एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित 94 नए मरीज सामने आए हैं। इस अवधि में 118 मरीज स्वस्थ हुए हैं।केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना वायरस के कुल एक्टिव मामले 1,934 हैं। देश में अबतक 4,41,49,346 लोग कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं।
पिछले 24 घंटे में देशभर में 88 हजार नमूनों की जांच की गयी। अबतक कुल 91.44 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है। देश का मौजूदा रिकवरी रेट 98.81 है और दैनिक संक्रमण की दर 0.11 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में कोरोना वैक्सीन की 39,496 खुराक दी गई। इसके साथ देश में अबतक कुल 220.28 करोड़ वैक्सीन दी जा चुकी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो यात्रा के तहत जम्मू-कश्मीर में हैं। इस दौरान उन्होंने एक खास इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू को कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसमें राहुल गांधी ने हर छोटे-बड़े पहलुओं पर बात की और अपने निजी जीवन के अनुभव और आदतों को भी साझा किया। आइए पढ़तें हैं राहुल गांधी से किए गए हर सवाल और उनके जवाब...
सवाल : आपको खाने में क्या पसंद है?
- राहुल गांधी ने कहा कि मैं हर चीज खाता हूं। मुझे जो भी मिल जाता है, मैं खा लेता हूं। हालांकि, मुझे कटहल और मटर नहीं पसंद है। जब मैं घर पर होता हूं तो खाने पीने को लेकर काफी सख्त रहता हूं। यहां यात्रा के दौरान ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं कश्मीरी पंडित के घर में पैदा हुआ, जो उत्तर प्रदेश आ गए थे। पापा के पिताजी पारसी थे। तो घर का खाना भी सामान्य ही रहता है।
सवाल : शादी कब करेंगे?
- राहुल गांधी ने कहा कि जब कोई सही लड़की मिलेगी, तो शादी कर लूंगा। एक ही शर्त है कि लड़की इंटेलिजेंट होनी चाहिए। उनके माता-पिता की शादी बहुत ही शानदार रही थी। इसलिए विवाह के बारे में उनके ख्याल बहुत ऊंचे हैं। वे भी ऐसा ही किसी जीवनसाथी चाहते हैं।
सवाल : खाने-पीने को लेकर दिल्ली में आपको कौन-कौन सी जगह पसंद है?
- राहुल गांधी ने कहा कि पहले पुरानी दिल्ली जाता था। अब मोती महल जाता हूं। सागर, स्वागत और कभी कभी सरवाना भवन भी जाता हूं। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मैंने संस्कृति को करीब देखा है। तेलंगाना जैसे कुछ राज्यों में मसालेदार खाने का उपयोग बहुत ज्यादा होता है। संस्कृति केवल राज्यों में राज्यों की सीमा पर ही नहीं, बल्कि राज्यों के भीतर भी बदलता है। राहुल गांधी ने कहा कि उनको खाने में तंदूरी खाना पंसद है। इसलिए चिकन टिक्का, सीख कबाब और अच्छे आमलेट पंसद है।
सवाल : गुस्सा आने पर क्या करते हैं?
- राहुल गांधी ने कहा कि ज्यादा गुस्सा आने पर वे एकदम चुप हो जाते हैं या फिर कहते हैं कि डोंट डू डैट यानी ऐसा मत करो। भारत जोड़ो यात्रा एक तपस्या है। भारत की संस्कृति में तपस्या का बड़ा महत्व है। इसलिए किसी भी काम को करने में आनेवाली कठिनाइयां एक तरह की तपस्या है।
सवाल : अपनी पहली नौकरी और सैलरी के बारे में बताइये।
- राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने अपनी पहली नौकरी लंदन में की थी। उस वक्त उन्हें जो सैलेरी मिलती थी, वह तब के हिसाब से काफी थी। कंपनी का नाम मॉनिटर था, जो एक स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग कंपनी थी। पहली बार मुझे चेक से तनख्वाह मिली थी। उन्होंने बताया कि तब वे किराए के घर में रहते थे, तो उसी में सब खर्च हो गया था। राहुल ने बताया कि उन्हें वेतन के तौर पर करीब ढाई हजार पाउंड मिले थे, जो उस वक्त के हिसाब से काफी थे।
टीम एबीएन रांची। कुछ ही दिनों में देश अपना 74वां गणतंत्र दिवस मनाने वाला है। संविधान लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन ही चुना गया। ऐसा क्यों?
देशभर में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस साल देश अपना 74वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी हर्षोल्लास और धूमधाम से इस त्यौहार का जश्न मनाया जायेगा। तिरंगा फहराने के साथ ही 26 जनवरी की परेड का भी लोग इस दिन आनंद उठाते हैं। हालांकि हर बार गणतंत्र दिवस आते ही कई लोगों के मन में यह सवाल आता होगा कि आखिर देश को गणतंत्र घोषित करने के लिए 26 जनवरी की तारीख को ही क्यों चुना गया?
