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Published / 2022-10-28 23:40:38
जानें कैसे तैयार होता है भारत का केंद्रीय बजट...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 1 फरवरी, 2023 को देश के अधिकांश लोग लोकसभा में वित्त मंत्री के अभिभाषण को ही देखेंगे, लेकिन बजट खुद उससे कहीं ज्यादा है। उस दिन तक पहुंचने के लिए, व्यापक योजना, समन्वय, तैयारी और पूर्वानुमान होना चाहिए। क्या कहता है संविधान : अनुच्छेद 112 के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष के लिए भारत सरकार की प्रत्याशित प्राप्तियों और खर्चों का विवरण संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। केंद्रीय बजट को संदर्भित करने के लिए वार्षिक वित्तीय विवरण वाक्यांश का उपयोग यहां किया गया है। 1 अप्रैल को प्रभावी होने से पहले, भारतीय वित्तीय वर्ष की शुरुआत, बजट को संसद द्वारा अप्प्रूव किया जाना चाहिए। एक केंद्रीय मंत्री को भारत के राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 77(3) के अनुसार सरकारी लेनदेन करने की जिम्मेदारी दी जाती है। नतीजतन, अब केंद्रीय वित्त मंत्री की जिम्मेदारी है कि वह बजट और वार्षिक वित्तीय विवरण तैयार करें, इसे संसद में पेश करें और इसके पारित होने की निगरानी करें। बजट के प्रमुख पहलू : आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा खर्च की गई लागतों को तैयार करना और उनका आकलन करना, साथ ही साथ इन लागतों को कवर करने के लिए अर्जित होने वाली आय का निर्धारण करना, बजट के दो महत्वपूर्ण कंपोनेंट हैं। व्यय का अनुमान और राजस्व का अनुमान पहले दो कार्य हैं जिन्हें बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए एक साथ पूरा करने की आवश्यकता है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए व्यय का अनुमान लगाने की प्रक्रिया विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रारंभिक आय और पूंजीगत व्यय अनुमानों के प्रावधान के साथ शुरू होती है। संबंधित मंत्रालयों और विभागों को अनुमानों को संकलित करने और अनुरोध प्रदान करने के लिए वित्त मंत्रालय से जानकारी प्राप्त होती है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में उपलब्ध कराये गये नोटिफिकेशन का उपयोग विभिन्न विभागों और मंत्रालयों के लिए व्यय अनुमान तैयार करने के लिए किया जाता है। इसलिए, संबंधित मंत्रालय/विभाग अपने अनुदान मांगों के प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं। प्रक्रिया के लिए समयरेखा : 1. अक्टूबर-नवंबर- वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव सितंबर में बजट प्रक्रिया की आधिकारिक शुरुआत को चिह्नित करते हुए एक बजट परिपत्र जारी करते हैं। वित्त मंत्रालय को आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करने के लिए प्रारूप और समय सीमा शामिल हैं। इस साल का प्री-बजट सर्कुलर सितंबर में जारी किया गया था, जिसमें अन्य मंत्रालयों के अधिकारियों और वित्तीय सलाहकारों को चालू वर्ष (एफवाई23) के अद्यतन अनुमानों और एफवाई24 के बजट अनुमानों के लिए उनकी जरूरतों की एक सूची संकलित करने के लिए एक महीने से अधिक समय प्रदान किया गया था। इनमें वह राशि शामिल होगी जो केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों को इस वित्तीय वर्ष और इसके बाद की योजनाओं, कार्यक्रमों, पूंजी निवेश और प्रशासनिक लागत दोनों पर खर्च करने का अनुमान है। व्यय और आर्थिक मामलों के विभागों के अधिकारी 10 अक्टूबर से 10 नवंबर तक सभी केंद्र सरकारों, मंत्रालयों, एजेंसियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे हैं.