एबीएन सेंट्रल डेस्क। आगामी छह अगस्त को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपना उम्मीदवार तय कर लिया है। एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए जगदीप धनखड़ को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने यह फैसला आज संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया। एनडीए की तरफ से उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनने से पहले जगदीप धनखड़ ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी। वहीं इस मुलाकात से एक दिन पहले उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की थी। इस मुलाकात की तस्वीर में राज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री हंसते हुए दिखाई दे रहे थे। राजधानी दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद थे। उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए जगदीप धनखड़ के नाम का ऐलान करते हुए बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि वह किसान परिवार से आते हैं और उन्होंने देश सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी है। देश के उपराष्ट्रपति को चुनने के लिए निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं। संसद में सदस्यों की मौजूदा संख्या 780 है, जिनमें से केवल भाजपा के 394 सांसद हैं। जीत के लिए 390 से अधिक मतों की आवश्यकता होती है। मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त होगा। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 19 जुलाई है और मतदान छह अगस्त को निर्धारित है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आॅयम मार्केटिंग कंपनियों ने घरेलू एयरलाइन्स को बड़ी राहत दी है। दरअसल, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच तेल कंपनियों ने एटीएफ यानि हवाई ईंधन की कीमतों में कटौती की है। जानकारी के अनुसार एटीएफ 2.2 प्रतिशत सस्ता हो गया है। नई दरें 16 जुलाई से लागू हो गई हैं। एयरलाइन कंपनियों की हर रोज की लागत में इससे कमी आएगी। इस बात की भी गुंजाइश बन सकती है कि एयरलाइन इसका फायदा अपने ग्राहकों को किराए में कमी के तौर पर दे सकती हैं। कीमत में कटौती दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में की गई है। बता दें, बीते शुक्रवार को अळऋ कीमतों और मूल्य निर्धारण पर पेट्रोलियम, उड्डयन मंत्रालय के साथ एयरलाइन्स और आॅयल मार्केटिंग कंपनियों की मीटिंग हुई थी। नई दरें : तेल कंपनियों ने एटीएफ के दाम 3084.94 रुपए प्रति किलो लीटर घटा दिए हैं और ये अब 138,147.93 रुपए प्रति किलो लीटर से स्तर पर आ गए हैं। दिल्ली में अब एटीएफ 138,147.95 रुपए प्रति किलोलीटर और मुंबई में 137,095.74 रुपए प्रति किलोलीटर के स्तर पर आ गया है। इसी तरह,कोलकाता में 1,44,575.71 रुपए प्रति किलोलीटर और चेन्नई में 1,43,212.25 रुपए प्रति किलोलीटर दर्ज किया गया। बता दें, पिछले महीने दिल्ली में 1,41,232.87 रुपए प्रति किलोलीटर, कोलकाता में 1,46,322.23 रुपए प्रति किलोलीटर, मुंबई में 1,40,092.74 रुपए प्रति किलोलीटर और चेन्नई में 1,46,215.85 रुपए प्रति किलोलीटर का रेट था। एयरलाइंस का 55% लागत एटीएफ में ही खर्च हो जाता है : खबर के मुताबिक, एयरलाइन्स कंपनियां हवाई ईंधन के दाम का निर्धारण करने के लिए मीटिंग करेंगी। बता दें, इस वक़्त एयरलाइन्स कम्पनियों की आॅपरेशनल लागत का कुल 55% एटीएफ में ही खर्च हो जाता है। एटीएफ के दाम पिछले एक साल में ढाई गुना बढ़ गए हैं। शुक्रवार को हुई मीटिंग में एयरलाइंस कंपनियों ने कहा कि एटीएफ के बढ़े हुए दाम का बोझ हम यात्रियों पर नहीं डाल सकते। ऐसे में सरकार को ही एटीएफ की कीमतों को कम करने का उपाय करना होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमरनाथ यात्रा के दौरान पिछले 36 घंटों में छह तीर्थयात्रियों और एक टट्टू चालक की मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। तीर्थयात्रा के दौरान अब तक कुल 49 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 15 वे यात्री शामिल हैं, जिनकी 8 जुलाई को अचानक आई बाढ़ में मौत हो गई थी। 