एबीएन सेंट्रल डेस्क। कानून तोडकर अपराध करने वाले अपराधियों पर मामा का बुल्डोजर लगातार चल रहा है। अपराधी कितना भी ताकतवर हो प्रशासन व पुलिस उसकी जड़ें खोदने में लग जाते हैं। सोमवार देर रात मुरैना की बागचीनी पुलिस पर हमला करने वालों की शामत आ गई है। प्रशासन व पुलिस ने इनके घरों के अभिलेखों की जांच में अवैध निर्माण पाये जाने पर जमींदोज कर दिया है। वहीं मुख्य आरोपी को रिश्तेदार के यहां से अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुये शेष आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। विदित हो कि बीती रात सट्टा माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने लोंगट गांव में पहुंची बागचीनी थाना पुलिस पर दो दर्जन से अधिक महिला पुरुषों ने प्राणघातक हमला कर दिया। जिसमें थाना प्रभारी सहित पांच लोग घायल हो गये थे।
घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने एक दर्जन स्थानों पर छापामारी कर मुख्य आरोपित सहित आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को अपनी गिरफ्त में लिया। बेखौफ सट्टा माफिया को कानूनी सबक सिखाने के लिये प्रशासन व पुलिस ने एकजुट होकर कार्यवाही की। सट्टा माफिया का घर अवैध रूप से निर्मित किया गया। इसलिए अभिलेखों की जांच पश्चात जेसीबी मशीन से घर को ध्वस्त कर दिया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिण जिले के महरौली इलाके में हुए श्रद्धा हत्याकांड में सीएफएसएल (सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) ने आफताब के घर के बाथरूम से अहम सबूत साक्ष्य जुटाए है। पुलिस सूत्रों के अनुसार टाइल्स के बीच के गैप से खून के निशान मिले हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने एफएसएल (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की जांच के अलावा ज्यादा तकनीक से लैस सीएफएसएल (सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) से भी सबूत इकठ्ठा किये है। बीते दिनों जब एफएलएल की जांच में रसोई से कुछ खून के धब्बे मिले थे।
सूत्रों की मानें तो सीएफएसएल की रिपोर्ट आने में करीब दो हफ्ते लगेंगे। वहीं दूसरी तरफ पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए दिल्ली पुलिस भी तैयार है। दिल्ली पुलिस एफएसएल के डॉक्टर्स से सम्पर्क में है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि जरूरत के हिसाब से पॉलीग्राफी टेस्ट करा लेंगे। सूत्रों की माने तो आफताब के ड्रग्स लेने से दोनों का दो से तीन बार ब्रेकअप हुआ था। फिर सुलह के बाद दोनों एक साथ रहने लगते थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मैदानगढ़ी इलाके स्थित तालाब से पुलिस ने कुछ हड्डियां बरामद की हैं। यह तालाब महरौली व मैदान गढ़ी के बीच में है। पुलिस को शुरूआती जांच में बताया कि ये हड्डियां इंसान के हाथ की लग रही हैं। इन हड्डियों को जांच के लिए सीएफएसएल भेज दिया है। हालांकि पुलिस को अब तक श्रद्धा का सिर नहीं मिला है। पुलिस को आशंका है कि श्रद्धा की खोपड़ी भी इसी तालाब में हो।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का 68वां तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 25 नवंबर से जयपुर जेईसीआरसी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगा। इसका उद्घाटन योग गुरु बाबा रामदेव करेंगे। इसके अलावा 24 नवंबर को एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। 26 नवंबर को अग्रवाल कॉलेज से अल्बर्ट हॉल तक शोभायात्रा निकाली जायेगी। जिसमें सभी राज्यों की संस्कृति को प्रदर्शित किया जायेगा।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अधिवेशन के अंतिम दिन आयोजित होने वाले यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। वहीं इस अधिवेशन में पदाधिकारियों के अलावा सभी राज्यों के छात्र, शिक्षक और शिक्षाविद भाग लेंगे। प्रतिभागी शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न परिवर्तनों की समकालीन स्थिति और देश के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही अभाविप के 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को अधिवेशन की विभिन्न जिम्मेदारी दी हुई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रेल मंत्रालय प्रगति मैदान में आयोजित 41वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ)-2022 के पवेलियन में अयोध्या रेलवे स्टेशन की थीम के साथ अपनी उपलब्धियों और प्रगति को प्रदर्शित कर रहा है। यह लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
रेलवे पवेलियन में फोटो, ट्रांसलाइट, मॉडल आदि के माध्यम से विभिन्न विषयों को उनके तकनीकी और संरचनात्मक विकास के साथ प्रदर्शित कर भारतीय रेलवे के कई पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है।
