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Published / 2022-11-08 21:22:10
देश पर बढ़ते कर्ज का अर्थव्यवस्था पर क्या होगा प्रभाव

एबीएन बिजनेस डेस्क। देश में लगातार आर्थिक आंकड़ों को लेकर राजनीति हो रही है। भारतीय अर्थव्यवस्था पर बहुत सारे लेख लिखे जा रहे हैं। देश और प्रदेशों के सार्वजनिक कर्ज में थोड़ा वृद्धि हुई है। यह वृद्धि बिल्कुल भी चिंंताजनक नहीं है। वर्ष 1951 में 24.62 लाख करोड़ रुपए का भारत पर सार्वजनिक कर्ज था। मार्च 2020 में 94.62265 लाख करोड़ रुपए भारत सरकार पर कुल देनदारी थी। इसमें मामूली वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार के कुल देनदारी जून 2020 तक 101.35600 लाख करोड़ रुपए हो गयी। वर्ष 1991 में भारत पर 85 बिलियन डॉलर का बाहरी कर्ज था जो वर्ष 2011 में बढ़कर 317 बिलियन डॉलर हो गया। मार्च 2020 में भारत पर लगभग 558 बिलियन डॉलर का विदेशी ऋण था। जून 2020 में देश पर बाहरी ऋण 3.9 बिलियन डॉलर घटकर 554 बिलियन डॉलर हो गया। भारत के लिए सुखद बात यह है कि भारत आंतरिक ऋण पर ज्यादा और बाहरी ऋण पर कम निर्भर करता है। भारत की इस नीति की वजह से कुल कर्ज का लगभग 20 प्रतिशत बाह्य कर्ज है और शेष 80 प्रतिशत आंतरिक कर्ज है। यही कारण है कि भारत की वित्तीय स्थिति कोरोना महामारी के बावजूद भी मजबूत है। देश के सभी राज्यों पर कर्ज का दबाव बढ़ रहा है। मार्च 2020 तक देश के सभी राज्यों पर कुल मिलाकर लगभग 40 लाख करोड रुपए का कर्ज था। मुझे लगता है कि मार्च 2021 तक सभी राज्यों पर 60 लाख करोड़ तक का कर्ज हो सकता है। हाल ही में केयर रेटिंग के आंकड़ों से यह पता चलता है कि देश के लगभग सभी राज्यों पर लाखों करोड़ रुपए का कर्ज है। उत्तर प्रदेश पर 6.02 लाख करोड़ रुपए, महाराष्ट्र 5.02 लाख करोड़ रुपए, पश्चिम बंगाल 4.37 लाख करोड़ रुपए, तमिलनाडु 4.04 लाख करोड़ रुपए, राजस्थान 3.43 लाख करोड़ रुपए, आंध्र प्रदेश 3.41 लाख करोड़ रुपए, गुजरात 3.26 लाख करोड़ रुपए, कर्नाटक 3.17 लाख करोड़ रुपए, केरल 2.66 लाख करोड़ रुपए, मध्य प्रदेश 2.34 लाख करोड़ रुपये, पंजाब 2.30 लाख करोड़ रुपये, तेलंगाना 1.68 लाख करोड़ रुपये और उड़ीसा पर 1.33 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। पंजाब राज्य में प्रति व्यक्ति देनदारी 82771 रुपये, हरियाणा 81287 रुपये, केरल 79771 रुपए, तमिलनाडु 56134 रुपये, गुजरात 53931 रुपये, कर्नाटक 51981 रुपये, पश्चिमी बंगाल 47881 रुपये, महाराष्ट्र 44734 रुपये, मध्य प्रदेश 32354 रुपए और उत्तर प्रदेश राज्य पर 30136 रुपये प्रति व्यक्ति देनदारी है। देश और सभी प्रदेशों पर कर्ज में मामूली वृद्धि हुई है। कर्ज लेना आवश्यक था। इससे अर्थव्यवस्था पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा बल्कि उत्पादकता बढ़ेगी। देश का विकास होगा। देश के लोगों को राहत मिलेगी। कोरोना महामारी को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को अतिरिक्त कर्ज लेना पड़ा। यह फैसला जनहित को ध्यान में रख कर लिया गया जो सर्वथा उचित है। इसकी प्रशंसा होनी चाहिए। भारत आंतरिक ऋणों पर सदैव ज्यादा निर्भर रहा है। बाहरी ऋणों पर भारत की निर्भरता कम रही है। किसी भी देश का सार्वजनिक ऋण जीडीपी के 77 प्रतिशत से अधिक होने पर ही चिंता का विषय होता है। अभी भारत की स्थिति बहुत बेहतर है क्योंकि भारत का कुल सार्वजनिक कर्ज जीडीपी के अनुपात में लगभग 71 प्रतिशत के बराबर है। वह भी तब जब देश में कोरोना जैसी भयानक महामारी है। मैं याद दिलाना चाहूंगा कि वर्ष 2003 में देश में सार्वजनिक ऋण जीडीपी के 84.2 प्रतिशत के बराबर था। कोरोना महामारी के बावजूद आज हम देश का सार्वजनिक ऋण जीडीपी के 71 प्रतिशत के ही बराबर है। हम बेहतर स्थिति में हैं। अगर हम विश्व के अन्य देशों पर नजर डालें तो पायेंगे कि जापान का सार्वजनिक ऋण जीडीपी के 240 प्रतिशत के बराबर है। अमेरिका का सार्वजनिक ऋण उसके जीडीपी के 107 प्रतिशत के बराबर का है। भारत आज बाहरी कर्ज के मामले में भी बहुत अच्छी स्थिति में है। भारत पर बाहरी कर्ज जीडीपी के 21 प्रतिशत के बराबर का है। फ्रांस का बाहरी कर्ज उसकी जीडीपी के 277 प्रतिशत, जर्मनी का 153 प्रतिशत और जापान पर बाहरी कर्ज जीडीपी के 94 प्रतिशत के बराबर का है। आर्थिक स्थिति और कर्ज को लेकर चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। देश की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। आर्थिक सुधार आंकड़ों में स्पष्टता से दिख रहा है। मैंने अपने पिछले कुछ लेखों में इसपर विस्तार से लिखा है। आने वाले कुछ महीनों में कोरोना की वैक्सीन आने के बाद देश की आर्थिक स्थिति में निरंतर और सुधार होगा। भारत एक आर्थिक महाशक्ति बनने की कगार पर है।

