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Published / 2022-12-19 22:26:48
पीएम मोदी से मिले गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, कहा- हमें आपसे प्रेरणा मिलती है...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पिचाई ने मुलाकात के बाद पीएम मोदी के साथ की तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा कि आपके नेतृत्व के अंदर तकनीकी बदलाव की तेज रफ्तार को देखना प्रेरणा देता है। सुंदर पिचाई गूगल भारत में गूगल का सबसे बड़ा इवेंट गूगल फॉर इंडिया के 8वें एडिशन में शामिल होने के लिए भारत आए हुए हैं। यह इवेंट दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में सूचना एवं तकनीकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी शामिल हुए थे। 

सुंदर पिचाई ने ट्वीट करते हुए लिखा कि हमारी मजबूत साझेदारी को जारी रखने और सभी के लिए काम करने वाले एक खुले, कनेक्टेड इंटरनेट को आगे बढ़ाने के लिए भारत की जी20 अध्यक्षता का समर्थन करने के लिए हम तत्पर हैं। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ भारत में एआई और एआई आधारित सॉल्यूशन को लेकर चर्चा की। पिचाई ने इस दौरान कहा कि कुछ ऐसा बनाना आसान है, जो पूरे देश में फैला हो और यही वह अवसर है, जो भारत के पास है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि स्टार्टअप करने के लिए कोई बेहतर क्षण नहीं है, भले ही हम अभी मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति के माध्यम से काम कर रहे हैं। 

वहीं सूचना एवं तकनीकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई चर्चा को लेकर सुंदर पिचाई ने ट्वीट किया कि आज हुए जीवंत बातचीत करने के लिए अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद। वहीं बातचीत को मॉडरेट करने के लिए श्रद्धा शर्मा का भी शुक्रिया। एआई, स्टार्टअप्स और प्रोद्योगिकीविदों की अगली पीढ़ी के साथ अभी भारत में हो रही रोमांचक चीजों से उत्साहित हूं।

Published / 2022-12-19 21:34:50
पीएम मोदी से मिले दानिश आजाद अंसारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। भेंट के दौरान दानिश आजाद अंसारी ने प्रधानमंत्री को विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। 
उन्होंने अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर प्रदेश भर के मदरसों में आयोजित हुई विज्ञान प्रदर्शनी और आगामी दिनों में होने वाले मदरसा स्तर के खेलकूद प्रतियोगिता व अल्पसंख्यक रोजगार मेले के बारे में अवगत कराते हुए राज्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। 

पीएम ने विभिन्न अल्पसंख्यक मसलों पर चर्चा करते हुए राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी को अल्पसंख्यक समाज और नौजवानों के लिए बेहतर से बेहतर काम करने को कहा। पीएम ने कहा कि जिस तरीके से सरकार ईमानदारी से सभी योजनाओं का सीधा लाभ अल्पसंख्यक समाज को दे रही है और उनका विकास हो रहा है इसको आगे भी ऐसे ही जारी रखते हुए सबका साथ सबका विकास के नारे पर ईमानदारी से काम करना है। खासतौर पर पसमांदा समाज के बारे में चर्चा करते हुए पीएम ने कहा कि पिछड़ा पसमांदा समाज के बेहतर शिक्षा और रोजगार पर गंभीरता से कार्य करना है।

Published / 2022-12-19 17:33:18
उड़ान 2023 : उत्सव दृढ़ता, कड़ी मेहनत और सफलता का

एबीएन सेंट्रल डेस्क। वर्ष के अंतिम छोर पर पहुंचने के साथ ही पीआर 24७7 ने अपने वार्षिक कार्यक्रम, उड़ान के 11वें संस्करण का आयोजन किया। पुराने तमाम संस्करणों की यादों के साथ यह इवेंट तुलनात्मक रूप से सबसे खास रहा, क्योंकि इसका आयोजन कंपनी के नवीनतम आफिस में किया गया, जो टीम को लंबे समय तक अपने करीब रखने वाली मीठी यादें दे गया, जो वास्तव में देखने लायक था। 

