एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में एक बार फिर से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा जारी गुरुवार ( 6 अक्तूबर) के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में कोरोना के 2,529 नए मामले सामने आये हैं जो कि कल की तुलना में 61 अधिक हैं। इस दौरान 12 लोगों की मौत भी हुई है। इससे पहले बुधवार के आंकड़ों में 2,468 मरीज आये थे और मंगलवार की तुलना में 500 अधिक थे। लगातार दो दिनों से कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी ने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है। इसके अलावा देश में सक्रिय मरीजों की संख्या 32,282 हो गई है जो कि कल की तुलना में 1,036 कम है। महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 5,28,745 लोगों की मौत हुई है और 4,40,43,436 लोग स्वस्थ हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीते 24 घंटों में कोरोना के 96 नए मामले सामने आये हैं। जबकि संक्रमण दर 1.42 फीसदी है। हालांकि, इस दौरान एक भी मौत नहीं हुई। दिल्ली में महामारी की शुरुआत से अब तक कुल 20,03,746 लोग संक्रमित हुए हैं जबकि मृतकों की संख्या 26,503 है। वहीं पिछले दिन 6,773 नमूनों का परीक्षण किया गया था। बता दें कि दिल्ली में पिछले दिनों कोरोना के 74 मामले सामने आये थे और संक्रमण दर 1.07 फीसदी थी। महाराष्ट्र में बीते 24 घंटों में कोरोना के 416 नये मामले सामने आये हैं। इस दौरान कोई मौत नहीं हुई। महाराष्ट्र में महामारी की शुरुआत से अब तक कुल 81,23,255 लोग संक्रमित हुए हैं। नये मामलों में से सबसे अधिक 209 मुंबई प्रशासनिक सर्कल में दर्ज किये गये, इसके बाद पुणे (110), नागपुर (36), अकोला (17), नासिक (13), कोल्हापुर (12), लातूर (10) और औरंगाबाद में (9) हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के कई राज्यों में दशहरे पर कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। इस कारण दुर्गा पूजा विसर्जन और रावण दहन कार्यक्रमों में खलल पड़ा। दरअसल चीन सागर में नोरु तूफान की वजह से बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र और चक्रवाती हवाएं चल रही हैं, इस कारण नमी मिलने से बारिश हो रही है। यह सिलसिला मध्य अक्तूबर तक जारी रहने का अनुमान है। नोरु तूफान की वजह से ही देश के कुछ राज्यों में मानसून अब भी ठिठका हुआ है और उसकी वापसी में विलंब हो रहा है। स्कायमेट के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र व चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा आंध्र प्रदेश के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े अन्य चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र से पूरे उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैली हुई है। ताजा बारिश से रबी की जल्दी बोआई करने वाले राज्यों के किसानों को राहत मिलेगी, वहीं, सब्जियों व फूलों की खेती पर इसका विपरीत असर पड़ सकता है। 20 राज्यों के लिए येलो अलर्ट : मौसम विभाग ने देश के 20 राज्यों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। यानी यहां गरज चमक व तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ये राज्य हैं- यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पुड्डुचेरी, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, केरल, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम तथा त्रिपुरा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रेलवे ने नया टाइम टेबल जारी कर दिया है। इसके तहत करीब 500 मेल एक्सप्रेस रेलगाड़ियों की रफ्तार को तेज कर दिया गया है। इसके अलावा 65 जोड़ी ट्रेनों को सुपरफास्ट में बदल दिया गया है। रेल मंत्रालय के मुताबिक सभी ट्रेनों की औसत गति में करीब पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ऐसा करने से अतिरिक्त ट्रेनों को चलाने के लिए करीब 5 प्रतिशत अतिरिक्त मार्ग मिले हैं। रेलवे