30 जून से शुरू हुई तीर्थयात्रा के दौरान अब तक 47 यात्रियों और दो टट्टू चालकों की मौत हो चुकी है। एक टट्टू चालक की मौत पहलगाम में गहरी खाई में गिरने से हो गई थी। आठ जुलाई को अमरनाथ गुफा के पास अचानक आई बाढ़ में 15 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 55 लोग घायल हो गये थे। अब तक 1.5 लाख से अधिक तीर्थयात्री गुफा में दर्शन कर चुके हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में लगातार कोरोना अपना प्रकोप दिखा रहा है। एक बार फिर से कोरोना के 20 हज़ार से ज्यादा केस सामने आए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आज शनिवार को जारी नए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के 20,044 नए मामले सामने आए, जबकि 18,301 मरीज ठीक भी हुए। हालांकि लंबे समय बाद मौत का आंकड़ा 50 के पार चला गया है। पिछले 24 घंटे में कोरोना से 56 मरीजों की मौत हो गई है। देश में अभी 1.40 लाख से अधिक एक्टिव केस हो गए हैं। वहीं महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के घटते-बढ़ते क्रम में पिछले 24 घंटों में 2,371 नये मामले सामने आये तथा दस नई मौतें दर्ज की गईं। स्वास्थ्य बुलेटिन में शनिवार को यह जानकारी दी गई। नये मामलों के साथ कुल संक्रमितों का आंकड़ा 80,14,823 हो गया है जबकि इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 1,48,015 हो गयी है। इसी अवधि में 2,914 मरीज स्वस्थ हुये हैं और इसके साथ ही कोरोनामुक्त होने वालों की संख्या 78,50,808 हो गयी है। इस दौरान राज्य में रिकवरी दर 97.95 प्रतिशत दर्ज की गई और मृत्यु दर 1.84 प्रतिशत पर बरकरार है। राज्य में अब तक एकत्र किए गए नमूनों की संख्या 8,25,59,392 है, जिनमें से 80,14,823 लोग पॉजिटिव पाए गये हैं। बुलेटिन में कहा गया, राज्य में अभी 16,000 सक्रिय मामले हैं और इसके मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस बीच राज्य के मराठावाड़ा क्षेत्र से 151 सक्रिय मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें से औरंगाबाद जिले से 57, जालना से 44, उस्मानाबाद से 26, लातूर से 14, बीड से 8 और नांदेड से दो मामले दर्ज हुये हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार 16 जुलाई को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे और जालौन जिले की उरई तहसील के कैथेरी गांव में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। यह 296 किलोमीटर लंबा फोर-लेन एक्सप्रेसवे है जिसे लगभग 14,850 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर काम 28 महीने के भीतर पूरा कर लिया गया है। बयान के मुताबिक पीएम मोदी करीब 11:30 बजे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी ने 29 फरवरी, 2020 को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण की आधारशिला रखी थी। 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से सात जिलों को फायदा होगा क्योंकि ये सात जिलों से होकर गुजरता है। यह चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास गोंडा गांव में एनएच-35 से लेकर इटावा जिले के कुदरैल गांव तक फैला हुआ है, जहां यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से मिल जाता है। ये चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा जैसे जिलों से गुजरता है। पीएमओ ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा। पीएमओ के मुताबिक एक्सप्रेस-वे के बगल में बांदा और जालौन जिलों में औद्योगिक कॉरिडोर बनाने का काम शुरू हो चुका है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की जीत लगभग तय मानी जा रही है। बीजद, वाईएसआर कांग्रेस, बसपा, टीडीपी, जदएस, शिरोमणि अकाली दल, शिवसेना और झारखंड मुक्ति मोर्चा जैसे विपक्षी दलों के समर्थन के एलान से माना जा रहा है कि उन्हें 61 फीसदी मत मिल सकते हैं। ऐसे में देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति मिलने की उम्मीद पुख्ता है। राजग उम्मीदवार के पास कुल 10,86,431 मतों में से 6.67 लाख से अधिक मत हैं। इनमें 3.08 लाख वोट सत्तारूढ़ भाजपा और उसके सहयोगी दलों के हैं। बीजद के करीब 32,000 मत हैं, जो कुल मतों का करीब 2.9 प्रतिशत है। ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजद के 114 विधायक हैं, जबकि भाजपा के 22 विधायक हैं। लोकसभा में बीजद के 12 और राज्यसभा में 9 सदस्य हैं। मुर्मू को अन्नाद्रमुक (17,200 वोट), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (करीब 44,000 वोट), तेलुगू देशम पार्टी (करीब 6,500 वोट), शिवसेना (25,000 वोट) और जदएस (करीब 5,600 वोट) का भी समर्थन मिल रहा है। हाल में संपन्न राज्यसभा चुनावों के परिणाम के बाद उच्च सदन में भाजपा सदस्यों की संख्या 92 हो गई है। लोकसभा में उसके 301 सदस्य हैं। स्वतंत्रता बाद जन्मा व्यक्ति पहली बार बनेगा राष्ट्रपति : मुर्मू अगर राष्ट्रपति चुनी जाती हैं तो स्वतंत्रता के बाद जन्मी इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाली पहली नेता होंगी। सांसदों को हरे रंग, विधायकों को गुलाबी रंग के मत पत्र मिलेंगे राष्ट्रपति पद के लिए 18 जुलाई को होने वाले चुनाव में संसद सदस्यों और राज्यों की विधानसभा के सदस्यों को अलग-अलग रंग के मत पत्र मिलेंगे। सांसदों को हरे रंग जबकि विधायकों को गुलाबी रंग के मत पत्र मिलेंगे। एक विधायक के मत की कीमत उस राज्य की आबादी पर निर्भर करती है। उत्तर प्रदेश में प्रत्येक विधायक के मत की कीमत 208, झारखंड और तमिलनाडु की 176, महाराष्ट्र के विधायक की 175, सिक्किम के विधायक की सात, नगालैंड के नौ और मिजोरम के विधायक के मत की कीमत 8 है। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा के अस्तित्व में न होने के चलते इस बार सांसदों के मत की कीमत 708 से घटकर 700 रह गई है। ऐसे में अलग-अलग रंग के मत पत्र होने से रिटर्निंग अधिकारी को गणना करने में मदद मिलेगी। मत पत्रों को दो कॉलम के साथ प्रिंट किया जाता है। पहले कॉलम में उम्मीदवारों के नाम होते हैं और दूसरा कॉलम उम्मीदवारों के लिए निर्वाचक द्वारा वरीयता को चिह्नित करने लिए होता है। राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सत्तारूढ़ राजग की ओर से द्रौपदी मुर्मू और विपक्ष की तरफ से यशवंत सिन्हा उम्मीदवार हैं। आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के जरिये राष्ट्रपति का चुनाव करने वाले चुनावी कॉलेज में निर्वाचित सांसद और राज्य विधानसभा के सदस्य शामिल होते हैं। मनोनीत सांसद, विधायक और विधान परिषद के सदस्य इस चुनाव में मतदान करने के हकदार नहीं हैं। राष्ट्रपति चुनाव में मतदान संसद भवन और राज्यों की विधानसभाओं में कराया जाता है। मतगणना संसद भवन में होती है। इस बार मतगणना 21 जुलाई को होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मास्टरस्ट्रोक ने विपक्षी दलों को चित्त कर दिया है। द्रौपदी मुर्मू बड़े अंतर से चुनाव जीत सकती हैं। शिवसेना के बाद कल यानी गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी मुर्मू के लिए अपने समर्थन की घोषणा कर दी। हेमंत सोरेन के इस कदम से कांग्रेस ठीक उसी तरह असहज हो गई है, जैसे महाराष्ट्र में एनसीपी और शरद पवार। झामुमो ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सहयोगी होने के बाद भी एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को अपना समर्थन दिया है। इस मौके पर झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन ने कहा, आजादी के बाद पहली बार किसी आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनने का गौरव मिलने जा रहा है। इसलिए, उचित विचार-विमर्श के बाद पार्टी ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान करने का फैसला किया है। पिछले कुछ हफ्तों में एनडीए उम्मीदवार को कई पार्टियों का समर्थन मिला है जो संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) ब्लॉक का हिस्सा हैं। सोमवार को उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में भाग लेने वाले शिवसेना के 13 सांसदों में से 11 ने शिंदे के नेतृत्व वाले विद्रोही गुट और पार्टी के बीच तालमेल की वकालत की। मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि मुर्मू का समर्थन करना इस प्रयास का हिस्सा होगा। अगले दिन शिवसेना प्रमुख ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पहली महिला-अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार के लिए अपने