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Published / 2022-11-18 20:35:35
जगदलपुर : 7.500 किलो गांजा के साथ एक महिला गिरफ्तार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। जिले के बोधघाट पुलिस को सूचना मिली कि किसी महिला के द्वारा कुम्हारपारा जगदलपुर में अवैध गांजा विक्रय किया जा रहा है। सूचना पर थाना बोधघाट पुलिस की टीम कुम्हारपारा में दबिश देकर कमला विमल उर्फ काचखायी को गिरफ्तार कर तलाशी लेने पर उसके पास प्लास्टिक बोरी में अवैध रूप से रखे सात किलो 500 ग्राम गांजा के साथ नगद रुपये 780 बरामद किया गया। आरोपित के विरुद्ध धारा 20 (ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई के उपरांत शुक्रवार को जेल दाखिल किया गया।

Published / 2022-11-17 23:05:19
24 को चंडीगढ़-दिल्ली मार्ग जाम करेगा भारतीय किसान यूनियन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय किसान यूनियन ने 24 नवंबर को रेलवे ट्रैक जाम करने का कार्यक्रम बदलकर चंडीगढ़-दिल्ली मुख्य मार्ग पर जाम लगाने का ऐलान किया है।
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी ने गुरुवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 24 नवंबर को अंबाला में रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी के बाद केंद्र सरकार व रेलवे पुलिस ने किसान आंदोलन के दौरान हुए 24 सितंबर 2020 के बाद के सभी मुकदमे वापस लेने का आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद भारतीय किसान यूनियन चढूनी की कोर कमेटी ने फैसला लिया है कि अब 24 तारीख के पूर्व घोषित प्रोग्राम के अनुसार रेलवे ट्रैक नहीं रोका जायेगा।
उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ हरियाणा सरकार ने अभी तक अपने वादे अनुसार सभी केस वापस नहीं लिए हैं। आंदोलन के दौरान हरियाणा में बने बहुत से मुकदमे अभी तक अदालतों में लंबित हैं। सरकार द्वारा ज्यादातर केसों को रद्द करने की सिफारिश किए जाने के बावजूद भारी संख्या में केस अदालतों में विचाराधीन हैं। जिस कारण से बहुत से लोगों के असलहा लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और पासपोर्ट नहीं बनाए जा रहे हैं। कई केस ऐसे हैं जिनको वापस लेने की प्रक्रिया ही शुरू नहीं की गई है।
चढूनी ने बताया कि करीब 32 से अधिक मुकदमे आंदोलन के पहले के ऐसे हैं जो आंदोलन के समझौते के दौरान वादा करने के बावजूद भी वापस नहीं हुए हैं। चढूनी ने गृहमंत्री विज के बयान को खारिज करते हुए कहा कि सरकार केस वापस न लेकर उनको अनट्रेस दिखा रही है। कानूनन अनट्रेस केस को कभी भी खोला जा सकता है। बहुत से केस नामजद हैं। ऐसे में नामजद केस को अनट्रेस नहीं किया जा सकता, इसलिए किसान यूनियन की सरकार से मांग है कि सभी केसों को वापस लेने की करवाई की जाये
चढूनी ने चेतावनी दी है कि अगर 24 तारीख तक हरियाणा सरकार किसानों से किए वादे अनुसार उक्त सभी केसों का निपटारा नहीं करती तो 24 नवंबर को जिला अंबाला मोहड़ा अनाज मंडी के सामने जहां से पिछले साल दिल्ली कूच के लिए बैरिकेड तोड़ने की शुरुआत की थी, वहां पर जीटी रोड को जाम कर दिया जायेगा। अगर 24 तारीख तक सभी मामलों का निपटारा कर दिया जाता है तो किसान अपना आंदोलन नहीं करेंगे।

Published / 2022-11-17 19:27:36
भारत जोड़ो यात्रा से परेशान भाजपा ध्यान भटकाने को दे रही झूठे बयान : कांग्रेस

