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Published / 2025-11-24 20:57:40
ब्लाइंड महिला टी-20 विश्व कप जीतने वाली टीम को पीएम मोदी ने दी बधाई

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहला ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम को बधाई देते हुए कहा कि उनकी कामयाबी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच पर भारतीय टीम की कामयाबी की सराहना करते हुए पोस्ट में लिखा, कड़ी मेहनत, टीम प्रयास और पक्के इरादे का एक शानदार उदाहरण बताते हुए कहा- हर खिलाड़ी एक चैंपियन है! और भरोसा जताया कि टीम की यह कामयाबी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगी।

Published / 2025-11-24 18:36:28
अयोध्या धाम : 5000 महिलाएं उतारेंगी पीएम मोदी की आरती

अयोध्या में पीएम मोदी का होगा भव्य स्वागत 

ये है ध्वजारोहण कार्यक्रम की पूरी टाइमलाइन 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अयोध्या में राम मंदिर पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्म ध्वजा फहराने जा रहे हैं। पीएम मोदी राम मंदिर पर इस धर्म ध्वजा को अभिजीत मुहूर्त यानी 11:55 से 12 बजे तक मुख्य आयोजन चलेगा। 5 मिनट में 190 फीट की ऊंचाई पर राम मंदिर की धर्म ध्वज फहरायी जायेगी। 

पीएम मोदी, सीएम योगी, मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ध्वजारोहण के आयोजन में शामिल होंगे। मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में 3 घंटे 30 मिनट रहेंगे। अयोध्या में ध्वजारोहण का मुहूर्त 11:58 बजे से अपराह्न 12:30 बजे तक है। 

ध्वजारोहण समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को भगवान श्री राम की विवाह पंचमी के मौके पर उपवास रखेंगे। प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी ने उपवास रखा था। ध्वजारोहण कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो होगा। 

अयोध्या के साकेत महाविद्यालय हेलीपैड से राम मंदिर तक करीब एक किलोमीटर लंबे रामपथ पर उनका रोड शो निकलेगा। पीएम मोदी के रोड शो में विभिन्न स्वयं-सहायता समूहों की करीब 5 हजार महिलाएं पारंपरिक थाली-आरती लेकर प्रधानमंत्री की अगवानी करेंगी।

5000 महिलाएं उतारेंगी पीएम मोदी की आरती

प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। रामपथ के एक किलोमीटर मार्ग को 8 जोन में बांटा गया है। हर जोन में सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में थाली, आरती, फूल-माला लेकर खड़ी होंगी। सबसे अधिक 1500 महिलाएं जोन-8 (खटीक समाज की भूमि) में और 1200 महिलाएं जोन-4 (अरुंधती पार्किंग के पास) में तैनात रहेंगी। 

साथ ही हजारों संत वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटा-घड़ियाल की ध्वनि से प्रधानमंत्री का अभिनंदन करेंगे। अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त और भाजपा के वरिष्ठ नेता कमलेश श्रीवास्तव ने रंगमहल मंदिर, जगतनाथ मंदिर, अमांवा मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों के महंतों से मुलाकात कर उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया है।

7 जगहों पर अस्थायी मेडिकल कैंप

स्वास्थ्य विभाग ने अयोध्या धाम में 7 स्थानों पर अस्थायी मेडिकल कैंप लगाया है। श्रीराम हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गयी हैं। रामपथ और एयरपोर्ट से अयोध्या धाम तक आने वाले सभी मार्गों की साज-सज्जा की गयी है। सीएम योगी आदित्यनाथ भी दोपहर 2 से 3 बजे के बीच अयोध्या धाम पहुंचेंगे।