इन बैठकों का उद्देश्य एफवाई 23 और एफवाई 24 के लिए आरई और बीई आवंटन पर निर्णय लेना है। यह स्पष्ट है कि प्रमुख कार्यक्रमों के लिए और कृषि, सड़क, बिजली और रेलमार्ग, खाद्य वितरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, और निश्चित रूप से, रक्षा जैसे महत्वपूर्ण कल्याण और आर्थिक मंत्रालयों के लिए धन आवंटित करने के लिए नीति निर्माताओं के अन्य विभागों के लिए धन आवंटित करने की तुलना में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। वित्त मंत्री नवंबर के मध्य से शुरू होने वाले विभिन्न हितधारकों और हित समूहों के साथ बजट पूर्व परामर्श की अपनी श्रृंखला शुरू करेगी, जिसमें उद्योग संघों, कृषि और सामाजिक और कल्याण क्षेत्रों जैसे उद्योगों के प्रतिनिधि, श्रम संगठन, अर्थशास्त्री और अन्य शामिल हैं। 2. दिसंबर- इस बिंदु तक, वित्त मंत्रालय संगरोध हो जाता है और सभी आगंतुकों के लिए बंद हो जाता है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी और अर्धसैनिक गार्ड नॉर्थ ब्लॉक में तैनात हैं, खासकर महत्वपूर्ण बजट निर्णय लेने वालों के कार्यालयों के बाहर गोपनीयता महत्वपूर्ण हो जाती है। राजस्व विभाग, जो आयकर, कॉर्पोरेट कर, माल और सेवा कर, सीमा शुल्क और विभिन्न उपकरों के माध्यम से राजस्व एकत्र करता है, चालू वित्त वर्ष के लिए संभावित संशोधित कर प्राप्तियों और अगले वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित राजस्व का अनुमान लगाना शुरू करता है। उपयुक्त विभाग अतिरिक्त रूप से चालू और अगले वर्ष के लिए गैर-कर राजस्व का अनुमान लगाते हैं, भारतीय रिजर्व बैंक, राज्य के स्वामित्व वाले वित्तीय संस्थानों और विभिन्न क्षेत्रों में राज्य के स्वामित्व वाले व्यवसायों से स्पेक्ट्रम बिक्री, विनिवेश और लाभांश को ध्यान में रखते हुए। मुख्य आर्थिक सलाहकार के नेतृत्व में आर्थिक प्रभाग, आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अंतर्निहित अनुमान प्रदान करता है, जिसमें संभावित नाममात्र जीडीपी वृद्धि, वर्तमान व्यापक आर्थिक स्थिति और अन्य प्रासंगिक जानकारी शामिल है। आर्थिक सर्वेक्षण, जिसे बजट से एक दिन पहले संसद में पेश किया जाता है, एक और परियोजना है जिस पर विभाग अब लगातार काम कर रहा है। 3. जनवरी- कई अन्य लोगों ने वित्त मंत्री के भाषण में योगदान दिया है, लेकिन उन्होंने अंतिम स्पर्श जोड़ा जिसने इसे अपना बना लिया। राजस्व सचिव पते के भाग बी को लिखने के लिए जिम्मेदार है, जो कर घोषणाओं पर चर्चा करता है। आर्थिक मामलों के सचिव मुख्य रूप से पते के भाग ए को लिखने के लिए जिम्मेदार होते हैं, जिसमें अर्थव्यवस्था की स्थिति पर राय और विभिन्न कार्यक्रमों और परियोजनाओं के बारे में घोषणाएं शामिल होती हैं। मुख्य आर्थिक सलाहकार अक्सर भाषणों के अंश भी लिखते हैं। अरुण जेटली के बजट भाषणों में एक योगदानकर्ता अरविंद सुब्रमण्यम थे। नागेश्वरन के भी इसी तरह से सीतारमण की मदद करने की उम्मीद है। इस महीने में सक्रियता का बुखार देखा जा सकता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय जनवरी की शुरुआत में चालू वित्त वर्ष के लिए अपना प्रारंभिक सकल घरेलू उत्पाद अनुमान प्रदान करता है। बजट मुद्रण प्रक्रिया जनवरी के मध्य में शुरू होती है। नॉर्थ ब्लॉक के अंतर्गत अंडरग्राउंड प्रिंटिंग प्रेस है। शुरू करने के लिए एक प्रथागत हलवा समारोह है। वित्त मंत्रालय कुछ महत्वपूर्ण अधिकारियों और छपाई कर्मियों को आगामी कुछ हफ्तों के लिए बंद कर देता है। नंबर और पैराग्राफ पर अभी भी काम किया जा रहा है क्योंकि छपाई का काम चल रहा है। कई आंकड़ों को अंतिम रूप देने में काफी देर हो चुकी है। यह सब 1 फरवरी को समाप्त होता है, जब कैबिनेट द्वारा बजट को मंजूरी देने और वित्त मंत्री द्वारा राष्ट्रपति को देने के बाद वित्त मंत्री सुबह 11 बजे लोकसभा में अपना भाषण देती हैं।

