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Published / 2022-10-19 09:16:29
बीएसएनएल को पछाड़ 7.3 मिलियन ग्राहकों के साथ सबसे बड़ी वायरलाइन कंपनी बनी रिलायंस जियो

एबीएन सेंट्रल डेस्क। निजी दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो अगस्त में सार्वजनिक क्षेत्र की भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को पछाड़कर फिक्स्ड लाइन सेवा प्रदान करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गयी। देश में दूरसंचार सेवाओं की शुरुआत के बाद पहली बार किसी निजी कंपनी ने वायरलाइन इंटरनेट श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की तरफ से मंगलवार को जारी ग्राहक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में जियो के वायरलाइन ग्राहकों की संख्या 73.52 लाख पर पहुंच गयी जबकि बीएसएनएल का ग्राहक आधार 71.32 लाख रहा। बीएसएनएल देश में पिछले 22 वर्षों से वायरलाइन सेवाएं दे रही है, जबकि जियो ने तीन साल पहले ही अपनी वायरलाइन सेवा की पेशकश शुरू की थी। इसी के साथ अगस्त में देश में वायरलाइन ग्राहकों की संख्या बढ़कर 2.59 करोड़ हो गई, जो जुलाई में 2.56 करोड़ थी। ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, वायरलाइन सेवाएं इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में हुई इस वृद्धि में निजी क्षेत्र का योगदान रहा। इस अवधि में जियो ने 2.62 लाख नये ग्राहक जोड़े, भारती एयरटेल ने 1.19 लाख जबकि वोडाफोन आइडिया (वीआई) और टाटा टेलीसर्विसेज ने क्रमश: 4,202 और 3,769 नये ग्राहकों को जोड़ा। इसके उलट सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों- बीएसएनएल और एमटीएनएल ने अगस्त के महीने में क्रमश: 15,734 और 13,395 वायरलाइन ग्राहकों को गंवा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कुल दूरसंचार ग्राहक आधार अगस्त में मामूली रूप से बढ़कर 117.5 करोड़ हो गया, जिसमें जियो ने ज्यादतर नए ग्राहकों को जोड़ा। साथ ही शहरी केंद्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च दर से वृद्धि हुई। अगस्त 2022 के लिए ट्राई की ग्राहक रिपोर्ट में कहा गया, भारत में टेलीफोन ग्राहकों की संख्या जुलाई 2022 के अंत में 117.36 करोड़ से बढ़कर अगस्त 2022 के अंत में 117.50 करोड़ हो गयी। इसमें पिछले महीने की तुलना में 0.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा केवल रिलायंस जियो (32.81 लाख) और भारती एयरटेल (3.26 लाख) ने इस साल अगस्त में नये मोबाइल ग्राहक जोड़े, जबकि कर्ज में डूबी निजी कंपनी वीआई ने इस महीने में 19.58 लाख मोबाइल ग्राहक खो दिए। इस दौरान बीएसएनएल ने 5.67 लाख, एमटीएनएल ने 470 और रिलायंस कम्युनिकेशंस ने 32 ग्राहकों को गंवा दिया।

Published / 2022-10-18 13:48:21
केदारनाथ धाम में हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत सात की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तराखंड में मंगलवार को फाटा से केदारनाथ तीर्थयात्रियों को ले जा रहा एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे के पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि यह हादसा केदारनाथ से 2 किमी दूर गरुड़चट्टी में हुआ। हेलीकॉप्टर एक निजी कंपनी का बताया जा रहा है जो तीर्थयात्रियों के लेकर जा रहा था। क्रैश की सूचना के बाद प्रशासन की राहत और बचाव टीम मौके पर पहुंची लेकिन हेलीकॉप्टर बुरी तरह आग की चपेट में था। बताया जा रहा है कि खराब मौसम हेलिकॉप्टर क्रैश की एक वजह हो सकता है। हेलिकॉप्टर ने गुप्तकाशी से उड़ान भरी थी। केदारघाटी की तरफ जब ये हेलिकॉप्टर आगे बढ़ा, तब गरुड़चट्टी में यह क्रैश हो गया है।