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के मप्र में आने से पहले ही यहां की राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है। यात्रा के आने से पहले प्रदेश की राजनीति का पारा गर्मा गया है। यात्रा को लेकर सत्ता पक्ष भाजपा और विपक्षी कांग्रेस एक दूसरे के खिलाफ आक्रामक हो गए हैं और जमकर बयानबाजी कर रहे हैं। वहीं अब कांग्रेस ने भाजपा के बयानों पर पलटवार करते हुए झूठे बयान देने का आरोप लगाया है। 
कांग्रेस मीडिया विभाग की तरफ से बयान जारी कर भाजपा पर हमला बोला है। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने गुरुवार को कहा है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से भारतीय जनता पार्टी बुरी तरह बौखला गई है। मध्यप्रदेश में यात्रा से पहले ही पूरी भारतीय जनता पार्टी और शिवराज सिंह चौहान सरकार यात्रा से ध्यान भटकाने के लिए झूठे बयान जारी कर रही है। 
मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के मानसिक पतन की यह अवस्था हो गई है कि कमलनाथ जी के जन्मदिन के आयोजनों तक को विवाद पर लाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी मर्यादा तोड़ते हुए यहां तक बयान दे दिया मंदिर काटा गया है। राजनीतिक स्वार्थ के लिए भगवान के विषय में रहता निंदनीय झूठ बोलना बहुत शर्म की बात है। सभी को यह विदित होना चाहिए कि वहां केक काटा गया था और थमार्कोल से बनी मंदिर की प्रतिकृति अलग से रखी हुई थी। इसलिए मुख्यमंत्री का मंदिर काटने का बयान न सिर्फ हिंदू धर्म का अपमान है बल्कि झूठ फैलाने की कोशिश है। 
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इसी तरह ही एक अन्य बयान में मुख्यमंत्री ने खाद की जमाखोरी करने वाले और किसानों का उत्पीड़न करने वाले जमाखोरों का पक्ष लिया है। यह बताता है कि खुद को किसान का बेटा कहने वाले मुख्यमंत्री किसान विरोधी हो चुके हैं। मिश्रा ने कहा कि पूर्व सीएम कमलनाथ ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से यह आग्रह किया कि वे संविधान और कानून के मुताबिक कार्य करें तो इस बार का मुख्यमंत्री और फैलाने में लग गए हैं। क्या मुख्यमंत्री यह कहना चाहते हैं कि अधिकारियों को संविधान के खिलाफ काम करना चाहिए। 
केके मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग यह स्पष्ट करना चाहता है भारतीय जनता पार्टी जिस तरह से झूठ प्रचार कर रही है वह राजनीति का स्तर गिराने वाला है। 100 बार झूठ बोलने से वह सच नहीं बन जाता। राहुल गांधी की यात्रा मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक असर छोड़ेगी और भाजपा का झूठ ध्वस्त हो जायेगा।

