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Published / 2022-12-14 23:46:37
चीनी सेना की हरकत गली के गुंडों जैसी : नरवणे

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने चीन पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा है कि चीन हर साल 2-3 हरकतें इसी तरह की करता ही है। उन्होंने यह भी कहा कि 21वीं सदी में भी पीएलए गली के गुंडों की तरह बर्ताव करता है।

पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने कहा है कि चीन हर साल इस तरह की दो-तीन कोशिशें करता है और हर बार उन्हें शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी एक तरफ तो 21वीं सदी की आधुनिक सेना होने का दावा करती है लेकिन दूसरी तरफ वह हुड़दंग के स्तर तक गिर चुकी है। ये हास्यास्पद है। नरवणे ने कहा कि भारतीय सेना चीन की किसी भी हिमाकत के लिए हमेशा तैयार है।

Published / 2022-12-14 23:33:26
मालदा : दुर्घटनाग्रस्त होने से बची इंटरसिटी एक्सप्रेस

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार में पूर्व रेलवे के मालदह मंडल के भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर बुधवार को सुल्तानगंज स्टेशन के समीप 13409 मालदह-किऊल इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गयी। मालदह से किऊल जा रही 13409 इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन के बुधवार को सुल्तानगंज स्टेशन से खुलने के बाद कुछ दूरी पर किसी डिब्बे के सीवीसी कप्लिंग के अचानक खुल जाने से ट्रेन के पीछे से चार डिब्बे अलग हो गए और ट्रेन दो भागों में विभक्त हो गई।

सूत्रों ने बताया कि उक्त ट्रेन के दो भागों में विभक्त होने के बाद ट्रेन के गार्ड की सूचना पर चालक ने आपातकालीन ब्रेक का इस्तेमाल कर ट्रेन को रोका। इस हादसे के बाद ट्रेन के यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।

सूत्रों ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही सुल्तानगंज और भागलपुर से रेल अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रेन से अलग हुए चार डिब्बे को दुरुस्त करने के बाद करीब एक घंटे के विलंब से ट्रेन को रवाना करवाया। इस बीच मालदह के मंडल रेल प्रबंधक विकास चौबे ने इस हादसे की जांच के लिए एक टीम गठित करने का निर्देश दिया है।

Published / 2022-12-14 12:33:52
सांसद संजय सेठ ने लोकसभा में उठायी आवाज, कहा- अंधविश्वास बढ़ाने वाली चंगाई सभाओं पर लगायी जाये रोक

टीम एबीएन, रांची। रांची के सांसद संजय सेठ ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान नियम 377 के तहत अंधविश्वास बढ़ाने वाली चंगाई सभाओं पर रोक लगाने की मांग की। सांसद ने कहा कि झारखंड में डायन बिसाही जैसे अंधविश्वास के कारण प्रत्येक वर्ष आधा दर्जन से अधिक लोग मौत का शिकार होते हैं। एक तरफ इस परिस्थिति से झारखंड जूझ रहा है तो दूसरी तरफ बीते कुछ वर्षों में झारखंड में चंगाई सभा के नाम पर अंधविश्वास का खेल भी बढ़ा है। प्रार्थना महोत्सव के नाम पर में मूल रूप से लोगों को स्वस्थ करने का झांसा दिया जाता है। इसके बड़े-बड़े होर्डिंग पोस्टर छपते हैं, जिसमें गंभीर बीमारियों सहित शारीरिक दिव्यांगता को ठीक करने का दावा किया जाता है। अंधविश्वास बढ़ाने वाली इन सभाओं में मुर्दों के जी उठने की भी बात कही जाती है।

वहीं संजय सेठ ने सदन में कहा कि यह कार्य झारखंड से बाहर के धर्म प्रचारकों व पादरियों द्वारा किया जाता है। इस वजह से चंगाई सभाओं में भयंकर भीड़ बढ़ी है और इसकी आड़ में धर्मांतरण का भी कार्य हो रहा है। सांसद ने सदन के माध्यम से आग्रह किया कि इस तरह की सभाओं पर रोक लगे। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाये जायें  क्योंकि यह सिर्फ झारखंड की समस्या नहीं है। आदिवासी बहुल जितने भी क्षेत्र हैं उन सभी की समस्या है। इस तरह के अंधविश्वास बढ़ाने वाली सभाओं पर तत्काल रोक लगाना चाहिए।

Published / 2022-12-14 12:27:32
देश में कोरोना : 24 घंटे में मिले 152 नये संक्रमित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 152 नये मामले सामने आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,75,247 हो गयी, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,846 पर पहुंच गयी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में लगातार तीसरे दिन संक्रमण से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया और मृतक संख्या 5,30,658 पर स्थिर है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,846 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.01 प्रतिशत है।

पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में एक मामले की वृद्धि दर्ज की गयी। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.80 प्रतिशत है। देश में अभी तक कुल 4,41,40,743 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 219.98 खुराक दी जा चुकी हैं।

गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गयी थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गये थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गये थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गयी थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार हो गये थे।

