एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना वासियों को 1024.77 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगातें ही है। उन्होंने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि प्रगति यात्रा के दौरान पटना जिले के लिये की गयी घोषणाओं से संबंधित पटना शहरी (मध्य क्षेत्र) के अंतर्गत योजनाओं का शिलान्यास/ कार्यारंभ किया जा रहा है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से पटना शहरी (मध्य क्षेत्र) में आमलोगों को काफी फायदा होगा तथा बेहतर जनसुविधाएं मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने पटेल गोलम्बर के पास आयोजित कार्यक्रम स्थल से 196.80 करोड़ रुपये लागत की पटेल गोलंबर से ईको पार्क के पश्चिमी छोर तक तथा इको पार्क के पूर्वी छोर से अटल पथ तक सरपेंटाईन नाले पर भूमिगत नाला के साथ 4 लेन सड़क के निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके निर्माण कार्य होने से सचिवालय, राजधानी वाटिका तथा एयरपोर्ट आने-जाने में लोगों को काफी सुविधा होगी। खुले नाले पर फोरलेन पथ के निर्माण हो जाने से आवागमन में सहूलियत के साथ-साथ पटना शहर की सुंदरता और बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने डाकबंगला चौक पर आयोजित कार्यक्रम स्थल से 328.52 करोड़ रुपये की लागत से पटना शहरी क्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के तहत बिजली के तारों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत करने की परियोजना का शिलापट्ट अनावरण कर कार्यारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री को पटना शहरी क्षेत्र अन्तर्गत अंडरग्राउंड (कवर्ड) बिजली के तारों के रूट प्लान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही मुख्यमंत्री के समक्ष इस योजना से संबंधित एक लघु फिल्म भी प्रस्तुत की गई। जुलाई माह में विद्युत खपत के दौरान शून्य विद्युत शुल्क वाले दो उपभोक्ताओं को सांकेतिक रूप से मुख्यमंत्री ने प्रमाण पत्र सौंपा।
मुख्यमंत्री ने पटना साइंस कॉलेज स्थित न्यूटन हॉस्टल में आयोजित कार्यक्रम स्थल से 30.02 करोड़ रुपये लागत की पटना शहर में अवस्थित विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्रावासों का जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर कायार्रंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए कहा कि मैं न्यूटन हॉस्टल में भी रहा हूं और आज यहां आकर पुराने दिनों की याद ताजा हो गई।
हमारा इस शैक्षणिक परिसर क्षेत्र से पुराना लगाव है। विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्रावासों का जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य से छात्रों को रहने और पठन-पाठन में काफी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने न्यूटन छात्रावास के छात्रों के साथ तस्वीर खिंचवायी। मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि आप सभी लोग मिल-जुलकर रहें और अच्छे से पढ़ाई कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।
मुख्यमंत्री ने जेपी गंगापथ पर आयुक्त कार्यालय के निकट आयोजित कार्यक्रम स्थल से 48.96 करोड़ रुपये की लागत से पटना जिला अंतर्गत गांधी मैदान के नजदीक पटना हाट निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। साथ ही 52.28 करोड़ रुपये की लागत से मंदिरी नाला पर निमार्णाधीन फोरलेन सड़क को जेपी गंगा पथ से जोड़ने हेतु संपर्क पथ के निर्माण कार्य का भी शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने 387.40 करोड़ रुपये की लागत से पटना शहर अंतर्गत गंगा नदी के किनारे दीघा से गांधी मैदान के बीच जेपी गंगा पथ के दोनों तरफ लगभग 7 किमी की लंबाई में जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना (फेज- 1) के निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने 12.38 करोड़ रुपये की लागत की सभ्यता द्वार से कलेक्ट्रीयट घाट तक विचरण पथ के निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपी गंगा पथ निर्माण के बाद यहां पर लोगों की गतिविधियां बढ़ी हैं। यहां पर पर्यटन, मनोरंजन, सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं। जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना (फेज-1) के पूर्ण होने पर खुला हरित क्षेत्र का विकास होगा। साथ ही लोगों को अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी जिससे वो यहां के मनोरम दृश्य का लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि मंदिरी नाला पर बनाये जा रहे फोर लेन सड़क का जेपी गंगा पथ से संपर्क पथ के जुड़े जाने पर नेहरू पथ की सीधी संपर्कता जेपी गंगा पथ से हो जाएगी। शहर के लोगों को आवागमन में और सहूलियत होगी। साथ ही पीएमसीएच और एम्स अस्पताल पहुंचना और आसान हो जायेगा।