Published / 2025-11-22 20:06:58
माल ढुलाई के मामले में रेलवे का नया रिकॉर्ड

माल ढुलाई में रेलवे ने पार किया 1 बिलियन टन का आंकड़ा, जानें किन सेक्टरों का रहा सबसे बड़ा योगदान 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। इस समय रेलवे प्रतिदिन लगभग 4.4 मिलियन टन माल ढो रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ती लोडिंग न केवल रेलवे की परिचालन क्षमता को दर्शाती है, बल्कि अर्थव्यवस्था में जारी मजबूती का भी संकेत देती है। 

भारतीय रेलवे ने मौजूदा वित्त वर्ष में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 19 नवंबर तक रेलवे की फ्रेट लोडिंग 1,020 मिलियन टन के पार पहुंच गयी है। यह आंकड़ा बताते हैं कि देश में औद्योगिक गतिविधियां, उत्पादन और ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। 

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस समय रेलवे प्रतिदिन लगभग 4.4 मिलियन टन माल ढो रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ती लोडिंग न केवल रेलवे की परिचालन क्षमता को दशार्ती है, बल्कि अर्थव्यवस्था में जारी मजबूती का भी संकेत देती है। 

माल ढुलाई में सबसे बड़ा योगदान कोयले का रहा है। इस वर्ष कोयले की लोडिंग 505 मिलियन टन तक पहुंच गई, जो कुल फ्रेट का करीब आधा है। इसके बाद लोहा अयस्क 115 मिलियन टन, सीमेंट 92 मिलियन टन, कंटेनर ट्रैफिक 59 मिलियन टन और स्टील से जुड़े उत्पाद 47 मिलियन टन दर्ज किये गये। उर्वरक, खनिज तेल, खाद्यान्न और अन्य वस्तुएं भी माल ढुलाई बढ़ाने में लगातार योगदान दे रही हैं।

Published / 2025-11-22 15:06:46
गढ़वा के लाल विवेक पाण्डेय को लाल आतंक के सफाए के लिए मिली सर्वश्रेष्ठ एंटी-नक्सल अभियान ट्रॉफी

  • झारखंड के सपूत, ITBP कमांडेंट विवेक कुमार पांडेय को लाल आतंक के सफाए के लिए सर्वश्रेष्ठ एंटी-नक्सल अभियान ट्रॉफी

टीम एबीएन, रांची /उधमपुर। झारखंड के गढ़वा जिले से आने वाले भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के कमांडेंट विवेक कुमार पांडेय को छत्तीसगढ़ में असाधारण ऑपरेशनल सफलता और क्षेत्र में व्यापक सामुदायिक सेवा के लिए प्रतिष्ठित सर्वश्रेष्ठ नक्सल विरोधी बटालियन ट्रॉफी से सम्मानित किया गया है।

कमांडेंट पांडेय की 27वीं बटालियन, जो छत्तीसगढ़ के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र  मानपुर में तैनात है, को यह सम्मान ITBP के डीजी प्रवीण कुमार द्वारा वार्षिक बल स्थापना दिवस महानिदेशक परेड के दौरान जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, जम्मू कश्मीर में प्रदान किया गया। महानिदेशक ने यूनिट के उत्कृष्ट अभियान कौशल और प्रदर्शन की सराहना की।

गढ़वा के बेटे ने किया गौरवपूर्ण प्रदर्शन
गढ़वा जिले के मझिआँव थाना क्षेत्र के ऊंचरी ग्राम निवासी कमांडेंट विवेक कुमार पांडेय स्वर्गीय रामनाथ पांडेय के सुपुत्र हैं, पत्रकारिता और इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएट हैं, और वर्ष 2003 से ITBP में सेवारत हैं, इस दौरान आप जम्मू कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, असम, उत्तराखंड, नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ एवं केरल में तैनात रहे हैं।

उनकी प्रारंभिक शिक्षा सुदूर ग्रामीण क्षेत्र घाघरा, गुमला के सरकारी स्कूलों और उच्च शिक्षा रांची कॉलेज और तदन्तर इतिहास विभाग, रांची विश्वविद्यालय से वर्ष 2001 से 2003 के मध्य पूर्ण हुई और इसके बाद पहले एसएससी और फिर यूपीएससी प्रतियोगी परीक्षा पास कर अधिकारी बने, फोर्स के एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में उनकी यह उपलब्धि न केवल ITBP के लिए, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। 

