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Published / 2022-11-13 00:11:46
भारत जोड़ो यात्रा : शीतकालीन सत्र में नहीं आयेंगे राहुल गांधी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इस बार शीत सत्र में शामिल नहीं हो सकेंगे। कांग्रेस पार्टी के कम्युनिकेशन इंचार्ज जयराम रमेश ने बताया कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा की वजह से विंटर सेशन यानि शीतकालीन सत्र में शामिल नहीं हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी संसद के शीत सत्र के लिए भारत जोड़ो यात्रा नहीं छोड़ सकते। कांग्रेस नेता ने जाति जनगणना और आरक्षण पर भी पार्टी का रुख साफ किया। संसद का शीत सत्र 7 दिसंबर से शुरू होने वाली है जो 29 दिसंबर तक चलेगी। कांग्रेस नेता ने जाति जनणना और आरक्षण के सवाल पर कहा कि कांग्रेस जाति जनगणना के मसले पर 2014 से अपने स्टैंड पर कायम है। कांग्रेस शिक्षा और रोजगार में ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षण का समर्थन करती है, और वो भी तब जब एससी/एसटी/ओबीसी को मिले आरक्षणों में कोई बदलाव न किया जाये। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि केंद्र सरकार जाति जनगणना जल्द से जल्द करे। कांग्रेस नेता ने कहा कि जाति जनगणना के आधार पर ही आरक्षणों को सही तरीके से लागू किया जा सकता है। आरक्षण लागू करने का आधार ही जाति जनगणना है और ऐसे में इसके आंकड़े को अपटू-डेट रखना चाहिए। 6 दिनों से महाराष्ट्र में राहुल की यात्रा : राहुल की अगुवाई में कांग्रेस की पदयात्रा पिछले 6 दिनों से महाराष्ट्र में है और इसके बाद उनकी यात्रा मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा का आज 66वां दिन है। 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शरू हुई कांग्रेस की यात्रा अपने 150वें दिन जम्मू कश्मीर पहुंचने की उम्मीद है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में जारी भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र में अपने छठे दिन शनिवार सुबह हिंगोली जिले के शेवला गांव से फिर शुरू हुई है। 20 नवंबर को मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी यात्रा : कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि पदयात्रा आरती गांव, पारडी मोड़ बस स्टैंड और कलामनुरी जिला परिषद हाई स्कूल मैदान से होकर गुजरेगी और कलामनुरी के शंकरराव सातव आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज परिसर में रातभर रुकेगी। तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई यह यात्रा अब तक छह राज्यों के 28 जिलों से होकर गुजरी है। लगभग 150 दिन की इस यात्रा के दौरान 3,570 किमी की दूरी तय की जायेगी। जम्मू-कश्मीर में समाप्त होने से पहले यह 12 राज्यों से होकर गुजरेगी। पदयात्रा के दौरान महाराष्ट्र के पांच जिलों में 382 किलोमीटर की दूरी तय की जायेगी। 20 नवंबर को यह मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी।

Published / 2022-11-13 00:08:26
राष्ट्रीय पक्षी दिवस : भारत के बर्डमैन डॉ सालिम अली को दी गयी श्रद्धांजलि