Published / 2022-12-13 15:06:35
देश का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल होगा राजकीय दंत चिकित्सा कॉलेज हॉस्पिटल : नीतीश कुमार

टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नालंदा जिले का पैठन-भगन बिगहा का राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल देश का एक सर्वश्रेष्ठ अस्पताल होगा। नीतीश कुमार ने सोमवार को नालंदा जिले के रहुई प्रखंड स्थित राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल पैठना-भागनबिगहा उद्घाटन करने के बाद कहा कि यह बिहार ही नहीं देश का एक खास अस्पताल है, जहां इलाज के साथ-साथ पढ़ने की भी काफी अच्छी सुविधा है। दांतों के इलाज के अलावा अन्य प्रकार की चिकित्सा के लिए भी यहां सौ बेड का इंतजाम रहेगा। यहां चिकित्सकों के रहने की भी व्यवस्था रहेगी।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने मई 2023 तक इस राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का काम पूरे करने के प्रति उन्हें आश्वस्त किया है। अपना दांत दिखाने के लिए अब वह भी यहीं आएंगे। अब तक दिल्ली एम्स जाते रहे हैं। यहां जितनी अच्छी व्यवस्था है उतना दिल्ली एम्स में भी नहीं है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से आह्वान करते हुए कहा कि यहां दंत चिकित्सा के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचेंगे। काफी बेहतर ढंग से उनका इलाज करें। महिला चिकित्सक भी यहां पदस्थापित हैं। महिलाओं को इलाज में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। नालंदा जिला में मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज भी बनवाया गया है और अब दंत चिकित्सा के लिए भी इस अस्पताल का निर्माण करवाया गया है। जो लोग इलाज के लिए यहां आएं उन्हें कोई असुविधा न हो इसके लिए मेंटेनेंस के साथ-साथ साफ-सफाई का भी पुख्ता प्रबंध रखें। हर प्रकार से काम करवाया जा रहा है। उनकी सरकार पूरे बिहार में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज बनवा रहे हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि कोरोना के दौर में भी काफी अच्छे ढंग से जांच और इलाज की व्यवस्था पूरे बिहार में की गई थी। अभी भी प्रतिदिन कोरोना का जांच की जा रही है, इसकी रिपोर्ट उन्हें हर रोज मिलती है। पूरे देश में 10 लाख की आबादी पर कोरोना जांच की संख्या औसतन 6 लाख 50 हजार थी जबकि यह बिहार में 8 लाख से भी ज्यादा है। केंद्र सरकार द्वारा कोरोना मृतक के आश्रितों को मात्र 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का प्रावधान किया गया जबकि उनकी सरकार शुरू से ही 4 लाख रुपये दे रही है। अभी भी जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में कोरोना मृतक के मुआवजा की शिकायतें मिलती हैं, उन्हें भुगतान करने की दिशा में कार्रवाई की जाती है।

Published / 2022-12-13 14:55:49
कर्नाटक : जीका वायरस से पीड़ित पांच साल की बच्ची की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कर्नाटक में जीका वायरस का पहला मामला सामने आया है। पांच साल की बच्ची में जीका वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने बताया कि पांच साल की बच्ची के जीका वायरस से संक्रमित होने के बाद एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में जीका वायरस का यह पहला मामला है और सरकार स्थिति की सावधानीपूर्वक निगरानी कर रही है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है।

Published / 2022-12-13 14:09:25
प्रियंका गांधी को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में जुटी कांग्रेस

  • प्रियंका गांधी कांग्रेस में ले रही हैं महत्वपूर्ण फैसले
  • क्या पार्टी में और बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी कर रही हैं

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस पार्टी के नये अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जब पार्टी पदाधिकारियों की नई टीम की घोषणा करेंगे तब प्रियंका गांधी बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। रायपुर (छत्तीसगढ़) में फरवरी के दूसरे पखवाड़े में होने वाले पार्टी के सत्र के बाद खरगे अपनी नई टीम की घोषणा कर सकते हैं। खरगे की अध्यक्षता की पुष्टि करने के लिए पूर्ण सत्र बुलाया गया है, जो कांग्रेस पार्टी के संविधान के तहत अनिवार्य है। प्रियंका गांधी को या तो पार्टी के उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है या राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर बनाए रखा जा सकता है और उन्हें पार्टी में प्रत्यक्ष और बड़ी भूमिका निभाने में सक्षम बनाने के लिए संगठन का प्रभार दिया जा सकता है।

राहुल गांधी के वफादार केसी वेणुगोपाल अभी महासचिव (संगठन) के पद पर हैं, जिन्हें पार्टी में किसी अन्य भूमिका की पेशकश की जा सकती है। संभव है कि प्रियंका गांधी को उत्तरप्रदेश के प्रभारी महासचिव के अलावा कोई दूसरी जिम्मेदारी दी जाये। उन्हें यह भूमिका उनके बड़े भाई राहुल गांधी ने 2019 के आम चुनाव से ठीक पहले दी थी। हालांकि, पार्टी 2019 के आम चुनावों और 2022 के राज्य विधानसभा चुनावों में उत्तरप्रदेश में बुरी तरह विफल रही थी। इससे प्रियंका के नेतृत्व की क्षमता पर एक बड़ा सवालिया निशान लग गया था। 