कमांडेंट विवेक को वर्ष 2007 में असम में उल्फा के उग्रवादियों के विरुद्ध बहादुरी अभियानों के लिए सेनाध्यक्ष के प्रशंसा डिस्क COAS कमेंडेशन से भी सम्मानित किया जा चुका है। 

छत्तीसगढ़ में निर्णायक नक्सल-रोधी कार्रवाई

मोहला-मानपुर के चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में 2023 में कमांडेंट के रूप में तैनाती के बाद, कमांडेंट विवेक कुमार पांडेय ने गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) और कांकेर की सीमाओं के निकट कई बड़े रणनीतिक अभियान चलाए।

उनकी बटालियन ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ में एक प्रभावशाली ट्रैक रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिसे केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक नक्सल आतंक को समाप्त करने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ऑपरेशनल सफलता के मुख्य बिंदु

  1. अगस्त 2025 में बड़ी सफलता: बटालियन ने एक महत्वपूर्ण मुठभेड़ में दो वरिष्ठ नक्सल कमांडरों को मार गिराया। इनमें राज्य जोनल समिति सदस्य विजय रेड्डी और राजनांदगांव कांकेर बॉर्डर (RKB) डिवीजन सचिव लोकेश सलामे शामिल थे।
  2. शीर्ष कमांडरों का आत्मसमर्पण/गिरफ्तारी: दो बड़े कमांडरों के मारे जाने के अलावा, बटालियन ने कुल नौ अन्य शीर्ष नक्सली नेताओं (चार DVCM और पांच ACM) को गिरफ्तार करने और उनका आत्मसमर्पण करवाने में सफलता प्राप्त की। दर्ज़नों नक्सली समर्थकों को गिरफ्तार करवाया गया जिससे क्षेत्र में वामपंथ उग्रवाद का लगभग सफाया हो गया है 
  3. लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन ध्वस्त: छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ कमांडेंट विवेक की आईटीबीपी बटालियन द्वारा मिलकर की गई आक्रामक कार्रवाइयों ने नक्सलियों की लॉजिस्टिक आपूर्ति श्रृंखला को पूर्णतया ध्वस्त कर दिया है। यह वही क्षेत्र है जहां जुलाई 2009 में कोरकुट्टी मुठभेड़ में तत्कालीन राजनंदगांव के एस पी वी.के. चौबे और 28 पुलिसकर्मियों ने शहादत दी थी। सुरक्षा के साथ-साथ सेवा भी 27वीं ITBP बटालियन को उसकी सुरक्षा भूमिका से परे, सामुदायिक कल्याण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के लिए भी विशेष रूप से सराहा गया है:
  4. स्वास्थ्य सेवा: बटालियन ने एक फील्ड अस्पताल और क्षेत्र का पहला पशु चिकित्सा फील्ड अस्पताल स्थापित किया। इसने लगभग 35 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जनजातीय गांवों के 6,000 से अधिक ग्रामीणों और उनके हजारों पालतू पशुओं को आवश्यक चिकित्सीय देखभाल प्रदान की।
  5. युवा सशक्तिकरण: कमांडेंट पांडेय ने छत्तीसगढ़ में स्वयं पहल करके औंधी क्षेत्र के स्थानीय आदिवासी युवाओं के लिए एक करियर परामर्श और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया, जिसमें उन्हें SSC और छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल जैसी सरकारी भर्ती परीक्षाओं को पास करने के लिए सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया गया।

मई 2025 में, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं आईटीबीपी के सीतागांव कंपनी ऑपरेटिंग बेस का दौरा कर 27वीं बटालियन और कमांडेंट विवेक की सुरक्षा और सतत विकास दोनों को बढ़ावा देने में मिली सफलता की सार्वजनिक रूप से सराहना की थी।