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के बर्ड मैन एवं बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के संस्थापक पद्मविभूषण डॉ सालिम अली का जन्मदिन शनिवार को राष्ट्रीय पक्षी दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं वाइल्ड लाइफ फिल्ममेकर माइक हरिगोविंद पाण्डेय की फिल्म, ए ट्रीब्यूट टू डॉ सालिम अली ए बर्ड मैन आफ इंडिया एवं वेटलैंड एण्ड सारस क्रेन फिल्म का प्रदर्शन किया गया। हेरिटेज फाउंडेशन एवं शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणी उद्यान के संयुक्त तत्वावधान में फिल्म प्रदर्शन एवं विचार गोष्ठी में काफी संख्या में पक्षी एवं पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए। डॉ सालिम अली को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्राणी उद्यान के पशु चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय पक्षी दिवस प्रत्येक वर्ष 12 नवंबर को मनाया जाता है। इसी दिन 12 नवंबर 1896 डॉ सालिम अली का जन्म हुआ। डॉ सालिम अली विश्वविख्यात पक्षी विशेषज्ञ थे, जिन्हें भारत में पक्षी मानव के नाम से भी जाना जाता है। डॉ सालिम अली के जन्मदिन को भारत सरकार ने राष्ट्रीय पक्षी दिवस घोषित किया है। डॉ सालिम अली ने पक्षियों पर अनेक पुस्तकें लिखी थी। उनकी बर्ड्स आफ इंडिया सबसे लोकप्रिय पुस्तक है। उनकी स्मृति में डाक टिकट भी जारी है। साल 1958 में डॉ सालिम अली को पद्यभूषण एवं 1976 में पद्मविभूषण भी मिला था। हेरिटेज फाउंडेशन के मनीष चौबे ने पर्यावरणविद माइक हरिगोविंद पाण्डेय की फिल्मों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ सालिम अली को श्रद्धांजलि अर्पित करती उनकी फिल्म बर्ड मैन आफ इंडिया, सालिम अली के योगदान को रेखांकित करती है। वेटलैंड और सारस क्रेन के जरिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के राज्यपक्षी सारस क्रेन के संरक्षण के लिए वेटलैंड के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया है। कार्यक्रम में हेरिटेज फाउंडेशन से इम्तियाज खान, रेंजर राजेश पाण्डेय, रेंजर चंद्रभूषण पासवान, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर धीरज कुमार सिंह, पशु कल्याण कार्यकर्ता शिवेंद्र यादव, मल्लिका मिश्रा, अनिल कुमार तिवारी, धीरेंद्र कुमार पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

Published / 2022-11-12 22:36:38
परिवारवादी राजनीति को लेकर टीआरएस पर मोदी ने निशाना साधा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेलंगाना में सत्तारूढ़ टीआरएस पर परिवारवादी राजनीति को लेकर शनिवार को निशाना साधा और कहा कि राज्य को एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो सभी परिवारों के वास्ते काम करे, न कि केवल एक परिवार के लिए। विरोधियों द्वारा की जाने वाली उनकी आलोचना पर मोदी ने कहा कि उन्हें हर रोज मिलने वाली 2.5-3 किलोग्राम गालियां लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित करती हैं, क्योंकि ऐसे शब्द उनके लिए न्यूट्रीशन (पोषाहार) की तरह हैं, जो तीखी टिप्पणियों को सकारात्मक ऊर्जा में बदल देते हैं। मोदी ने यहां एक जनसभा में कहा, राजनीति में एजेंडा सेवा-उन्मुख होना चाहिए। लेकिन तेलंगाना में जनादेश पाने वालों का पूरा ध्यान मोदी को गाली देने में है। कभी-कभी लोग मुझसे पूछते हैं, मोदी जी, क्या आप थकते नहीं हैं? कल मैं सुबह में दिल्ली में था, फिर कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और अब तेलंगाना में। लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या मैं थकता नहीं हूं। प्रधानमंत्री ने कहा, तब मैं उनसे कहता हूं कि मैं रोज 2.5-3 किलोग्राम गाली खाता हूं। परमात्मा ने मुझे इस तरह से बनाया है कि ये सारी गालियां मेरे अंदर प्रोसेस होकर न्यूट्रीशन (पोषाहार) में बदल जाती हैं। यह सकारात्मक ऊर्जा बन जाती है, जिससे लोगों की सेवा करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग निराशा और हताशा के कारण, सुबह-शाम उन्हें गालियां देते हैं, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि वे इस तरह की अपमानजनक भाषा से चिंतित न हों, क्योंकि प्रतिद्वंद्वियों के पास ऐसे शब्दों के अलावा और कुछ नहीं बचा है। उन्होंने कहा, इसकी चिंता मत करो। पिछले 22 सालों से मुझे तरह-तरह के अपशब्दों का सामना करना पड़ रहा है। इन गालियों को लेकर हंसी मजाक कीजिये। शाम को एक बढ़िया चाय पीजिये। अगले दिन सुबह कमल खिलने वाला है, इसी खुशी में आगे बढ़ते रहिये। मोदी ने कहा, आप मोदी को कितनी भी गालियां दीजिए हम हजम कर जायेंगे। आप भाजपा को गाली दीजिए, हमें कोई समस्या नहीं है। हम ऐसे ही आगे बढ़ते रहेंगे। लेकिन अगर तेलंगाना के लोगों को गाली दी, तो लेने के देने पड़ जायेंगे। प्रधानमंत्री ने तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी पर लोगों को सबसे अधिक भरोसा है, उसने उनके साथ कथित तौर पर विश्वासघात किया है। राज्य के दौरे पर आने के तुरंत बाद यहां बेगमपेट हवाई अड्डे पर एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, तेलंगाना के नाम पर जो लोग फले-फूले, आगे बढ़े, सत्ता पायी, वे खुद तो आगे बढ़ गये, लेकिन तेलंगाना को पीछे धकेल दिया।