Published / 2022-11-16 21:02:21
गुजरात : भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे कांग्रेस के 17 बागी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भाजपा ने अपनी इस पहली सूची में 38 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सरकार में मंत्री रहे छह नेताओं को भी टिकट नहीं मिला है। इस सूची में हार्दिक पटेल सहित कम से कम 30 पाटीदार नेताओं को टिकट दिया गया है। 2017 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते 9 नेताओं को भी भाजपा ने टिकट दिया है। इसी सप्ताह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए दो विधायकों को भी टिकट मिल गया है। 
गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से 160 के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। गुरुवार को जारी उम्मीदवारों की इस सूची में कई नाम चौंकाने वाले हैं। इन 160 उम्मीदवारों में पार्टी ने बाहर से आए अच्छे खासे नामों को शामिल किया है। पार्टी ने कांग्रेस पार्टी में बगावत कर कमल का साथ थामने वाले नेताओं को निराश नहीं किया है। युवा चेहरे हार्दिक पटेल सहित कांग्रेस के 17 बागियों को टिकट थमाया गया है। 
भाजपा ने अपनी इस पहली सूची में 38 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सरकार में मंत्री रहे छह नेताओं को भी टिकट नहीं मिला है। इस सूची में हार्दिक पटेल सहित कम से कम 30 पाटीदार नेताओं को टिकट दिया गया है। इसमें सबसे मजेदार बात है कांग्रेस से आए नेताओं को प्राथमिकता। पार्टी ने बीते पांच साल के भीतर हाथ का साथ छोड़कर आए 17 नेताओं को टिकट थमाया है। इनमें से नौ ऐसे नेता हैं जो 2017 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। 
कांग्रेस में प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष रहे हार्दिक पटेल ने पिछले दिनों भाजपा का दामन थाम लिया था। वह अब अपना पहला चुनाव विरामगम से लड़ रहे हैं। इसके अलावा पाटीदार समुदाय के ही रमेश तिलारा दक्षिणी राजकोट से चुनाव लड़ेंगे। यहां एक मजेदार बात है। रमेश तिलारा श्री खोदालधाम ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं और इसी ट्रस्ट के प्रमुख हैं नरेश पटेल। नरेश पटेल का नाम पिछले दिनों गुजरात की राजनीति में खूब छाया हुआ था। वह एक चर्चित उद्योगपति हैं। उन्हें सभी दलों ने अपने खेमे में लाने की कोशिश की थी। वैसे इसी ट्रस्ट के सूरत के संयोजक धार्मिक मालवीय सूरत से ही आप के टिकट पर मैदान में हैं। 
हार्दिक के अलावा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए जवाहर चावड़ा को मावादार से टिकट दिया गया है। भाजपा ने पूर्व सीएम विजय रूपाणी की राजकोट वेस्ट सीट से डॉ। दर्शिता शाह को उतारा है। वहीं नितिन पटेल की मेहसाणा सीट से मुकेश द्वारका दास को मैदान में उतारा गया है। 2017 में कांग्रेस से भाजपा में आए अमूल डेयरी के चेयरमैन रामसिंह परमार के बेटे योगेंद्र को थसरा से टिकट दिया गया है। 
इसी साल मई महीने में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले विधायक अश्विनी कोटवाल को खेदब्रह्मा एसटी सीट से टिकट मिला है। कुछ ही दिन पहले कांग्रेस से भाजपा में आए जाने माने आदिवासी नेता राजेंद्रसिंह रखावा को उनके पिता की सीट से मैदान में उतारा गया है। इसी तरह बुधवार को कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले अहीर समुदाय के नेता भगवान बराड़ को तलाला से मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस से भाजपा में आकर टिकट पाने वालों की सूची में हर्शद रिबाडिया, मनिलाल वाघेला और बलवंत सिंह राजपूत के भी नाम हैं।

Published / 2022-11-15 22:50:33
अवैध मतांतरण पर रोक के लिए लायें केन्द्रीय कानून : विहिप

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने अवैध मतांतरण पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय की चिंता से सहमति व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से अवैध मतान्तरण को रोकने के लिए शीघ्र ही केंद्रीय कानून बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न घटनाओं और इस विषय पर गठित आयोगों का यही निष्कर्ष है कि अवैध मतांतरण धार्मिक  स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। 