Published / 2025-11-22 15:01:10
तेजस विमान दुर्घटना पर राजनाथ सिंह ने जताया दुख

  • राजनाथ ने तेजस विमान दुर्घटना में पायलट की मौत पर दुख व्यक्त किया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुबई एयर शो में भारतीय वायु सेना के एक तेजस विमान की दुर्घटना में पायलट की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है।

श्री सिंह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, दुबई एयर शो में हवाई प्रदर्शन के दौरान वायु सेना के एक बहादुर और साहसी पायलट के जाने से बहुत दुख हुआ। दुखी परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस दुख की घड़ी में पूरा देश परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।

Published / 2025-11-21 18:07:03
आयुष मंडप बना आकर्षण का केंद्र

  • भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में आयुष मंडप बना आकर्षण का केंद्र

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आयुष मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में अपना मंडप स्थापित किया है जो आगंतुकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

आयुष मंडप देश की पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों को प्रदर्शित कर रहा है। आयुष के साथ स्वस्थ भारत, श्रेष्ठ भारत थीम के अंतर्गत, आयुष संस्थान अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयुष मंडप लोगों को खास तौर पर खाद्य-आधारित प्रदर्शनियाँ, निःशुल्क परामर्श और डिजिटल स्वास्थ्य को लेकर आकर्षित कर रही है।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने रागी नाचोस और मुडगा सूप प्रीमिक्स जैसी वस्तुओं के माध्यम से आयुर्वेद-आधारित पोषण का प्रदर्शन किया है। मंडप में बच्चों, युवाओं और परिवारों को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के गतिविधियों को भी आयोजित किया जा रहा है। जैसे बच्चों के लिए चित्रकला, स्वास्थ्य आधारित खेल और फोटो बूथ भी लगाया गया हैं। 

यहां आगंतुकों के लिए नि शुल्क स्वास्थ्य जांच और आयुष औषधियां भी दी जा रही हैं। इस मंडप में केंद्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद गुड़हल की चाय और पंचमुट्टी कांजी जैसे खाद्य उत्पादों के माध्यम से निवारक पोषण का प्रदर्शन कर रही है, जो स्वास्थ्य के काफी फायदेमंद हैं। मंडप की बहु-प्रणाली प्रदर्शनी, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आकर्षक गतिविधियाँ लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं और आयुष परंपराओं में निहित समग्र और निवारक स्वास्थ्य प्रथाओं के बारे में जागरूकता बढ़ा रही हैं। 

आगंतुकों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, नारा लेखन, स्वास्थ्य-आधारित खेल और प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं। गौरतलब है कि भारत मंडपम में भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 14 नवंबर से शुरू हुआ है और आगामी 27 नवंबर तक चलेगा।

Published / 2025-11-20 20:30:59
जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम की गवाह बनीं महामहिम मुर्मू

जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, इस बात पर जतायी खुशी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, सरगुजा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल हुईं। मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समुदायों का योगदान भारत के इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय है, जो लोकतंत्र की जननी है। इसके उदाहरण प्राचीन गणराज्यों के साथ-साथ कई जनजातीय परंपराओं में भी देखे जा सकते हैं, जैसे कि बस्तर में मुरिया दरबार जो आदिम लोगों की संसद है। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि जनजातीय विरासत की जड़ें छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों में गहरी हैं। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 नवंबर से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव पखवाड़े को बड़े स्तर पर मनाया। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले एक दशक में, जनजातीय समुदायों के विकास और कल्याण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर योजनाएं विकसित और कार्यान्वित की गयी हैं। 