एबीएन कैरियर डेस्क (नवादा)। जिले के हिसुआ थाने के सकरा गांव के दिनेश प्रसाद सिंह के पौत्र निखिल कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित कंबाइंड डिफेंस एकेडमी की परीक्षा 14 में रैंक से उत्तीर्ण कर जिले का गौरव पढाया है। अब निखिल भारतीय सेवा में कमीशंड आॅफिसर के रूप में दाखिला लेंगे।
उनके पिता धर्मेंद्र कुमार भी सेवा में जवान के तौर पर कार्य कर चुके हैं, जो वर्तमान में बेंगलुरु में रह रहे हैं। परीक्षा के परिणाम घोषित होते ही निखिल कुमार अपना पैतृक घर नवादा पहुंचकर अपने दादा-दादी से आशीर्वाद लिया। मौके पर नवादा जिले के सैकड़ों लोगों ने निखिल के घर पर जाकर उन्हें मिठाइयां खिलाकर शुभकामनाएं दी।
नवादा के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार, अधिवक्ता डॉ साकेत बिहारी, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य प्रमोद कुमार चुन्नू, मुकेश कुमार दिनकर, निखिल के नाना अजय कुमार सिंह सहित दर्जनों समाजसेवियों तथा बुद्धिजीवियों ने निखिल को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के कामना की है। नवादा छात्र संगठन ने निखिल को विशेष तौर पर अभिनंदन का भी निर्णय लिया है। जिसकी तारीख जल्दही तय कर लिया जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा में शनिवार को झारखंड सरकार के कई मंत्री शामिल हुए। इस यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव, भाकपा (माले) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य सहित विपक्षी दलों के कई बड़े नेता मौजूद रहे।
कटिहार जिले के कुसेर्ला शहीद स्मारक चौक से यह यात्रा शुरू हुई, जिसमें झारखंड सरकार की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, मंत्री दीपिका सिंह पांडेय और मंत्री इरफान अंसारी शामिल हुए। यात्रा के दौरान नेताओं ने कोढ़ा प्रखंड में मखाना उत्पादन से जुड़े मजदूरों की समस्याएं सुनीं।
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि वोट के अधिकार की रक्षा के लिए बिहार की सड़कों पर जनसैलाब उतरा है। चुनाव आयोग की कार्यशैली से लोगों में नाराजगी है और जनता लोकतंत्र से मिलने वाले अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी हाल में वोट के अधिकार को छीनने नहीं दिया जायेगा।
वहीं मंत्री दीपिका सिंह पांडेय और इरफान अंसारी ने कहा कि बिहार की जनता एनडीए सरकार से नाराज है और अब बदलाव चाहती है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड की तरह बिहार में भी इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गयाजी/पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना-बेगूसराय को जोड़ने वाले औंटा-सिमरिया 6 लेन केबल ब्रिज का उद्घाटन कर दिया है। गयाजी के बाद वह पटना जिले की सीमा पर औंटा के पास आये और फिर इस ब्रिज तक गाड़ी से आने के बाद पैदल चलकर पुल के ऊपर से ही नीचे की तरफ स्वागत में खड़े लोगों का अभिवादन किया। उनके साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी थे। इस मौके पर दोनों ने एक साथ बेगूसराय की जनता का अभिनंदन किया।
पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ने तय किया है कि देश का भविष्य घुसपैठियों को तय करने नहीं देंगे। बिहार के युवाओं का भविष्य घुसपैठियों को बर्बाद करने नहीं देंगे। इस खतरे से निपटने के लिए मैंने डेमोग्राफी मिशन की शुरू करने का संकल्प लिया गया है। घुसपैठियों की बढ़ती संख्या देश के लिए चिंता का विषय है। सीमावर्ती इलाकों की डेमोग्राफी बदल रहा है।
एनडीए सरकार जल्द ही डेमोग्राफी मिशन की शुरुआत करने जा रही है। कांग्रेस और राजद जैसे दल बिहार के गरीबों का हक छीनकर घुसपैठियों को देना चाहते हैं। यह सब वह वोटबैंक और तुष्टिकरण के लिए कर रहे हैं। उन्हें बिहार की कोई परवाह नहीं है। इसलिए लगातार सरकार का विरोध कर रहे हैं। लेकिन, हमलोगों को राजद और कांग्रेस की बुरी नजर से बिहार को बचाना है।
पीएम मोदी ने कहा कि इतने वर्षों में हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा। जबकि पिछले 65 वर्षों में कांग्रेस ने कितना भ्रष्टाचार किया? यह देश की जनता जानती है। बिहार में राजद के भ्रष्टाचार के बारे में बच्चा-बच्चा जानता है। साथियों जेल से ही फाइलों पर साइन किए जा रहे थे। जेल से ही सरकारी आदेश निकाले जा रहे थे। नेताओं का अगर यही रवैया रहा तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कैसे लड़ी जा सकती है?