साल 1950 में भारत को एक गणतंत्र राष्ट्र घोषित किया गया था। इसी दिन को चिह्नित करने के लिए हर साल 26 जनवरी मनाया जाता है। यह दिन भारतीय नागरिक की लोकतांत्रिक रूप से अपनी सरकार चुनने की शक्ति को दर्शाता है। 26 जनवरी का तारीख के दिन संविधान लागू करने के पीछे एक खास मकसद है। दरअसल पहले भारत में ब्रिटिश शासन से अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त की थी। लेकिन यह बहुत कम लोग जानते होंगे कि अजादी से पहले तक 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता था। 31 दिसंबर 1929 को कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में एक प्रस्ताव पारित हुआ।
इस प्रस्ताव में यह मांग की गयी थी कि अगर ब्रिटिश सरकार ने 26 जनवरी 1930 तक भारत उपनिवेश (डोमिनियन स्टेट) का दर्जा नहीं दिया तो भारत को पूर्ण स्वतंत्र घोषित कर दिया जायेगा। इसी के बाद 26 जनवरी 1930 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था और इसी दिन जवाहरलाल नेहरू ने तिरंगा फ हराया था। हालांकि बाद में 1947 में मिली आजादी के बाद 15 अगस्त को आधिकारिक रूप से स्वतंत्र दिवस घोषित कर दिया गया। वहीं 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव लागू होने की तिथि को महत्व देने के लिए ही संविधान लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन चुना गया था।
26 जनवरी 1949 मे भारत का संविधान बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका था। लेकिन 26 जनवरी की महता को देखते हुए इसी दिन साल 1950 में संविधान लागू किया गया और देश को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया। इसी साल पहली बार भारत में अपना पहला गणतंत्र मनाया था और तब से लेकर आज तक 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है और यह खास बात है कि इस साल 2023 के गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरस्वती पूजा भी की जायेगी।
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। चालू वित्त वर्ष खत्म होने में अभी 3 महीने शेष हैं। भारतीय रेल की कमाई इस वित्त वर्ष के 9 महीने में ही वित्त वर्ष 2021-22 की कुल कमाई के पार पहुंच गई है। शुक्रवार को इसकी घोषणा करते हुए रेल मंत्रालय ने कहा कि रेलवे ने इस वित्त वर्ष में अब तक 1.91 लाख करोड़ रुपये कमाई की है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रेल मंत्रालय की अब तक की कमाई पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 42,370 करोड़ रुपये ज्यादा है। केंद्रीय बजट के 2 सप्ताह पहले यह आंकड़े सामने आए हैं, जब रेलवे ने बजट आवंटन बढ़ाए जाने की मांग की है।
किस मद से कितनी कमाई हुई है, इसके सही आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन यह अनुमान है कि माल ढुलाई से 1.3 लाख करोड़ रुपये कमाई हुई है। वहीं यात्री किराये से करीब 55,000 करोड़ रुपये कमाई हुई है। शेष कमाई कोचिंग, पार्सल सेवाओं और अन्य प्राप्तियों से हुई है।
मंत्रालय ने 19 जनवरी तक 11,850 लाख टन कच्चे माल और वस्तुओं की ढुलाई की है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत ज्यादा है। बहरहाल ढुलाई की दूरी बढ़ने और नए बने ज्यादा क्षमता वाले विशेषीकृत वैगनों से सरकार को पिछले साल की समान अवधि की तुलना में राजस्व में 17 प्रतिशत वृद्धि करने में मदद मिली है, भले ही माल ढुलाई में मामूली वृद्धि हुई है।
आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि शुद्ध टन किलोमीटर (एनटीकेएम), जिसका इस्तेमाल मालगाड़ी द्वारा तय की गई दूरी की गणना में होता है, पिछले 12 महीनों में 12 प्रतिशत बढ़ा है। इसी के अनुरूप प्रति एमटी राजस्व भी 101 करोड़ रुपये बढ़कर 108 करोड़ रुपये हो गया है।
रेलवे के माल ढुलाई बास्केट में कोयला प्रमुख बना हुआ है। रेलवे ने ढुलाई में विविधीकरण लाने की कवायद की है, इसके बावजूद यह स्थिति बनी हुई है। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि कोयले की ढुलाई पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 620 लाख टन ज्यादा है, जबकि कुल माल ढुलाई में 800 लाख टन की बढ़ोतरी हुई है। लौह अयस्क और स्टील दोनों की ढुलाई पिछले साल की तुलना में कम हुई है, जबकि अन्य जिंसों की ढुलाई मामूली बढ़ी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जस्टिस राम अवतार सिंह शनिवार को कहा है कि पिछड़ी जातियों का सर्वेक्षण कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जायेगा। हमारी प्राथमिकता निकाय चुनाव जल्द कराना है। हर प्रक्रिया, हर नियम का पालन किया जा रहा है।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आयोग का गठन करके पिछड़ी जातियों का सर्वेक्षण करने हेतु जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसको समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इन कार्यों में जिला प्रशासन का भी सहयोग लिया जा रहा है। ओबीसी की जनसंख्या का आकलन किया जा रहा है, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि नगर निकाय के आरक्षण की पोजीशन क्या है, इसकी भी जांच करेंगे।
