एबीएन सेंट्रल डेस्क। ओडिशा में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां जाजपुर जिले के कोरेई स्टेशन पर एक मालगाड़ी के यात्री प्रतीक्षालय में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। इस दौरान कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी। कई अन्य घायल बताये जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, ईस्ट कोस्ट रेलवे के अंतर्गत आने वाले कोरई स्टेशन पर आज तड़के एक मालगाड़ी पटरी से उतर गयी। मालगाड़ी के डिब्बे प्लेटफॉर्म पर बने वेटिंग हाल तक पहुंच गये। इस दौरान दो यात्री इसकी चपेट में आ गये और मौके पर ही उनकी मौत हो गयी।
कुछ रिपोर्ट में मृतकों की संख्या तीन बतायी जा रही है। रेलवे के मुताबिक, हादसे से दो रेल लाइनें अवरुद्ध हो गयी। स्टेशन भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया है। राहत दल, रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारतीय जनता पार्टी शासित गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों के प्रचार के वास्ते सोमवार को राज्य में दो जनसभाओं को संबोधित करेंगे। राहुल गांधी का पिछले ढाई महीने में गुजरात का यह दूसरा दौरा होगा। हालांकि चुनाव प्रचार के लिए वह पहली बार यहां आयेंगे। पार्टी की ओर से साझा कार्यक्रम के अनुसार, वह सूरत जिले के महुवा और राजकोट शहर में रैलियों को संबोधित करेंगे।
गांधी इन दिनों कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं, जो कांग्रेस की एक जनसंपर्क पहल है। यात्रा की शुरुआत सात सितंबर को की गई थी। वह पिछली बार पांच सितंबर को गुजरात आये थे, जब उन्होंने अहमदाबाद में बूथ स्तरीय पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित किया था। गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में एक और पांच दिसंबर को चुनाव होंगे, जबकि मतगणना आठ दिसंबर को की जायेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में रविवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एक हाइब्रिड आतंकवादी मारा गया। पुलिस ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में बिजबेहरा के चेकी दूदू इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ शुरू हुई है।
पुलिस ने ट्वीट कर बताया, जब सुरक्षाबल तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध स्थान की ओर बढ़ रहे थे तो वहां छिपे हुए आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।
इस दौरान सुरक्षाबलों के साथ गये लश्कर के हाइब्रिड आतंकवादी सज्जाद तांत्रे को गोली लगी। उसे एसडीएच बिजबेहरा ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सज्जाद ने बताया कि वह पहले लश्कर के आतंकवादी सहयोगी था तथा उसे सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत रिहा किया गया था। उसने 13 नवंबर 2022 को अनंतनाग के राखमोमेन, बिजबेहरा में दो बाहरी मजदूरों पर हमला किया था।
इस हमले में दो मजदूर घायल हो गये थे। बाद में गंभीर रूप से घायल मजदूर छोटा प्रसाद की 18 नवंबर को अस्पताल में मौत हो गयी। पुलिस को उसके पास से पिस्तौल और वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद हुआ था। पुलिस ने कहा कि इस मॉड्यूल के और सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए गहनता से जांच की जा रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दो दिवसीय गुजरात दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे दिन वेरावल में जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किये। जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने मतदाताओं से अपील की कि इस बार रिकॉर्ड तोड़ना है। लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना है। सुशासन से गुजरात नई ऊंचाई पर पहुंचा। आपको भाजपा को जिताना है। मैं चाहता हूं कि नरेंद्र के सारे रिकॉर्ड भूपेंद्र तोड़ें। गुजरात विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचेगा। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि मैं अपने सारे काम का आप लोगों को हिसाब दूंगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुजरात के विकास के लिए मेहनत करेंगे। सर्वे पोल कह रहे हैं कि भाजपा जीतेगी। गुजरात की जनता ने भाजपा को हमेशा आशीर्वाद दिया है। इस बार भी जनता आशीर्वाद देगी। पीएम मोदी ने कहा कि सौराष्ट्र में चुनाव में यह मेरी पहली रैली है और वह भी सोमनाथ दादा की पावन भूमि पर। कच्छ का मरुस्थल हमारे लिए समस्या लगता था। हमने कच्छ के इस मरुस्थल को बदलकर गुजरात का तोरण बना दिया।