इवेंट की शुरुआत रेनोवेटेड आॅफिस के भव्य उद्घाटन के साथ हुई। इस इवेंट को करने का उद्देश्य विशेष रूप से एम्प्लॉयीज की वर्ष भर की कड़ी मेहनत और प्रयासों को पहचानने के साथ ही उन्हें सम्मानित करना रहा। एम्प्लॉयीज ने कई गतिविधियों, जैसे- डांस, सॉन्ग, ट्रेजर हंट, ग्रुप एक्ट्स आदि में भाग लेकर इवेंट की शोभा बढ़ाई। इसमें कोई दो राय नहीं है कि पीआर 24७7 हमेशा से ही एक परिवार की तरह रहा है और टीम के सदस्यों को व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास दोनों के लिए प्रोत्साहित करने में कोई कमी नहीं रखता है। 

इवेंट में अपने निरंतर प्रयासों से कंपनी की सफलता में योगदान देने वाले कई एम्प्लॉयीज के प्रमोशन्स भी हुए। इसके साथ ही पाँच एम्प्लॉयीज विनीत भट्ट, भगवान सिंह, परिणीता नागरकर, मीना बिसेन, आसिफ पटेल और सपना ढोले को स्टार आफ द ईयर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। अंत में, विकास राजौरा ने वोट आॅफ थैंक्स देकर कार्यक्रम का समापन किया। 

स्टार आफ द ईयर पुरस्कार जीतने पर अपना उत्साह व्यक्त करते हुए, विनीत भट्ट, सीनियर मैनेजर, मीडिया मॉनिटरिंग पीआर 24 गुणा 7, ने कहा, यह अनुभव मेरे लिए बेहद खास रहा। कड़ी मेहनत कभी विफल नहीं होती है और यह पुरस्कार इसका जीता-जागता उदाहरण है। मैं आभारी हूँ कि पीआर 24 गुणा 7 ने न सिर्फ मेरे परिश्रम को पहचाना, बल्कि इसके लिए मुझे सम्मानित भी किया। यह मेरे लिए बेहद गर्व का विषय है। मैं इस सम्मान के लिए कंपनी का धन्यवाद् देना चाहता हूं। 

पुरस्कार प्राप्त करने के क्षण को याद करते हुए, आसिफ पटेल, डीएमएम, पीआर 24 गुणा 7, ने कहा कि यह पुरस्कार मेरे लिए कितना मायने रखता है, इसे लेकर मैं शब्दों में अपनी खुशी बयां नहीं कर सकता। यह ऐसा था, जैसे मैं सातवें आसमान पर हूं। बहुत अच्छा लगता है जब आपके काम और प्रयासों को पहचाना जाता है, वह भी इतने भव्य तरीके से। बीते वर्ष ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है और मैं अपने काम में अपना सर्वश्रेष्ठ देना जारी रखूंगा। 

इस इवेंट के बारे में बात करते हुए सुरभि पाटीदार, सीनियर एग्जीक्यूटिव, पीआर 24 गुणा 7, ने कहा कि यह पल हम सभी के लिए प्रेरणा से भरपूर था। इसने हमें कड़ी मेहनत करने और काम में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि हम जानते हैं कि मेहनत का फल मीठा होता है। 

रोहित ढोलिया, सीनियर एग्जीक्यूटिव, पीआर 24 गुणा 7 ने कहा कि यह एक शानदार अनुभव था। हर एम्प्लॉयी चाहता है कि वर्कप्लेस में उसकी एक अलग पहचान हो। और जब इसे इतने बड़े पैमाने पर मनाया जाता है, तो आनंद दस गुना हो जाता है। हम पर भरोसा करने के लिए पीआर 24 गुणा 7 को धन्यवाद्। अपनी क्षमताओं के साथ मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तत्पर हूं। 