पिछले वर्ष, गांधी जयंती के अवसर पर धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान का लाभ देश भर के 5 करोड़ से अधिक जनजातीय भाई-बहनों तक पहुंचेगा। वर्ष 2023 में, 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन अभियान) शुरू किया गया। ये सभी योजनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार जनजातीय समुदायों को कितनी प्राथमिकता देती है। 

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समुदायों के विकास प्रयासों को नयी ऊर्जा देने के लिए, भारत सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के वर्ष के दौरान आदि कर्मयोगी अभियान शुरू किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस अभियान के तहत देश भर में लगभग 20 लाख स्वयंसेवकों का एक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर काम करके जनजातीय समुदायों का विकास सुनिश्चित करेंगे। 

राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि छत्तीसगढ़ सहित देश भर में लोग वामपंथी उग्रवाद का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के सुविचारित और सुसंगठित प्रयासों से निकट भविष्य में वामपंथी उग्रवाद का उन्मूलन संभव हो पाएगा। 

उन्होंने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि हाल ही में आयोजित बस्तर ओलंपिक्स में 1,65,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय महापुरुषों के आदर्शों का पालन करते हुए, छत्तीसगढ़ के लोग एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अमूल्य योगदान देंगे।

Published / 2025-11-19 17:41:30
उरी में एलओसी पर सेना का तलाशी अभियान जारी

सेना ने संदिग्ध बैट गतिविधि के बाद उरी में एलओसी पर तलाशी अभियान शुरू किया 

एबीएन सेंट्रल डेस्क (श्रीनगर)। सेना ने एक अग्रिम रक्षात्मक स्थान के आगे संदिग्ध गतिविधि का पता चलने के बाद उरी के कमलकोट इलाके में नियंत्रण रेखा के पास घने वन क्षेत्र में बुधवार को व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। 

अधिकारियों ने कहा कि उरी सेक्टर में 12 इन्फैंट्री ब्रिगेड के तहत काम कर रहे 8 राष्ट्रीय राइफल्स के कर्मियों ने नानक कंपनी मुख्यालय में सैनिकों द्वारा फॉरवर्ड डिफेंस लाइन के करीब बॉर्डर एक्शन टीम के संभावित प्रयास को देखने के बाद आपरेशन शुरू किया। बुचर पोस्ट क्षेत्र की ओर देखने वाले ऊबड़-खाबड़ इलाके में इस गतिविधि का पता चला जिससे संदिग्ध घुसपैठियों को रोकने के लिए तत्काल जवाबी कार्रवाई की गयी। 

सूत्रों ने कहा कि सेना ने तुरंत पूरे इलाके को नागरिकों के लिए नो मूवमेंट जोन घोषित कर दिया क्योंकि परिधि को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सैनिकों को वहां भेजा गया था। तलाशी अभियान का विस्तार निकटवर्ती वन गलियारों तक किया गया जो ज्ञात घुसपैठ मार्गों के निकट होने के कारण संवेदनशील बने हुए हैं। 

एलओसी पर मौसम परिवर्तन का फायदा उठाने के लिए घुसपैठियों द्वारा संभावित प्रयासों का सुझाव देने वाली खुफिया सूचनाओं के कारण सैनिक हाल के हफ्तों में पूरे सेक्टर में कड़ी सतर्कता बरत रहे हैं। 

सुबह की घटना ने एक व्यवस्थित क्षेत्र की जांच को प्रेरित किया जिसमें टीमों ने संभावित प्रवेश बिंदुओं, प्राकृतिक कवर और घुसपैठ के प्रयासों के दौरान ऐतिहासिक रूप से उपयोग किये जाने वाले संचार मार्गों की जांच की। अंतिम रिपोर्ट मिलने तक आपरेशन जारी था। 

अधिकारियों ने कहा कि कमलकोट उप-क्षेत्र में स्थिति कड़ी निगरानी में बनी हुई है क्योंकि सेना उन्नत रात्रि दृष्टि और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के साथ आगे की बेल्ट में गतिविधियों की निगरानी कर रही है।

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