Published / 2022-10-18 11:11:22
कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन : कभी ली थी 150 की जान, फिर मिनटों में हो गया था ढेर...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में एक समय कूज मुनिस्वामी वीरप्पन का जबरदस्त खौफ था। घनी मूछों वाला वीरप्पन कई दशकों तक सुरक्षा बलों के लिए सिरदर्द बना रहा। हाथी दांत के लिए सैकड़ों हाथियों की जान लेने वाले और करोड़ों रुपये के चंदन की तस्करी करने वाले वीरप्पन ने तस्करी के अपने अभियानों को अंजाम देने के दौरान करीब डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की जान ली और उनमें से आधे से ज्यादा पुलिसकर्मी थे। आज का दिन देश के कई राज्यों की पुलिस, सुरक्षा बलों और प्रशासन के लिए बड़ी राहत लेकर आया। 18 अक्टूबर 2004 को सुरक्षा बलों ने दस्यु सरगना और कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को एक मुठभेड़ में मौत के घाट उतार दिया। 18 जनवरी 1952 को वीरप्पन का जन्म हुआ था। उसके बारे में कहा जाता है कि उसने 17 साल की उम्र से ही शिकार करने लगा था, वो भी किसी और जानवरों का नहीं बल्कि हाथियों का। उसके बारे में कहा तो ये भी जाता है कि वह हाथियों के माथे के बीच में गोलियां मारता था। वीरप्पन यूं ही नहीं सुरक्षाबलों के चंगुल में आया। उसे मारने के लिए पुलिस, सुरक्षाबलों को दशकों तक मशक्कत करनी पड़ी। वीरप्पन ने दशकों तक चंदन लकड़ी और हाथी दांत की तस्करी की। उसके कारनामे के चर्च देश में ही बल्कि विदेश में भी हुआ करते थे। कई राज्यों की पुलिस उसे 20 साल तक ढूंढती रही। उसे पकड़ने में करोड़ों रुपये खर्च हुए। वीरप्पन को मौत के घाट उतारने वाले अधिकारी का नाम के। विजय कुमार है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि सरकार की तरफ से उन्हें आदेश मिला था कि वीरप्पन को जिंदा या मुर्दा पकड़ना है। जब वीरप्पन की आंख के इलाज के लिए जंगल से बाहर निकलने वाला था, तभी उसे एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। ये साल था 2004 और दिन 18 अक्टूबर।

Published / 2022-10-18 09:58:58
आज 90वीं इंटरपोल महासभा को संबोधित करेंगे पीएम मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के प्रगति मैदान में 90वीं इंटरपोल महासभा को संबोधित करेंगे। बैठक में इंटरपोल के 195 सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे जिनमें मंत्री, हर देशों के पुलिस प्रमुख, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। इंटरपोल की 90वीं महासभा की बैठक 18 से 21 अक्टूबर तक होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 21 अक्टूबर को इंटरपोल की बैठक में आखिरी दिन शामिल होंगे। इस अवसर पर इंटरपोल के अध्यक्ष अहमद नासेर अल-रैसी, महासचिव, जर्गेन स्टॉक और केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक भी मौजूद रहेंगे। महासभा, इंटरपोल का सर्वोच्च शासी निकाय है और साल में इसकी एक बार बैठक होती है। इसके कामकाज से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए हर साल अलग-अलग देशों में इसकी बैठक की जाती है। इस बैठक में इंटरपोल के कामकाज की समीक्षा भी की जाती है। इंरपोल की प्रमुख भूमिका दुनिया भर की पुलिस एजेंसियों को एक सुरक्षित जगह बनाने के लिए मिलकर काम करने में मदद करना है। ऐसा करने के लिए, संगठन एजेंसियों को अपराधों और अपराधियों पर डेटा साझा करने और एक्सेस करने में सक्षम बनाता है। इंटरपोल कई तकनीकी और ऑपरेशनल भारत में लगभग 25 सालों के बाद इंटरपोल महासभा की बैठक हो रही है। भारत में आखिरी बार 1997 में इंटरपोल महासभा की बैठक आयोजित की गई थी। भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के खास मौके पर इस बार महासभा का आयोजन का मौका दिया गया है। 2022 में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के खास अवसर पर इंटरपोल महासभा की मेजबानी करने के भारत के प्रस्ताव को महासभा ने भारी बहुमत से स्वीकार कर लिया था। यह आयोजन पूरी दुनिया को भारत की कानून और व्यवस्था प्रणाली को दिखाने का मौका देती है।