चाहे वह विभिन्न त्योहारों को मनाने के बारे में हो या फैमिली डे के रूप में काम और जीवन के बीच संतुलन बनाने पर जोर देना हो, पीआर 24 गुणा 7 कॉर्पोरेट इंडस्ट्री में क्रांतिकारी बदलाव लाने में हमेशा ही सबसे आगे रहा है। इस प्रकार, उड़ान, कंपनी को सफलता की राह पर ले जाने के लिए एम्प्लॉयीज के निरंतर प्रयासों को पहचानने और उनकी सराहना करने का उत्सव है। 

जानें पीआर 24 गुणा 7 के बारे में : 
भारत के मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित पीआर 24़7, अग्रणी पीआर एजेंसियों में से एक है, जिसका सफल पीआर ब्रीफ देने का ट्रैक रिकॉर्ड है। अत्यधिक अनुभवी पीआर प्रोफेशनल की अपनी टीम के साथ, पीआर 24़7, ब्रांड्स कम्युनिकेशन इंडस्ट्री, मीडिया रिलेशन्स और क्रिएटिव स्ट्रेटेजिक प्लानिंग के क्षेत्र में अपने अनुभव के साथ, उनकी प्रतिष्ठा को बेहतर बनाने में मदद करता है। वर्तमान में, संगठन में एक विशाल ग्राहक शृंखला और लगभग 75+ प्रोफेशनल की एक जोशीली और अनुभवी टीम।

Published / 2022-12-18 22:13:40
जानलेवा सफाई... जरूरी है सफाई कर्मियों का गरिमापूर्ण पुनर्वास

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 21वीं सदी में यह शर्मनाक स्थिति है कि तमाम वैज्ञानिक-तकनीकी उन्नति के बावजूद बीते पांच सालों में सीवर व सैप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान चार सौ अनमोल जिंदगियां हमने गंवा दीं। इस साल भी 48 लोगों के मरने की बात कही जा रही है। निस्संदेह, इसके मूल में जहां तंत्र की विफलता निहित है, वहीं समाज की संवेदनहीनता भी है। 

विडंबना है कि स्थानीय निकाय और सफाई करवाने वाले लोग इस दौरान मरने वाले सफाई कर्मियों के आश्रितों के पुनर्वास की जवाबदेही से मुक्त रहते हैं। निस्संदेह, ऐसी मौतें बेहद कष्टकारी हैं और विसंगति के समाज के मुंह पर तमाचा है। हाल ही में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने जब यह जानकारी लोकसभा में दी तो सूचना कई सवालों को जन्म दे गई। 

ये आंकड़े हमारे विकास के थोथे दावों की हकीकत बताते हैं। आखिर क्यों कुछ लोग अपने परिवार के भरण-पोषण के लिये अपना जीवन दांव पर लगाते हैं। आखिर खतरे की आशंका के बावजूद क्यों वे अपना जीवन जोखिम में डालने को बाध्य हैं। क्यों हम ऐसी तकनीकों का प्रयोग नहीं कर पाये जो सफाईकर्मियों को चेता सकें कि सीवर या सैप्टिक टैंक में जहरीली गैस विद्यमान है। क्यों सफाई कर्मी पर्याप्त सुरक्षा व जीवन रक्षा उपकरणों के न होने के बावजूद मौत के कुओं में उतरते हैं। कई बार खतरे में फंसे व्यक्ति को बचाने के प्रयास में कई लोग जान गवां बैठते हैं। यदि समय रहते बचाव व राहत के उपाय अमल में लाये जाएं तो कई जानें बचायी जा सकती हैं। 

निस्संदेह, यह राहत की बात है कि लंबे सामाजिक आंदोलनों व कतिपय राजनेताओं की सार्थक पहल के बाद देश हाथ से मैला ढोने के कलंक से मुक्त हो पाया है। दरअसल, हाथ से मैला ढोने के रोजगार निषेध और पुनर्वास अधिनियम 2013 के अमल में आने से इसे रोका जा सका है। इसके बावजूद यह प्रश्न परेशान करता है कि क्यों आज भी लाखों लोग सैप्टिक टैंकों व सीवर की सफाई के जोखिम भरे कार्य को करने के लिए बाध्य हैं।