हम संविधान की मयार्दा को तार-तार होते नहीं देख सकते हैं। इसलिए एनडीए सरकार एक ऐसा कानून लाई है, जिसके दायरे में देश का प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री भी आते हैं। अब चाहे मुख्यमंत्री हो या प्रधानमंत्री, अगर शिकायत मिली तो 30 दिन के अंदर जमानत मिलेगी। अगर जमानत नहीं ली तो 30 दिन के अंदर कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। इसलिए जेल में रहते अब सत्ता का सुख नहीं भोग पायेंगे। लेकिन, साथियों यह कांग्रेस, राजद और वामदल वाले इस कानून का विरोध कर रहे हैं। और, कौन नहीं जानता है कि उनको किस बात का डर है।
जिसने पाप किया होता है, वह अपने पाप को दूसरों से छिपाता है। इन सब का भी यही हिसाब है। यह राजद और कांग्रेस वाले कोई बेल पर बाहर है तो कोई अदालत के चक्कर काट रहे हैं। जो ऐसा कर रहे हैं, वही इस कानून का विरोध कर रहे हैं। वह सुबह-शाम मोदी को भांति-भांति की गाली दे रहे हैं। यह लोग इतने बौखलाये हुए हैं कि यह लोग जनहित के कामों का विरोध कर रहे हैं। हमारे राजेंद्र बाबू और बाबा साहेब ने सोचा भी नहीं होगा कि सत्ता के भूखे लोग जेल से सत्ता का सुख भोगेंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के गयाजी में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली में राजद के दो असंतुष्ट विधायक मंच पर नजर आये, जिसके बाद ऐसी अटकलें लग रही हैं कि वे राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले राजग में शामिल हो सकते हैं।
नवादा से विधायक विभा देवी और रजौली से विधायक प्रकाश वीर मगध विश्वविद्यालय परिसर में निर्मित मंच पर पिछली पंक्ति में बैठे दिखे। विभा देवी के पति राज बल्लभ यादव कई बार विधायक रह चुके हैं और हाल ही में पटना उच्च न्यायालय द्वारा एक पॉक्सो मामले में बरी होने के बाद जेल से बाहर आये हैं। इस मामले में यादव को कई साल जेल में रहना पड़ा था।
माना जाता है कि यादव का नवादा जिले में खासा प्रभाव है। पिछले साल लोकसभा चुनाव में राजद द्वारा उनके परिवार के किसी सदस्य को टिकट नहीं दिये जाने से यादव नाराज थे। उसके बाद उनके भाई बिनोद यादव ने राजद छोड़ दी और नवादा लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा।
एबीएन सोशल डेस्क। एक 15 साल की लड़की, जो अपने जीवन संवारने की उम्मीद लिए हर दिन एक नयी जंग लड़ रही थी। बहुत छोटी थी, तभी उसके माता-पिता उसे हमेशा के लिए छोड़कर इस दुनिया से चले गए। चुपचाप वह जीवन के घने अंधेरे में अकेले लड़ने के लिए मजबूर हो गयी। अनाथ होने के बावजूद उसकी आंखों में भविष्य के सपने थे—एक ऐसी उम्मीद, जो उसे अपनी पढ़ाई, मेहनत और अपने भविष्य में नजर आती थी।
उसकी दुनिया में सिर्फ एक ही चीज थी, जो उसे जीने का मकसद देती थी—शिक्षा। अपनी मौसी के घर पर रहते हुए उसने खुद से एक वादा किया था कि वह खुद ही अपनी तकदीर लिखेगी। ये सच्ची घटना है बिहार के मुंगेर जिले की पूजा (बदला हुआ नाम) की। उसका जीवन एक दर्द भरी कहानी से कम न था। लेकिन एक दिन, जब वह अपनी किताबों में खोई हुई थी, तभी उसे मालूम होता है कि उसकी शादी तय कर दी गई है।
यह खबर किसी बड़े तूफान की तरह उसके सपनों को बर्बाद कर देने वाली थी। एक अनाथ लड़की, जिसने कभी परिवार का प्यार नहीं देखा, अब अपने भविष्य को भी दांव पर देख रही थी। यह पल उसके लिए उस अंधेरे की तरह था, जो सब कुछ निगलने को तैयार था। शादी की तैयारियों में व्यस्त उसकी मौसी ने एक बार भी नहीं सोचा कि अभी तो पूजा की उम्र पढ़ाई करने की है, शादी की नहीं। उनकी एकमात्र चिंता यह थी कि उसकी शादी जल्द से जल्द करके अपने कर्तव्यों से मुक्त हो जायें।
इसी दौरान, पूजा की शादी की खबर स्वयंसेवी संगठन परिवार विकास चंद्रशेखर नगर के सदस्यों को मिली। उन्होंने बिना देर किये गांव में जाकर पूजा की उम्र के बारे में मालूम किया तो पता चला कि वह महज 15 साल की है, जो कि शादी के लिए बहुत छोटी थी। बता दें कि देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए काम करने वाले संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है।
