एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा/ राजस्थान। राजस्थान दौरा के तीसरे दिन लोहरदगा सांसद सह केंद्रीय पर्यवेक्षक सुखदेव भगत कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत हर स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य राजस्थान के कई प्रखंडों में कांग्रेसजनों के साथ बैठक की, जहां कार्यकर्ताओं के द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आदरणीय राहुल गांधी की सोच है की जिला कांग्रेस कमेटी को ज्यादा से ज्यादा शक्ति दिया जाए। साथ ही वैसे लोगों का चयन करना है जो पार्टी के लिए समर्पित एवं सक्रिय हो।
श्री भगत ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी को मजबूती दिलाने के लिए अपनी जिम्मेदारी तय करना होगा तथा पूरी तन्मयता के साथ पार्टी का काम करना होगा।
सांसद सुखदेव भगत ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी करने के बाद कहा कि जो नाम सामने आये हैं हम उनका पैनल बनाकर हाई कमान को सौपेंगेऔर योग्यता और मापदंड के आधार पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष का चयन किया जायेगा, जो सर्वमान्य होगा। कार्यक्रम में अन्य कांग्रेसी वक्ताओं में भी संबोधित कर पार्टी संगठन की मजबूती और एकजुटता पर जोर दिया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय घरेलू निवेशकों ने देश के शेयर बाजार में बेहतरीन भरोसा दिखाया है। कैलेंडर ईयर 2025 में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भारतीय इक्विटी मार्केट में रिकॉर्ड 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह 2007 में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की ओर से डेटा एकत्रित करने की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में डीआईआईएस का कुल निवेश 5.26 लाख करोड़ रुपये था, जबकि 2025 में यह बढ़कर अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। घरेलू निवेशकों ने मुख्य रूप से बैंक, बीमा कंपनियां, म्यूचुअल फंड, घरेलू वित्तीय संस्थान और नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) जैसे साधनों में निवेश किया है।
दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2025 में भारतीय बाजार से जोरदार बिकवाली की है। एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, इस साल एफआईआई ने करीब 23.3 अरब डॉलर (लगभग 2.03 लाख करोड़ रुपये) की निकासी की। हालांकि, कुछ विदेशी निवेशकों ने भरोसा दिखाते हुए करीब 49,590 करोड़ रुपये का निवेश भी किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका की नीतियों का असर भी इस रुझान पर पड़ा है। अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगा रखा है और एच-1बी वीजा फीस में बढ़ोतरी की है। इसके चलते कई विदेशी निवेशकों ने भारत से निवेश घटाकर अमेरिका, चीन, जर्मनी और ब्राजील जैसे बाजारों की ओर रूख किया है। वहीं, जापान, भारत और दक्षिण कोरिया से पूंजी की निकासी हुई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी भारतीय घरेलू निवेशक शेयर बाजार पर भरोसा बनाए रखेंगे, क्योंकि एसआईपी (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में लगातार निवेश बढ़ रहा है। इससे बाजार को स्थिरता और मजबूती मिल रही है।
हालांकि, यदि वैश्विक भू-राजनीतिक या आर्थिक संकट गहराता है, तो उसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, 2025 भारतीय निवेशकों के आत्मविश्वास और बाजार की मजबूती का साल साबित हुआ है, जिसने विदेशी बिकवाली के बावजूद घरेलू पूंजी प्रवाह को नए मुकाम पर पहुंचा दिया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री ने जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए अपनी कनाडा यात्रा और प्रधानमंत्री श्री कार्नी के साथ अपनी बैठक को याद किया।
प्रधानमंत्री ने व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि और जन-जन के संबंधों में दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग के महत्व के बारे में बताया।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री श्री कार्नी को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे उनके आगामी कार्यक्रमों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कनाडा की विदेश मंत्री सुश्री अनीता आनंद ने आज पीएम मोदी से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्री सुश्री आनंद का स्वागत किया और बताया कि उनकी यात्रा भारत-कनाडा द्विपक्षीय साझेदारी को नयी गति प्रदान करने के लिए मौजूदा प्रयासों में योगदान देगी। प्रधानमंत्री ने इस वर्ष जून में जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए कनाडा की अपनी यात्रा को याद किया, जिसके दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ अत्यंत उपयोगी बैठक की थी।
प्रधानमंत्री ने व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि और जन-जन के संबंधों में दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग के महत्व के बारे में बताया। श्री मोदी ने प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे उनके आगामी कार्यक्रमों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सशक्त नेतृत्व को दर्शाता है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों को मानवीय सहायता बढ़ने से बहुप्रतीक्षित राहत मिलेगी और क्षेत्र में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। प्रधानमंत्री ने एक पोस्ट में कहा कि हम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं।