Published / 2022-11-08 14:57:45
लालकृष्ण आडवाणी के घर पहुंचे मोदी-राजनाथ, जन्मदिन की बधाई देकर जाना हाल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भाजपा के सीनियर नेता और मार्गदर्शक मंडल के सदस्य लालकृष्ण आडवाणी का आज जन्मदिन है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आडवाणी के आवास पर जाकर उन्हें जन्मदिन की बधाइयां दीं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी पूर्व डिप्टी पीएम आडवाणी की जन्मदिन की बधाई देने उनके आवास पहुंचे। सिंह ने ट्वीट करके खुद इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आदरणीय आडवाणीजी के आवास पर जाकर उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। मैं भगवान से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लम्बी आयु की कामना करता हूं। राजनाथ सिंह ने ट्वीट करके कहा, श्रद्धेय लाल कृष्ण आडवाणी जी को उनके जन्मदिवस पर ढेरों शुभकामनाएं। उनकी गिनती भारतीय राजनीति की कद्दावर हस्तियों में होती है। देश, समाज और दल की विकास यात्रा में उनका अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना करता हूं। गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके सीनियर लीडर आडवाणी को बधाई दी। उन्होंने कहा, आदरणीय लालकृष्ण आडवाणी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आडवाणी जी ने अपने सतत परिश्रम से एक ओर देशभर में संगठन को मजबूत किया तो वहीं दूसरी ओर सरकार में रहते हुए देश के विकास में अमूल्य योगदान दिया। ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य व सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूं।