रेलवे मंडप उत्तर प्रदेश में अयोध्या रेलवे स्टेशन के नए रूप की भव्यता को दशार्ता है। यहां रेलवे खिलाड़ियों द्वारा जीते गए विभिन्न पुरस्कारों को प्रदर्शित करने वाली खेल दीर्घा के साथ ही भाप इंजन के युग से वंदे भारत और बुलेट ट्रेन की ओर बढ़ने को दिखाया गया है। आजादी की रेल गाड़ी और स्टेशनों की थीम पर आधारित दीवारें स्वतंत्रता संग्राम और भारतीय रेलवे के बीच संबंधों को प्रदर्शित करती हैं।
साथ ही इसमें कई मॉडल भी शामिल हैं जिमसें श्री राम जन्मभूमि मंदिर से प्रेरित डिजाइन के साथ, अयोध्या रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का साबरमती मल्टीमॉडल पैसेंजर हब और कास्टिंग यार्ड। दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज, प्रतिष्ठित चिनाब ब्रिज, राष्ट्रीय परियोजना उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक का हिस्सा। बीना सोलर पावर प्लांट, अपनी तरह का पहला सोलर प्रोजेक्ट जो ट्रेनों को चलाने के लिए 25 केवी ओवरहेड इलेक्ट्रिकल उपकरण पर सीधे सौर ऊर्जा उत्पन्न और आपूर्ति करता है।
मेट्रो रेलवे, कोलकाता के ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर का भारत का पहला अंडरवाटर (सबाकियस टनल) रेल सिस्टम हिस्सा। वंदे भारत एक्सप्रेस, भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड ट्रेन शामिल हैं। यहां बने विशेष सेल्फी बूथ आई एम एट रेलवे पवेलियन पर तस्वीरें खींचकर प्रत्येक यात्रा को यादगार बनाया जा सकता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 294 नये मामले सामने आने से देश में अब तक संक्रमित हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,69,715 पर पहुंच गयी। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 6,209 रह गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह 8 बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 5 और मरीजों के जान गंवाने से मृतक संख्या बढ़कर 5,30,591 हो गई है। ये सभी वे मरीज हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले लोगों की सूची में जोड़े हैं।
अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 6,209 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.01 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 193 की कमी दर्ज की गई है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.80 प्रतिशत है।
आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 4,41,32,915 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 219.87 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्री राम जन्मभूमि मन्दिर के संघर्षों पर दूरदर्शन एक फिल्म बना रहा है। फिल्म निर्माण में को-आॅर्डिनेशन का कार्य दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सचिव आनंद जोशी करेंगे।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि मंदिर आंदोलन के पांच सौ वर्षों के इतिहास पर एक फिल्म दूरदर्शन बना रहा है। फिल्म आवाज मशहूर फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन और फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने का काम फिल्म सेंसर बोर्ड के प्रसून जोशी करेंगे। चाणक्य के निर्माता डॉ चंद्र प्रकाश द्विवेदी भी इस फिल्म में साथ रहेंगे। उन्होंने बताया कि इस फिल्म से जुड़े सभी लोग अपनी सेवाएं निशुल्क देंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने कुतुब मीनार परिसर में पूजा की अनुमति देने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज दिनेश कुमार ने मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को करने का आदेश दिया।
बता दें कि 20 सितंबर को कोर्ट ने इस मामले में कुंवर महेंद्र ध्वज की पक्षकार बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी थी। महेंद्र ध्वज प्रसाद सिंह का कहना था कि उनके पूर्वज आगरा प्रांत के शासक थे। कुतुब मीनार समेत दक्षिणी दिल्ली में उनका शासन था। लिहाजा कुतुब मीनार जिस जमीन पर है उस पर उनका मालिकाना हक है। इसलिए सरकार कुतुबमीनार के आसपास की जमीन पर फैसला नहीं ले सकती है।
24 मई को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से वकील हरिशंकर जैन ने कहा था कि पिछले 800 वर्षों से इस परिसर का इस्तेमाल मुस्लिमों ने नहीं किया है। उन्होंने कहा था कि जब मस्जिद के काफी पहले यहां मंदिर था तो पूजा की अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती है। हरिशंकर जैन ने एंशियंट मॉनुमेंट्स एंड आर्कियोलॉजिकल साईट्स एंड रिमेंस एक्ट की धारा 16 का हवाला दिया था जिसमें पूजा स्थल की सुरक्षा का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया, जिसमें कहा गया है कि देवता हमेशा देवता रहेंगे और ध्वस्तीकरण से उसका चरित्र या उसकी गरिमा नहीं खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा था कि मैं एक पूजा करने वाला व्यक्ति हूं। वहां के चित्र अभी भी दिखाई देते हैं। अगर देवता हैं तो पूजा करने का अधिकार भी है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा था कि याचिकाकर्ता को कौन से कानूनी अधिकार हैं। कोर्ट ने कहा था कि मूर्ति के होने पर कोई विवाद नहीं है। लेकिन पूजा करने के अधिकार पर विवाद है। कोर्ट ने कहा था कि सवाल है कि क्या पूजा का अधिकार एक स्थापित अधिकार है। क्या ये एक संवैधानिक अधिकार है या दूसरे तरह का अधिकार। क्या याचिकाकर्ता को पूजा के अधिकार से रोका जा सकता है। अगर ये मान लिया जाए कि मुसलमान कुतुब मीनार का मस्जिद के रूप में उपयोग नहीं करते हैं तो इससे याचिकाकर्ता को पूजा करने का अधिकार किस आधार पर मिल जाता है। आठ सौ साल पहले हुए किसी घटना के आधार पर आपको कानूनी अधिकार कैसे मिल सकता है।