के इस नये टाइम टेबल को अपनी वेबसाइट पर जारी किया है। ये टाइमटेबल एक अक्टूबर से प्रभावी हो गया है। रेलवे ने बयान में बताया कि नये टाइम टेबल में नई दिल्ली-वाराणसी और नई दिल्ली-कटरा के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी कई प्रीमियम ट्रेन शुरू की गई हैं। गांधीनगर और मुंबई के बीच एक अन्य वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी चलाया गया है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, नये टाइम टेबल में करीब 500 मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की स्पीड में बढ़ोतरी की गई है और ट्रेनों की स्पीड 10 मिनट से 70 मिनट तक बढ़ी है। मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि करीब 3,000 पैसेंजर ट्रेनें और 5,660 उपनगरीय ट्रेनें भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चलती हैं। हर दिन करीब 2.23 करोड़ यात्री रेल सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले नये टाइमटेबल को ध्यान से देख लें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केरल में वडक्कनचेरी के निकट मंगलम में गुरुवार तड़के एक पर्यटक बस और सरकारी केएसआरटीसी बस टक्कर में नौ लोगों की मौत हो गई और 40 अन्य घायल हो गये हैं। सूत्रों ने आज यहां बताया कि पलक्कड़ जिले के मंगलम में रात 1205 बजे कोट्टाराक्कारा से कोयंबटूर जा रही बस को एक पर्यटक बस ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद बस दलदल में गिर गई। इस दुर्घटना में नौ लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हो गए। दुर्घटना के समय बस में एर्नाकुलम में मार बेसिल के विद्यानिकेतन स्कूल के 42 छात्र और पांच शिक्षक सवार थे। सभी घायलों को पलक्कड़ जिला अस्पताल, त्रिशूर मेडिकल कॉलेज, अलाथुर तालुक अस्पताल और वडक्कनचेरी के एक निजी अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जिसमें 10 की हालत गंभीर बताई गई है। अलाथुर और वडाकनचेरी से दमकल की टुकड़ियां मौके पर गई और बचाव अभियान चलाया गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुर्गा मां की मूर्ति के विसर्जन के दौरान बुधवार को मल नदी में बहाव अचानक तेज होने के कारण बहे आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य अब भी लापता हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने कहा कि जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतकों में चार महिलाएं भी शामिल हैं। यह घटना बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे उस समय हुई, जब विसर्जन के लिए सैकड़ों लोग मल नदी के किनारे एकत्रित हुए थे। जलपाईगुड़ी जिला मजिस्ट्रेट मौमिता गोदारा ने बताया, नदी में पानी का बहाव अचानक तेज होने से लोग बह गए। अभी तक आठ शव बरामद किए गए हैं और 50 लोगों को बचाया गया है। उन्होंने बताया कि मामूली रूप से घायल 13 लोगों को एक नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोदारा ने कहा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ,राज्य आपदा मोचन बल, पुलिस और स्थानीय प्रशासन खोज एवं बचाव अभियान चलाया रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 2,468 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या 4,46,01,934 हो गई वहीं उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 33,318 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से 17 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,28,733 हो गई। इन 17 मामलों में वे नौ लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 33,318 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.07 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 1,280 मामलों की कमी दर्ज की गई है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.74 प्रतिशत हो गई है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर 1.32 प्रतिशत के साथ ही साप्ताहिक