Published / 2022-11-12 22:33:40
क्या गुल खिलायेगा धोनी और गृहमंत्री अमित शाह का मिलन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के गृहमंत्री अमित शाह और पूर्व कप्तान व चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान एमएस धोनी की फोटो शनिवार शाम से ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। धोनी और अमित शाह के साथ खड़े होकर हाथ मिलाने पर लोग उनके भाजपा में शामिल होने का कयास लगा रहे हैं। वहीं कुछ लोग उन्हें भाजपा में शामिल होने की बधाई दे रहें हैं तो कुछ लोग उनसे अगला प्लान पूछ रहे हैं। दरअसल, अचानक सोशल मीडिया पर शनिवार को वायरल हुआ अमित शाह और धोनी का यह फोटो चेन्नई स्थित आयोजन का है । यह आयोजन बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने इंडिया सीमेंट्स की 75 वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया था। इस आयोजन में शामिल होने के लिए उन्होंने क्रिकेट जगत के खिलाड़ियों से लेकर देश के गृहमंत्री अ?मित शाह समेत कई भाजपा नेताओं को आमांत्रित किया। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि धोनी और शाह एक साथ शामिल हुए, इस दौरान उनकी मुलाकात हुई एक दूसरे का हाथ मिलाकर हालचाल जाना। शनिवार को अचानक यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। धोनी के फैंस इस फोटों को देखकर राजनीति में कदम से लेकर भाजपा में शामिल होने का प्लान पूछने लगे। कुछ लोगों ने उन्हें बधाई भी दी। वहीं इस पार्टी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एल मुरुगन और अन्य शीर्ष भाजपा नेताओं ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।

Published / 2022-11-12 22:32:55
लंदन जाने की तैयारी में है राजीव हत्याकांड की दोषी नलिनी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में दोषी ठहराए गए भारतीय और श्रीलंकाई नागरिकों को जेल से रिहा कर दिया गया है। जेल अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रतियां मिल गई हैं, जिसमें उनकी समय से पहले रिहाई तय की गई थी। आरोपी करीब 30 साल से जेल में बंद थे। उन्हें रिहा करने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। राजीव गांधी की हत्या में शामिल नलिनी श्रीहरन भी जेल से रिहा हो गई है। लंदन जा सकती है नलिनी श्रीहरन : रिपोर्ट्स के मुताबिक वजह या तो चेन्नई में रह सकती है या लंदन में रहने वाली अपनी बेटी के पास जा सकती है। बातचीत में उसके वकील पी पुगाझेंडी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि वह इस पर फैसला लेगी। ऐसे शुरू हुई थी दोषियों की रिहाई का प्रक्रिया : सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार के आदेश की प्रति मिलने के बाद जेल अधिकारियों ने चार श्रीलंकाई नागरिकों सहित सभी छह दोषियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एक अन्य दोषी एजी पेरारिवलन को रिहा करने के लिए पहले दिया गया उसका आदेश इन दोषियों पर भी समान रूप से लागू होता है। कब दिया था सुप्रीम कोर्ट ने आदेश : सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड में करीब तीन दशक से उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन और पांच अन्य शेष दोषियों को समय से पहले रिहा करने का शुक्रवार को निर्देश दिया था। कैसे हुई थी राजीव गांधी की हत्या : पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने हत्या कर दी थी। नलिनी के अलावा उसके पति वी श्रीहरन उर्फ मुरुगन, आरपी रविचंद्रन, संतन, रॉबर्ट पायस और जयकुमार को रिहा किया जाना है। नलिनी की रिहाई पर क्या बोले वकील : श्रीहरन, संतन, रॉबर्ट और जयकुमार श्रीलंकाई नागरिक हैं जबकि नलिनी और रविचंद्रन तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं। नलिनी के वकील पी पुगाजहेंदी ने कहा, नलिनी श्रीहरन आज शाम जेल से रिहा होगी। वह अब अपने भविष्य के बारे में खुद फैसला करेगी। कहां जायेगा नलिनी का पति : रिहा होने के बाद नलिनी चेन्नई में रहेगी या अपनी बेटी के पासं लंदन जायेगी, इस पर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। नलिनी के पति और श्रीलंकाई नागरिक मुरुगन के अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर वरिष्ठ वकील ने कहा कि राज्य सरकार इस पर फैसला करेगी।