यह प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व को दशार्ता है। हम आशा करते हैं कि बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता में वृद्धि से गाजा के लोगों को राहत मिलेगी तथा स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। हरियाणा पुलिस में आईजी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को चंडीगढ़ में खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आईजी वाई पूरन कुमार साल 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। चंडीगढ़ में आईजी वाई पूरन कुमार के सुसाइड मामले से हरियाणा पुलिस में हड़कंप मचा हुई है।
पूरन कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। उन्हें नौ दिन पहले ही पीटीसी सुनारिया का आईजी बनाया गया था। हालांकि आईजी के सुसाइड मामले को लेकर कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है। हरियाणा सरकार ने 21 अप्रैल को 42 आईपीएस व 13 एचपीएस का तबादला किया था।
इसमें हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन के आईजी वाई पूरन कुमार को रोहतक रेंज का आईजी लगाया था। वाई पूरन कुमार पांच माह रोहतक रेंज के आईजी रहे। 29 सितंबर को सरकार ने छह आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया था। इसमें पूरन कुमार को पीटीसी सुनारिया का आईजी लगाया गया था।
बता दें कि हरियाणा पुलिस के बड़े अधिकारी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है। घटना चंडीगढ़ के सेक्टर-11 की है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी, सीएफएसएल और फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गयी है।
वाई पूरन कुमार की पत्नी पी अमनीत कुमार विदेश दौरे पर हैं। आईएएस पी अमनीत कुमार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री राव नरवीर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी जापान दौरे पर हैं।
जानकारी के अनुसार आईजी वाई पूरन कुमार बीते डेढ़ वर्ष से काफी सुर्खियों में थे। उन्हें एडीजीपी रैंक से आईजी रैंक में प्रमोट किया गया था। आईजी वाई पूरन कुमार ने पिछले वर्ष वन आफिसर वन हाउस पॉलिसी के तहत शिकायत दी थी और प्रदेश के कई अफसरों की शिकायत की थी।
इस वजह से वह सूर्खियों में आये थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई आईपीएस अफसरों ने एक से ज्यादा सरकारी आवास ले रखे हैं। इसके अलावा उन्होंने पूर्व डीजीपी और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पर भी जाति के आधार पर भेदभाव करने की शिकायत आयोग से की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 65वें राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय पाठ्यक्रम के संकाय और पाठ्यक्रम सदस्यों ने आज (7 अक्टूबर, 2025) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट की। मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के सुरक्षा ढांचे की नींव उसके राष्ट्रीय हित और उद्देश्य होते हैं। हालांकि, हमारे राष्ट्रीय हितों के मूल में सार्वभौमिक मूल्य हैं। भारतीय परंपरा ने हमेशा संपूर्ण मानवता को एक परिवार के रूप में देखा है।
सार्वभौमिक भाईचारा और शांति हमारी आस्थाय के मूल तत्वू रहे हैं। लेकिन हमने मानवता और हमारे राष्ट्र के लिए हानिकारक शक्तियों को पराजित करने के लिए युद्ध के लिए तैयार रहने को भी महत्व दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों ने आॅपरेशन सिंदूर के दौरान एकजुटता और रणनीतिक दूरदर्शिता की शक्ति का प्रदर्शन किया।
तीनों सेनाओं की सुनियोजित प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप प्रभावी तालमेल बना। यह तालमेल सीमा-पार नियंत्रण रेखा और उसके अंदरूनी क्षेत्रों में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को खत्मय करने के सफल अभियान के पीछे था। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि संयुक्तता को बढ़ावा देने की प्रक्रिया सैन्य मामलों के विभाग के गठन के साथ शुरू हुई, जिसके सचिव चीफ आफ डिफेंस स्टाफ हैं। उन्होंने कहा कि एकीकृत थिएटर कमांड और एकीकृत युद्ध समूहों की स्थापना के माध्यम से सेनाओं के पुनर्गठन के प्रयास जारी हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि बदलता भू-राजनीतिक वातावरण और सुरक्षा परिदृश्य गतिशील प्रतिक्रिया की मांग करते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रसन्न ता व्यनक्त की कि भारत सशस्त्र बलों को एक प्रौद्योगिकी-सक्षम और बहु-क्षेत्रीय एकीकृत अभियान के लिए तत्पर बल के रूप में परिवर्तित करने की दिशा में कार्यरत है।
राष्ट्रपति ने इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम के संचालन के लिए देश के इस राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय की सराहना की, जो एक मानक शिक्षण कार्यक्रम बन गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम सुरक्षा से संबंधित राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्रों में बेहतर समझ, आपसी सहयोग और उचित तालमेल को बढ़ावा देने में सफल रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JKAAC) के केंद्रीय नेता शौकत नवाज मीर के आह्वान पर हजारों कार्यकर्ता और समर्थक मुजफ्फराबाद की ओर कूच कर रहे हैं।
इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए है। कई जगहों पर इसका असर सबसे ज्यादा देखा गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JKAAC) के केंद्रीय नेता शौकत नवाज मीर के आह्वान पर हजारों कार्यकर्ता और समर्थक मुजफ्फराबाद की ओर कूच कर रहे हैं।
इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए है। कई जगहों पर इसका असर सबसे ज्यादा देखा गया।
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