संक्रमण दर भी 1.32 प्रतिशत है। देश में अब तक कुल 4,40,39,883 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तराखंड में अबतक करीब 58 पर्वतारोहियों का दल मंगलवार सुबह हिमस्खलन की चपेट में आ गया है। सूचना पर वायुसेना ने रेस्क्यू अभियान चलाकर 26 लोगों को बचा लिया जबकि चार लोगों के शव निकाले जा सके। वहीं अभी भी 28 प्रशिक्षु पर्वतारोही लापता है। एसडीआरएफ की डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि दो मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। लापता लोगों में हिमाचल प्रदेश के एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल हैं। अब बुधवार सुबह फिर से बचाव अभियान चलाया जायेगा। बता दें कि उत्तराखंड पुलिस ने बुधवार को उन 28 प्रशिक्षु पर्वतारोहियों की सूची जारी की जो राज्य के उत्तरकाशी जिले में द्रौपदी का डांडा-2 शिखर पर 17,000 फुट की ऊंचाई पर भीषण हिमस्खलन होने के बाद से लापता हैं। हिमस्खलन मंगलवार को उस समय हुआ जब उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के 34 प्रशिक्षु पर्वतारोहियों और सात प्रशिक्षकों का एक दल शिखर से वापस लौट रहा था। पुलिस की ओर से जारी सूची के अनुसार, ये प्रशिक्षु पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के हैं। संस्थान के प्राचार्य कर्नल अमित बिष्ट के अनुसार मंगलवार को 10 शव देखे गए थे, जिनमें से चार को निकाल लिया गया है। अंधेरे और खराब मौसम के कारण बचाव अभियान रोकना पड़ा था जो बुधवार को फिर शुरू किया जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दशहरे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने चीन, जनसंख्या नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, मातृशक्ति समेत कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने इस दौरान देश में रोजगार को लेकर भी अपने विचार रखे हैं। मोहन भागवत ने कहा है कि अगर सभी लोग सरकारी नौकरी के पीछे भागेंगे तो कैसे होगा। उन्होंने लोगों से आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया है। उन्होंने इसके अलावा कहा कि शक्ति शांति का आधार है। देश की अर्थव्यवस्था बेहतर हो रही है। उन्होंने यह भी कहा है कि चीन बूढ़ा हो रहा है। 1. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि नौकरी के पीछे सब भागेंगे तो कहां से होगा। सरकारी हो और घर के करीब हो तो और अच्छा है। सबको नौकरी कहां से मिलेगी? बिजनेस की ओर जाना पड़ेगा। सरकार स्टार्ट अप को बढ़ावा दे रही है। समाज को इस दिशा में ध्यान रखना है। उन्होंने कहा कि समाज को नौकरी खासकर, सरकारी नौकरी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका ये आशय कतई नहीं है कि सरकार नौकरी में कटौती करे बल्कि नौकरी को लेकर सरकारों पर नजर रखनी चाहिए। 2. डॉ भागवत ने बिजनेस पैदा करने और आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। उन्होंने जोर दिया कि स्किल डेवलपमेंट और स्टार्ट अप जैसे कार्यक्रमों का समाज लाभ उठाये। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सबको नौकरी कहां से मिलेगी? किसी भी समाज में सरकारी और प्राइवेट मिलाकर अधिक से अधिक 10, 20 या 30 फीसदी ही नौकरी होती है। सरकार स्टार्ट अप को बढ़ावा दे रही है। समाज को इस दिशा में ध्यान रखना है। समाज को बिजनेस की ओर देखना होगा। 3. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राजस्थान के उदयपुर में हुई हत्या की वारदात पर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उदयपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। इससे पूरा समाज हैरान रह गया था। अधिकांश लोग दुखी और गुस्सा थे. ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, यह सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद मुस्लिम समाज से भी कुछ लोगों ने नाराजगी व्यक्त की थी। यह विरोध अपवाद बनकर न रहे बल्कि अधिकांश मुस्लिम समाज का यह स्वभाव बनना चाहिए। हिंदू समाज का एक बड़ा वर्ग ऐसी घटना घटने पर हिंदू पर आरोप लगे तो भी मुखरता से विरोध प्रगट करता है। 