आज फल-फूल रहा है गुजरात का तट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये मेरी मां-बहनें तीन से पांच किलोमीटर तक बाल्टी में पानी भरकर ले जाती थीं। इस बेटे ने अपने सिर से बेड़ियां हटाने का बीड़ा उठाया। आज गुजरात का तट फलफूल रहा है। गुजरात के बंदरगाह हिन्दुस्तान की समृद्धि का द्वार बन गये हैं।
बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सौराष्ट्र क्षेत्र में चार जनसभाओं को संबोधित करेंगे। उनकी पहली जनसभा वेरावल में हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि वेरावल में जनसभा करने के बाद पीएम मोदी राजकोट जिले के धोराजी रवाना होंगे। अमरेली और बोटाद में भी दो रैलियों को संबोधित करने का कार्यक्रम है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि आतंकवाद (टेररिज्म) आज एक ऐसा विकराल रूप धारण किया है जिसका प्रभाव हर स्तर पर दिखता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद लोकतंत्र, मानवाधिकार, आर्थिक प्रगति तथा विश्व शांति के खिलाफ सबसे बड़ा नासूर है, जिसे हमें जीतने नहीं देना है। शाह ने आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि कोई भी एक देश या कोई भी एक संगठन, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, आतंकवाद को अकेला हरा नहीं सकता। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लगातार इस जटिल और बॉर्डर-लेस खतरे के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा।
शाह यहां आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला विषय पर तीसरे ‘नो मनी फॉर टेरर’ मंत्रीस्तरीय सम्मेलन के ‘आतंकवाद और आतंकवादियों को वित्त उपलब्ध कराने की वैश्विक प्रवृत्ति’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में भारत ने टेररिज्म के सभी रूपों सहित कई चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। टेररिज्म के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति, काउंटर-टेरर कानूनों के मजबूत फे्रमवर्क तथा एजेंसियों के सशक्तिकरण के कारण भारत में टेररिज्म से होने वाली घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है तथा टेररिज्म के मामलों में सख्त सजा दिलाने में सफलता हासिल की गई है।
शाह ने कहा कि इन्वेस्टीगेशन को विज्ञान और तकनिक से लैस करने के उद्देश्य से फॉरेंसिक साइंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दिशा में प्रधानमंत्री मोदी जी की परिकल्पना से दुनिया के पहले राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने यह भी तय किया है कि टेररिज्म, नारकोटिक्स और आर्थिक अपराध जैसे अपराधों पर राष्ट्री य और अंतर्राष्ट्रीय डेटाबेस विकसित किया जाए। साइबर अपराध का व्यापक तरीके से मुकाबला करने के लिए भारत सरकार ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की स्थापना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भारत काउंटर-टेररिज्म तथा कॉम्बैटिंग दी फाइनेंसिंग आॅफ टेररिज्म के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का केंद्र बिंदु होगा। हम टेररिज्म के सभी रूपों के खिलाफ एक प्रभावी, दीर्घकालिक और ठोस लड़ाई के बिना भय-मुक्त समाज, भय-मुक्त दुनिया नहीं सोच सकते हैं। हमारे राष्ट्रों के नागरिकों ने नेतृत्व के ऊपर सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है झ्र उनकी सुरक्षा की और यह हमारा कर्तव्य है कि इस जिम्मेदारी की कसौटी पर हम खरे उतरें।
शाह ने कहा कि पिछले दो दशकों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस खतरे से निपटने के लिए एक ढांचा विकसित किया है जिसका मुख्य उद्देश्य काउंटर-टेररिज्म सैंक्शन व्यवस्था खड़ी करना है। टेररिज्म को स्टेट-फंडेड इंटरप्राइज बनाने वाले देशों की कार्रवाईयों पर कुछ हद तक अंकुश लगाने का काम यूनाइटेड नेशन्स द्वारा स्थापित इस व्यवस्था ने सफलता से किया है, लेकिन इसे और कठोर, पारदर्शी व सटीक बनाना है।