उन्होंने बताया कि ओबीसी के लिए हम समर्पित हैं, ओबीसी वर्ग को किसी भी अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है ।सर्वेक्षण के आधार पर ही कार्य किया जाएगा। आयोग द्वारा यह भी कहा गया कि किसी भी स्थिति में आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता है, इसका भी ध्यान रखा जाए तथा अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 27 प्रतिशत से अधिक न होने पाए।
उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव विषयक अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के दिशा-निदेर्शों का पालन किया जाएगा। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द काम पूरा हो। सभी जनपदों से हम लोग आकड़ा इकट्ठा कर रहे है इसके लिए जनप्रतिनिधियों से भी हम सहायता ले रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 37 सक्रिय मामले बढ़े हैं वहीं इससे संक्रमित एक व्यक्ति की मौत हो गयी। इस बीच देश में पिछले 24 घंटों में 2,07,67 लोगों का टीकाकरण किया गया है और अब तक कुल 220 करोड़ 24 लाख 21 हजार 113 टीकाकरण किया जा चुका है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शनिवार की सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 135 मरीज स्वस्थ हुए हैं तथा छह सक्रिय मामले कम हुए हैं। वहीं कर्नाटक में 14, पंजाब में आठ, पुड्डुचेरी और गुजरात में पांच-पांच, दिल्ली और तेलंगाना में दो-दो तथा राजस्थान में एक सक्रिय मामले बढ़े हैं।
सक्रिय मामलों की संख्या अभी 1940 है। इसी अवधि में उत्तर प्रदेश में एक कोरोना मरीज की मौत हो गयी है। विस्तृत आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना संक्रमण के दर्ज मामलों का आंकड़ा चार करोड़ 46 लाख 81 हजार 781 और इस बीमारी को मात देने वालों की संख्या चार करोड़ 41 लाख 49 हजार 111 हो गयी है जबकि मृतकों की संख्या 5,30,730 हो गयी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश स्तरीय अनुसूचित जाति व जनजाति वालंटियर्स का प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग का प्रारंभ मेहंदीपुर बालाजी के बर्फानी धाम में हुआ। इसमें प्रदेश भर के 200 वोलंटियर्स को भाजपा की कार्यपद्धति व भाजपा की विचारधारा से अवगत कराकर प्रशिक्षित किया जायेगा।
साथ ही, अनुसूचित जाति व जनजाति के वॉलंटियर्स कार्यकर्ताओं को अल्पकालिक व दीर्घकालीन प्रशिक्षण देकर तैयार किया जायेगा। भाजपा के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने प्रशिक्षण वर्ग में प्रदेश भर के वोलंटियर्स को सम्बोधित किया।
प्रशिक्षण में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमराज मीणा, प्रदेश मंत्री विजेंद्र पूनिया, एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश मेधवाल, एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र मीणा, दौसा भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ प्रभु दयाल शर्मा, मोती लाल मीणा मौजूद रहेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली के जंतर-मंतर पर दो दिन से प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने सरकार से उनकी शिकायतों का समाधान करने का आश्वासन मिलने के बाद शुक्रवार देर रात अपना धरना समाप्त कर दिया। उनकी शिकायतों के समाधान के पहले कदम के तहत निशाने पर आए भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई)अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है।
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ दूसरे दौर की वार्ता में गतिरोध दूर होने पर विनेश फोगाट, बंजरग पुनिया, साक्षी मलिक और रवि दहिया सहित अन्य पहलवानों ने अपना धरना समाप्त करने का फैसला किया। उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ और उसके अध्यक्ष के खिलाफ यौन उत्पीड़न और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
ठाकुर ने मैराथन बैठक के बाद कहा कि एक निगरानी समिति बनाने का फैसला किया गया है जिसके सदस्यों के नामों की घोषणा कल की जायेगी। समिति चार हफ्ते में जांच पूरी करेगी। वह डब्ल्यूएफआई और इसके अध्यक्ष के खिलाफ वित्तीय या यौन उत्पीड़न के सभी आरोपों की गंभीरता से जांच करेगी। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने तक वह (सिंह) अलग रहेंगे और जांच में सहयोग करेंगे जबकि डब्ल्यूएफआई के रोजमर्रा के काम को निगरानी समिति देखेगी।
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