समर्थन की घोषणा की। ठाकरे ने जोर देकर कहा कि यह निर्णय दबाव में नहीं लिया गया है। इसी तरह, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के एजेंडे का समर्थन करते हुए आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) और प्रतिद्वंद्वी तेलगु देशम पार्टी भी मुर्मू के नामांकन पर सहमत हुई। टीडीपी प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है जिसके परिणामस्वरूप वे शीर्ष पद के लिए आदिवासी नेता का समर्थन कर रहे हैं। इसी तरह, पंजाब के शिरोमणि अकाली दल, जिसके लोकसभा में दो सांसद हैं और पंजाब में तीन विधायक हैं, ने भी जुलाई की शुरुआत में मुर्मू को अपना समर्थन दिया, जब भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा एनडीए के नामांकन का समर्थन करने के लिए पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के पास पहुंचे। शिअद के शीर्ष नेतृत्व द्वारा पार्टी मुख्यालय में तीन घंटे तक चली बैठक के बाद पारित प्रस्ताव में लिखा है, वह (मुर्मू) देश में गरीब और आदिवासी वर्ग के प्रतीक के तौर पर उभरी हैं। बादल ने कहा, दोनों पार्टियों के राजनीतिक मतभेदों के बावजूद हमने सही रास्ता चुनने का फैसला किया है। इससे पहले अकाली दल ने कृषि कानून विवाद को लेकर भगवा पार्टी से नाता तोड़ लिया था। राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को निर्धारित है। संयुक्त 17 विपक्षी दलों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिंह को अपने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। वहीं, एनडीए ने ओडिशा के मयूरभंज के एक आदिवासी द्रौपदी मुर्मू को अपना उम्मीदवार बनाया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। छकरबंधा नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। झारखंड बिहार सीमा पर मौजूद छकरबंधा में कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों को मिसाइल के अवशेष मिले हैं। माओवादी IED की तकनीक के आधार पर मिसाइल बना रहे थे। माओवादियों को उनके नापाक मंसूबों में कितनी कामयाबी मिली है अवशेषों की जांच के बाद ही पता चलेगा। सुरक्षाबलों को छकरबंधा में अभियान में क्रम में कुछ दस्तावेज भी मिले है जिसमें देसी तकनीक से मिसाइल विकसित करने का जिक्र है। यह मिसाइल एक पाइप की तरह है। छकरबंधा में 25 लाख का इनामी कमांडर अजित उरांव उर्फ चार्लिस मिसाइल को विकसित कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों 02 के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले एक माओवादी कमांडर ने बताया है कि मिसाइल में सीधे ऊपर जाती थी। ऊपर जाने के बाद उसकी दिशा नही बदल रही थी। कुछ सौ मीटर जाने के बाद सीधे वापस लौट जाती थी। माओवादी यूट्यूब और इंटरनेट के माध्यम से मिसाइल बनाने की तकनीक को विकसित कर रहे थे। मिसाइल विकसित करने की पूरी जिम्मेदारी माओवादियों के टॉप कमांडर अजीत उरांव उर्फ चार्लिस पर थी। सुरक्षा बलों का अभियान के क्रम में जो दस्तावेज मिले हैं उसे इस बात का जिक्र है कि मिसाइल बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को कहां से खरीदा गया है। संदीप की मौत और छकरबंधा को खाली करना माओवादियों को महंगा पड़ गया। संदीप की मौत के बाद माओवादियों के विभिन्न टीम लेवी वसूलने के लिए छकरबंधा से विभिन्न इलाकों में बाहर निकल गई थी। इसी तरह एक टॉप माओवादी कमांडर ने सुरक्षा एजेंसी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। जिसके बाद छकरबंधा के इलाके में माओवादियो के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू हुआ। इस अभियान के बाद माओवादियो की टीम वापस अपने सुरक्षित ठिकाने पर नही पंहुच पाई, जबकि छकरबंधा में बचे नक्सली भाग गये। बता दें कि माओवादियों के सबसे सुरक्षित ठिकाने छकरबंधा को सुरक्षाबलों ने ध्वस्त कर दिया था, जिसके बाद टॉप माओवादी छकरबंधा छोड़ कर भाग गये। जानकारी के अनुसार सुरक्षाबलों ने छकरबंधा के इलाके में 500 से अधिक लैंडमाइंस को रिकवर कर नष्ट किया था जबकि चार बंकर भी पकड़े गए थे। बंकरों से कई क्विंटल अनाज और नक्सल सामग्री भी बरामद कर दिए गए थे, जिसे नष्ट कर दिया गया था।
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