Published / 2022-10-26 23:31:16
पार्टी को एकजुट रखना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन के लिए सबसे बड़ी चुनौती

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पदभार ग्रहण करते ही उनसे उम्मीदें भी काफी बढ़ गयी हैं। 24 साल बाद बने गैर गांधी अध्यक्ष के समारोह में सोनिया, राहुल और प्रियंका का शामिल रहना बड़ी बात रही। दीपावली के चलते राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को दो दिन स्थगित करने के साथ पार्टी ने नये अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह के लिए भी भारत जोड़ो यात्रा को एक दिन आगे बढ़ाया गया है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी इस समारोह में शामिल रहे। बताते चलें कि दिल्ली रवाना होने से पहले रायपुर में बघेल ने कहा था कि मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे। मुझे भी इस अवसर पर उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। इसलिए, मैं दिल्ली जा रहा हूं। मल्लिकार्जुन खरगे को 2024 लोकसभा चुनाव से पहले सबसे पुरानी पार्टी को मजबूत करने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना होगा। खरगे के लिए सबसे पहली चुनौती गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की है। ऐसे में आम चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी। हिमाचल प्रदेश और गुजरात में भाजपा की मजबूत पकड़ है। ऐसे में यहां के विधानसभा चुनाव खरगे के लिए पहली चुनौती होंगे। मौजूदा समय में केवल दो राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ही कांग्रेस की सरकार है। हिमाचल और गुजरात की परीक्षा के बाद 2023 में नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें उनका गृह राज्य कर्नाटक भी शामिल है। पार्टी में उनके लिए अनुभवी व युवाओं के बीच संतुलन बनाए रखना भी चुनौती होगा। राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई का कहना है कि खरगे के सामने कई चुनौतियां हैं, क्योंकि उन्हें ‘टीम राहुल गांधी’ के सदस्यों के साथ समन्वय करना होगा, जो एआईसीसी, सीडब्ल्यूसी और अधिकतर राज्यों में प्रमुख पदों पर काबिज हैं। वहीं, राजनीतिक समीक्षक संजय कुमार ने कहा कि पार्टी के लिए कई चुनौतियां हैं और दुर्भाग्य से खरगे की नेतृत्व करने की क्षमता का परीक्षण कांग्रेस की चुनावी सफलता के आधार पर ही किया जायेगा।

Published / 2022-10-25 10:13:42
बेंगलुरु के दामाद ऋषि सुनक होंगे ब्रिटेन के अगले पीएम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बेंगलुरु के दामाद ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। ऐसे में शहर के लोग इसे एक ऐतिहासिक पल और एक परिपक्व लोकतंत्र का प्रतीक बता रहे हैं। भारतीय मूल के 42 वर्षीय सुनक की शादी इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से हुई है। हालांकि, मूर्ति दंपती ने अपने दामाद के इतिहास रचने पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन कारपोरेट जगत के लोगों ने इस घटनाक्रम पर खुशी व्यक्त की है। उद्यमिता, कौशल विकास, इलेक्ट्रानिक्स और दूरसंचार विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री और कर्नाटक से सांसद राजीव चंद्रशेखर ने ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने जा रहे सुनक को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सुनक ऐसे समय में प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, जब पूरा यूरोप कठिन समय से गुजर रहा है। चंद्रशेखर ने कहा, मैं उनसे से व्यक्तिगत रूप से मिला हूं। वह एक सक्षम व्यक्ति हैं। वोल्वो ग्रुप इंडिया के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष कमल बाली ने कहा कि यह खुशी की बात है कि भारतीय मूल का कोई व्यक्ति ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बन रहा है। फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष जैकब क्रास्टा ने कहा कि भारतीय लोगों के लिए यह गर्व का क्षण है कि भारतीय मूल का एक व्यक्ति ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने जा रहा है। क्रास्टा ने कहा, बेंगलुरु के लोगों के लिए यह गौरव की बात है कि बेंगलुरु के दामाद सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। वहीं, कंजरवेटिव पार्टी नेता के रूप में अपने पहले संबोधन में सुनक ने कहा कि उनकी प्राथमिकता देश को एकजुट करना होगा। सुनक ने कहा, मैं वादा करता हूं कि मैं सत्यनिष्ठा और विनम्रता के साथ ब्रिटेन के लोगों की सेवा करूंगा।