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर इसे नहीं रोका गया तो देश के लिए खतरनाक स्थिति निर्माण हो जायेगी। 
डॉ जैन ने कहा कि माननीय न्यायपालिका ने पहले भी कई मामलों में अवैध मतांतरण पर केंद्रीय कानून बनाने की आवश्यकता पर बल दिया था। बार-बार यह स्पष्ट हो गया है कि जबरन, धोखे से व लालच से किया गया मतांतरण अवैध है परंतु स्पष्ट कानून के अभाव में षड्यंत्रकारियों को सजा नहीं मिल पाती थी।
विश्व हिंदू परिषद व भारत के संतों-महापुरुषों का हमेशा से ही यह मत रहा है कि अवैध मतांतरण को रोकना चाहिए। इसके लिए कई महापुरुषों और संगठनों ने निरंतर संघर्ष किए हैं और बलिदान भी दिये हैं। मिशनरियों से जनजातियों की रक्षा के लिए भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष और बलिदान अविस्मरणीय है। सिक्ख गुरुओं, स्वामी श्रद्धानंद, स्वामी लक्ष्मणानन्द आदि कई महापुरुषों ने मतांतरण को रोकने के लिए ही अपने बलिदान दिये थे। विहिप ने इस विषय पर कई बार प्रस्ताव भी पारित किये हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों के कई उदाहरण यह स्पष्ट करते हैं कि अवैध मतांतरण के कारण राष्ट्र का अस्तित्व और सुरक्षा खतरे में पड़ी है। अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश का तो निर्माण ही मतांतरण के कारण हुआ था। कश्मीर, पूर्वोत्तर, बंगाल और केरल के कई जिलों में हिंदुओं की दुर्दशा के पीछे भी अवैध मतांतरण ही दोषी है। श्रद्धा, निकिता जैसी सैकड़ों लड़कियों की वीभत्स और बर्बर हत्या के पीछे भी मूल कारण मतांतरण ही है। इस काम के लिए विदेशी शक्तियों के समर्थन से भारत में कई राष्ट्रविरोधी शक्तियां सक्रिय हैं। कई बार तो मासूम व विकलांग बच्चों का भी मतांतरण करने वाले माफिया पकड़े गये हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इन मासूम बच्चों को मानव बम के रूप में प्रयोग करने की आशंका भी व्यक्त की है। अवैध मतांतरण केवल राष्ट्रीय सुरक्षा ही नहीं  सामाजिक सौहार्द के लिए भी खतरा निर्माण करता है। स्वतंत्रता के बाद अवैध मतांतरण पर बनाये गये सभी आयोगों का यह स्पष्ट अभिमत है कि इसे रोकने के लिए केंद्रीय कानून अवश्य बनाना चाहिए।
डॉ जैन ने कहा कि इस समय भारत के 8 राज्यों में अवैध मतांतरण को रोकने के लिए कानून की व्यवस्था की गई है। परंतु यह समस्या राष्ट्रव्यापी है जिसके पीछे अंतराष्ट्रीय षडयंत्रकारी शक्तियां सक्रियता से काम कर रही हैं। इनके द्वारा भेजी जा रही अकूत धनराशि के कई बार प्रमाण भी मिले हैं। पूर्वोत्तर व पूर्वी राज्यों में मिशनरी और देशभर में पीएफआई की गतिविधियों से यह स्पष्ट हो गया है कि मतांतरण के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा भी खतरे में पड़ती रही  है। इसके बाबजूद वोट बैंक की राजनीति के चलते कुछ राजनीतिक दल इसका विरोध करते हैं जबकि पहले वही राजनीतिक दल अपने शासित राज्यों में यह कानून लेकर आए थे। इससे स्पष्ट होता है की ये राजनीतिक दल अपने निहित स्वार्थ के कारण अपने शासन वाले राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानून नहीं लाने वाले। आज के समय में अवैध मतांतरण की समस्या एक भीषण रूप धारण कर चुकी है। अवैध मतांतरण के इस भीषण स्वरूप को देखकर यह स्पष्ट होता है कि केवल कुछ राज्यों में कानून बनाने से इस राष्ट्र विरोधी और समाज विरोधी षडयंत्र को नही रोका जा सकता है। उन्होंने दोहराया कि यह आज के समय की आवश्यकता है कि केंद्रीय कानून अविलंब लाना चाहिए जिससे भारत को अवैध मतांतरण की समस्या से मुक्ति दिलाई जा सके।