दूसरी ओर केंद्र सरकार दावा कर रही है कि मैला ढोने की प्रथा को समाप्त करने के बाद, श्रमिकों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना के तहत वर्ष 2021-22 में 39 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। साथ ही यह भी कि इन हादसों में मरने वाले श्रमिकों के अधिकांश परिवारों को मुआवजा भी दिया गया है। इसके बावजूद जरूरी है कि सफाई कर्मियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाये ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो। 

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए सीवर लाइन व सैप्टिक टैंकों में उतरने वाले सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा मास्क और ऑक्सीजन सिलेंडर जैसे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने को कहा था। ताकि जहरीली गैस होने पर उनके प्राणों की रक्षा की जा सके। साथ ही जरूरी है कि समाज से असमानता को दूर करते हुए सफाई कर्मियों के मानवाधिकारों की रक्षा भी की जाये। यह व्यवस्था कर्म प्रधान होनी चाहिए। इस चुनौतीपूर्ण काम करने वालों को पर्याप्त वेतन और सुविधाएं भी दी जानी चाहिए। ताकि वे गरिमापूर्ण ढंग से अपने कार्य को अंजाम दे सकें। 

ऐसा नहीं होना चाहिए कि समाज में सफाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य करने वालों को हेय दृष्टि से देखा जाये। सही मायनों में यह वर्ग संरक्षण का हकदार है। जिससे इनके बच्चों की बेहतर परवरिश व पढ़ाई हो सके। इसके साथ ही पूरे देश में प्रयास होने चाहिए कि मशीनीकृत सफाई को प्राथमिकता मिले। इसका उद्देश्य रोजगार कम करके मशीनों पर निर्भरता बढ़ाने के बजाय सफाई कर्मियों की जीवन सुरक्षा होना चाहिए। साथ ही सफाई के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों के परिवार की पहचान करने तथा भरण-पोषण के लिये दस लाख रुपये का मुआवजा देने का जो आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया था, उसका संवेदनशीलता के साथ अनुपालन सुनिश्चित होना चाहिए। ऐसा न हो कि पीड़ित सफाईकर्मी के आश्रित मुआवजा पाने की जद्दोजहद में लालफीताशाही का शिकार बनें। सवाल यह भी है कि अमृतकाल का उत्सव मनाते देश में कुछ लोगों के हिस्से में विष क्यों आया है?

Published / 2022-12-18 22:07:24
यूएन में खरी-खरी : सुधारों से ही भारत की बड़ी भूमिका संभव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करने के अवसर का सदुपयोग करते हुए भारत ने प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से आतंकवाद को प्रश्रय देने वाले पाकिस्तान व चीन को कड़ा संदेश दिया है। गाहे-बगाहे कश्मीर के मुद्दे पर भारत को घेरने की कोशिश करने वाले पाक को एक अंतर्राष्ट्रीय मंच से सख्त संदेश देना वक्त की जरूरत थी। वहीं दूसरी ओर यह तथ्य किसी से नहीं छिपा है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर व पंजाब की सीमाओं के जरिये लगातार आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहा है। 

हाल के दिनों में भारतीय सेना और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से घुसपैठ रोकने में मिली कामयाबी के बाद पाक लगातार ड्रोन के जरिये अपने घातक मंसूबों को अंजाम दे रहा है। इतना ही नहीं, वह लगातार नशे व नकली नोटों की खेप भारत भेज रहा है। वहीं चीन अपने मोहरे पाक के अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के निशाने पर आये कुख्यात आतंकवादियों को वीटो की ताकत से संरक्षण देता रहा है। हाल के वर्षों में पाक पोषित कुख्यात आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए- तैयबा के कुख्यात आतंकवादियों पर प्रतिबंध लगाने के भारतीय व अमेरिकी प्रयासों में चीन बाधा डालता रहा है। ये अतिवादी भारत में बड़ी आतंकवादी घटनाओं में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से शामिल रहे हैं। 