Published / 2022-10-25 09:55:25
बंगाल : सितरंग तूफान से कई इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर बंगाल की खाड़ी में उठे सितरंग तूफान के उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर बढ़ने और सोमवार को सागर द्वीप से 260 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में टकराने के बाद मौसम विभाग ने तटीय बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके परिणामस्वरूप दीपावली और काली पूजा के उत्सव में खलल पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। कोलकाता में सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने लोगों को घरों के अंदर रहने के लिए मजबूर कर दिया। सोमवार शाम को कोलकाता की अधिकांश सड़कों पर एक सुनसान नजारा था, जो आम तौर पर इस दौरान देवी काली की मूर्तियों के साथ बाजारों में जाने वाले हजारों लोगों से भरा रहता है। रोशनी से जगमग शहर की सड़कों का नजारा भी इस बार तूफान के कारण फीका रहा। हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवा ने राज्य के तटीय जिलों को प्रभावित किया, जबकि कोलकाता में भी हल्की वर्षा के साथ बादल छाये रहे। उत्तर-पूर्वोत्तर दिशा में 33 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा सितरंग तूफान अपराह्न ढाई बजे सागर द्वीप के दक्षिण-पूर्व में 260 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के ऊपर से गुजरा और इसके बेहद भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। तूफान के कारण 90 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने जबकि सोमवार रात तक हवा की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटे में तब्दील होने की आशंका है। मौसम विभाग कार्यालय ने कहा कि इसके मंगलवार तड़के तिनकोना द्वीप और बारिसल के पास सैंडविप के बीच बांग्लादेश तट को पार करने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान के परिणामस्वरूप सोमवार को दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, पुरबा मेदिनीपुर और दक्षिण बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर के आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके साथ ही उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और नदिया जिलों में भी मंगलवार को बारिश होगी। मौसम विभाग ने दक्षिण असम, त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम में भारी से बहुत भारी बारिश जबकि उत्तरी असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मणिपुर में सोमवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में मंगलवार को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। खराब मौसम के कारण दक्षिण बंगाल में दीपावली और काली पूजा समारोह आंशिक रूप से प्रभावित हुए। हालांकि, खराब मौसम के बावजूद कोलकाता में कालीघाट, दक्षिणेश्वर, थंथानिया और झील कालीबाड़ी जैसे लोकप्रिय काली मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। काली पूजा राज्य में विशेष रूप से उत्तर 24 परगना जिले में मनाई जाती है, जहां इसे कई मंदिरों के साथ-साथ कई घरों में सामुदायिक पूजा आयोजकों द्वारा सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। मौसम विभाग कार्यालय ने कहा कि चक्रवात से मुख्य रूप से प्रभावित क्षेत्र पश्चिम बंगाल के उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिले के तटीय क्षेत्रों के सुंदरबन और बांग्लादेश में कुछ तटीय इलाके होंगे। इन इलाकों में तेज हवा के साथ भारी बारिश, 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और उच्च ज्वार की लहरों से कच्चे तटबंधों और सड़कों को नुकसान होने की संभावना है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति और संचार में भी व्यवधान होने की आशंका है।

