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Published / 2022-09-10 16:48:45
पीएम के जन्मदिन पर खास तोहफे की आस... गोड्डा से रांची, पटना और कोलकाता के लिए चलेगी ट्रेन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के गोड्डा से राजधानी रांची, पटना और कोलकाता के लिए अब ट्रेन का सफर आसान होने वाला है। गोड्डा से 8:45 सुबह में ट्रेन खुलेगी और करीब 10 घण्टे का सफर तय कर 6:45 शाम में सियालदा पहुंचेगी। ये ट्रेन पोड़ैयाहाट, हंसडीहा और दुमका के रास्ते सियालदा जायेगी। उधर से ये ट्रेन 12:05 दोपहर में सियालदा से खुलेगी और रात 10:30 बजे गोड्डा पहुंचेगी। गोड्डा से टाटा के लिए भी साप्ताहिक ट्रेन चलेगी। यह ट्रेन सोमवार को जमशेदपुर से 1:40 दोपहर में खुलकर मंगलवार सुबह 7:20 बजे गोड्डा पहुंचेगी। वहीं गोड्डा से 12:40 बजे हर मंगलवार को ये गाड़ी खुलेगी और दूसरे दिन सुबह 6:45 बजे जमशेदपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन गोड्डा से भागलपुर, झाझा, जसीडीह के रास्ते जमशेदपुर पहुंचेगी। तीसरी ट्रेन गोड्डा से रांची के लिए इंटरसिटी चलने वाली है। इसकी शुरुआत 12 तारीख से होने वाली है। इस गाड़ी का इंतजार गोड्डा के लोगों को काफी दिनों से था। यह ट्रेन गोड्डा से दुमका होते हुए रांची जायेगी। 12 घण्टे में गोड्डा से रांची का सफर तय करेगी। गोड्डा में इस ट्रेन का समय 4:30 बजे निर्धारित की गई है, जो 3:55 बजे रांची पहुंचेगी। गोड्डा से बिहार की राजधानी पटना के लिए भी साप्ताहिक ट्रेन शुरू होने वाली है। यह ट्रेन हर शनिवार को गोड्डा से चलेगी। गोड्डा में सुबह 7:35 पर खुलेगी और शाम 4:10 बजे पटना के राजेन्द्र नगर पहुंचेगी। ये ट्रेन पोड़ैयाहाट, हसडीहा, भागलपुर के रास्ते पटना जायेगी। पटना से हर शुक्रवार रात 10:05 बजे खुलकर शनिवार सुबह 7 बजे गोड्डा पहुंचेगी।

Published / 2022-09-10 12:25:41
केंद्र-राज्य विज्ञान सम्मेलन में बोले पीएम मोदी- रिसर्च और इनोवेशन का ग्लोबल सेंटर बनेगा भारत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अहमदाबाद में साइंस सिटी में आयोजित दो दिवसीय केंद्र-राज्य विज्ञान सम्मेलन का उद्घाटन किया और कहा कि आज का नया भारत, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ ही जय अनुसंधान का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है। मोदी ने इस अवसर पर सभा को भी संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी के भारत के विकास में विज्ञान उस ऊर्जा की तरह है जिसमें हर क्षेत्र के विकास को हर राज्य के विकास को गति देने का सामर्थ्य है। आज जब भारत चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने की तरफ बढ़ रहा है तो उसमें भारत की साइंस और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की भूमिका बहुत अहम है। समाधान का, सॉल्यूशन का, इवोलूशन का और इनोवेशन का आधार विज्ञान ही है। इसी प्रेरणा से आज का नया भारत, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ ही जय अनुसंधान का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर हम पिछली शताब्दी के शुरुआती दशकों को याद करें तो पाते हैं कि दुनिया में किस तरह तबाही और त्रासदी का दौर चल रहा था। लेकिन उस दौर में भी बात चाहे ईस्ट की हो या वेस्ट की हर जगह के साइंटिस्ट अपनी महान खोज में लगे हुए थे। पश्चिम में आइन्स्टाइन, फर्मी, मैक्स प्लांक, नील्स बोर, टेस्ला जैसे साइंटिस्ट अपने प्रयोगों से दुनिया को चौंका रहे थे। उसी दौर में सीवी रमन, जगदीश चंद्र बोस, सत्येंद्रनाथ बोस, मेघनाद साहा, एस चंद्रशेखर समेत कई वैज्ञानिक अपनी नई-नई खोज सामने ला रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम अपने वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को सेलिब्रेट करते हैं तो साइंस हमारे समाज का हिस्सा बन जाती है वो पाटर् ऑफ कल्चर बन जाती है। इसलिए आज सबसे पहला आग्रह मेरा यही है कि हम अपने देश के वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को जमकर सेलिब्रेट करें। भारत रिसर्च और इनोवेशन का ग्लोबल सेंटरबनेगा। हमारी सरकार साइंस बेस्ड डेवलपमेंट की सोच के साथ काम कर रही है। 2014 के बाद से साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट में काफी वृद्धि की गई है। सरकार के प्रयासों से आज भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 46वें स्थान पर है जबकि 2015 में भारत 81 नंबर पर था। उन्होंने कहा कि इस अमृतकाल में भारत को रिसर्च और इनोवेशन का ग्लोबल सेंटर बनाने के लिए हमें एक साथ अनेक मोर्चों पर काम करना है। अपनी साइंस और टेक्नॉलॉजी से जुड़ी रिसर्च को हमें लोकल स्तर पर लेकर जाना है। इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकारों को ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक संस्थानों के निर्माण पर और प्रक्रियाओं को सरल करने पर बल देना चाहिए। राज्यों में जो उच्च शिक्षा के संस्थान हैं उनमें इनोवेशन लैब्स की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए। राज्यों में राष्ट्रीय स्तर के अनेक वैज्ञानिक संस्थान होते हैं, नेशनल लेबोरेटरीज भी होती हैं। इनके सामर्थ्य का लाभ, इनकी एक्सपटरइज का पूरा लाभ भी राज्यों को उठाना चाहिए। हमें अपने साइंस से जुड़े संस्थानों को सिलोस की स्थिति से भी बाहर निकालना होगा।