Published / 2022-10-18 08:42:09
दिसम्बर-जनवरी से मिलने लगेगा 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि देश में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल इस साल दिसंबर या जनवरी में उपलब्ध हो सकता है। हालांकि इसके लिए लक्ष्य 2023 का रखा गया था। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, हम एथनॉल उत्पादन की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और मेरा मानना है कि 20 प्रतिशत मिश्रण वाला ईंधन अप्रैल, 2023 (के लक्ष्य) से पहले दिसंबर या जनवरी में बाजार में आ जायेगा। ब्राजील जहां फ्लेक्स ईंधन वाले वाहन उपलब्ध हैं और उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार एथनॉल या पेट्रोल ले सकते हैं, का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यही सरकार का अंतिम लक्ष्य होगा। हालांकि उस स्तर तक पहुंचने के लिए कुछ तकनीकी पहलू हैं और काम चल रहा है। उन्होंने कहा, हम एथनॉल मिश्रण को लेकर वाहन विनिर्माता कंपनियों के साथ एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि पेट्रोल में एथनॉल-मिश्रण प्रतिशत 2013 में 0.67 प्रतिशत से बढ़कर मई, 2022 में 10 प्रतिशत हो गया है यानी निर्धारित समय से पांच महीने पहले। यह 27 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन को कम कर रहा है जो पर्यावरण के लिए अच्छा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुमानों के अनुसार भारत आने वाले दो दशकों में वैश्विक ऊर्जा खपत में वृद्धि का एक-चौथाई (25%) योगदान देगा। बीपी का अनुमान है कि भारत की ऊर्जा मांग दोगुनी हो जायेगी, जबकि प्राकृतिक गैस की मांग 2050 तक पांच गुना बढ़ने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में पाइपलाइन का कार्य तेज गति से हो रहा है। 2014 तक गैस पाइपलाइन 14,000 किलोमीटर तक थी, जो आज 22,000 किलोमीटर से अधिक तक पहुंची है। इसे 35,500 किलोमीटर तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने विकासशील अर्थव्यवस्था को कच्चे तेल और गैस की बढ़ती कीमतों से बचाते हुए वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों का अच्छी तरह से सामना किया है। भारतीय पेट्रोलियम उद्योग अवसर के शिखर पर है और 2030 तक अपनी कच्चे तेल की मांग का 25 प्रतिशत उत्पादन करने में सक्षम होगा। वर्तमान में हमारे देश में हर दिन 50 लाख बैरल पेट्रोलियम की खपत हो रही है और इसमें भी तीन प्रतिशत की वृद्धि हो रही है, जबकि वैश्विक औसत लगभग एक प्रतिशत से अधिक है। पुरी ने यहां तीन दिन की पांचवी साउथ एशियन जियोसाइंस कॉन्फ्रेंस जियो इंडिया 2022 का उद्घाटन किया।

Published / 2022-10-17 23:13:24
अनूसूचित जाति के हितों पर डाका बर्दास्त नहीं, जनजागरण से खोलेंगे पोल : विहिप