Published / 2022-10-23 21:12:55
बड़े सौभाग्य से मिलता है श्रीराम के राज्याभिषेक का मौका : मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीपावली की पूर्व संध्या पर रामजन्मभूमि अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जब श्री राम का अभिषेक होता तब हमारे भीतर राम के आदर्श दृढ़ हो जाते हैं। ये अवसर बड़े सौभाग्य से मिलता है। अयोध्या के कण-कण में श्री राम का दर्शन समाहित है। आज अयोध्या की रामलीलाओं, सरयू आरती, दीपोत्सव और रामायण पर शोध और अनुसंधान के माध्यम से यह दर्शन पूरे विश्व में प्रसारित हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि श्रीराम ने अपने शासन में जिन मूल्यों को गढ़ा वह सबका साथ सबका विकास के मूलमंत्र की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि भगवान राम जिस किसी भी भूमिका में रहे, उन्होंने कर्तव्यों के पालन का संदेश दिया। मोदी ने कहा कि राम भारत की उस भावना के प्रतीक हैं, जो मानती है कि हमारे अधिकार हमारे कर्तव्यों से स्वयंसिद्ध हो जाते हैं। यही हमारे संविधान का भी संदेश है। मोदी ने कहा कि एक समय था, जब देश में राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह लगाये जाते थे। परिणाम यह हुआ कि हमारे प्राचीन नगर, धार्मिक स्थल बदहाल हो गये। उन्होंने कहा कि बीते आठ साल में हमने अपनी अस्मिता के प्रतीक चिन्हों का पुनरुद्धार कर देश ने हीन भावना की बेड़ियों को तोड़ा है। पीएम मोदी ने अयोध्या की जनता से अपील करते हुए कहा कि अब अयोध्या आने वालों की संख्या कई गुना बढ़ जायेगी, जैसे श्रीराम ने सभी को अपनाया वैसे ही अयोध्यावासी यहां आने वाले हर व्यक्ति को अपनायें। उन्होंने कहा कि अयोध्या की पहचान कर्तव्यनगरी के रूप में होनी चाहिये। पीएम मोदी ने कहा कि अगले 25 वर्षों में विकसित भारत की आकांक्षा लिए आगे बढ़ रहे हिंदुस्तानियों के लिए श्री राम के आदर्श उस प्रकाश स्तंभ की तरह हैं जो हमें कठिन से कठिन लक्ष्यों को हासिल करने का हौसला देंगे।

Published / 2022-10-23 12:50:05
इटावा : आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर बस दुर्घटना में चार की मौत, 42 घायल

एबीएन सेमत्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश के इटावा से छोटी दिवाली के दिन एक बेहद बुरी खबर आई है। इटावा के सैफई थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक भयानक सड़क हादसा हो गया। यहां आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक स्लीपर बस का एक्सीडेंट होने से चार लोगों की मौत की खबर है। हादसे में 42 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सैफई के पीजीआई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि यात्रियों से भरी ये बस गोरखपुर से अजमेर जा रही थी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इटावा के एडीएम ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि चार मौतों के अलावा 42 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका सैफई के पीजीआई हॉस्पिटल में इलाज किया जा रहा है। मृतक यात्रियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

Published / 2022-10-22 14:12:45
देश में कोरोना : 24 घंटे में मिले 2,000 से अधिक नये संक्रमित मरीज

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,112 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,46,40,748 हो गई जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 24,043 रह गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार देश में संक्रमण से चार और लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,28,957 पर पहुंच गई है। इन चार लोगों में केरल में संक्रमण से जान गंवाने वाले वे तीन लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम मृतकों के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए सूची में जोड़े गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कुल संक्रमितों की तुलना में उपचाराधीन रोगियों की संख्या 0.05 प्रतिशत है जबकि संक्रमण से उबरने की राष्ट्रीय दर 98.76 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में 994 लोगों के संक्रमण से उबरने की जानकारी मिली है। शुक्रवार को उपचाराधीन रोगियों की संख्या 25,037 थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दैनिक संक्रमण दर 1.01 प्रतिशत दर्ज की गई। साप्ताहिक संक्रमण दर 0.97 प्रतिशत रही। संक्रमण से उबरने वालों की संख्या बढ़कर 4,40,87,748 हो गई जबकि मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत दर्ज की गयी है। देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गयी थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख से अधिक हो गये थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को संक्रमितों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो गयी थी।

Published / 2022-10-22 10:12:38
मध्य प्रदेश : रीवा में बस-ट्रक की टक्कर में 15 की मौत, 35 गंभीर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सोहागी पहाड़ में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात हृदय विदारक सड़क हादसा हो गया, और घर लौट रहे लोगों की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। रीवा में देर रात भीषण सड़क हादसे में बस और ट्रक आपस में टकरा गये, जिसमें 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बस और ट्रक की यह भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि बस में सवार 11लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि 35 लोगों का गांधी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी मृतक उत्तर प्रदेश और बिहार के बताए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश के रीवा के नजदीक नेशनल हाईवे-30 पर भीषण बस हादसा हो गया। सोहागी पहाड़ से नीचे आते समय बस आगे जा रहे ट्रेलर में घुस गई। हादसे में 15 यात्रियों की मौत हो गई। 35 यात्री घायल हैं। रीवा पुलिस मौके पर पहुंची और बस में फंसे यात्रियों को रेस्क्यू किया। गंभीर घायलों को एंबुलेंस से त्योंथर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया।

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