Published / 2022-09-10 11:39:53
गणेश प्रतिमा विसर्जन : यूपी-हरियाणा में डूबने से15 की मौत, 7 बच्चे की भी गई जान

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दस दिनों तक चलने वाले गणेश चतुर्थी उत्सव का शुक्रवार को समापन हो गया। कल ही मूर्तियों का विसर्जन भी किया गया। इस दौरान डूबने की कई घटनाएं सामने आई हैं। उत्तर प्रदेश और हरियाणा की अलग-अलग घटनाओं में गणेश विसर्जन के दौरान कल 15 लोगों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। हरियाणा के महेंद्रगढ़ और सोनीपत जिलों में शुक्रवार शाम भगवान गणेश की प्रतिमा विसर्जित करने के दौरान छह लोगों की डूबने से मौत हो गई। महेंद्रगढ़ में चार युवक नहर में डूब गये जबकि दो सोनीपत में यमुना नदी में डूब गये। आपको बता दें कि महेंद्रगढ़ में करीब सात फुट की मूर्ति विसर्जन के लिए ले जा रही टोली जब नहर में पानी की धारा में बह गई तो नौ युवक बह गए। जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ की मदद से बचाव अभियान शुरू किया। इस घटना में चार की मौत हो गई, अन्य को बचा लिया गया। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में गणेश विसर्जन के दौरान नौ लोगों के मौत की खबर सामने आ रही है। उन्नाव में तीन, संत कबीर नगर में चार, ललितपुर में दो युवकों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ट्वीट कर कहा है कि महेंद्रगढ़ और सोनीपत जिलों में गणपति विसर्जन के दौरान डूबने से कई लोगों की असमय मौत की खबर दिल दहला देने वाली है। खट्टर ने कहा, हम सभी इस कठिन समय में मृतकों के परिवारों के साथ खड़े हैं। एनडीआरएफ की टीम ने कई लोगों को डूबने से बचाया है। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। उन्नाव की बात करें तो यहां दो बच्चों की डूबने से तुरंत मौत हो गई। तीसरे बच्चे को इलाज के दौरान अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, बच्चे भगवान गणेश की मूर्तियों को गंगा नदी में विसर्जित करने गये थे। इस दौरान पांच बच्चे गंगा नदी में डूबने लगे। वे सभी अचानक गहरे पानी में चले गये थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चों का रेस्क्यू किया। हालांकि, तब तक दौ की मौत हो गई थी।

Published / 2022-09-10 10:51:50
देश के कई राज्यों में चार-पांच दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र के केरल के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी। वहीं ओडिशा, महाराष्ट्र और दक्षिण बंगाल में भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के नवीनतम मौसम बुलेटिन के अनुसार, अगले कुछ दिनों में ओडिशा और महाराष्ट्र सहित भारत के कई राज्यों में भारी वर्षा की भविष्यवाणी की गई है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले चार से पांच दिनों के दौरान ओडिशा, महाराष्ट्र और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। इन राज्यों के कई जिलों के लिए आईएमडी ने ऑरेंज अलर्ट जारी किये हैं। 11 सितंबर से झारखंड-बिहार में भारी बारिश की संभावना : मौसम कार्यालय ने यह भी बताया कि चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण 11 सितंबर से झारखंड और बिहार में भी भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा के कोरापुट, कंधमाल, गजपति और गंजम जिलों समेत इसके कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं।

Published / 2022-09-10 05:08:09
देश में कोरोना : 24 घंटे में मिले करीब 5,554 नये संक्रमित, 18 की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 5,554 नए मामले सामने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 4,44,90,283 हो गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 48,850 रह गई है। मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में महामारी से 18 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही कोविड से मरने वालों की संख्या 5,28,139 पर पहुंच गई है। उपचाराधीन मरीजों की संख्या, संक्रमण के कुल मामलों का 0.11 प्रतिशत है। मंत्रालय ने कहा कि देश में कोविड से पीड़ित होकर ठीक होने वालों की दर बढ़कर 98.70 प्रतिशत हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 786 की कमी आई है। दैनिक संक्रमण दर 1.47 प्रतिशत दर्ज की गई और साप्ताहिक दर 1.80 प्रतिशत रही। मंत्रालय ने कहा कि अब तक 4,39,13,294 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। महामारी से होने वाली मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में अब तक कोविड रोधी टीके की 214.77 करोड़ खुराक दी जा चुकी है।

