एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रगति मैदान में बायोटेक स्टार्टअप प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में पिछले 8 साल में स्टार्ट-अप्स की संख्या 70 हजार तक पहुंच गई है। भारत बायोटेक के ग्लोबल इकोसिस्टम में टॉप-10 देशों की लीग में पहुंचने से भी ज्यादा दूर नहीं हैं। पीएम ने कहा कि नए भारत के इस नई छलांग में BIRAC की बड़ी भूमिका रही है। बायोटेक स्टार्टअप एक्सपो भारत के बायोटेक सेक्टर के ग्रोथ का प्रतिबिंब है। बीते 8 साल में भारत की इकोनॉमी 8 गुना बढ़ गई है। 10 अरब डॉलर से 80 अरब डॉलर तक हम पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत को बायोटेक के क्षेत्र में अवसरों की भूमि माना जा रहा है तो उसके पांच बड़े कारण हैं, पहला- विविध जनसंख्या, विविध जलवायु क्षेत्र, दूसरा- भारत का टैलेंटेड ह्यूमन कैपिटल पूल, तीसरा- भारत में इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए बढ़ रहे प्रयास हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना संक्रमण के मामलों ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश से केरल तक देश के 28 जिलों को संक्रमण बढ़ने की वजह से रेड जोन घोषित किया है। इनमें हरियाणा और महाराष्ट्र के वे चार जिले भी शामिल हैं, जहां साप्ताहिक संक्रमण पांच फीसदी से भी ज्यादा दर्ज किया गया। राज्यों के साथ बुधवार को बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रभावित राज्यों से जमीनी स्तर पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। अरुणाचल प्रदेश सहित सात राज्यों में कोरोना के सक्रिय मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश में यह बढ़ोतरी देश में सर्वाधिक 21.43 फीसदी तक दर्ज की गई। देश के कुछ हिस्सों में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। 40% की उछाल एक ही दिन में : एक दिन में करीब 40 फीसदी उछाल के साथ बुधवार को देश में 5233 नए कोरोना मरीज सामने आए। सक्रिय मरीजों की संख्या 28,857 पहुंच गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 3345 लोग कोरोना से ठीक हुए हैं। सात लोगों की मौत हुई है। जबकि एक दिन पूर्व सात जून को 3741 मामले दर्ज किए गए थे। मास्क पहनने से इनकार पर यात्री को विमान से उतार दें एयरलाइंस : डीजीसीए यदि कोई यात्री विमान के अंदर चेतावनी के बावजूद मास्क पहनने से इनकार करता है तो उसे विमान के रवाना होने से पहले एयरलाइंस विमान से उतार सकती हैं। विमानन नियामक डीजीसीए ने महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु आदि राज्यों में फिर से कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए विभिन्न एयरलाइंस को यह सख्त एडवाइजरी दी है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अपने सर्कुलर में यह भी कहा है कि एयरपोर्ट ऑपरेटर टर्मिनलों में फेस मास्क नहीं पहनने वाले लोगों पर जुर्माना भी लगा सकते हैं। इन कार्यों में एयरपोर्ट ऑपरेटर स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की मदद भी ले सकते हैं। कोरोना के 564 नए केस मिले, एक रोगी की मौत : राजधानी में बीते 24 घंटे में कोरोना के नए मामलों के साथ संक्रमण दर में बढ़ोतरी हुई है। बीते 24 घंटे में संक्रमण के 564 नए मामले मिले हैं, जबकि एक मरीज की मौत हो गई। चिंता की बात यह है कि संक्रमण दर बढ़कर 2.84 फीसदी रिकॉर्ड की गई है। इससे एक दिन पहले संक्रमण दर 1.2 फीसदी थी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बीते एक दिन में कोरोना के 12,699 आरटी-पीसीआर व 7177 एंटीजन टेस्ट किए गए हैं। होम आइसोलेशन में 1048 मरीज उपचारधीन हैं। वहीं, अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़कर 100 पहुंच गई है। राहत की बात यह है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मंगलवार को अपने नाम एक नया विश्व रिकॉर्ड दर्ज कराया है। एनएचएआई ने मात्र 105 घंटे में 75 किलोमीटर लंबी बिटुमिनस कंक्रीट की सड़क बनाकर पूरी दुनिया में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। यहा रिकॉर्ड महाराष्ट्र में अमरावती और अकोला के बीच मार्ग पर 105 घंटे 33 मिनट के रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर यह जानकारी साझा की। गडकरी ने अपने