Published / 2022-11-12 20:52:41
राष्ट्रपति पर अभद्र टिप्पणी निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण : अर्जुन मुंडा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के मंत्री और टीएमसी नेता अखिल गिरि के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर दिये गये बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आज श्री मुंडा ने दिल्ली के 25 तुगलक रोड स्थित अपने आवास में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अखिल गिरि ने देश के राष्ट्रपति के ऊपर जिस तरीके से अभद्र टिप्पणी की है, वह निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। आश्चर्य की बात ये है कि पश्चिम बंगाल की सरकार, जहां स्वंय एक महिला मुख्यमंत्री है। और उसके मंत्रिमंडल के सदस्य खुलेआम देश के महिला जनजाति राष्ट्रपति के ऊपर इस प्रकार का अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं। इस मामले में ममता बनर्जी को स्वयं स्पष्टीकरण देना चाहिए। क्योंकि टीएमसी के मंत्री ने इस तरह का गलत बयान दिया है। यह बयान उन्होंने किसके कहने पर दिया है, यह बयान देश को अपमान करने वाला है। ऐसे मंत्री को ममता बनर्जी को अपने मंत्रिमंडल से तुरंत बर्खास्त करना चाहिए और इस तरह के बयानों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। टीएमसी नेता के बयानों से स्पष्ट होता है कि यह टीएमसी के चरित्र में है। पश्चिम बंगाल की सरकार, देश के आदिवासियों और पश्चिम बंगाल के आदिवासियों का भी शोषण करती रही है। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं, क्योंकि ये बयान अशांति फैलाने वाले हैं।

Published / 2022-11-12 11:49:41
कोविड से रहें सतर्क : जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए एकत्र हो रहे डेढ़ लाख नमूने