Published / 2022-11-08 14:52:14
राष्ट्रपति-पीएम ने दी शुभकामनाएं, कहा- उनकी शिक्षा हमारा मार्गदर्शन करती रहें...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। गुरु नानक जयंती के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा- गुरु नानक जी की शिक्षाएं हमेशा हमारा मार्गदर्शन करती रहें। राष्ट्रपति मुर्मू ने ट्वीट कर कहा- गुरू नानक देव जी के जन्म दिवस पर देश व विदेश में रह रहे सभी देशवासियों और सिख भाई-बहनों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने हमें समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे के साथ रहने की प्रेरणा दी। हम उनकी शिक्षाओं को अपनाकर उनके बताए हुए रास्ते पर चलें और समाज कल्याण की भावना के साथ कार्य करें। राष्ट्रपति के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को प्रकाश पर्व की शुभकानाएं दीं। उन्होंने कहा, एक न्यायपूर्ण और करुणामय समाज के निर्माण के हमारे प्रयास में उनकी महान शिक्षाएं हमारा मार्गदर्शन करती रहें।

Published / 2022-11-07 23:24:13
टेलीकॉम सेक्टर में अदाणी को मिला फुल टेलीकॉम लाइसेंस

एबीएन सेंट्रल डेस्क। एशिया के सबसे अमीर इंसान गौतम अदाणी अब टेलीकॉम सेक्टर में कदम रखने की तैयारी में है। अदाणी की कंपनी अदाणी डाटा नेटवर्क लिमिटेड (एडीएनएल) को दूरसंचार सेवाओं के लिए एकीकृत दूरसंचार लाइसेंस मिल गया है। आसान भाषा में कहा जाए तो लाइसेंस मिलने के बाद अब एडीएनएल देश में हर तरह की टेलीकॉम सर्विसेज दे सकती है। सोमवार को मिला लाइसेंस : मीडिया रिपोटर्स के अनुसार अदाणी समूह को सोमवार को एकीकृत दूरसंचार लाइसेंस प्रदान किया गया है। हाल ही में देश में हुई 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी में स्पेक्ट्रम खरीदने के बाद अदाणी समूह ने टेलीकॉम सेक्टर में कदम रखा था। स्पेक्ट्रम खरीदते समय कंपनी ने कहा था कि वह इस स्पेक्ट्रम का उपयोग समूह के भीतर की कारोबारी गतिविधियों के लिए करेगी। जिओ, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया को मिलेगी कड़ी टक्कर : एकीकृत दूरसंचार लाइसेंस प्राप्त करने के बाद अब एडीएनएल देश में सभी तरह की टेलीकॉम सर्विसेज उपलब्ध करा सकती है। कंपनी अपनी 5जी सेवाओं को भी विस्तार दे सकती है। हालांकि अभी तक अदाणी समूह की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। मगर ऐसा माना जा रहा हैं कि एडीएनएल के इस सेक्टर में कदम रखने के बाद मौजूदा टेलीकॉम दिग्गजों जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने वाली है। पहली बार अंबानी-अदाणी में सीधा मुकाबला : देश के दो सबसे बड़े उद्योगपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है। अभी तक दोनों अलग-अलग सेक्टर में व्यापार करते थे और दोनों के बीच सीधे तौर पर कोई प्रतिस्पर्धा नहीं थी। एक तरफ मुकेश अंबानी का रिलायंस समूह तेल, रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल्स से लेकर टेलीकॉम और रिटेल सेक्टर में काम करता है। वहीं दूसरी तरफ अदाणी समूह पोर्ट, कोयला, ग्रीन एनर्जी, बिजली वितरण और एविएशन सेक्टर में काम करता है। लेकिन अब टेलीकॉम सेक्टर में दोनों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।