Published / 2022-09-10 04:56:42
शशि थरूर समेत 5 सांसद अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चिंतित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस के पांच लोकसभा सदस्यों ने पार्टी अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर चिंता जताते हुए पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री से आग्रह किया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के निर्वाचक मंडल (डेलीगेट) की सूची मतदान में हिस्सा लेने वालों और संभावित उम्मीदवारों को नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रदान की जाए। पार्टी सांसद शशि थरूर, मनीष तिवारी, कार्ति चिदंबरम, प्रद्युत बारदोलोई और अब्दुल खालिक ने मिस्त्री को पत्र लिखकर यह आग्रह किया है। यह पत्र कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा से एक दिन पहले छह सितंबर को लिखा गया था। नमें से दो सांसदों, थरूर और तिवारी का संबंध कांग्रेस के "जी-23" समूह से है। इन सांसदों ने पहले यह सूची सार्वजनिक करने का आग्रह किया था, जिससे मिस्त्री ने साफ इनकार कर दिया था। अब इन सांसदों ने अपने पत्र में कहा है कि उनके कहने का यह मतलब कतई नहीं है कि पार्टी के किसी आंतरिक दस्तावेज को ऐसे ढंग से जारी किया जाए कि इसका किसी भी तरीके से दुरुपयोग हो। उन्होंने पत्र में कहा, हमारी राय है कि अध्यक्ष के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्वाचक मंडल की सूची मतदान में हिस्सा लेने वाले मतदाताओं और संभावित उम्मीदवारों को दिया जाए। पिछले महीने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने गत 28 अगस्त को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्वाचन सूची तैयार किए जाने की प्रक्रिया के बारे में जानना चाहा था। हालांकि, बाद में पार्टी ने कहा था कि इस बैठक में किसी नेता ने कोई सवाल खड़ा नहीं किया। निर्वाचक मंडल की सूची सार्वजनिक किए जाने की मांग को खारिज करते हुए मिस्त्री ने कहा था कि पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और कांग्रेस के संविधान के मुताबिक है तथा निर्वाचक मंडल (डेलीगेट) की सूची को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, लेकिन उम्मीदवारों को यह उपलब्ध करा दी जायेगी। कांग्रेस की ओर से घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 22 सितंबर को पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना जारी होगी, 24 सितंबर से नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं और यदि एक से अधिक उम्मीदवार हुए तो 17 अक्टूबर को मतदान होगा।

Published / 2022-09-09 16:23:54
लक्ष्मीकांत वाजपेयी बने झारखंड भाजपा प्रभारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भाजपा ने विभिन्न राज्यों के प्रभारियों और सह प्रभारियों की जिम्मेदारी में बड़ा बदलाव किया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विनोद तावड़े को बिहार का नया प्रभारी बनाया है, जबकि सह प्रभारी की जिम्मेदारी पहले की तरह हरीश द्विवेदी ही संभालते रहेंगे। छत्तीसगढ़ का प्रभारी ओम माथुर और सह प्रभारी नितिनि नबीन को बनाया गया है। बिप्लब कुमार देब को हरियाणा, लक्ष्मीकांत वाजपेयी को झारखंड और विनोद सोनकर को दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव का प्रभारी बनाया गया है। केरल का प्रभारी प्रकाश जावेड़कर को बनाया गया है। राधामोहन अग्रवाल को लक्षद्वीप के प्रभारी के साथ-साथ केरल के सह प्रभारी की जिम्मेदारी भी दी गई है। पी मुरलीधर राव को मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है और उनके साथ राज्य में दो नेताओं पंकजा मुंडे और रमाशंकर कठेरिया को सह प्रभारी बना कर लगाया गया है। विजय भाई रुपाणी को पंजाब और चंडीगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। नरिंदर सिंह रैना को पंजाब का सह प्रभारी बनाया गया है। तेलंगाना का प्रभार तरूण चुग संभालेंगे और उनके साथ अरविंद मेनन को राज्य का सह प्रभारी बनाया गया है। राजस्थान के प्रभारी की जिम्मेदारी पहले की तरह ही अरुण सिंह संभालते रहेंगे और उनके साथ सह प्रभारी के तौर पर विजया राहटकर को लगाया गया है।

Published / 2022-09-09 11:07:52
देश में कोरोना : 24 घंटों में मिले 6 हजार मामले, एक्टिव मरीज भी 50 हजार से कम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 6,093 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,44,84,729 हो गई, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 49,636 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से 31 और लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,28,121 पर पहुंच गई है। इन 31 मामलों में वे 13 लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 49,636 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.11 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 706 की कमी दर्ज की गई है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.70 प्रतिशत हो गई है। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गये थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के मामले चार करोड़ के पार हो गये थे।

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