आर्कियोलॉजिकल सर्वे आॅफ इंडिया (एएसआई) ने कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा था कि जब एएसआई ने स्मारक पर नियंत्रण लिया था, तब वहां पूजा नहीं होती थी। एएसआई ने कहा था कि कानूनन संरक्षित स्मारक में पूजा का कोई प्रावधान नहीं है इसलिए याचिका खारिज की जाए। 3 अप्रैल को कोर्ट ने एएसआई को निर्देश दिया था कि वो कुतुब मीनार परिसर में मौजूद कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद परिसर में रखी हुई भगवान गणेश की मूर्तियों को परिसर से ना हटाए। इस मामले में पहले से ही पूजा अर्चना अधिकार को लेकर याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता ने नई अर्जी में कहा है कि गणेश जी की मूर्तियों को नेशनल म्युचुअल अथॉरिटी के दिये सुझाव के मुताबिक नेशनल म्यूजियम या किसी दूसरी जगह विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए। इसके बजाए उन्हें परिसर में ही पूरे सम्मान के साथ उचित स्थान पर रखा जाए।
वकील विष्णु जैन के जरिये दायर मुख्य याचिका में कहा गया है कि हिंदू और जैन के 27 मंदिरों को तोड़कर ये मस्जिद बनाई गई है। जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव और भगवान विष्णु को इस मामले में याचिकाकर्ता बनाया गया था।
बता दें कि 29 नवंबर 2021 को सिविल जज नेहा शर्मा ने याचिका खारिज कर दी थी। सिविल जज के याचिका खारिज करने के आदेश को डिस्ट्रिक्ट जज की कोर्ट में चुनौती दी गई है।
याचिका में कहा गया है कि कुतुबुद्दीन ऐबक ने 27 हिंदू और जैन मंदिरों की जगह कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद बना दी। ऐबक मंदिरों को पूरे तरीके से नष्ट नहीं कर सका और मंदिरों के मलबे से ही मस्जिद का निर्माण किया गया। याचिका में कहा गया था कि कुतुब मीनार परिसर की दीवारों, खंभों और छतों पर हिन्दू और जैन देवी-देवताओं के चित्र बने हुए हैं। इन पर भगवान गणेश, विष्णु, यक्ष, यक्षिणी, द्वारपाल, भगवान पार्श्वनाथ, भगवान महावीर, नटराज के चित्रों के अलावा मंगल कलश, शंख, गदा, कमल, श्रीयंत्र, मंदिरों के घंटे इत्यादि के चिह्न मौजूद हैं। ये सभी बताते हैं कि कुतुब मीनार परिसर हिंदू और जैन मंदिर थे। याचिका में कुतुब मीनार को ध्रुव स्तंभ बताया गया था।
याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे आॅफ इंडिया (एएसआई) के उस संक्षिप्त इतिहास का जिक्र किया गया था जिसमें कहा गया था कि 27 मंदिरों को गिराकर उसके ही मलबे से कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद का निर्माण किया गया। याचिका में मांग की गई थी कि इन 27 मंदिरों को पुनर्स्थापित करने का आदेश दिया जाए और कुतुब मीनार परिसर में हिंदू रीति-रिवाज से पूजा करने की इजाजत दी जाए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्रालय ने आगामी वित्त वर्ष 2022-24 के बजट बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज से बजट पूर्व बैठक शुरू कर दी है। वित्त मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री के साथ बजट-पूर्व बैठक सोमवार सुबह 10.30 बजे शुरू हो गई। यह 11ः45 बजे खत्म होगी। दूसरी बैठक दोपहर 12 शुरू होगी। यह 01.15 बजे तक होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन दोनों बैठकों में उद्योग, बुनियादी ढांचे और जलवायु परिवर्तन क्षेत्र के हितधारकों से ही मिलेंगी। दोनों बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। इस बैठक में स्टेक होल्डर्स वित्त वर्ष 2023-24 के बजट के लिए अपने सुझाव देंगे। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में ट्वीट भी किया है।
वित्त मंत्री बजट पूर्व बैठक के क्रम में 22 नवंबर को कृषि एवं कृषि प्रसंस्करण उद्योग के लोगों, वित्तीय क्षेत्र एवं पूंजी बाजार के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगी। 24 नवंबर को सेवा क्षेत्र और व्यापार संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल एवं साफ-सफाई समेत सामाजिक क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ बैठक करेंगी। इसके अलावा वित्त मंत्री व्यापार संघों के प्रतिनिधियों और अर्थशास्त्रियों के साथ 28 नवंबर को बजट पूर्व बैठक करेंगी।
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