ट्वीट के सात गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट भी पोस्ट किया है। इसके अलावा नितिन गडकरी ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए लिखा है कि यह देश के लिए एक गर्व का क्षण है। गडकरी ने वीडियो संदेश में क्या कहा : गडकरी ने वीडियो संदेश के जरिए विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए एनएचएआई और राज पाथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड के सभी इंजीनियरों, ठेकेदारों, सलाहकारों और श्रमिकों को बधाई दी, जिसने इस विश्व रिकॉर्ड को सफलतापूर्वक पूरा करने में मदद की है। उन्होंने कहा कि अमरावती से अकोला जिलों के बीच एनएच 53 पर 105 घंटे 33 मिनट में 75 किमी बिटुमिनस कंक्रीट को सिंगल लेन में बिछाने का रिकॉर्ड बनाया गया है। 75 किमी सिंगल-लेन बिटुमिनस कंक्रीट रोड के लिए काम 3 जून 2022 को सुबह 7:27 बजे शुरू हुआ और 7 जून शाम 5 बजे पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि रोड बनाने के लिए कुल 36,634 मीट्रिक टन मैटेरियल का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को सलाहकारों की एक टीम सहित 720 श्रमिकों द्वारा पूरा किया गया था जिन्होंने इस कार्य को पूरा करने के लिए दिन-रात काम किया था।
टीम एबीएन, रांची। शोध कार्य से तकनीकी ज्ञान को समृद्ध और नए खोजों से राज्य विकास को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। शोध कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य समाज एवं लोगों को सही दिशा एवं उनके कल्याण में निहित है। विगत दो वर्षो में विवि वैज्ञानिकों ने झारखंड के उपायुक्त 22 से अधिक फसल किस्मों को चिन्हित एवं विकसित की है। दशकों बाद स्टेट वेरायटल रिलीज कमिटी ने विभिन्न फसलों की प्रजातियों को किसानों के लिए अनुशंसित किया है। राज्य में कृषि के हरेक क्षेत्र में व्यापक एवं अपार संभावनाएं है। राज्य में करीब-करीब हर प्रकार के फसलों की खेती की जा रही है, जिसे ज्यादा गंभीरता के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। कृषि वैज्ञानिकों को शोध के माध्यम से कम लागत तथा किसानों की मांग एवं उनके द्वारा आसानी से अपनाए जाने वाली तकनीकी से कृषि विकास को आगे ले जाना होगा। तभी बिरसा कृषि विश्वविद्यालय का कार्य सार्थक होगा। उक्त विचार बीएयू की 42 वें खरीफ रिसर्च कौंसिल के उद्घाटन समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता सचिव अबुबकर सिद्दीकी पी ने कही। सचिव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बीएयू राज्य का गौरव है। विवि के मार्गदर्शन में राज्य कृषि को काफी बढ़ावा मिला है। कृषि वैज्ञानिक राज्य को तकनीकी मार्गदर्शन देने में काफी तत्पर है। विभाग को वैज्ञानिकों का निरंतर सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार और कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग एवं समन्वय से ही राज्य के कृषि विकास को गति मिलेगी। विवि के शिक्षकों/वैज्ञानिकों के प्रोन्नति तथा पेंशनर्स के सप्तम पुनीरिक्षित पेंशन के प्रति सरकार संवेदनशील है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत की विदेश नीति खुली सोच और व्यवहारिकता पर आधारित सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के सूत्र पर आधारित है तथा जटिल मुद्दों के समाधान के लिये इसमें सबका प्रयास के तत्व भी समाहित हैं। मोदी सरकार के आठ वर्ष : विदेशी सम्पर्क में बदलाव विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की कूटनीति अहम आर्थिक मुद्दों एवं ऊर्जा स्रोतों पर प्रभावी क्षेत्रीय ताकतों एवं महत्वपूर्ण शक्तियों पर केंद्रित रही है। उन्होंने कहा, हमने इसे खुली सोच और व्यवहारिकता पर आधारित सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के सूत्र पर आगे बढ़ाया है। जयशंकर ने कहा, हम समझते हैं कि वृह्द जटिल मुद्दों के समाधान के लिये इसमें सबका प्रयास का तत्व भी समाहित है। उन्होंने कहा, हमारे कई कदम विकास के लिये कूटनीति के महत्व को प्रदर्शित करते हैं जहां विदेशी प्रौद्योगिकी, पूंजी, श्रेष्ठ चलन और गठजोड़ प्रत्यक्ष तौर पर हमारी राष्ट्रीय वृद्धि को गति प्रदान करने से जुड़े हैं। ये हमारे महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों एवं पहल के