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मतांतरित अनुसूचित समाज को आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग न केवल संविधान विरोधी और राष्ट्र विरोधी है अपितु अनुसूचित जाति के अधिकारों पर खुला डाका है। विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मिशनरी व मौलवी बार-बार यही दोहराते हैं कि उनके मजहब में जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है और उनका मजहब स्वीकार करने के बाद कोई पिछड़ा नहीं रह जाता है। इसके बावजूद जब वे मतांतरितों के लिए बार-बार आरक्षण की मांग करते हैं तो न केवल उनका समानता का दावा खोखला सिद्ध होता है अपितु, उनके गलत इरादों का भी पदार्फाश होता है। उनका उद्देश्य न्याय दिलाना नहीं अपितु मतांतरण की प्रक्रिया को तेज करना है। यह अनुचित मांग न केवल सामाजिक न्याय अपितु संविधान की मूल भावना के विपरीत किया गया एक षड्यंत्र है। डॉ जैन ने कहा 1932 में पूना पैक्ट करते समय डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण पर सहमति व्यक्त की थी। दुर्भाग्य से 1936 से ही मिशनरी और मौलवी मतांतरित अनुसूचित समाज के लिए आरक्षण की मांग सड़क से लेकर संसद तक निरंतर उठाते रहे हैं। 1936 में महात्मा गांधी और डॉक्टर अंबेडकर ने इस मांग को अनुचित ठहराया था। संविधान सभा में भी जब इस मांग को पुन: उठाया गया तो संविधान निमार्ता डॉक्टर अंबेडकर ने इसे देश विरोधी सिद्ध करते हुए ठुकरा दिया था। स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू और स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने भी इस मांग को अनुचित करार दिया था। इसी मांग को लेकर 1995 में दिल्ली में एक 10 दिवसीय धरने का आयोजन मिशनरियों के द्वारा किया गया था जिसमें सामाजिक समानता और सेवा की ध्वज वाहक माने जाने वाली स्वर्गीय मदर टेरेसा ने भाग लिया था। विहिप नेता ने आरोप लगाया कि बार-बार ठुकराने की बावजूद उनकी निरंतरता यह सिद्ध करती है कि उनके पीछे धर्मांतरण करने वाली अंतर्राष्ट्रीय शक्तियां काम कर रही हैं। डॉ सुरेंद्र जैन ने बताया कि संविधान सभा व संसद द्वारा बार बार ठुकराने पर वे न्यायपालिका में भी जाते रहे हैं और न्यायपालिका भी इनकी अनुचित मांग को ठुकराते रही है। 1985 में सुसाइ व अन्य विरुद्ध भारत सरकार मामले में तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि मतांतरित अनुसूचित जाति को आरक्षण की मांग संविधान की मूल भावना के विपरीत है। इसके बावजूद 2004 में एक बार फिर से न्यायपालिका में गए जो मामला अभी तक लंबित है। डॉक्टर जैन ने चेतावनी दी कि अगर इस नाजायज मांग को स्वीकार कर लिया जाता है तो इससे अवैध धर्मांतरण की गतिविधियां तीव्र हो जायेंगी, खुलकर सामने आयेंगे। जनसंख्या असंतुलन के खतरे बढ़ जाएंगे और जिस अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण का प्रावधान किया है वे इससे वंचित हो जायेंगे। विहिप इस राष्ट्र विरोधी मांग के विरोध में एक राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान चलायेगा। वाल्मीकि महा सभा के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश पवन कुमार ने ईसाई मिशनरियों और मौलवियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के अधिकारों पर डाका डालने का उनका प्रयास सफल नहीं हो पाएगा अनुसूचित समाज किसी भी स्थिति में उनके षडयंत्रों को सफल नहीं होने देगा। मिशनरियों और मौलवियों का यह षड्यंत्र राष्ट्र विरोधी और संविधान विरोधी है। हर स्तर पर उनके इस षड्यंत्र का मुकाबला अवश्य किया जायेगा। उक्त जानकारी विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

Published / 2022-10-17 11:32:28
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव : सोनिया-प्रियंका ने डाला वोट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस पार्टी के नये अध्यक्ष के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है। अध्यक्ष पद के लिए शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच कड़ा मुकाबला है। पार्टी के नए अध्यक्ष को चुनने के लिए देशभर के 9,000 से ज्यादा प्रतिनिधि आज वोट डाल रहे हैं। मतदान सुबह 10 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक चलेगा। पार्टी ने वोटिंग के लिए देश भर में 40 केंद्रों पर 68 बूथ बनाये हैं। जिसके नतीजे दिल्ली स्थिति पार्टी मुख्यालय में 19 अक्टूबर को घोषित होंगे।

Published / 2022-10-17 11:25:40
देश में कोरोना : 24 घंटे में मिले 2,060 नये संक्रमित, 10 की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,060 नये मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या 4,46,30,888, हो गई, जबकि संक्रमण से 10 और मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या 5,28,905 हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार को सुबह आठ बजे अद्यतन आंकड़े के अनुसार, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 26,834 हो गई है जो कुल मामलों का 0.06 प्रतिशत है। मंत्रालय के अनुसार, कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.75 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 209 मामलों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। संक्रमण से 10 लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 5,28,905 हो गई है। संक्रमण से जिन 10 लोगों की मृत्यु हुई है उनमें वे चार मरीज भी शामिल हैं जिनका नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल द्वारा वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर 1.86 प्रतिशत, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 1.02 प्रतिशत है। देश में अब तक कुल 4,40,75,149 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। वहीं राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक कोविड-19 रोधी टीकों की 219.33 करोड़ खुराक दी जा चुकी है। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी।

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