इस तरह प्रशासन और स्वयंसेवी संगठन की एक संयुक्त टीम ने पूजा के घर जाकर उसकी मौसी को बाल विवाह के कानूनी पहलुओं के बारे में समझाया। शुरू में वे इसे मानने को तैयार नहीं थीं, क्योंकि उन्हें इस बात का कोई ज्ञान नहीं था कि बाल विवाह करने पर सजा और जुमार्ना हो सकता है। जब टीम ने उन्हें कानूनी कार्रवाई, जेल की सजा और जुमार्ने के बारे में विस्तार से बताया, तब जाकर उनकी समझ में आया कि यह तो अपराध है।
अंतत:, उन्होंने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए यह वादा किया कि पूजा की शादी बालिग होने के बाद ही करेंगे। इसी अज्ञानता के चलते बिहार में बाल विवाह की दर, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण- 5 (साल 2019-21) के मुताबिक 40.8% है, जो राष्ट्रीय दर (23.3%) से बहुत ज्यादा है। वहीं मुंगेर जिले की बात करें तो यहां 34.7 फीसदी लड़कियों का विवाह 18 साल के पहले कर दिया गया था। यानी जिले में हर तीसरी बच्ची का बाल विवाह हुआ।
स्वयंसेवी संगठन परिवार विकास चंद्रशेखर नगर के निदेशक भावानंद ने कहा, अभी भी कई सुदूर अंचल हैं, जहां समाज को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इन क्षेत्रों में जागरूकता ही सबसे मारक कदम है। उन्होंने कहा, हमारी पूरी कोशिश है कि पूजा को जल्दी ही राज्य सरकार की परवरिश योजना से जोड़ा जाए, ताकि उसकी आर्थिक समस्याओं का समाधान हो सके और वह बिना किसी बोझ के अपनी पढ़ाई जारी रख सके। आज पूजा फिर से हंसते-खेलते हुए, अपने सपनों को साकार करने के लिए स्कूल जा रही है, जो उसके जीवन में एक नयी शुरुआत है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आम लोगों के लिए राज्य का खजाना खोल दिया। पिछले एक महीने में मुख्यमंत्री ने समाज के लगभग सभी वर्ग के लिए सौगातों का ऐलान किया है। 125 यूनिट मुफ्त बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि बढ़ाने के साथ ही बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी-रोजगार से जोड़ने जैसी कई योजनाओं का मास्टरस्ट्रोक चला है।
सिर्फ इन तीन घोषणाओं से ही राज्य की करीब 4 करोड़ की आबादी को फायदा मिलने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार का वादा भी किया गया है।
125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ जुलाई महीने से घरेलू उपभोक्ताओं को मिल रहा है। बिहार के करीब 1 करोड़ 86 लाख 60 हजार घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को इसका फायदा हुआ है। राज्य में 125 यूनिट तक बिजली की मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 करोड़ 67 लाख 94 हजार है, जो कुल घरेलू उपभोक्ताओं के 90 प्रतिशत हैं। इस तरह करीब 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त बिजली की यह सुविधा वरदान साबित हो रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और बिल का भुगतान करने में कठिनाई का सामना करते थे। अब बिजली मुफ्त में मिलने से ऐसे लोग बचे हुए पैसे को अन्य मद में खर्च कर सकेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य आदि में यह पैसे खर्च हो तो उनके जीवनस्तर में सुधार हो सकता है।
हाल ही में कराए गए एक सर्वे से पता चला है कि राज्य की बड़ी आबादी को 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिल रहा है। सर्वे के मुताबिक, 63 फीसदी लोगों का मानना है कि इस योजना से साल के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दलों को फायदा हो सकता है। वहीं 31 फीसदी लोगों का मानना है कि सरकार को इससे कोई फायदा नहीं होगा। जबकि 6 फीसदी लोगों ने इसके बारे में कुछ कह नहीं सकते जवाब दिया।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत बिहार सरकार बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को पेंशन देती है। योजना का उद्देश्य इन वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की बढ़ी राशि से लाभार्थियों को आर्थिक सुरक्षा के साथ सम्मान भी मिला है। इसके तहत पहले 400 रुपये की राशि दी जाती थी, जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया है। इससे 1 करोड़ 12 लाख लाभार्थियों को सीधे मदद मिल रही है। इन लाभार्थियों पर आश्रित लोगों को भी इसका फायदा पहुंच रहा है।