उन्होंने सम्मेलन में भाग ले रहे देशों के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि हमारी सबसे पहली प्रतिबद्धता होनी चाहिए पारदर्शिता और सहयोग की। सभी देशों और संगठनों को बेहतर और प्रभावी तरीके से इंटेलिजेंस साझा करने में पूरी तरह से पारदर्शिता का संकल्प लेना होगा। हमें टेररिज्म और टेररिस्ट गुटों के खिलाफ इस लड़ाई को प्रत्येक भौगौलिक और वर्चुअल क्षेत्र में लड़ना होगा।
शाह ने आगे कहा कि ऐसे कई मामले सामने हैं, जहां अन्य मकसदों की आड़ में कुछ संगठन, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद और रेडिकलाइजेशन को बढ़ावा दे रहे हैं। यह भी देखा गया है कि यह संगठन, आतंकवाद को फाइनेंस करने के चैनल भी बनते हैं। अभी हाल ही में भारत सरकार ने सामाजिक गतिविधियों की आड़ में युवाओं को रेडिकलाइज करके उन्हें आतंक की ओर धकेलने की साजिश करने वाली एक संस्था को बैन किया है। उनका इशारा पापुलर फ्रंट आॅफ इंडिया (पीएफआई) की ओर था। उन्होंने कहा कि प्रत्येक देश को ऐसी संस्थाओं को चिन्हित करके उनके विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।
शाह ने कहा कि कुछ देशों, उनकी सरकारों और एजेंसियों ने टेररिज्म को स्टेट पालिसी बनाया है। टेरर हेवन्स पर आर्थिक प्रतिबंध के साथ-साथ सभी प्रकार की नकेल कसना आवश्यक है। इस पर दुनिया के सभी देशों को अपने जियो-पोलिटिकल इंटरेस्ट से ऊपर उठकर एक मन बनाना होगा । उन्होंने कहा कि कुछ देश राजनीति के लिए आतंकवादियों और आतंकवाद को पनाह देने वालों का बार बार समर्थन करते हैं। मेरा मानना है कि आतंकवाद की कोई अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं होती इसलिए सभी देशों को राजनीति को भुलाकर एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए। साथ ही, सभी देशों को टेररिज्म और टेरर फाइनेंसिंग की व्याख्या पर सहमति बनानी होगी। यह हमारे नागरिकों की सुरक्षा तथा मानवाधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के रक्षा का मुद्दा है, न कि एक राजनैतिक मुद्दा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यही है कि टेररिज्म और टेरर फाइनेंसिंग के सभी चैनलों की पहचान कर, टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ एक प्रैक्टिकल तथा वर्केबल रोडमैप बनाया जाये। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और वर्ल्ड बैंक के एक अनुमान के अनुसार दुनियाभर के अपराधई हर वर्ष लगभग 2 से 4 ट्रिलियन डॉलर की लॉन्ड्रिंग करते हैं और इसमें से एक बड़ा हिस्सा टेररिज्म बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन चुनौतियों को देखते हुए सभी देशों के काउंटर-टेरर और टेरर फाइनेंसिंग के क्षेत्रों में काम करने वाली एजेंसियों एवं उनके अधिकारियों को एक दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के दूसरे पोते सात्यकी सावरकर ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जो पत्र दिखाए हैं, वह असली हैं लेकिन उन्हें माफीनामा नहीं कहा जा सकता। राहुल जो कहते हैं कि वीर सावरकर ने अंग्रेजों से पेंशन ली थी, यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर अंग्रेजों के कोई कर्मचारी नहीं थे कि सेवा से रिटायर होने के बाद उनको पेंशन मिलेगी। मूल समस्या यह है कि राहुल गांधी पेंशन और निर्वाह भत्ता में अंतर ही नहीं समझ सके।
मीडियाकर्मियों से रूबरू सात्यकी सावरकर ने राहुल गांधी की ओर से वीर सावरकर पर लगाये गये आरोपों का तथ्यात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो पत्र राहुल गांधी ने मीडिया को दिखाएं हैं, वे सही हैं और वे सभी आवेदन पत्र हैं। जब वीर सावरकर अंडमान गए तब उन्हें कोई सुविधा नहीं दी गई थी। उन्हें एक कोठरी में बंद कर दिया गया था। वीर सावरकर ने उस समय अंग्रेज सरकार को आवेदन दिया कि उन्हें एक राजनीतिक कैदी के समान सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने समय-समय पर आवेदन किया। बाद में उन्होंने रिहाई के लिए आवेदन किया। वीर सावरकर ने यह सब सभी कैदियों के लिए किया था, चाहे वो गदर आंदोलन के हों या बंगाल आंदोलन से।