यही वजह है कि अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक जगत में प्रतिष्ठा पाने वाले विदेश मंत्री जयशंकर ने चीन को दो टूक शब्दों में स्पष्ट संदेश भी दिया कि कोई भी देश संयुक्त राष्ट्र जैसे प्रतिष्ठित व बहुपक्षीय मंच का उपयोग कूटनीतिक व सामरिक हितों को साधने के लिये नहीं कर सकता। फिलहाल, एक वर्ष तक जब तक सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता का अवसर भारत के पास है, हमारे लिए चीन-पाक के अपवित्र गठबंधन को तार्किक ढंग से बेनकाब करना समय की जरूरत है।

भारत संयुक्त राष्ट्र पर सात दशक बाद भी मुट्ठीभर देशों के वर्चस्व को लगातार चुनौती देता रहा है। भारत का मानना रहा है कि संयुक्त राष्ट्र और इसके आनुषंगिक संगठनों का स्वरूप लोकतांत्रिक होना चाहिए। दरअसल, आज भी इस बहुपक्षीय मंच पर चुनींदा स्थायी सदस्यता वाले देशों ने कब्जा बना रखा है। बदलते वक्त की मांग है कि दुनिया के बड़ी आबादी व विशाल अर्थव्यवस्था वाले देशों को भी स्थायी सदस्य बनने का मौका मिलना चाहिए। यही वजह है कि भारत दुनिया के तमाम देशों में अपनी दावेदारी के समर्थन में लंबे समय से लगातार मुहिम चलाता रहा है। 

निस्संदेह, भारत को मिली सुरक्षा परिषद की अस्थायी अध्यक्षता का पूरा लाभ संयुक्त राष्ट्र में सुधारों के लिए विश्व जनमत तैयार करने के लिए किया जाना चाहिए। हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि वैश्विक पटल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर जोरदार ढंग से अपनी बात को रखते हैं। वे बिना किसी लाग-लपेट के खरी-खरी कहने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि गहराई से देखें तो वैश्विक परिदृश्य में नाटकीय बदलाव सामने आये हैं। लेकिन संयुक्त राष्ट्र में सुधारों पर होने वाली बहस लक्ष्यहीन हो चली है। 

यही वजह है कि सुधारों के लिये वर्किंग ग्रुप के गठन के तीन दशक बाद भी अपेक्षित लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सका है। जिसकी मूल वजह यह है कि स्थायी सदस्यता वाले देशों ने नई व्यवस्था में ताकतवर बनकर उभरे देशों को आगे आने का मौका देने के प्रति ईमानदारी नहीं दिखाई है। निस्संदेह, बदलाव के लक्ष्यों के प्रति दृढ़ इच्छा शक्ति का अभाव हमें आगे नहीं बढ़ने दे रहा है। इसके बावजूद भारत बदलाव के लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित है। विदेश मंत्री ने पाक द्वारा कश्मीर का मुद्दा यूएन में उठाये जाने पर चीन के वीटो के दुरुपयोग पर दो टूक टिप्पणी की थी। उन्होंने पाक विदेश मंत्री को भी खरी-खोटी सुनाई कि जो देश ओसामा बिन लादेन की मेजबानी करता है और पड़ोसी लोकतांत्रिक देश की संसद पर हमला करने वालों को प्रश्रय देता हो, उसे ऐसे मुद्दों पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। 

निस्संदेह, समकालीन वास्तविकताओं के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में परिवर्तन अपरिहार्य हैं। सवाल यह भी है कि कोरोना संकट के बाद उपजे हालातों तथा रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यह संस्था प्रभावी भूमिका क्यों नहीं निभा पा रही है।

Published / 2022-12-18 18:07:45
23 को राजस्थान कांग्रेस को लेकर दिल्ली में अहम बैठक

