का शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सम्मेलन में सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों द्वारा साझा किये गए अनुभव एवं ज्ञान तथा व्यवस्थित एवं परिणामोन्मुखी चर्चा हमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की तर्ज पर हमारे पठन-पाठन के परिदृश्य में बदलाव की दिशा में एक कदम आगे ले जायेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली में बन रहे सेंट्रल विस्टा एवेन्यू पर तेजी से काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में देश के नए संसद भवन और कई नए आवासीय परिसर का निर्माण किया जाना है। अब खबर है कि सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का काम अगले 10 दिनों में काम पूरा होगा। शीतकालीन सत्र में नए संसद भवन में सांसदों का स्वागत होगा। वहीं दिसंबर 2020 से राजपथ पर निर्माण कार्य शुरू होने के कारण यहां किसी को आने की इजाजत नहीं थी, लेकिन जल्द इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन के करीब 4 किमी का रास्ता खोल दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का रास्ता जल्द खुलने वाला है। न सिर्फ राष्ट्रपति भवन बल्कि इंडिया गेट की खूबसूरती को निहारने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक दिल्ली पहुंचते हैं लेकिन दिसंबर 2020 से पीएम मोदी के प्रोजेक्ट के शिलान्यास के बाद से ही यह बंद था। इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन के करीब 4 किमी का रास्ता जल्द ही खोल दिया जाएगा। ऐसे में न सिर्फ आम जनता सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में आकर अपना वीकेंड मना सकेगी बल्कि इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन की खूबसूरती भी देख सकेंगे। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का काम कुल 85.3 हेक्टेयर में चल रहा है। इसमें कई तरह की खास सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में संसद भवन के साथ साथ प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के आवास का भी निर्माण किया जा रहा है। लाल ग्रेनाइट पत्थर लगे 1.10 लाख वर्ग मीटर में फैले फुटपाथ और उसके चारों तरफ हरियाली, राजपथ को रोशनी से नहलाने के लिए 133 प्रकाश स्तम्भ, 4,087 पेड़, 114 आधुनिक साइन बोर्ड और सीढ़ीदार उद्यान राष्ट्रीय राजधानी में पुनर्विकसित हो रहे सेंट्रल विस्टा का हिस्सा होंगे, जो इसकी छटा में चार चांद लगाएंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली के क्रिकेट में 30 साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने बुधवार (एक जून) को ट्वीट कर जानकारी दी है कि वो एक नई पारी की शुरूआत कर सकते हैं। हालांकि, इस बारे में गांगुली ने विस्तार से कुछ नहीं बताया है। उन्होंने इतना जरूर लिखा है कि जल्द ही वो इस बारे में पूरी दुनिया को बताएंगे। गांगुली के ट्वीट के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वो बीसीसीआई अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे सकते हैं, लेकिन बीसीसीआई सचिव जय शाह ने साफ किया है कि गांगुली ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। गांगुली ने ट्वीट कर कहा, 1992 में मैंने क्रिकेटर के रूप में अपनी पारी की शुरूआत की थी। 2022 में इसे 30 साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया। सबसे जरूरी बात इससे मुझे आप सभी का सपोर्ट मिला। मैं हर उस व्यक्ति का धन्यवाद करना चाहता हूं, जो इस यात्रा का हिस्सा रहा, मेरा सपोर्ट किया और जहां आज मैं हूं, वहां पहुंचने में मेरी मदद की है। आज मैं कुछ ऐसा शुरू करने के बारे में सोच रहा हूं, जिसके जरिए मैं बड़ी संख्या में लोगों की मदद कर सकता हूं। मुझे लगता है कि आप मेरे जीवन के नए अध्याय में भी मेरी मदद करते रहेंगे। अमित शाह से मिले थे गांगुली : गृह मंत्री अमित शाह ने (छह मई) को गांगुली से मुलाकात की थी। गांगुली के कोलकाता स्थित आवास पर शाह खाने पर पहुंचे थे। दोनों के इस मुलाकात के बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि गांगुली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ सकते हैं। पिछले साल भी इस बात की चर्चा थी, लेकिन तब गांगुली ने भाजपा में जाने से इनकार कर दिया था। सौरव गांगुली का क्रिकेट करियर : सौरव गांगुली ने 1992 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिस्बेन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने इसके बाद 1996 में लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेला था। गांगुली का आखिरी टेस्ट 2008 में नागपुर में आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ था। उन्होंने अंतिम वनडे 2007 में ग्वालियर में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। गांगुली ने 113 टेस्ट में 42.17 की औसत से 7212 रन बनाए। वहीं, 311 वनडे में उनके नाम 11363 रन हैं। इस दौरान उनका औसत 41.02 का था। पूर्व भारतीय कप्तान ने टेस्ट में 16 और वनडे में 22 शतक लगाए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2024 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत गठबंधन को हराने का आह्वान किया और कहा कि भाजपा की नफरत और हिंसा की राजनीति की देश भर में नो एंट्री होगी (यानी कोई स्थान नहीं मिलेगा)। केंद्र की भाजपा नीत सरकार को मंगलवार को भ्रष्ट करार देते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी जैसे फैसलों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है और विपक्ष को चुप करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने नरेंद्र मोदी सरकार के आठ साल के कार्यकाल की आलोचना करते हुए कहा, मैं यह स्पष्ट कर दूं कि 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के लिए नो एंट्री होगी। इसे (सरकार को) जाना है। भाजपा के सत्ता में लौटने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग यह सुनिश्चित करेंगे कि 2024 में भाजपा की नफरत और हिंसा की राजनीति को देश में कोई स्थान नहीं मिले। टीएमसी ने ट्वीट किया, पुरुलिया की मिट्टी और बंगाल की मिट्टी ने मुझे लोगों के लिए लड़ने की ताकत दी है। मैं किसी से नहीं डरती हूं, और जब लोगों का कल्याण सुनिश्चित करने की बात आती है, तो मैं अपनी पूरी ताकत से लड़ूंगी। भाजपा की नफरत और हिंसा की राजनीति की भारत में नो एंट्री होगी। बनर्जी ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत झूठे वादों के साथ की। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार ने आम लोगों की जिंदगी तबाह कर दी... केंद्र की जनविरोधी सरकार से देश के नागरिक तंग आ चुके हैं। उन्होंने पुरुलिया जिले में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्ट है। उन्होंने नोटबंदी जैसे विनाशकारी फैसलों से देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है। यह एक बड़ा घोटाला है। विपक्ष को खत्म करने के वास्ते केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने के लिए मोदी सरकार की आलोचना करते हुए, बनर्जी ने कहा कि सीबीआई और ईडी को पहले भाजपा के भ्रष्ट मंत्रियों को गिरफ्तार करना चाहिए। बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, वे (मोदी सरकार) विपक्ष को चुप कराने के लिए सीबीआई और ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल केवल (राजद नेता) लालू प्रसाद यादव और (आप नेता) सत्येंद्र जैन के खिलाफ किया जाना चाहिए? भाजपा के मंत्रियों का क्या? उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? इनको भी सलाखों के पीछे डालना चाहिए। दिल्ली सरकार में मंत्री जैन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के मामले में गिरफ्तार किया है। इसके एक दिन बाद बंगाल की मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी आई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने जैन की गिरफ्तारी को हिमाचल प्रदेश चुनाव से पहले राजनीति से प्रेरित बताया है। भाजपा के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए, टीएमसी सुप्रीमो ने कहा, वे (केंद्रीय एजेंसियां) कोयले की चोरी और मवेशी तस्करी घोटाले में लोगों को समन कर रहे हैं। लेकिन कोयला मंत्रालय तो केंद्र सरकार के अधीन है। उन्होंने पूछा, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से मवेशियों की तस्करी कैसे हो रही है? वे केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कई मामलों के संबंध में पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी सहित टीएमसी के कई नेताओं को तलब करने का हवाला दे रही थी। बनर्जी ने कहा कि राज्य को मनरेगा के तहत कोष का कथित रूप से भुगतान नहीं करने के लिए केंद्र के भेदभावकारी नीति के विरोध में राज्य के विभिन्न प्रखंडों में पांच और छह जून को टीएमसी विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, या तो केंद्र हमारा कोष जारी करे, या उसे इस्तीफा दे देना चाहिए। हम ऐसी भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। कभी वाम मोर्चे का गढ़ माने जाने वाले पुरुलिया में 2014 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने अपनी पैठ बनाई थी।
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