Published / 2022-11-07 11:44:47
झारखंड सरकार के प्रस्तावित मूल निवास विधेयक को आरजीपी ने सराहा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रिवॉल्यूशनरी गोअन्स पार्टी ने शनिवार को झारखंड सरकार के मूलनिवास से सबंधित प्रस्तावित विधेयक की तारीफ की है, जिसे इस हफ्ते विधानसभा में पेश किये जाने की तैयारी है। आरजीपी ने तटवर्ती राज्य के लिए भी इसी तरह के विधेयक की मांग की है। पूर्वी राज्य में 11 नवंबर को एक विधेयक पारित कराने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जायेगा, जिसमें मूल निवास का निर्धारण करने के लिए वर्ष 1932 को आधार वर्ष तय किया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के मुताबिक स्थानीय नागरिक के रूप में लोगों की स्थिति का निर्धारण उस साल की खतौनी (भू-रिकॉर्ड) के आधार पर किया जायेगा। आरजीपी नेता मनोज परब ने कहा, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता एवं राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बधाई। यह वाकई झारखंड के मूल निवासियों के लिए एक ऐतिहासक दिन है। हमने (आरजीपी पदाधिकारी) भी इस तरह का विधेयक गोवा के मूल निवासियों के लिए पेश किया, जिसे पर्सन ऑफ गोअन ओरिजिन (पोगो) विधेयक नाम दिया गया। आरजीपी ने मांग की कि ऐसे लोगों को, जो यहां जन्मे हैं या उनके परिवार के सदस्यों का जन्म यहां हुआ है, तो उन्हें गोवा मूल का व्यक्ति घोषित किया जाये। पोगो विधेयक को पिछले सत्र के दौरान गोवा विधानसभा में आरजीपी के विधायक वीरेश बोर्कर ने पेश किया था, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया था।

Published / 2022-11-07 11:31:33
डब्ल्यूएमओ का खुलासा : 2015 से 2022 तक सबसे गर्म रहा मौसम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने रविवार को एक रिपोर्ट में कहा कि 2022 में वैश्विक औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक (1850-1900) औसत से 1.15 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान है, जिससे 2015 से लेकर आठ वर्ष तक की अवधि सबसे गर्म रही हो सकती है। रविवार को जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) के लिए कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी) के 27वें संस्करण में जारी डब्ल्यूएमओ प्रोविजनल स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट 2022 शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि समुद्र के स्तर में वृद्धि की दर 1993 के बाद से दोगुनी हो गई है और जनवरी 2020 से लगभग 10 मिलीमीटर बढ़कर इस साल एक नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 30 साल पहले उपग्रह माप शुरू होने के बाद से समुद्र के स्तर में कुल वृद्धि का 10 प्रतिशत हिस्सा पिछले ढाई साल में बढ़ा है। 2022 की अस्थायी रिपोर्ट में इस्तेमाल किये गये आंकड़े इस साल सितंबर के अंत तक के हैं। अंतिम रिपोर्ट अगले साल अप्रैल में जारी की जायेगी। रिपोर्ट में कहा गया है, 2022 में अब तक का वैश्विक औसत तापमान 1850-1900 के औसत से 1.15 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा है। यदि मौजूदा विसंगति वर्ष के अंत तक जारी रहती है, तो विश्लेषण 2022 को (1850 से) रिकॉर्ड में पांचवें या छठे सबसे गर्म वर्ष के रूप में दर्ज करेगा और प्रत्येक मामले में 2021 की तुलना में मामूली गर्म होगा। आठ साल – 2015 से 2022– रिकॉर्ड में आठ सबसे गर्म वर्ष होने की आशंका है। 2022 पांचवा या छठा सबसे गर्म साल : डब्ल्यूएमओ ने कहा कि ला नीना की स्थिति के बावजूद वैश्विक तापमान लगातार दूसरे वर्ष कम रहने के बावजूद, 2022 अभी भी रिकॉर्ड पर पांचवां या छठा सबसे गर्म वर्ष होने की संभावना है। 2013-2022 की अवधि के लिए 10 साल का औसत पूर्व-औद्योगिक आधार रेखा से 1.14 डिग्री सेल्सियस अधिक होने का अनुमान है। इसकी तुलना 2011 से 2020 तक 1.09 डिग्री सेल्सियस के साथ है, जैसा कि जलवायु परिवर्तन पर अंतरसरकारी पैनल (आईपीसीसी) की छठी आकलन रिपोर्ट द्वारा अनुमान लगाया गया है। भारत और पाकिस्तान में पूर्व-मानसून की अवधि में असाधारण रूप से गर्मी रही। पाकिस्तान में सबसे अधिक गर्मी मार्च और अप्रैल में रही। गर्मी के कारण फसल की पैदावार में गिरावट आई है। भारत से गेहूं और चावल के निर्यात पर प्रतिबंध से पहले से ही खाद्यान्न की कमी से प्रभावित देशों के लिए मुश्किलें बढ़ गयी हैं। जुलाई और अगस्त में रिकॉर्ड तोड़ बारिश से पाकिस्तान में व्यापक बाढ़ आयी। कम से कम 1,700 व्यक्तियों की मौत हुईं और 3.3 करोड़ लोग प्रभावित हुए जबकि 79 लाख लोग विस्थापित हुए। भारत में भी मानसून के मौसम के दौरान विभिन्न चरणों में महत्वपूर्ण बाढ़ आयी, विशेष रूप से जून में पूर्वोत्तर में ऐसा हुआ। डब्ल्यूएमओ ने कहा कि बाढ़ और भूस्खलन के कारण लगभग 700 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 900 लोगों ने आकाशीय बिजली गिरने से जान गंवा दी। बाढ़ से असम में 6,63,000 लोग विस्थापित भी हुए हैं। जितनी ज्यादा गर्मी, उतना ज्यादा प्रभाव : डब्ल्यूएमओ के महासचिव प्रोफेसर पेटेरी तालास ने कहा, जितनी अधिक गर्मी होगी, उतना ही बुरा प्रभाव होगा। कई ग्लेशियरों के लिए पहले ही बहुत देर हो चुकी है और हजारों साल नहीं तो सैकड़ों साल तक उनका पिघलना जारी रहेगा, जिसके जल सुरक्षा के लिए बड़े निहितार्थ होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों में समुद्र के स्तर में वृद्धि की दर दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी भी प्रतिवर्ष मिलीमीटर के संदर्भ में मापा जाता है, यह बढ़ोतरी प्रति शताब्दी आधा से एक मीटर तक जाती है और यह लाखों तटीय निवासियों और निचले राज्यों के लिए एक दीर्घकालिक और बड़ा खतरा है। ग्लोबल वार्मिंग के साथ बर्फ पिघलने की दर में वृद्धि के साथ, उपग्रह अल्टीमीटर रिकॉर्ड के 30 वर्षों (1993-2022) में वैश्विक औसत समुद्र स्तर प्रति वर्ष अनुमानित 3.4 मिलीमीटर बढ़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1993-2002 और 2013-2022 के बीच यह दर दोगुनी हो गई है और जनवरी 2021 तथा अगस्त 2022 के बीच समुद्र के स्तर में लगभग 5 मिलीमीटर की वृद्धि हुई है। जनवरी 2020 से, वैश्विक औसत समुद्र स्तर में लगभग 10 मिलीमीटर की वृद्धि हुई है, जो 1993 में उपग्रह माप शुरू होने के बाद से समुद्र के स्तर में कुल वृद्धि का लगभग 10 प्रतिशत है।