युवाओं का भविष्य संवारने पर जोर
राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, यह शुरू से ही नीतीश सरकार की सोच रही है। अब तक 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी और 39 लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। कुछ ही महीनों में 12 लाख सरकारी नौकरी और 50 लाख रोजगार का लक्ष्य हासिल हो जायेगा। नीतीश कुमार ने वर्ष 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने शारीरिक शिक्षा व स्वास्थ्य अनुदेशकों, जीविका कर्मियों, स्कूल के रसोइयों, रात्रि प्रहरियों के मानदेय, आशा एवं ममता कार्यकतार्ओं की प्रोत्साहन राशि एवं पत्रकारों की पेंशन राशि में वृद्धि करके उन्हें सम्मानजनक जीवन की गारंटी दी है। इसके कारण बिहार का एक बड़ा तबका आज अपने को आर्थिक रूप से सशक्त और सम्मानित महसूस कर रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार शाम पटना मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बैरिया स्थित पटना मेट्रो टर्मिनल का स्थल निरीक्षण कर मेट्रो रेल के डिब्बे, रेलवे ट्रैक, यार्ड, पावर ग्रीड आदि का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पटना मेट्रो रेल के निर्माण कार्यों की प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बैरिया स्थित पटना मेट्रो टर्मिनल परिसर में ही मेट्रो रेल का ठहराव, रखरखाव एवं साफ-सफाई होगी। यहां बने प्रशासनिक भवन से मेट्रो रेल के सुचारू परिचालन का प्रबंधन कार्य किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने जीरोमाईल मेट्रो स्टेशन का भी जायजा लिया और वहां चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति की अधिकारियों से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने मेट्रो स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी, टिकट काउंटर, यात्री सुविधा, पब्लिक एरिया, पेड एरिया, लिफ्ट, प्लेटफॉर्म तक जाने का रास्ता एवं अन्य उपलब्ध करायी जाने वाली आवश्यक सुविधाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान पटना मेट्रो निर्माण कार्य में तेजी लाने का अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य को लेकर हम लगातार निरीक्षण करते रहे हैं, ताकि निर्माण बेहतर ढंग से हो।
निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं हो, इसको लेकर हमने लगातार अधिकारियों को निर्देश दिया है। आज पटना मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान बैरिया स्थित पटना मेट्रो टर्मिनल का स्थल निरीक्षण कर मेट्रो रेल के डिब्बे, रेलवे ट्रैक, यार्ड, पावर ग्रीड आदि का निरीक्षण किया। इस क्रम में पटना मेट्रो रेल के निर्माण कार्यों की प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। इसके पश्चात् जीरोमाईल मेट्रो स्टेशन का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पटना मेट्रो निर्माण कार्य में तेजी लाने का अधिकारियों को निर्देश दिया। हमलोगों का लक्ष्य है कि पटना मेट्रो रेल परियोजना अंतर्गत प्रायोरिटी कॉरिडोर (मलाही पकड़ी से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल) में मेट्रो रेल का परिचालन सितंबर माह तक आरंभ हो जाए। इससे पटना के लोगों को आवागमन हेतु एक नया सुरक्षित और तेज विकल्प मिल जायेगा, जिससे उन्हें आवागमन में और अधिक सुविधा होगी।
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