Published / 2022-11-15 18:15:16
कोरोना से राहत जल्द... 24 घंटे में मिले 500 से भी कम नये संक्रमित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 474 नए मामले सामने आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,67,398 हो गई। छह अप्रैल 2020 के बाद सामने आये ये सबसे कम दैनिक मामले हैं, तब 354 दैनिक मामले सामने आये थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह 8 बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत होने से देश में संक्रमण से मौत के मामले बढ़कर 5,30,533 हो गये।  
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 7,918 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.02 प्रतिशत है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.79 प्रतिशत हो गयी है। देश में अभी तक कुल 4,41,27,724 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। मंत्रालय की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 219.81 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।  
गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गयी थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार हो गये थे। 

Published / 2022-11-14 13:27:34
पंजाब : अब अमृतसर में रिक्टर स्केल पर 4.1 तीव्रता के साथ हिली धरती

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पंजाब के अमृतसर में भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक अमृतसर में सोमवार तड़के 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 3.42 बजे आया जिसका केंद्र अमृतसर से 145 किलोमीटर दूर था। 

एनसीएस के मुताबिक यह भूकंप जमीन के नीचे 120 किलोमीटर की गहराई में आया। इससे पहले शनिवार रात उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को आये भूकंप के तेज झटके में चंडीगढ़ में एक आर्ट कॉलेज की दीवार गिर गयी थी। गनीमत रही कि इसमें कोई हादसा नहीं हुआ।

रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार रात 8 बजे के आसपास भूकंप आया था, लेकिन सरकारी आर्ट कॉलेज की दीवार रात 10 बजे ढह गयी थी। पिछले कुछ दिनों में भारत के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किये गये हैं।
पिछले दो दिनों में कई भूकंप के झटके : शनिवार रात आए भूकंप के झटके उत्तर प्रदेश में नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली तक में महसूस किये गये थे। 

एनसीएस के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 मापी गयी थी। हालांकि इसका केंद्र नेपाल में बताया गया था। नेपाल के भूकंप पर निगरानी रखने वाली संस्था के मुताबिक भूकंप का केंद्र बजहांग में था। इतना ही नहीं उत्तराखंड में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये हैं। शनिवार को राज्य के पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में शाम करीब 4.25 बजे 3.4 तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज किया गया था।

Published / 2022-11-13 21:13:54
नई दिल्ली में बैठक के बहाने भाजपा ने शुरू की 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आगामी 2024 लोकसभा चुनावों की तैयारी के लिए भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को दिल्ली में पार्टी के मुख्यालय में महासचिव बीएल संतोष की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान पार्टी ने देश भर में चल रहे सभी कार्यक्रमों की प्रगति के साथ-साथ केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। सूत्रों ने आगे कहा कि पार्टी ने उन विभिन्न पहलों की भी समीक्षा की जिन्हें अगले आम चुनावों से पहले करने की जरूरत है। भाजपा आगामी गुजरात विधानसभा चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक देना चाहती है।इसके अलावा, वर्ष 2023 भी एक चुनावी वर्ष है। जिसमें त्रिपुरा, मेघालय, कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 2014 से केंद्र में सत्ता में है और पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रही है। 2019 के चुनावों में 300 से अधिक सीटें जीतने वाली पार्टी के साथ 2019 में भी भाजपा के पास पूर्ण बहुमत था। पार्टी को भरोसा है कि मोदी के नेतृत्व में वे 2024 के आम चुनाव में जीत दर्ज कर सकते हैं। बिखरा हुआ विपक्ष अभी भी एक ऐसे नेता की तलाश कर रहा है जो इन सबको एक सूत्र में बांध सके। इससे पहले शरद पवार, ममता बनर्जी और तेलंगाना राष्ट्र समिति (बदला हुआ भारत राष्ट्र समिति) के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव जैसे नेताओं ने विपक्षी एकता का प्रयास किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

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