वीर सावरकर को अंग्रेजों से पेंशन मिलने के राहुल गांधी के आरोप पर सात्यकी सावरकर ने कहा कि राहुल गांधी को पता होना चाहिए कि वीर सावरकर अंग्रेजों के नौकर अथवा कर्मचारी नहीं थे कि उन्हें अंग्रेज पेंशन देते। पेंशन आम तौर पर नौकर अथवा कर्मचारी को दी जाती है। राहुल गांछी को पेंशन और निर्वाह भत्ते के बीच का अंतर नहीं पता। पेंशन का मतलब सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाला वेतन है। सावरकर को भरण-पोषण भत्ता मिल रहा था। इसका मतलब निर्वाह भत्ता है। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर के पास बैरिस्टर की डिग्री नहीं थी। उन्हें रत्नागिरी छोड़ने की अनुमति नहीं थी। ऐसी स्थिति में जीवित रहने के लिए व्यक्ति को क्या करना चाहिए? ऐसे कैदी की जिम्मेदारी सरकार की होती है। ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1928 में पारित अधिनियम के तहत 1929 में सावरकर के लिए 60 रुपये प्रति माह निर्वाह भत्ता शुरू किया था। इसे पेंशन नहीं कहा जा सकता।
सात्यकी सावरकर ने कहा कि राहुल गांधी के बयान सिर्फ राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के इस तरह के बयान से दुख तो है लेकिन दूसरी तरफ उन्हें इस बात की खुशी है कि इससे बहुत से लोगों को वीर सावरकर के बारे में जानने की उत्कंठा जगेगी और वे सभी वीर सावरकर के विचारों को और आगे ले जाने का प्रयास करेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जबलपुर के मेखला रिसोर्ट के शिल्पा झारिया हत्याकांड मामले के आरोपी अभिजीत पाटीदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। युवती की बेरहमी से हत्या करने वाला सनकी आशिक 12 दिन बाद पुलिस की पकड़ में आया है। मामले का पूरा खुलासा अब से कुछ देर बाद जबलपुर पुलिस करने वाली है।
तिलवारा के घाना स्थित मेखला रिसोर्ट में युवती की हत्या करने वाले आरोपित अभिजीत पाटीदार को पुलिस ने शनिवार को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। जबलपुर पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। देश के कई शहरों में जबलपुर पुलिस की टीमें आरोपी की खोजबीन में भेजी गई थी। पुलिस के अनुसार आरोपित महाराष्ट्र के नासिक का रहने वाला है और उसका असली नाम हेमंत भदाड़े है। आरोपित के खिलाफ पहले से ही महाराष्ट्र सहित कई जगहों पर 20 से ज्यादा अपराध दर्ज हैं। जबलपुर में भी धोखाधड़ी की घटना अगस्त में की थी। यहां के व्यापारी के साथ साढ़े आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। आरोपित एक ठिकाने पर 12 घंटे से ज्यादा नहीं रुकता था। हर तरह का अपराध किया। चोरी, लूट हत्या समेत कई तरह के अपराध में शामिल रहा। मेखला रिसोर्ट में भी उसने फर्जी आईडी के जरिये होटल में कमरा बुक किया था। पुलिस ने बताया, आरोपित की पहचान फिंगर प्रिंट के जरिये की गई।
गौरतलब है कि 8 नवंबर की दोपहर को रिसोर्ट के रूम नंबर पांच में शिल्पा झारिया का शव रजाई में लिपटा हुआ मिला था। मृतका 6 नवंबर को अभिजीत पाटीदार के साथ ठहरने के लिए पहुंची थी। 7 नवंबर की शाम अभिजीत पाटीदार रिसोर्ट से चला गया था। शिल्पा रूम में ही ठहरी हुई थी। 8 नवंबर की दोपहर युवती शिल्पा की कमरे में रक्तरंजित लाश मिली थी। इसके बाद आरोपी अभिजीत पाटीदार ने उसी के इंस्टाग्राम एकाउंट से 2 वीडियो भी वायरल किये थे, जिनमें उसने ने मृतका को धोखेबाज बताते हुए खुद को सही साबित करने की कोशिश की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों की सेना के खिलाफ भीषण लड़ाई लड़ने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को शनिवार को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनके साहस एवं राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता।
मोदी ने ट्वीट किया, रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं। हमारे देश के लिए उनके साहस और महत्वपूर्ण योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। वह औपनिवेशिक शासन के अपने दृढ़ विरोध के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मोदी ने लक्ष्मीबाई की जयंती मनाने के लिए पिछले साल इसी दिन किए झांसी के अपने दौरे की तस्वीरें भी साझा कीं।
लक्ष्मीबाई औपनिवेशिक शासन के खिलाफ भारत के 1857 स्वतंत्रता संग्राम की एक महत्वपूर्ण शख्सियत हैं जिन्होंने झांसी पर कब्जा करने का प्रयास कर रही ब्रिटिश सेना से बहादुरी से लड़ते हुए अपने प्राण का बलिदान कर दिया था।
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