Published / 2022-11-06 22:43:49
गुजरात : पीएम मोदी की वलसाड में रैली, 552 लड़कियों के सामूहिक विवाह के बने गवाह

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के वलसाड जिले में एक जनसभा को संबोधित किये और भावनगर में एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए। निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री का अपने गृह राज्य का यह पहला दौरा किये। इससे पहले भाजपा प्रवक्ता यग्नेश दवे ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी रविवार दोपहर वलसाड जिले के नाना पोंढा में एक रैली को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी शाम को भावनगर में सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होंगे। भावनगर में एक सामूहिक विवाह समारोह ‘पापा नी परी’ लग्नोत्सव 2022 समारोह में 522 लड़कियों का विवाह कार्यक्रम में होगा, जिनके पिता नहीं हैं। गुजरात में विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में 1 और 5 दिसंबर को मतदान होगा। मतगणना 8 दिसंबर को होगी।

Published / 2022-11-06 22:38:59
4.7 तीव्रता के भूकंप के झटकों से हिली उत्तराखंड की धरती

एबीएन, सेंट्रल डेस्क। उत्तराखंड में रविवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आये। यह झटके रुद्रप्रयाग, देहरादून, मसूरी से लेकर उत्तरकाशी तक महसूस किये गये। डुंडा भटवाड़ी, बड़कोट नौगांव क्षेत्र में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई। राहत की बात यह है कि कहीं से जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चिन्यालीसौंड से 35 किमी दूर बताया जा रहा है।

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