जरिये संभव हुए हैं। विभिन्न देशों के राजनयिकों की मौजूदगी में विदेश मंत्री ने कहा, आप सभी यहां रहते हैं और मुझे विश्वास है कि आपने पिछले आठ वर्षों में भारत में बदलाव की गति को महसूस किया होगा। विदेश मंत्री जयशंकर ने इस संदर्भ में कोविड महामारी को लेकर देश की प्रतिक्रिया, व्यापक टीकाकरण अभियान के अलावा वित्तीय, डिजिटल एवं संवाद के क्षेत्र में बदलाव आदि का उल्लेख किया। साथ ही आवास, विद्युतीकरण, जल कनेक्शन, रसोई गैस तक पहुंच जैसी सरकार की योजनाओं के प्रभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने हाल में भारत द्वारा अंतिम रूप दिये गए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का भी जिक्र किया और कहा, हमारा संदेश दुनिया को सघनता के साथ जोड़ने का है और इसमें स्वभाविक तौर पर अपने लोगों को फायदा पहुंचाना एवं वैश्विक कल्याण, विकास एवं सुरक्षा में भी योगदान देना है। जयशंकर ने कहा कि सम्पर्क बढ़ाने और सहयोग को प्रोत्साहित करने में भारतीय निवेश उल्लेखनीय है, चाहे यह कोविड के दौरान हो या वर्तमान आर्थिक चुनौतियों को लेकर हो। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने पड़ोसियों के लिये आगे बढ़कर कम किया है और देश ऐसा करना जारी रखेगा। विदेश मंत्री ने कहा, हमने अपने विस्तारित पड़ोस को लेकर जागरूकता का प्रदर्शन किया है और यह हमारे एक्ट ईस्ट नीति, समग्र दृष्टिकोण, खाड़ी देशों के साथ सम्पर्क और पश्चिम एशिया पहल से प्रदर्शित होता है। जयशंकर ने कहा, चाहे नेतृत्व का ध्यान देना हो, कूटनीति हो, व्यवहारिक परियोजनाएं हों या साझी गतिविधियां हो.. हर क्षेत्र में हमारा रिकॉर्ड उच्च प्रतिबद्धता वाला रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदेश के बंटवारे को रोकने के लिए वह अपना खून बहाने तक के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हर जगह कह रही है कि वह बंगाल का बंटवारा करेगी। चुनाव करीब आने के साथ भाजपा इस मांग को आगे बढ़ा रही है। कभी ये लोग गोरखालैंड को अलग रने की बात कहते हैं तो कभी पूर्वी बंगाल को अलग करने की बात करते हैं। मैं अपना खून बहाने के लिए तैयार हूं, लेकिन कभी भी प्रदेश का बंटवारा नहीं होने दूंगी। दरअसल हाल ही में अलगाववादी संगठन लिबरेशन ऑर्गेनाइजेंश के मुखिया जीबन सिंगला ने एक वीडियो रिलीज करके कहा था कि कूच बेहर के सांसद नीतीश प्रमाणिक, जलपाईगुड़ी के सांसद जयंत रॉय और अलीपुरदुआर के सांसद जॉन बरला एक अलग कोच-कमतापुर राज्य के समर्थक हैं। वहीं ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ नेता मुझे धमकी दे रहे हैं कि अगर राज्य का बंटवारा नहीं हुआ और पूर्वी बंगाल अलग राज्य नहीं बना तो खून-खराबा होगा। मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि अगर आपके भीतर हिम्मत है तो अपनी बंदूक मेरी तरफ करिए। मैं पहले भी ये देख चुकी हूं, लिहाजा मुझे धमकी देने की कोशिश मत करिए। मुझे पता है कि आपकी बंदूक का सामना कैसे करना है। ममता ने कहा कि यह सब भाजपा के समर्थन से हो रहा है। भाजपा सांसद सौमित्र खान ने भी इसी तरह की मांग उठाई थी, उन्होंने अलग बंगा राज्य जिसमे बांकुरा, पुरुलिया, पश्चिम मेदिनीपुर, झरग्राम, बीरभूम और पश्चिम मेदिनीपुर के जिलों को मिलाकर एक अलग जंगलमहल बनाने की मांग की थी। उनकी पार्टी के सांसद जॉन बरला ने पिछले साल मांग की थी कि नॉर्थ बंगाल को अलग राज्य बनाना चाहिए। इसे यूनियन टेरिटरी बनाना चाहिए, जिससे इलाके का विकास हो सके।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन चलाने के प्रोजेक्ट पर मोदी सरकार खासा ध्यान दे रही है। यही कारण है कि सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेल राज्य मंत्री दर्शना जरदोश प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की टीम के साथ सूरत से लेकर नवसारी तक बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की लाइन का जायजा लेने पहुंचे। इस मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वे 2026 में गुजरात के सूरत और बिलिमोरा के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन चलाने के लक्ष्य को हासिल करने के प्रति आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में काफी अच्छी तरह से काम हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण में अच्छी प्रगति हुई है और काम तेज गति से किया जा रहा है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को सूरत के चोर्यासी तालुका में वकटाना गांव के पास मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के एक खंडीय कास्टिंग यार्ड के संचालन का निरीक्षण किया। इसके अलावा परियोजना के तहत निर्माणाधीन अंतोली रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया। इसके बाद वे रेल राज्य मंत्री दर्शन जरदोश के साथ नवसारी के नसीलपुर भी गए जहां उन्होंने परियोजना स्थल का भी दौरा किया। रेलमंत्री ने दी जानकारी : निरीक्षण के बाद रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 61 किलोमीटर मार्ग पर खंभे लगाए गए हैं और लगभग 150 किलोमीटर के मार्ग पर काम चल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि 508 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का 91 फीसदी हिस्सा एलिवेटेड है सिर्फ चार किलोमीटर लंबी लाइन जमीन पर है। उन्होंने बताया कि सात किलोमीटर हिस्सा महाराष्ट्र में समुद्र के अंदर से होकर गुजरेगा। उन्होंने बताया कि इस लाइन पर कुल 12 रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें से आठ गुजरात और चार महाराष्ट्र में होंगे। रेलमंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास, नई वंदे भारत ट्रेनों, स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, बुलेट ट्रेनों जैसी अति आधुनिक और सर्वोत्तम सेवाएं प्रदान करना प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हम 130 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं। महाराष्ट्र में काम धीमा : महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर हो रहे काम के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि वहां भूमि अधिग्रहण में समस्याओं के कारण काम धीमा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र को परियोजना पर सहयोग और सहयोग की भावना से काम करना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार पर कसा तंज : उन्होंने महाराष्ट्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह एक राष्ट्रीय परियोजना है और इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि हम इस परियोजना पर एक साथ काम करने का एक उदाहरण स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक गुजरात पर ध्यान केंद्रित रहेगा। इससे पहले सूरत में एक साइट पर बुलेट ट्रेन परियोजना के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने उन्हें केंद्र की "एक राष्ट्र, एक राशन" योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सभी की सेवा और विकास की भावना से काम कर रही है। गौरतलब है कि इस परियोजना का उद्देश्य अहमदाबाद और मुंबई के बीच हाई स्पीड रेल (एचएसआर) कॉरिडोर पर 320 किमी प्रति घंटे की गति से बुलेट ट्रेन चलाना है। ट्रेन से दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को मौजूदा छह घंटे से घटाकर लगभग तीन घंटे करने का लक्ष्य तय किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत नए सिक्कों की सीरीज को आज लॉन्च किया है। ये सिक्के दृष्टिहीनों के लिए भी अनुकूल हैं। इन सिक्कों पर आजादी का अमृत महोत्सव लिखा है, ये मुख्य रूप से 1, 2, 5, 10 और 20 रुपए के सिक्के हैं जिसे पीएम मोदी ने आज रिलीज किया है। ये स्मारक सिक्के नहीं हैं लिहाजा आम लोगों के बीच प्रचलन के लिए उपलब्ध रहेंगे। सिक्कों को जारी करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नई सीरीज के ये सिक्के लोगों को इस बात की याद दिलाएंगे कि हमारा लक्ष्य अमृत कल है, इससे लोगों को देश के विकास की दिशा में काम करने की प्रेरणा मिलेगी। इसके साथ ही पीएम मोदी ने जन समर्थ पोर्टल को भी लॉन्च किया, जो कि सरकार की 12 योजनाओं को एक पोर्टल पर लोगों के लिए उपलब्ध होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हर योजना इस पोर्टल पर उपलब्ध होगी। यह पोर्टल आम लोगों के लिए काफी मददगार होगा। यहां आम नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ काफी आसानी से उठा सकेंगे, उन्हें हर बार एक ही सवाल नहीं पूछना पड़ेगा।
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