  • हो सकता है तीन नेताओं के भविष्य पर फैसला

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राजस्थान कांग्रेस को लेकर नई दिल्ली में 23 दिसंबर को प्रस्तावित बैठक में अनुशासनहीनता के आरोपित तीन मंत्रियों पर कार्यवाही हो सकती है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल मौजूद रहेंगे। मंत्री शांति धारीवाल, जलदाय मंत्री महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ को पार्टी ने अनुशासनहीनता के मामले में नोटिस दिया था।

हाल ही में 25 सितंबर को कांग्रेस विधायक दल की जयपुर में बैठक होनी थी और सभी विधायकों को इसमें आना था लेकिन देर रात तक भी गहलोत समर्थक विधायकों की नाराजगी के चलते नहीं विधायक दल की बैठक नहीं हो पाई थी। ऐसे में आलाकमान को अधिकार देने का एक लाइन का प्रस्ताव भी अटक गया था और प्रभारी अजय माकन और पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे अगले दिन दिल्ली लौट गये थे। इसके बाद मुख्यमंत्री गहलोत दिल्ली गये थे और वहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर माफी मांगी थी और कहा कि उन्हें पूरी जिंदगी दुख रहेगा कि वे कांग्रेस आलाकमान के पक्ष में एक लाइन का प्रस्ताव पास नहीं करा सके थे।

कांग्रेस विधायकों की बगावत के मामले को आलाकमान ने गंभीरता से लिया था। इसको लेकर प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने अपनी रिपोर्ट सोनिया गांधी को भेजी थी। इसके बाद पार्टी की अनुशासन समिति ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया और 10 दिन में जवाब देने को कहा था। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने पिछले दिनों अपना जवाब भी भेज दिया था।

 इनमें से सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने ईमेल के जरिए जवाब भिजवाया हैं और उसमें उस दिन की परिस्थितियों की जानकारी दी हैं और खुद की भी स्थिति स्पष्ट की है। इस बीच मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी, आरटीडीसी चेयरमेन धर्मेंद्र राठौड़ दिल्ली भी गये और कुछ नेताओं से मुलाकात की थी।

Published / 2022-12-18 18:01:30
18 को उत्तर बंगाल पहुंचेगी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 18 जनवरी को उत्तर बंगाल में प्रवेश करेगी, जबकि 21 को यात्रा दार्जिलिंग जिला अंतर्गत विधान नगर पहुंचेगी। यह जानकारी रविवार को यहां सर्किट हाउस में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रदीप भट्टाचार्य ने पत्रकार वार्ता में दी।

सांसद भट्टाचार्य ने कहा कि आज उत्तर बंगाल के आठ जिलों के नेतृत्व के साथ भारत जोड़ो यात्रा को लेकर बैठक हुई है। जिसमें भारत जोड़ो यात्रा के कार्यक्रम को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की 100 दिन हो गये हैं। अब यह यात्रा 18 जनवरी को उत्तर बंगाल में प्रवेश करेगी। 

वहीं, 21 को यह यात्रा दार्जिलिंग जिला में प्रवेश करेगी। 22 को यह यात्रा बागडोगरा से निकल कर सिलीगुड़ी पहुंचेगी। इसके बाद 23 को सिलीगुड़ी के दागापुर मैदान में एक सभा आयोजित की जायेगी। सिलीगुड़ी से यह यात्रा पहाड़ के लिए रवाना होगी। यात्रा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के घर पहुंचकर सम्पन्न होगी।

Published / 2022-12-18 09:53:07
मोदी के स्वागत को तैयार त्रिपुरा, राजधानी अगरतला छावनी में तब्दील

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल के साथ-साथ मोदी के ठहरने और जिन जिन रास्तों से होकर रविवार को प्रधानमंत्री का काफिला गुजरना प्रस्तावित है उन सभी जगहों पर तीन स्तरीय सुरक्षा इंतजाम किये गये हैं। यहां आज होने जा रही प्रधानमंत्री की चुनावी रैली में लगभग 70 हजार लोगों की जुटने की संभावना के मद्देनजर शहर में राज्य पुलिस के साथ विशेष सुरक्षा बल (एसपीजी) के लगभग 1500 प्रशिक्षित जवान तैनात किये गये हैं।

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