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोविड के मामलों में कमी आने के बावजूद इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) सार्स कोव-2 की जीनोम सिक्वेंसिंग को लेकर सतर्क है। इस वायरस पर निगरानी रखने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग का विस्तार दक्षिण एशिया के अन्य देशों तक करने की योजना है। आईएनएसएसीओजी हर महीने 8000-9000 नमूनों का विश्लेषण कर रहा है। भारत में सार्वजनिक निगरानी नेटवर्क के जरिये रोजाना एसएआरआई के 1 से 1.5 लाख मरीजों के नमूने एकत्रित किये जा रहे हैं। इन नमूनों में 1 फीसदी मरीज कोविड-19 से ग्रस्त निकल रहे हैं। आईएनएसएसीओजी में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) में कोविड कार्य समूह के चेयरमैन एनके अरोड़ा ने कहना है कि देश में अभी कोरोना के नए मामले 2000 के स्तर से नीचे हैं। लेकिन भारत में सांस के संक्रमण सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (एसएआरआई) से प्रभावित 1 से 1.5 लाख मरीजों के नमूने एकत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, हमने महामारी के दौरान नया सिस्टम आईएनएसएसीओजी विकसित किया और इसकी भूमिका कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। यह नेटवर्क विषाणु के विकास पर करीबी नजर रखता है और भविष्य की महामारी से निपटने के लिए संभावित इंतजामों की नींव रखता है। भारत की योजनाप से आईएनएसएसीओजी नेटवर्क का विस्तार दक्षिण एशिया के देशों तक करने और साझा प्रयासों के जरिये विषाणु पर कड़ी निगरानी रखने की है। उन्होंने कहा कि इसमें कई तरह से निगरानी की जा रही है। इसमें नाले (सीवेज), अस्पतालों में भर्ती कोविड 19 मरीजों और एसएआरआई नमूने लिए जा रहे हैं। हम अस्पतालों में भर्ती कोविड के मरीजों के नमूनों की जीनोम सैंपलिंग कर रहे हैं। हम सीवेज से भी नमूने ले रहे हैं। हम एसएआरआई के मरीजों के एकत्रित नमूनों से जीनोम सिक्वेंसिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम कोविड-19 पीड़ित सभी मरीजों के नमूनों की जीनोम सैंपलिंग कर रहे हैं। भारत ने इस साल सीवेज से भी नमूने एकत्रित करना शुरू किया। इससे पर्यावरण पर निगरानी रखी जाती है। भारत ने पोलियो अभियान के दौरान भी ऐसा किया था। दुनिया में बहुत कम देशों के पास यह तकनीक व क्षमता है कि वे सीवेज के पानी में विषाणु के कणों का पता लगा पायें। इस प्रोटोकॉल ने वातावरण में विषाणु के संक्रमण पर निगरानी रखने का तरीका विकसित किया है। कोविड संक्रमित कई लोगों में इस बीमारी के लक्षण नहीं आ रहे हैं और हल्के बुखार जैसे लक्षण आ रहे हैं। इसलिए कई लोग आरटी-पीसीआर टेस्ट नहीं करवा रहे हैं। इससे आईएनएसएसीओजी के लिए नमूनों से जीनोम सिक्वेंसिंग में गिरावट आ रही है। लिहाजा ऐसे समय में पर्यावरण पर नजर रखना जरूरी हो गया है। इससे कोविड के सक्रिय स्वरूपों को पकड़ने में मदद मिलती है और संक्रमण के भौगोलिक रुझानों की जानकारी मिलती है।

Published / 2022-11-11 22:48:10
जबलपुर : गौशाला में घुसे मगरमच्छ को जंगल में छोड़ा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। खमरिया थानान्तर्गत परियट नदी के नजदीक स्थित ग्राम मटामर में शुक्रवार की सुबह एक गौशाला में लोगों ने चार फुट के मगरमच्छ को घूमते देखा। आनन-फानन में पुलिस एवं प्राणी विशेषज्ञों से संपर्क कर उन्हें मौके पर बुलवाकर मगरमच्छ को पकड़कर सुरक्षित मगर सेंचुरी परियट नदी में छोड़ा। खमरिया थाना प्रभारी निरूपा पाण्डेय ने बताया कि ग्राम मटामर स्थित गौशाला में सुबह जब साफ-सफाई का काम चल रहा था, इसी दौरान गौशाला के संचालक नेतराम पटैल की नजर मगरमच्छ पर पड़ी। वो गौशाला में यहां से वहां शिकार के लिए घूम रहा था। मगरमच्छ को देखते ही आसपास अफरातफरी मच गई। मगरमच्छ बहुत बड़ा नहीं रहा, इसलिए लोग बहुत भयभीत तो नहीं रहे, लेकिन भयानक देखने वाले इस बेबी-मगरमच्छ को पकड़ना तो दूर उसके आस-पास फटकने तक से लोग घबरा रहे थे। लिहाजा इसकी सूचना प्राणी विशेषज्ञ धर्मेंद्र रजक को दी गई, जिन्होंने शंकरेंद्र नाथ, नेतराम बर्मन, बलिराम बर्मन के सहयोग से मगरमच्छ को पकड़ने में सफलता प्राप्त कर ली। घटना की जानकारी वन विभाग के आला अधिकारियों को भी दिये जाने की बात कही जा रही है। बाद में वन विभाग के अफसरों की सहमति से ही पकड़े गये मगरमच्छ को परियट नदी स्थित मगर सेंचुरी में छोड़ दिया गया।

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