4. मोहन भागवत ने कहा कि हमारा पड़ोसी चीन बूढ़ा हो रहा है। वो जल्दी बूढ़ा हो जायेगा। सिंगल चाइल्ड पॉलिसी की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। वो अब दो बच्चों पर आ गए हैं, लेकिन स्थिति सुधर नहीं रही है। 50 साल आगे की सोचकर जनसंख्या नीति बनानी चाहिए। जनसंख्या बहुत कम हो गई तो समाज और भाषा ही लुप्त हो जाती है। जनसंख्या असंतुलन का परिणाम भी हमने भुगता है। 50 साल पहले हमने भुगता। लेकिन लालचपूर्ण और जबरन धर्म परिवर्तन करना ठीक नहीं है। 5. देश के विकास के लिए सनातन और नये बदलाव जरूरी हैं। सनातन और नये बदलाव साथ चलते हैं। सनातन हमें भटकाव से रोकता है। भटकाव से आपस में दूरियां बढ़ती हैं, जो सब काम मातृशक्ति कर सकती है, वो सभी काम पुरुष नहीं कर सकते हैं। महिलाओं की यह शक्ति है और इसलिए उनका सशक्तिकरण करना और उनको काम करने की स्वतंत्रता देना और कार्यों में बराबरी की सहभागिता देना अहम है। 6. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दशहरा रैली के दौरान कहा कि हमें कोशिश करनी चाहिए कि हमारे मित्रों में सभी जातियों और आर्थिक समूहों के लोग हों, ताकि समाज में और समानता लाई जा सके। जनसंख्या नीति व्यापक सोच-विचार के बाद तैयार की जाए और यह सभी पर समान रूप से लागू हो। जनसंख्या को संसाधन की जरूरी होती है। अगर यह बिना संसाधन के आगे बढ़ती है तो यह बोझ बन जाती है। धर्म आधारित जनसंख्या के असंतुलन का मामला नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जनसंख्या में असंतुलन भौगोलिक सीमा में बदलाव होता है। 7. संघ प्रमुख ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारे पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी ताकतें हमारे समाज में जहर फैलाकर हमें कमजोर करना चाहती हैं, वो ताकतें भारत के प्रगति के विरोधी हैं और समाज में विष पैदा करना चाहते हैं। संघ को लेकर समाज में भ्रांति पैदा किये जाने का विरोध किया और कहा कि उनको लेकर दूसरे धर्मावलंबी के मन में डर पैदा किया जाता है, जो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि ये ठीक है की संघ हिंदूवादी संस्कृति का पक्षधर है लेकिन वो दूसरे धर्म के लोगों की पूजा पद्धति और रीति रिवाज का विरोधी नहीं है बल्कि सर्व समाज संभाव की बात करता है। साथ ही डॉक्टर भागवत ने फोर्सफुल कनवर्जन यानी दबाव डालकर धर्म परिवर्तन का विरोध भी किया। 8. मोहन भागवत ने महिलाओं को सामाजिक रूप से बराबरी का दर्जा देने की वकालत की। उन्होंने कहा की विदेशी आक्रांताओं की वजह से हमारे समाज ने मातृ शक्ति को घर या पूजा घर तक सीमित कर दिया गया, जो बाद में रवायत बन गई उसको ठीक करना है। 9. पूरे विश्व में भारत की धमक बढ़ रही है। इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार की तारीफ की। श्रीलंका संकट और यूक्रेन युद्ध में भारत की भूमिका की प्रशंसा की। डॉ भागवत ने खेल की दुनिया में भारत के प्रदर्शन को सराहा और कहा की अंतरराष्ट्रीय जगत के खेल प्रतिस्पर्धाओं में हाल में भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया। पैरालंपिक खेलों में गोल्ड और अन्य पदक प्राप्ति की तारीफ की। 10. संघ प्रमुख ने सामाजिक बराबरी की पैरोकारी की और देश में सभी जातियों, मतों और पंथों को मंदिरों, घाटों, श्मशनों में समान व्यवहार के अवसर की पैरोकारी की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि संघ के कार्यक्रमों में बौद्धिक और कुशल महिला मेहमानों का स्वागत करने की एक पुरानी परंपरा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और राष्ट्र सेविका समिति द्वारा व्यक्तित्व निर्माण की शाखा पद्धति अलग-अलग संचालित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर के विकास की प्रक्रिया में बाधाओं पर काबू पाने की जरूरत है।
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