हालांकि, हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों ने उनकी प्रतिष्ठा लौटाई है। उन्होंने दूसरे वरिष्ठ राष्ट्रीय नेताओं की गैरमौजूदगी में पार्टी के प्रचार का नेतृत्व किया। एक तरह से उनकी जिम्मेदारी में प्रस्तावित बदलाव केवल उस भूमिका को औपचारिक रूप देगा जो वह पहले से निभा रही हैं।

प्रियंका गांधी ले रही हैं सभी बड़े फैसले
सोनिया गांधी द्वारा पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने और राहुल गांधी के अपनी महत्वाकांक्षी भारत जोड़ो यात्रा में व्यस्त होने के बाद से प्रियंका सभी बड़े फैसले ले रही हैं। इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मुख्यमंत्री पद छोड़ने की अनिच्छा प्रदर्शित करने के बाद खरगे को कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में अपना नामांकन दाखिल करने में अहम भूमिका निभाना शामिल है।
जब दिग्विजय सिंह ने अपना नामांकन भरने के लिए फॉर्म लिया था, तब प्रियंका ने सोनिया गांधी के साथ लंबी बैठक के बाद खरगे को अपना नामांकन दाखिल करने के लिए कहा था। ऐसा कहा जाता है कि वह दिग्विजय सिंह के पार्टी का नेतृत्व करने के विचार से सहज नहीं थीं, क्योंकि सिंह अक्सर अपने विवादास्पद बयानों से पार्टी को संकट में डाल चुके हैं।

यह भी बताया जा रहा है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू को हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री और मुकेश अग्निहोत्री उनका डिप्टी बनाने में प्रियंका ने अहम भूमिका निभाई है, ताकि पार्टी में गुटबाजी को खत्म किया जा सके। 8 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के विजयी होने के 48 घंटों के भीतर सुक्खू को सरकार का नेतृत्व करने का काम सौंपा गया। योजना के मुताबिक, सभी 40 नये विधायकों को कहा गया कि वे नेतृत्व के मुद्दे पर उलझे न और पार्टी आलाकमान को इस पर फैसला लेने दें।
राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने निर्णय लेने में समय लिया
पार्टी ने अगले ही दिन सुक्खू को मुख्यमंत्री और अग्निहोत्री को उपमुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की और रविवार को दोनों ने शपथ ली। बीते सालों में पार्टी फौरी फैसला नहीं ले पा रही थी, जिसकी वजह से 2017 में उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी थी। कांग्रेस गोवा और मणिपुर में त्रिशंकु विधानसभाओं में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी दोनों राज्यों में सरकारों का नेतृत्व करने पर तत्काल निर्णय नहीं ले सके थे। इसने भाजपा को सरकार बनाने में सक्षम बनाया।
अगले साल मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी यही अनिर्णय देखा गया। राहुल गांधी के नेतृत्व वाली पार्टी ने मुख्यमंत्रियों के नाम तय करने में समय लिया। इसके कारण कलह हुई। उन्होंने युवा नेताओं ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट को टूटे दिलों के साथ छोड़ते हुए मध्य प्रदेश और राजस्थान में कमलनाथ और अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया। टीएस सिंह देव को ढाई साल बाद पद देने का वादा करके एक रोटेशन योजना के तहत भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाया गया। 
सिंधिया ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गये। भाजपा पिछले दरवाजे से मध्यप्रदेश की सत्ता में लौटी और अभी भी नेतृत्व के मुद्दे पर राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पार्टी परेशानी का सामना कर रही है। 
प्रियंका ने सुक्खू को सत्ता सौंपकर राजनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया
राज्य इकाई की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के साथ हिमाचल प्रदेश में भी ऐसा ही नजारा था। प्रतिभा कांग्रेस के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह की पत्नी हैं। प्रियंका ने हिमाचल कांग्रेस की राजनीति को वीरभद्र के सिंह महल से बाहर निकालकर और सुक्खू को सत्ता सौंपकर राजनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया। अग्निहोत्री वीरभद्र सिंह परिवार के करीबी माने जाते हैं। साथ ही प्रतिभा सिंह के विधायक पुत्र विक्रमादित्य सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया जायेगा। कुछ ही समय में संभावित संघर्ष को शांत कर दिया गया।

Published / 2022-12-12 20:23:49
फरीदाबाद : चार हजार रिश्वत लेते सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। फरीदाबाद विजिलेंस विभाग ने सोमवार को चार हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों एक सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार सब इंस्पेक्टर का सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया और आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। पकड़े गए सब इंस्पेक्टर की पहचान महेंद्र पाल के रूप में हुई है, जो कि सेक्टर-3 पुलिस चौकी में तैनात था और भैंस चोरी के मामले में कार्यवाही करने के लिए शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना फरीदाबाद विजिलेंस टीम को दी, जिस पर आज योजनाबद्ध तरीके से सब इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा।

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